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  • एशिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा तेल संकट का असर…. हो सकता है 1970 जैसा बदलाव!

    एशिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा तेल संकट का असर…. हो सकता है 1970 जैसा बदलाव!


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis.) और तेल की कीमतों (Oil prices) में उछाल का असर अब धीरे-धीरे एशिया की अर्थव्यवस्थाओं (Economies of Asia.) और आम लोगों की जिंदगी पर दिखने लगा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह बदलाव वैसा ही हो सकता है जैसा 1970 के दशक के तेल संकट के बाद यूरोप में देखने को मिला था, जब पूरी ऊर्जा व्यवस्था ही बदल गई थी।

    1970 का सबक: कैसे यूरोप ने तेल पर निर्भरता घटाई
    1973 और 1979 के तेल संकट के बाद शुरुआत में अनुमान था कि यूरोप पहले की तरह ही तेल पर निर्भर रहेगा। लेकिन हुआ इसका उल्टा। महंगे कच्चे तेल ने यूरोप को गैस और परमाणु ऊर्जा की ओर धकेल दिया। नतीजा यह हुआ कि 1980 के दशक तक तेल की खपत गिर गई और गैस का इस्तेमाल दोगुना हो गया।


    अब एशिया में दिख रहे वही संकेत

    आज एशिया भी उसी मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है। दुनिया का 80% से ज्यादा तेल-गैस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर एशिया जाता है, लेकिन इस रूट पर तनाव और सप्लाई बाधित होने से कीमतें बढ़ रही हैं और देशों की निर्भरता संकट बनती जा रही है।

    जापान, दक्षिण कोरिया जैसे देश पहले से ही आयात पर निर्भर हैं, जबकि वियतनाम, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देश भी अब नेट इंपोर्टर बन चुके हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश और थाईलैंड में घरेलू गैस उत्पादन घट रहा है, जिससे महंगे आयात पर निर्भरता बढ़ रही है।


    आम लोगों पर सीधा असर

    ऊर्जा महंगी होने का असर सीधे आम आदमी पर दिख रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया में खाने-पीने की चीजें महंगी हो रही हैं। कई देशों में हवाई यात्रा महंगी हो गई है, एयरलाइंस ने उड़ानें कम कर दी हैं।

    इस्लामाबाद में एक गैसोलीन स्टेशन पर ग्राहकों की कतार। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतें बढ़ा दीं। पाकिस्तान, श्रीलंका और फिलीपींस में फ्यूल बचाने के लिए चार दिन का वर्क वीक लागू किया गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भी किसानों पर असर दिख रहा है, जहां फर्टिलाइजर महंगे हो रहे हैं और लागत बढ़ रही है।


    क्लीन एनर्जी की ओर तेज रुख

    इस संकट का सबसे बड़ा असर यह है कि अब क्लीन एनर्जी की ओर तेजी से रुख बढ़ रहा है। भारत में LPG की कमी के चलते लोग इंडक्शन चूल्हों की ओर जा रहे हैं। एशिया के कई देशों में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की मांग तेजी से बढ़ी है। थाईलैंड और सिंगापुर जैसे बाजारों में EV की हिस्सेदारी 50% तक पहुंच गई है। सोलर एनर्जी में भी बूम देखने को मिल रहा है। फिलीपींस, इंडोनेशिया और पाकिस्तान में सोलर इंस्टॉलेशन तेजी से बढ़ रहे हैं।

    OPEC से UAE का बाहर होना बना नया ट्रिगर: ओपेक से यूएई के बाहर होने का फैसला तेल बाजार में अस्थिरता को और बढ़ा सकता है। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ेगा और आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ेगा। क्या तेल की मांग घटने की शुरुआत हो चुकी है: एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर यह संकट लंबा चलता है, तो एशिया में तेल की मांग पर बड़ा असर पड़ सकता है। जैसे यूरोप में 1970 के बाद तेल की मांग कभी पहले जैसी नहीं रही, वैसे ही एशिया में भी बड़ा बदलाव संभव है।

  • पांच राज्यों के चुनाव के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं….

