Blog

  • मंत्रियों के विवादों पर घिरी महाराष्ट्र सरकार सुप्रिया सुले बोलीं- यह राज्य की छवि के लिए बुरा

    मंत्रियों के विवादों पर घिरी महाराष्ट्र सरकार सुप्रिया सुले बोलीं- यह राज्य की छवि के लिए बुरा


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र सरकार में एनसीपी अजित पवार गुट के दो मंत्रियों पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है एनसीपी शरद पवार गुट की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रम महाराष्ट्र की छवि के लिए बुरा है और दिल्ली तक में लोग सवाल पूछ रहे हैं कि राज्य में आखिर चल क्या रहा है ।
    सुप्रिया सुले ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार में शामिल दो बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगे हैं उन्होंने बताया कि दिल्ली में उनसे लोग पूछ रहे थे कि महाराष्ट्र में एक और मंत्री का विकेट गिर गया उनके मुताबिक इस तरह की बातें राज्य की छवि को खराब करती हैं और जनता में गलत संदेश जाता है उन्होंने साफ कहा कि यह स्थिति किसी भी तरह से अच्छी नहीं कही जा सकती  ।
    माणिकराव कोकाटे मामले पर चिंता
    पूर्व मंत्री माणिकराव कोकाटे को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि किसानों के बारे में जिस तरह की बातें कही गईं वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं फिलहाल कोकाटे अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें सही इलाज मिलना चाहिए यह जरूरी है
    मनरेगा के नाम को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाने का फैसला गलत है उनका कहना है कि इससे न सिर्फ प्रतीकात्मक नुकसान हुआ है ।
    बल्कि आगे चलकर राज्यों को मिलने वाली फंडिंग पर भी असर पड़ेगा उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से राज्य सरकारों को नुकसान होगा और गरीबों से जुड़ी योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है एनसीपी अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर सुप्रिया सुले ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में स्थानीय नेता ही फैसला लेंगे उन्होंने बताया कि पवार साहब पहले ही कह चुके हैं कि इस पर निर्णय जमीनी स्तर पर लिया जाएगा ।

    नीतीश कुमार के बुर्का विवाद पर प्रतिक्रिया
    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े बुर्का विवाद पर सुप्रिया सुले ने संवेदनशील रुख अपनाया उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की परंपरा और पहनावा उसका निजी विषय होता है घूंघट लेना हो या बुर्का पहनना यह परिवार की अपनी परंपरा है नीतीश कुमार एक वरिष्ठ नेता हैं और इस तरह के विवादों से हमें दुख होता है ।
  • राजा रघुवंशी मर्डर केसशिलांग कोर्ट से सोनम रघुवंशी को झटका जमानत याचिका खारिज

    राजा रघुवंशी मर्डर केसशिलांग कोर्ट से सोनम रघुवंशी को झटका जमानत याचिका खारिज


    इंदौर । राजा रघुवंशी हत्याकांड की मास्टरमाइंड पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय के शिलांग कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने सोनम की जमानत याचिका रद्द कर दी। सोनम पर इस साल मई महीने में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति और राजा रघुवंशी की हत्या कराने का आरोप है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार मेघायलय पुलिस द्वारा इस मामले में दायर की गई 700 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि राजा की हत्या सोनम और उसके कथित प्रेमी राज सिंह कुशवाहा ने मिलकर प्लान की थी।
    चार्जशीट में भाड़े पर बुलाए गए तीन कथित हत्यारों आकाश सिंह राजपूत विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी के नाम भी हैं। इस मामले में एक एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने आरोपियों पर हत्या के आरोप भी तय किए हैं। यह अपराध उस वक्त सामने आया था जब मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 12 मई को शादी करने वाला यह जोड़ा 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान लापता हो गया था। उन्हें आखिरी बार नोंगियाट में एक होमस्टे से चेक आउट करते हुए देखा गया था।
    कुछ दिनों बाद उनके द्वारा किराए पर ली गई स्कूटी सोहरारिम के पास लावारिस हालत में मिली थी। फिर उनके लापता होने के लगभग 10 दिन बाद 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स में वेसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था। राजा की पत्नी सोनम जो 8 जून तक लापता थी उत्तर प्रदेश के वाराणसी-गाजीपुर मेन रोड पर एक ढाबे के पास मिली थी। मेघालय पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सोनम को 21 साल के राज कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पति की हत्या में मुख्य आरोपियों में से एक माना जा रहा है।0

