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  • रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत

    रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा शहर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवक ने देर रात अपने घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में खुद को गोली मार ली। मृतक की पहचान प्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू के रूप में हुई हैजो एक अस्पताल के प्रबंधनकार्य से जुड़े थे। घटना के बाद से पूरे शहर में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

    सोने से पहले गूंजी धमाके की आवाज

    जानकारी के मुताबिकयह दुखद घटना शहर के पीटीएस स्थित यूनियन बैंक के पीछे रहने वाले प्रतीक सिंह के घर पर हुई। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजेजब पूरा परिवार सोने की तैयारी कर रहा थातभी अचानक प्रतीक के कमरे से गोली चलने की जोरदार आवाज आई। धमाके की आवाज सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास होकर प्रतीक के कमरे की ओर दौड़े।

    जमीन पर तड़पते मिले प्रतीक

    कमरे का दरवाजा खोलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रतीक सिंह लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़े तड़प रहे थे। उन्होंने पिस्टल को अपने मुंह के भीतर डालकर फायर किया थाजिससे गोली सीधे सिर के पार निकल गई थी। परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

    वेंटिलेटर पर तोड़ा दम

    अस्पताल में प्रतीक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। अंदरूनी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

    जांच में जुटी पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर प्रतीक ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। मौके से पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।मृतकप्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू अस्पताल प्रबंधकस्थान पीटीएस क्षेत्रयूनियन बैंक के पीछेरीवा। घटना का तरीका मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोली। हालत इलाज के दौरान वेंटिलेटर पर हुई मौत।

  • करीना कपूर-सैफ अली खान और सोहा के लिए शुरू हुआ 'क्रिसमस' वीक, दादी शर्मिला के साथ दिखे क्यूट जेह और तैमूर

    करीना कपूर-सैफ अली खान और सोहा के लिए शुरू हुआ 'क्रिसमस' वीक, दादी शर्मिला के साथ दिखे क्यूट जेह और तैमूर


    नई दिल्ली ।सोहा अली खान हर साल क्रिसमस बड़ी ही धूम-धाम से मनाती आई हैं। इस बार उनका क्रिसमस वीक आज से शुरू हो चुका है। क्रिसमस पार्टी में सोहा के साथ दिखीं उनकी भाभी करीना कपूर खान, भाई सैफ अली खान, सोहा की मां शर्मिला टैगोर, क्यूट जेह और तैमूर अली खान।
    सोहा का पोस्ट
    सोहा अली खान के लिए क्रिसमस आज से शुरू हो चुका है। इस क्रिसमस वीक की शुरुआत उन्होंने अपने भाई सैफ अली खान और भाभी करीना कपूर खान के साथ की। इस दौरान इस पार्टी में जेह और तैमूर भी नजर आए। इस पार्टी में सोहा की मां शर्मिला टौगोर भी शामिल हुईं। इन तस्वीरों में सोहा की बेटी इनाया खेमू भी नजर आईं, लेकिन सभी का ध्यान खींचा सांता क्लॉज ने।
    सोहा के लिए आज से शुरू हुआ क्रिसमस
    सोहा ने इंस्टाग्राम पर क्रिसमस वीक की इन तस्वीरों को शेयर किया और साथ ही कैप्शन में लिखा कि उनके लिए आज से क्रिसमस वीक की शुरुआत हो चुकी है। यानी कि आज से 25 तारीख तक सोहा क्रिसमस सेलिब्रेट करती रहेंगी।

    करीना, सैफ और सोहा का करियर

    करीना कपूर जल्द ही फिल्म दायरा में नजर आएंगी। इस फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार कर रही हैं। इस फिल्म में करीना के साथ साउथ एक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आएंगे। वहीं सैफ अली खान की बात करें तो सैफ फिल्म ‘हैवान’ में नजर आएंगे। इस हॉरर फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार नजर आएंगे। सोहा की बात करें तो उन्हें आखिरी बार फिल्म ‘छोरी 2’ में देखा गया था।
  • 200 लोग लाओ 2 करोड़ के काम पाओ' ग्वालियर प्रभारी मंत्री का पार्षदों को बड़ा ऑफरअमित शाह के दौरे की तैयारी

