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  • पैसा मंदिर का और 50 में 42 मुस्लिम छात्र! मंजूरी रद्द होने के बाद MBBS कर रहे छात्रों का क्या होगा? समझिए विवाद

    पैसा मंदिर का और 50 में 42 मुस्लिम छात्र! मंजूरी रद्द होने के बाद MBBS कर रहे छात्रों का क्या होगा? समझिए विवाद

    नई दिल्ली। नेशनल मेडिकल कमीशन ने जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को MBBS कोर्स चलाने की अनुमति को रद्द कर देन का फैसला लिया है.

    यह फैसला 2 जनवरी 2026 को हुए अचानक निरीक्षण के बाद लिया गया है. जांच में कॉलेज के शिक्षा देने की व्यवस्था, बुनियादी ढांचा, मरीजों की संख्या और क्लिनिकल सुविधाओं में कई गंभीर कमियां पाई गई हैं. मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने इसे न्यूनतम मानकों पर खरा नहीं पाया है. जिसके कारण से NMC अध्यक्ष की मंजूरी लेकर उस कॉलेज की अनुमति रद्द कर दी गई है.

    50 छात्रों में से 42 छात्र मुस्लिम
    ये विवाद तब उभरा जब कॉलेज में 50 छात्रों में से 42 कश्मीरी मुस्लिम छात्रों का प्रवेश हुआ था. भाजपा और कुछ हिंदू संगठन इसे लेकर नाराज हुए और सवाल उठाया कि मंदिर ट्रस्ट के फंड से चलने वाले इस कॉलेज में मुस्लिम छात्रों को प्राथमिकता क्यों मिली है. मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने कहा कि दाखिले पूरी तरह NEET और मेरिट के आधार पर हुए और धर्म के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है. उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि कोई संस्था अल्पसंख्यक दर्जा लेना चाहती थी तो उसी समय आवेदन करना चाहिए था.

    MARB ने शिकायतों को जांचने के लिए 2 जनवरी 2026 को अचानक निरीक्षण किया. निरीक्षण में पता चला कि शिक्षण फैकल्टी में 39 फीसदी की कमी थी, ट्यूटर, डेमॉन्स्ट्रेटर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या 65 फीसदी कम थी. मरीजों की संख्या और क्लिनिकल सेवाएं भी तय मानकों से बहुत कम थीं. OPD में 400 मरीजों की जगह केवल 182 मरीज आए, बेड ऑक्यूपेंसी 80 फीसदी की जगह 45 फीसदी रही और ICU में केवल आधे बेड भरे थे. प्रसव की संख्या हर महीने 25 थी, जबकि यह MARB के अनुसार गंभीर रूप से अपर्याप्त थी.

    हिंदू मुस्लिम नहीं, कॉलेज में थी कमी
    मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए और उन्हें अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि शिक्षा और प्रवेश प्रक्रिया में सांप्रदायिक राजनीति की कोशिशें हुई हैं, लेकिन NMC और MARB ने साफ किया कि फैसले का आधार केवल कॉलेज की कमियां और नियमों का उल्लंघन था. छात्रों के अच्छाई के लिए उन्हें दूसरे कॉलेजों में बचे हुए सीटों पर भेजा जाएगा.

    इस पूरे विवाद से साफ संदेश गया कि मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन में नियमों का पालन अनिवार्य है. छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव, या धर्म के आधार पर प्रभावित नहीं होना चाहिए. NMC और MARB का यह कदम स्वास्थ्य शिक्षा में गुणवत्ता, समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में जरूरी माना जा रहा है.

