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  • सर्दियों में आलस्य और पेट की समस्याओं से राहत देगा धनुरासन, जानें इसके अद्भुत फायदे

    सर्दियों में आलस्य और पेट की समस्याओं से राहत देगा धनुरासन, जानें इसके अद्भुत फायदे

    नई दिल्ली, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों के आते ही शरीर में सुस्ती छा जाती है और तले-भुने भोजन की वजह से पेट संबंधी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में योग अभ्यास आपको ऊर्जावान और तंदुरुस्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कड़ी में धनुरासन एक ऐसा योगासन है, जो शरीर को ऊर्जावान बनाने के साथ फिट भी रखता है।

    ‘धनुरासन’ एक संस्कृत शब्द है, ‘धनुर’ का अर्थ ‘धनुष’ और ‘आसन’ का अर्थ ‘मुद्रा’ है। इस आसन को करने के दौरान शरीर धनुष की तरह झुकता है। यह आसन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने, लचीलापन बढ़ाने और कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है।

    आयुष मंत्रालय के अनुसार, धनुरासन एक प्रभावी योगासन है, जिससे पेट और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। साथ ही, यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज और अपच दूर करता है, रक्त संचार बढ़ाता है, वजन घटाने में मदद करता है, और मानसिक शांति प्रदान करता है, जिसके लिए पेट के बल लेटकर घुटनों को मोड़कर टखनों को हाथों से पकड़ते हुए छाती और जांघों को ऊपर उठाया जाता है।

    इसके अलावा, यह फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है। इसके नियमित अभ्यास से कमर दर्द, मधुमेह नियंत्रण और यहां तक कि हृदय स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। महिलाओं के लिए यह मासिक धर्म की अनियमितता दूर करने में भी उपयोगी है।

    इसको विधिवत करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं, पैरों को एक साथ और हाथों को शरीर के बगल में रखें। अब सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें और एड़ियों को हाथों से पकड़ें। सांस लेते हुए जांघों, सिर और छाती को पेट के निचले हिस्से पर केंद्रित करते हुए जितना संभव हो ऊपर उठाएं। इस स्थिति को 10-20 सेकंड तक बनाए रखना चाहिए। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाना चाहिए।

    इसके नियमित अभ्यास से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं, लेकिन किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या पर इसे करने से परहेज करें या फिर किसी योग विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।

  • Year Ender 2025 TV पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए ये 7 शोज मेकर्स के डूबे करोड़ों

    Year Ender 2025 TV पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए ये 7 शोज मेकर्स के डूबे करोड़ों


    नई दिल्ली । साल 2025 में कई टीवी शोज आए और फिर कुछ ही दिनों में ये बंद भी हो गए। इसका कारण यह था कि इन शोज को कुछ खास टीआरपी नहीं मिली जिससे मेकर्स के करोड़ों रुपए डूब गए। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस लिस्ट में किन टीवी शोज का नाम शामिल है। बड़े अच्छे लगते हैं 4 टीवी का पॉपुलर शो बड़े अच्छे लगते है का चौथा सीजन कब आया और कब बंद हो गया इसका पता ही नहीं चला। इस शो को लोगों ने कुछ खास पसंद नहीं किया। इस वजह से यह कुछ ही दिनों में बंद हो गया।
    धाकड़ बीरा
    कलर्स के हिट शो धाकड़ बीरा है फैंस को पसंद नहीं आया। ये शो लगभग पांच महीने में ही बंद हो गया था।
    चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है
    चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है को इतनी बेकार टीआरपी मिली कि इस शो को फैंस ने कुछ ही दिनों में ऑफ एयर कर दिया।
    वीर हनुमान
    वीर हनुमान की कहानी को भी फैंस ने सारे से नकार दिया। लोगों ने इस कुछ खास प्यार नहीं दिया। इस वजह से इस शो को कम समय में ही बंद करना पड़ा।
    डोरी 2
    डोरी 2 का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। यह शो फ्लॉप साबित हुआ था। इस वजह से मेकर्स ने इसे चंद दिनों में ही बंद कर दिया।
    ईशानी
    ईशानी से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं लेकिन यह शो कुछ ही समय में ऑफ एयर हो गया।