    200 लोग लाओ 2 करोड़ के काम पाओ' ग्वालियर प्रभारी मंत्री का पार्षदों को बड़ा ऑफरअमित शाह के दौरे की तैयारी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आगामी 25 दिसंबर को प्रस्तावित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण दौरे को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रभारी मंत्री ने एक अनोखा ऑफर पेश किया है। उन्होंने भाजपा पार्षद दल की बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो पार्षद कार्यक्रम में 200 लोगों की भीड़ लेकर आएगाउसके वार्ड में 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव पास कराए जाएंगे।

    बाल भवन में हुई पार्षद दल की बैठक

    नगर निगम के बाल भवन स्थित नवीन टीएलसी कक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रभारी मंत्री ने पार्षदों के साथ सीधा संवाद किया। बैठक का मुख्य एजेंडा अमित शाह के भव्य स्वागत और जनसभा में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना था। सिलावट ने प्रत्येक पार्षद को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 200-200 लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाना है।

    वाहनों की चिंता छोड़ेंहम करेंगे व्यवस्था

    बैठक के दौरान जब पार्षदों ने लोगों को लाने-ले जाने के संसाधनों पर सवाल उठाएतो प्रभारी मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने कहा”वाहनों की चिंता आप लोग बिल्कुल न करेंवह सारी व्यवस्था हम सरकार संगठन कराएंगे। आपका काम बस लोगों को प्रेरित कर कार्यक्रम तक पहुंचाना है।

    कार्यकाल खत्म होने से पहले पूरे होंगे काम

    मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पार्षदों को लुभाते हुए कहा कि अब आप लोगों के कार्यकाल में केवल डेढ़ साल का समय शेष रह गया हैइसलिए विकास की रफ्तार बढ़ाने का यह सही मौका है। उन्होंने प्रत्येक पार्षद को दो-दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। जब पार्षदों ने बजट और वित्तीय वर्ष को लेकर सवाल कियातो मंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया”आपका कार्यकाल समाप्त होने से पहले ये सभी काम जमीन पर उतर जाएंगे।

    सीएम से मुलाकात का भी बोनस ऑफर

    भीड़ जुटाने के इस टारगेट के साथ प्रभारी मंत्री ने एक और बड़ा दांव खेला है। उन्होंने पार्षदों को मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का भी ऑफर दिया। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना चाहती है ताकि केंद्रीय नेतृत्व के सामने ग्वालियर की ताकत दिखाई जा सके मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिसंबर । टारगेट प्रति वार्ड कम से कम 200 लोगों की उपस्थिति। इनाम प्रति पार्षद 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति। रणनीति कार्यकाल समाप्त होने से पहले विकास कार्यों को गति देना।

  • अमेरिका ने स्वेच्छा से देश छोड़ने वाले अवैध प्रवासियों को 3,000 डॉलर और मुफ्त हवाई टिकट देने की घोषणा की।

    अमेरिका ने स्वेच्छा से देश छोड़ने वाले अवैध प्रवासियों को 3,000 डॉलर और मुफ्त हवाई टिकट देने की घोषणा की।


    नई दिल्ली।अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग DHS ने अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे प्रवासियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। इसमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। विभाग ने सेल्फ-डिपोर्टेशन यानी स्वेच्छा से अपने देश लौटने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 1,000 डॉलर से बढ़ाकर 3,000 डॉलर कर दी है। इसके साथ ही सरकार की ओर से मुफ्त हवाई टिकट भी दिया जाएगा, ताकि प्रवासी बिना किसी खर्च के अपने देश लौट सकें।

    31 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन करने पर मिलेगा लाभ

    DHS के अनुसार, जो प्रवासी 31 दिसंबर तक CBP One ऐप के जरिए सेल्फ-डिपोर्टेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराएंगे, वे इस योजना का पूरा लाभ उठा सकेंगे। ऐसे लोगों को 3,000 डॉलर नकद, सरकार द्वारा प्रायोजित यात्रा और वीजा अवधि से अधिक रुकने पर लगने वाले नागरिक जुर्माने या दंडों से छूट मिलेगी।

    तेज, मुफ्त और आसान प्रक्रिया

    गृह सुरक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को तेज, मुफ्त और आसान बताया है। इसके लिए केवल CBP One ऐप डाउनलोड कर अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। यात्रा की पूरी व्यवस्था अमेरिकी सरकार करेगी, जिससे प्रवासियों को किसी तरह की भागदौड़ न करनी पड़े।