  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले-जहां-जहां भी गजनी का नाम आता है, उसे हटा देना चाहिए

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले-जहां-जहां भी गजनी का नाम आता है, उसे हटा देना चाहिए


    नरसिंहपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने सोमनाथ मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में जहां-जहां भी गजनी का नाम आता है, उसे हटा देना चाहिए।
    अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी ने जो ट्वीट पोस्ट किया है, वह हजार वर्ष पहले की घटना के बारे में है, जिसमें सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण होने का दर्द व्यक्त किया गया है। एक व्यक्ति था महमूद गजनवी, जो अपनी सेना के छोटे-से दल के साथ आया और मंदिर को क्षति पहुंचाई। वहां पूजा करने वाले पुजारियों को उसने नुकसान पहुंचाया, भक्तों को चोट पहुंचाई। उसने यह सोचकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की कि अगर मंदिर और मूर्तियां नष्ट कर दी जाएं तो सोमनाथ नष्ट हो जाएगा।’
    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि यह प्रयास हजार वर्ष पहले किया गया था। उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी की ओर से पोस्ट किया गया ट्वीट यह संदेश देना चाहता है कि तुम मंदिर तोड़ सकते हो, मूर्तियां तोड़ सकते हो, लेकिन सोमनाथ को नष्ट नहीं कर सकते। हजार वर्ष बीत गए, सोमनाथ आज भी खड़ा है। इसलिए भविष्य में जो लोग ऐसे प्रयास करेंगे, उन्हें फिर कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर यही कहना चाहते हैं तो यह स्वागतयोग्य कदम है।’ उन्होंने कहा कि जहां तक गजनी का सवाल है, उसने निश्चित रूप से अच्छा काम नहीं किया। इसलिए भारत में जहां-जहां भी गजनी का नाम आता है, उसे हटा देना चाहिए।
    11 जनवरी को सोमनाथ जाएंगे पीएम मोदी

    पीएम मोदी विदेशी आक्रमणकारियों के बार-बार हमलों के बाद पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का 11 जनवरी को दौरा करेंगे।

    उन्होंने सोमनाथ मंदिर की सराहना करते हुए सोमवार को कहा कि गुजरात स्थित यह मंदिर भारतीय सभ्यता की अदम्य भावना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1,000 साल पूरा होने पर ब्लॉग पोस्ट में कहा, ‘हमारी सभ्यता की अदम्य भावना का सोमनाथ से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता। यह मंदिर बाधाओं एवं संघर्षों पर विजय प्राप्त करते हुए गौरव के साथ खड़ा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सोमनाथ की गाथा भारत माता की उन अनगिनत संतानों के अटूट साहस की कहानी है जिन्होंने हमारी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की। यही भावना आज राष्ट्र में भी दिखाई दे रही है जो सदियों के आक्रमणों और औपनिवेशिक लूट से उबरकर वैश्विक विकास के सबसे चमकते केंद्रों में से एक बनकर उभरा है।’
  • युवक के साथ बेरहमी से मारपीट कर प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला

    युवक के साथ बेरहमी से मारपीट कर प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला


    समस्तीपुर । बिहार के एक थाने में युवक के साथ हैवानियत की हदें पार करने का आरोप लगा है। समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना कस्टडी में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। जख्मी युवक मनीष कुमार की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे ताजपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से बेहतर इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
    मनीष भेरोखड़ा गांव निवासी संजय पोद्दार का पुत्र है। पीड़ित मनीष ने बताया कि वह ताजपुर बाजार स्थित सोनी ज्वेलर्स में काम करता था। कुछ दिन पूर्व दुकान में हुई चोरी के बाद संदेह के आधार पर दुकानदार ने उसे बुलाकर बंधक बनाया, पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया।

    मनीष का आरोप है कि पुलिस ने उसे चार दिनों तक हिरासत में रखकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उसने दावा किया कि कस्टडी में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, यहां तक कि एक पुलिसकर्मी ने उसके शरीर के संवेदनशील हिस्से में सुई चुभोई और प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाल दिया।

    पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट कर पूरे परिवार को धमकाया।

    चार जनवरी को निजी मुचलके पर रिहा होने के बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। पिता संजय पोद्दार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इधर, थानाध्यक्ष शंकर शरण दास ने आरोपों से इनकार किया है। वहीं, एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच के लिए एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में टीम गठित की गई है।

  • BB 19 Dubai Party: ‘तान्या जीतेगी…’, ग्वालियर गर्ल की बिग बॉस 19 सक्सेस पार्टी में हुई तारीफ, वीडियो वायरल