    पांच राज्यों के चुनाव के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं….


    नई दिल्ली।
    5 राज्यों के चुनाव के बाद आज पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel Price) के नए रेट जारी हो गए हैं। इस बीच बुरी खबर ये है कि कच्चा तेल (Crude oil) 119 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। आज 30 अप्रैल को सुबह 6 बजे सरकारी ऑयल माार्केटिंग कंपनियों (Government oil marketing companies) इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने फ्यूल के रेट अपडेट कीं। आज के ताजा रेट के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। बता दें कि अप्रैल 2022 के शुरू से ही पेट्रोल और डीजल के रिटेल दाम नहीं बदले हैं।


    कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग

    ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 119 डॉलर प्रति बैरल के पार हैं। युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं। ब्रेंट क्रूड 119 डॉलर प्रति बैरल के पार ट्रेड कर रहा है। जबकि, WTI के भाव 106 डॉलर प्रति बैरल पर हैं।


    क्या कही थी सरकार

    केंद्र सरकार ने उन अटकलों को खारिज कर दिया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। आज चुनाव के बाद भी तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।


    ₹10 और ₹12.50 की बढ़ोतरी की अफवाह

    बता दें चुनाव बाद पेट्रोल डीजल के रेट में इजाफे को लेकर सोशल मीडिया पर एक आदेश वायरल हो रहा है। इस दावा किया गया है कि आदेश पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹10 और ₹12.50 की बढ़ोतरी की गई है।” पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि भारत सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है।


    भारत में आज कहां मिल रहा सस्ता पेट्रोल

    – पोर्ट ब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: ₹82.46 प्रति लीटर
    – ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश: ₹90.87 प्रति लीटर
    – सिलवासा, दादरा और नगर हवेली: ₹92.37 प्रति लीटर
    – दमन, दमन और दीव: ₹92.55 प्रति लीटर
    – हरिद्वार, उत्तराखंड: ₹92.78 प्रति लीटर
    – रुद्रपुर, उत्तराखंड: ₹92.94 प्रति लीटर
    – ऊना, हिमाचल प्रदेश: ₹93.27 प्रति लीटर
    – देहरादून, उत्तराखंड: ₹93.35 प्रति लीटर
    – नैनीताल, उत्तराखंड: ₹93.41 प्रति लीटर
    स्रोत: इंडियन ऑयल


    भारत में सस्ता डीजल बेचने वाले शहर

    – पोर्ट ब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: ₹78.05 प्रति लीटर
    – ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश: ₹80.38 प्रति लीटर
    – जम्मू, जम्मू और कश्मीर: ₹81.32 प्रति लीटर
    – संबा, जम्मू और कश्मीर: ₹81.58 प्रति लीटर
    – कठुआ, जम्मू और कश्मीर: ₹81.97 प्रति लीटर
    – उधमपुर, जम्मू और कश्मीर: ₹82.15 प्रति लीटर
    – चंडीगढ़: ₹82.44 प्रति लीटर
    – राजौरी, जम्मू और कश्मीर: ₹82.64 प्रति लीटर
    स्रोत: इंडियन ऑयल


    पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बेकाबू

    कच्चे तेल की कीमतों का असर से भारत के पड़ोसी देश के लोग पेट्रोल-डीजल की महंगाई की मार झेल रहे हैं। पाकिस्तान में 133.56 और चीन में 125.71 रुपये लीटर है। श्रीलंका में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 135.13 रुपये पर पहुंच गई है। नेपाल में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 137.13 रुपये तक पहुंच गई है। बंग्लादेश में भी पेट्रोल 107.78 रुपये लीटर है। जबकि, म्यांमार में 147.25 रुपये। भूटान में पेट्रोल 102.78 रुपये लीटर पर पहुंच गया है।

  • PM मोदी अगले माह जाएंगे यूरोप दौरे पर… रास्ते में कुछ समय UAE में रुकेंगे!

    PM मोदी अगले माह जाएंगे यूरोप दौरे पर… रास्ते में कुछ समय UAE में रुकेंगे!


