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  • जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट

    जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट


    नई दिल्ली । T20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे का सफर सुपर 8 चरण में ही समाप्त हो गया। रविवार 1 मार्च को नई दिल्ली में खेले गए आखिरी सुपर 8 मुकाबले में जिम्बाब्वे को दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा जिससे टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय हो गया। हालांकि इस हार के बाद भी टीम स्वदेश वापसी की राह में कई बाधाओं का सामना कर रही है।

    मुख्य वजह है पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दुबई हवाई अड्डे के बंद होने का मामला। जिम्बाब्वे की टीम को दुबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी लेकिन हवाई अड्डे की बंदी के चलते उनकी यात्रा योजना अनिश्चित हो गई। मुख्य कोच जस्टिन सैम्पसन ने कहा कि रविवार को मैच के दौरान टीम को कोई नई जानकारी नहीं दी गई थी और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान खेल पर ही था। उन्होंने बताया जब हमने मैच शुरू किया था तब कोई अपडेट नहीं था। उसके बाद पूरा ध्यान खेल पर रहा। तब से मुझे कोई सूचना नहीं मिली है।

    जिम्बाब्वे टीम के हरफनमौला खिलाड़ी क्रेग एर्विन भी दुबई में फंसे हैं और अब उनके लिए अदीस अबाबा स्थित इथियोपियन एयरलाइंस के जरिए स्वदेश लौटना एक संभावित विकल्प बन सकता है। ICC ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह भारत और श्रीलंका में आयोजित टी20 विश्व कप से लौट रहे खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों का इंतजाम कर रही है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के कारण उत्पन्न हवाई व्यवधान को देखते हुए उठाया गया है।

    मुख्य कोच सिकंदर रजा की अगुआई वाली टीम सोमवार सुबह तीन अलग-अलग चरणों में दिल्ली से रवाना होने वाली थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद यह योजना स्थगित कर दी गई। सैमन्स ने कहा कि इस स्थिति के बावजूद टीम का ध्यान मैदान पर ही रहा।

    दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका अभी भी टूर्नामेंट में है और उनका सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय रही है लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि टीम का पूरा ध्यान खेल पर बना रहेगा।

    इस बीच जिम्बाब्वे टीम और आईसीसी दोनों की कोशिशें जारी हैं ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके। फिलहाल टीम की वापसी का मार्ग और समय पूरी तरह से हवाई मार्ग की स्थिति पर निर्भर है।

  • IND vs AFG का बिगुल बजा, BCCI ने टेस्ट-वनडे सीरीज की तारीखों का किया ऐलान

    IND vs AFG का बिगुल बजा, BCCI ने टेस्ट-वनडे सीरीज की तारीखों का किया ऐलान


    नई दिल्ली। भारत और Afghanistan के बीच अब तक ज़्यादातर मुकाबले टी20 फॉर्मेट में देखने को मिले हैं, लेकिन अब दोनों टीमें रेड-बॉल और 50 ओवर क्रिकेट में आमने-सामने होंगी। बीसीसीआई ने ऐलान किया है कि अफगानिस्तान की टीम जून 2026 में भारत दौरे पर आएगी, जहां एकमात्र टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी।

    एकमात्र टेस्ट मैच 6 से 10 जून 2026 तक न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जून को धर्मशाला से होगी। दूसरा वनडे 17 जून को लखनऊ और तीसरा व अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। तीनों वनडे दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे।

    2018 का टेस्ट यादगार, पारी और 262 रन से जीत
    भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला गया है। यह मुकाबला 2018 में बेंगलुरु में हुआ था, जहां भारतीय टीम ने पारी और 262 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मैच में 107 रन की शानदार पारी खेलने वाले Shikhar Dhawan प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे, जबकि कप्तानी Ajinkya Rahane ने संभाली थी। अब आठ साल बाद फिर से दोनों टीमें टेस्ट क्रिकेट में भिड़ेंगी, जो अफगानिस्तान के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा।