  • पश्चाताप कर लें हिजाब विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने CM नीतीश कुमार को दी सलाह

    पश्चाताप कर लें हिजाब विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने CM नीतीश कुमार को दी सलाह


    नई दिल्ली । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम के मुस्लिम महिला के चेहरे से नकाब हटा दिया इसे लेकर विपक्ष के साथ कई मुस्लिमों संगठनों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की अब इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने एक्स हैंडल पर लंबी चौड़ी पोस्ट लिखते हुए सीएम नीतीश कुमार को सलाह दी है

    बसपा चीफ मायावती ने कहा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के सार्वजनिक कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब चेहरे का नकाब हटाने का मामला सुलझने की बजाय खासकर मंत्रियों आदि की बयानबाजी के कारण विवाद का रूप लेकर यह लगातार तूल पकड़ता ही जा रहा है जो दुखद व दुभाग्यपूर्ण है

    ‘पश्चाताप कर यहीं विवाद को यहीं खत्म करने का करें प्रयास’

    मायावती ने कहा यह मामला पहली नजर में ही महिला सुरक्षा व सम्मान से जुड़ा होने के कारण मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप से अब तक सुलझ जाना चाहिये था खासकर तब जब कई जगहों पर ऐसी अन्य वारदातें भी सुनने को मिल रही हैं अच्छा होगा कि मुख्यमंत्री इस घटना को सही परिप्रेक्ष्य में देखते हुये इसके लिये पश्चाताप कर लें और कड़वा होते जा रहे इस विवाद को यहीं पर खत्म करने का प्रयास करें

    कथावाचक को गार्ड ऑफ ऑनर देने पर दी प्रतिक्रिया
    इसके अलावा मायावती ने कहा बहराइच जिला पुलिस द्वारा पुलिस परेड में स्थापित परम्परा नियमों से हटकर एक कथावाचक को सलामी देने का मामला भी काफी बड़े विवाद में है और इसको लेकर सरकार कठघरे में है पुलिस परेड व सलामी की अपनी परम्परा नियम मर्यादा अनुशासन व पवित्रता है जिसको लेकर खिलवाड़ कतई नहीं किया जाना चाहिये

    मायावती ने कहा यह अच्छी बात है कि यूपी के पुलिस प्रमुख ने इस घटना का संज्ञान लेकर जिला पुलिस कप्तान से जवाब तलब किया है कार्रवाई का लोगों को इंतजार है वैसे राज्य सरकार भी इसको गंभीरता से लेकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृति पर रोक लगाये तो यह पुलिस प्रशासन अनुशासन एवं कानून का राज के हक में उचित होगा

    पूर्व सीएम ने कहा जहाँ तक कल दिनांक 19 दिसम्बर से शुरू हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा के संक्षिप्त शीतकालीन सत्र का सवाल है तो यह सत्र भी पिछले सत्रों की तरह ही जनहित व जनकल्याण के मुद्दों से दूर रहने के कारण सत्ता व विपक्ष के बीच वाद-विवाद में घिर गया है बेहतर होता कि सरकार किसानों के खाद की समस्या के साथ-साथ जनहित की अन्य समस्याओं तथा जनकल्याण के प्रति गंभीर होकर संदन में इन पर जवाबदेह होती

    उन्होंने आगे कहा इसके साथ ही संसद का शीतकालीन सत्र भी राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की भीषण समस्या सहित देश व जनहित की विकराल रूप धारण कर रही समस्याओं पर विचार किये बिना ही कल समाप्त हो गया जबकि पूरे देश की निगाहें लगी थीं कि सरकार व विपक्ष दोनों देश के ज्वलन्त समस्याओं पर विचार करेंगे और इससे कुछ उम्मीद की नई किरण पैदा होगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होना दुभाग्यपूर्ण देश की चिन्तायें लगातार बरकरार हैं

