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  • MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा

    MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन (Record Wheat Production) को देखते हुए राज्य ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए अब गेहूं उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है।

    CM यादव ने बताया कि रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए सरकार ने खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाया है. गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।


    6 दिन होगी गेहूं खरीदी

    अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा. शनिवार का अवकाश समाप्त कर दिया गया है ताकि किसान निर्बाध रूप से अपनी फसल बेच सकें. वहीं, 30 अप्रैल तक समाप्त होने वाली स्लॉट बुकिंग की अवधि को अब 9 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है।


    भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा

    मुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी. अब किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. यह कदम किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.


    फसलों पर बोनस और अन्य प्रोत्साहन

    तय समर्थन मूल्य (MSP) पर उड़द की खरीदी के साथ किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बोनस राशि दी जाएगी। सरसों पर भावांतर योजना के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिससे किसानों को MSP से भी अधिक दाम मिल रहे हैं। ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है. साथ ही, कृषक मित्र योजना में 90% सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं।


    मध्य प्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’

    पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आय का मुख्य जरिया बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है. प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है. हर दिन का दूध संकलन 10 लाख किलो के पार पहुंच गया है. दुग्ध उत्पादक किसानों को अब दूध का दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो बढ़कर मिल रहा है।


    यूरिया की उपलब्धता

    वैश्विक युद्ध स्थितियों के बावजूद प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी गई है. वर्तमान में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. वितरण प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाया गया है ताकि किसानों को बिना लंबी लाइनों के खाद मिल सके।

  • 'मैंने प्यार किया' के 37 साल बाद भी बरकरार है भाग्यश्री की मासूमियत का जादू।

    'मैंने प्यार किया' के 37 साल बाद भी बरकरार है भाग्यश्री की मासूमियत का जादू।


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री आज इंडस्ट्री की जानी मानी एक्ट्रेस हैं। अपनी मासूमियत से दर्शकों का दिल जीतने वाली भाग्यश्री ने सलमान खान के साथ फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से बॉलीवुड में डेब्यू में किया था।

    भाग्यश्री
    इस फिल्म ने भाग्यश्री और सलमान खान को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था। फिल्म की कहानी ही नहीं, बल्कि इसके गाने भी काफी हिट रहे, जिसे आज भी काफी पसंद किया जाता है।

    भाग्यश्री की एक बहन मधुवंती

    लेकिन क्या आप जानते हैं भाग्यश्री की तरह ही उनकी बहन भी एक्ट्रेस रही हैं। हालांकि, उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं। जी हां, भाग्यश्री की एक बहन हैं, जिनका नाम मधुवंती पटवर्धन है।

    भाग्यश्री ने सलमान संग किया डेब्यू
    मधुवंती ने भी अपनी बहन भाग्यश्री की तरह ही बड़े सुपरस्टार के साथ डेब्यू किया था। हालांकि, जब भाग्यश्री ने सलमान के साथ डेब्यू किया तब वो बड़े स्टार नहीं थे।

    दो आंखें बारह हाथ

    वहीं, मधुवंती ने जब 1997 में जब गोविंदा के साथ डेब्यू किया तब वो बड़े सुपरस्टार थे। मधुवंती ने गोविंदा के साथ ‘दो आंखें बारह हाथ’ साइन की थी तब उन्हें लगा कि ये उनके करियर के लिए सबसे अच्छा लॉन्च है।

    गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार

    ‘दो आंखें बारह हाथ’ को गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार ने डायरेक्ट किया था। उस वक्त गोविंदा का अच्छा खासा काम चल रहा था। वहीं, ये उनके घर की फिल्म थी, तो जब भी उन्हें टाइम मिलता था वो इसके लिए काम करते।

    मूवी पूरी तरह से बर्बाद हो गई
    हालांकि, कहानी कहा जा रही है, बाकी चीजों कैसी हैं, इस पर गोविंदा ने भी कभी ध्यान नहीं दिया। इसे अच्छा बनाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन कभी देरी की वजह से कभी पैसों की दिक्कत के चलते ये मूवी पूरी तरह से बर्बाद हो गई।