    दुबई।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अगले महीने संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.- UAE) की एक संक्षिप्त यात्रा कर सकते हैं। अपनी आगामी यूरोप यात्रा (Europe trip) के दौरान पीएम मोदी बीच रास्ते में कुछ समय के लिए यूएई में रुकेंगे, जहां उनकी यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (President Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan.- MBZ) के साथ द्विपक्षीय वार्ता होने की उम्मीद है। वर्तमान में इस यात्रा की रूपरेखा तैयार की जा रही है और अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।


    यूरोप दौरे के बीच यूएई में पड़ाव

    प्रधानमंत्री मोदी 15 से 20 मई तक चार यूरोपीय देशों- नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और इटली की अहम यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण ओस्लो (नॉर्वे) में होने वाला ‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ होगा। इस साल की शुरुआत में यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद पीएम मोदी की यह पहली यूरोप यात्रा होगी।


    संकट के बीच निरंतर उच्च-स्तरीय वार्ताएं

    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय दौरों का सिलसिला लगातार जारी है। अगर पीएम मोदी यूएई पहुंचते हैं, तो यह इसी कड़ी का नवीनतम हिस्सा होगा। इससे पहले यूएई के राष्ट्रपति (MBZ) एक दिवसीय यात्रा पर भारत आए थे, जहां उन्होंने पीएम मोदी के साथ वार्ता की।

    मार्च में ईरान युद्ध के बीच, यूएई की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल-हाशिमी ने भारत का दौरा किया। अप्रैल (11-12) में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई का दौरा किया। उन्होंने राष्ट्रपति MBZ से मुलाकात कर पीएम मोदी का एक निजी संदेश उन्हें सौंपा। इसके अलावा, उन्होंने यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की।

    पिछले सप्ताह ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने यूएई जाकर राष्ट्रपति MBZ से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर अहम चर्चा हुई।


    तेजी से बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंध

    पिछले एक दशक में भारत और यूएई के संबंधों में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दोनों देशों ने आर्थिक, सुरक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को काफी मजबूत किया है। वर्ष 2021 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ा दिया था। यूएई भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है। 2025 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देशों का लक्ष्य 2032 तक इस व्यापार को दोगुना करना है। यूएई ऊर्जा, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक बन गया है।


    ऊर्जा क्षेत्र में गहराता सहयोग (एलएनजी और ओपेक)

    ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से दोनों देशों के बीच हाल ही में कई बड़े कदम उठाए गए हैं। जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान 10 साल का तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आपूर्ति समझौता हुआ था। इसके तहत, यूएई 2028 से शुरू होकर अगले 10 वर्षों तक भारत को $3 बिलियन तक की एलएनजी की आपूर्ति करेगा।

    यूएई ने तेल निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) से बाहर निकलने का फैसला किया है। इसके बाद यह उम्मीद की जा रही है कि यूएई अपने तेल उत्पादन में भारी वृद्धि करेगा, जिससे भारत और यूएई के बीच ऊर्जा संबंध और अधिक मजबूत होंगे। संक्षेप में कहें तो, पीएम मोदी की यह संभावित यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश न केवल व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं, बल्कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक-दूसरे के मजबूत रणनीतिक साझेदार भी बने हुए हैं।

  • मुस्लिम पक्ष का तर्क… भोजशाला राजस्व रिकॉर्ड में मस्जिद के रूप में दर्ज… मंदिर होने का कोई प्रमाण नहीं

    मुस्लिम पक्ष का तर्क… भोजशाला राजस्व रिकॉर्ड में मस्जिद के रूप में दर्ज… मंदिर होने का कोई प्रमाण नहीं


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) में बुधवार को भोजशाला विवाद (Bhojshala controversy) पर सुनवाई हुई। इस दौरान मुस्लिम पक्ष ने अपनी बात रखते हुए दावा किया कि पुराने सरकारी कागजों यानी राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Records) में यह जगह हमेशा से एक मस्जिद के रूप में दर्ज रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूद इतिहास के स्रोतों में ऐसा कोई साफ जिक्र नहीं मिलता कि राजा भोज ने यहां सरस्वती मंदिर बनवाया था। बता दें कि हिंदू समाज इस जगह को देवी सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर मानता है जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है। इस पूरी जगह की देखरेख ISI कर रहा है।