    विकल्प नहीं चुना तो सख्त कार्रवाई

    DHS ने साफ चेतावनी दी है कि जो अवैध प्रवासी इस योजना का लाभ नहीं लेंगे, उन्हें गिरफ्तार कर निर्वासित किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में अमेरिका में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में चल रहे सख्त आव्रजन अभियान का हिस्सा है।

    निर्वासन खर्च में 70% तक कटौती का दावा

    विभाग का दावा है कि सेल्फ-डिपोर्टेशन से निर्वासन की लागत में करीब 70 प्रतिशत तक कमी आएगी। मई 2025 तक एक अवैध प्रवासी को गिरफ्तार करने, हिरासत में रखने और निर्वासित करने की औसत लागत 17,121 डॉलर आ रही थी।

    सीमित समय का मौका

    गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने इसे सीमित समय का अवसर बताते हुए कहा कि अमेरिकी करदाताओं के पैसे बचाने के लिए यह प्रोत्साहन बढ़ाया गया है। उन्होंने अवैध प्रवासियों से अपील की कि वे इस मौके का लाभ उठाएं।

    2026 में और सख्ती की तैयारी

    DHS के मुताबिक जनवरी 2025 से अब तक करीब 19 लाख अवैध प्रवासी स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ चुके हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि 2026 में और सख्त आव्रजन अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत नई फंडिंग, अधिकारियों की भर्ती और हिरासत क्षमता बढ़ाने की योजना है।

  • पूर्व विधायक के पोते पर जूनियर डॉक्टरों का हमला शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में हंगामा

    पूर्व विधायक के पोते पर जूनियर डॉक्टरों का हमला शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में हंगामा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के बाहर चाय की दुकान पर पूर्व विधायक ओम प्रकाश खटीक के पोते देबू खटीक और उनके साथ भाजपा नेता प्रशांत राठौर और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष के बेटे नलिन पंडित पर जूनियर डॉक्टरों ने हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ये तीनों युवक चाय पीने पहुंचे थे और जूनियर डॉक्टरों के साथ उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।

    पुलिस के अनुसारविवाद की शुरुआत तब हुई जब जूनियर डॉक्टर अपनी एप्रेन एक कुर्सी पर रखकर चाय पी रहे थे। युवकों ने एप्रेन हटाने के लिए कहालेकिन जब डॉक्टरों ने ऐसा करने से मना कियातो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई। इसके बादजूनियर डॉक्टरों ने मिलकर युवकों पर हमला कर दिया।

    युवक अपनी जान बचाने के लिए वहां से कार में भागेलेकिन जूनियर डॉक्टरों ने उनका पीछा किया और कार पर पथराव कर दिया। इस हमले में कार का कांच टूट गया और गेट भी डेमेज हो गए। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है।

    घटना के बादजूनियर डॉक्टरों का एक दल कोतवाली थाने पहुंचाजहां उन्होंने अपनी ओर से बयान दिया कि युवकों ने पहले कुछ डॉक्टरों से मारपीट की थी। पुलिस ने पूछा कि अगर वे घायल थे तो वे थाने क्यों नहीं आएलेकिन इस पर जूनियर डॉक्टर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई जो पुलिस की मध्यस्थता से अधिक बढ़ नहीं पाई।

    टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने डॉक्टरों से समझाइश देने की कोशिश की और कहा कि इस तरह के बेवजह के झगड़े ठीक नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर सकती है। इस पर जूनियर डॉक्टरों ने कड़ी आवाज में प्रतिक्रिया दी कि क्रिया की प्रतिक्रिया तो होगीचाहे फिर कुछ भी हो। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों को सुरक्षा के लिए कोतवाली में बिठा लिया। इस घटना से मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बन गया हैऔर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

  • उज्जैन स्टेशन पर यात्री को आया हार्ट अटैक, टीटीई ने दिया CPR; स्ट्रेचर न मिलने पर ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल

    उज्जैन स्टेशन पर यात्री को आया हार्ट अटैक, टीटीई ने दिया CPR; स्ट्रेचर न मिलने पर ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल


    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई जिसने रेलवे स्टेशनों पर आपात चिकित्सा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। ट्रेन में चढ़ते समय एक यात्री को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। मौके पर मौजूद टिकट निरीक्षक ने तत्काल CPR देकर जान बचाने का प्रयास किया लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा और जरूरी संसाधन उपलब्ध न होने के कारण यात्री की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।यह घटना 21 दिसंबर की शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18233 खड़ी थी। इसी दौरान संजू रजवाड़े नामक यात्री कोच A1 के पास से जनरल डिब्बे की ओर दौड़ते हुए ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही वह ट्रेन में चढ़ने के करीब पहुंचा अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ा।