    बुरी तरह से पिट गई फिल्म
    ‘दो आंखें बारह हाथ’ फिल्म जब रिलीज हुई तब भी इसने जरा भी अच्छी छाप नहीं छोड़ी। मधुवंती को लगा था कि ये उनके करियर की लिए बेस्ट साबित होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ये मूवी बुरी तरह से पिट गई।

    मधुवंती का रोल तो कुछ था ही नहीं

    फिल्म को रिलीज होने के काफी वक्त लगा, कहानी भी कुछ खास नहीं थी। वहीं, देखा जाए तो मधुवंती का रोल तो कुछ था ही नहीं। वहीं, जब गोविंदा किसी फिल्म में होते हैं तो सबकी नजरें सिर्फ गोविंदा पर ही होती थी।

    मधुवंती का करियर पूरी तरह से ठप पड़ गया

    ऐसे में मधुवंती अपनी एक्टिंग और डांसिंग से वो चार्म नहीं ला पाई कि वो ऑडियंस को लुभा पाए। यही वजह थी ये फिल्म औंधे मुंह गिरी और मधुवंती का करियर पूरी तरह से ठप पड़ गया।

  • कैबिनेटः मंत्रियों के वेतन में 50% कटौती कर 14,000 करोड़ का कर्ज चुकाएगी तेलंगाना सरकार

    कैबिनेटः मंत्रियों के वेतन में 50% कटौती कर 14,000 करोड़ का कर्ज चुकाएगी तेलंगाना सरकार


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) की रेवंत रेड्डी सरकार (Revanth Reddy Government) ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए एक मिसाल पेश की है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के वेतन में 50% की स्वैच्छिक कटौती करने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 14,000 करोड़ रुपये के बकाया को 100 दिनों के अंदर निपटाने के लिए एक ठोस एक्शन प्लान को मंजूरी दी है।

    दरअसल, राज्य सरकार वर्तमान में भारी वित्तीय बोझ और लगभग 14,000 करोड़ रुपये की देनदारियों का सामना कर रही है, जिसमें से 8,000 करोड़ रुपये पेंशनभोगियों और 6,200 करोड़ रुपये सेवारत कर्मचारियों के बकाया हैं. पिछली सरकार के समय से रुके इन भुगतानों को सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 100 दिनों की एक कार्य योजना तैयार की है. सरकार ने इसके साथ ही केलेश्वरम परियोजना की सीबीआई जांच तेज करने और गच्चीबोवली स्टेडियम को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले भी लिए हैं. संसाधनों की कमी को देखते हुए मंत्रियों ने खुद पहल कर ये वित्तीय योगदान देने का संकल्प लिया है।

    गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस बात पर गंभीर चिंता जताई गई कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने हक के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

    सरकार ने स्पष्ट किया कि जब तेलंगाना राज्य बना था, तब कोई बकाया नहीं था, लेकिन अब ये राशि बहुत बढ़ गई है. सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 8,000 करोड़ रुपये के भुगतान को प्राथमिकता देते हुए एक संसाधन जुटाव उप-समिति बनाई गई है. ये समिति कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संघों से बात कर समाधान निकालेगी. मंत्रियों के 50% वेतन कटौती के बाद अब अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी इसी तरह के उपायों पर विचार किया जा सकता है.


    कालेश्वर प्रोजेक्ट

    इसके अलावा कैबिनेट में कई मुद्दों पर चर्चा की और कई फैसले लिए. कैबिनेट ने कालेश्वरम परियोजना पर जस्टिस पी.सी. घोष आयोग की रिपोर्ट और हाई कोर्ट के हालिया फैसले पर भी चर्चा की.

    अदालत ने आयोग की वैधता को बरकरार रखा है. हालांकि, प्रक्रियात्मक कमियों की ओर इशारा किया है. सरकार ने पाया कि सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने के नौ महीने बाद भी जांच शुरू नहीं हुई है. अब राज्य सरकार दिल्ली के कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार करेगी और सीबीआई से जांच में तेजी लाने की अपील करेगी.


