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  • उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला, 12 से 16 फरवरी तक दशहरा मैदान में आयोजित

    उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला, 12 से 16 फरवरी तक दशहरा मैदान में आयोजित


    उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार यह पांच दिवसीय मेला 12 से 16 फरवरी 2026 तक दशहरा मैदान में चलेगा। मेले का शुभारंभ 12 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कर कमलों द्वारा होने की संभावना है। वन विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्देश्य आमजन को वन, पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण, आयुर्वेद एवं पारंपरिक ज्ञान, वनोपज आधारित हर्बल उत्पादों, आयुष, स्वास्थ्य, जैव विविधता और जनजातीय संस्कृति से जोड़ना है। मेले में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से हर्बल उत्पाद, आयुर्वेदिक औषधियां, वनोपज आधारित हस्तशिल्प कृतियां और आंचलिक व्यंजन प्रदर्शित किए जाएंगे।

    मेला केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान आमजन को विभिन्न जड़ी-बूटियों और वनोपज के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें खरीदने का अवसर भी मिलेगा। मेले में आने वाले पर्यटक और नागरिक वन और पर्यावरण से जुड़े कार्यशालाओं और लाइव डेमोंस्ट्रेशन में भाग लेकर नई जानकारियां हासिल कर सकेंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेले में देशभर से हर्बल उत्पाद और पारंपरिक ज्ञान की विविधता पेश की जाएगी। यह मेला न केवल व्यापारियों और कारीगरों के लिए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि आमजन के लिए भी वन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का एक अनूठा मंच बनेगा। साथ ही, इस मेले में युवा और छात्र पर्यावरणीय शिक्षा और आयुर्वेदिक ज्ञान के महत्व को समझने का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

    उज्जैन की यह पहल महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित की जा रही है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर केंद्रित गतिविधियों का भी संयोजन होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस मेला से जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। पांच दिवसीय मेले में आने वाले नागरिक हर्बल उत्पादों की खरीदारी के साथ-साथ आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित कार्यशालाओं में भाग लेकर अपनी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा सकेंगे। वन और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह मेला एक विशेष अनुभव प्रदान करेगा, जो वन्य जीवन और जैव विविधता के महत्व को सीधे तौर पर समझने का अवसर देगा।

  • बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खेत में अवैध रूप से बिजली का करंट फैलाने से एक ग्रामीण की मौत का मामला सामने आया। पुलिस ने इस हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 4 सितंबर 2025 की है, जब ग्राम झाडेगांव निवासी सदन पन्द्राम जंगल में अपने मवेशी चराने गया था। इसी दौरान पास के खेत में लगे नंगे तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई शिवलाल पन्द्राम की शिकायत पर कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने मृतक के परिवार के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम भोगीतेड़ा निवासी शिवचरण उपासे ने अपने खेत की मेढ़ पर खूंटी गाड़कर नंगे तार में करंट प्रवाहित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, यह तार जानबूझकर लगाया गया था, जिससे हादसा घटित हुआ।

    कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिवचरण उपासे के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/25 के तहत धारा 105 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़कर पूछताछ की जा रही है और इस घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया है। इस हादसे ने इलाके में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में नंगे तार लगाकर करंट फैलाने की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोगों और मवेशियों के जीवन को खतरा रहता है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही और जानलेवा गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा मृतक परिवार को मुआवजा और कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से जांच जारी रहेगी। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बिजली प्रयोग न केवल गैरकानूनी है बल्कि मानव जीवन के लिए भी घातक साबित हो सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, ताकि भविष्य में किसी और अनहोनी की घटना को रोका जा सके।

  • धुरंधर की सफलता के बाद धुरंधर 2 की तैयारी तेज, ट्रेलर फरवरी में रिलीज़, अक्षय खन्ना सिर्फ फ्लैशबैक में नजर आएंगे

    धुरंधर की सफलता के बाद धुरंधर 2 की तैयारी तेज, ट्रेलर फरवरी में रिलीज़, अक्षय खन्ना सिर्फ फ्लैशबैक में नजर आएंगे