    खुद को सूफी संत मौलाना कमालुद्दीन चिश्ती के वंशज और सज्जादानशीन (किसी सूफी दरगाह, खानकाह या धार्मिक स्थल का आध्यात्मिक प्रमुख, गुरु या उत्तराधिकारी) बताने वाले काजी मोइनुद्दीन की ओर से उनके वकील नूर अहमद शेख ने इंदौर पीठ के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के सामने विस्तृत दलीलें पेश कीं।

    मोइनुद्दीन ने भोजशाला मामले में ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ नामक संगठन और कुलदीप तिवारी एवं एक अन्य व्यक्ति की ओर से दायर दो जनहित याचिकाओं पर हस्तक्षेपकर्ता के रूप में सवाल उठाए हैं। इन याचिकाओं में कहा गया है कि भोजशाला सरस्वती मंदिर है। परिसर में केवल हिंदुओं को पूजा-पाठ का अधिकार दिया जाना चाहिए।


    मस्जिद के रूप में दर्ज है स्थान

    मोइनुद्दीन के वकील शेख ने अदालत में दावा किया कि मौलाना कमालुद्दीन चिश्ती की वंशावली से जुड़े उनके मुवक्किल के पुरखों के पास विवादित परिसर की सनदें (अधिकार पत्र) ऐतिहासिक तौर पर रही हैं। सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में भी यह स्थान मस्जिद के रूप में दर्ज रहा है। भोजशाला परिसर में स्थित कमाल मौला मस्जिद के प्रबंधन से जुड़े लोगों का इस स्थान पर लंबे समय से ‘सतत और शांतिपूर्ण कब्जा’ रहा है।

    शेख ने मुस्लिम कानूनों का जिक्र करते हुए बताया कि यदि कोई धार्मिक संपत्ति हैए जैसे कि मस्जिद या उससे जुड़ी जमीन तो उसके देख-रेख करने वाले लोगों जैसे सज्जादानशीन और मुतवल्ली को खास हक मिलते हैं। इन पदों पर बैठे लोगों और उनके परिवार वालों को ना सिर्फ उस संपत्ति के कार्यों में दखल देने का अधिकार है वरन उसका इस्तेमाल करने का पूरा हक भी कानूनन उनके पास होता है।

    मुस्लिम पक्ष के वकील ने प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम 1904 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून में ‘संपत्ति के प्रभारी’ की शब्दावली का प्रयोग किया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि जो व्यक्ति या पक्ष लंबे समय से किसी संपत्ति के प्रभार में है, उसे उस संपत्ति के संबंध में अधिकार प्राप्त होते हैं।


    सरस्वती मंदिर के अस्तित्व का स्पष्ट उल्लेख नहीं

    सुनवाई के दौरान धार की मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील तौसीफ वारसी ने दावा किया कि दोनों जनहित याचिकाओं में हिन्दू पक्षकारों की ओर से हाई कोर्ट के समक्ष ऐतिहासिक तथ्यों के संबंध में ‘भ्रामक प्रस्तुतीकरण’ किया गया है। उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों में धार में परमार राजवंश के राजा भोज की ओर से स्थापित किसी सरस्वती मंदिर के अस्तित्व का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता है।


    न्यायिक परीक्षण पर गंभीर सवाल

    धार की मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील तौसीफ वारसी ने यह भी कहा कि एएसआई ने भोजशाला विवाद को लेकर दायर मुकदमों में समय-समय पर अपने उत्तरों में परिवर्तन करते हुए तीन अलग-अलग रुख अपनाए हैं। ऐसी स्थिति न्यायिक परीक्षण को लेकर गंभीर सवाल उत्पन्न करती है।