    गच्चीबोवली स्टेडियम बनेगा स्पोर्ट्स हब

    बैठक में हैदराबाद के गच्चीबोवली स्टेडियम को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया गया है. इसे पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा. 76 एकड़ में फैले इस परिसर के 64 एकड़ हिस्से में 21 खेलों के लिए सुविधाएं बनाई जाएंगी. स्टेडियम की क्षमता 20,000 से बढ़ाकर 50,000 की जाएगी और यहां एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी स्थापित होगी. बाकी 12 एकड़ जमीन का व्यावसायिक उपयोग होगा, जिससे होने वाली आय को खेलों और एथलीटों के विकास पर खर्च किया जाएगा।

    इसके अलावा मंथनी निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए कैबिनेट ने चिन्ना केलेश्वरम परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को हरी झंडी दे दी है. इसके लिए 166.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 45,000 एकड़ जमीन को सिंचाई का लाभ मिलेगा. साथ ही मंचेरियल जिले के हाजीपुर में श्रीपदा येल्लमपल्ली परियोजना के पास एक एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित करने के लिए 85.10 एकड़ जमीन आवंटित की गई है.

    RTC कर्मचारियों से अपील
    कैबिनेट ने आरटीसी (RTC) कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने और बातचीत का रास्ता चुनने की अपील की है. डिप्टी सीएम के नेतृत्व में एक आधिकारिक समिति उनकी समस्याओं को सुनने के लिए तैयार है. इसके साथ ही, जिन प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां नामांकन के माध्यम से शासी निकायों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है. सरकार का ये पूरा रोडमैप वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

  • World Malaria Day: मलेरिया के साथ दूसरी बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, मल्टी-इंफेक्शन ने बढ़ाई इलाज की चुनौती

    World Malaria Day: मलेरिया के साथ दूसरी बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, मल्टी-इंफेक्शन ने बढ़ाई इलाज की चुनौती

    नई दिल्ली। विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर सामने आई एक अहम जानकारी ने मलेरिया को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आमतौर पर बुखार को मलेरिया मानकर इलाज शुरू कर देना कई बार जोखिम भरा साबित हो सकता है। दिल्ली के अस्पतालों में किए गए अध्ययन में पाया गया है कि कई मरीजों में मलेरिया के साथ डेंगू, चिकनगुनिया या टाइफाइड जैसी बीमारियां भी एक साथ मौजूद हैं। यह मल्टी-इंफेक्शन डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

    वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल में जुलाई 2022 से नवंबर 2023 के बीच किए गए अध्ययन में 4259 बुखार के मरीजों की जांच की गई। इनमें से 87 मरीज (करीब 2.04%) मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि इनमें लगभग 45 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिनमें मलेरिया के साथ अन्य संक्रमण भी मौजूद थे, जिससे बीमारी की पहचान और उपचार दोनों जटिल हो गए।

    अध्ययन में Plasmodium vivax और Plasmodium falciparum दोनों तरह के संक्रमण दर्ज किए गए। मरीजों में ठंड लगना (80.46%), पीलिया (51.72%), मांसपेशियों में दर्द (56.32%), पूरे शरीर में दर्द (54.02%) और लीवर व स्प्लीन का बढ़ना (64.37%) प्रमुख लक्षण पाए गए। कुछ गंभीर मामलों में एनीमिया भी बड़ी जटिलता के रूप में सामने आया।

    माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रो. डॉ. मोनिका मटलानी के अनुसार, जब मलेरिया अन्य संक्रमणों के साथ होता है तो लक्षण आपस में मिल जाते हैं। इससे सही समय पर बीमारी की पहचान करना कठिन हो जाता है और इलाज में देरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि जुलाई से सितंबर के बीच मलेरिया का खतरा सबसे ज्यादा रहता है और पुरुषों में संक्रमण का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक देखा गया है।

    वहीं All India Institute of Medical Sciences के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल के अनुसार, दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया सभी मच्छरों से फैलते हैं, जबकि टाइफाइड दूषित पानी और खराब स्वच्छता से जुड़ा है। ऐसे में इन बीमारियों को अलग-अलग पहचानना चुनौतीपूर्ण हो जाता है और कई मामलों में एक से अधिक संक्रमण एक साथ पाए जाते हैं।

    प्रमुख लक्षण:-
    तेज बुखार के साथ ठंड और कंपकंपी
    अत्यधिक पसीना आना
    सिरदर्द और कमजोरी
    मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द
    उल्टी या मतली
    भूख कम लगना
    चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस होना
    गंभीर स्थिति में पीलिया

    बचाव के उपाय:-
    मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
    घर के आसपास पानी जमा न होने दें
    पूरी बाजू के कपड़े पहनें
    बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

  • US-ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में नरमी….