    कभी नीम नीम कभी शहद शहद
    इस लिस्ट में कभी नीम नीम कभी शहद शहद सीरियल का नाम भी शामिल है। इसे भी फैंस ने कुछ ही दिनों में ऑफ एयर कर दिया था।

  • 2026 की पहली सैलरी आते ही इस फॉर्मूले से शुरू कर देना निवेश, 21 साल में बना देगा करोड़पति

    2026 की पहली सैलरी आते ही इस फॉर्मूले से शुरू कर देना निवेश, 21 साल में बना देगा करोड़पति


    नई दिल्ली । अक्सर लोग सोचते हैं कि करोड़पति बनने के लिए बड़ी सैलरी या भारी निवेश जरूरी है लेकिन सच्चाई ये है कि अगर सही प्लानिंग और अनुशासन के साथ निवेश किया जाए तो छोटी रकम भी बड़ा कमाल कर सकती है. नया साल 2026 नई उम्मीदों और नए फाइनेंशियल गोल्‍स के साथ आ रहा है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसा फॉर्मूले के बारे में जिसे अगर आपने नए साल 2026 में अपना लिया तो अगले 21 साल में आप करोड़पति बन सकते हैं. फॉर्मूला है- 21x10x12. यहां जानिए इसके बारे में.

    क्या है 21x10x12 का SIP फॉर्मूला

    21 का मतलब है 21 साल तक लगातार निवेश. SIP में सबसे बड़ा हथियार समय होता है और 21 साल का वक्त कंपाउंडिंग को पूरा मौका देता है.

    10 से मतलब है ₹10000 की मासिक SIP. यानी हर महीने आपको सिर्फ 10 हजार रुपये निवेश करने हैं. 12 का मतलब है 12 फीसदी सालाना औसत रिटर्न. इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबे समय में इतना औसत रिटर्न माना जाता है

    21 साल में कैसे बनेंगे आप करोड़पति
    अगर आप जनवरी 2026 से हर महीने ₹10000 की SIP शुरू करते हैं और इसे 21 साल तक बिना रुके जारी रखते हैं तो आंकड़े कुछ ऐसे बनते हैं.

    कुल निवेश: ₹2520000

    अनुमानित ब्याज 12% रिटर्न ₹7910067 ,21 साल बाद कुल रकम: ₹10430067 यानी आपकी निवेश की गई रकम से करीब तीन गुना ज्यादा पैसा सिर्फ कंपाउंडिंग की ताकत से तैयार हो जाएगा और आप आराम से करोड़पति बन सकते हैं
    .
    SIP को इतना पावरफुल क्या बनाता है
    SIP की सबसे बड़ी खासियत है डिसिप्लिन और कंपाउंडिंग. हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश जेब पर बोझ नहीं डालता. बाजार के उतार-चढ़ाव का असर एवरेज हो जाता है. लंबी अवधि में रिटर्न काफी शानदार बनते हैं. यही वजह है कि SIP को आम निवेशकों के लिए सबसे बेहतर तरीका माना जाता है.

    2026 से निवेश शुरू करना क्यों है सही फैसला

    नया साल आ रहा है नए साल का मतलब नई शुरुआत से है नई उम्‍मीदों से है. ऐसे मौकों पर लोग अपनी उन गलतियों को सुधारने का संकल्‍प लेते हैं जिन्‍हें वो आज तक करते आए हैं. अगर आप भी निवेश से जुड़ी प्‍लानिंग में लापरवाही करते रहे हैं तो नया साल 2026 इस गलती को सुधारने और नई शुरुआत करने का बेहतरीन समय हो सकता है. इसलिए यहां 2026 की पहली सैलरी से निवेश शुरू करने की बात कही गई है.

