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  • तान्या मित्तल से बच्ची ने मांगे कपड़े खरीदने के पैसे 500 का नोट लौटाते हुए कहा- इतने में नहीं आएगा

    तान्या मित्तल से बच्ची ने मांगे कपड़े खरीदने के पैसे 500 का नोट लौटाते हुए कहा- इतने में नहीं आएगा


    नई दिल्ली ।
    मुंबई बिग बॉस 19 की कंटेस्टेंट तान्या मित्तल एक बार फिर सुर्खियों में हैं और इस बार उनका वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया है। तान्या का नया वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है जिसमें एक बच्ची उनसे कपड़े खरीदने के लिए पैसे मांगती है लेकिन 500 रुपये का नोट मिलने के बाद उसे वापस कर देती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहा है। वीडियो में तान्या मित्तल अपनी गाड़ी में बैठी होती हैं जब एक बच्ची जो बाहर कुछ बेच रही होती है उनके पास आती है।
    बच्ची तान्या को पहचानती है और उनके कपड़ों की तारीफ करते हुए कहती है दीदी हमें भी नए कपड़े दिला दो। बच्ची की जिद पर तान्या उसे 500 रुपये का नोट देती हैं लेकिन जब बच्ची उस नोट को देखती है तो वह मुंह पर लौटाते हुए कहती है इतने में नहीं आएगा। इस वीडियो के वायरल होने के बाद तान्या मित्तल को सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं जबकि कुछ उनके इस अंदाज को लेकर हैरान भी हैं।

    तान्या मित्तल के अतरंगी दावे

    तान्या मित्तल को लेकर अतीत में भी कई अतरंगी दावे सामने आ चुके हैं। बिग बॉस 19 में अपनी उपस्थिति के दौरान उन्होंने कई बार दावा किया कि उनके पास 150 बॉडीगार्ड हैं और ग्वालियर में उनका एक महल जैसा घर है। इन दावों ने उन्हें हमेशा चर्चा में रखा और अब उनका यह नया वीडियो भी लोगों के लिए चौंकाने वाला बन गया है।

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया पर लोग तान्या के इस वीडियो पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जहां कुछ लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा मानकर खामोश हैं। हालांकि तान्या के अतरंगी अंदाज ने एक बार फिर उनकी सोशल मीडिया पर मौजूदगी को और भी मजबूत कर दिया है। तान्या मित्तल के वीडियो ने यह साबित कर दिया कि वह हमेशा लाइमलाइट में रहना पसंद करती हैं चाहे वह अपनी स्टाइलिश लाइफ को लेकर हो या फिर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो के जरिए। अब देखना होगा कि तान्या इस ट्रोलिंग से कैसे निपटती हैं और क्या उनके दावे सच साबित होते हैं या नहीं।

  • बांग्लादेश में ISI की सुनियोजित वापसी? पाक हाई कमीशन में स्पेशल सेल की खबरों से भारत अलर्ट

    बांग्लादेश में ISI की सुनियोजित वापसी? पाक हाई कमीशन में स्पेशल सेल की खबरों से भारत अलर्ट


    नई दिल्ली
    /बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच खुफिया एजेंसियों की ताजा रिपोर्टें दक्षिण एशिया की सुरक्षा तस्वीर को लेकर गंभीर चेतावनी दे रही हैं। करीब पंद्रह वर्षों के अंतराल के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस ISI की गतिविधियों की वापसी की आशंका जताई जा रही है। इन घटनाक्रमों ने न सिर्फ ढाका बल्कि नई दिल्ली में भी सतर्कता बढ़ा दी है।सूत्रों के मुताबिक अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की विदेश और सुरक्षा नीति में जो बदलाव शुरू हुआ था वह अब एक संगठित रणनीतिक ढांचे का रूप लेता दिख रहा है। खुफिया विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस राजनीतिक संक्रमण को अवसर के रूप में देख रहा है और बांग्लादेश में अपना प्रभाव दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