    US-ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में नरमी….


    तेहरान।
    यूएस-इजरायल और ईरान (US-Israel and Iran) के बीच चल रही जंग में एक बार फ‍िर से समझौते की कोश‍िश की जा रही है. शांत‍ि की उम्‍मीद में शुक्रवार को 110 डॉलर प्रत‍ि बैरल पर पहुंचने वाले क्रूड ऑयल के दाम (Crude Oil Price) में ग‍िरावट देखी जा रही है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi) के उच्‍च स्‍तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुंचने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत फिर से शुरू होने की उम्‍मीद की जा रही है. इससे बाजार को मजबूती म‍िली है. दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का यह दूसरा दौर हो सकता है. हालांकि, ईरान ने शांति वार्ता में सीधा ह‍िस्‍सा लेने से साफ मना क‍िया है।

    शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान क्रूड ऑयल का दाम चढ़कर 106 डॉलर प्रत‍ि बैरल के करीब पहुंच गया था. लेक‍िन शाम होते-होते ईरान के प्रत‍िन‍िध‍िमंडल के पाक‍िस्‍तान पहुंचने के बाद इसमें ग‍िरावट देखी गई. WTI क्रूड का दाम ग‍िरकर 94.40 डॉलर प्रत‍ि बैरल पर पहुंच गया. ब्रेंट क्रूड के दाम में भी नरमी देखी जा रही है और यह 105 डॉलर प्रत‍ि बैरल पर पहुंच गया. 28 फरवरी को इजरायल की तरफ से ईरान पर हमला क‍िये जाने के बाद क्रूड के दाम में उठा-पटक बनी हुई है।


    तेल की कीमत में उठा-पटक बनी रहेगी

    होर्मुज बंद होने से तेल की ग्‍लोबल लेवल पर सप्‍लाई चेन टूट चुकी है. इससे आने वाले समय में भी तेल की कीमत में उठा-पटक बनी रहेगी. इससे पहले गुरुवार को भी तेल की कीमत 3% से ज्यादा बढ़ गई थीं. क्रूड ऑयल के दाम में प‍िछले पांच द‍िन से तेजी देखी जा रही थी. अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत नहीं बनी तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है और तेल के दाम और ज्यादा बढ़ सकते हैं. कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है क‍ि यद‍ि स्थिति और बिगड़ी तो दाम 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं।


    भारत में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

    सोशल मीडिया पर जारी क‍िये जा रहे दावों को खारिज करते हुए पेट्रोलियम म‍िन‍िस्‍टर ने कहा है कि भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा करने का फिलहाल कोई प्‍लान नहीं है. मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी करते हुए कहा गया कि फिलहाल इसे लेकर कोई योजना नहीं है. उन्होंने उन रिपोर्ट्स को फेक करार दिया, जिसमें दावे किए जा रहे हैं कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के दाम में 25 से 28 रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है.

    आज द‍िल्‍ली में पेट्रोल-डीजल के रेट

    – दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.71

    – मुंबईमें पेट्रोल ₹103.54, डीजल ₹90.01

    – कोलकाता में पेट्रोल ₹105.45, डीजल ₹91.81

    – चेन्नई में पेट्रोल ₹100.84, डीजल ₹92.38

  • मंदिर में मातम के बीच डांस परिवार ने निभाई आखिरी इच्छा सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    मंदिर में मातम के बीच डांस परिवार ने निभाई आखिरी इच्छा सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस


    नई दिल्ली । थाईलैंड के नखोन सी थाम्मरत प्रांत से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान और विभाजित कर दिया है। यहां एक बौद्ध मंदिर में हुए अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसे देखकर लोग स्तब्ध रह गए। एक 59 वर्षीय व्यक्ति की अंतिम विदाई पर उसके परिवार ने पारंपरिक शोक के बजाय जश्न का माहौल बनाया और ताबूत के सामने कोयोट डांसर्स से प्रदर्शन कराया।

    यह घटना रॉन फिबुन जिले के वाट थेप्पानोम चुआट मंदिर में हुई जहां अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्में पूरी होने के बाद अचानक तीन महिला डांसर्स ने ताबूत के सामने डांस करना शुरू कर दिया। बताया गया कि यह पूरा आयोजन मृतक की अंतिम इच्छा के अनुसार किया गया था। डांसर्स ने कोरियोग्राफ किया हुआ परफॉर्मेंस मंदिर परिसर के भीतर प्रस्तुत किया जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

    मृतक के परिवार का कहना है कि वह व्यक्ति बेहद खुशमिजाज स्वभाव का था और हमेशा जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखता था। उन्होंने अपने अंतिम संदेश में यह इच्छा जताई थी कि उनकी विदाई पर रोने की बजाय लोग उनके जीवन का जश्न मनाएं। इसी सोच को सम्मान देते हुए परिवार ने अंतिम संस्कार को एक अलग रूप देने का निर्णय लिया और शोक सभा को उत्सव में बदल दिया।

    बौद्ध भिक्षुओं द्वारा अंतिम प्रार्थना और मंत्रोच्चार पूरा करने के बाद यह डांस परफॉर्मेंस शुरू हुआ। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस दृश्य को देखा और इसे सोशल मीडिया पर लाइव भी किया गया। वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से वायरल हो गया और दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया।

    हालांकि, इस घटना को लेकर लोगों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। एक वर्ग का मानना है कि यह मृतक की अंतिम इच्छा का सम्मान है और जीवन को सकारात्मक तरीके से देखने का प्रतीक है। वहीं दूसरा वर्ग इसे धार्मिक स्थल की मर्यादा के खिलाफ बता रहा है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इस तरह का प्रदर्शन खासकर मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर उचित नहीं है।

    मरने वाले व्यक्ति का निधन 15 अप्रैल को हुआ था और उन्होंने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह नहीं चाहते कि उनकी मृत्यु पर लोग दुखी हों। उनका मानना था कि मृत्यु जीवन का हिस्सा है और इसे सहजता से स्वीकार करना चाहिए। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए परिवार ने पारंपरिक शोक को हटाकर एक अलग प्रकार का अंतिम संस्कार आयोजित किया।

    यह घटना न सिर्फ थाईलैंड में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक ओर इसे जीवन को सेलिब्रेट करने का तरीका माना जा रहा है वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक और धार्मिक मर्यादाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

  • पाकिस्तान ने चुकाया UAE का 3.45 अरब डॉलर का कर्जा…. जानें कहां से आई इतनी बड़ी रकम?

    पाकिस्तान ने चुकाया UAE का 3.45 अरब डॉलर का कर्जा…. जानें कहां से आई इतनी बड़ी रकम?


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) के केंद्रीय बैंक (स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान) (Central Bank (State Bank of Pakistan) ने बताया है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.- UAE) का 3.45 अरब डॉलर का पूरा कर्ज चुका दिया है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा कि 23 अप्रैल को यूएई के अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट (ADFD) को 1 अरब डॉलर की अंतिम किस्त का भुगतान कर दिया गया है। इससे पहले पिछले सप्ताह UAE को 2.45 अरब डॉलर की राशि वापस की जा चुकी थी। इस तरह कुल 3.45 अरब डॉलर की जमा राशि UAE को पूरी तरह चुकता हो गई है।

    यह पैसा यूएई द्वारा पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक में ‘स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज’ (SAFE) डिपॉजिट के तौर पर रखा गया था। इस पर पाकिस्तान लगभग 6% ब्याज भी दे रहा था। पाकिस्तान के प्रवक्ता ने बताया कि जमा राशि की अवधि पूरी होने के बाद सभी पैसे यूएई को ट्रांसफर कर दिए गए हैं। केंद्रीय बैंक का दावा है कि नए फंड्स के आने से देश का विदेशी मुद्रा भंडार फिलहाल स्थिर बना हुआ है।