    वनडे रिकॉर्ड में भारत का पलड़ा भारी
    भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक कुल चार वनडे खेले गए हैं। इनमें से तीन मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच टाई रहा। आखिरी वनडे 11 अक्टूबर 2023 को खेला गया था। इस सीरीज के जरिए अफगानिस्तान को 50 ओवर फॉर्मेट में अपनी रणनीति मजबूत करने का अवसर मिलेगा, खासकर तब जब टीम हालिया टी20 विश्व कप 2026 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    नए कोच के साथ नई शुरुआत
    पिछले टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली अफगान टीम इस बार सुपर-8 में भी जगह नहीं बना पाई। इसके बाद टीम मैनेजमेंट में बदलाव हुआ और जोनाथन ट्रॉट की जगह Richard Pybus को नया मुख्य कोच बनाया गया।

    भारत दौरा अफगानिस्तान के लिए एक तरह से पुनर्निर्माण की शुरुआत साबित हो सकता है। भारतीय परिस्थितियों में टेस्ट और वनडे खेलना उनके खिलाड़ियों के अनुभव को नई ऊंचाई देगा।
    अब क्रिकेट फैंस को जून 2026 का इंतजार है-जब दोनों टीमें मैदान पर उतरेंगी और मुकाबला सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और नई दिशा का होगा।

  • इकोनॉमी को डिमांड का बूस्ट, FY2027 में भारत की वृद्धि दर अनुमान से ऊपर जा सकती है

    इकोनॉमी को डिमांड का बूस्ट, FY2027 में भारत की वृद्धि दर अनुमान से ऊपर जा सकती है


    नई दिल्ली। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आशावाद जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च आवृत्ति वाले आर्थिक संकेतक मजबूत बने हुए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि घरेलू मांग में लगातार सुधार हो रहा है। ऐसे माहौल में वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.5 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि दर में ऊपर की ओर संशोधन संभव है। रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापक आर्थिक स्थिरता-जैसे नियंत्रित मुद्रास्फीति, संतुलित राजकोषीय स्थिति और निवेश में सुधार-नीतिगत समर्थन के साथ विकास को गति दे सकती है। यानी ग्रोथ की कहानी सिर्फ उम्मीदों पर नहीं, ठोस आंकड़ों पर टिकी है।

    बाहरी मांग और निर्यात में सुधार की उम्मीद

    मॉर्गन स्टैनली ने बाहरी मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत देखे हैं। खासकर वस्तु निर्यात (मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट) में सुधार की संभावना जताई गई है। हालिया महीनों में वैश्विक शुल्क दरों में कमी आई है, जो पहले 50 प्रतिशत तक पहुंच गई थीं। इसके अलावा भारत द्वारा कई मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) सफलतापूर्वक पूरे किए जाने से निर्यात के नए अवसर खुल सकते हैं। यह संकेत देता है कि भारत की ग्रोथ अब केवल घरेलू खपत पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक मांग से भी सहारा मिलेगा।

    नई जीडीपी सीरीज से अधिक सटीक तस्वीर


    सरकार ने जीडीपी गणना का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है। संशोधित आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी और सकल मूल्य वर्धन (GVA) दोनों 7.8 प्रतिशत रहे। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत आंकी गई है, जो पुराने आधार वर्ष के अनुमान 7.4 प्रतिशत से अधिक है।

    नए आधार वर्ष के तहत असंगठित क्षेत्र, डिजिटल इकोनॉमी, जीएसटी संग्रह, ई-वाहन आंकड़े और सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (PFMS) जैसे नए डेटा स्रोतों को शामिल किया गया है। दोहरी अपस्फीति जैसी उन्नत पद्धतियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुधारों से अब वृद्धि दर का अनुमान अधिक सटीक माना जा रहा है।

    आगे क्या संकेत?


    मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि यदि मौजूदा नीति समर्थन और मांग का रुझान बना रहता है, तो भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बढ़ने वालों में शामिल रह सकता है। घरेलू खपत, निजी निवेश और निर्यात-तीनों का संतुलित योगदान भारत को वित्त वर्ष 2027 में अनुमान से बेहतर प्रदर्शन की दिशा में ले जा सकता है।

  • ईरान-इजराइल संघर्ष में बंकरों में कैद यूपी-बिहार के लोग, होली पर घर लौटने से हुए वंचित

    ईरान-इजराइल संघर्ष में बंकरों में कैद यूपी-बिहार के लोग, होली पर घर लौटने से हुए वंचित


    गोरखपुर। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष ने होली पर घर लौटने की भारतीयों की उम्मीदों को रोक दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार के नागरिक जो काम या कारोबार के सिलसिले में खाड़ी देशों में गए थे मिसाइल हमलों के डर से बंकरों में शरण लिए हुए हैं और उड़ानों के रद्द होने से फंसे हुए हैं।

    मिसाइल हमलों की दहशत


    गोरखपुर के रसूलपुर निवासी अब्दुल रहमान ने दुबई से बताया कि एयरपोर्ट के पास छह मिसाइलें देखी गईं जिन्हें एयर डिफेंस ने हवा में मार गिराया। एक मिसाइल पास में गिरी लेकिन कोई क्षति नहीं हुई। धमाकों की खौफनाक आवाजें कमरे तक पहुंच रही थीं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते रहे। शनिवार देर रात से यह स्थिति जारी है। संदीप कुमार जो मई 2024 में इजराइल गए थे ने बताया कि 2 मार्च को भारत वापसी की फ्लाइट रद्द कर दी गई। यरुशलम और पेटा टिकवा के बीच कार्यरत जनार्दन ने कहा कि रविवार सुबह छह से सात बजे तक लगातार मिसाइलों के धमाके सुनाई दिए।

    छात्र और युवा भी फंसे

    सिद्धार्थनगर के आधा दर्जन छात्र ईरान में धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं जिनसे परिजन संपर्क नहीं कर पा रहे। सीवान के इटहरी गांव निवासी 24 वर्षीय जितेंद्र प्रसाद तीन साल बाद होली मनाने घर लौटने वाले थे लेकिन दोहा एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द होने की जानकारी मिली। फिलहाल 25 युवकों को एयरपोर्ट के पास अमेरिकी आर्मी बेस कैंप में ठहराया गया है।

    यरुशलम में रिहायशी इलाकों की स्थिति गंभीर

    कुशीनगर के पडरौना निवासी नंदलाल विश्वकर्मा जो वेस्ट बैंक क्षेत्र में हैं ने बताया कि रिहायशी इलाकों में स्थिति गंभीर है। बीच-बीच में सायरन बजता रहता है और लोग नजदीकी बंकरों की ओर भागते हैं। हमलावर अक्सर शब्बात के समय को निशाना बनाते हैं जो यहूदी धर्म का साप्ताहिक विश्राम दिवस है। बंकर छोटे या हल्के हमलों से बचाव कर सकते हैं लेकिन सीधे और बड़े हमलों में पर्याप्त नहीं होंगे।

    दुबई से फंसे नागरिकों का अनुभव
    गोरखपुर के वसीम जो दुबई में कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं ने बताया कि ठहरने के स्थान के पास मिसाइलों के धमाके और उड़ानें दिखाई दे रही हैं। हालांकि ईरान का लक्ष्य मुख्य रूप से मिलिट्री बेस कैंप हैं रिहायशी इलाके सुरक्षित रह रहे हैं।

    खामेनेई की मौत के बाद यूपी में अलर्ट

    ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शिया बहुल इलाकों और प्रदर्शन संवेदनशील जिलों में पूरी सतर्कता बरतने और अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा गया है।

  • खामेनेई की मौत पर PM मोदी की चुप्पी को लेकर विपक्ष ने साधा निशाना, कहा- भारत इतना कमजोर कभी नहीं दिखा