    सीएनएन न्यूज-18 की एक रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ी चिंता का विषय ढाका स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के भीतर एक विशेष ISI सेल की कथित स्थापना है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इस सेल में एक ब्रिगेडियर दो कर्नल और चार मेजर सहित थलसेना नौसेना और वायुसेना से जुड़े अधिकारी तैनात हैं। यह व्यवस्था सामान्य कूटनीतिक गतिविधियों से कहीं आगे मानी जा रही है।खुफिया सूत्र बताते हैं कि यह पूरा ढांचा अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान के चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा की चार दिवसीय ढाका यात्रा के बाद औपचारिक रूप से सक्रिय हुआ। इस दौरे के दौरान ISI के वरिष्ठ अधिकारियों ने बांग्लादेश की नेशनल सिक्योरिटी इंटेलिजेंस NSI और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेस इंटेलिजेंस DGFI के अधिकारियों के साथ बंद कमरे में कई बैठकें कीं।

    आधिकारिक तौर पर इन बैठकों का उद्देश्य बंगाल की खाड़ी में समुद्री निगरानी और क्षेत्रीय सहयोग बताया गया लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असली फोकस भारत की पूर्वी सीमाओं पर रणनीतिक नजर रखना हो सकता है।अगस्त 2024 के बाद ढाका और इस्लामाबाद के बीच रिश्तों में आई तेजी को भी असामान्य माना जा रहा है। जुलाई 2025 में दोनों देशों के बीच राजनयिकों आधिकारिक पासपोर्ट धारकों और यहां तक कि सैन्य कर्मियों के लिए वीजा-फ्री एंट्री पर सहमति बनी। इसके अलावा रावलपिंडी और ढाका के बीच उच्च स्तरीय सैन्य आदान-प्रदान कराची–चित्तागांव शिपिंग रूट और प्रस्तावित सीधी उड़ानों को भी खुफिया आवाजाही के संभावित कवर के रूप में देखा जा रहा है। खुफिया एजेंसियों का दावा है कि ISI का दीर्घकालिक एजेंडा बांग्लादेशी समाज विशेषकर युवाओं के बीच कट्टरपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देना है। जमात-ए-इस्लामी और इनकलाब मंच जैसे संगठनों के जरिए धार्मिक उग्रवाद को मजबूत करने की कोशिशों की भी बात कही जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान का उद्देश्य एक ऐसा हाइब्रिड राजनीतिक ढांचा खड़ा करना है जो स्वाभाविक रूप से भारतीय हितों के प्रति शत्रुतापूर्ण हो।

    18 दिसंबर को छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में भड़की हिंसा को भी इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। कई पर्यवेक्षकों ने इसे एकमैनेज्ड क्राइसिस करार दिया है। ढाका में भारतीय उच्चायोग और चट्टोग्राम में सहायक उच्चायोग पर हमले मीडिया संस्थानों में आगजनी और सड़कों पर भय का माहौल-इन घटनाओं को फरवरी 12 को प्रस्तावित चुनावों को टालने और कट्टरपंथी ताकतों की पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़ा जा रहा है।इन सभी संकेतों के बीच भारत ने अपनी पूर्वी सीमाओं और कूटनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से बांग्लादेश में हो रहे इन घटनाक्रमों पर आने वाले दिनों में भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।

  • अक्षय कुमार की भांजी सिमर ने करण जौहर के तारीफ पर किया मस्ती भरा जवाब कहा – 'धर्मा में क्यों नहीं लिया

    अक्षय कुमार की भांजी सिमर ने करण जौहर के तारीफ पर किया मस्ती भरा जवाब कहा – 'धर्मा में क्यों नहीं लिया


    नई दिल्ली । अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया बॉलीवुड में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सिमर फिल्म इक्कीस से डेब्यू कर रही हैं जिसमें उनके साथ अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा मुख्य भूमिका में हैं। अक्षय अपनी भांजी के डेब्यू को लेकर काफी एक्साइटेड हैं और वह सोशल मीडिया पर सिमर का सपोर्ट कर रहे हैं।

    हाल ही में बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता करण जौहर ने सिमर को सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए लिखा सॉलिड! तुम्हें सपोर्ट कर रहा हूं एगी फिल्मों में आपका स्वागत है सिमर भाटिया आप बहुत खूबसूरत हैं। करण जौहर की तारीफ पर सिमर ने भी मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी। सिमर ने करण के पोस्ट को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए लिखा थैंक्यू सर फिर मुझे धर्मा का पिक्चर क्यों नहीं दिया?