    यूएई ने अचानक वापस क्यों मांगे पैसे?
    रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएई ने पाकिस्तान को भुगतान संतुलन को सहारा देने के लिए 3.5 अरब डॉलर दिए थे। पाकिस्तान इस कर्ज पर यूएई को करीब 6% का ब्याज चुका रहा था। पहले यूएई हर साल इस जमा राशि की अवधि बढ़ा देता था। दिसंबर 2025 में इसे पहले एक महीने के लिए और फिर 17 अप्रैल तक के लिए बढ़ाया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे हालिया तनाव (ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध की स्थिति) के मद्देनजर यूएई ने अपने फंड की तत्काल वापसी की मांग की थी।

    पाकिस्तान के पास कर्ज चुकाने के पैसे कहां से आए?
    यह कर्ज वापसी ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान भयंकर ‘कंगाली’ के दौर से गुजर रहा है। इस भुगतान से पहले, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार के रूप में सिर्फ 16.4 अरब डॉलर बचे थे। UAE को 3.45 अरब डॉलर एकमुश्त चुकाने का मतलब था कि पाकिस्तान को अपने कुल खजाने का लगभग 18% हिस्सा एक झटके में खाली करना पड़ता। पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के 7 अरब डॉलर के कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है। खजाना अचानक खाली होने से IMF की शर्तें टूट जातीं और देश के डिफॉल्ट होने का खतरा बढ़ जाता। ऐसे हालात में बिना किसी बाहरी मदद के UAE को इतनी बड़ी रकम लौटाना पाकिस्तान के लिए नामुमकिन था। इस कंगाली के बीच पाकिस्तान के पास अचानक इतने पैसे कहां से आए? इसका सीधा जवाब है- सऊदी अरब का बेलआउट पैकेज।

    सऊदी अरब की संजीवनी: कैसे हुई कर्ज वापसी?
    यहीं पर पाकिस्तान के पुराने सहयोगी सऊदी अरब ने ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाई। UAE के कर्ज चुकाने की समयसीमा (अप्रैल के अंत) से ठीक पहले, पर्दे के पीछे कई कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाए गए। कर्ज की डेडलाइन से कुछ दिन पहले, सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जदान ने इस्लामाबाद का दौरा किया और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की।

    वाशिंगटन में IMF की बैठकों के दौरान पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने इस बात की पुष्टि की कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर की नई वित्तीय सहायता देने पर सहमति जता दी है। सऊदी अरब से मिले इन 3 अरब डॉलर के ताजा डिपॉजिट ने पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को अचानक गिरने से बचा लिया। यानी पाकिस्तान ने अपना खजाना खाली होने से बचाने के लिए सऊदी अरब से 3 अरब डॉलर का नया फंड अपने खाते में डलवाया और उसी बैलेंस की बदौलत बिना दिवालिया हुए UAE का 3.45 अरब डॉलर का पुराना कर्ज चुका दिया।

  • फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा ऐलान, बोले- अपने दूसरे कार्यकाल के बाद छोड़ दूंगा राजनीति

    फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा ऐलान, बोले- अपने दूसरे कार्यकाल के बाद छोड़ दूंगा राजनीति


    पेरिस।
    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (French President Emmanuel Macron) ने घोषणा की है कि वे 2027 में अपने दूसरे और अंतिम कार्यकाल के बाद राजनीति छोड़ (Leave Politics) देंगे। साइप्रस की यात्रा के दौरान निकोसिया में छात्रों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति बनने से पहले राजनीति में शामिल नहीं था और उसके बाद भी नहीं रहूंगा।” यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ महीने पहले उन्होंने अपने भविष्य को लेकर लंबी राजनीतिक संभावनाओं का संकेत दिया था। जुलाई 2025 में पेरिस में अपनी पार्टी के युवा विंग की 10वीं वर्षगांठ पर उन्होंने कहा था कि मुझे दो साल, पांच साल और दस साल बाद भी आपकी जरूरत पड़ेगी। अब यह स्पष्ट है कि मैक्रों फ्रांस की राजनीति में कोई नई भूमिका नहीं निभाएंगे।