    BB 19 Dubai Party: ‘तान्या जीतेगी…’, ग्वालियर गर्ल की बिग बॉस 19 सक्सेस पार्टी में हुई तारीफ, वीडियो वायरल

    नई दिल्ली। बिग बॉस 19 की कंटेस्टेंट तान्या मित्तल अब किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। हाल ही में दुबई में आयोजित बिग बॉस 19 की ग्रैंड सक्सेस पार्टी में तान्या ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा और जमकर तारीफें बटोरी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

    6 जनवरी 2026 की रात दुबई के एक आलीशान स्थल पर यह पार्टी आयोजित की गई थी। जैसे ही तान्या ने एंट्री ली, पैपराजी और फैंस ने उन्हें घेर लिया। तान्या ने अपने ट्रेडमार्क ‘देसी और बोल्ड’ अंदाज से सबका दिल जीत लिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि होस्ट ने कहा, “तान्या ने दो महीने पहले ही कह दिया था कि ‘तुम जीतेगी’, और यही बात अब सबके सामने सच साबित हुई।” इस पर तान्या मुस्कुराते हुए सबका आभार व्यक्त करती नजर आईं।

    दुबई की इस महफिल में ग्वालियर गर्ल का दबदबा साफ नजर आया। बिग बॉस के घर के अंदर तान्या का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उनकी ईमानदारी और बेबाकी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर पोल और ट्रेंड्स में भी तान्या को भर-भरकर वोट किए गए। घर से बाहर आकर अमाल मलिक ने भी उनकी तारीफ की और कहा कि तान्या ने जिस तरह से गेम खेला, वह काबिले तारीफ है।

    तान्या ने शो में किसी भी मुद्दे पर अपने विचार रखने में कभी डर नहीं दिखाया। उनका यही खुला और स्पष्ट अंदाज दर्शकों को बेहद पसंद आया। दुबई पार्टी में सिर्फ तारीफें ही नहीं, बल्कि खूब मस्ती भी हुई। पार्टी के दौरान के कुछ इनसाइड मोमेंट्स सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिन्हें फैंस ने खूब पसंद किया।

    वीडियो वायरल होते ही ट्विटर (X) पर #TanyaBB19 और #GwaliorGirl जैसे हैशटैग टॉप ट्रेंड करने लगे। लोग वीडियो पर कमेंट्स कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और तान्या के जीतने के कयास भी लगाने लगे हैं।

    इस तरह, दुबई सक्सेस पार्टी में तान्या मित्तल ने अपनी शानदार उपस्थिति और आकर्षक अंदाज से सबका दिल जीत लिया। उनके इस वायरल वीडियो ने फैंस को और उत्साहित कर दिया है, और बिग बॉस 19 के चर्चे अब भी सोशल मीडिया पर जोर पकड़ते दिख रहे हैं।
  • इंदौर दूषित पानी से 18 मौतें. 3 मरीज वेंटिलेटर पर. प्रशासन ने की कार्रवाई

    इंदौर दूषित पानी से 18 मौतें. 3 मरीज वेंटिलेटर पर. प्रशासन ने की कार्रवाई


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण पिछले कुछ दिनों में 18 मौतें हो चुकी हैं. और अब तक 429 लोग अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। बुधवार तक 330 मरीजों को छुट्टी मिल चुकी है. लेकिन 99 मरीज अभी भी इलाजरत हैं। अस्पतालों में ICU में मरीजों की संख्या बढ़ी है. जिनमें से 3 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इस गंभीर स्थिति ने इलाके के लोगों को खौफ में डाल दिया है. और अब वे टैंकर और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण किया. और सीवरेज तथा नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करने के निर्देश दिए। इलाके में पानी की सप्लाई टेस्टिंग की जा रही है. और लोगों को पानी उबालकर और छानकर पीने की सलाह दी जा रही है।
    स्वास्थ्य विभाग ने 61 टीमों का गठन किया था. जिनमें से 5013 घरों का सर्वे किया गया। इस सर्वे के माध्यम से 24786 लोगों को उचित सलाह दी गई और घर-घर दवाइयां भी वितरित की गईं। इसके साथ ही. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ICMR के सर्वे में पाया गया कि इलाके की 17 गलियां संक्रमित पाई गई हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी की. और कहा कि इंदौर की छवि को इस घटना ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पानी हर नागरिक कामौलिक अधिकार है और यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो दोषीअधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही. मुआवजे की राशि पर भी उचित निर्देश दिए जा सकते हैं।
    वहीं. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने पूरे प्रदेश में कैंडल मार्च आयोजित करने कीघोषणा की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मंगलवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों के सिलसिले ने पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है. और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