    बांग्लादेश में बिगड़ते हालातों पर जताई चिंता

    इसके अलावा मायावती ने कहा इसके साथ-साथ पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं तथा वहाँ भी नेपाल की तरह भारत विरोधी गतिविधियाँ बढ़ रही हैं वे भी चिन्तनीय स्थिति है जिसपर भी केन्द्र सरकार समुचित संज्ञान लेकर दीर्घकालीन नीति के तहत कार्य करे तो यह उचित होगा

  • गोविंदा का जन्मदिन स्पेशल बॉलीवुड से राजनीति तक गोविंदा का रंगीन सफर

    गोविंदा का जन्मदिन स्पेशल बॉलीवुड से राजनीति तक गोविंदा का रंगीन सफर

    नई दिल्ली ।मुंबई बॉलीवुड के सुपरस्टार गोविंदा आज भी फिल्मों और डांस के मामले में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं।उनका नाम आते ही दिमाग में एक ही बात आती है कॉमेडी डांस और शानदार अभिनय। गोविंदा का असली नाम गोविंदा आहूजा है और उनका जन्म 21 दिसंबर 1963 को मुंबई महाराष्ट्र में हुआ।वह बॉलीवुड के सबसे सफल और चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं जिनका करियर अब तक कई दशकों तक चला है। 
    गोविंदा ने अपने करियर की शुरुआत 1986 में फिल्म इल्जाम से की थी जिसमें उनके साथ नीलम शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारे थे। लेकिन उन्होंने अपनी पहचान कॉमेडी हीरो के रूप में बनाई और उनकी फिल्में दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बसी रही। उनके फनी अंदाज बेहतरीन टाइमिंग और कॉमिक सीन ने उन्हें हर वर्ग के दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया।

    सुपरहिट फिल्में और डांस आइकन
    गोविंदा की फिल्मों का जादू आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। उनकी फिल्मों जैसे राजा बाबू आंखें कुली नंबर वन आंदोलन बड़े मियां छोटे मियां दीवाना मस्ताना दुल्हे राजा अनाड़ी नंबर 1 शोला और शबनम राजा भैया जोरू का गुलाम हीरो नंबर 1 बेटी नंबर 1 और घर घर की कहानी ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया।इन फिल्मों में उनका अभिनय हास्य और शानदार डांस स्टाइल ने उन्हें दर्शकों का सबसे पसंदीदा स्टार बना दिया।

    गोविंदा का डांस भी कमाल का था।उनके डांस नंबर जैसे किसी डिस्को में जाएं सोना कितना सोना है तुझको ही दुल्हन बनाऊंगा और जोरू का गुलाम आज भी पार्टी और डांस के इवेंट्स में गाए जाते हैं।उनकी एनर्जी और स्टाइल ने उन्हें 90 और 2000 के दशक में डांस आइकन बना दिया। उनके डांस स्टेप्स और चुलबुले अंदाज को आज भी हर डांसर फॉलो करता है।

    राजनीतिक सफर

    गोविंदा का फिल्मी करियर ही नहीं उनकी राजनीतिक यात्रा भी उतनी ही दिलचस्प रही है। 2004 में गोविंदा ने राजनीति में कदम रखा और मुंबई उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय संसद के सदस्य के रूप में सेवा दी। वह कांग्रेस पार्टी से जुड़े और इस पार्टी के तहत उन्होंने 2004 से 2009 तक लोकसभा में अपनी भूमिका निभाई। फिल्मों और राजनीति के बीच अपने करियर को संतुलित करते हुए गोविंदा ने यह साबित किया कि वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक नेता भी हैं जो जनता की सेवा करना चाहते हैं। बाद में उन्होंने शिवसेना से जुड़ने का फैसला किया और पार्टी के साथ सक्रिय भूमिका निभाई। गोविंदा को उनके समर्थक उनकी ईमानदारी और मेहनत के लिए सराहते हैं।