    मैक्रों 2017 में मात्र 39 वर्ष की आयु में फ्रांस के राष्ट्रपति बने थे, जो 1958 में पांचवीं गणराज्य की स्थापना के बाद सबसे युवा राष्ट्रपति थे। 2022 में वे दोबारा चुने गए, लेकिन फ्रांसीसी संविधान के अनुसार तीसरा लगातार कार्यकाल नहीं मिल सकता। राष्ट्रपति बनने से पहले वे 2014 से 2016 तक फ्रांसुआ ओलांद की सरकार में अर्थव्यवस्था मंत्री रह चुके थे। साइप्रस में उन्होंने अपने शेष कार्यकाल की चुनौतियों पर भी चर्चा की और कहा कि 9 वर्ष बाद अच्छे कार्यों को बनाए रखना और गलतियों को सुधारना सबसे कठिन काम है।

    कैसा रहा अब तक का राजनीतिक सफर
    इमैनुएल मैक्रों ने अपने भविष्य की कोई योजना नहीं बताई, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि अब राजनीति से दूर रहेंगे। मैक्रों के कार्यकाल में सबसे प्रमुख सुधार पेंशन सुधार था, जिसमें रिटायरमेंट की आयु 62 से बढ़ाकर 64 वर्ष कर दी गई। इस फैसले के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए और ट्रेड यूनियनों ने इसका कड़ा विरोध किया। उनके दूसरे कार्यकाल में संसद भी बंटी हुई रही। 2022 के संसदीय चुनावों में उनकी पार्टी का बहुमत चला गया, जिससे बड़े सुधारों को पास करना मुश्किल हो गया।

    जून 2024 में यूरोपीय संसद चुनावों में दक्षिणपंथी नेशनल रैली की मजबूत प्रदर्शन के बाद मैक्रों ने संसद भंग कर स्नैप चुनाव कराए। इस फैसले की उनकी अपनी पार्टी में भी आलोचना हुई और इससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी। 2025 के नए साल के संबोधन में उन्होंने खुद स्वीकार किया कि यह कदम फ्रांसीसी लोगों के लिए समाधान लाने के बजाय अस्थिरता का कारण बना। मैक्रों का यह फैसला फ्रांस की राजनीति में एक नई शुरुआत का संकेत देता है। 2027 के चुनाव के बाद नया राष्ट्रपति चुना जाएगा और मैक्रों सक्रिय राजनीति से दूर होकर शायद निजी जीवन या अन्य क्षेत्रों में काम करेंगे।

  • उत्तराखंड में अगले चुनाव में पुष्कर सिंह धामी ही होंगे CM का चेहरा- BJP अध्यक्ष ने किया ऐलान

    उत्तराखंड में अगले चुनाव में पुष्कर सिंह धामी ही होंगे CM का चेहरा- BJP अध्यक्ष ने किया ऐलान


    देहरादून।
    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (BJP National President Nitin Naveen) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उत्तराखंड (Uttarakhand) में अगले होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ही पार्टी का चेहरा होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भाजपा, मौजूदा नेतृत्व के साथ ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

    भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली में दिए एक साक्षात्कार में कहा कि पुष्कर सिंह धामी और योगी आदित्यनाथ हमारे मुख्यमंत्री हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। निश्चित रूप से वे ही हमारे चेहरे होंगे। उन्हीं के नेतृत्व में भाजपा आगामी चुनाव में जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस बयान के बाद उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के संबंध में सभी किंतु-परंतु पर विराम लग गया है। हालांकि, बीती 20 मार्च को मंत्रिमंडल विस्तार कर धामी ने नेतृत्व को लेकर लग रही अटकलों का पटाक्षेप कर दिया था, पर अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्पष्ट बयान के बाद तस्वीर बिलकुल साफ हो गई है।