    किन बातों का रखें ध्यान
    SIP लंबी अवधि के लिए होती है बीच में रुकना नहीं चाहिए.अच्छे और भरोसेमंद इक्विटी म्यूचुअल फंड चुनें.समय-समय पर पोर्टफोलियो रिव्यू करते रहें.बाजार गिरने पर घबराने की बजाय निवेश जारी रखें. क्या 12 फीसदी रिटर्न मिलना पक्का है नहीं ये गारंटी नहीं है क्‍योंकि म्‍यूचुअल फंड मार्केट लिंक्‍ड स्‍कीम है. लेकिन लंबे समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का औसत रिटर्न करीब 12 फीसदी माना जाता है
    . अगर मैं बीच में SIP रोक दूं तो क्या होगा ऐसा करने से कंपाउंडिंग टूट जाती है और फाइनल रकम काफी कम हो सकती है. बेहतर है SIP लगातार जारी रखें.  क्या ₹10000 से कम रकम से भी ये फॉर्मूला काम करेगा हां SIP किसी भी रकम से शुरू की जा सकती है. रकम कम होगी तो फाइनल कॉर्पस भी उसी हिसाब से कम बनेगा.कौन से म्यूचुअल फंड में SIP करनी चाहिएक्या 12 फीसदी रिटर्न मिलना पक्का है नहीं ये गारंटी नहीं है क्‍योंकि म्‍यूचुअल फंड मार्केट लिंक्‍ड स्‍कीम है. लेकिन लंबे समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का औसत रिटर्न करीब 12 फीसदी माना जाता है.

    अगर मैं बीच में SIP रोक दूं तो क्या होगा ऐसा करने से कंपाउंडिंग टूट जाती है और फाइनल रकम काफी कम हो सकती है. बेहतर है SIP लगातार जारी रखें. क्या ₹10000 से कम रकम से भी ये फॉर्मूला काम करेगा हां SIP किसी भी रकम से शुरू की जा सकती है. रकम कम होगी तो फाइनल कॉर्पस भी उसी हिसाब से कम बनेगा.  कौन से म्यूचुअल फंड में SIP करनी चाहिए अच्छे लार्ज कैप फ्लेक्सी कैप या इंडेक्स फंड्स में SIP लंबे समय के लिए बेहतर माने जाते हैं. क्या 21 साल बाद टैक्स देना होगा हां इक्विटी म्यूचुअल फंड पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है जो मौजूदा नियमों के मुताबिक देना होता है.

  • सर्दियों में चमकेगा बेजान पड़ा चेहरा! नेचुरल ग्लो के लिए अपनाएं ये देसी स्किनकेयर रूटीन

    सर्दियों में चमकेगा बेजान पड़ा चेहरा! नेचुरल ग्लो के लिए अपनाएं ये देसी स्किनकेयर रूटीन


    नई दिल्ली । सर्दियों में डल और ड्राई स्किन के साथ फटे होंठों से सभी परेशान रहते हैं. ऐसे में सर्दियों में स्किन केयर करने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. मगर खूबसूरत चेहरे और ग्लोइंग स्किन के लिए क्रीम की जरूरत नहीं होती है बल्कि इंटरनल बैलेंस और बाहरी पोषण जरूरी होता है. अगर आप सर्दियों में इन देसी स्किन केयर रूटीन को फॉलो करते हैं तो पूरी ठंड आपकी स्किन दमकती रहेगी.

    देसी घी का पानी पिएं

    सबसे पहले हर रोज एक चम्मच देसी घी को गर्म पानी और दूध के साथ पिएं. यह स्किन के टिशूज को गहराई से पोषण देता है और रूखेपन को रोकने में मदद करता है. इससे स्किन ड्राई कम होती है और सॉफ्ट रहती है. देसी घी सिर्फ हमारे खाने को टेस्टी नहीं बनाता है बल्कि हमारी स्किन को भी सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है.
    रोज खाएं 1 आंवला
    सर्दियों में रोजाना 1 आंवला खाने से कोलेजन और इम्युनिटी बढ़ती है और चेहरे को नेचुरल ग्लो भी मिलता है. यह विटामिन सी का सबसे बेहतरीन सोर्स माना जाता है और इसे आप कई तरीके से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं इसका अचार या आंवला शॉट भी आपकी मदद कर सकता है.

