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  • 1983 से 2026 तक भारत की आईसीसी ट्रॉफियों का सफर, जाने टीम इंडिया ने कब-कब जीता विश्व खिताब

    1983 से 2026 तक भारत की आईसीसी ट्रॉफियों का सफर, जाने टीम इंडिया ने कब-कब जीता विश्व खिताब


    अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए तीसरी बार टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी जीत ली।

    भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए। टीम की ओर से संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारत तीन बार टी-20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन गई है। आइए जानते हैं कि भारतीय टीम ने अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के कौन-कौन से बड़े टूर्नामेंट जीते हैं।

    1983 : पहला एकदिवसीय विश्व कप

    साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर किया था। लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए फाइनल में भारत ने दो बार की विश्व विजेता वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व कप जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 54.4 ओवर में 183 रन बनाए थे। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 52 ओवर में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। मोहिंदर अमरनाथ और मदन लाल ने तीन-तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत ने यह मुकाबला 43 रन से जीता था।

    2002 : चैंपियंस ट्रॉफी (संयुक्त विजेता)

    साल 2002 में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। कोलंबो में खेला गया फाइनल मुकाबला लगातार बारिश की वजह से पूरा नहीं हो सका। नियमों के अनुसार दोनों टीमों को विजेता घोषित किया गया।

    2007 : पहला टी-20 विश्व कप

    महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में पहला टी-20 विश्व कप जीता। फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को पांच रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 157 रन बनाए, जिसमें गौतम गंभीर ने 75 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। जवाब में पाकिस्तान की टीम 152 रन ही बना सकी।

    2011 : दूसरा एकदिवसीय विश्व कप

    1983 के बाद भारत ने 2011 में दूसरी बार एकदिवसीय विश्व कप जीता। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने श्रीलंका को छह विकेट से हराया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 274 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने गौतम गंभीर (97) और महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 91) की शानदार पारियों की मदद से 48.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह जीत महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के लिए खास रही।

    2013 : दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी

    भारत ने 2013 में दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इंग्लैंड के बर्मिंघम में खेले गए फाइनल में भारत ने 20 ओवर में सात विकेट पर 129 रन बनाए। शिखर धवन, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की पारियों की बदौलत भारत ने चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। जवाब में इंग्लैंड की टीम आठ विकेट पर 124 रन ही बना सकी और भारत ने पांच रन से जीत दर्ज की।

    2024 : दूसरी बार टी-20 विश्व कप

    भारत ने 2024 में दूसरी बार टी-20 विश्व कप जीता। बारबाडोस में खेले गए फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 176 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की टीम आठ विकेट पर 169 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने 11 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की ट्रॉफी जीती।

    2025 : चैंपियंस ट्रॉफी

    चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 251 रन बनाए। भारत ने 49 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान रोहित शर्मा ने 76 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि रोहित और शुभमन गिल के बीच पहले विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी हुई।

    2026 : तीसरी बार टी-20 विश्व कप

    साल 2026 में भारत ने तीसरी बार टी-20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया। भारत इससे पहले 2007 में महेंद्र सिंह धोनी और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 विश्व कप जीत चुका था। अब तीसरी बार यह खिताब जीतकर भारत टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम बन गया है।

  • शास्त्रों के अनुसार व्रत कैसे करें: पुण्य और आध्यात्मिक लाभ के लिए जरूरी नियम

    शास्त्रों के अनुसार व्रत कैसे करें: पुण्य और आध्यात्मिक लाभ के लिए जरूरी नियम

    नई दिल्‍ली । धर्मग्रंथों में व्रत को तप का सरल और प्रभावी रूप बताया गया है। व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं है, बल्कि मन, वाणी और कर्म को शुद्ध रखने का संकल्प भी है। हमारे ऋषि-मुनियों ने इसे आत्मशुद्धि, संकल्प शक्ति की दृढ़ता और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग माना। धर्म सिंधु में कहा गया है कि व्रत करते समय शुद्ध होना अत्यंत आवश्यक है। गरुड़ पुराण में सत्य बोलने, क्रोध से दूर रहने और संयमित जीवन जीने की सलाह दी गई है।