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता के बाद अब दर्शक धुरंधर 2 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म मार्च में रिलीज़ होने वाली है और मेकर्स ने फाइनल कट पर काम शुरू कर दिया है। डायरेक्टर आदित्य धर इस समय ट्रेलर एडिटिंग में पूरी तरह व्यस्त हैं। पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार इस बार भी ट्रेलर को ऑडियंस की पसंद के हिसाब से धमाकेदार बनाने की योजना है।

    ट्रेलर और बैकग्राउंड स्कोर
    फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर पर संगीतकार शाश्वत सचदेव काम कर रहे हैं। मेकर्स का ध्यान साउंड और विज़ुअल्स की परफेक्ट डिलीवरी पर है। फिल्म की हर बारीकी को ध्यान में रखते हुए ट्रेलर तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि धुरंधर 2 का ट्रेलर फरवरी के आखिर में रिलीज़ किया जाएगा जिससे दर्शकों में उत्साह और बढ़ जाएगा।

    अक्षय खन्ना का किरदार

    धुरंधर में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का किरदार निभाया था जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। पहले अफवाहें थीं कि अक्षय को धुरंधर 2 में दोबारा सीन शूट करना होगा। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि उनके किरदार को सिर्फ फ्लैशबैक सीन में ही शामिल किया जाएगा और इसके लिए कोई नया शूट नहीं होगा। यानी अक्षय खन्ना की भूमिका सीमित रहेगी और पहले के सीन का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

    धुरंधर का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड

    धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। फिल्म ने भारत में 800 करोड़ से अधिक और वर्ल्डवाइड लगभग 1250 करोड़ की कमाई की थी। इस रिकॉर्ड ने पिछले कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया। अब ऑडियंस OTT रिलीज़ का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
    धुरंधर 2 की तैयारी से साफ है कि मेकर्स इस बार भी दर्शकों को एक शानदार विज़ुअल और साउंड एक्सपीरियंस देने की पूरी कोशिश करेंगे। आदित्य धर और उनकी टीम ट्रेलर और फिल्म की परफेक्ट एडिटिंग के लिए जी-जान से मेहनत कर रहे हैं ताकि मार्च में फिल्म के रिलीज़ होते ही दर्शक फिर से सिनेमाघरों में धमाका महसूस कर सकें।

  • बैतूल में घर में सेंधमारी का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.11 लाख रुपये का माल बरामद

    बैतूल में घर में सेंधमारी का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.11 लाख रुपये का माल बरामद


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में घर में सेंधमारी का मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था, लेकिन थाना बैतूल बाजार की टीम ने सटीक जांच के बाद इसे सफलता पूर्वक सुलझा लिया। शनिवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 1.11 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई जानकारी के अनुसार, फरियादी अमित चौहान ने 27 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पूजा के लिए घर से बाहर गए समय अज्ञात अपराधियों ने उनके घर का ताला तोड़कर चोरी की। चोरी में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी शामिल थे। इस शिकायत के बाद थाना बैतूल बाजार में अपराध क्रमांक 423/25 के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत विवेचना शुरू की।

    पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आसपास के संदिग्धों और अपराधियों की पहचान की। सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और गहन निगरानी के बाद टीम ने तीन आरोपियों का पता लगाया। इनमें से एक आरोपी ने पहले भी छोटे-मोटे चोरी के मामलों में नाम जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके कब्जे से चोरी की गई संपत्ति बरामद की। बरामद माल में नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण और कुछ अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल थीं। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने जानकारी प्राप्त की कि यह चोरी एक योजनाबद्ध गतिविधि के तहत की गई थी और उन्होंने इसे बाजार में बेचने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की सक्रियता और त्वरित गिरफ्तारी के कारण चोरी का अधिकांश माल सुरक्षित लौटाया जा सका।

    पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क और तत्पर है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों की सुरक्षा को और मजबूत करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चोरी और संबंधित अपराधों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की जांच जारी है। घटना ने यह स्पष्ट किया कि बैतूल पुलिस चोरी और अपराध के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है। यह गिरफ्तारी अन्य अपराधियों के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समुदाय का सहयोग भी महत्वपूर्ण है और जनता को जागरूक रहना चाहिए। इस प्रकार बैतूल पुलिस ने न केवल चोरी का मामला सुलझाया बल्कि चोरी की गई संपत्ति को भी सुरक्षित बरामद कर जिले में कानून और व्यवस्था की मिसाल कायम की।

  • धुरंधर 2 के ट्रेलर की तैयारी तेज, इसी बीच सामने आया सनी देओल से जुड़ा दिलचस्प किस्सा

    धुरंधर 2 के ट्रेलर की तैयारी तेज, इसी बीच सामने आया सनी देओल से जुड़ा दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के दमदार एक्टर सनी देओल एक बार फिर चर्चा में हैं। एक तरफ उनकी आने वाली फिल्म धुरंधर 2 को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है वहीं दूसरी ओर उनके करियर से जुड़ा एक पुराना और रोचक किस्सा सुर्खियों में आ गया है। बताया जा रहा है कि धुरंधर 2 के ट्रेलर की तैयारियां तेज हो चुकी हैं डायरेक्टर ने एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर पर काम शुरू कर दिया है। इसी बीच सनी देओल और जूही चावला से जुड़ी एक अनसुनी कहानी ने लोगों का ध्यान खींच लिया है।

    90 के दशक में सनी देओल न सिर्फ अपने एक्शन बल्कि अपनी गहरी आवाज और इंटेंस रोमांटिक अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने अपने करियर में लगभग सभी टॉप एक्ट्रेसेस के साथ काम किया और हर किसी के साथ उनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस जूही चावला ने सनी देओल के साथ किसिंग सीन का रीटेक करने से साफ इनकार कर दिया था?

    जूही चावला ने क्यों किया इनकार

    यह किस्सा है निर्देशक धर्मेश दर्शन की फिल्म लूटेरे का जिसमें सनी देओल और जूही चावला लीड रोल में नजर आए थे। धर्मेश दर्शन ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि फिल्म में एक लिप-लॉक किसिंग सीन था जिसे रीटेक करने की जरूरत पड़ी। लेकिन जूही चावला ने साफ कह दिया कि वह दोबारा यह सीन नहीं करेंगी।इसका कारण था उनका कॉन्ट्रैक्ट। जूही चावला के कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ एक ही किसिंग सीन की शर्त थी और वह उसी पर अडिग रहीं। धर्मेश दर्शन के मुताबिक जूही ने पहले ही यह बात साफ कर दी थी कि वह तय शर्तों से बाहर नहीं जाएंगी।

    मान तो गई थीं लेकिन थीं कन्फ्यूज

    धर्मेश दर्शन ने बताया कि फिल्म का मशहूर गाना मैं तेरी रानी तू राजा राजस्थान के खूबसूरत लोकेशन पर शूट किया गया था। इस गाने में सनी देओल और जूही चावला के बीच एक अहम लिप-टू-लिप सीन फिल्माया जाना था। जूही इसके लिए तैयार तो थीं लेकिन पूरी तरह कन्फ्यूज थीं। इसी वजह से शूटिंग में देरी भी हुई।उन्होंने बताया कि आउटडोर शूट पूरी तरह तैयार था लेकिन उसी दौरान जूही किसी दूसरी फिल्म की शूटिंग के लिए उदयपुर चली गईं जिससे यह सीन और आगे खिसक गया। आखिरकार जब सीन कैमरे के सामने आया तो जूही ने उसे एक ही टेक में पूरा कर दिया।

    पहला टेक ही बना फाइनल
    धर्मेश दर्शन ने कहा जूही ने सीन पूरा किया और अपने कॉन्ट्रैक्ट की शर्त पर कायम रहीं। हमने कभी रीटेक शूट नहीं किया। वही पहला टेक फाइनल कट में गया। उन्होंने उस पल को आज भी बचकाना लेकिन प्यारा बताया।एक तरफ जहां सनी देओल आज भी अपनी फिल्मों से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं वहीं उनके करियर से जुड़े ऐसे किस्से फैंस के लिए हमेशा दिलचस्प बने रहते हैं। अब सभी की नजरें धुरंधर 2 के ट्रेलर पर टिकी हैं जो जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाला है।