    खामेनेई की मौत पर PM मोदी की चुप्पी को लेकर विपक्ष ने साधा निशाना, कहा- भारत इतना कमजोर कभी नहीं दिखा


    नई दिल्ली। इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद दुनिया भर में हलचल मची हुई है। अमेरिकी सहयोगी इसे जायज ठहरा रहे हैं जबकि विरोधी इसे क्रूर हत्या बता रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भारत की तरफ से अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। विपक्षी दलों ने इस चुप्पी को लेकर मोदी सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं।

    कांग्रेस का हमला: नैतिक नेतृत्व पर प्रश्न

    कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार की चुप्पी भारत की नैतिक नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न उठाती है। उनका कहना था आयतुल्ला खामेनेई और अन्य ईरानी नेताओं की हत्या पर सरकार की चुप्पी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कुछ भी कहने की उसकी अनिच्छा को दर्शाती है। यह भारत के मूल सिद्धांतों और विदेश नीति से समझौता है। इतिहास में भारत इतना कमजोर कभी नहीं दिखा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद भारत की मौन नीति उसके मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

    समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस समय जब घातक हमले और युद्ध आम नागरिकों से लेकर शीर्ष नेताओं तक को प्रभावित कर रहे हैं सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही यह बताना चाहिए कि भारत एक तटस्थ देश के रूप में शांति बहाली के लिए क्या कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।

    मोदी सरकार की मौन नीति और विदेश मंत्रालय का बयान
    ईरान की तरफ से रविवार को खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी थी। इसके बावजूद भारत सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। हालांकि विदेश मंत्रालय ने शनिवार देर रात अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को लेकर एक सामान्य बयान जारी किया। इसमें कहा गया भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम से गहरी चिंता में है। सभी पक्ष संयम बरतें तनाव बढ़ाने से बचें और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाया जाना चाहिए। सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।

  • टी20 में दमदार ओपनर कैसे बने मार्करम? फाफ ने IPL को बताया गेमचेंजर

    टी20 में दमदार ओपनर कैसे बने मार्करम? फाफ ने IPL को बताया गेमचेंजर


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका ने टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज और सुपर-8 में अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है, और इस सफर में कप्तान एडन मार्करम की भूमिका बेहद अहम रही है। बतौर ओपनर उन्होंने टीम को तेज और स्थिर शुरुआत दिलाई। पूर्व कप्तान फाफ डू प्लेसिस के मुताबिक, मार्करम के खेल में यह बदलाव यूं ही नहीं आया-इसके पीछे आईपीएल का बड़ा हाथ है। ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में डू प्लेसिस ने कहा कि Lucknow Super Giants के लिए ओपनिंग करते हुए मार्करम ने पावरप्ले में आक्रामक लेकिन संतुलित बल्लेबाजी करना सीखा। आईपीएल 2025 में उनका पावरप्ले स्ट्राइक रेट 151.13 रहा, जो उनके साथी ओपनरों-Quinton de Kock, Rohit Sharma और Will Jacks-से भी बेहतर था।

    स्ट्राइक रेट और तकनीक का संतुलन
    डू प्लेसिस ने खास तौर पर मार्करम की तकनीकी मजबूती और स्ट्राइक रेट में आए सुधार की तारीफ की। उनके मुताबिक, मार्करम ने यह साबित किया कि वह सिर्फ क्लासिकल बल्लेबाज नहीं, बल्कि आधुनिक टी20 की मांग के मुताबिक तेज रन बनाने में भी सक्षम हैं। आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत मिली स्वतंत्रता ने उन्हें जोखिम लेने और मैच की रफ्तार तय करने का आत्मविश्वास दिया। मार्करम ने टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतते हुए यह दिखाया कि वह ओपनिंग के साथ-साथ मिडिल ऑर्डर में भी प्रभावी रह सकते हैं। लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्हें अब फुल-टाइम ओपनर की भूमिका दी गई है।