    खजूर किशमिश और फल खाएं
    खजूर किशमिश और सीजनल फलों को सर्दियों में जरूर खाएं इनसे आपकी स्किन को काफी फायदा मिलता है. इन सबको खाने से स्किन हाइड्रेटेड रहती है. खजूर और किशमिश को दूध में मिलाकर आप रात को सोने से पहले ले सकते हैं.
    तेल से मालिश
    ठंड में अगर आप नहाने से पहले अपनी बॉडी की तिल या बादाम के तेल से मालिश करते हैं तो यह आपके शरीर में मॉइस्चराइज को लॉक करता है. इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन भी सही होता है. वैसे शरीर की तेल से मसाज करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है.
    गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए
    सर्दियों में लोग गर्म पानी से नहाना शुरू कर देते हैं लेकिन यह आपकी स्किन के लिए सही नहीं होता है. इसलिए ठंड के मौसम में हमेशा हल्का गुनगुना पानी से ही नहाना चाहिए. गुनगुना पानी आपकी स्किन को नुकसान नहीं पहुंचाता है और स्किन ड्राई नहीं होती है.
    घरेलू फेस पैक लगाएं
    सर्दियों में आप अपने चेहरे की चमक को बनाए रखने के लिए मुलेठी एलोवेरा चावल का आटा दूध और शहद से बना घरेलू फेस पैक लगाएं. चावल का आटा और एलोवेरा दोनों ही स्किन के लिए सबसे बेहतरीन फेस पैक माने जाते हैं और इनके साथ दूध और शहद भी स्किन के लिए शानदार काम करते हैं
    .
    दूध-उबटन से चेहरा साफ करें
    चेहरे पर साबुन लगाने से अक्सर ही एक्सपर्ट मना करते हैं और खासतौर पर सर्दियों में तो साबुन नहीं लगाना चाहिए. इसकी जगह आप अपने चेहरे को रॉ मिल्क या घरेलू उबटन से साफ करें. इससे चेहरे की नेचुरल क्लींजिंग होती है और पोषण भी मिलता है. इससे स्किन की नमी बनी रहती है और चेहरा रूखा नहीं लगता है.

  • ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान बहस वीरांश भानुशाली की तीखी दलीलें और पाकिस्तान के खिलाफ कटाक्ष

    ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान बहस वीरांश भानुशाली की तीखी दलीलें और पाकिस्तान के खिलाफ कटाक्ष


    नई दिल्ली । ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत और पाकिस्तान के बीच आयोजित एक बहस में विवादित बयानों और आरोपों का सिलसिला चल पड़ा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बेटे मूसा हर्राज पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर एक विशेषज्ञों वाली बहस को विफल किया और पाकिस्तान की जीत का दावा किया। इस विवाद के बीच भारतीय छात्र वीरांश भानुशाली ने पाकिस्तान की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के मुद्दे पर तीखा हमला बोला।

    वीरांश भानुशाली ने बहस की शुरुआत 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की यादों से की। उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार और पूरा मुंबई उन तीन रातों में दहशत के साए में जी रहा था। भानुशाली ने कहा “1993 में मुंबई में हुए बम धमाके मेरे घर से महज 200 मीटर दूर हुए थे। मैं आतंकवाद की छाया में बड़ा हुआ हूं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत लोकलुभावन नीति अपनाता तो 26/11 के बाद ही युद्ध छेड़ देता लेकिन भारत ने संयम दिखाया और कूटनीति का रास्ता अपनाया।

    भारत की सुरक्षा नीति को चुनावी राजनीति से जोड़ने पर भानुशाली ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा “क्या हर आतंकी हमले के पीछे चुनाव था नहीं। आतंकवाद वोट के लिए नहीं आता वह इसलिए आता है क्योंकि पाकिस्तान से उसे संरक्षण मिलता है। भानुशाली ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा भारत जब कार्रवाई करता है तो पायलटों की डी-ब्रीफिंग होती है जबकि पाकिस्तान में गीतों की ऑटो-ट्यूनिंग होती है। जब आप अपने लोगों को रोटी नहीं दे सकते तो युद्ध का सर्कस दिखाते हैं।

