30 साल से कम उम्र, ब्राह्मण और ‘नो पास्ट रिलेशन’ की मांग युवक की मांग थी कि उसकी होने वाली पत्नी 30 साल से कम उम्र की हो, ब्राह्मण परिवार से आती हो, कभी किसी रिलेशनशिप में न रही हो और ‘वर्जिन’ हो। साथ ही वह पहले से शादीशुदा भी न हो। यहां सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि खुद युवक तलाकशुदा है, लेकिन उसने अपने लिए ऐसी किसी शर्त को जरूरी नहीं माना।
जब Oindrila Kapoor ने इन शर्तों की निष्पक्षता पर सवाल उठाया, तो युवक ने एक कथित रिसर्च का हवाला देते हुए कहा कि जिन महिलाओं के अधिक पार्टनर होते हैं, उनके बेवफा होने की संभावना ज्यादा होती है।
हालांकि, जब उससे पूछा गया कि क्या यही तर्क एक तलाकशुदा पुरुष पर भी लागू होगा, तो उसने इसे खारिज करते हुए कहा “मैं पुरुष हूं, इसलिए यह तुलना सही नहीं है।”
युवक के इस बयान ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी। कई लोगों ने इसे स्पष्ट दोहरे मापदंड और पितृसत्तात्मक मानसिकता का उदाहरण बताया।
Oindrila Kapoor ने भी इस सोच को गलत बताते हुए उसे क्लाइंट बनाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि सोच का है और ऐसी सोच के साथ वह महिलाओं के साथ अन्याय करेगा।
पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंट गए। एक बड़ा वर्ग युवक की आलोचना करता नजर आया। लोगों ने इसे महिलाओं का अपमान बताया और तंज कसते हुए कहा कि शायद इसी सोच के कारण उसका तलाक हुआ होगा।
कुछ यूजर्स ने यहां तक कहा कि तलाकशुदा व्यक्ति को समान स्थिति वाले पार्टनर की तलाश करनी चाहिए।
हालांकि, कुछ लोगों ने युवक का बचाव भी किया। उनका कहना था कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार है और तलाकशुदा होना तथा कई रिश्तों में रहना अलग-अलग बातें हैं।
यह मामला ऐसे दौर में सामने आया है जब भारत में शादी को लेकर सोच बदल रही है। शहरी और शिक्षित वर्ग में शादी की उम्र बढ़ रही है, लेकिन दुल्हन के लिए कम उम्र और ‘परफेक्ट’ छवि की अपेक्षा अब भी बनी हुई है।