  • Makar Sankranti पर सूर्य देव की कृपा पाने के लिए करें ये काम, होगी सुख-समृद्धि की बरसात

    Makar Sankranti पर सूर्य देव की कृपा पाने के लिए करें ये काम, होगी सुख-समृद्धि की बरसात

    नई दिल्ली। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर स्नान-दान से पुण्य फल मिलते हैं। इस दिन सूर्य देव की उपासना करने से साधक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। ऐसे में आप इस दिन पर कुछ विशेष कार्यों द्वारा सूर्य देव की कृपा के पात्र बन सकते हैं।

    ऐसा माना गया है कि मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2026) के दिन किए गए स्नान-दान और पूजा-पाठ करने से साधक को कई गुना फल मिलता है। इस साल मकर संक्रांति बुधवार, 14 जनवरी को है। मकर संक्रांति पर खरमास का समापन भी होता है, जिससे विवाह आदि जैसे शुभ कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं।

    जरूर करें ये काम
    मकर संक्रांति के दिन (Makar Sankranti 2025 Upay) सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी खासकर गंगा में स्नान जरूर करें। अगर आपके लिए ऐसा करना संभव न हो, तो आप घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। इससे साधक के लिए सुख-समृद्धि के योग बनते हैं।

    शनि दोष से मिलेगी राहत
    शनि दोष से राहत पाने के लिए मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2025) के दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें। ऐसा करने से आपको अपनी स्थिति में लाभ देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही आप मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के बाद बहती जलधारा में काले तिल प्रवाहित कर सकते हैं, जिससे शनि दोष में राहत मिलती है।
    इस तरह करें सूर्य देव को प्रसन्न
    मकर संक्रांति के दिन स्नान-ध्यान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। इससे जातक के मान-सम्मान में वृद्धि होती है। इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने के लिए सबसे पहले जल में लाल फूल, अक्षत (चावल) और रोली मिलाएं और इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दें। इस दौरान ॐ सूर्याय नम: मंत्र का जप करते रहें।

    अंत में सूर्य देव को नमस्कार करते हुए सुख-समृद्धि की कामना करें। साथ ही इस दिन पर सूर्य देव की कृपा के लिए अपनी क्षमता के अनुसार, अन्न, तिल, गुड़, कपड़े, कंबल और धन आदि का दान (Makar Sankranti Daan) करें व गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं।

  • अडानी टॉप-20 अरबपतियों की सूची से बाहर… एलन मस्क और मुकेश अंबानी को भी बड़ा झटका

    अडानी टॉप-20 अरबपतियों की सूची से बाहर… एलन मस्क और मुकेश अंबानी को भी बड़ा झटका


    वाशिंगटन।
    दुनिया के सबसे अमीर एलन मस्क (World’s Richest man Elon Musk) और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी (Asia’s Richest man, Mukesh Ambani), दोनों को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। दोनों ब्लूमबर्ग बिलेनियर लिस्ट में मंगलवार के टॉप लूजर रहे। एलन मस्क की संपत्ति 13.48 अरब डॉलर कम हो गई तो मुकेश अंबानी के नेटवर्थ में 4.37 अरब डॉलर की कमी आई। अडानी 313 मिलियन डॉलर गंवाने के बाद 85.4 अरब डॉलर के साथ टॉप-20 से बाहर हो गए हैं। अंबानी के पास अभी 103 अरब डॉलर की संपत्ति है।


    क्यों आई गिरावट

    दरअसल एलन मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयरों में मंगलवार को 4 पर्सेंट से अधिक की गिरावट आई। मस्क की संपत्ति का अधिकांश हिस्सा टेस्ला के शेयरों से आता है। इस वजह से उनकी संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों भी 4 पर्सेंट से अधिक की गिरावट हुई। इसलिए इनकी दौलत भी घट गई। हालांकि, दोनों की रैंकिंग में कोई फर्क नहीं पड़ा। मुकेश अंबानी ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में 18वें स्थान पर काबिज हैं और मस्क टॉप पोजीशन पर।

    दुनिया दूसरे सबसे रईस शख्स लैरी पेज को 1.80 अरब डॉलर का झटका लगा है। अब इनके पास 270 अरब डॉलर की संपत्ति है।


    जेफ बेजोस को 7.18 अरब डॉलर का फायदा

    तीसरे नंबर पर काबिज जेफ बेजोस को 7.18 अरब डॉलर का फायदा हुआ। अब इनकी संपत्ति 262 अरब डॉलर हो गई है। सर्गेई ब्रिन को 1.64 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और अब वह 251 अरब डॉलर के साथ चौथे नंबर पर हैं। पांचवे नंबर पर काबिज लैरी एलिसन को 576 मिलियन डॉलर का फायदा हुआ है। उनकी संपत्ति अब 246 अरब डॉलर रह गई है।

    जुकरबर्ग दुनिया के अमीरों की लिस्ट में अब छठे स्थान पर हैं। उनकी संपत्ति में 677 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनकी कुल संपत्ति 233 अरब डॉलर हो गई है। फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट सातवें नंबर पर हैं और उनकी संपत्ति अब 22 मिलियन डॉलर घटकर 207 अरब डॉलर रह गई है। स्टीव बाल्मर को 1.83 अरब डॉलर का फायदा हुआ है। अब इनकी संपत्ति 167 अरब डॉलर है।

    जेनसेन हुआंग 155 अरब डॉलर के साथ ब्लूमबर्ग इंडेक्स में 9वें स्थान पर हैं। इन्हें 686 मिलियन डॉलर की चोट पहुंची है। 10वें स्थान पर वॉरेन बफेट हैं। इनकी कुल संपत्ति 82.2 मिलियन डॉलर बढ़कर 150 अरब डॉलर हो गई है।

  • आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… एक बार कोटे का लाभ लेने वाले का सामान्य सीट पर कोई हक नहीं

    आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… एक बार कोटे का लाभ लेने वाले का सामान्य सीट पर कोई हक नहीं


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को कहा कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा (Union Public Service Commission (UPSC) examination) में आवेदक ने यदि एक बार आरक्षण (Reservation) का लाभ ले लिया है तो वह सामान्य श्रेणी की सीटों पर नियुक्ति पाने का हकदार नहीं है। भले ही उसका कुल अंक सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार से अधिक हो। शीर्ष अदालत ने कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील स्वीकार करते हुए यह फैसला दिया है।

    जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और विजय बिश्नोई की पीठ ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अनारक्षित कैडर में एक अनुसूचित जाति के उम्मीदवार की नियुक्ति की मांग पर विचार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उक्त आवेदक ने आरंभिक परीक्षा में आरक्षण का लाभ उठाया था। पीठ ने फैसले में कहा कि एक बार जब किसी आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार ने आरक्षण का लाभ ले लिया है तो उसे सामान्य श्रेणी के रिक्तियों/सीटों पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। इसके साथ सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया।

    हाईकोर्ट ने आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार को सिर्फ इसलिए सामान्य श्रेणी में नियुक्त करने का आदेश दिया था क्योंकि उसने सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार से ऊंची फाइनल रैंक हासिल की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार ने आरंभिक परीक्षा में आरक्षण का लाभ उठाया है, इसलिए, उन्हें सामान्य श्रेणी की सीटों पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती।