    सिमर के इस मजेदार जवाब से सोशल मीडिया पर फैंस ने उनका अक्षय कुमार से तुलना करना शुरू कर दिया क्योंकि अक्षय भी अक्सर अपनी मस्ती भरी और फनी प्रतिक्रियाओं के लिए जाने जाते हैं। सिमर का यह जवाब इस बात को दर्शाता है कि वह भी अपने मामा अक्षय कुमार की तरह हल्के-फुल्के अंदाज में बात करती हैं।

    सिमर और अक्षय का रिश्ता

    सिमर भाटिया अक्षय कुमार की बहन अल्का भाटिया की बेटी हैं। वह लंबे समय से फिल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए तैयार हो रही थीं और अब उनका सपना आखिरकार पूरा होने वाला है। इक्कीस फिल्म के जरिए वह बॉलीवुड में कदम रख रही हैं। फिल्म 1 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली है हालांकि पहले इसे दिसंबर 2025 में रिलीज करने का प्लान था जिसे बाद में पोस्टपोन कर दिया गया। इस फिल्म में सिमर और अगस्त्य के अलावा बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र भी नजर आएंगे।

    अक्षय का सिमर के लिए इमोशनल पोस्ट

    अक्षय कुमार ने कुछ दिन पहले अपने इंस्टाग्राम पर सिमर के लिए एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया था जिसमें उन्होंने लिखा था जब तुम छोटी थीं तो तुम्हें गोद में उठाता था और अब तुम फिल्मों की दुनिया में कदम रखने वाली हो। सिमर मैंने तुम्हें एक शर्मीली लड़की के रूप में देखा था जो अपनी मम्मी के पीछे छिपती थी और अब तुम इतनी कॉन्फिडेंट बन चुकी हो कि कैमरे को ऐसे देखती हो जैसे तुम इसके लिए ही बनी हो। सफर मुश्किल है लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि तुम चमकोगी।, सिमर का बॉलीवुड में डेब्यू और उनके मामा अक्षय कुमार के समर्थन ने परिवार और फैंस के बीच इस नए सफर को और भी खास बना दिया है।

  • रामगढ़ में हाथियों का आतंक जारी 56 घंटे में 6 लोगों की मौत 2 और मरे

    रामगढ़ में हाथियों का आतंक जारी 56 घंटे में 6 लोगों की मौत 2 और मरे


    रामगढ़ । झारखंड के रामगढ़ जिले में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को दो और लोगों की जान चली गई जिससे पिछले 56 घंटों में यहां हाथियों के हमले में मरने वालों की संख्या 6 हो गई है। शुक्रवार की घटनाओं में एक व्यक्ति का नाम लोकनाथ मुंडा था जो कुजू ओपी क्षेत्र के सुगिया गांव का निवासी था। वह अपनी पत्नी के साथ जलावन के लिए कोयला चुनने सीसीएल के करमा परियोजना की ओर जा रहे थे तभी उनका सामना हाथियों के झुंड से हो गया। हाथियों ने उन्हें पटककर मार डाला जबकि उनकी पत्नी किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रही।

    दूसरी घटना रामगढ़ प्रखंड के कुंदरूकलां पंचायत में हुई जहां काजल देवी नाम की महिला ईंट भट्ठे में काम करने आई थी। जब वह रात में शौच के लिए बाहर गई तो हाथियों ने उसे घेर लिया और उसे पटक-पटककर मार डाला। इस दौरान वहां मौजूद आधे दर्जन से अधिक लोग बाल-बाल बच गए। इसके अलावा हाथियों ने पास में मौजूद फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। वन विभाग अब इस नुकसान का मूल्यांकन करने में जुटा है।