    यह बहस इस बात का उदाहरण बन गई कि आतंकवाद और सुरक्षा नीति पर भारत और पाकिस्तान के दृष्टिकोण में गहरी खाई है। पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को विदेश नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की आलोचना करते हुए भानुशाली ने साफ कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेगा। इस दौरान भारतीय वक्ताओं जे साई दीपक और प्रियंका चतुर्वेदी ने भी खुलासा किया कि उन्हें आखिरी समय पर जानकारी देकर जानबूझकर बहस से रोका गया। हालांकि इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और वीरांश भानुशाली की दलीलों को व्यापक समर्थन मिल रहा है।

  • भारतीय अर्थव्यवस्था नए साल भी तेज रफ्तार से बढ़ेगी…. जीडीपी 6.7% रहने का अनुमान

    भारतीय अर्थव्यवस्था नए साल भी तेज रफ्तार से बढ़ेगी…. जीडीपी 6.7% रहने का अनुमान


    नई दिल्ली।
    वैश्विक आर्थिक विकास (Global Economic Development) के स्थिर रहने की उम्मीद के बीच अगले साल भी भारत (India) तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं (Indian Economy Grow at Faster) में से एक बना रहेगा। गोल्डमैन सैश (Goldman Sachs) के अनुसार, 2026 में वैश्विक विकास दर के 2.8 फीसदी रहने का अनुमान है। यह 2.5 फीसदी के आम सहमति अनुमान से अधिक है। यह कई अर्थव्यवस्थाओं में स्थिर महंगाई और आसान मौद्रिक स्थितियों के कारण संभव हो पा रहा है।

    रिपोर्ट में कहा गया है, टैरिफ में कमी, कर कटौती और आसान वित्तीय स्थितियों के कारण अमेरिका का प्रदर्शन काफी बेहतर रहने की संभावना है। मजबूत घरेलू मांग और अनुकूल संरचनात्मक रुझानों के कारण भारत सहित उभरते बाजारों का प्रदर्शन विकसित देशों से बेहतर रहने की उम्मीद है। इस दौरान भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर लगभग 6.7 फीसदी और 2027 में 6.8 फीसदी रह सकती है। यह आम सहमति के विकास अनुमानों से अधिक है और भारत को तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाए रखता है।


    अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में कम होगा मूल्य का दबाव

    गोल्डमैन सैश का अनुमान है कि कमोडिटी की कम कीमतों, बेहतर उत्पादकता और आपूर्ति पक्ष की बाधाओं में कमी से 2026 के अंत तक अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में मूल्य दबाव कम हो जाएगा। इस माहौल से कई उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों को उदार नीतिगत रुख बनाए रखने या अपनाने की अनुमति मिलने की संभावना है, जो भारत जैसे देशों के लिए विकास की संभावनाओं को और अधिक समर्थन दे सकता है।


    चीन की विकास दर 4.8%

    फर्म का अनुमान है कि चीन 2026 में 4.8 और 2027 में 4.7 फीसदी की दर से विकास करेगा। भारत की विकास गति को मजबूत घरेलू खपत, सार्वजनिक अवसंरचना पर खर्च और निर्यात प्रधान अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में वैश्विक व्यापार व्यवधानों के प्रति अपेक्षाकृत सीमित जोखिम से लगातार लाभ मिल रहा है। अमेरिका और यूरो क्षेत्र जैसी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में जहां मध्यम वृद्धि की उम्मीद है, वहीं भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक विस्तार में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बनी हुई हैं।