    वर्ल्ड कप 2026 में दमदार प्रदर्शन
    टी20 विश्व कप 2026 में मार्करम का बल्ला जमकर बोला है। सात मैचों में तीन अर्धशतक के साथ उन्होंने 268 रन बनाए हैं। उनकी औसत 53.60 और स्ट्राइक रेट 175.16 रही है, जो उन्हें टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल करता है। वह इस समय दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

    टीम मैनेजमेंट ने SA20 में शानदार प्रदर्शन करने वाले रेयान रिकेल्टन को नंबर-3 पर भेजकर बल्लेबाजी क्रम में संतुलन बनाया है, जबकि मार्करम नई गेंद से आक्रामक शुरुआत दे रहे हैं। साफ है-आईपीएल का मंच मार्करम के लिए सिर्फ एक लीग नहीं, बल्कि टी20 में खुद को नए सांचे में ढालने की प्रयोगशाला साबित हुआ है। अब सेमीफाइनल में सबकी नजरें एक बार फिर उनके बल्ले पर टिकी होंगी।

  • रंगों के त्योहार पर मेट्रो यात्रियों के लिए अहम सूचना, एनसीआरटीसी ने जारी की एडवाइजरी

    रंगों के त्योहार पर मेट्रो यात्रियों के लिए अहम सूचना, एनसीआरटीसी ने जारी की एडवाइजरी

    नई दिल्ली: होली के रंगोत्सव के मौके पर एनसीआरटीसी ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। एनसीआरटीसी के अनुसार 4 मार्च को नमो भारत और मेरठ मेट्रो सेवाएं सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेंगी। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

    होली पर शहर में लोग रंग और पानी के साथ उत्सव मनाते हैं और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा होते हैं। ऐसे में मेट्रो सेवाओं के सामान्य संचालन में बाधा आने की संभावना रहती है। एनसीआरटीसी ने बताया कि यही कारण है कि नमो भारत और मेरठ मेट्रो को पूरे दिन अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।

    मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि दिनभर चलने वाले रंग खेलने के कार्यक्रम और भीड़भाड़ को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ट्रेनों और स्टेशनों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    एनसीआरटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने यात्रा की योजना बनाते समय इस समय परिवर्तन को ध्यान में रखें। यात्रा में होने वाली असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक परिवहन का उपयोग करना बेहतर होगा। अधिकारीयों ने यह भी बताया कि शाम 5 बजे के बाद सेवाएं फिर से सामान्य रूप से शुरू कर दी जाएंगी और रात 10 बजे तक चलेंगी।

    नमो भारत और मेरठ मेट्रो दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर संचालित होती हैं और रोजाना हजारों यात्रियों को सुविधा प्रदान करती हैं। त्योहार के मद्देनज़र यह अस्थायी बदलाव किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या संचालन में बाधा को रोका जा सके।

    एनसीआरटीसी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा दृष्टिकोण से लिया गया है। रंग और पानी के उपयोग से मेट्रो ट्रेनों के संचालन में तकनीकी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को बनाए रखने के लिए अस्थायी बंद आवश्यक था।

    यात्रियों के लिए सलाह दी गई है कि वे मेट्रो स्टेशन पर जाने से पहले समय का ध्यान रखें और यदि संभव हो तो सार्वजनिक या निजी वाहनों के विकल्प पर विचार करें। इसके अलावा, परिवार और दोस्तों के साथ होली के उत्सव में शामिल होने के लिए योजना बनाते समय मेट्रो की अस्थायी बंदी को ध्यान में रखें।

    एनसीआरटीसी का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि होली के रंगोत्सव का आनंद लेने वाले लोग सुरक्षित रहें और किसी अप्रत्याशित दुर्घटना का सामना न करें। इसके साथ ही ट्रेनों की देखभाल और संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

