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  • मालदा में PM के आगमन पर उत्सव का माहौल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन ने बढ़ाया जोश

    मालदा में PM के आगमन पर उत्सव का माहौल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन ने बढ़ाया जोश

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर शनिवार को खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन के उद्घाटन के लिए सुबह से ही मौजूद थे। आम जनता के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

    प्रधानमंत्री का दौरा और ट्रेन उद्घाटन
    पीएम मोदी ने मालदा टाउन स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर कोच का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने पुराने मालदा बाईपास के पास के मैदान में कई अन्य ट्रेनों का उद्घाटन किया और फिर एक जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर दी गई थीं, और दूर-दूर से लोग उत्सुकता से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

    जनता की प्रतिक्रिया और उत्साह
    भीड़ में मौजूद लोगों ने खुशी और गर्व जताया। एक महिला ने कहा, “पीएम मोदी यहां आकर वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का उद्घाटन कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का पल है।” वहीं एक पुरुष ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत होने जा रही है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा होगी।” एक युवा ने उत्साह जताते हुए कहा कि वे देखना चाहते हैं कि इस ट्रेन में यात्रियों को कौन-कौन सी नई सुविधाएं मिलेंगी।

    जनता की उम्मीदें पीएम मोदी से
    कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग प्रधानमंत्री से अपनी उम्मीदें भी साझा कर रहे थे।

    देवलिना साहा ने कहा कि बंगाल में बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के अवसर बेहतर हों, और उनका मानना है कि भाजपा के आने से आतंक और असुरक्षा खत्म होगी।

    आशा मुंडा ने बंगाल की सुरक्षा मजबूत करने और आदिवासी समुदाय के लिए कदम उठाने की उम्मीद जताई।

    गायत्री सरकार पॉल ने कहा, “यह हमारे शहर के लिए खुशी का पल है। जब भी पीएम मोदी बंगाल आते हैं, वे कुछ नई सौगात लेकर आते हैं।”

    मालदा के लिए खास दिन
    इस प्रकार मालदा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन और वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का उद्घाटन एक ऐतिहासिक और गर्वपूर्ण दिन साबित हुआ। जनता की उमंग और उनकी उम्मीदें इस दिन को और भी खास बना रही थीं।

  • FSL ने दी सफाई, आतिशी के बयान पर स्पीकर ने कहा-अब माफी के अलावा कोई रास्ता नहीं

    FSL ने दी सफाई, आतिशी के बयान पर स्पीकर ने कहा-अब माफी के अलावा कोई रास्ता नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आतिशी मार्जिन के बयान को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि सदन की आधिकारिक रिकॉर्डिंग को विपक्ष की मांग पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में जांच के लिए भेजा गया था और रिपोर्ट अब आ चुकी है। स्पीकर के मुताबिक FSL की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि रिकॉर्डिंग में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और ऑडियो-वीडियो दोनों पूरी तरह मैच करते हैं।
    स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 8 जनवरी को दोनों पक्षों की सहमति से रिकॉर्डिंग FSL को सौंप दी गई थी, लेकिन अगले दिन अचानक पंजाब सरकार की तरफ से अपनी ‘अलтернатив जांच’ का दावा सामने आया और वीडियो को डॉक्टर्ड बताया गया। इसके साथ ही FIR भी दर्ज की गई, जिसे स्पीकर ने “नाटकीय मोड़” करार दिया। अब दिल्ली की FSL रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला और तेज हो गया है, क्योंकि रिपोर्ट ने पहले किए गए दावों को चुनौती दी है।

    स्पीकर का AAP पर हमला, गुरुओं के सम्मान को बताया ठेस
    विजेंद्र गुप्ता ने इस प्रकरण को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि संविधानिक गरिमा और धार्मिक भावनाओं का मामला बताया।

    उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर गुरुओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई और विधानसभा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। स्पीकर ने कहा, “यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” और इस मामले की कड़ी निंदा की।