    मनुस्मृति में उल्लिखित है कि हिंसा, झूठ, चोरी या चुगली व्रत को भंग कर देती हैं। स्कंद पुराण में व्रत के दिन केवल एक समय भोजन या फलाहार करने की परंपरा का उल्लेख मिलता है। पद्म पुराण में संकल्प, पूजा-विधि और मंत्र-जाप का महत्व बताया गया है। इस प्रकार श्रद्धा और नियमों के साथ किया गया व्रत ही आध्यात्मिक लाभ और मनोकामना पूर्ति का कारण बनता है।

    व्रत के मुख्य नियम और सावधानियां

    भोजन और फलाहार: व्रत के दिन बार-बार अन्न या फलाहार करना उचित नहीं माना गया। सामान्यतः एक या दो बार फलाहार करना पर्याप्त है। सावधानी और संयम: दिन में सोने से बचना चाहिए, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार इससे व्रत का पुण्यफल कम हो जाता है। मौन और ध्यान: व्रत के समय कम बोलना और अधिकतर मौन रहना श्रेष्ठ माना गया है। इससे मन जप और ध्यान में एकाग्र रहता है।

    स्वच्छता और संकल्प: स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। हाथ में जल, अक्षत, पुष्प, सुपारी और दक्षिणा लेकर व्रत का संकल्प करें। मन और कर्म की शुद्धि: व्रत के दौरान काम, क्रोध, लोभ, मोह और आलस्य से दूर रहें। झूठ बोलने या किसी की निंदा-चुगली करने से बचें।

    पूजा और अर्पण: शिव-पार्वती से जुड़े व्रतों में भगवान शिव को बिल्वपत्र, धतूरा, चंदन और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। मां गौरी को श्रृंगार अर्पित करने की परंपरा है। उद्यापन: यदि व्रत किसी निश्चित अवधि के लिए किया गया हो, तो उसके पूर्ण होने पर उद्यापन करना आवश्यक माना गया है।

    इस प्रकार, व्रत केवल आत्मसंयम का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मन, वाणी और कर्म की शुद्धि के साथ आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य की प्राप्ति का मार्ग है। शास्त्रों के बताए नियमों का पालन कर श्रद्धा और संकल्प के साथ किया गया व्रत निश्चित रूप से फलदायी होता है।

  • मध्‍य प्रदेश में मौसम के दो रंग, दिन में बढ़ी गर्मी-रात में ठंडक, कई शहरों में ‘लू’ जैसी तपिश

    मध्‍य प्रदेश में मौसम के दो रंग, दिन में बढ़ी गर्मी-रात में ठंडक, कई शहरों में ‘लू’ जैसी तपिश



    भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज दो तरह का देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंडक बनी हुई है। कई शहरों में दिन के समय ‘लू’ जैसी तपिश महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है और अस्पतालों में सर्दी-जुकाम व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत कई शहरों में तेज गर्मी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी गर्मी का असर बना रह सकता है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ रही है। भोपाल, इंदौर, रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 से 2.7 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है। वहीं ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान 3.1 से 4.6 डिग्री तक अधिक है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।

    रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में 38 डिग्री पार

    मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने लगा है। सोमवार को रतलाम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, धार, गुना, दमोह, सागर, श्योपुर और मंडला में भी तापमान 38 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर और उज्जैन सबसे गर्म रहे, जहां तापमान 37 डिग्री से अधिक रहा। वहीं भोपाल में 36.8 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    हवा की दिशा बदली, बढ़ी गर्मी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की दिशा में बदलाव भी गर्मी बढ़ने की वजह है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर प्रदेश में पहुंच रही है, जिससे गर्मी बढ़ रही है।

    15 मार्च के बाद मौसम बदलने के संकेत

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद मौसम में बदलाव हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होती है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और पहले ही पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ गया है।