    प्लेटफॉर्म पर मची अफरा-तफरी
    यात्री के गिरते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच मौके पर मौजूद इंदौर में पदस्थ मुख्य टिकट निरीक्षक कृपाशंकर पटेल ने बिना समय गंवाए यात्री की मदद शुरू की। उन्होंने तुरंत CPR देना शुरू किया जिससे कुछ देर बाद यात्री की पल्स में हल्का सुधार देखा गया। यात्रियों का कहना है कि अगर यह त्वरित प्रतिक्रिया नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

    डॉक्टर और स्ट्रेचर नहीं मिले समय पर

    CPR के बाद यात्री को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता थी। रेलवे अधिकारियों ने सीएमआई कंट्रोल रतलाम को सूचना देकर स्टेशन पर डॉक्टर भेजने का अनुरोध किया। हालांकि डॉक्टर समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सका। इसी बीच एक और बड़ी समस्या सामने आई-प्लेटफॉर्म पर मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं था।स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने काफी देर तक स्ट्रेचर का इंतजार किया लेकिन जब कोई व्यवस्था नहीं हो सकी तो उन्होंने खुद निर्णय लिया कि मरीज को और देर तक प्लेटफॉर्म पर रखना खतरे से खाली नहीं है।

    ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल

    मजबूरी में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने स्टेशन पर सामान ढोने में इस्तेमाल होने वाली लोहे की ट्रॉली का सहारा लिया। उसी ट्रॉली पर संजू रजवाड़े को लिटाकर स्टेशन परिसर से बाहर ले जाया गया और वहां से एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया लेकिन अत्यधिक समय बीत जाने और दिल का दौरा गंभीर होने के कारण यात्री की जान नहीं बचाई जा सकी।

    वीडियो वायरल उठे सवाल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे की आपात व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि उज्जैन जैसे बड़े और व्यस्त रेलवे स्टेशन पर अगर समय पर डॉक्टर और स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हैं तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है।
    लोगों का यह भी कहना है कि यदि मौके पर मौजूद टिकट निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों ने तत्परता नहीं दिखाई होती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

    फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि यह घटना सार्वजनिक स्थानों खासकर रेलवे स्टेशनों पर त्वरित चिकित्सा सहायता प्रशिक्षित स्टाफ और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।यह हादसा बताता है कि आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए रेलवे को अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करना होगा।

  • ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’: अमित शाह होंगे शामिल, अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत और विकास पर होगा मंथन

    ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’: अमित शाह होंगे शामिल, अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत और विकास पर होगा मंथन


    ग्वालियर।पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक भव्य और बहुआयामी आयोजन किया जा रहा है। अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समिट को राज्य के औद्योगिक विकासनिवेश संभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    राज्य सरकार और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह समिट अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और विकास दृष्टि को समर्पित रहेगा। आयोजन में देश-विदेश से उद्योगपतिनिवेशकनीति विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी भाग लेंगे। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना हैसाथ ही ग्वालियर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता से सामने लाना है।

    अटल जी के जीवन पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी

    समिट के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगाजो अटल बिहारी वाजपेयी के संपूर्ण जीवन और योगदान को दर्शाएगी। इस प्रदर्शनी में उनके जन्मशिक्षाराजनीतिक संघर्षप्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी को छह अलग-अलग खंडों में विभाजित किया गया हैजिनमें से एक खंड पूरी तरह अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और विचारों को समर्पित होगा।

    ग्वालियर और अटल जी का गहरा संबंध

    ग्वालियर को अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक शहर माना जाता है। यहीं स्थित उनका पैतृक निवास आज भी संरक्षित हैजहां एक पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसारअटल जी के व्यक्तित्व और विचारधारा के निर्माण में ग्वालियर की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका इस शहर से भावनात्मक जुड़ाव बना रहा।

    ग्वालियर वॉल बनेगी प्रमुख आकर्षण

    समिट में प्रदर्शनी का एक प्रमुख हिस्सा ग्वालियर वॉल होगाजिसमें शहर की ऐतिहासिक धरोहरोंपर्यटन स्थलोंसंगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जाएगा। इसके माध्यम से ग्वालियर को एक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावामध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को मॉडल्स और विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाया जाएगा।