    आतिशी से माफी की मांग, पंजाब CM को दी चेतावनी
    स्पीकर ने साफ कहा कि FSL रिपोर्ट के बाद अब आतिशी मार्जिन को माफी मांगनी होगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट और ऑडियो-वीडियो में कोई अंतर नहीं है, इसलिए आतिशी को आगे आकर अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए, बयान वापस लेना चाहिए और सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, स्पीकर ने पंजाब के मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि दिल्ली विधानसभा के मामलों में दखल नहीं दें।

  • मुंबई में महत्वपूर्ण मुलाकातें: सर्जियो गोर ने आरबीआई और टाटा ग्रुप से की बातचीत

    मुंबई में महत्वपूर्ण मुलाकातें: सर्जियो गोर ने आरबीआई और टाटा ग्रुप से की बातचीत

    नई दिल्ली।  भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपना कामकाज शुरू कर दिया। सोमवार को नई दिल्ली में जिम्मेदारी संभालने के बाद, 14 जनवरी को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति भवन में अपने क्रेडेंशियल्स सौंपे। इस अवसर पर गोर ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप के भरोसे और अमेरिका सरकार की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर गर्व है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका-भारत साझेदारी सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और तकनीक सहित कई अहम क्षेत्रों में मजबूत होगी और यह साझेदारी 21वीं सदी को परिभाषित करेगी।

    मुंबई में वाणिज्यिक दौरा और प्रमुख मुलाकातें
    अपने कार्यकाल की शुरुआत में सर्जियो गोर सबसे पहले मुंबई यात्रा पर पहुंचे। वहां उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की और दोनों ने सहयोग बढ़ाने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की, जिसमें नई अमेरिकी तकनीक शामिल है। इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए गोर ने कहा, “आरबीआई के गवर्नर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हमने सहयोग बढ़ाने के क्षेत्रों पर चर्चा की।”

    इसके अलावा गोर ने टाटा कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से भी मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि यह एक ऐसा समूह है जिसकी 150 साल पुरानी विरासत है और जिसकी अमेरिका में मजबूत मौजूदगी है।

    ट्रेड और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
    नई दिल्ली में अपने पहले दिन अमेरिकी राजदूत ने भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच 13 जनवरी से ट्रेड वार्ता फिर से शुरू हो गई है और अगली बैठक मंगलवार को होगी। गोर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश होने के कारण डील अंतिम रूप देना आसान काम नहीं है, लेकिन अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड, सुरक्षा, काउंटर टेररिज्म, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग जारी रहेगा।

    भारत अमेरिका का सबसे अहम साझेदार
    सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया और कहा कि आने वाले महीनों और सालों में उनका उद्देश्य एक बड़ा एजेंडा पूरा करना है। उनका मानना है कि दोनों देश सच्चे रणनीतिक साझेदार बनकर काम करेंगे, जिसमें सम्मान, ताकत और नेतृत्व दोनों तरफ से आएगा।

    इस तरह, सर्जियो गोर का कार्यकाल भारत-अमेरिका सहयोग को नई ऊँचाई पर ले जाने और दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

  • सेबी का बड़ा फैसला… एक अफ्रैल से बदल जाएंगे म्यूचुअल फंड से जुड़े ये नियम

    सेबी का बड़ा फैसला… एक अफ्रैल से बदल जाएंगे म्यूचुअल फंड से जुड़े ये नियम


    नई दिल्ली।
    भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) (Securities and Exchange Board of India + SEBI) ने म्यूचुअल फंड (Mutual Fund ) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इसका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, निवेशकों के हितों की सुरक्षा करना और फंड हाउसों में बेहतर गवर्नेंस सुनिश्चित करना है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।


    क्या हैं नए नियम?

    नए नियमों के तहत म्यूचुअल फंड योजनाओं के खर्च ढांचे में अहम बदलाव किए गए हैं। म्यूचुअल फंड योजनाएं अब अपने प्रदर्शन से जुड़ा बेस एक्सपेंस रेशियो वसूल सकेंगी। सेबी ने स्पष्ट किया है कि जो योजनाएं प्रदर्शन आधारित बेस एक्सपेंस रेशियो लेने का विकल्प चुनेंगी, उन्हें बोर्ड द्वारा समय-समय पर तय किए गए खर्च ढांचे और डिस्क्लोजर नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा कुल खर्च को अलग-अलग हिस्सों में दिखाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ब्रोकरेज सीमा में भी सेबी ने कटौती की है। कैश मार्केट में ब्रोकरेज की अधिकतम सीमा को घटाकर 6 बेसिस पॉइंट कर दिया गया है। वहीं डेरिवेटिव सेगमेंट में नेट ब्रोकरेज कैप को 3.89 बेसिस प्वाइंट से घटाकर 2 बेसिस प्वाइंट कर दिया गया है।