    गोविंदा का व्यक्तित्व और विरासत

    गोविंदा का करियर आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनका व्यक्तित्व और फिल्मों में किया गया काम उन्हें हमेशा याद दिलाता रहेगा। चाहे वह उनकी अनोखी कॉमिक टाइमिंग हो या फिर उनका अद्भुत डांस स्टाइल गोविंदा ने बॉलीवुड को ऐसी विरासत दी है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। आज भी वह एक प्रेरणा बने हुए हैं खासकर युवा पीढ़ी के लिए। उनकी कड़ी मेहनत ईमानदारी और कड़ी मेहनत ने उन्हें केवल एक अभिनेता ही नहीं बल्कि एक आदर्श भी बना दिया है।

    गोविंदा का बॉलीवुड से राजनीति तक का सफर रंगीन शानदार और प्रेरणादायक रहा है। उनका करियर हर किसी के लिए एक मिसाल है कि अगर आप मेहनत करें और दिल से अपने काम को प्यार करें तो सफलता मिलनी तय है। गोविंदा को उनके जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं और आगे आने वाले दिनों में और अधिक सफलता की कामना।

  • हिजाब विवाद नुसरत परवीन को झारखंड ने दिया नौकरी का ऑफर बिहार में जॉइनिंग के दिन आया नया ट्विस्ट

    हिजाब विवाद नुसरत परवीन को झारखंड ने दिया नौकरी का ऑफर बिहार में जॉइनिंग के दिन आया नया ट्विस्ट


    पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हिजाब हटाने पर चर्चित हुईं डॉक्टर नुसरत परवीन को अब झारखंड सरकार से एक आकर्षक नौकरी का ऑफर मिला है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उन्हें 3 लाख रुपये प्रतिमाह की सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव दिया है। इस ऑफर के साथ नुसरत को एक सरकारी फ्लैट और पूरी सुरक्षा का आश्वासन भी दिया गया है।
    इस बीच नुसरत को बिहार में आज जॉइनिंग के दिन कुछ नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिजाब विवाद के बाद नुसरत ने बिहार में जॉइनिंग से मना कर दिया था। लेकिन उनके करीबी दोस्तों का कहना है कि नुसरत इस पूरे मामले से भावनात्मक रूप से आहत हुई थीं लेकिन वह तय समय पर ड्यूटी जॉइन करने के लिए तैयार हैं।

    झारखंड सरकार का प्रस्ताव

    झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान में कोई समझौता नहीं करेगी। बिहार में डॉक्टर नुसरत परवीन के साथ हुई घटना को लेकर उनकी पार्टी ने कहा कि यह केवल एक महिला का अपमान नहीं बल्कि संविधान और मानवता का उल्लंघन था। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा झारखंड में महिलाओं का सम्मान किया जाता है और नुसरत परवीन को सम्मान देने के लिए 3 लाख रुपये महीने की नौकरी का प्रस्ताव दिया गया है।

    नुसरत का फैसला और विवाद

    डॉ. नुसरत परवीन पिछले चार दिनों से पटना के सरकारी तिब्बी कॉलेज में नहीं आईं जिसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह इस विवाद से मानसिक रूप से आहत हैं। हालाँकि उनके करीबी दोस्त और सहपाठी बिलकिस ने पुष्टि की है कि नुसरत 20 दिसंबर को अपना कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं। नुसरत परवीन के हिजाब को लेकर यह विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक सार्वजनिक समारोह में उनके हिजाब को हटा लिया गया था। यह घटना एक वीडियो क्लिप के जरिए सामने आई जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी। इसके बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाए कि उन्होंने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का अपमान किया है।

    कॉलेज की स्थिति

    पटना के सरकारी तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. महफूजुर रहमान ने कहा कि नुसरत परवीन पिछले सात वर्षों से हिजाब पहनकर कॉलेज आ रही थीं और वह एक होशियार और अनुशासित छात्रा थीं। हालांकि इस घटना के बाद उन्होंने चुप्पी साध ली थी लेकिन अब वह अपने पेशेवर जिम्मेदारियों को फिर से शुरू करने का फैसला कर चुकी हैं। नुसरत परवीन के हिजाब विवाद ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। हालांकि झारखंड सरकार द्वारा दिए गए इस सम्मानजनक प्रस्ताव ने इस विवाद को एक नया मोड़ दिया है। अब यह देखना होगा कि नुसरत अपने करियर और व्यक्तिगत निर्णयों में किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।

