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  • भारत में पहली बार निजी कंपनी का ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च, जानिए क्या है मिशन आगमन ?

    भारत में पहली बार निजी कंपनी का ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च, जानिए क्या है मिशन आगमन ?


    नई दिल्ली। भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पल आने वाला है। पहली बार कोई भारतीय निजी कंपनी अपने स्वदेशी ऑर्बिटल रॉकेट के जरिए उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने का प्रयास करेगी। हैदराबाद की स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल क्लास लॉन्च व्हीकल विक्रम-1 का परीक्षण मिशन ‘मिशन आगमन’ लॉन्च करने जा रही है।

    यह मिशन इसलिए खास है क्योंकि अब तक भारत में उपग्रहों को कक्षा में भेजने का काम मुख्य रूप से इसरो के रॉकेटों के जरिए होता रहा है। विक्रम-1 की सफलता के साथ निजी कंपनियों के लिए व्यावसायिक अंतरिक्ष लॉन्च सेवाओं का नया रास्ता खुल सकता है।

    क्या है मिशन आगमन?
    मिशन आगमन, विक्रम-1 रॉकेट की पहली परीक्षण उड़ान है। इसका प्रक्षेपण सुबह 11:30 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाना है। इस मिशन के जरिए स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पूरी तरह स्वदेशी तरीके से विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल की क्षमता, तकनीक और प्रदर्शन का परीक्षण करेगी।

    विक्रम-1 रॉकेट की खासियत
    विक्रम-1 का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में रखा गया है।

    इस रॉकेट की प्रमुख विशेषताएं-
    – विक्रम-1 करीब 24 मीटर लंबा ऑर्बिटल क्लास रॉकेट है।
    – इसे छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
    – इसका ढांचा हल्के कार्बन-कॉम्पोजिट स्ट्रक्चर से तैयार किया गया है।
    – कार्बन फाइबर मजबूत स्टील की तुलना में लगभग पांच गुना हल्का होता है, जिससे रॉकेट की दक्षता बढ़ती है।
    – इसमें तीन सॉलिड प्रोपल्शन स्टेज हैं।
    – रॉकेट के ऊपरी हिस्से में ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल लगाया गया है, जो एक ही मिशन में कई उपग्रहों को अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित करने में मदद करेगा।
    – विक्रम-1 को 450 किलोमीटर की लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में करीब 350 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने के लिए तैयार किया गया है।

    विक्रम-1 में कौन-सी नई तकनीकें?
    विक्रम-1 में कई अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसके लिक्विड इंजन पूरी तरह धातु से बने 3डी-प्रिंटेड इंजन हैं। 3डी प्रिंटिंग तकनीक के जरिए ऐसे इंजन बनाए जा सकते हैं जिनके निर्माण में पहले सैकड़ों अलग-अलग पुर्जों की जरूरत पड़ती थी। इससे निर्माण प्रक्रिया तेज होती है और लागत भी कम होती है। इसके अलावा स्काईरूट ने अपना खुद का न्यूमेटिक स्टेज सेपरेशन सिस्टम विकसित किया है, जो मॉड्यूलर और परीक्षण योग्य है। कंपनी के अनुसार इन तकनीकों से रॉकेट को हल्का, अधिक भरोसेमंद और किफायती बनाया गया है।

    विक्रम-1 के साथ अंतरिक्ष में क्या जाएगा?
    – मिशन आगमन में कई खास पेलोड भेजे जाएंगे।
    – इनमें बेंगलुरु की कंपनी कॉसमॉस डायमंड्स द्वारा तैयार किया गया लैब-निर्मित डायमंड लोटस शामिल है।

    इसके अलावा अजय कुमार मट्टेवाड़ा की बनाई गई माइक्रोआर्ट भी अंतरिक्ष में भेजी जाएगी। इसमें 18 कैरेट सोने से बना एक छोटा रॉकेट है, जिसके अंदर भारत के तीन महान वैज्ञानिकों सर सीवी रमन, डॉ. विक्रम साराभाई, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की बेहद सूक्ष्म मूर्तियां बनाई गई हैं। इन मूर्तियों का आकार चावल के एक दाने से भी छोटा है।

    इस मिशन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हस्तलिखित पोस्टकार्ड भी भेजा जाएगा, जिस पर ‘वंदे मातरम’ लिखा है। इसके अलावा स्काईरूट की टीम, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और दुनिया भर के समर्थकों के संदेश भी अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे।

    क्यों महत्वपूर्ण है मिशन आगमन?
    – अगर विक्रम-1 सफल होता है तो भारत की निजी कंपनियां भी स्वतंत्र रूप से व्यावसायिक लॉन्च सेवाएं दे सकेंगी।
    – आईएन-स्पेस के तकनीकी निदेशक राजेश जोथी के अनुसार, यह मिशन छोटे उपग्रहों और छोटे लॉन्च व्हीकल के वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत कर सकता है।
    – वर्ष 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार लागू होने के बाद निजी कंपनियों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है।

    स्काईरूट एयरोस्पेस की शुरुआत
    स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना वर्ष 2018 में हुई थी। कंपनी का लक्ष्य दुनिया भर के उपग्रह संचालकों को किफायती, भरोसेमंद और जरूरत के अनुसार लॉन्च सेवाएं उपलब्ध कराना है। कंपनी को इसरो की परीक्षण सुविधाओं और लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच मिलने से विकास में तेजी मिली और लागत कम रखने में मदद मिली।

    विक्रम-एस से विक्रम-1 तक का सफर
    स्काईरूट ने 18 नवंबर 2022 को अपना पहला निजी सब-ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एस सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। ‘प्रारंभ’ नाम के इस मिशन ने भारत के पहले निजी रॉकेट लॉन्च का इतिहास बनाया। यह रॉकेट करीब 88.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और अपने निर्धारित मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए बंगाल की खाड़ी में उतरा। इस मिशन में सॉलिड प्रोपल्शन, कार्बन-कॉम्पोजिट स्ट्रक्चर, एवियोनिक्स और टेलीमेट्री जैसी तकनीकों का परीक्षण किया गया था, जिनका आधार अब विक्रम-1 में इस्तेमाल किया गया है।

    भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को कैसे मिला बढ़ावा?
    सरकार ने स्पेस स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं—

    2023
    – भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 लागू की गई।
    – इन-स्पेस सीड फंड योजना शुरू की गई।

    2024
    – अंतरिक्ष क्षेत्र में एफडीआई नियमों को आसान बनाया गया।
    – एनजीपी-2024 के जरिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल किया गया।
    – इन-स्पेस प्री-इन्क्यूबेशन उद्यमिता कार्यक्रम शुरू किया गया।
    – स्पेस स्टार्टअप्स के लिए 1,000 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया।

    2025
    – नई अंतरिक्ष तकनीकों के लिए 500 करोड़ रुपये का टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड बनाया गया।
    – एसएसएलवी तकनीक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को हस्तांतरित की गई।

    2026
    – पीपीपी मॉडल के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह नेटवर्क विकसित करने की पहल शुरू की गई।

    भारत में स्पेस स्टार्टअप्स की स्थिति
    सरकार के अनुसार, वर्ष 2014 में देश में केवल एक पंजीकृत स्पेस स्टार्टअप था, जबकि फरवरी 2026 तक इनकी संख्या 400 से अधिक हो चुकी है।

    भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स में अब तक 50 करोड़ डॉलर (500 मिलियन डॉलर) से अधिक का निवेश हो चुका है। अकेले 2025 में करीब 15 करोड़ डॉलर (150 मिलियन डॉलर) का निवेश आया।

    पिक्सेल, ध्रुव स्पेस, स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस और बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस जैसी कंपनियां भारत के नए अंतरिक्ष युग की प्रमुख कंपनियों के रूप में उभर रही हैं।

    अगर मिशन आगमन सफल रहता है, तो यह केवल स्काईरूट एयरोस्पेस की उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक नए दौर की शुरुआत साबित हो सकती है।

  • बिहार पर्यटन विभाग की अनोखी प्रतियोगिता, श्रावणी मेले पर बनाएं रील्स और जीतें ₹3 लाख तक का इनाम

    बिहार पर्यटन विभाग की अनोखी प्रतियोगिता, श्रावणी मेले पर बनाएं रील्स और जीतें ₹3 लाख तक का इनाम


    पटना। बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले श्रावणी मेला 2026 को देश-दुनिया तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए बिहार पर्यटन विभाग ने एक खास पहल शुरू की है। विभाग ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए राष्ट्रव्यापी वीडियो-मेकिंग प्रतियोगिता लॉन्च की है।

    इस प्रतियोगिता का उद्देश्य कांवड़िया परंपरा और श्रावणी मेले की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक छवि को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए व्यापक स्तर पर प्रचारित करना है। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता का नाम “श्रावणी मेला 2026: एन इन्फ्लुएंसर्स पर्सपेक्टिव” रखा गया है।

    कौन ले सकता है हिस्सा?
    प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए कुछ जरूरी पात्रताएं तय की गई हैं।
    – प्रतिभागी के फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब अकाउंट को मिलाकर कम से कम 25,000 फॉलोअर्स होना जरूरी है।
    – आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
    – प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

    विजेता को मिलेगा ₹3 लाख का पुरस्कार
    प्रतिभागियों को श्रावणी मेले और मुंगेर, बांका व भागलपुर से गुजरने वाले कांवड़िया रूट पर आधारित वीडियो या रील्स तैयार करनी होगी। वीडियो की अवधि 30 सेकंड से 2 मिनट के बीच होनी चाहिए। बिहार पर्यटन विभाग ने प्रतियोगिता के लिए आकर्षक नकद पुरस्कारों की घोषणा की है।

    प्रथम पुरस्कार: ₹3 लाख
    द्वितीय पुरस्कार: ₹2 लाख
    तृतीय पुरस्कार: ₹1 लाख
    चौथा पुरस्कार: ₹50,000-₹50,000 (दो विजेताओं को)
    सांत्वना पुरस्कार: ₹25,000-₹25,000 (पांच विजेताओं को)

    AI से बनाई गई वीडियो होगी अमान्य
    पर्यटन विभाग के अनुसार, श्रावणी मेला 2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पहली सोमवारी 3 अगस्त 2026 के बाद अपनी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करनी होगी।

    इसके बाद दूसरी सोमवारी के दो दिनों के भीतर वीडियो को विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। प्रतियोगिता के लिए अंतिम सबमिशन तारीख 13 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि वीडियो पूरी तरह मौलिक, एचडी क्वालिटी और जियो-टैग्ड होना चाहिए। किसी भी तरह का आपत्तिजनक कंटेंट, वॉटरमार्क या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा। AI से तैयार या एडिट की गई वीडियो मिलने पर प्रविष्टि को तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।

    ऐसे होगा विजेताओं का चयन
    विजेताओं का चयन पर्यटन विभाग की ओर से गठित जूरी और सोशल मीडिया पर वीडियो को मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर किया जाएगा। इसमें 45 दिनों के दौरान मिलने वाली रीच, लाइक्स और शेयर्स को भी ध्यान में रखा जाएगा।

  • 2 अगस्त को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे मंगल, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत

    2 अगस्त को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे मंगल, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल 2 अगस्त को रात 10:59 बजे मिथुन राशि में गोचर करेंगे। मंगल 18 सितंबर तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषविदों के मुताबिक इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन मिथुन, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है। इस दौरान करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

    मिथुन राशि
    मंगल का आपकी राशि में प्रवेश आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को नई मजबूती दे सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों से लाभ मिलने के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों की कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है, साथ ही नई जिम्मेदारियां या प्रोजेक्ट मिलने की संभावना भी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और अचानक धन लाभ के अवसर भी बन सकते हैं। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा, जिससे मानसिक संतोष बना रहेगा। लंबे समय से अटके मामलों में प्रगति होने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने का साहस बढ़ सकता है।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर करियर के लिहाज से लाभकारी साबित हो सकता है। व्यापार विस्तार के नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास चुनौतियों का सामना करने में मदद करेंगे। यदि घर, जमीन या वाहन खरीदने की योजना लंबे समय से बनी हुई है तो यह समय अनुकूल रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के साथ पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के भी संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और निवेश से लाभ मिलने की संभावना बनी रहेगी।

    मकर राशि
    मकर राशि वालों के लिए मंगल का राशि परिवर्तन नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी तथा आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। लाभदायक यात्राओं के संकेत भी मिल रहे हैं। किसी प्रतिष्ठित संस्था या बड़ी कंपनी से आकर्षक प्रस्ताव मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहेगा और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहेगा।

    (नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य सूचना देना है।)

  • हरियाली तीज 2026: कब है व्रत? जानें शुभ तिथि, पूजा विधि, धार्मिक महत्व और जरूरी नियम

    हरियाली तीज 2026: कब है व्रत? जानें शुभ तिथि, पूजा विधि, धार्मिक महत्व और जरूरी नियम


    नई दिल्ली। सावन का महीना अपने साथ हरियाली, उमंग और धार्मिक आस्था लेकर आता है। इसी पावन माह में मनाई जाने वाली हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना करती हैं।

    कब है हरियाली तीज 2026?
    हिंदू पंचांग के अनुसार हरियाली तीज हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा का विधान है।
    पूजा मुहूर्त – सुबह 7.29 – सुबह 9.08
    दोपहर का मुहूर्त – दोपहर 12.25 – शाम 5.22

    हरियाली तीज का धार्मिक महत्व
    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। उनके अटूट समर्पण और तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी स्वीकार किया। इसी कारण यह पर्व अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। सुहागिन महिलाएं माता गौरी से सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मांगती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं योग्य वर की कामना करती हैं।

    ऐसे करें हरियाली तीज की पूजा
    – ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले स्नान कर हरे या लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
    – मिट्टी से बनी भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
    – पूजा में मेहंदी, सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, काजल सहित सुहाग का पूरा श्रृंगार अर्पित करें।
    – व्रत का संकल्प लेकर माता गौरी का ध्यान करें और सोलह श्रृंगार अर्पित करें।
    – भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग और अक्षत चढ़ाकर शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें।
    – पूजा के अंत में हरियाली तीज की व्रत कथा सुनना या पढ़ना आवश्यक माना गया है।

    त्योहार की रौनक
    हरियाली तीज पर महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और झूला झूलकर पर्व का आनंद लेती हैं। इस अवसर पर घेवर, मालपुआ और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। यह त्योहार मायके और ससुराल के रिश्तों में प्रेम और अपनापन बढ़ाने का भी प्रतीक माना जाता है।

    व्रत के दौरान क्या करें और क्या न करें

    क्या करें
    – सात्विक भोजन का पालन करें।
    – दान-पुण्य करें और बड़ों का आशीर्वाद लें।
    – घर में सकारात्मक और धार्मिक वातावरण बनाए रखें।

    क्या न करें
    – काले या नीले रंग के वस्त्र पहनने से बचें।
    – क्रोध, विवाद और किसी के प्रति द्वेष की भावना न रखें।
    – तामसिक भोजन का सेवन न करें और व्रत के नियमों का श्रद्धापूर्वक पालन करें।

  • 27 जुलाई से शनि होंगे वक्री, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए बढ़ेगी सतर्कता; जानिए क्या कहती हैं ज्योतिषीय मान्यताएं

    27 जुलाई से शनि होंगे वक्री, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए बढ़ेगी सतर्कता; जानिए क्या कहती हैं ज्योतिषीय मान्यताएं

    नई दिल्ली ।वैदिक ज्योतिष में शनि देव को न्याय, कर्म, अनुशासन और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 27 जुलाई 2026 से शनि मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं और 11 दिसंबर 2026 तक लगभग 138 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि की वक्री चाल को आत्ममंथन, जिम्मेदारियों के पुनर्मूल्यांकन और कर्मों की समीक्षा का समय माना जाता है। इस अवधि का प्रभाव सभी राशियों पर समान नहीं माना जाता, बल्कि यह व्यक्ति की जन्म कुंडली, ग्रहों की स्थिति और वर्तमान दशा पर भी निर्भर करता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि वास्तव में अपनी दिशा नहीं बदलते, बल्कि पृथ्वी और शनि की गति के अंतर के कारण पृथ्वी से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि वे पीछे की ओर चल रहे हैं। इसी खगोलीय स्थिति को वक्री गति कहा जाता है। ज्योतिष में इस समय को धैर्य, अनुशासन और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों से बचना और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना अधिक लाभकारी हो सकता है।

    मान्यताओं के अनुसार कर्क राशि के जातकों को इस अवधि में कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी और व्यवसाय से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने और परिवार के साथ संतुलन बनाए रखने से परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण निवेश या आर्थिक निर्णय से पहले पूरी जानकारी लेना उपयोगी माना गया है।

    वृश्चिक राशि के लोगों के लिए भी यह समय धैर्य की परीक्षा लेने वाला माना गया है। करियर, साझेदारी और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। विवादों से दूरी बनाए रखना और भावनाओं में बहकर निर्णय न लेना इस अवधि में लाभदायक माना गया है। अधूरे कार्यों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने और कार्यस्थल पर संयम बनाए रखने से सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बताई गई है।

    कुंभ राशि के स्वामी स्वयं शनि माने जाते हैं, इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से इस राशि पर शनि की वक्री चाल का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान स्वास्थ्य, आर्थिक प्रबंधन और करियर से जुड़े मामलों में लापरवाही से बचने की सलाह दी जाती है। योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना, अनावश्यक जोखिम से दूर रहना और अपने लक्ष्यों की समीक्षा करना इस अवधि में उपयोगी माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि की वक्री अवधि में शनिवार को शनि देव की श्रद्धापूर्वक पूजा करना, “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करना तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा काले तिल, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान अपनी परंपरा और श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है। ईमानदारी, अनुशासन और परिश्रम के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा क्रोध, छल और अन्याय से दूर रहने को भी इस अवधि में विशेष महत्व दिया जाता है।

    ज्योतिष विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल राशि के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। किसी व्यक्ति पर शनि के वास्तविक प्रभाव का आकलन उसकी जन्म कुंडली, ग्रह दशा और अन्य ज्योतिषीय योगों के विस्तृत विश्लेषण के बाद ही किया जा सकता है। इसलिए इस प्रकार की भविष्यवाणियों को धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

  • तिरुवनंतपुरम में होटल की लिफ्ट में 15 मिनट तक फंसे शशि थरूर, हाइड्रोलिक स्प्रेडर से सुरक्षित निकाला बाहर

    तिरुवनंतपुरम में होटल की लिफ्ट में 15 मिनट तक फंसे शशि थरूर, हाइड्रोलिक स्प्रेडर से सुरक्षित निकाला बाहर


    तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर शुक्रवार शाम केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित एक निजी होटल की लिफ्ट में करीब 15 मिनट तक फंस गए। वह यहां ‘रोटरी क्लब ऑफ त्रिवेंद्रम ईस्ट’ के स्थापना समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।

    घटना की जानकारी मिलते ही होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आधुनिक उपकरणों की मदद से शशि थरूर समेत लिफ्ट में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शाम 7:37 बजे सूचना मिली कि सांसद होटल की लिफ्ट में फंस गए हैं। इसके बाद रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। शुरुआती प्रयासों में होटल स्टाफ और अन्य लोगों ने लोहे की रॉड से लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। यहां तक कि लिफ्ट मैकेनिक भी तकनीकी खराबी दूर कर दरवाजा नहीं खोल सके।

    बताया गया कि तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट निर्धारित मंजिल तक नहीं पहुंच पाई, जिससे उसका ऑटोमैटिक डोर लॉक सक्रिय हो गया और अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।

    हाइड्रोलिक स्प्रेडर से खोला गया दरवाजा
    मौके पर पहुंची फायर फोर्स की टीम ने आधुनिक हाइड्रोलिक स्प्रेडर का इस्तेमाल किया और कुछ ही मिनटों में शाम 7:51 बजे लिफ्ट के दरवाजे को खोल दिया। दरवाजा खुलते ही शशि थरूर मुस्कुराते हुए बाहर आए और राहत की सांस ली।

    बाहर निकलने के बाद उन्होंने रेस्क्यू टीम का आभार जताते हुए कहा, “आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। वेल डन! आपने बेहतरीन काम किया है।” अधिकारियों द्वारा उनका हालचाल पूछे जाने पर थरूर ने बताया कि लिफ्ट में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    रेस्क्यू अभियान के बाद शशि थरूर ने फायर विभाग के अधिकारियों की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने टीम को चाय के लिए आमंत्रित भी किया, लेकिन अधिकारियों ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाकर उनका धन्यवाद किया और अपनी ड्यूटी पर लौट गए। बाद में थरूर ने त्वरित कार्रवाई के लिए अग्निशमन कर्मियों को सम्मानित भी किया।

  • MP Weather: भोपाल-इंदौर समेत 44 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-उमरिया में हैवी रेन की चेतावनी

    MP Weather: भोपाल-इंदौर समेत 44 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-उमरिया में हैवी रेन की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के 44 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें डिंडौरी और उमरिया जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    भोपाल स्थित मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, 19 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में लगातार तेज बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।

    शुक्रवार को करीब नौ दिन बाद उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके साथ सक्रिय ट्रफ के कारण पर्याप्त नमी प्रदेश तक पहुंच रही है। जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, वैसे-वैसे बारिश की तीव्रता भी बढ़ती जाएगी। नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    इन जिलों में बारिश का पूर्वानुमान

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान डिंडौरी और उमरिया में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है।

    वहीं श्योपुर, गुना, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में धूप निकलने की संभावना भी जताई गई है।

    सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश

    प्रदेश में जुलाई के शुरुआती नौ दिनों के दौरान किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई। इसका असर कुल वर्षा के आंकड़ों पर भी पड़ा है। शुक्रवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई।

    अब तक प्रदेश में 247 मिमी (9.7 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 291 मिमी (11.5 इंच) है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से 5 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है।

  • 18 जुलाई 2026 आज का राशिफल: चंद्रमा-केतु की युति से कई राशियों पर असर, कारोबार, नौकरी, धन और परिवार को लेकर पढ़ें अपना भविष्यफल

    18 जुलाई 2026 आज का राशिफल: चंद्रमा-केतु की युति से कई राशियों पर असर, कारोबार, नौकरी, धन और परिवार को लेकर पढ़ें अपना भविष्यफल

    नई दिल्ली । शनिवार, 18 जुलाई 2026 का आज दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखने वाला माना जा रहा है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर चंद्रमा और केतु की युति के कारण ग्रहण दोष का प्रभाव रहेगा, जिसका असर विभिन्न राशियों के जातकों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। हालांकि दिनभर कई शुभ योग भी सक्रिय रहेंगे, जिनसे कुछ राशियों को करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन वाशि योग, आनंदादि योग, सुनफा योग और वरियान योग का प्रभाव रहेगा, जबकि मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि के जातकों को भद्र योग का विशेष लाभ मिल सकता है।

    मेष, मिथुन, वृश्चिक, धनु और कुंभ राशि के लिए शनिवार अपेक्षाकृत अनुकूल रहने के संकेत हैं। इन राशियों के लोगों को नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके कार्यों में प्रगति होने के योग हैं। कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर रहेगा और नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। प्रॉपर्टी, निवेश और करियर से जुड़े मामलों में भी सोच-समझकर लिए गए निर्णय लाभ पहुंचा सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और कई महत्वपूर्ण योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं।

    कर्क और सिंह राशि के जातकों के लिए भी दिन सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। कर्क राशि वालों को धन प्रबंधन और कार्यस्थल पर प्रशंसा मिल सकती है, जबकि सिंह राशि के लोगों को व्यापार में नई रणनीति अपनाने से फायदा होगा। हालांकि जल्दबाजी में निवेश करने या किसी विवाद में पड़ने से बचने की सलाह दी गई है। पारिवारिक सहयोग मिलने से कई उलझे हुए मामलों का समाधान निकल सकता है।

    वृषभ, कन्या और मकर राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। ग्रहण दोष के प्रभाव के कारण आर्थिक लेन-देन, पारिवारिक विवाद, कार्यस्थल की चुनौतियां और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आ सकती हैं। इन राशियों के जातकों को किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी से बचने, अनावश्यक बहस न करने और नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। सरकारी कार्यों और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता रखने की आवश्यकता रहेगी।

    तुला और मीन राशि वालों को आर्थिक मामलों में संयम रखने की सलाह दी गई है। बड़े निवेश, उधार या अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर रहेगा। कार्यस्थल पर योजनाबद्ध तरीके से काम करने से लाभ मिलेगा। पारिवारिक मामलों में भी धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा। वहीं नए नौकरीपेशा लोगों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है, लेकिन हर निर्णय सोच-समझकर लेना होगा।