    सर्वेक्षण प्रक्रिया पर जताई आपत्तियां

    वारसी ने एएसआई की ओर से भोजशाला परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने इसकी वीडियोग्राफी के तरीके के बारे में भी आपत्तियां जताईं। उनकी ओर से अदालत से अनुरोध किया कि इन आपत्तियों का परीक्षण किया जाए। भोजशाला मामले में सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी। हाई कोर्ट इस स्मारक के धार्मिक स्वरूप के विवाद को लेकर दायर 4 याचिकाओं और एक रिट अपील पर छह अप्रैल से नियमित सुनवाई कर रहा है।

  • MP: इंदौर में शादी में आए यूपी के कारोबारी की कार से नगदी और हथियार चोरी… आरोपी गिरफ्तार

    MP: इंदौर में शादी में आए यूपी के कारोबारी की कार से नगदी और हथियार चोरी… आरोपी गिरफ्तार


    इंदौर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में शादी समारोह में शामिल होने आए एक कारोबारी (Businessman) की कार से नकदी और हथियार चोरी (Cash and weapon theft) होने का मामला अब सुलझ गया है. भंवरकुआ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी गया सामान भी बरामद कर लिया है।

    जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली निवासी कारोबारी केशव सोनी इंदौर में एक शादी में शामिल होने आए थे. इस दौरान उनकी फॉर्च्यूनर कार का कांच तोड़कर एक अज्ञात बदमाश ने कार में रखा बैग चुरा लिया था. बैग में करीब एक लाख रुपये नकद, लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस रखे हुए थे. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की. एडिशनल डीसीपी जोन-4 आनंद कलादगी के नेतृत्व में पुलिस ने आसपास लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच के दौरान एक संदिग्ध पल्सर बाइक नजर आई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने भगवती नगर, मूसाखेड़ी निवासी सलमान खान को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में उसके पास से चोरी गया बैग, नकदी, लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं. वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक भी जब्त कर ली गई है।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों में लिप्त रहा है. फिलहाल उससे पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह और किन घटनाओं में शामिल रहा है.

  • MP: सतना में महिला ने एक साथ 3 बच्चों को दिया जन्म, जिला अस्पताल में हुई नॉर्मल डिलीवरी

    MP: सतना में महिला ने एक साथ 3 बच्चों को दिया जन्म, जिला अस्पताल में हुई नॉर्मल डिलीवरी


    सतना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिला अस्पताल (Satna District Hospital) में एक बार फिर कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिला. पन्ना जिले के सलेहा इलाके की रहने वाली 34 वर्षीय कंचन सोनी ने एक साथ 3 बच्चों को जन्म (Triplets Birth) दिया है. सबसे चौंकाने वाली और सुखद बात यह है कि ये तीनों जन्म नॉर्मल डिलीवरी (Normal Delivery) के जरिए हुए हैं,।

    सतना जिला अस्पताल में 27 अप्रैल की रात करीब डेढ़ घंटे के अंतराल में तीनों शिशुओं का जन्म हुआ. 10:34 बजे पहले पुत्र का जन्म हुआ. इसके ठीक 11 मिनट बाद 10:45 बजे दूसरे पुत्र ने जन्म लिया. इसके बाद करीब एक घंटे के इंतजार के बाद 11:57 बजे एक पुत्री का जन्म हुआ. तीनों शिशुओं का वजन स्वास्थ्य के लिहाज से काफी बेहतर पाया गया है, जो क्रमशः 2 किलो, 2.300 किलो और 2.650 किलो है।

    गायनी विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह के अनुसार, मां और तीनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें फिलहाल पीएनसी वार्ड में विशेष ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. हैरानी की बात यह भी है कि कंचन सोनी के पहले से ही चार बच्चे (11, 9, 7 और 5 वर्ष) हैं।

    जाहिर सी बात है कि यहां परिवार नियोजन कार्यक्रम हम दो हमारे दो की धज्जियां उड़ गई हैं. प्रसूता कंचन अब हम दो हमारे सात नारे के साथ है यानी अब इन तीन नए मेहमानों के आने से परिवार में बच्चों की कुल संख्या सात हो गई है।