    इसके अलावा पहले ब्रोकरेज, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT), स्टांप ड्यूटी और एक्सचेंज फीस जैसे खर्च टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) में शामिल रहते थे। वहीं अब इन्हें अलग-अलग दिखाना होगा। नया बेस एक्सपेंस रेशियो केवल एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा निवेशकों का पैसा मैनेज करने के लिए ली जाने वाली फीस को दिखाएगा। इसके अलावा, सेबी ने ट्रस्टी और प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों (KMPs) की जिम्मेदारियों को भी बढ़ाया है। इससे एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर निगरानी और जवाबदेही और सख्त होगी, जिससे गवर्नेंस मानकों को मजबूती मिलेगी।


    शेयर बाजार में बदलाव के भी प्रस्ताव

    हाल ही में सेबी ने शेयर बाजारों में कारोबार से संबंधित ढांचे में बड़े बदलाव का प्रस्ताव किया। इसका मकसद नियमों को सरल बनाना, दोहराव को हटाना और बाजार सहभागियों के लिए अनुपालन के बोझ को कम करना है। ये प्रस्ताव शेयर बाजारों और जिंस वायदा-विकल्प बाजारों में कारोबारी सुगमता बढ़ाने की सेबी की व्यापक पहल का हिस्सा हैं।

  • अफगानिस्तान के बाजार से बाहर हुईं पाकिस्तानी दवाएं… भारतीय दवाओं की मांग बढ़ी

    अफगानिस्तान के बाजार से बाहर हुईं पाकिस्तानी दवाएं… भारतीय दवाओं की मांग बढ़ी


    काबूल।
    अफगानिस्तान (Afghanistan) में इन दिनों एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Social media platform X) पर फजल अफगान नाम के एक अफगान ब्लॉगर (Afghan blogger) की कहानी इस बदलाव की गवाह है। फजल को सिरदर्द के लिए ‘पारोल’ (तुर्की का ब्रांड) खरीदना था जिसकी कीमत 40 अफगानी थी। लेकिन फार्मासिस्ट ने उन्हें भारत में बनी वही दवा महज 10 अफगानी में दे दी। फजल का कहना है कि भारतीय दवा न केवल चार गुना सस्ती थी, बल्कि उसका असर भी बहुत तेज रहा। यह केवल एक व्यक्ति का अनुभव नहीं है, बल्कि पूरे अफगानिस्तान में भारतीय दवाएं अब पाकिस्तानी दवाओं की जगह ले रही हैं।


    क्यों टूटा पाकिस्तान का वर्चस्व?

    दशकों से अफगानिस्तान अपनी बुनियादी चिकित्सा जरूरतों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर था। वहां की लगभग 70-80% दवाएं पाकिस्तान से आती थीं। लेकिन अक्टूबर-नवंबर 2025 में दोनों देशों के बीच हुई हिंसक सीमा झड़पों के बाद स्थितियां बदल गईं। अफगानिस्तान के उप प्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर ने घटिया गुणवत्ता का हवाला देते हुए पाकिस्तानी दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अफगान व्यापारियों को भारत, ईरान और मध्य एशिया से विकल्प तलाशने को कहा गया। तोरखम और चमन जैसे प्रमुख सीमा व्यापारिक रास्तों के बंद होने से पाकिस्तान से होने वाली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई।


    संकट के समय का सच्चा साथी भारत

    जब अफगानिस्तान दवाओं की कमी से जूझ रहा था, तब भारत ने मानवीय आधार पर मदद का हाथ बढ़ाया। नवंबर 2025 में भारत ने 73 टन जीवन रक्षक दवाओं की खेप काबुल भेजी। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 108 मिलियन डॉलर की दवाएं भेजी थीं, जबकि 2025 के अंतिम महीनों में ही यह आंकड़ा 100 मिलियन को पार कर गया। भारत केवल दवाएं ही नहीं भेज रहा, बल्कि वहां अस्पतालों का निर्माण भी कर रहा है। काबुल में इंदिरा गांधी चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल (400 बेड) इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।