    उद्योग और निवेश को मिलेगा मंच

    समिट में उद्योग और निवेश से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। एक अलग खंड में राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियोंनिवेश प्रक्रियाभूमि आवंटनप्रोत्साहन योजनाओं और प्रशासनिक सहयोग की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य निवेशकों और उद्योगपतियों को सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना हैताकि वे राज्य में निवेश को लेकर स्पष्ट निर्णय ले सकें।

    क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट केवल एक औद्योगिक सम्मेलन नहीं हैबल्कि यह अटल बिहारी वाजपेयी की विरासतग्वालियर की ऐतिहासिक पहचान और मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को एक साथ प्रस्तुत करने का मंच है। यह आयोजन राज्य के लिए आर्थिक विकासरोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण-तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट के जरिए ग्वालियर एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी ऐतिहासिक सांस्कृतिक और आर्थिक भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत करने जा रहा है।

  • पिता की जमानत, बेटे की बोली, हॉलीवुड के सबसे बड़े सौदे की कहानी

    पिता की जमानत, बेटे की बोली, हॉलीवुड के सबसे बड़े सौदे की कहानी

    वाशिंगटन। हॉलीवुड की मशहूर कंपनी वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को खरीदने की होड़ में एक नया और दिलचस्प मोड़ आया है। ओरेकल कंपनी के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल लैरी एलिसन ने इस सौदे के लिए अपनी निजी जमानत देने का फैसला किया है। यह कदम पैरामाउंट स्काइडेंस कंपनी द्वारा वॉर्नर ब्रदर्स को खरीदने की अपनी पेशकश को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

    वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के बोर्ड ने पिछले हफ्ते पैरामाउंट की पेशकश को ठुकराते हुए नेटफ्लिक्स के साथ समझौते का रास्ता चुना था। उनकी एक बड़ी आपत्ति यही थी कि पैरामाउंट के पास सौदे को पूरा करने के लिए पर्याप्त पैसा साबित नहीं है और एलिसन परिवार की तरफ से कोई पूरी निजी गारंटी नहीं है।

    बोर्ड का कहना था कि पैरामाउंट ने शेयरधारकों को गुमराह किया है क्योंकि उसकी पिछली प्रस्तावित इक्विटी प्रतिबद्धता के लिए “एलिसन परिवार की कोई प्रतिबद्धता किसी भी तरह की नहीं है”।

    उन्होंने साफ किया था कि इसका एकमात्र समाधान लैरी एलिसन की निजी जमानत ही हो सकती है। पैरामाउंट ने अब सोमवार को जारी एक सरकारी दस्तावेज में एलिसन की इस ‘अपरिवर्तनीय व्यक्तिगत गारंटी’ की पुष्टि की है ।
    40.4 अरब डॉलर का निजी भरोसा

    लैरी एलिसन ने पैरामाउंट स्काइडेंस की तरफ से की गई पेशकश के लिए 40.4 अरब डॉलर की इक्विटी फाइनेंसिंग की निजी जमानत देने का वादा किया है। उन्होंने यह भी सहमति दी है कि जब तक यह लेन-देन पूरा नहीं हो जाता, वह ‘एलिसन फैमिली ट्रस्ट’ को रद्द नहीं करेंगे और न ही उसकी संपत्तियों को कहीं और ले जाएंगे।

    पैरामाउंट ने यह भी बताया है कि इस ट्रस्ट के पास ओरेकल कंपनी के लगभग 1.16 अरब शेयर हैं, जिससे इसकी वित्तीय ताकत का पता चलता है । लैरी एलिसन की कुल संपत्ति लगभग 243 अरब डॉलर आंकी गई है ।
    दो दिग्गजों की टक्कर: पैरामाउंट बनाम नेटफ्लिक्स

    यह मामला असल में हॉलीवुड की कीमती संपत्तियों को लेकर पैरामाउंट और नेटफ्लिक्स के बीच की जंग है ।
    पैरामाउंट स्काइडेंस की पेशकश

    पैरामाउंट, जिसका नेतृत्व लैरी एलिसन के बेटे डेविड एलिसन कर रहे हैं, वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की पूरी कंपनी (इसके केबल टीवी नेटवर्क्स सहित) 108.4 अरब डॉलर में खरीदना चाहता है। यह पेशकश प्रति शेयर 30 डॉलर नकद के हिसाब से है, जो नेटफ्लिक्स की पेशकश से ज्यादा है। पैरामाउंट का दावा है कि यह सौदा शेयरधारकों के लिए ज्यादा फायदेमंद है और इससे कंटेंट का उत्पादन बढ़ेगा ।
    नेटफ्लिक्स की पेशकश