    इन घटनाओं से पहले मंगलवार को भी रामगढ़ जिले के घाटो थाना क्षेत्र के आरा सारूबेड़ा में हाथियों के हमले में चार लोग मारे गए थे जिनमें एक सीसीएल का सुरक्षाकर्मी और तीन अन्य स्थानीय लोग शामिल थे।स्थानीय लोगों और वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि हाथियों के आक्रामक होने का मुख्य कारण उनके पारंपरिक रास्तों में बढ़ती मानवीय गतिविधि और जंगलों का सिमटना है। इसके कारण हाथी भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों में घुसने पर मजबूर हो रहे हैं।

    वर्तमान में वन विभाग ने क्षेत्र में हाथियों से बचाव के लिए निगरानी बढ़ा दी है और उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान और मुआवजे के साथ-साथ हाथियों के सुरक्षित मार्ग को बहाल करने की अपील की है। तोपा माइनस कॉलोनी उखरबेड़वा और हरवे क्षेत्र में हाथियों का झुंड खुलेआम विचरण कर रहा है जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी है और मुआवजे के रूप में 3 लाख 75 हजार रुपये 10 दिनों के अंदर भुगतान करने का आश्वासन दिया है।

  • भीख और अवैध यात्रा से पाकिस्तान की बढ़ी मुश्किलें, 50 हजार से ज्यादा नागरिकों को कई देशों ने किया बाहर

    भीख और अवैध यात्रा से पाकिस्तान की बढ़ी मुश्किलें, 50 हजार से ज्यादा नागरिकों को कई देशों ने किया बाहर


    इस्लामाबाद/पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और गंभीर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। आतंकवाद के आरोपों के बाद अब पाकिस्तानी भिखारियों और अवैध प्रवासियों के कारण कई देश परेशान हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि अलग-अलग देशों ने 50 हजार से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को या तो अपने यहां से बाहर निकाल दिया या एयरपोर्ट पर ही प्रवेश देने से रोक दिया।यह चौंकाने वाली जानकारी पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की ओवरसीज पाकिस्तानियों और मानवाधिकारों पर स्थायी समिति की बैठक में सामने आई। बैठक में फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी FIA के महानिदेशक रिफ्फत मुख्तार राजा ने विस्तृत आंकड़े पेश किए।

    सऊदी अरब सबसे सख्त हजारों पाकिस्तानी लौटाए गए

    एफआईए डीजी के मुताबिक इस साल सबसे ज्यादा निर्वासन सऊदी अरब से हुआ है। वहां भीख मांगने के आरोप में करीब 24000 पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर कर दिया गया। सऊदी प्रशासन का कहना है कि इन लोगों ने धार्मिक यात्राओं और वीजा की शर्तों का गलत इस्तेमाल किया।
    इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरातUAE ने भी 6000 पाकिस्तानियों को निर्वासित किया जबकि अजरबैजान से करीब 2500 लोगों को भिखारी होने के आरोप में बाहर निकाला गया। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा नुकसान पहुंचा है।

    एयरपोर्ट पर ही रोके गए हजारों लोग

    एफआईए डीजी ने समिति को बताया कि सिर्फ निर्वासन ही नहीं बल्कि हजारों पाकिस्तानियों को विदेश यात्रा से पहले ही रोक दिया गया। जांच में सामने आया कि कई लोग उमरा वीजा का बहाना बनाकर यूरोप जाने की कोशिश कर रहे थे।उन्होंने कहा कि जब इन यात्रियों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई तो उनमें यूरोपीय देशों में अवैध प्रवेश की योजना साफ नजर आई।एफआईए प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहामजबूत सबूतों के आधार पर ऐसे यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही यात्रा की अनुमति नहीं दी गई।

    एशियाई देशों में भी संदिग्ध गतिविधियां

    एफआईए ने समिति को यह भी बताया कि कंबोडिया और म्यांमार जैसे देशों में भी पाकिस्तानी नागरिकों की संदिग्ध आवाजाही सामने आई है।आंकड़ों के अनुसार:इस साल 24000 पाकिस्तानी कंबोडिया गए जिनमें से 12000 अब तक वापस नहीं लौटे।वहीं 4000 लोग म्यांमार पर्यटक वीजा पर गए लेकिन करीब 2500 अभी तक लापता हैं।इन मामलों को मानव तस्करी अवैध काम और संगठित गिरोहों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    कड़े कदमों से पासपोर्ट रैंकिंग में सुधार