    जाइडस लाइफसाइंसेज का मेगा डील

    भारतीय फार्मा दिग्गज जाइडस लाइफसाइंसेज ने नवंबर 2025 में अफगानिस्तान के ‘रोफी इंटरनेशनल ग्रुप’ के साथ 100 मिलियन डॉलर का समझौता (MoU) किया है। इस समझौते के तहत भारत न केवल दवाएं निर्यात करेगा, बल्कि भविष्य में अफगानिस्तान में ही मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए तकनीक हस्तांतरण भी करेगा। इससे अफगानिस्तान की आयात पर निर्भरता कम होगी और वहां के लोगों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं मिल सकेंगी।

  • MP Morning News: सड़कों की बड़ी सौगात से लेकर राहुल गांधी का इंदौर दौरा , BJP का ‘सहयोग सेल’ और यूनियन कार्बाइड प्रांगण में CM का निरीक्षण

    MP Morning News: सड़कों की बड़ी सौगात से लेकर राहुल गांधी का इंदौर दौरा , BJP का ‘सहयोग सेल’ और यूनियन कार्बाइड प्रांगण में CM का निरीक्षण


    भोपाल । मध्यप्रदेश के लिए आज शनिवार 17 जनवरी का दिन विकास राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। एक ओर प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है तो वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी का इंदौर दौरा भाजपा का नया संगठनात्मक प्रयोग और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यूनियन कार्बाइड प्रांगण भ्रमण सुर्खियों में रहेगा।

    प्रदेश को आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से बड़ी सौगात मिलने जा रही है। विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में वे 4 400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। करीब 181 किलोमीटर लंबी इन परियोजनाओं से मध्य भारत और बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। भोपाल–विदिशा–सागर–राहतगढ़–ब्यावरा जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात पहले से कहीं अधिक सुगम होगा। चार-लेन चौड़ीकरण से यात्रा समय घटेगा ईंधन की बचत होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। ब्लैक स्पॉट सुधार अंडरपास और ज्यामितीय सुधार जैसे कार्य सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगे।

    राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा संगठन आज एक नई पहल की शुरुआत कर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर ‘सहयोग सेल’ की स्थापना की जा रही है। इसका उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की समस्याओं को समयबद्ध तरीके से सुलझाना है। यदि किसी जिले में समस्या का समाधान नहीं होता है तो मामला सीधे प्रदेश संगठन तक पहुंचेगा। इस सेल में प्रदेश और जिला स्तर पर संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को भी इससे जोड़ने पर विचार किया जा रहा है ताकि प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिल सके। साथ ही जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन भी तय कर दिए गए हैं जिससे कार्यकर्ताओं को सीधा संवाद का मौका मिल सके।

    वहीं कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर दौरे पर रहेंगे। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई त्रासदी ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। दर्जनों मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद राहुल गांधी स्वयं पीड़ितों से मिलने आ रहे हैं। वे बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों और बाद में भागीरथपुरा में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करेंगे। करीब तीन घंटे के इस दौरे को कांग्रेस एक बड़े राजनीतिक और मानवीय संदेश के रूप में देख रही है। प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह लगभग 11 बजे यूनियन कार्बाइड प्रांगण का भ्रमण करेंगे। न्यायालय के निर्देश के बाद यूनियन कार्बाइड के ज़हरीले कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वहां स्थिति की समीक्षा करेंगे। 1984 की गैस त्रासदी जिसे मानव इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में गिना जाता है आज भी भोपाल के लिए एक संवेदनशील अध्याय है और सरकार इसे लेकर सतर्क दिखाई दे रही है।

  • कहीं आपके आधार का Misuse तो नहीं हो रहा…. ऐसे करें चेक, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

    कहीं आपके आधार का Misuse तो नहीं हो रहा…. ऐसे करें चेक, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान


    नई दिल्ली।
    आज डिजिटल पहचान दस्तावेज़ों (Digital Identity Documents) में आधार कार्ड (Aadhar card) सबसे प्रमुख से स्वीकार किया जाने वाला प्रमाण है। बैंक खाते खोलने से लेकर मोबाइल सिम लेने, सरकारी सेवाओं से जुड़ने तक हर जगह आधार का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है। हालांकि यह सुविधा सरलता प्रदान करती है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल (misuse) भी एक गंभीर खतरा बन चुका है। जानें कैसे हो रहा यह नया फ्रॉड और कैसे आप इससे बचें।


    ऐसे किया जा रहा ये बड़ा फ्रॉड

    हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार कई लोगों ने अनुभव किया है कि उनके नाम पर बिना उनकी जानकारी के लोन या क्रेडिट स्कोर से जुड़ी गतिविधियां हो रही हैं, जिसके पीछे धोखेबाज़ों द्वारा आधार कार्ड डिटेल्स का उपयोग करने के मामले मिल रहे हैं। ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ितों को तब पता चलता है जब बैंक या क्रेडिट एजेंसियों से नोटिस प्राप्त होता है या उनके क्रेडिट रिकॉर्ड में किसी अज्ञात लोन का जिक्र दिखता है।


    Aadhaar कार्ड का गलत इस्तेमाल एक गंभीर समस्या

    Aadhaar का उपयोग वित्तीय सेवाओं, कर्ज (loan) और बैंकिंग के लिए इंटरैक्शन में किया जाता है। इसलिए यदि किसी के पास आपके आधार कार्ड की डिटेल्स हैं, तो वह इसे अनधिकृत तरीकों से लोन, क्रेडिट कार्ड, बैंक खाते आदि के लिए उपयोग कर सकता है। ऐसे फ्रॉड अक्सर तब उजागर होते हैं जब व्यक्ति को बैंक या क्रेडिट एजेंसी से नोटिस या सूचना प्राप्त होती है कि उसके नाम पर लोन या क्रेडिट असाइनमेंट हुआ है, जबकि उसने ऐसा कुछ नहीं लिया होता।


    मोबाइल से कैसे करें चेक

    सबसे भरोसेमंद तरीका है क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना। CIBIL, Equifax या Experian जैसी प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाइटों पर जाकर आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट मुफ्त में देख सकते हैं। आवश्यक जानकारी भरें → उपयुक्त OTP वेरिफिकेशन करें → रिपोर्ट में अपने नाम से जुड़े सभी लोन, क्रेडिट कार्ड, और बैलेंस की जानकारी देखें। यदि रिपोर्ट में ऐसा कोई लोन दिखाई दे, जिसे आपने कभी लिया ही नहीं है, तो यह धोखाधड़ी का संकेत हो सकता है।


    मोबाइल बैंकिंग/बैंक ऐप द्वारा कैसे चेक करें

    आज बहुत से बैंक और वित्तीय संस्थान मोबाइल ऐप्स या ऑनलाइन पोर्टल्स के जरिये भी ग्राहकों को अपने खाते और लोन स्टेटस की जानकारी देने की सुविधा देते हैं। बैंक ऐप/वेबसाइट में लॉग इन करें। Aadhaar OTP के साथ वेरिफिकेशन करें। देखें कि आपके नाम पर कौन-कौन से लोन एक्टिव हैं। यह तरीका काफी सरल और तेज है और इसे आप मिनटों में कर सकते हैं।


    अगर लोन मिसयूज दिखता है तो तुरंत कदम

    यदि जांच के दौरान कोई अनजान/फर्जी लोन दिखाई पड़े, तो तुरंत ये कार्य करें: – बैंक या कंपनी से संपर्क – RBI की आधिकारिक complaint portal पर शिकायत दर्ज करें – नजदीकी Cyber Crime सेल / पुलिस स्टेशन पर रिपोर्ट दर्ज करें समय रहते शिकायत दर्ज होने से न सिर्फ क्रेडिट स्कोर खराब होने से बचता है, बल्कि आर्थिक नुकसान रोकना भी आसान हो जाता है।