  • BCCI हुआ मालामाल…, इस साल रिकॉर्ड 3,358 करोड़ रुपये का हुआ शुद्ध मुनाफा

    BCCI हुआ मालामाल…, इस साल रिकॉर्ड 3,358 करोड़ रुपये का हुआ शुद्ध मुनाफा


    नई दिल्ली।
    ड्रीम11 (Dream11) द्वारा स्पॉन्सरशिप वापस लेने और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) (International Cricket Council – ICC) के शेयर में कमी के बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रही। एपेक्स काउंसिल को सौंपे गए एक नोट के अनुसार, बीसीसीआई ने एडिडास के साथ एक अलग स्पॉन्सरशिप डील के जरिए कमी पूरी की है। बाद में इसने अपोलो टायर्स के साथ भी करार किया।

    क्रिकबज़ द्वारा देखे गए नोट में कहा गया है, “ड्रीम11 और हाल के कानूनी बदलावों से प्रभावित अन्य संस्थाओं जैसे स्पॉन्सर के हटने के बावजूद, बीसीसीआई ने सफलतापूर्वक अगले ढाई साल के लिए ज्यादा वैल्यूएशन पर एक नई जर्सी स्पॉन्सरशिप हासिल की है।” अगस्त में, भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 पारित करने के बाद ड्रीम11 ने 358 करोड़ रुपये की अपनी स्पॉन्सरशिप डील वापस ले ली थी, जिसने रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो ड्रीम11 का मुख्य व्यवसाय था।

    पूर्व कोषाध्यक्ष और वर्तमान संयुक्त सचिव प्रभातेज सिंह भाटिया ने सितंबर में वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए मसौदा बजट के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2024-2025 के ऑडिट किए गए खाते प्रस्तुत किए थे। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए कुल अनुमानित आय 8,963 करोड़ रुपये थी।

    राजस्व अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट को दर्शाता है, मुख्य रूप से आईसीसी आयोजनों से कम हिस्सेदारी के कारण। नोट में आगे कहा गया है, “वर्ष के लिए अनुमानित ब्याज आय 1,500 करोड़ रुपये थी, जो पिछले आंकड़े 1,368 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है, जो मजबूत ट्रेजरी प्रबंधन और बोर्ड की समग्र स्वस्थ वित्तीय स्थिति के कारण है।” हालांकि, एपेक्स काउंसिल के नोट में आईसीसी शेयर में कमी की मात्रा का विवरण नहीं दिया गया है। बीसीसीआई को आईसीसी की इनकम का 38.5 प्रतिशत हिस्सा मिलता है।

    एपेक्स काउंसिल को यह भी बताया गया कि बीसीसीआई का जनरल फंड काफी बढ़ गया है, जो 7,988 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,346 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 3,358 करोड़ रुपये का सरप्लस हुआ है – यह बढ़ोतरी अच्छे फाइनेंशियल मैनेजमेंट और मजबूत रेवेन्यू सोर्स के कारण हुई है। भाटिया ने आगे बताया कि बजट में 6,728 करोड़ रुपये के अनुमानित सरप्लस और इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है, “जो पूरे देश में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने पर बोर्ड के लगातार फोकस को दिखाता है।”

    उन्होंने यह भी कन्फर्म किया कि इनकम टैक्स देनदारियों के लिए 3,320 करोड़ रुपये , आकस्मिक खर्चों के लिए 1,000 करोड़ रुपये और लगभग 160 करोड़ रुपये के लंबित मुकदमेबाजी खर्चों के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।

  • ग्रैप की चार ही स्टेज क्योंइससे ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम

    ग्रैप की चार ही स्टेज क्योंइससे ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम


    नई दिल्ली । केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है. कई इलाकों में एक्यूआई 349 दर्ज किया है. वहीं धुंध में भी मामूली कमी देखी गई है. हालांकि राष्ट्रीय राजधानी के कुछ निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गया है. मंगलवार यानी 23 दिसंबर को दिल्ली भारत का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर थाजबकि नोएडा इस लिस्ट में सबसे ऊपर था. दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई और विशेष रूप से सुबह के समय में शहरों में धुंध छाई रही।
    दिल्ली की एयर क्वालिटी में कुछ सुधार के बाद कई लोगों का मानना है कि ग्रैप-4 के सख्त कदमों से दिल्ली और एनसीआर की एयर क्वालिटी में सुधार देखने को मिला रहा है. क्योंकि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सील किया गया हैवाहनों की जांच तेज की गई और सफाई अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ग्रैप की चार ही स्टेज क्यों हैं और इससे ज्यादा पॉल्यूशन होने पर क्या नियम है.