  • 46 साल बाद तेलुगु सिनेमा में अनिल कपूर की धमाकेदार वापसी, जूनियर एनटीआर के साथ ‘ड्रैगन’ में निभाएंगे अहम भूमिका

    46 साल बाद तेलुगु सिनेमा में अनिल कपूर की धमाकेदार वापसी, जूनियर एनटीआर के साथ ‘ड्रैगन’ में निभाएंगे अहम भूमिका


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के एनर्जी से भरपूर स्टार अनिल कपूर एक बार फिर इतिहास रचने जा रहे हैं। मिस्टर इंडिया के नाम से मशहूर अनिल कपूर 46 साल बाद तेलुगु सिनेमा में वापसी कर रहे हैं। खास बात यह है कि उनकी इस वापसी की फिल्म है बहुचर्चित ड्रैगन जिसमें वह आरआरआर फेम जूनियर एनटीआर के साथ अहम किरदार में नजर आएंगे। यह खबर सामने आते ही हिंदी और साउथ दोनों इंडस्ट्री के फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

    बहुत कम लोग जानते हैं कि अनिल कपूर ने बतौर लीड एक्टर अपने करियर की शुरुआत हिंदी नहीं बल्कि तेलुगु फिल्म वामसा वृक्षम से की थी जो साल 1980 में रिलीज हुई थी। इसके बाद अनिल कपूर ने बॉलीवुड का रुख किया और मिस्टर इंडिया तेजाब राम लखन नायक जैसी सुपरहिट फिल्मों के जरिए खुद को इंडस्ट्री का मजबूत स्तंभ बना लिया। अब लगभग पांच दशकों के लंबे अंतराल के बाद उनका तेलुगु सिनेमा में लौटना उनके करियर का एक बड़ा और भावनात्मक पड़ाव माना जा रहा है।

    ड्रैगन में दिखेगा अनिल कपूर का दमदार अंदाज

    आईएमडीबी द्वारा जारी की गई 2026 की मोस्ट एंटिसिपेटेड फिल्मों की लिस्ट में ड्रैगन 14वें स्थान पर शामिल है। इस लिस्ट में जैसे ही फिल्म की स्टारकास्ट के तौर पर एनटी रामा राव जूनियर और अनिल कपूर का नाम सामने आया सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। खुद अनिल कपूर ने यह लिस्ट अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर कर अपने तेलुगु कमबैक की पुष्टि की।

    साउथ में सिर्फ एक नहीं तीन प्रोजेक्ट्स

    अनिल कपूर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा एक लैंड कर चुकी है बाकी दो लाइन में हैं। इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि ड्रैगन के बाद भी वह दो और साउथ फिल्मों में नजर आने वाले हैं। यानी आने वाले वर्षों में अनिल कपूर का साउथ सिनेमा में मजबूत प्रभाव देखने को मिलेगा।

    प्रशांत नील के निर्देशन में बनेगी फिल्म

    फिल्म ड्रैगन का निर्देशन केजीएफ फेम प्रशांत नील कर रहे हैं जो अपनी दमदार कहानी और भव्य एक्शन के लिए जाने जाते हैं। केजीएफ चैप्टर 1 और 2 के अलावा उन्होंने सालार पार्ट 1 और 2 जैसी बड़ी फिल्मों का निर्देशन किया है। ऐसे में ड्रैगन से भी दर्शकों को हाईऑक्टेन एक्शन और मजबूत कहानी की उम्मीद है।