    Aadhaar डिटेल्स शेयर करते समय सावधानियां
    Aadhaar कार्ड की जानकारी किसी के साथ तभी साझा करें जब वह भरोसेमंद वेबसाइट, बैंक, सरकारी पोर्टल या KYC प्रक्रिया के लिए आधिकारिक माध्यम हो। – OTP केवल आधिकारिक संस्थाओं को दें – मोबाइल नंबर लिंकिंग नियमित रूप से चेक करें – Aadhaar को लॉक/अनलॉक फीचर का उपयोग करें यदि संभव छोटा-सा सावधानी का कदम भी बड़े धोखों से बचा सकता है।

  • संजय कपूर की संपत्ति विवाद मामले में कोर्ट ने करिश्मा कपूर से मांगे तलाक के दस्तावेज

    संजय कपूर की संपत्ति विवाद मामले में कोर्ट ने करिश्मा कपूर से मांगे तलाक के दस्तावेज


    मुम्बई।
    पिछले साल सितंबर में, करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) की दो संतान ने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर (Sanjay Kapoor) की संपत्ति में हिस्सा पाने के लिए हाई कोर्ट (High Court) में याचिका दायर की और उनकी 21 मार्च 2025 की वसीयत को चुनौती दी। वसीयत में, संजय कपूर की कथित तौर पर पूरी संपत्ति प्रिया सचदेव कपूर (Priya Sachdev Kapoor) को कर दी गई है। जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने शुक्रवार को प्रिया सचदेव कपूर की याचिका पर अपने कक्ष में सुनवाई की और सूत्रों के अनुसार, करिश्मा कपूर से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।

    सूत्रों ने बताया कि बॉलीवुड अभिनेत्री के वकील ने याचिका का विरोध किया और इसकी स्वीकार्यता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रिया सचदेव कपूर 2016 के समझौते में एक असंबद्ध तीसरी पक्षकार हैं और इस मामले में उनका कोई अधिकार नहीं बनता। करिश्मा कपूर की ओर से वकील रवि शर्मा और अपूर्व शुक्ला पेश हुए, जिन्होंने दलील दी कि सहमति की शर्तें और तलाकनामा पहले से ही प्रिया सचदेव कपूर के पास मौजूद हैं।

    प्रिया कपूर के वकील ने दलील दी कि ये दस्तावेज मौजूदा संपत्ति विवाद से सीधे तौर पर संबंधित हैं, जिसमें वित्तीय प्रावधान, बच्चों को सहायता और तलाक के बाद की जिम्मेदारियों से जुड़े मुद्दे दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष बार-बार उठाए जा चुके हैं। पिछले साल 12 जून को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान गिरने के बाद संजय कपूर का निधन हो गया था। खबरों के अनुसार, उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा था।

  • BMC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत…. मुम्बई में पहली बार बनेगा BJP का मेयर

    BMC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत…. मुम्बई में पहली बार बनेगा BJP का मेयर


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के निकाय चुनाव (Local Body Elections.) में शुक्रवार को भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन (Mahayuti Alliance) को बड़ी जीत मिली। बीएमसी में भी भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन ने मिलकर ठाकरे बंधुओं की शिवसेना यूबीटी और एमएनएस को हरा दिया। शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे तक के आंकड़े के अनुसार, भाजपा 88, शिवसेना 28, शिवसेना यूबीटी 65, एमएनएस 6, कांग्रेस 24 वार्डों में या तो जीत चुकी है या फिर बढ़त बनाए हुए है। बीएमसी में भाजपा का पहली बार मेयर बनने जा रहा है, जोकि भगवा दल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पिछले तीन दशक से बीएमसी की कमान ठाकरे परिवार के पास ही रही है। ऐसे में अब इसमें बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भाजपा की इस जीत के पीछे 5 बड़ी वजहे हैं।