  • देश के 62 रेस्टोरेंट पर IT की रेड…. 408 करोड़ रुपये की बिक्री छुपाने का खुलासा

    देश के 62 रेस्टोरेंट पर IT की रेड…. 408 करोड़ रुपये की बिक्री छुपाने का खुलासा


    नई दिल्ली।
    आयकर विभाग (Income Tax Department) ने कर चोरी के शक में देशभर में कई प्रमुख रेस्टोरेंट (Restaurants) की तलाशी ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी -CBDT) ने बताया कि जांच के दौरान रेस्टोरेंट की ओर से 408 करोड़ की कम बिक्री बताए जाने का खुलासा हुआ। यह कार्रवाई हैदराबाद (Hyderabad ) स्थित प्रसिद्ध बिरयानी रेस्टोरेंट समूह (Famous Biryani Restaurant Group) से जुड़े 70 हजार करोड़ के कर चोरी मामले के सामने आने के बाद की गई। आयकर विभाग को संदेह है कि इन रेस्टोरेंट समूह ने वास्तविक बिक्री छिपाने और कर बचाने के लिए हेरफेर में बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है।

    सीबीडीटी ने बताया, 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट का सर्वे किया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि करीब 408 करोड़ की बिक्री छिपाई गई है। साथ ही, इन नतीजों की जांच चल रही है। कर अधिकारियों के नवंबर 2025 में फूड एवं बेवरेज सेक्टर में जांच शुरू करने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई। जांच के दौरान, यह पाया गया कि कई रेस्टोरेंट असल बिक्री को छिपाने के लिए बल्क बिल डिलीट करने और दूसरे बदलाव करने में लगे हुए थे।

    रविवार से देशभर में रेस्टोरेंटों की तलाशी अभियान के बाद 63,000 आउटलेट को ईमेल और संदेश भेजे जा रहे हैं। इसमें उनसे 31 मार्च तक अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) अपडेट करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान तब शुरू हुआ जब हैदराबाद में विभाग की शाखा ने हाल ही में स्थानीय बिरयानी कंपनी का सर्वे किया जो बिलिंग सॉफ्टवेयर बनाती है। इसमें पाया कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट कथित तौर पर अपनी आय कम दिखाने के लिए सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर रहे थे।

    अधिकारियों का अनुमान है कि अकेले हैदराबाद में मौजूद रेस्टोरेंट के लिए संदिग्ध कर चोरी हजारों करोड़ रुपये की हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह सर्वे और वेरिफिकेशन रविवार से कई शहरों में शुरू किया गया है और इसका मकसद यह पता लगाना है कि कर चोरी कितनी हो सकती है।


    एआई टूल्स से 1.77 लाख रेस्टोरेंट के लेनदेन खंगाले

    सीबीडीटी ने बयान में कहा कि एआई टूल्स के जरिये करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट के लेनदेन डाटा का एडवांस्ड एनालिसिस किया गया। इस डाटा की तुलना इन आउटलेट्स की ओर से बताए गए टर्नओवर से की गई, जिससे आय की बड़े पैमाने पर कम रिपोर्टिंग का पता चला। कुछ मामलों में, रिकॉर्ड की गई बिक्री वित्तीय खातों या कर फाइलिंग में पूरी तरह से दिखाई नहीं दी और कुछ लेनदेन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया।

    मीशो को आयकर विभाग से मिला 1,500 करोड़ का कर नोटिस
    ई-कॉमर्स कंपनी मीशो को आयकर विभाग से करीब 1,500 करोड़ रुपये की कर मांग का नोटिस मिला है। कंपनी ने इस नोटिस को चुनौती देने का फैसला किया है। मीशो ने शेयर बाजार को बताया कि उसे छह मार्च को वर्ष 2023-24 के लिए आयकर विभाग से नोटिस मिला। इसमें विभाग ने ब्याज सहित 14,99,73,82,840 (1,499.73 करोड़) रुपये की कर मांग रखी है। यह कर मांग नोटिस कंपनी की ओर से घोषित आय में कुछ बढ़ोतरी और समायोजन के आधार पर जारी किया गया है। मीशो ने बताया कि वह इस आदेश की समीक्षा कर रही है और उसमें की गई टिप्पणियों और समायोजनों से सहमत नहीं है। कंपनी का कहना है कि उसके पास इसे चुनौती देने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं तथ्यात्मक आधार हैं और अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

  • पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से LNG सप्लाई को बड़ा झटका… भारत में 40% घटी सप्लाई