  • पुत्रदा एकादशी 2025 30 और 31 दिसंबर को रखें व्रत जानें मुहूर्त और महत्व

    पुत्रदा एकादशी 2025 30 और 31 दिसंबर को रखें व्रत जानें मुहूर्त और महत्व


    नई दिल्ली । पुत्रदा एकादशी 2025 का व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति और घर में सुख-समृद्धि की कामना करने के लिए बहुत ही फलदायी माना जाता है। यह व्रत दो बार साल में होता है एक बार पौष माह में और दूसरा सावन महीने में। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और संतान की उम्र भी लंबी होती है। साथ ही इस व्रत के द्वारा व्यक्ति को धन धान्य और ऐश्वर्य भी मिलता है।

    पुत्रदा एकादशी की तिथि और मुहूर्त 2025

    2025 में पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 और 31 दिसंबर को रखा जाएगा। यह असमंजस की स्थिति बना सकता है कि व्रत किस दिन किया जाए लेकिन बता दें कि दोनों दिन एकादशी का व्रत किया जाएगा। आरंभ तिथि 30 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 50 मिनट समाप्ति तिथि 31 दिसंबर 2025 को सुबह 5 बजे पारण का शुभ मुहूर्त 31 दिसंबर 2025 को दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक

    व्रत का महत्व

    पुत्रदा एकादशी का व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों के लिए किया जाता है। यह व्रत संतान को सुंदर बुद्धिमान और स्वस्थ बनाने में मदद करता है। इसके अलावा जिनकी पहले से संतान है उनके संतान की उम्र लंबी होती है। इस व्रत से घर में धन और ऐश्वर्य भी बढ़ता है। यह व्रत दो दिनों तक रखा जाता है जहां गृहस्थ पहले दिन व्रत रखते हैं और दूसरे दिन वैष्णव संप्रदाय के लोग उपवासी रहते हैं।

    पारण का समय

    पुत्रदा एकादशी का पारण 31 दिसंबर 2025 को किया जाएगा और इसके लिए शुभ मुहूर्त 1 जनवरी 2026 को सुबह 7 बजकर 14 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान सुख की प्राप्ति आयु वृद्धि और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 2025 में यह व्रत 30 और 31 दिसंबर को रखा जाएगा और इसका पारण 1 जनवरी 2026 को शुभ मुहूर्त में होगा।

  • बांग्लादेश संकट के बीच पाकिस्तान की गीदड़भभकी, इशाक डार बोले– पानी रोकना युद्ध की कार्रवाई के बराबर

    बांग्लादेश संकट के बीच पाकिस्तान की गीदड़भभकी, इशाक डार बोले– पानी रोकना युद्ध की कार्रवाई के बराबर


    नई दिल्ली
    /इस्लामाबाद:बांग्लादेश में जारी राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखे बयान देकर माहौल गरमाने की कोशिश की है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत पर सिंधु जल संधि के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि पानी की आपूर्ति रोकी जाती है तो इसे युद्ध की कार्रवाई के तौर पर देखा जाएगा।इशाक डार ने यह बयान शुक्रवार 19 दिसंबर को मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने चिनाब नदी के जल प्रवाह में बदलाव को लेकर भारत से औपचारिक रूप से स्पष्टीकरण मांगा है।

    भारत संधि को कमजोर कर रहा है

    डार ने आरोप लगाया कि भारत लगातार 1960 की सिंधु जल संधि को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहाहमने इस साल अप्रैल में भारत की ओर से संधि से एकतरफा हटने जैसे कदम देखे लेकिन अब जो हो रहा है वह समझौते के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। इसका असर न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून की विश्वसनीयता भी खतरे में पड़ जाएगी।
    पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री का कहना था कि भारत की ये कार्रवाइयां केवल तकनीकी मुद्दा नहीं हैं बल्कि इसके गंभीर रणनीतिक और मानवीय परिणाम हो सकते हैं।