    तेलुगु सिनेमा से पुराना रिश्ता

    तेलुगु सिनेमा में अपने शुरुआती अनुभव को याद करते हुए अनिल कपूर ने बताया था कि वामसा वृक्षम के दौरान वह सुबह 4 बजे उठकर तैयारी किया करते थे। उन्होंने कहा था कि उस अनुभव ने उन्हें अनुशासन और कड़ी मेहनत का महत्व सिखाया। इस फिल्म में उनके साथ जे. वी. सोमयाजुलु कांता राव और मुक्कमाला जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए थे। फिल्म को आईएमडीबी पर 6.6 की रेटिंग मिली थी।कुल मिलाकर अनिल कपूर की यह वापसी सिर्फ एक कमबैक नहीं बल्कि हिंदी और तेलुगु सिनेमा के बीच एक नए अध्याय की शुरुआत है।
  • भारत के कौशल विकास को नई उड़ान: पुणे में पीएम-सेतु उद्योग परामर्श आयोजित

    भारत के कौशल विकास को नई उड़ान: पुणे में पीएम-सेतु उद्योग परामर्श आयोजित


    नई दिल्ली । भारत के कौशल विकास और उद्यमिता के भविष्य को आकार देने के लिए पुणे में 19 जनवरी 2026 को पीएम-सेतु उद्योग परामर्श का आयोजन किया गया। यह परामर्श कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय  एमएसडीई महाराष्ट्र सरकार और यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी यशादा के सहयोग से आयोजित किया गया। पीएम-सेतुप्रधानमंत्री की दृष्टि के अनुरूप एक महत्वाकांक्षी योजना हैजिसका उद्देश्य देश में भविष्य के लिए तैयारवैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल का निर्माण करना है। कार्यशाला में निर्माणवस्त्रऑटोमोटिवएफएमसीजीइलेक्ट्रॉनिक्सतेल और गैसनवीकरणीय ऊर्जा समेत 50 से अधिक प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी और महाराष्ट्र सरकार की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने परामर्श की अध्यक्षता की और क्षेत्र के आईटीआई और उद्योगों का दौरा भी किया।

    पीएम-सेतु योजना का केंद्र बिंदु हब-एंड-स्पोक दृष्टिकोण है। इसके तहत 1,000 सरकारी आईटीआई को आधुनिकीकरण के तहत विकसित किया जाएगा। 200 हब आईटीआई में उन्नत बुनियादी ढांचा और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जाएगाजबकि 800 स्पोक आईटीआई स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण का विस्तार करेंगे। योजना के तहत आईटीआई का स्वामित्व सरकार का होगालेकिन उद्योग इसका प्रबंधन करेंगे। इस तरह मांग-आधारित प्रशिक्षणशिक्षुता और उद्योगों के साथ क्लस्टर-आधारित साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि पीएम-सेतु उद्योग के लिए कौशल विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। उद्योग क्लस्टर मॉडल के जरिए वे प्रशिक्षणपाठ्यक्रम सुधारसंकाय प्रशिक्षणशिक्षुता और नियोजन प्रक्रियाओं में योगदान देंगे। इससे भर्ती लागत कम होगीउत्पादकता बढ़ेगी और उद्योग मानकों के अनुरूप कुशल प्रतिभाएं तैयार होंगी।

    योजना के प्रारंभिक कार्य पहले ही 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो चुके हैं। 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी राज्य संचालन समितियों को अधिसूचित किया है। परामर्श के दौरान व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने हेतु औपचारिक समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। इनमें महाराष्ट्र के व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय और फिएट इंडियाश्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया तथा अनुदीप फाउंडेशन के बीच साझेदारियां शामिल हैं। पीएम-सेतु योजना भारत में कौशल विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना उच्च गुणवत्ता वाले व्यावसायिक संस्थानों का निर्माण करेगीपाठ्यक्रम को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालेगी और उभरते क्षेत्रों में मजबूत प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला तैयार करेगी। उद्योग और सरकार के सहयोग से युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का यह प्रयास भारत के कौशल विकास की यात्रा को नई दिशा देगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रनजिन्हें एमजीआर के नाम से भी जाना जाता हैको उनकी जन्‍म जयंती के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में एमजीआर की बहुआयामी विरासत की सराहना करते हुए उनकी तमिलनाडु के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। एमजीआर ने न केवल राज्य के विकास में अहम योगदान दियाबल्कि तमिल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी अपना योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एमजीआर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उन्होंने तमिलनाडु की प्रगति में एमजीआर के योगदान को उत्कृष्ट बताया और तमिल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका को उल्लेखनीय करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके दृष्टिकोण और आदर्शों को समाज के लिए साकार करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