    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से LNG सप्लाई को बड़ा झटका… भारत में 40% घटी सप्लाई


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध (West Asia War) के कारण भारत में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (Liquefied Natural Gas) यानी LNG की सप्लाई को बड़ा झटका लगा है। लगभग 40% LNG सप्लाई प्रभावित होने के बाद, सरकार उर्वरक (फर्टिलाइजर) जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों सहित विभिन्न उद्योगों के लिए एक गैस वितरण योजना (‘ऑप्टिमाइजेशन प्लान’) पर तेजी से काम कर रही है।


    फर्टिलाइजर क्षेत्र पर प्रभाव और सरकार की रणनीति

    टाइम्स ऑफ इंडिया ने मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पेट्रोलियम मंत्रालय जल्द ही नई वितरण व्यवस्था को अंतिम रूप दे सकता है। हो सकता है कि ये व्यवस्था आज ही यानी मंगलवार तक लागू भी हो जाए। इसमें उर्वरक क्षेत्र की सप्लाई में कुछ कमी किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस कटौती का असर खेती पर नहीं पड़ेगा।

    पर्याप्त गैस आपूर्ति: उर्वरक इकाइयों को उनकी क्षमता के इष्टतम स्तर पर काम करने के लिए पर्याप्त गैस दी जाएगी।

    रखरखाव का समय: गैस की कम उपलब्धता फिलहाल बड़ी चिंता का विषय नहीं है क्योंकि कुछ उर्वरक कंपनियां इस समय का इस्तेमाल अपने कारखानों के नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस शटडाउन) के लिए कर रही हैं।

    सुस्ती का दौर: फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) के अनुसार, कृषि क्षेत्र में अभी मांग कम है। खरीफ फसलों की बुवाई जून में शुरू होगी। इस दौरान खपत मध्यम रहती है, जिससे उद्योग को अपना स्टॉक भरने और रखरखाव का समय मिल जाता है।


    बंपर स्टॉक से दूर हुई चिंता

    आंकड़ों के अनुसार, भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है, जो संकट के समय एक बड़े ‘कुशन’ (सुरक्षा कवच) का काम करेगा। शुक्रवार तक कुल उर्वरक स्टॉक 36.5% बढ़कर 17.7 मिलियन टन (MT) हो गया है, जो पिछले साल इसी समय लगभग 13 MT था। FAI के मुताबिक, DAP और NPK का भंडार पिछले साल की तुलना में 70-80% अधिक है।

    फरवरी के अंत तक एजेंसियों ने 9.8 MT उर्वरक का आयात किया है। इसके अलावा, अगले तीन महीनों के लिए 1.7 MT का अतिरिक्त आयात तय किया जा चुका है। उर्वरक विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारत ने फॉस्फेटिक उर्वरकों के आयात स्रोतों में विविधता लाई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े।


    गैर-प्राथमिकता वाले उद्योगों की चुनौतियां

    विशेषज्ञों की मानें तो उर्वरक सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए इसमें भारी कटौती नहीं होगी। हालांकि, गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को कम गैस सप्लाई से ही काम चलाना होगा। इन उद्योगों को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करनी होगी।


    नए LNG स्रोतों की तलाश और बाधाएं

    भारत वर्तमान में अपनी कुल जरूरत का 60% LNG पश्चिम एशिया के अलावा अन्य स्रोतों से प्राप्त करता है। अब सरकार और कंपनियां बचे हुए हिस्से की भरपाई के लिए ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों से अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं।

    इसमें दो मुख्य चुनौतियां हैं:

    शिपिंग: गैस के परिवहन के लिए विशेष LNG टैंकरों की व्यवस्था करना।
    क्षमता: यह सुनिश्चित करना कि नए सप्लायर देशों के पास जहाजों पर लादने से पहले गैस को लिक्विफाई (तरलीकृत) करने की अतिरिक्त क्षमता हो।


    संकट का मुख्य कारण क्या है?