    हालांकि एफआईए डीजी ने यह भी दावा किया कि हाल के महीनों में कड़े नियंत्रण उपायों के चलते कुछ सुधार देखने को मिला है।उन्होंने बताया कि पाकिस्तान का पासपोर्ट रैंकिंग में 118वें स्थान से सुधरकर 92वें स्थान पर आ गया है।उनका कहना था कि पहले पाकिस्तान अवैध प्रवासन के मामलों में दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल था लेकिन नीतियों में बदलाव और सख्ती के कारण स्थिति में आंशिक सुधार हुआ है।

    पहले भी हो चुके हैं सामूहिक निर्वासन

    इससे पहले जनवरी महीने में भी सऊदी अरब और अमेरिका समेत कई देशों ने एक ही हफ्ते में 200 से ज्यादा पाकिस्तानियों को निर्वासित किया था।पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन निर्वासनों की वजह वीजा उल्लंघन कानूनी अपराध अवैध काम और मानव तस्करी रही।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चिंता
    इन घटनाओं ने पाकिस्तान की वैश्विक छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे निर्वासन और अवैध गतिविधियों के मामलों से साफ है कि कई देश अब पाकिस्तानी नागरिकों की आवाजाही को लेकर अधिक सख्त रुख अपना रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पाकिस्तान ने इस समस्या पर ठोस और दीर्घकालिक कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में उसके नागरिकों के लिए विदेश यात्रा और रोजगार के रास्ते और मुश्किल हो सकते हैं।

  • बीजापुर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 5 लाख का इनामी माओवादी ढेर

    बीजापुर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 5 लाख का इनामी माओवादी ढेर


    बीजापुर ।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शुक्रवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एक 5 लाख रुपये का इनामी माओवादी फागनू माडवी मारा गया। मुठभेड़ सुबह भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के आडवाड़ा-कोटमेटा वन क्षेत्र में शुरू हुई जब जिला रिजर्व गार्ड डीआरजी की एक टीम को माओवादियों की उपस्थिति की सूचना मिली और उन्होंने ऑपरेशन चलाया।

    मारे गए नक्सली की पहचान 35 वर्षीय फागनू माडवी के रूप में हुई है। वह भैरमगढ़ क्षेत्र समिति का सक्रिय सदस्य था। मुठभेड़ के बाद उसका शव घटनास्थल पर पाया गया। मौके से एक .303 राइफल एक 9 मिमी पिस्टल दो स्कैनर सेट एक रेडियो और एक मेडिकल किट बरामद किया गया। इस घटना को लेकर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण बस्तर में माओवादी नेटवर्क काफी कमजोर हो चुका है। उन्होंने बाकी माओवादी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करें।

    इस वर्ष छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादी मारे गए हैं जिनमें से 256 माओवादी बस्तर मंडल के सात जिलों में मारे गए जिनमें बीजापुर भी शामिल है। शेष माओवादी रायपुर मंडल के गरियाबंद जिले और दुर्ग मंडल के मोहला-मनपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में मारे गए। यह मुठभेड़ सुरक्षा बलों की लगातार कोशिशों का परिणाम है जो छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर में माओवादी गतिविधियों को नष्ट करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

  • अयोध्या राम मंदिर में बढ़ेगी पुजारियों की संख्या, 70 नए पुजारियों की भर्ती को ट्रस्ट की मंजूरी, परकोटे में भी जल्द होंगे दर्शन

    अयोध्या राम मंदिर में बढ़ेगी पुजारियों की संख्या, 70 नए पुजारियों की भर्ती को ट्रस्ट की मंजूरी, परकोटे में भी जल्द होंगे दर्शन