    एमजीआर का जीवन राजनीतिफिल्म और समाज सेवा के क्षेत्र में प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने तमिलनाडु में शिक्षास्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीजो आज भी लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। उनके नेतृत्व में तमिलनाडु ने औद्योगिक विकासआर्थिक सुदृढ़ता और सामाजिक उत्थान में नए आयाम हासिल किए। प्रधानमंत्री ने एमजीआर की छवि को केवल एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बताया कि एमजीआर ने तमिल संस्कृति और भाषा को व्यापक रूप से फैलाने में भी योगदान दियाजिससे तमिल साहित्यकला और सांस्कृतिक पहचान का वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ा। उनके प्रयासों की वजह से तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित महसूस कराती है।

    एमजीआर की जयंती पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि केवल उनके योगदान को याद करने तक सीमित नहीं हैबल्कि यह नागरिकों और युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित होने का संदेश भी देती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एमजीआर का दृष्टिकोणउनकी सामाजिक सोच और तमिलनाडु के प्रति उनका समर्पण आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि ने एमजीआर की याद और उनके योगदान को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। उनके जीवन की उपलब्धियां न केवल तमिलनाडुबल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

  • गणतंत्र दिवस 2026: लोकभवन 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खुलेगा, 26 जनवरी को विशेष भ्रमण का मौका

    गणतंत्र दिवस 2026: लोकभवन 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खुलेगा, 26 जनवरी को विशेष भ्रमण का मौका


    भोपाल । गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए एक खास मौका तैयार किया गया है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार लोकभवन को 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खोला जा रहा है। इस तीन दिवसीय अवसर पर नागरिक न केवल राज्यपाल कार्यालय का अवलोकन कर सकेंगेबल्कि उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लघु फिल्मों का भी आनंद लेने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही लोकभवन में चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगीजो राज्य की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को दर्शाएगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आमजन को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ना और गणतंत्र दिवस के महत्व को और अधिक प्रभावी ढंग से समझाना है। उन्होंने कहा कि लोकभवन का यह खुलापन नागरिकों को राज्यपाल के कार्यालय की कार्यप्रणालीइतिहास और समकालीन गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा।

    लोकभवन में आमजन का भ्रमण तीन दिनों के लिए निर्धारित किया गया है। 25 और 27 जनवरी को लोकभवन अपरान्ह 2 बजे से सायं 8 बजे तक खुलेगाजबकि 26 जनवरीगणतंत्र दिवस के दिन विशेष तौर पर प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही आमजन भ्रमण कर पाएंगे। इस दिन लोकभवन का दौरा गणतंत्र दिवस समारोह से जुड़े उत्सव और कार्यक्रमों के साथ विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा। लोकभवन में प्रवेश और निकास की सुविधा गेट क्रमांक-1 के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने बताया कि इस दौरान नागरिकों के आराम और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। भ्रमण के दौरान आगंतुकों को लोकभवन की ऐतिहासिक संरचनाचित्रकला और राज्य के प्रशासनिक दृष्टिकोण की झलक देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा नागरिकों को छोटे वीडियो और लघु फिल्मों के माध्यम से गणतंत्र दिवस की महत्ताभारतीय संविधान और लोकतंत्र की मूलभूत अवधारणाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