    पीएम मोदी पर जनता का भरोसा

    पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से भाजपा पीएम मोदी के नेतृत्व में विभिन्न चुनावों में जीत दर्ज करती आई है। लोकसभा में लगातार तीन बार से सत्ता में आ रही भाजपा पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी बंपर सीटों से जीती। एक दशक में विपक्ष को भाजपा ने बुरी तरह से उन राज्यों में भी पराजित किया है, जहां कुछ दशक पहले कोई सोच नहीं सकता था। मुंबई में मिली इस जीत के पीछे भी पीएम मोदी का बहुत बड़ा योगदान है। जीत के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी इसका जिक्र किया और कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के विजन के साथ भाजपा ने चुनाव लड़ा और जीत मिली। फिलहाल, विपक्ष के पास पीएम मोदी का तोड़ ढूंढ पाना बहुत मुश्किल दिखाई दे रहा है।


    शिवसेना में टूट

    साल 2019 में शिवसेना और भाजपा की राह तब अलग हो गई, जब विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने ढाई साल के लिए सीएम पद की मांग कर दी। इसके बाद, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने साथ मिलकर सरकार बनाई और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने। हालांकि, 2022 में शिवसेना टूट गई और एकनाथ शिंदे कई विधायकों और सांसदों को अपने साथ ले गए। भाजपा ने शिंदे को सीएम बना दिया। बाद में शिंदे की पार्टी को शिवसेना नाम से जाना गया और उद्धव ठाकरे को शिवसेना यूबीटी। इसके बाद से उद्धव ठाकरे की ताकत लगातार कमजोर होती चली गई। इस बीएमसी चुनाव में भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 28 वार्ड्स में जीत हासिल की और उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के वोट काटे, जिसका सीधा लाभ भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को मिला।


    मनसे के साथ आने पर उत्तर भारतीय शिवसेना यूबीटी से नाराज?

    साल 2006 में अलग पार्टी बनाने वाले राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए उद्धव के साथ गठबंधन किया था। मुंबई में रहने वाले मराठी वोटर्स का मनसे को काफी सपोर्ट मिलता रहा है और इस चुनाव में भी शिवसेना और मनसे के गठबंधन को मराठी मतदाताओं के जमकर वोट पड़े। लेकिन एग्जिट पोल की मानें तो उत्तर भारतीयों का समर्थन भाजपा को ज्यादा मिला। दरअसल, राज ठाकरे की मनसे उत्तर भारतीयों के खिलाफ लंबे समय से हिंसा करती आई है और यही वजह है कि इसका फायदा भाजपा गठबंधन को सीधे तौर पर मिला। मनसे और शिवसेना के गठबंधन ने कुछ खास कमाल नहीं दिखाया और महायुति के सामने हार गया।


    भाजपा ने लगा दी पूरी ताकत, खुद फडणवीस ने संभाली कमान

    बीएमसी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी। खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी कमान संभाली और जमकर प्रचार किया। भाजपा के तमाम महाराष्ट्र के मंत्रियों ने भी चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया और जनता का समर्थन हासिल किया। उद्धव और राज ठाकरे ने भी चुनावी रैलियां कीं और भीड़ भी इकट्ठी हुई, लेकिन वोटों में यह तब्दील नहीं हो सकी। शिवसेना यूबीटी और मनसे के मुकाबले भाजपा और शिवसेना का चुनाव प्रचार ज्यादा मजबूत रहा और यही नतीजों में भी दिखाई दिया।


    उद्धव के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी का भाजपा को फायदा

    देश के सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी पर पिछले लगभग तीन दशकों से ठाकरे परिवार का कब्जा रहा है। पहली बार भाजपा को जीत मिली है। शिवसेना (अविभाजति) को पिछले बार तक भाजपा से ज्यादा वार्ड पर जीत मिली, जिससे उसका लंबे समय तक मेयर रहा। लंबे समय तक राज करने की वजह से शिवसेना यूबीटी के खिलाफ एक एंटी इनकमबेंसी भी बनी और जिसका फायदा सीधे तौर पर भाजपा को मिला। साथ ही, एकनाथ शिंदे की शिवसेना का साथ होने के कारण भाजपा का पलड़ा भारी रहा।

  • MP: बिजली कर्मियों का अजीब कारनामा… रात ढाई बजे कनेक्शन काटने पहुंचे, महिला ने चोर समझ मारे पत्थर

    MP: बिजली कर्मियों का अजीब कारनामा… रात ढाई बजे कनेक्शन काटने पहुंचे, महिला ने चोर समझ मारे पत्थर