    नई दिल्ली/अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित व सुचारू बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में 70 नए पुजारियों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद रामलला, राम दरबार के साथ-साथ परकोटे और अन्य मंदिरों में नियमित पूजा और दर्शन की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।राम मंदिर में पहले चरण के निर्माण की पूर्णता के उपलक्ष्य में ध्वजारोहण समारोह संपन्न हो चुका है। इसके साथ ही जून 2025 में शेषावतार मंदिर और परकोटे में स्थित सभी छह मंदिरों में अलग-अलग देवी-देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा भी पूरी कर ली गई थी। अब ट्रस्ट की योजना इन सभी मंदिरों को आम श्रद्धालुओं के लिए नियमित रूप से खोलने की है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित पुजारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

    इसी जरूरत को देखते हुए 70 नए पुजारियों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे 13 दिसंबर को मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक में मंजूरी दी गई। ट्रस्ट का मानना है कि नए पुजारियों की नियुक्ति से मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना का क्रम बिना किसी बाधा के पूरे दिन संचालित किया जा सकेगा।वर्तमान स्थिति की बात करें तो राम मंदिर में इस समय कुल 20 पुजारी कार्यरत हैं। मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र नाथ शास्त्री के निधन के बाद चार वरिष्ठ पुजारी पहले से सेवाएं दे रहे थे। इसके बाद पुजारी प्रशिक्षण योजना के तहत 24 युवकों को प्रशिक्षित किया गया था, हालांकि नियुक्ति पत्र न मिलने और मानदेय से जुड़े विवादों के कारण यह मामला काफी समय तक उलझा रहा।

    बाद में ट्रस्ट ने प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र और निर्धारित मानदेय देकर मुक्त कर दिया, जिससे कई पुजारी निराश हो गए। कुछ महीनों बाद उन्हीं प्रशिक्षित पुजारियों में से पहले 10, फिर 6 को सशर्त नियुक्ति पत्र दिए गए, जबकि 4 को पूरी तरह बाहर कर दिया गया। इस तरह वर्तमान में कुल 20 पुजारी राम मंदिर परिसर में सेवाएं दे रहे हैं।इन 20 पुजारियों को रामलला और राम दरबार के अलावा शेषावतार मंदिर, परकोटे के छह मंदिरों, सप्त मंडपम, यज्ञमंडप और कुबेर टीला स्थित कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। कार्यभार अधिक होने के कारण ड्यूटी को सुबह और शाम की पालियों में बांटा गया है।ड्यूटी व्यवस्था में अब हिंदी पंचांग के अनुसार अमावस्या और पूर्णिमा के आधार पर बदलाव किया जाता है। 10-10 पुजारियों की दो टीमें बनाई गई हैं, जिनमें से एक टीम रामलला में और दूसरी राम दरबार में पूजा करती है। अगले दिन रोस्टर के अनुसार दोनों टीमें अपनी जगह बदल लेती हैं।

    फिलहाल पुजारियों की कमी के कारण शेषावतार, परकोटा, सप्त मंडपम और कुबेर टीला में पूजा केवल सीमित समय के लिए ही हो पा रही है। यहां सुबह और शाम की आरती के बीच लंबे समय तक मंदिरों के पट बंद रहते हैं। ट्रस्ट का मानना है कि यदि पर्याप्त पुजारी उपलब्ध हो जाएं तो सभी मंदिरों में पूरे दिन दर्शन और पूजा संभव हो सकेगी।आकलन के अनुसार, राम मंदिर परिसर के सभी मंदिरों में नियमित पूजा और दर्शन के लिए कम से कम 50 पुजारियों की तत्काल जरूरत है। तीन शिफ्टों में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी के हिसाब से यह संख्या और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में 70 नए पुजारियों की भर्ती का फैसला आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

  • मध्य प्रदेश जावरा में कुरान जलाने पर बवाल महिला पर आरोप मुस्लिम समुदाय ने किया सड़क पर विरोध

    मध्य प्रदेश जावरा में कुरान जलाने पर बवाल महिला पर आरोप मुस्लिम समुदाय ने किया सड़क पर विरोध