    हालांकि, यह मामला जिला अस्पताल में परिवार नियोजन कार्यक्रमों के लिए एक चुनौती की तरह देखा जा रहा है, लेकिन सुरक्षित प्रसव और बच्चों की किलकारियों ने परिजनों के चेहरे पर खुशी ला दी है। परिजनों को गर्भावस्था के पांचवें महीने में ही सोनोग्राफी के जरिए इस बात का पता चल गया था कि घर में एक साथ तीन नन्हे मेहमान आने वाले हैं. सतना जिला अस्पताल में इससे पहले भी नवंबर 2025 में ट्रिपलेट प्रसव का सफल मामला सामने आ चुका है।

  • सिर्फ 5 मिनट में निखरेगा चेहरा: भुनी हल्दी और शहद का ये नेचुरल लेप देगा इंस्टेंट ग्लो

    सिर्फ 5 मिनट में निखरेगा चेहरा: भुनी हल्दी और शहद का ये नेचुरल लेप देगा इंस्टेंट ग्लो


    नई दिल्ली। आजकल धूल, प्रदूषण और तनाव का सीधा असर चेहरे की त्वचा पर दिखने लगता है। ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार इनके साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। ऐसे में घरेलू और प्राकृतिक उपाय सबसे सुरक्षित और असरदार माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है भुनी हल्दी और शहद का फेस पैक, जो त्वचा को अंदर से साफ करके तुरंत निखार देता है।

    क्यों खास है भुनी हल्दी और शहद का कॉम्बिनेशन?
    हल्दी को आयुर्वेद में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल माना जाता है। यह त्वचा की गहराई से सफाई करने में मदद करती है और दाग-धब्बों को कम करती है। वहीं शहद एक नेचुरल मॉइस्चराइजर है, जो त्वचा को हाइड्रेट रखता है और उसे मुलायम बनाता है।
    जब भुनी हल्दी और शहद को मिलाकर फेस पर लगाया जाता है, तो यह स्किन की डलनेस हटाकर तुरंत फ्रेश और ग्लोइंग लुक देता है।

    फेस पैक बनाने का आसान तरीका
    इस नुस्खे को बनाना बेहद आसान है-
    1/2 चम्मच भुनी हुई हल्दी लें
    1 चम्मच शहद मिलाएं
    दोनों को अच्छी तरह मिक्स करके पेस्ट बना लें

     लगाने की विधि

    सबसे पहले चेहरा अच्छे से धो लें
    तैयार पेस्ट को पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं
    हल्के हाथों से 2–3 मिनट मसाज करें
    इसे 5 से 10 मिनट तक लगा रहने दें
    गुनगुने पानी से चेहरा धो लें

     तुरंत दिखने वाले फायदे

    चेहरे पर इंस्टेंट ग्लो आता है

    स्किन सॉफ्ट और स्मूद बनती है
    दाग-धब्बों में कमी आती है
    ऑयली स्किन कंट्रोल होती है
    त्वचा फ्रेश और हेल्दी दिखती है

    ध्यान रखने वाली बातें

    बहुत ज्यादा हल्दी का इस्तेमाल न करें, इससे स्किन पीली हो सकती है
    पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें
    हफ्ते में 2–3 बार से ज्यादा उपयोग न करें
    संवेदनशील त्वचा वाले लोग डॉक्टर की सलाह लें

    क्यों अपनाएं ये घरेलू उपाय?
    यह नुस्खा पूरी तरह प्राकृतिक है, इसलिए इसमें किसी तरह के केमिकल का खतरा नहीं होता। नियमित उपयोग से त्वचा की क्वालिटी बेहतर होती है और लंबे समय तक नेचुरल ग्लो बना रहता है।

    अगर आप बिना खर्च किए और बिना केमिकल के चेहरे पर निखार चाहते हैं, तो भुनी हल्दी और शहद का यह आसान फेस पैक आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