    भारत में यूरिया निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाली 60% LNG कतर से आयात की जाती है। हाल ही में ईरान द्वारा कतर की कतरएनर्जी फैसिलिटी पर किए गए हमले के बाद, कतर को अपना उत्पादन रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसी कारण भारत की सप्लाई चेन में यह बड़ी रुकावट आई है।

  • तेहरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला…. ट्रंप का दावा- पूरी तरह हुई तबाह ईरानी सेना

    तेहरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला…. ट्रंप का दावा- पूरी तरह हुई तबाह ईरानी सेना


    तेहरान।
    अमेरिकी (American) और इजरायली (Israeli) ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran) पर अब तक का सबसे भीषण हमला करते हुए 20 से अधिक भारी धमाके किए. शहर के पश्चिमी हिस्सों में हुए इन हमलों के दौरान करीब आधे घंटे तक बमवर्षक विमानों की गूंज सुनाई देती रही, जिससे कई इलाकों की बिजली गुल हो गई. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने दावा किया है कि ईरानी सेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और वॉर का अंत करीब है, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने युद्ध का अंत खुद तय करने की हुंकार भरी है।

    दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीबीएस न्यूज से बात करते हुए सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध अब अपने अंतिम चरण में है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना उनके द्वारा तय किए गए 4-5 हफ्तों के समय से काफी आगे चल रही है।


    ‘मिटा देंगे ईरान का नामोनिशान’

    ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास अब न तो नौसेना बची है और न ही एयरफोर्स, उनके मिसाइल भंडार और ड्रोन बनाने की फैक्ट्रियां भी तबाह कर दी गई हैं. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अब कोई ‘चालाकी’ की तो उस देश का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा और दुनिया फिर कभी ईरान का नाम नहीं सुनेगी।

    ट्रंप ने आगे कहा कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण लेने के बारे में सोच रहे हैं और चेतावनी दी कि अगर ईरान तेल शिपमेंट रोकने की कोशिश करता है तो ये ईरान के लिए अंत होगा।


    हम तय करेंगे युद्ध का अंत

    ट्रंप के इसी बयान पर पलटवार करते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जोरदार हमला किया है. आईआरजीसी के प्रवक्ता ने कहा, ‘युद्ध का अंत हम ही तय करेंगे, अगर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे तो तेहरान इस क्षेत्र से ‘एक लीटर तेल’ का निर्यात भी नहीं होने देगा। उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को बेतुका बताते हुए चेतावनी दी कि इस इलाके में सुरक्षा या तो सभी के लिए होगी या किसी के लिए नहीं होगी।


    ईरान में 20 बड़े धमाके

    वहीं, इसी बयानबाजी के बीच अमेरिकी और इजरायली सेना ने बड़े हमले किए. बताया जा रहा है कि इजरायली सेना ने तेहरान के आसपास के इलाके में एयर स्ट्राइक कर 20 से ज्यादा इलाकों में बम बरसाए. ये हमले युद्ध की शुरुआत के बाद तेहरान पर अब तक के सबसे भीषण हमला है। एक रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि पश्चिमी इलाकों में विस्फोट हुए हैं, जहां लगभग आधे घंटे तक बमवर्षक विमानों और लड़ाकू विमानों की आवाजें लगातार सुनाई दीं. कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।

  • ईरान-USA-इजराइल जंग: मजबूरी में लड़ रहा ईरान, नए सुप्रीम लीडर घायल, UAE ने मिसाइलों को नष्ट किया

    ईरान-USA-इजराइल जंग: मजबूरी में लड़ रहा ईरान, नए सुप्रीम लीडर घायल, UAE ने मिसाइलों को नष्ट किया


    नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल के साथ जारी ईरान संघर्ष आज 10वें दिन पहुंच गया है। ईरान ने साफ किया है कि यह जंग उनकी पसंद नहीं, बल्कि मजबूरी में लड़नी पड़ रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस जंग को देश पर जबरन थोप दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल मध्यस्थता या सीजफायर पर चर्चा करना संभव नहीं है, क्योंकि सैन्य टकराव जारी है और प्राथमिकता देश की सुरक्षा पर है।बघाई ने जोर देकर कहा कि ईरान ने जंग शुरू नहीं की थी, और किसी अन्य देश तुर्किये, साइप्रस और अजरबैजान पर हमला नहीं किया गया।