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए आरक्षित श्रेणी का लाभ उठाने के बाद, उम्मीदवार प्रतिवादी नंबर-1 (जी किरण) बाद में सिर्फ इसलिए सामान्य सीट पर चुने जाने का दावा नहीं कर सकता कि उसने बाद के चरणों में 34 सामान्य श्रेणी के आवेदक से बेहतर प्रदर्शन किया।

    पीठ ने कहा कि अगर कोई उम्मीदवार परीक्षा के किसी भी स्टेज पर छूट का सहारा लेता है, तो वह परीक्षा नियम, 2013 के नियम 14(ii) के प्रोविजो के दायरे में नहीं आएगा और उस स्थिति में, कैडर आवंटन के लिए लागू पॉलिसी के मकसद से, वह जनरल स्टैंडर्ड पर चुने गए उम्मीदवारों की लिस्ट में नहीं आएगा, जो अपने होम स्टेट कैडर की जनरल इनसाइडर वैकेंसी पर इनसाइडर उम्मीदवार के तौर पर दावा कर रहा हो।

    यह है मामला दरअसल, यूपीएससी द्वारा 2013 में भारतीय वन सेवा परीक्षा से मामले में विवाद शुरू हुआ। यह परीक्षाा दो चरणों में हुई थी, प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य और साक्षात्कार। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य श्रेणी का कट-ऑफ 267 अंक था, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ 233 था। इस परीक्षा में आरक्षित श्रेणी के आवेदक जी. किरण ने रियायती कट-ऑफ का फायदा उठाकर 247.18 अंक के साथ क्वालिफाई किया, जबकि सामान्य श्रेणी के आवेदक एंटनी एस. मारियप्पा ने जनरल कट-ऑफ पर 270.68 अंक के के साथ क्वालिफाई किया।

    हालांकि, अंतिम मेरिट लिस्ट में आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार जी. किरण की रैंक 19 थी और एंटनी की रैंक 37 थी। लेकिन, कैडर आवंटन के दौरान, कर्नाटक में केवल एक जनरल इनसाइडर वैकेंसी थी और कोई एससी इनसाइडर वैकेंसी नहीं थी। केंद्र सरकार ने जनरल इनसाइडर पोस्ट एंटनी को दी और किरण को तमिलनाडु कैडर में भेजा।

  • T20 वर्ल्ड कप के लिए न्यूजीलैंड की टीम का ऐलान… मिचेल सैंटनर होंगे कप्तान

    T20 वर्ल्ड कप के लिए न्यूजीलैंड की टीम का ऐलान… मिचेल सैंटनर होंगे कप्तान


    नई दिल्ली।
    T20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के लिए न्यूजीलैंड की टीम का ऐलान (New Zealand team Announced.) हो गया है। भारत और श्रीलंका में फरवरी-मार्च में आयोजित होने वाले इस मेगा इवेंट के लिए न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान टीम के कप्तान मिचेल सैंटनर (Mitchell Santner) होंगे, जो लगातार दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट में कीवी टीम की कमान संभालेंगे। पेस ऑपशन्स टीम में आपको ज्यादा नजर आएंगे। इससे पहले वे आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान थे। न्यूजीलैड की टीम में आपको तेज गेंदबाजी के विकल्प बहुत सारे नजर आएंगे। यहां तक कि रिजर्व में एक खिलाड़ी को रखा गया है और हैरानी की बात ये है कि वो भी पेसर है।

    न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी के 2025 में शानदार गेंदबाजी का इनाम मिला है और उन्हें ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम में चुना गया है। दुनिया के दूसरे नंबर के T20I गेंदबाज जैकब डफी ने पिछले कैलेंडर ईयर में सभी फॉर्मेट में 81 इंटरनेशनल विकेट लिए। वे न्यूजीलैंड के लिए एक सला में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे। उन्होंने रिचर्ड हेडली का रिकॉर्ड तोड़ा था। मिचेल सैंटनर एक खिलाड़ी के तौर पर अपने नौवें सीनियर ICC ग्लोबल इवेंट में खेलने वाले हैं, जो कि कप्तान भी हैं।