    पहलगाम हमले के बाद बदले हालात

    गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े और दंडात्मक कदम उठाए थे। इन्हीं में से एक कदम था सिंधु जल संधि को स्थगित करना।यह संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता में 1960 में हुई थी जो भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल बंटवारे को नियंत्रित करती है। दशकों से यह संधि दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद कायम रही है लेकिन हालिया घटनाओं ने इसे फिर विवाद के केंद्र में ला दिया है।

    कृषि और आजीविका पर खतरे का दावा

    इशाक डार ने दावा किया कि भारत द्वारा किए जा रहे कथित जल प्रवाह में हेरफेर के कारण पाकिस्तान के सिंधु आयुक्त को अपने भारतीय समकक्ष को पत्र लिखकर जवाब मांगना पड़ा है।उन्होंने कहा कि कृषि चक्र के अहम समय में पानी के प्रवाह में बदलाव पाकिस्तान के किसानों खाद्य सुरक्षा और आम नागरिकों की आजीविका के लिए सीधा खतरा है।डार के मुताबिक सिंधु बेसिन पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उसमें किसी भी तरह का असंतुलन गंभीर संकट पैदा कर सकता है।

    बाढ़ और सूखे का खतरा

    पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने संधि के तहत जरूरी जल विज्ञान संबंधी डेटा साझा करना पूर्व सूचना देना और संयुक्त निगरानी तंत्र को लगभग बंद कर दिया है।उनका कहना है कि इससे पाकिस्तान को अचानक बाढ़ या लंबे सूखे जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।इशाक डार ने चेतावनी भरे लहजे में कहापानी की आपूर्ति को हथियार बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इसे युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।

    चिनाब में पानी छोड़े जाने से बढ़ा विवाद

    पाकिस्तान की नाराजगी की एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि भारत ने हाल ही में बिना पूर्व सूचना के चिनाब नदी में पानी छोड़ा जिससे पाकिस्तान में बाढ़ जैसे हालात की आशंका पैदा हो गई। इस कदम के बाद इस्लामाबाद में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
    विश्लेषकों का मानना है कि आंतरिक और क्षेत्रीय दबावों के बीच पाकिस्तान एक बार फिर जल मुद्दे को कूटनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। भारत की ओर से फिलहाल इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

  • क्या किंग फिल्म में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण का किस होगा? वायरल वीडियो का सच जानें

    क्या किंग फिल्म में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण का किस होगा? वायरल वीडियो का सच जानें


    नई दिल्ली । मुंबई बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म किंग को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में दीपिका पादुकोण समेत कई बड़े सितारे नजर आएंगे और शाहरुख के फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें शाहरुख और दीपिका का रोमांटिक सीन दिखाया जा रहा है साथ ही एक किस भी दिखाया गया है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह किंग फिल्म का लीक वीडियो है। हालांकि इस वीडियो के बारे में सच कुछ और है। मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक जो वीडियो वायरल हो रहा है वह फिल्म का नहीं है। दरअसल यह एक फैन-मेड वीडियो है जिसे एआई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है।

    वीडियो में क्या दिखाया गया है

    इस वायरल वीडियो में शाहरुख खान अपने किंग वाले लुक में दिखाई दे रहे हैं। वह अपने स्टाइलिश अवतार में हैं जबकि दीपिका पादुकोण साड़ी और विभिन्न ड्रेस में नजर आ रही हैं। वीडियो में दोनों के बीच रोमांस की झलक दिखाई गई है जिसमें एक किस सीन भी शामिल है। यह वीडियो इतना रियल लगता है कि यह आसानी से किसी को भी धोखा दे सकता है। लेकिन अब यह साफ हो चुका है कि यह किसी फिल्म का हिस्सा नहीं है बल्कि एक फैन द्वारा बनाया गया वीडियो है।

    फिल्म के बारे में जानकारी

    शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर रोमांस करती हुई नजर आएगी लेकिन इस वीडियो के साथ जो दावा किया जा रहा है वह सिर्फ अफवाह है। किंग फिल्म के बारे में फिलहाल आधिकारिक जानकारी यह है कि यह एक बड़े बजट की फिल्म है जिसमें शाहरुख और दीपिका के अलावा कई अन्य सितारे भी मुख्य भूमिका में होंगे। फिल्म के निर्माण के बारे में अधिक जानकारी जल्द ही सामने आ सकती है लेकिन इस वीडियो का कनेक्शन किंग से नहीं है।