    नए सुप्रीम लीडर पर हमला
    ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल हमले में मौत हुई थी। 1989 से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज अली खामेनेई ने 1979 की इस्लामिक क्रांति में अहम भूमिका निभाई थी और 1981 में आठ साल के लिए राष्ट्रपति भी रहे।

    उनके उत्तराधिकारी, मुजतबा खामेनेई, बीती रात नए सुप्रीम लीडर घोषित हुए, लेकिन उन्हें हाल ही में इजराइली हमले में चोट लगी। ईरानी सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि नए नेतृत्व से देश में उम्मीद और एकजुटता बढ़ी है, जबकि अमेरिका और इजराइल के लिए यह निराशाजनक संकेत है।

    UAE ने रोकी ईरान की मिसाइलें और ड्रोन
    संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए। युद्ध शुरू होने के बाद UAE की तरफ कुल 253 मिसाइलें और 1,440 ड्रोन दागे जा चुके हैं।

    स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन ईरान ने मजबूती दिखाई
    ईरानी अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा मजबूत है और नए सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में ईरान और भी एकजुट दिखाई देगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की रक्षा के लिए मजबूरी में जंग लड़नी पड़ रही है, और किसी अन्य क्षेत्र पर आक्रामकता नहीं दिखाई जा रही।

  • सिलेंडर ब्लास्ट से दहला खजुराहो, परिवार का घर मलबे में तब्दील, प्रशासन से मदद की गुहार

    सिलेंडर ब्लास्ट से दहला खजुराहो, परिवार का घर मलबे में तब्दील, प्रशासन से मदद की गुहार


    खजुराहो । मध्य प्रदेश के खजुराहो में एक जोरदार हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। राजनगर नगर परिषद के वार्ड नंबर 14 रानीपुरा में रहने वाले राजन कोरी के घर में अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पल भर में उनका घर मलबे में बदल गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके की तीव्रता से घर का पक्का लेंटर गिर गया, दीवारें ढह गईं और लोहे का गेट भी फटकर दूर जा गिरा। हालांकि हादसे के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित दूरी पर थे, इसलिए किसी की जान नहीं गई। लेकिन घर का पूरा सामान, छत और संरचना पूरी तरह नष्ट हो गई है।

    घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल फैल गया। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग करते हुए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, ताकि वे फिर से अपना घर बना सकें।

    परिवार के सदस्य मजदूरी और कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उन्होंने पिछले चार-पांच सालों में अपनी मेहनत से यह घर बनाया था। सिलेंडर ब्लास्ट ने उनकी मेहनत को पल भर में नष्ट कर दिया। परिवार के लिए यह घटना मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

    स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों से उम्मीद है कि पीड़ित परिवार को जल्द ही मदद और राहत प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने घर और जीवन को फिर से व्यवस्थित कर सकें।

  • भोपाल में मंगलवार को बिजली कटौती की चेतावनी: दानिशकुंज, गोविंदपुरा, बीडीए कॉलोनी सहित 30 इलाके प्रभावित

    भोपाल में मंगलवार को बिजली कटौती की चेतावनी: दानिशकुंज, गोविंदपुरा, बीडीए कॉलोनी सहित 30 इलाके प्रभावित


    भोपाल भोपाल में मंगलवार को करीब 30 इलाकों में बिजली कटौती रहेगी, क्योंकि बिजली विभाग ने मेंटेनेंस का काम तय किया है। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप रहेगी, जिससे नागरिक और व्यवसाय दोनों प्रभावित होंगे। बिजली कटौती के चलते घरों और दुकानों में जरूरी काम पहले निपटाने की सलाह दी गई है।

    मुख्य प्रभावित इलाकों में दानिशकुंज, गोविंदपुरा, बीडीए कॉलोनी, ओम नगर, विट्ठन मार्केट, जेल हिल्स, निजामउद्दीन कॉलोनी, सागर स्टेट, सुख सागर कॉलोनी, सचितानंद नगर, रीगल स्टेट, बंजारा बस्ती, आसाराम चौराहा, गांधी नगर, अर्जुन वार्ड, प्रताप वार्ड, धाकड़ चौराहा, ब्लेयर कॉलोनी फेस-1-2, लेक पर्ल स्प्रिंग, ई-5 और अपेक्स बैंक कॉलोनी शामिल हैं।