    मिचेल सैंटनर के साथ स्पिनर की जिम्मेदारी ईश सोढ़ी को मिली है, जबकि ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल, ग्लेन फिलिप्स और रचिन रविंद्र टीम में स्पिन की डेप्थ लेकर आते हैं। जैकब डफी पेस डिपार्टमेंट में लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी और एडम मिल्ने के साथ शामिल हैं। इसके अलावा पेस बॉलिंग ऑलराउंडर जिमी नीशम भी टीम का हिस्सा हैं। काइल जैमीसन को रिजर्व के तौर पर रखा गया है। टिम साइफर्ट टीम के विकेटकीपर होंगे।

    मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, डेरिल मिशेल, एडम मिल्ने, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम साइफर्ट और ईश सोढ़ी। ट्रैवलिंग रिजर्व: काइल जैमीसन

    न्यूजीलैंड की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप डी में शामिल है, जिसमें उसके साथ अफगानिस्तान, कनाडा, साउथ अफ्रीका और यूएई की टीम शामिल है। 8 फरवरी को चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ न्यूजीलैंड को अपना लीग फेज का पहला मैच खेलना है। चेन्नई की परिस्थितियां स्पिन के अनुकूल होती हैं, जहां अफगानिस्तान की टीम कीवी टीम पर हावी हो सकती है।

  • भारत के खास दोस्त समेत इन 4 देशों से तोड़ दो नाता… US का वेनेजुएला एक और फरमान

    भारत के खास दोस्त समेत इन 4 देशों से तोड़ दो नाता… US का वेनेजुएला एक और फरमान

    काराकास। निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका (America) और वेनेजुएला के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। इस बीच अमेरिका ने वेनेजुएला के लिए एक और फरमान जारी किया है। अमेरिका ने कहा है कि वेनेजुएला को चार दशों के साथ अपने संबंध कम करने चाहिए। इन देशों में एक भारत का करीबी दोस्त रूस भी शामिल है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के प्रशासन ने वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज को सख्त निर्देश दिए हैं कि उनका देश तेल उत्पादन में केवल अमेरिका के साथ विशेष साझेदारी करे और भारी कच्चे तेल की बिक्री में अमेरिका को प्राथमिकता दे। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका यह भी मांग कर रहा है कि वेनेजुएला चीन, रूस, ईरान और क्यूबा के साथ अपने संबंधों को कम करे और इन देशों को बाहर निकालकर आर्थिक संबंध पूरी तरह तोड़ दे।

    रिपोर्ट में तीन अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वेनेजुएला को अधिक तेल उत्पादन की अनुमति तभी मिलेगी जब वह इन शर्तों को माने। वाइट हाउस ने इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। यह मांगें ऐसे समय में आई हैं जब निकोलस मादुरो को अमेरिकी विशेष बलों द्वारा गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया है और डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया है।

    वेनेजुएला लंबे समय से चीन, रूस, ईरान और क्यूबा पर आर्थिक और सुरक्षा सहायता के लिए निर्भर रहा है, खासकर ह्यूगो शावेज और मादुरो के शासनकाल में। इन संबंधों को पूरी तरह तोड़ना वेनेजुएला की विदेश नीति में बड़ा उलटफेर होगा।

    ट्रंप ने मंगलवार शाम कहा कि वेनेजुएला अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल भेजेगा, जिसकी कीमत वर्तमान बाजार मूल्य पर करीब 2.8 अरब डॉलर तक हो सकती है। उन्होंने घोषणा की कि यह तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और आय दोनों देशों के लाभ के लिए उपयोग की जाएगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रशासन अगले सप्ताह अमेरिकी तेल कंपनियों से वेनेजुएला में निवेश पर चर्चा करेगा।

    वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका वेनेजुएला पर कब्जा नहीं करना चाहता, लेकिन ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह देश के भविष्य को निर्देशित करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे, मुख्य रूप से तेल राजस्व से वित्तपोषित। यह घटनाक्रम वैश्विक तेल बाजार और भू-राजनीतिक संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है, क्योंकि वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों वाला देश है।