    इस अवसर से आमजन न केवल राज्यपाल के दफ्तर का दौरा कर पाएंगेबल्कि उन्हें राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसारइस तरह की पहल नागरिकों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने में सहायक होती है। लोकभवन में लगे चित्र और प्रदर्शनीसांस्कृतिक कार्यक्रम और लघु फिल्में सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए आकर्षक और ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करेंगी। इस तरह, गणतंत्र दिवस 2026 के दौरान 25 से 27 जनवरी तक आयोजित यह विशेष आयोजन न केवल राज्यपाल कार्यालय को आमजन के करीब लाएगाबल्कि नागरिकों को लोकतंत्रसंस्कृति और प्रशासनिक प्रणाली के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनाएगा। नागरिक इस अवसर का लाभ उठाकर लोकभवन के सुंदर और ऐतिहासिक वातावरण में सजीव अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

  • असदुद्दीन ओवैसी का सख्त बयान: AIMIM में किसी को भी पार्टी तोड़ने की कोशिश न करने की चेतावनी

    असदुद्दीन ओवैसी का सख्त बयान: AIMIM में किसी को भी पार्टी तोड़ने की कोशिश न करने की चेतावनी

    नई दिल्ली।  AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के संदर्भ में पार्टी के कॉरपोरेटर्स को सख्त चेतावनी दी है। ओवैसी ने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निगम में किससे गठबंधन करना है या नहीं, इसका निर्णय पूरी तरह से पार्टी करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पार्षद खुद से फैसला नहीं ले सकता, अगर ऐसा हुआ तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    ओवैसी ने कहा, “अगर हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश हुई तो जनता से उन्हें तमाचा मिलेगा। बिहार में हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई थी, जनता ने उन्हें जवाब दिया था।” उन्होंने यह भी कहा कि कॉरपोरेटर AIMIM से चुनकर आए हैं, वे कहीं नहीं जाएंगे।

    कॉरपोरेटर्स के लिए स्पष्ट निर्देश

    ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि बीएमसी में हमारी पार्टी के 8 कॉरपोरेटर जीतकर आए हैं, इसलिए उनसे निवेदन है कि बिना पार्टी की अनुमति के कोई भी निर्णय न लें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई पार्षद स्वतंत्र निर्णय लेगा, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

    विपक्ष के वोटर लिस्ट आरोपों पर जवाब

    वोटर लिस्ट के विवादित आरोपों पर ओवैसी ने कहा कि उनकी टीम ने वोटर लिस्ट की जांच की, और यह सही पाई गई। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के वार्ड में शिवसेना का पार्षद जीत गया, जबकि अमरावती और अकोला में AIMIM के कॉरपोरेटर जीते हैं। इसके अलावा औरंगाबाद में 33 कॉरपोरेटर और बीएमसी में 8 कॉरपोरेटर AIMIM के जीत के गौरवशाली परिणाम हैं।

    कामयाबी में शामिल विभिन्न समुदाय

    ओवैसी ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव के प्रचार पर भी बात की और कहा, “मुझे खेद है कि हम वेस्ट महाराष्ट्र में प्रचार नहीं कर सके। लेकिन हमारी कामयाबी में कई हिन्दू भाई और दलित साथी भी शामिल हैं। जो पार्षद हमारे जीतकर आए हैं, वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।”

    उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के उन वोटरों का धन्यवाद करेंगे, जिन्होंने AIMIM के 125 पार्षदों को चुना। ओवैसी ने अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की और कहा कि उनकी टीम ने कड़ी मेहनत की है।

    बीजेपी पर निशाना और सामाजिक संदेश

    ओवैसी ने बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बालासोर में मॉब लिंचिंग हुई और ओडिशा में बीजेपी की सरकार है। वहां खुलेआम हत्या हो रही है। यह हमारी समाजिक जिम्मेदारी है कि हम ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएं।”

    AIMIM की रणनीति और भविष्य की योजना

    ओवैसी ने यह भी कहा कि पार्टी महाराष्ट्र में स्ट्रॉन्ग और संगठित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेटर और पार्टी कार्यकर्ता जनता की सेवा में लगे रहेंगे और सभी नागर निकायों में पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे। उन्होंने दोहराया कि कोई भी पार्षद स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकता, और पार्टी की नीति के खिलाफ कोई कदम उठाना भारी पड़ सकता है।