  • गुरुवार उपाय: केले के पेड़ में चढ़ाएं ये खास चीज, बदल सकती है किस्मत

    गुरुवार उपाय: केले के पेड़ में चढ़ाएं ये खास चीज, बदल सकती है किस्मत


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन बेहद खास माना जाता है। यह दिन Lord Vishnu और देवगुरु Brihaspati को समर्पित होता है। मान्यता है कि यदि कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो या जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हों, तो गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करना बेहद फलदायी होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। इसलिए इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर न केवल गुरु ग्रह मजबूत होता है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।

    गुरुवार को केले के पेड़ में क्या चढ़ाएं?
    अगर आप किस्मत का साथ पाना चाहते हैं, तो गुरुवार के दिन केले के पेड़ में जल के साथ गुड़ और चने की दाल जरूर चढ़ाएं। माना जाता है कि यह दोनों चीजें भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं।
    इसके साथ ही हल्दी मिला जल केले के पेड़ की जड़ में अर्पित करने से घर में धन-धान्य और खुशहाली का आगमन होता है। यह उपाय सोई हुई किस्मत को जगाने वाला माना जाता है।

     पूजा की सही विध
    सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ (पीले) वस्त्र धारण करें
    तांबे या पीतल के लोटे में जल लें
    उसमें हल्दी, चने की दाल और गुड़ मिलाएं
    केले के पेड़ की जड़ में यह जल अर्पित करें
    जल चढ़ाते समय “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें
    पेड़ के पास घी का दीपक जलाएं और परिक्रमा करें

    क्यों है यह उपाय खास?
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह उपाय गुरु ग्रह को मजबूत करता है, जिससे व्यक्ति को भाग्य का साथ मिलने लगता है। साथ ही, आर्थिक स्थिति में सुधार, करियर में तरक्की और पारिवारिक सुख-शांति के योग बनते हैं।

     अगर आप जीवन में रुकावटों से परेशान हैं, तो इस सरल गुरुवार उपाय को अपनाकर सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकते हैं।

  • रिस्क से भरा शूट, रणवीर सिंह करीब थे आग के गोले के, ‘धुरंधर 2’ का क्लाइमेक्स बना चर्चा में

    रिस्क से भरा शूट, रणवीर सिंह करीब थे आग के गोले के, ‘धुरंधर 2’ का क्लाइमेक्स बना चर्चा में


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की हालिया एक्शन फिल्म ‘धुरंधर 2’ एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह इसके बॉक्स ऑफिस आंकड़े नहीं बल्कि इसका खतरनाक और असली क्लाइमेक्स सीन है। फिल्म के इस सीन को लेकर जो खुलासे सामने आए हैं, उन्होंने दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री दोनों को हैरान कर दिया है।

    फिल्म के SFX सुपरवाइजर विशाल त्यागी के अनुसार, क्लाइमेक्स सीन में किसी भी तरह का CGI या ग्राफिक्स इस्तेमाल नहीं किया गया था। पूरा सीन प्रैक्टिकल इफेक्ट्स के साथ शूट किया गया, जिसमें असली धमाके और वास्तविक सेटअप का उपयोग हुआ।

    इस सीन में एक टैंकर ब्लास्ट दिखाया गया है, जिसे बेहद रियलिस्टिक बनाने के लिए करीब 500 लीटर ईंधन का इस्तेमाल किया गया। शुरुआत में यह मात्रा 250 लीटर तय थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया ताकि दृश्य अधिक प्रभावशाली लगे।

    त्यागी के मुताबिक, इस पूरे सीन में लगभग 25 किलो विस्फोटक सामग्री का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे धमाके का असर और अधिक वास्तविक दिखाई दे। सेट पर ट्रेन और कंटेनर जैसे तत्व भी असली थे, जिससे शूटिंग का जोखिम और बढ़ गया।

    सबसे बड़ी चिंता की बात यह थी कि अभिनेता रणवीर सिंह शूटिंग के दौरान बेहद करीब मौजूद थे। टीम को इस बात का पूरा ध्यान रखना था कि आग और धमाके की लपटें उनके तक न पहुंचें। सुरक्षा टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी।