  • जंग की गूंज क्रिकेट तक! ईरान-इजरायल तनाव से जिम्बाब्वे टीम की वापसी में अड़चन

    जंग की गूंज क्रिकेट तक! ईरान-इजरायल तनाव से जिम्बाब्वे टीम की वापसी में अड़चन


    नई दिल्ली। Iran और Israel के बीच जारी टकराव का असर खेल जगत पर भी साफ दिख रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में अपना अभियान समाप्त करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम अब तक स्वदेश नहीं लौट पाई है। दरअसल, ईरान के जवाबी हमलों के बाद पश्चिम एशिया के कई देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया, जिसके चलते दुबई एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। जिम्बाब्वे की टीम को नई दिल्ली से दुबई होते हुए अपने देश लौटना था, लेकिन एयरपोर्ट बंद होने से उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट रद्द हो गई। फिलहाल पूरी टीम दिल्ली में ठहरी हुई है और नई यात्रा योजना का इंतजार कर रही है।

    कोच जस्टिन सैमन्स बोले – स्थिति को नजरअंदाज करना मुश्किल


    टीम के मुख्य कोच Justin Sammons ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी परिस्थिति मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि सभी खिलाड़ी सोमवार सुबह घर लौटने की तैयारी में थे, लेकिन अचानक हालात बदल गए। टीम के भीतर इस विषय पर लगातार चर्चा हो रही है और सभी अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहे हैं। कोच के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच तक भी किसी संभावित व्यवधान की जानकारी नहीं थी। ऐसे में अचानक फ्लाइट रद्द होने से खिलाड़ियों की योजनाएं प्रभावित हुईं।
    वैकल्पिक रूट पर विचार, ICC भी सक्रिय

    दुबई मार्ग बाधित होने के बाद अब अदीस अबाबा के रास्ते इथियोपियन एयरलाइंस से टीम को भेजने का विकल्प तलाशा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भी स्पष्ट किया है कि विश्व कप के बाद घर लौटने वाली टीमों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा कार्यक्रम में बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ को जोखिम का सामना न करना पड़े।

    मैदान पर शानदार सफर, सुपर-8 में थमी रफ्तार


    Sikandar Raza की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों को हराकर सुपर-8 में जगह बनाई। हालांकि, अगले दौर में वेस्टइंडीज, भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा और अभियान यहीं समाप्त हो गया। अब टीम की नजरें सुरक्षित स्वदेश वापसी पर टिकी हैं। खेल खत्म हो चुका है, लेकिन हालात ने खिलाड़ियों की यात्रा को अनिश्चित बना दिया है। सभी को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और टीम सकुशल घर लौटेगी।
  • सोना-चांदी अब आम आदमी की पहुंच से कोसों दूर: $5390 के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचा गोल्ड, ईरान पर हमले के बाद भारत के हर बड़े शहर में मची खलबली!

    सोना-चांदी अब आम आदमी की पहुंच से कोसों दूर: $5390 के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचा गोल्ड, ईरान पर हमले के बाद भारत के हर बड़े शहर में मची खलबली!

    नई दिल्ली: वैश्विक राजनीति और युद्ध की विभीषिका ने आज भारतीय सराफा बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदलकर रख दी है। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी सीधी जंग ने न केवल मिडिल ईस्ट को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है, बल्कि इसका सीधा और घातक असर सोने-चांदी की कीमतों पर भी पड़ा है। 2 मार्च की सुबह जब देश उठा, तो सोने की कीमतें आसमान छू रही थीं। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,73,240 प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुँच गई, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों के होश उड़ा दिए हैं।

    बाजार में इस अभूतपूर्व तेजी का मुख्य कारण 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ किया गया हवाई हमला और उसके जवाब में ईरान की भीषण मिसाइल कार्रवाई को माना जा रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इस अनिश्चितता के माहौल में दुनिया भर के निवेशकों ने शेयर बाजार से अपना पैसा निकालकर सोने जैसे ‘सुरक्षित ठिकाने’ (Safe Haven) की ओर रुख कर लिया है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल के साथ $5,390 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