    क्या है ग्रैप और क्यों बनाई गई इसकी चार स्टेज

    ग्रैप यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान एक लिस्टेड योजना है. जिसे प्रदूषण के स्तर के अनुसार लागू किया जाता है. इसका उद्देश्य यह है कि जैसे-जैसे एक्यूआई बढ़ें वैसे-वैसे सख्त कदम उठाए जाए. ताकि प्रदूषण को कंट्रोल किया जा सके. ग्रैप को चार स्टेज में बांटा गया है. जो स्टेज-1स्टेज-2स्टेज-3 और स्टेज-4 है. वहीं हर एक स्टेज एक तय एक्यूआई सीमा से जुड़ा होता है और उसी के अनुसार प्रतिबंध लागू होते हैं. सबसे गंभीर स्थिति में स्टेज-4 लागू किया जाता है. जब एक्यूआई 450 के पार चला जाता है.

    ग्रैप 4 ही क्यों माना जाता है सबसे सख्त

    स्टेज-4 को इमरजेंसी कंडीशन के लिए रखा गया है. यह पहले से लागू स्टेज 12 और 3 के सभी प्रतिबंधों के अलावा होता है. इस स्तर पर प्रदूषण को हेल्थ के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है. इसलिए स्टेज-4 लागू होने पर सरकार और प्रशासन तुरंत कड़े फैसले लेते हैं. वहीं ग्रैप-4 के तहत दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लोग रोक लगाई जाती है. इसके अलावा BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया गाड़ियों पर प्रतिबंध होता है. दिल्ली में बाहर से आने वाले नॉन BS-IV वाहनों की एंट्री भी बंद कर दी जाती है. वहीं पुराने डीजल मीडियम और हैवी गुड्स वाहनों को भी जरूरी सेवाओं को छोड़कर अनुमति नहीं मिलती. हालांकि BS-IV इलेक्ट्रिक सीएनजी और एलएनजी से चलने वाले वाहन पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आपात सेवाओं को छूट दी जाती है.

    ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम

    ग्रैप की चार स्टेज इसलिए बनाई गई हैक्योंकि स्टेज-4 को सबसे आखिरी और आपात कदम माना जाता है. इसके बाद स्थिति संभालने के लिए सरकार अतिरिक्त फैसले लेती है. जैसे ज्यादा गतिविधियों पर रोकट्रैफिक सीमित करना या हेल्थ इमरजेंसी जारी करना. यानी ग्रैप-4 के बाहर कोई अलग स्टेज नहीं होतीबल्कि स्टेज-4 के अंदर ही हालात के अनुसार फैसले लिए जाते हैं.

  • आईएमडीबी सूची साल की 7 सबसे दमदार कॉमेडी फिल्में पेट पकड़कर हंसने को हो जाएंगे मजबूर

    आईएमडीबी सूची साल की 7 सबसे दमदार कॉमेडी फिल्में पेट पकड़कर हंसने को हो जाएंगे मजबूर