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जिसमें मुस्लिम समुदाय की पवित्र धार्मिक किताब कुरान को जलाने का आरोप एक रिटायर्ड शिक्षिका पर लगा है। घटना के बाद मुस्लिम समाज में आक्रोश फैल गया और इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार यह घटना गुरुवार दोपहर 1 बजे के आसपास हुई जब रिटायर्ड शिक्षिका अतिया खान अपने घर में पुरानी किताबों को जला रही थीं। उनका दावा है कि उनके पास बहुत सी पुरानी किताबें थीं और उन्होंने इन किताबों को जलाने का फैसला किया। इस दौरान उसने दावा किया कि उसे यह नहीं पता था कि किताबों के ढेर में कुरान शरीफ की एक पुरानी प्रति भी थी।

    हालांकि वहां मौजूद कुछ लोगों ने जलती हुई किताबों में कुरान को पहचान लिया। बाद में इन्हीं लोगों ने मुस्लिम समुदाय को इस घटना के बारे में सूचित किया। मुस्लिम समाज के लोग तुरंत जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना पहुंचे और कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस की ओर से समय पर कोई कार्रवाई न होने पर गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और थाने का घेराव किया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब महिला ने कुरान को जलते देखा तो वह उसे लेकर भाग गई। एक शख्स ने कुरान की आग बुझाई और उसके अवशेष को संरक्षित कर लिया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने पुलिस से शिकायत की और आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    रतलाम जिले के एएसपी राकेश खाखा ने मामले की जानकारी दी और बताया कि आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच की जाएगी।

    विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय ने सख्त कार्रवाई की मांग की और आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई की अपील की। पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने का वादा कर रही है ताकि दोनों समुदायों के बीच शांति बनी रहे।

  • ‘धुरंधर’ की सुनामी से बदली रिलीज रणनीति, श्रीराम राघवन की ‘इक्कीस’ अब नए साल पर देगी दस्तक

    ‘धुरंधर’ की सुनामी से बदली रिलीज रणनीति, श्रीराम राघवन की ‘इक्कीस’ अब नए साल पर देगी दस्तक


    नई दिल्ली:हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बॉक्स ऑफिस की चाल कभी-कभी पूरी रिलीज कैलेंडर को बदल देती है। इन दिनों रणवीर सिंह की स्पाई थ्रिलर फिल्म धुरंधर जिस रफ्तार से कमाई कर रही है उसका असर अब दूसरी फिल्मों की रणनीति पर भी साफ नजर आने लगा है। इसी के चलते निर्देशक श्रीराम राघवन की बहुप्रतीक्षित फिल्म इक्कीस की रिलीज डेट को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। पहले इक्कीस को 25 दिसंबर यानी क्रिसमस के मौके पर रिलीज किया जाना था लेकिन अब मेकर्स ने इसे 1 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में लाने का ऐलान किया है। यह फैसला पूरी तरह बॉक्स ऑफिस समीकरणों और मौजूदा फिल्मों के दबदबे को देखते हुए लिया गया है।

    धुरंधर बनी सबसे बड़ी वजह

    फिल्म के निर्माता दिनेश विजान मैडॉक फिल्म्स ने रिलीज टलने की वजह पर खुलकर बात की। उनके मुताबिक धुरंधर इस वक्त सिनेमाघरों में जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है और दर्शकों के बीच इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। फिल्म ने न सिर्फ शानदार ओपनिंग ली बल्कि हिंदी सिनेमा के इतिहास में अब तक का सबसे बेहतरीन सेकेंड वीकेंड कलेक्शन दर्ज किया है।दिनेश विजान ने कहा कि ऐसे माहौल में इक्कीस को रिलीज करना फिल्म के लिए जोखिम भरा हो सकता था। बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत और चलती हुई फिल्म के सामने नई रिलीज को दर्शकों का पूरा ध्यान मिल पाना मुश्किल हो जाता है।