    भिण्ड।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड जिले (Bhind district) के लहार में बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों का एक अनूठा कारनामा (Unique feat) सामने आया है। ये कर्मचारी गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे (Around 2:30 AM) एक महिला के घर कनेक्शन काटने पहुंच गए। रात के सन्नाटे में अचानक गेट खटकाने से महिला घबरा गई। जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो कर्मचारी दीवार फांदकर छत पर चढ़ने की कोशिश करने लगे। ऐसे में बदमाशों का हमला समझकर महिला ने बचाव में ईंट-पत्थर फेंक दिए, जिससे सरकारी वाहन का कांच टूट गया। इसके बाद बिजली कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। उधर कर्मचारियों के इतनी रात को महिला के घर पहुंचने के पीछे जो वजह सामने आई है, वह और भी हैरान करने वाली है। दरअसल ये कर्मचारी उस अजीबोगरीब फरमान के बाद इतनी रात को वहां पहुंचे थे, जिसके अनुसार टारगेट पूरा करने का दबाव बनाते हुए उन्हें रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं।


    बच्चों के साथ रहने वाली महिला डरी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजली घर इलाके की निवासी पूनम बघेल अपने घर में 16 वर्षीय बेटी और एक बेटे के साथ अकेली रहती हैं। उनके पति गुजरात के अहमदाबाद में निजी नौकरी करते हैं। 15 जनवरी की रात करीब ढाई बजे गली के बाहर एक वाहन आकर रुका। वाहन से चार-पांच युवक उतरे और सीधे पूनम बघेल के घर की कुंडी खटकाने लगे। तेज आवाज से महिला की नींद खुल गई, युवकों ने खुद को बिजली विभाग का बताते हुए दरवाजा खोलने को कहा। महिला ने इतनी रात में दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह उन्हें नहीं जानती। इस पर कर्मचारियों ने कहा सीढ़ी लाओ छत पर चढ़ते हैं। यह सुनकर महिला और अधिक डर गई। आशंका में महिला छत पर चढ़ गई और बचाव में ईंट-पत्थर फेंकने लगी। छत से पथराव होता देख बिजली कर्मचारी जान बचाकर भाग खड़े हुए। इस दौरान कुछ ईंट-पत्थर सरकारी वाहन पर लगे जिससे उसका कांच टूट गया।

    कर्मचारियों ने की मामले को दबाने की कोशिश
    रात की घटना के बाद कर्मचारियों ने जेई नवीन शुक्ला के कहने पर मामले को दबा लिया और किसी को जानकारी नहीं दी। जब वाहन सरकारी कार्यालय पहुंचा और टूटा कांच दिखाई दिया, तब कर्मचारियों से सवाल किए गए। इसके बाद रात की घटना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी भड़क गईं और महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।


    रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो उल्टा पुलिस ने दागे सवाल

    शुक्रवार दोपहर में पुलिस थाने में शिकायत दी गई। जब मामला लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने सवाल किया कि रात ढाई बजे बकायादार के घर कौन जाता है। पुलिस के सवालों पर बिजली कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने महिला को भी थाने बुलाया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह घर में अकेली रहती है। रात में कुछ लोग नशे जैसी हालत में उसके घर की कुंडी खटका रहे थे और जबरन छत पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। डर के कारण उसने आत्मरक्षा में ईंट-पत्थर फेंके। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत भी पुलिस को दी है।


    कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव

    इसी बीच सूत्रों के अनुसार उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी ने मार्च क्लोजिंग के नाम पर बिजली कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव बना रखा है। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं। कर्मचारियों के अनुसार, रात की टीम का नेतृत्व जेई करते हैं और कई बार कर्मचारी नशे की हालत में ड्यूटी पर रहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आदेश न मानने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती है, जिससे वे भयभीत हैं।

    जिले के महाप्रबंधक अमरेश शुक्ला ने बताया कि रात में टीम पर हमला हुआ और वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। आवेदन थाने में दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भिण्ड एसपी को देकर निष्पक्ष जांच का आग्रह किया गया है। लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव का कहना है कि दोनों पक्षों से आवेदन मिले हैं। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।