    नेटफ्लिक्स लगभग 83 अरब डॉलर में सिर्फ वॉर्नर ब्रदर्स के स्टूडियो और स्ट्रीमिंग बिजनेस (जैसे HBO, HBO Max) को खरीदना चाहता है। वॉर्नर ब्रदर्स के समाचार और खेल चैनलों (जैसे CNN, TNT) को एक अलग कंपनी में बदल दिया जाएगा ।

    बाजार और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
    इस खबर का बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिला। वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के शेयरों में 3.5% से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जबकि पैरामाउंट स्काइडेंस के शेयर 4% से भी ज्यादा चढ़े। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स के शेयरों में 1% से अधिक की गिरावट आई। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि पैरामाउंट अभी भी मुश्किल स्थिति में है।

    पीपी फोरसाइट के विश्लेषक पाओलो पेस्काटोर के अनुसार, यह कदम सही दिशा में उठाया गया है, लेकिन संभव है कि यह पर्याप्त न हो । एसएंडपी ग्लोबल के एक अन्य विश्लेषक सेठ शाफर का कहना है कि शायद ही कोई शेयरधारक सिर्फ लैरी एलिसन की गारंटी न मिलने की वजह से सौदे के खिलाफ वोट दे रहा होगा, यानी और भी मुद्दे हैं।
    आगे की राह: मंजूरी और राजनीति

    यह लड़ाई अब सिर्फ शेयरधारकों तक सीमित नहीं रही। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस मामले में दिलचस्पी दिखा चुके हैं। उन्होंने कहा है कि नेटफ्लिक्स का बाजार में हिस्सा बहुत बड़ा है और वॉर्नर ब्रदर्स के साथ मिलकर यह और बढ़ जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सौदे को विनियामक मंजूरी देने के फैसले में वह “शामिल” होंगे। दोनों में से किसी भी सौदे को अमेरिका और यूरोप में प्रतिस्पर्धा कानून की कड़ी जांच का सामना करना पड़ेगा।
    शेयरधारकों का वोट और सरकारी मंजूरी का इंतजार

    लैरी एलिसन की 40.4 अरब डॉलर की निजी जमानत ने वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को खरीदने की जंग में पैरामाउंट की पेशकश को एक नया जीवन दिया है। यह कदम सीधे तौर पर वॉर्नर ब्रदर्स के बोर्ड की चिंता का जवाब है। क्या यह बदलाव वॉर्नर ब्रदर्स के बोर्ड और शेयरधारकों को नेटफ्लिक्स के बजाय पैरामाउंट के साथ जाने के लिए राजी कर पाएगा। अगला पड़ाव शेयरधारकों का वोट और सरकारी मंजूरी का इंतजार होगा।

  • बॉर्डर 2 में सनी देओल संग नजर आएंगे धुरंधर अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी

    बॉर्डर 2 में सनी देओल संग नजर आएंगे धुरंधर अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी

    मुंबई। बॉर्डर 2 का इंतजार कर रहे फैंस के लिए एक गुड न्यूज आई है। बॉर्डर 2 जिसमें पहले पार्ट से सिर्फ सुनील शेट्टी लीड रोल में थे, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी के साथ अब फिल्म में पुराने 2 किरदार और जुड़ने वाले हैं और वह हैं अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी। इसके अलावा फिल्म में क्या खास होने वाला है, आपको बताते हैं।

    कैसे होगा कैमियो

    एक रिपोर्ट के मुताबिक 1998 की बॉर्डर फिल्म से 3 एक्टर्स को लिया जाएगा, छोटे कैमियो के लिए। पहली फिल्म 1971 इंडिया पाकिस्तान वॉर पर आधारित थी। वहीं बॉर्डर 2 भी 1971 इंडिया-पाकिस्तान वॉर के बैकड्रॉप पर है तो ऐसे में जो ओरिजनल फिल्म के किरदार हैं वो नए फिल्म के किरदारों से मिलेंगे। डायरेक्टर अनुराग और प्रोड्यूसर राइटर निधि दत्ता ने सोचा कि पहले पार्ट के किरदारों को लेकर इसे यादगार बनाया जा सकता है।
    साथ दिखेंगे सुनील शेट्टी और अहान