    हालांकि, इन जोखिमों के बावजूद शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी की गई। टीम के अनुसार, रणवीर सिंह ने पूरे सीन के दौरान बेहद आत्मविश्वास के साथ काम किया और उन्हें तकनीकी टीम पर पूरा भरोसा था।

    सूत्रों के मुताबिक, क्लाइमेक्स पूरा होने के बाद रणवीर ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि सीन बेहद शानदार बना है। वहीं सह-अभिनेता Arjun Rampal भी शूटिंग के दौरान मौजूद थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें धमाके से पहले ही हटाया गया।

    फिल्म की टीम का दावा है कि यह क्लाइमेक्स भारतीय सिनेमा के सबसे रियलिस्टिक एक्शन सीन्स में से एक है, जिसमें VFX का इस्तेमाल लगभग नहीं के बराबर किया गया।

    कुल मिलाकर, ‘धुरंधर 2’ का यह क्लाइमेक्स न सिर्फ फिल्म की सबसे बड़ी हाइलाइट बन गया है, बल्कि इसने एक्शन फिल्मों की शूटिंग के तरीके पर भी नया सवाल खड़ा कर दिया है—क्या अब भी असली धमाकों का जोखिम लेना जरूरी है?
     

  • IPL 2026 Purple Cap Race: एक मैच ने बदला खेल, टॉप-5 में बड़ा उलटफेर

    IPL 2026 Purple Cap Race: एक मैच ने बदला खेल, टॉप-5 में बड़ा उलटफेर


    नई दिल्ली| Indian Premier League 2026 में हर मैच के साथ पर्पल कैप की रेस दिलचस्प होती जा रही है। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए 40वें मुकाबले के बाद गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस मैच में पंजाब को सीजन की पहली हार झेलनी पड़ी, लेकिन असली चर्चा पर्पल कैप लिस्ट में हुए फेरबदल की रही। सबसे बड़ी बात यह रही कि Kagiso Rabada और Prasidh Krishna टॉप-5 से बाहर हो गए हैं। वहीं राजस्थान के तेज गेंदबाज Jofra Archer ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर छलांग लगा दी है।

    पर्पल कैप लिस्ट: कौन है टॉप-5 में?


     Bhuvneshwar Kumar (14 विकेट)
    भुवनेश्वर कुमार इस समय पर्पल कैप अपने नाम किए हुए हैं। उन्होंने 8 मैचों में 14 विकेट लेकर शानदार निरंतरता दिखाई है और अब भी टॉप पर मजबूती से बने हुए हैं।
     Jofra Archer (14 विकेट)
    आर्चर ने 9 मैचों में 14 विकेट लेकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। उनकी तेज गेंदबाजी और सटीक लाइन-लेंथ उन्हें खतरनाक बना रही है।
    Anshul Kamboj (14 विकेट)
    अंशुल कंबोज भी शानदार फॉर्म में हैं। 8 मैचों में 14 विकेट लेकर वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं और टॉप पर पहुंचने की पूरी क्षमता रखते हैं।
     
    Ishan Malinga (14 विकेट)
    सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल रहे ईशान मलिंगा ने भी 8 मैचों में 14 विकेट झटके हैं और चौथे स्थान पर काबिज हैं।
    Prince Yadav (13 विकेट)
    लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन भले ही खास नहीं रहा हो, लेकिन प्रिंस यादव ने 8 मैचों में 13 विकेट लेकर खुद को इस रेस में बनाए रखा है।

    रेस हुई और भी दिलचस्प
    पर्पल कैप की इस रेस में खास बात यह है कि टॉप-4 गेंदबाजों के विकेट लगभग बराबर हैं। ऐसे में आने वाले मैचों में एक अच्छा स्पेल पूरे समीकरण को बदल सकता है।

    IPL 2026 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पर्पल कैप की जंग और कड़ी होती जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या Bhuvneshwar Kumar अपनी बढ़त बनाए रख पाते हैं या कोई नया गेंदबाज इस ताज को अपने नाम करता है।