    क्रिसमस वीक में होता तगड़ा क्लैश

    सिर्फ धुरंधर ही नहीं बल्कि क्रिसमस वीक में पहले से ही कई बड़ी फिल्मों की मौजूदगी ने भी मेकर्स को सोचने पर मजबूर किया। इस दौरान कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की रोमांटिक फिल्म तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी भी रिलीज होने वाली थी। इसके अलावा जेम्स कैमरून की हॉलीवुड बिग बजट फिल्म अवतार: फायर एंड ऐश भी उसी समय सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है।इतनी बड़ी और अलग-अलग जॉनर की फिल्मों के बीच इक्कीस जैसी संवेदनशील और गंभीर विषय वाली फिल्म को दर्शकों का पूरा स्पेस मिल पाना आसान नहीं होता। यही वजह है कि मेकर्स ने टकराव से बचने का फैसला किया।

    दिनेश विजान बोले-फिल्म को चाहिए सही माहौल
    नई रिलीज डेट पर बात करते हुए दिनेश विजान ने कहा नए साल में दर्शक अच्छी और अर्थपूर्ण फिल्में देखने के लिए ज्यादा तैयार रहते हैं। जब किसी फिल्म को सांस लेने की जगह मिलती है तो उसका असर बॉक्स ऑफिस पर भी दिखता है। यह जरूरी नहीं कि हर बार सोलो रिलीज मिले लेकिन जब परिस्थितियां अनुकूल हों तो उस मौके को अपनाना चाहिए।उनका मानना है कि इक्कीस जैसी फिल्म को दर्शकों का पूरा ध्यान और भावनात्मक जुड़ाव मिलना बेहद जरूरी है जो नए साल के मौके पर ज्यादा बेहतर तरीके से संभव हो पाएगा।

    इक्कीस की कहानी और स्टारकास्ट
    इक्कीस भारत के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान बासंतार की लड़ाई में अद्भुत वीरता दिखाई और मात्र 21 साल की उम्र में शहीद हो गए।फिल्म में अगस्त्य नंदा मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र भी अहम किरदार में नजर आएंगे। खास बात यह है कि इसे धर्मेंद्र का आखिरी फिल्मी प्रदर्शन बताया जा रहा है। फिल्म में जयदीप अहलावत भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

    अब उम्मीदें नए साल से

    मेकर्स को भरोसा है कि 1 जनवरी 2026 को रिलीज होने से इक्कीस को न सिर्फ बेहतर ओपनिंग मिलेगी बल्कि इसकी कहानी और भावनात्मक गहराई को दर्शकों तक सही तरीके से पहुंचने का पूरा मौका मिलेगा। बॉक्स ऑफिस और कंटेंट—दोनों के लिहाज से यह फैसला फिल्म के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • देवास में हनीट्रैप दोस्ती का बहाना बनाकर युवती ने युवक को ब्लैकमेल किया लाखों रुपये और जमीन का हिस्सा मांगा

    देवास में हनीट्रैप दोस्ती का बहाना बनाकर युवती ने युवक को ब्लैकमेल किया लाखों रुपये और जमीन का हिस्सा मांगा


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक सनसनीखेज हनीट्रैप मामला सामने आया है जिसमें युवती ने दोस्ती के बहाने युवक को प्रेम जाल में फंसाया और फिर उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर लाखों रुपये और जमीन के हिस्से की मांग की। यह मामला देवास शहर के नहार दरवाजा थाना क्षेत्र का है जहां युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    पीड़ित युवक भावेश ठाकुर ने बताया कि आरोपी युवती परिधि नामदेव ने पहले दोस्ती का झांसा दिया और बाद में उसे शराब पिलाकर उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद परिधि ने उसे लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोप है कि युवती ने युवक से शाही जिंदगी जीने का दबाव बनाया और उसे पैसे व जमीन का आधा हिस्सा देने की धमकी दी।

    जब युवक मानसिक रूप से परेशान हुआ तो उसने अपनी शिकायत और ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ पुलिस की मदद ली। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि परिधि नामदेव पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रही है और पुलिस उसकी पुरानी रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

    देवास के एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदोरिया ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ पहले भी एक मामला दर्ज है और फिलहाल पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि कैसे प्रेम और दोस्ती के बहाने से लोगों को जाल में फंसाकर शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण किया जा रहा है। पुलिस अब यह देखेगी कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके।