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  • NEET पेपर लीक मामले में मनीषा वाघमारे की जमानत पर फैसला सुरक्षित, CBI ने लगाए गंभीर आरोप

    NEET पेपर लीक मामले में मनीषा वाघमारे की जमानत पर फैसला सुरक्षित, CBI ने लगाए गंभीर आरोप

    नई दिल्ली । देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस बहुचर्चित मामले में जमानत को लेकर अदालत का निर्णय निर्धारित तिथि पर सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और जांच एजेंसी दोनों ने अपने-अपने तर्क विस्तार से अदालत के समक्ष रखे।

    सुनवाई के दौरान मनीषा वाघमारे की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल एक प्रमाणित एजुकेशन काउंसलर हैं और लंबे समय से शैक्षणिक परामर्श का कार्य कर रही हैं। बचाव पक्ष का कहना था कि उनके बैंक खाते में जो रकम जांच एजेंसी संदिग्ध बता रही है, वह पारिवारिक संपत्ति से संबंधित लेनदेन का हिस्सा है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि जांच के दौरान उनके आवास पर कई बार तलाशी ली गई, लेकिन कोई आपत्तिजनक नकदी या ऐसा साक्ष्य नहीं मिला जिससे उन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखने की आवश्यकता साबित हो सके।

    बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष मनीषा की स्वास्थ्य स्थिति का भी मुद्दा उठाया। बताया गया कि वह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और उन्हें लगातार चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है। वकील ने कहा कि जेल में रहने के दौरान भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इस आधार पर अदालत से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जमानत देने का अनुरोध किया गया।

    हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों और जमानत याचिका को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। अदालत ने संकेत दिया कि जेल प्रशासन के पास आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और यदि किसी अतिरिक्त उपचार की जरूरत हो तो उसके लिए अलग से आवेदन किया जा सकता है।

    दूसरी ओर केंद्रीय जांच एजेंसी ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। एजेंसी ने दावा किया कि मनीषा वाघमारे की भूमिका केवल शैक्षणिक परामर्श तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह कथित रूप से प्रश्नपत्र से जुड़े सवालों को आगे पहुंचाने की प्रक्रिया में शामिल थीं। जांच एजेंसी के अनुसार उनके खिलाफ ऐसे छात्रों के बयान मौजूद हैं जिन्होंने कथित तौर पर प्रश्न प्राप्त करने के बदले धनराशि देने की बात स्वीकार की है।

    सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले की जांच में जुटी टीम के पास कई ऐसे तथ्य और बयान हैं जो आरोपी की भूमिका की ओर संकेत करते हैं। एजेंसी का दावा है कि प्रश्नों को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने की श्रृंखला में मनीषा की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। इसी आधार पर जमानत का विरोध किया गया।

    अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन करेगी। विशेष रूप से उन छात्रों के बयानों की भी समीक्षा की जाएगी जिनका उल्लेख जांच एजेंसी ने किया है।

    NEET पेपर लीक मामला देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक की विश्वसनीयता से जुड़ा होने के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। ऐसे में अदालत का आगामी फैसला न केवल इस मामले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इससे जांच की आगे की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।

  • ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

    ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा


    मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की।

    देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

    देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।

    उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

    “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है।

    गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है।

    उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें।

    ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे।

    अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट

    गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट


    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम में पर्याप्त मौके दिए जाएंगे और उन्हें जल्दबाजी में नहीं आंका जाएगा।

    गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं और हाल ही में आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। सुदर्शन ने इस सीजन में 700 से अधिक रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गंभीर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ कुछ पारियों के आधार पर जज नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में सभी खिलाड़ियों के साथ समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सुदर्शन को नंबर तीन पर लगातार मौका मिल सकता है, जिससे वह टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकें।

    साई सुदर्शन का अब तक का टेस्ट रिकॉर्ड भी संतुलित रहा है। उन्होंने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में 11 पारियों में 302 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, उनके प्रदर्शन को लेकर टीम प्रबंधन का मानना है कि उनमें लंबी रेस का घोड़ा बनने की क्षमता है।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए सुदर्शन ने 17 मैचों में 157 के स्ट्राइक रेट से 722 रन बनाए, जो उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टेस्ट टीम में निरंतर मौके मिलने की संभावना बढ़ गई है।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें साई सुदर्शन के खेलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

  • रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की

    रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की


    नई दिल्ली । लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में पाकिस्तान ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। इस मैच में गेंद और बल्ले दोनों से पाकिस्तान का दबदबा देखने को मिला।

    पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और मैथ्यू शॉर्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्नस लाबुशेन ने 19 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार गिरते विकेटों के बीच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी बिखरती चली गई।

    एलेक्स कैरी 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैमरून ग्रीन सिर्फ 7 रन ही जोड़ सके। मिडिल ऑर्डर भी पूरी तरह फ्लॉप रहा और मैट रेनशॉ व कूपर कोनोली सस्ते में आउट होकर लौट गए। पूरी टीम केवल 157 रन पर ऑलआउट हो गई।

    हालांकि एक छोर पर जोश इंग्लिस ने संघर्ष जारी रखा और 71 गेंदों पर 65 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और 1 छक्का भी लगाया, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ न मिलने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी।

    पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनके अलावा अबरार अहमद और शादाब खान ने 2-2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। साहिबजादा फरहान मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत ने 27 रन की तेज पारी खेली लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। बाबर आजम ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभालते हुए 40 रन बनाए, हालांकि वह भी अर्धशतक से चूक गए।

    मिडिल ऑर्डर में गाजी घोरी और सलमान आगा जल्दी आउट हो गए, जिससे मैच थोड़ा रोमांचक हो गया। लेकिन अंत में अब्दुल समद और शादाब खान ने संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 49 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को जीत दिलाई।

    शादाब खान 29 रन और अब्दुल समद 18 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान ने 41.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।  ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू कुहनेमन ने 3 विकेट लेकर प्रयास जरूर किया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने न केवल मैच जीता बल्कि सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली, जिससे घरेलू फैंस में उत्साह का माहौल है।

  • पटना फायरिंग मामले में खान सर पर FIR, गार्ड्स के खुलासों के बाद जांच ने पकड़ी नई दिशा

    पटना फायरिंग मामले में खान सर पर FIR, गार्ड्स के खुलासों के बाद जांच ने पकड़ी नई दिशा

    नई दिल्ली । बिहार की राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और हिंसा की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में पुलिस ने खान सर उर्फ फैसल खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया है। हालिया घटनाक्रम के बाद यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है और छात्रों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है।

    घटना उस समय सुर्खियों में आई जब शहर के एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के बाहर कथित हमला, तोड़फोड़ और फायरिंग की सूचना सामने आई। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में छात्र तथा स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

    प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को कुछ वीडियो और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिनमें संस्थान से जुड़े सुरक्षाकर्मी हथियारों के साथ दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास मौजूद हथियार भी जब्त कर लिए गए और उनकी जांच की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार गार्ड्स से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। इन बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया और खान सर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा।

    इस मामले से पहले कोचिंग संस्थान पर कथित हमले और तोड़फोड़ को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच एजेंसियों ने उस मामले में भी कई लोगों से पूछताछ की है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिंसा और फायरिंग की घटनाएं किस क्रम में हुईं और इनके पीछे क्या कारण थे।

    घटना के बाद छात्रों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। कई छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरी ओर मामले से जुड़े विभिन्न पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं, जिससे जांच और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

    पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है, जिससे घटना के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता आने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

    यह मामला केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, निजी सुरक्षा कर्मियों की भूमिका और शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।

  • बेरोजगारी से ‘किन्नर गैंग’ तक: ट्रेनों में वसूली का नया नेटवर्क, यूपी–बिहार के युवक निकले मास्टरमाइंड

    बेरोजगारी से ‘किन्नर गैंग’ तक: ट्रेनों में वसूली का नया नेटवर्क, यूपी–बिहार के युवक निकले मास्टरमाइंड


    मध्य प्रदेश । जबलपुर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों से वसूली के नाम पर चल रहे एक संगठित नेटवर्क का रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि कई किन्नर के वेश में दिखने वाले लोग असल में युवक हैं, जो बेरोजगारी और आसान कमाई के लालच में यह तरीका अपना रहे थे।

    RPF की हालिया कार्रवाई में पकड़े गए तीन संदिग्धों के बाद यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि वे महिलाएं या वास्तविक किन्नर नहीं, बल्कि युवक हैं जो पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से वेश बदलकर ट्रेनों में यात्रियों से पैसे वसूलते हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा नेटवर्क है, जिसमें यूपी और बिहार के कई युवक शामिल हैं। ये लोग जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और इटारसी जैसे बड़े रेलवे जंक्शन वाले क्षेत्रों में सक्रिय हैं और किराए के मकानों में रहकर अपना संचालन करते हैं।

    पकड़े गए आरोपियों में कानपुर के रहने वाले आशीष (बदला हुआ नाम आशी), महेश (माही) और पिंचू (तरन्नुम) शामिल हैं। ये लोग घर से सामान्य कपड़ों में निकलते हैं, लेकिन स्टेशन के पास पहुंचते ही साड़ी और सूट पहनकर किन्नर का रूप धारण कर लेते हैं। भारी मेकअप, सिंदूर और व्यवहारिक शैली अपनाकर ये यात्रियों को भ्रमित करते हैं और वसूली करते हैं।

    RPF जांच में सामने आया कि ये लोग यात्रियों से प्रति व्यक्ति ₹10 से ₹100 तक वसूलते हैं। रोजाना इनकी कमाई ₹1,500 से ₹2,000 तक पहुंच जाती है। कई मामलों में तो ये QR कोड के जरिए डिजिटल भुगतान भी स्वीकार करते हैं।

    पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि इनमें से कुछ युवकों ने पहले नौकरी की तलाश की, लेकिन रोजगार न मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया से प्रेरित होकर यह रास्ता चुना। आसान कमाई और कम कानूनी जोखिम को देखते हुए यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।

    RPF अधिकारियों के अनुसार, पिछले छह महीनों में करीब 120 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 60 प्रतिशत युवक निकले हैं। यह गिरोह यात्रियों की असहज स्थिति और डर का फायदा उठाकर लगातार अवैध वसूली कर रहा था।

    इस मामले के सामने आने के बाद असली किन्नर समुदाय ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नकली वसूली करने वाले युवक पूरे समुदाय की छवि खराब कर रहे हैं और प्रशासन को ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    रेलवे सुरक्षा बल अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि इसके पीछे मौजूद बड़े गिरोह और आर्थिक कनेक्शन का पता लगाया जा सके।

  • साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़

    साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर कैफे की आड़ में चल रहे अवैध रेल ई-टिकट कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से कुल 74 अवैध ई-टिकट बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए टिकटों की कुल कीमत करीब ₹1,24,549 आंकी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित झा (35) के रूप में हुई है, जो न्यू शोभापुर कॉलोनी का निवासी बताया गया है। आरपीएफ ने उसके पास से कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग अवैध टिकट बुकिंग में किया जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट जबलपुर को सूचना मिली थी कि रांझी क्षेत्र में स्थित एक साइबर कैफे और ऑनलाइन शॉप के जरिए अवैध रूप से ई-टिकट बेचे जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसआई योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और आरोपी को मौके से पकड़ लिया।