    धामी सरकार की तारीफ

    नवीन ने धामी सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि चुनौतियों के बावजूद राज्य में विकास कार्यों पर प्रभावी ढंग से काम किया गया है। उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी परिस्थितियां होती हैं। कई चुनौतियां होती हैं। प्रदेश ट्रैक रिकार्ड देखा जाता है। विकास की समीक्षा की जाती है। आमजन के जीवन में क्या बदलाव हुए, उन्हें भी जांचा परखा जाता है। विकास के लिहाज से गुड गवर्नेंस सरकार की यूएसपी होती है। इनमें धामी सरकार बेहतर रूप में आगे बढ़ी है। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में निश्चित तौर पर और बेहतर परिणाम आएंगे।

    सियासी जानकारों की मानें तो सीएम धामी अपनी कार्यप्रणाली से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का विश्वास जीतने में सफल रहे हैं। हाल में उत्तराखंड के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, सभी ने धामी सरकार के कामकाज की सराहना की।

  • टॉक्सिक के सेंसुअल सीन पर विवाद के बीच यश का बयान गीतू मोहनदास की सोच पर खुलकर बोले

    टॉक्सिक के सेंसुअल सीन पर विवाद के बीच यश का बयान गीतू मोहनदास की सोच पर खुलकर बोले


    नई दिल्ली । यश की आगामी फिल्म टॉक्सिक इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। जून में रिलीज होने वाली इस फिल्म का हाल ही में टीजर जारी किया गया था, जिसमें कुछ सेंसुअल और बोल्ड सीन दिखाए गए थे। इन दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई और कुछ दर्शकों ने इन्हें लेकर आपत्ति भी जताई। हालांकि, अब यश ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और फिल्म के विजन को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं।

    यश ने बताया कि फिल्म की डायरेक्टर गीतू मोहनदास का नजरिया काफी अलग और फ्रेश है। उनके अनुसार टॉक्सिक जैसी बड़े पैमाने की एक्शन फिल्म में महिला किरदारों को केवल सहायक भूमिका में नहीं बल्कि एक मजबूत और प्रभावशाली नजरिए से दिखाया गया है। यश ने कहा कि आमतौर पर एक्शन फिल्मों में मुख्य रूप से पुरुष किरदारों पर फोकस किया जाता है, लेकिन इस फिल्म में महिलाओं की मौजूदगी और उनका दृष्टिकोण कहानी का अहम हिस्सा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि गीतू मोहनदास एक मजबूत लेखिका और निर्देशक हैं, जिनकी सोच बहुत स्पष्ट है। यश के अनुसार उन्होंने इस प्रोजेक्ट के दौरान कई नई चीजें सीखी हैं, खासकर यह कि स्क्रीन पर महिलाओं को किस तरह अलग और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है। उनके मुताबिक यह अनुभव उनके लिए काफी रचनात्मक और सीखने वाला रहा।

    टीजर में दिखाए गए दृश्यों को लेकर भी यश ने अप्रत्यक्ष रूप से जवाब दिया। टीजर में एक कसीनो का दृश्य दिखाया गया था जहां यश के किरदार के साथ एक महिला मौजूद होती है और कुछ बोल्ड विजुअल्स भी सामने आते हैं। इन्हीं सीन को लेकर कुछ दर्शकों ने सवाल उठाए थे लेकिन मेकर्स का कहना है कि यह कहानी की डिमांड और विजन का हिस्सा है न कि केवल सनसनी पैदा करने के लिए।

    फिल्म की कहानी एक गैंगस्टर बैकड्रॉप पर आधारित बताई जा रही है जिसमें बड़े स्तर का ड्रामा और एक्शन देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि फिल्म में फीमेल गेज यानी महिला दृष्टिकोण को कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया है जो इसे पारंपरिक एक्शन फिल्मों से अलग बनाता है।

    पहले यह फिल्म 19 मार्च को रिलीज होने वाली थी लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ाकर अब 4 जून कर दी गई है। मेकर्स का कहना है कि वे इसे वैश्विक स्तर पर एक साथ रिलीज करना चाहते हैं इसलिए यह फैसला लिया गया।

    अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि विवादों के बीच रिलीज होने जा रही टॉक्सिक बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाल मचाती है और क्या यह यश के करियर में एक और बड़ी हिट साबित होती है या नहीं।