    भारत के महानगरों की बात करें तो मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,58,660 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 24 कैरेट की कीमत ₹1,73,090 तक जा पहुँची है। सिर्फ एक हफ्ते के भीतर सोना लगभग ₹9,430 प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली खबर चांदी की कीमतों से आई है। आज सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत में एक ही दिन में ₹35,000 प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई, जिससे दिल्ली में एक किलोग्राम चांदी का भाव ₹3,30,000 के अविश्वसनीय आंकड़े को छू गया।

    MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर भी 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 3.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुला, जो बाजार की घबराहट को साफ दर्शाता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान और इजराइल के बीच तनाव कम नहीं हुआ और यह युद्ध एक क्षेत्रीय महायुद्ध में तब्दील हुआ, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चमक और भी तीखी होगी। मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने कीमती धातुओं को अब आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर कर दिया है।

  • खामेनेई के निधन पर भारत के इस गांव में तीन दिन का शोक, पूरे गांव में बंद रहा व्यापार

    खामेनेई के निधन पर भारत के इस गांव में तीन दिन का शोक, पूरे गांव में बंद रहा व्यापार


    नई दिल्ली। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले के अलीपुर गांव में तीन दिन का अनौपचारिक शोक मनाया गया। अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य और उनके 40 से अधिक अधिकारी मारे गए। इस घटना के बाद ईरान ने मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए।

    मिनी ईरान में शोक की लहर

    अलीपुर जिसे लंबे समय से मिनी ईरान कहा जाता है शिया मुस्लिम समुदाय के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है। रविवार को खामेनेई की मृत्यु की खबर की पुष्टि होते ही पूरा गांव थम गया। स्थानीय निवासियों ने स्वेच्छा से तीन दिन के लिए दुकानें और व्यवसाय बंद रखे। सुबह से ही सड़क किनारे ठेले और बाजार बंद रहे लोग समूहों में इकट्ठा हुए और खामेनेई के चित्र के साथ धार्मिक नारे लगाए।

    विरोध जुलूस और शोक प्रदर्शन

    दो दिन के शोक के बाद अंजुमन-ए-जाफरिया कमेटी के नेतृत्व में विरोध जुलूस निकाला गया। लगभग पूरे गांव ने इसमें भाग लिया। कई लोग काले वस्त्र पहनकर खामेनेई के प्रति सम्मान और शोक व्यक्त कर रहे थे।

    ईरान से ऐतिहासिक और व्यक्तिगत संबंध

    अलीपुर गांव का ईरान से जुड़ाव केवल धार्मिक नहीं बल्कि शैक्षिक और व्यापारिक भी रहा है। गांव का मूल नाम बेल्लिकुंटे था। बीजापुर आदिलशाहियों के समय शिया मुस्लिमों का एक समूह यहां बस गया और इसे अलीपुर नाम दिया गया। अधिकांश निवासी आज भी व्यापार और शिक्षा के लिए ईरान और अरब देशों से जुड़े हैं।

    खामेनेई का इस गांव से व्यक्तिगत संबंध 1986 से जुड़ा है जब वह ईरान के राष्ट्रपति के रूप में अलीपुर आए और एक स्थानीय अस्पताल का उद्घाटन किया। स्थानीय निवासी शफीक ने बताया उनका दौरा हमारे आध्यात्मिक संबंध को मजबूत करने वाला था। हमारा जुड़ाव केवल व्यापार तक सीमित नहीं बल्कि आस्था और धार्मिक मार्गदर्शन से भी जुड़ा है।

    स्थानीय धर्मगुरुओं का बयान

    गांव के धर्मगुरु मौलाना सैयद इब्राहिम ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह हमला बिना उकसावे के और अत्यंत निंदनीय था। उनका कहना था कि दुर्भाग्य है कि कई इस्लामी देश इस हमले पर मूक दर्शक बने हुए हैं।