    जांच में सामने आया कि आरोपी “सन साइबर कैफे” के नाम से दुकान संचालित कर रहा था और एमपीऑनलाइन के साथ-साथ छह अलग-अलग आईआरसीटीसी यूजर आईडी का उपयोग कर व्यावसायिक स्तर पर टिकट बुकिंग कर रहा था। वह यात्रियों से प्रति टिकट ₹50 से ₹100 तक अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा था, जिससे अवैध कमाई की जा रही थी।

    आरपीएफ की जांच में 74 ई-टिकट बरामद हुए, जिनमें 6 लाइव टिकट शामिल हैं जिनकी कीमत ₹11,152 है, जबकि 68 पुराने टिकटों की कीमत ₹1,13,397 पाई गई। इस तरह कुल जब्ती की कीमत ₹1,24,549 आंकी गई।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेता था। अब आरपीएफ संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    पूरी कार्रवाई के बाद आरोपी को आरपीएफ पोस्ट जबलपुर लाया गया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे बंध पत्र पर रिहा कर दिया गया।

  • मणिपुर में शांति प्रयासों को झटका, लोइबोल खुल्लेन गांव में गोलीबारी और आगजनी; तीन मृत, सात घर तबाह

    मणिपुर में शांति प्रयासों को झटका, लोइबोल खुल्लेन गांव में गोलीबारी और आगजनी; तीन मृत, सात घर तबाह

    नई दिल्ली । मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा की गंभीर घटना सामने आई है। कांगपोकपी जिले के सैतू-गामफाजोल उपखंड स्थित लोइबोल खुल्लेन गांव पर शुक्रवार तड़के सशस्त्र हमलावरों ने हमला कर दिया, जिसमें एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इस दौरान आगजनी की घटनाओं में कम से कम सात घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    अधिकारियों के अनुसार हमला सुबह लगभग चार बजे हुआ, जब गांव के अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे। अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों और स्थानीय समूहों के बीच कई मिनट तक गोलीबारी होती रही। स्थिति बिगड़ते देख ग्रामीण अपने परिवारों के साथ जान बचाने के लिए आसपास के जंगलों और सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।

    घटना में जिन तीन लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान लेटखोंगाम हाओकिप, टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप के रूप में हुई है। मृतकों में एक महिला भी शामिल है। स्थानीय प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की नई हिंसक घटना को रोका जा सके।

    हमले के दौरान कई घरों में आग लगा दी गई, जिससे सात मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।

    मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद दुखद और अस्वीकार्य घटना बताया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या और घरों को जलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    उपमुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आने की अपील की। उनके अनुसार राज्य में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

    इस बीच कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन कुकी इंपी मणिपुर ने भी घटना की तीखी आलोचना की है। संगठन ने बयान जारी कर कहा कि निहत्थे नागरिकों को निशाना बनाना मानवता और मूलभूत मानवाधिकारों के खिलाफ है। संगठन ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। ऐसे में इस प्रकार की हिंसक घटनाएं शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे शामिल लोगों की पहचान और उनके मकसद का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

    फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

  • रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई

    रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर रेलखंड में पदस्थ एक रेलवे अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद टीम आरोपी को जबलपुर लेकर पहुंची और उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 5 दिन की रिमांड की मांग की गई है।

    मामला रेलवे के सागर रेलखंड से जुड़ा है, जहां गिट्टी सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी। आरोप है कि इसी राशि को जारी करने के बदले सेक्शन इंजीनियर ने ठेकेदार से ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। जब ठेकेदार ने रिश्वत देने से इनकार किया तो अधिकारी ने उसकी सिक्योरिटी राशि रोक दी।

    इसके बाद ठेकेदार ने पूरे मामले की शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई एसपी कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए ठेकेदार को सागर के एक होटल में बुलाया था। तय योजना के तहत सीबीआई टीम सादी वर्दी में पहले से ही होटल के आसपास तैनात थी। जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी को ₹1 लाख की राशि सौंपी, टीम ने तुरंत उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

    सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी से आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य संभावित मामलों और नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।