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद फैंस ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोग इसे फिल्म का लीक सीन मान बैठे थे जबकि कुछ ने इसका मजाक उड़ाया और इसे केवल एक फैन-मेड वीडियो बताया। अब यह साफ हो गया है कि यह वीडियो किसी फिल्म का हिस्सा नहीं है और यह केवल एक क्रिएटिव फैन का काम है। इस वायरल वीडियो को लेकर जो भी दावे किए जा रहे थे वे पूरी तरह से गलत साबित हुए हैं। शाहरुख और दीपिका का रोमांस देखने के लिए उनके फैंस को किंग के आधिकारिक रिलीज का इंतजार करना होगा जब यह फिल्म सिनेमाघरों में आएगी।

  • तान्या मित्तल से बच्ची ने मांगे कपड़े खरीदने के पैसे 500 का नोट लौटाते हुए कहा- इतने में नहीं आएगा

    तान्या मित्तल से बच्ची ने मांगे कपड़े खरीदने के पैसे 500 का नोट लौटाते हुए कहा- इतने में नहीं आएगा


    नई दिल्ली ।
    मुंबई बिग बॉस 19 की कंटेस्टेंट तान्या मित्तल एक बार फिर सुर्खियों में हैं और इस बार उनका वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया है। तान्या का नया वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है जिसमें एक बच्ची उनसे कपड़े खरीदने के लिए पैसे मांगती है लेकिन 500 रुपये का नोट मिलने के बाद उसे वापस कर देती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहा है। वीडियो में तान्या मित्तल अपनी गाड़ी में बैठी होती हैं जब एक बच्ची जो बाहर कुछ बेच रही होती है उनके पास आती है।
    बच्ची तान्या को पहचानती है और उनके कपड़ों की तारीफ करते हुए कहती है दीदी हमें भी नए कपड़े दिला दो। बच्ची की जिद पर तान्या उसे 500 रुपये का नोट देती हैं लेकिन जब बच्ची उस नोट को देखती है तो वह मुंह पर लौटाते हुए कहती है इतने में नहीं आएगा। इस वीडियो के वायरल होने के बाद तान्या मित्तल को सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं जबकि कुछ उनके इस अंदाज को लेकर हैरान भी हैं।

    तान्या मित्तल के अतरंगी दावे

    तान्या मित्तल को लेकर अतीत में भी कई अतरंगी दावे सामने आ चुके हैं। बिग बॉस 19 में अपनी उपस्थिति के दौरान उन्होंने कई बार दावा किया कि उनके पास 150 बॉडीगार्ड हैं और ग्वालियर में उनका एक महल जैसा घर है। इन दावों ने उन्हें हमेशा चर्चा में रखा और अब उनका यह नया वीडियो भी लोगों के लिए चौंकाने वाला बन गया है।

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया पर लोग तान्या के इस वीडियो पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जहां कुछ लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा मानकर खामोश हैं। हालांकि तान्या के अतरंगी अंदाज ने एक बार फिर उनकी सोशल मीडिया पर मौजूदगी को और भी मजबूत कर दिया है। तान्या मित्तल के वीडियो ने यह साबित कर दिया कि वह हमेशा लाइमलाइट में रहना पसंद करती हैं चाहे वह अपनी स्टाइलिश लाइफ को लेकर हो या फिर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो के जरिए। अब देखना होगा कि तान्या इस ट्रोलिंग से कैसे निपटती हैं और क्या उनके दावे सच साबित होते हैं या नहीं।

  • बांग्लादेश में ISI की सुनियोजित वापसी? पाक हाई कमीशन में स्पेशल सेल की खबरों से भारत अलर्ट

    बांग्लादेश में ISI की सुनियोजित वापसी? पाक हाई कमीशन में स्पेशल सेल की खबरों से भारत अलर्ट