    समय के हिसाब से कटौती इस प्रकार रहेगी: सुबह 10 से 12 बजे जेल हिल्स और आसपास, 10 से 2 बजे दानिशकुंज-2,3,4 और सिद्धि समृद्धि हाइट्स, 10 से 4 बजे निजामउद्दीन कॉलोनी, सागर स्टेट, सुख सागर कॉलोनी, सचितानंद नगर, रीगल स्टेट, सागर बंगलो, बीडीए, गोविंदपुरा, बंजारा बस्ती, 10 से 4 बजे आसाराम चौराहा, गांधी नगर, अर्जुन वार्ड, प्रताप वार्ड, धाकड़ चौराहा, ब्लेयर कॉलोनी फेस-1-2, लेक पर्ल स्प्रिंग, 10:30 से 4 बजे विट्ठन मार्केट, ई-5, अपेक्स बैंक कॉलोनी और 12 से 4 बजे भीम नगर, ओम नगर, वल्लभ नगर।

    बिजली विभाग ने कहा कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सप्लाई जल्द बहाल की जाएगी और टीम लगातार निगरानी में रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कटौती के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखें और जरूरी उपकरण पहले से चार्ज कर लें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह कटौती मेंटेनेंस के लिए आवश्यक है, ताकि भविष्य में विद्युत आपूर्ति में व्यवधान न आए। नागरिकों से आग्रह है कि वे घर और व्यवसाय की तैयारी समय से कर लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • Sheetala Ashtami 2026: कब है शीतला अष्टमी और क्यों लगाया जाता है माता को बासी भोजन का भोग

    Sheetala Ashtami 2026: कब है शीतला अष्टमी और क्यों लगाया जाता है माता को बासी भोजन का भोग


    नई दिल्‍ली । भारत में होली के आठ दिन बाद, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इसे बसौड़ा भी कहा जाता है। यह पर्व माता शीतला की पूजा के लिए समर्पित है, जिन्हें संक्रामक और त्वचा रोगों से बचाने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने वाले व्यक्तियों को चेचक, खसरा और अन्य त्वचा रोगों से सुरक्षा मिलती है।

    कब है शीतला अष्टमी 2026 

    पंचांग के अनुसार इस वर्ष शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च 2026, बुधवार को रखा जाएगा। अष्टमी तिथि 11 मार्च को प्रातः 01:54 बजे से शुरू होकर अगले दिन भोर 04:19 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत उसी दिन ही मनाया जाएगा।

    पूजा का शुभ मुहूर्त

    माता शीतला की पूजा के लिए प्रातःकाल 06:36 बजे से सायंकाल 06:27 बजे तक का समय शुभ माना गया है। इसी अवधि में भक्त विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और व्रत का पालन करते हैं।

    पर्व का महत्व

    माता शीतला को रोगों से सुरक्षा देने वाली देवी माना जाता है। खासतौर पर चेचक, खसरा और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए उनकी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता शीतला को ठंडी वस्तुओं का भोग अर्पित करने से वह प्रसन्न होती हैं और भक्तों को रोगों से सुरक्षा प्रदान करती हैं।

    क्यों लगाया जाता है बासी भोजन का भोग

    बसौड़ा के दिन घर में चूल्हा जलाने और ताजा भोजन बनाने की परंपरा नहीं होती। इसलिए एक दिन पहले बनाया गया भोजन माता शीतला को अर्पित किया जाता है। यह भोजन प्रसाद के रूप में बाद में ग्रहण किया जाता है। मान्यता है कि माता शीतला को ठंडा या बासी भोजन प्रिय होता है। इससे शरीर में भी शीतलता बनी रहती है।

    यह पर्व विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र और उत्तर भारत के कई हिस्सों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन घर-घर में बसौड़ा और बासी भोजन की परंपरा निभाई जाती है, जिससे परिवार के सदस्य भी गर्मियों की बीमारियों और संक्रामक रोगों से सुरक्षित रहते हैं।