    शनिवार के पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि पूरे दिन रहेगी। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शाम तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा। चंद्रमा देर रात तक सिंह राशि में रहेंगे और इसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:15 से 1:30 बजे तक रहेगा, जबकि लाभ-अमृत चौघड़िया दोपहर 2:30 से 3:30 बजे तक शुभ माना गया है। सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस अवधि में शुभ कार्य और महत्वपूर्ण लेन-देन से बचने की सलाह दी गई है। पूर्व दिशा की यात्रा को इस दिन शुभ माना गया है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के निर्णय, मनोबल और परिस्थितियों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन सफलता का आधार विवेक, परिश्रम और सकारात्मक सोच ही रहती है। ऐसे में शनिवार को ग्रहों के संकेतों को ध्यान में रखते हुए संतुलित व्यवहार और सोच-समझकर लिए गए निर्णय दिन को अधिक सफल बना सकते हैं।

  • दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा

    दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा


    दतिया/भोपाल,। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने शुक्रवार को होटल रतन रॉयल में बनाए गए दतिया उपचुनाव कार्यालय का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए मैदान में उतरने का आव्हान किया। इससे पहले सभी वरिष्ठ नेताओं ने भारत माता, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी एवं श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर वंदे मातरम् का गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    दतिया, मध्यप्रदेश और देश को विकसित बनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी को जिताना है -श्री शिवप्रकाश जी
    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता एक विचार और एक उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं। श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए हमें संगठन को निरंतर मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी ने कहा था कि जो भी भाजपा के ध्वज को ऊँचा उठाने का कार्य करेगा, मैं समझूँगा कि मेरा जीवन सफल हो गया। आज हम सभी का दायित्व है कि उनके इस संकल्प और सपने को साकार करें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित दतिया, विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का निर्माण है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि सभी लोग पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ घर-घर जाएँ तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनहितैषी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुँचाएँ। भारतीय जनता पार्टी ने पिछले वर्षों में देश, प्रदेश और क्षेत्र के विकास के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का गौरव और सम्मान पूरे विश्व में बढ़ा है तथा आज विश्व मंच पर भारत की अलग पहचान बनी है। हमें उनके नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना है। हम सभी कार्यकर्ता इस संकल्प के साथ कार्य करें कि भारत सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बने तथा विश्व के प्रत्येक कोने में भारत माता का गौरव बढ़े। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    स्वाभिमान और सम्मान के लिए भाजपा को विजयश्री दिलाएं कार्यकर्ता-श्री हेमंत खण्डेलवाल
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन है। लेकिन कई अन्य पार्टियां परिवार और व्यक्ति आधारित दल हैं। भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता को अपनी मेहनत और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी विकास, सुशासन और सुरक्षा की राजनीति के लिए जानी जाती है। जनता ने हमेशा भाजपा पर विकास के कार्यों के आधार पर विश्वास जताया है और हमें उसी विश्वास को और मजबूत करना है। दतिया उपचुनाव में भाजपा की जीत हमारी सरकार, संगठन, विचारधारा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय तक कांग्रेस के विधायक रहे, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किए। यदि विकास हुआ होता तो कांग्रेस आज विकास के नाम पर जनता से वोट मांगती। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। ऐसे समय में दतिया विधानसभा का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के स्वाभिमान, सम्मान और संगठन की प्रतिष्ठा का चुनाव है। इसलिए सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    कांग्रेस ने घोटाले कर देश को पीछे धकेला, भाजपा ने विकसित भारत की मजबूत नींव रखी-डॉ. महेंद्र सिंह
    भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में देश ने अनेक बड़े घोटाले देखे। कोयला आवंटन, 2जी स्पेक्ट्रम, बोफोर्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, आदर्श हाउसिंग सोसायटी, अगस्ता वेस्टलैंड और नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों ने कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर किया। इसके विपरीत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन के साथ विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, समान नागरिक संहिता की दिशा में पहल तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले निर्णयों ने भारत को नई दिशा दी है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीबों को पक्के आवास, निःशुल्क राशन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन तथा महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर, चंद्रगुप्त, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी और श्रद्वेय अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान विभूतियों की विरासत वाला भारत है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यही भारत विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    प्रत्याशी केवल माध्यम है, चुनाव कार्यकर्ताओं के परिश्रम से जीता जाता है-श्री जगदीश देवड़ा
    मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने श्री आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है, लेकिन भाजपा की कार्यपद्धति में प्रत्याशी केवल एक माध्यम होता है, चुनाव की वास्तविक ताकत समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति और विजय का आधार है। उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव पर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय, एकजुटता और पूरी ऊर्जा के साथ चुनाव मैदान में उतरना है तथा भाजपा प्रत्याशी को ऐतिहासिक और प्रचंड विजय दिलानी है। भारतीय जनता पार्टी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य करती है। इसी भावना के साथ प्रत्येक कार्यकर्ता अगले 15 दिनों तक पूरी निष्ठा, समर्पण और सक्रियता के साथ घर-घर संपर्क कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुँचाए तथा भाजपा की विजय सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    दतिया और आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाएं-डॉ. नरोत्तम मिश्रा
    भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया विधानसभा में 10 साल तक कांग्रेस के विधायक रहे, 5 साल उनके पिताजी सांसद रहे, लेकिन उन्होंने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। अब वे विकास के नाम पर वोट भी नहीं मांग सकते हैं। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है और दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी की जीत इस विकास यात्रा को और मजबूती देगी। डॉ. मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पूरी शक्ति और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान करते हुए कहा कि दतिया के विकास और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भारतीय जनता पार्टी को मजबूत बनाना है।
    कांग्रेस परिवार तक सीमित, भाजपा में कार्यकर्ता को मिलता है सम्मान और अवसर- श्री भारत सिंह कुशवाह
    दतिया उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद पर आधारित है, जबकि भारतीय जनता पार्टी में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसकी मेहनत, समर्पण और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहाँ हर कार्यकर्ता के योगदान का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसान, महिला, युवा, गरीब, वरिष्ठ नागरिक सहित समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अनेक जनहितैषी योजनाएँ संचालित की हैं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुँचा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
    जब तक तन में प्राण रहेंगे, दतिया की सेवा करता रहूंगा -श्री आशुतोष तिवारी
    भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर विश्वास व्यक्त करते हुए दतिया की सेवा का अवसर दिया है। अब यह विश्वास जनता और कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से और मजबूत होगा। जब तक उनके तन में प्राण रहेंगे, वे दतिया की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे तथा हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहेंगे। कार्यकर्ता की एक आवाज पर वे उनके द्वार तक पहुँचेंगे और जनता के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आमजन से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए अपील की कि 30 जुलाई को कमल के फूल का बटन दबाकर भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाएं। कार्यक्रम का संचालन श्री पंकज गुप्ता ने किया एवं आभार श्रीमती मीनाक्षी कटारे ने व्यक्त किया।
    मंच पर ये रहे मौजूद
    चुनाव कार्यालय के उदघाटन के दौरान प्रदेश शासन के मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, श्री राकेश शुक्ला, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेंद्र बरूआ, सांसद श्रीमती संध्या राय, चुनाव अभियान प्रमुख व पूर्व मंत्री श्री अरविंद भदौरिया, चुनाव अभियान सह प्रमुख एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व दतिया उपचुनाव के सह प्रभारी श्री राहुल कोठारी, अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, संभाग प्रभारी श्री अभय सिंह यादव, पूर्व मंत्री श्रीमती इमरती देवी, जिला प्रभारी श्री गजेंद्र सिंह सिकरवार, जिला अध्यक्ष श्री रघुवीर कुशवाह, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल, श्री प्रीतम लोधी, पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया, श्रीमती रक्षा सिरोनिया एवं श्री शैतान सिंह पाल सहित पार्टी पदाधिकारी मंचासीन रहे।
  • शनिवार को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी मुश्किलें

    शनिवार को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी मुश्किलें


    नई दिल्ली।
    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 18 जुलाई (शनिवार) को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, कई इलाकों में गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

    उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भी अच्छी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट वर्षा का अनुमान है।

    मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    पश्चिम और दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

    गोवा, गुजरात के कुछ हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में व्यापक वर्षा जारी रह सकती है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की वर्षा हो सकती है। कई स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की आशंका

    अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और तेज बहाव वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    पंजाब में फिलहाल कमजोर पड़ा मानसून

    पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, जिससे गर्मी और उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा के लिए गर्मी और उमस का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में 19 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है। 20 से 22 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।