    नई दिल्ली । साल की सबसे दमदार कॉमेडी फिल्में कॉमेडी फिल्मों की अपनी फैन फॉलोइंग है। जिंदगी की इस हॉचपॉच में ये फिल्में आपके दिमाग को सुकून देती हैं और कुछ पल खुशी के बिताकर आप हल्का महसूस करते हैं। इस साल ढेरों कॉमेडी फिल्मों थिएटर्स और ओटीटी पर रिलीज हुई हैं चलिए जानते हैं उन कुछ फिल्मों के बारे में जिनकी आईएमडीबी रेटिंग सबसे ज्यादा रही।
    घिचपिच
    अगस्त 2025 में रिलीज हुई फिल्म घिचपिचभारतीय मिडिल क्लास पिताओं और उनके बच्चों के साथ उनकी ट्यूनिंग के बारे में कहानी सुनाती है। इस फिल्म कीआईएमडीबी रेटिंग 8.5 रही थी।
    टूरिस्ट फैमिली
    अप्रैल 2025 में आई फिल्म टूरिस्ट फैमिलीकम बजट में बनी एक ऐसी फिल्म थी जिसने कलेक्शन के मामले में कमाल कर दिया था। कहानी श्रीलंका में कोविड के बाद रोजगार के लिए भारत आए एक परिवार की है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 8.2 रही थी।
    दे दे प्यार दे 2
    अजय देवगन और आर माधवन की फिल्म दे दे प्यार दे 2को सिनेमाघरों में खूब प्यार मिला। पिछले दिनों ही रिलीज हुई इस फिल्म कीआईएमडीबी रेटिंग 8.5 रही थी।
    जॉली एलएलबी 3
    फिल्म जॉली एलएलबी 3भी इस साल रिलीज हुई सबसे हाईआईएमडीबी रेटिंग वाली फिल्मों में गिनी जाती है। दो वकीलों की मजेदार टक्कर वाली इस फिल्म कीआईएमडीबी रेटिंग 6.8 रही थी।
    थामा
    आयुष्मान खुराना और आर माधवन की फिल्म थामाका नाम भी लिस्ट में शामिल है। इसकी आईएमडीबी पर रेटिंग 6.4 है। फिल्म में कॉमेडी के साथ-साथ ढेर सारा हॉरर भी शामिल किया गया है।

    धूम धाम
    ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर फिल्म धूम धामने भी कमाल कर दिया। एक नवविवाहित दूल्हा-दुल्हन की इस मजेदार कॉमेडी में हंसी भी है और रोमांच भी फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 6.4 रही थी।
    सितारे जमीन पर
    आमिर खान की लंबे वक्त बाद कोई सुपरहिट फिल्म आई। सीक्वल फिल्म सितारे जमीन पर कोआईएमडीबी पर 6.9 रेटिंग मिली।

  • पुत्रदा एकादशी 2025 साल की आखिरी एकादशी पर जरूर करें ये काम जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

    पुत्रदा एकादशी 2025 साल की आखिरी एकादशी पर जरूर करें ये काम जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि


    नई दिल्ली । पुत्रदा एकादशी 2025 प्रत्येक महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष को एकादशी का व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती। इस व्रत करने से व्यक्ति के घर में सदैव मां लक्ष्मी का वास रहता है और उनके घर में सदैव धन समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। साल 2025 की आखिरी एकादशी का व्रत 30 दिसंबर को रखा जाएगा। तो आइए जानते हैं कि साल की आखिरी एकादशी के दिन क्या-क्या करना चाहिए। साथ ही जानेंगे कि इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
    पुत्रदा एकादशी 2025
    पुत्रदा एकादशी का व्रत साल में दो बार रखा जाता है एक सावन मास में दूसरा पौष माह में। पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा। पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से संतान को लंबी तरक्की और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। वहीं जिन दंपतियों की कोई संतान नहीं है उन्हें पुत्रदा एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिए। इस व्रत के प्रभाव से उनके घर जल्द ही किलकारी की गूंज सुनाई देगी।

    पुत्रदा एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त

    पौत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 30 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 31 दिसंबर को सुबह 5 बजे होगा। पुत्रदा एकादशी का पारण का 31 दिसंबर को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से दोपहर 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

    साल की अंतिम एकादशी के दिन करें ये काम

    एकादशी के दिन पीपल पेड़ के नीचे तेल का दीया जलाएं और ऊँ नमो नारायणाय नमः मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है।  एकादशी के दिन भगवान विष्णु को केले का भोग लगाएं और घी वाली रोटी पर गुड़ रखकर गाय को खिला दें। एकादशी के दिन ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करें। इस उपाय को करने से तरक्की और व्यापार में मुनाफा मिलता है। साथ ही हर तरह की बाधाएं भी दूर हो जाती हैंएकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपके धन-संपत्ति में बरकत होती है।