    रिपोर्ट्स के मुताबिक पुरानी और नई फिल्म के करेक्टर्स 1971 वॉर की शुरुआत से पहले मिलेंगे।

    यह काफी शानदार आइडिया है क्योंकि इसके जरिए पिता-बेटे सुनील शेट्टी और अहान को साथ में फैंस देख पाएंगे।

    वहीं जो 3 किरदार हैं उन्हें डिजिटली डी एज किया जाएगा यानी कि उन्हें पहली बॉर्डर की तरह जवान किया जाएगा क्योंकि बॉर्डर की रिलीज को 28 साल हो गए हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक नवंबर में अक्षय और सुदेश ने अपने-अपने पोर्शन की शूटिंग कर ली है मुंबई में। सुनील का पार्ट ग्रीन स्क्रीन पर शूट हुआ हुआ है क्योंकि किसी दूसरे प्रोजेक्ट्स की वजह से उनका लुक अलग है और स्पेशल एफेक्ट्स से उन्हें पहले वाले लुक में दिखाएंगे।
    कब होगी बॉर्डर 2 रिलीज

    बॉर्डर 2 के बारे में बता दें कि इसे अनुराग सिंह डायरेक्ट कर रहे हैं। फिल्म में सोनम बाजवा, मोना सिंह, मेधा राणा, परमवीर चीमा, गुरमीत संधु और आन्या सिंह हैं। फिल्म 23 जनवरी 2026 को रिलीज होगी।

  • उद्घाटन में देर से पहुंचे मेयर, ट्रेन उनके बिना ही हो गई रवाना; वायरल हुआ वीडियो

    उद्घाटन में देर से पहुंचे मेयर, ट्रेन उनके बिना ही हो गई रवाना; वायरल हुआ वीडियो


    नई दिल्ली । उद्घाटन में देर से पहुंचे मेयर ट्रेन उनके बिना ही हो गई रवाना; वायरल हुआ वीडियो मेयर प्लेटफॉर्म पर ही रह गए जबकि ट्रेन बिना रुके आगे बढ़ गई। इस घटना का वीडियो कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में मेयर को अपनी टीम के साथ दौड़ते और ट्रेन के जाते हुए देखा जा सकता है।मेक्सिको के जलिस्को में 15 दिसंबर को लाइट रेल लाइन 4 का उद्घाटन हुआ।
    यह 21 किलोमीटर लंबी लाइन 8 स्टेशनों को जोड़ती है और दक्षिणी क्षेत्र में यातायात की समस्याओं को कम करने के लिए बनाई गई है। हालांकि समारोह के दौरान एक मजेदार घटना हुई जिसने इसे खास बना दिया। पहली यात्रा के लिए ट्रेन में सवार होने का समय हो चुका था। मेयर क्विरिनो वेलाज्क्वेज थोड़ी देर से पहुंचे और अपनी टीम के साथ दौड़ते हुए ट्रेन तक पहुंचे। वे ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन इससे पहले कि वे सवार हो पाते दरवाजे बंद हो गए और ट्रेन तय समय पर रवाना हो गई।
    मेयर प्लेटफॉर्म पर ही रह गए जबकि ट्रेन बिना रुके आगे बढ़ गई। इस घटना का वीडियो कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में मेयर को अपनी टीम के साथ दौड़ते और ट्रेन के जाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को एक्स लाखों बार देखा जा चुका है खासकर भारत में जहां लोगों ने इसे भारतीय वीआईपी कल्चर से तुलना की। कई यूजर्स ने ट्रेन की समय पालन की तारीफ की और कहा कि भारत में मंत्री के लिए ट्रेन रोक दी जाती।

    वायरल वीडियो पर क्या बोले मेयर
    मेयर ने खुद इस वीडियो को अपने अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा ‘चिंता मत कीजिए। अगली ट्रेन सिर्फ 9 मिनट में आएगी।’ बता दें कि उद्घाटन समारोह में मेयर पाब्लो लेमुस नवारो और नगर के मेयर गेरार्डो क्विरिनो वेलाज्क्वेज चावेज मौजूद थे। इस लाइन से रोजाना करीब 1.16 लाख यात्रियों को फायदा होने की उम्मीद है। शुरुआती दिनों में यात्रा मुफ्त रखी गई है। कुछ समय बाद इसका किराया तय किया जाएगा