    नई दिल्ली
    /बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच खुफिया एजेंसियों की ताजा रिपोर्टें दक्षिण एशिया की सुरक्षा तस्वीर को लेकर गंभीर चेतावनी दे रही हैं। करीब पंद्रह वर्षों के अंतराल के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस ISI की गतिविधियों की वापसी की आशंका जताई जा रही है। इन घटनाक्रमों ने न सिर्फ ढाका बल्कि नई दिल्ली में भी सतर्कता बढ़ा दी है।सूत्रों के मुताबिक अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की विदेश और सुरक्षा नीति में जो बदलाव शुरू हुआ था वह अब एक संगठित रणनीतिक ढांचे का रूप लेता दिख रहा है। खुफिया विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस राजनीतिक संक्रमण को अवसर के रूप में देख रहा है और बांग्लादेश में अपना प्रभाव दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

    सीएनएन न्यूज-18 की एक रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ी चिंता का विषय ढाका स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के भीतर एक विशेष ISI सेल की कथित स्थापना है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इस सेल में एक ब्रिगेडियर दो कर्नल और चार मेजर सहित थलसेना नौसेना और वायुसेना से जुड़े अधिकारी तैनात हैं। यह व्यवस्था सामान्य कूटनीतिक गतिविधियों से कहीं आगे मानी जा रही है।खुफिया सूत्र बताते हैं कि यह पूरा ढांचा अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान के चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा की चार दिवसीय ढाका यात्रा के बाद औपचारिक रूप से सक्रिय हुआ। इस दौरे के दौरान ISI के वरिष्ठ अधिकारियों ने बांग्लादेश की नेशनल सिक्योरिटी इंटेलिजेंस NSI और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेस इंटेलिजेंस DGFI के अधिकारियों के साथ बंद कमरे में कई बैठकें कीं।

    आधिकारिक तौर पर इन बैठकों का उद्देश्य बंगाल की खाड़ी में समुद्री निगरानी और क्षेत्रीय सहयोग बताया गया लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असली फोकस भारत की पूर्वी सीमाओं पर रणनीतिक नजर रखना हो सकता है।अगस्त 2024 के बाद ढाका और इस्लामाबाद के बीच रिश्तों में आई तेजी को भी असामान्य माना जा रहा है। जुलाई 2025 में दोनों देशों के बीच राजनयिकों आधिकारिक पासपोर्ट धारकों और यहां तक कि सैन्य कर्मियों के लिए वीजा-फ्री एंट्री पर सहमति बनी। इसके अलावा रावलपिंडी और ढाका के बीच उच्च स्तरीय सैन्य आदान-प्रदान कराची–चित्तागांव शिपिंग रूट और प्रस्तावित सीधी उड़ानों को भी खुफिया आवाजाही के संभावित कवर के रूप में देखा जा रहा है। खुफिया एजेंसियों का दावा है कि ISI का दीर्घकालिक एजेंडा बांग्लादेशी समाज विशेषकर युवाओं के बीच कट्टरपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देना है। जमात-ए-इस्लामी और इनकलाब मंच जैसे संगठनों के जरिए धार्मिक उग्रवाद को मजबूत करने की कोशिशों की भी बात कही जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान का उद्देश्य एक ऐसा हाइब्रिड राजनीतिक ढांचा खड़ा करना है जो स्वाभाविक रूप से भारतीय हितों के प्रति शत्रुतापूर्ण हो।

    18 दिसंबर को छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में भड़की हिंसा को भी इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। कई पर्यवेक्षकों ने इसे एकमैनेज्ड क्राइसिस करार दिया है। ढाका में भारतीय उच्चायोग और चट्टोग्राम में सहायक उच्चायोग पर हमले मीडिया संस्थानों में आगजनी और सड़कों पर भय का माहौल-इन घटनाओं को फरवरी 12 को प्रस्तावित चुनावों को टालने और कट्टरपंथी ताकतों की पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़ा जा रहा है।इन सभी संकेतों के बीच भारत ने अपनी पूर्वी सीमाओं और कूटनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से बांग्लादेश में हो रहे इन घटनाक्रमों पर आने वाले दिनों में भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।