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  • वाराणसी चोरी केस में अजब मोड़: चोरों ने मालिक से ही पूछा, 7 कमरों में ताले क्यों नहीं लगाए?

    वाराणसी चोरी केस में अजब मोड़: चोरों ने मालिक से ही पूछा, 7 कमरों में ताले क्यों नहीं लगाए?


    वाराणसी। वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में हुई 40 लाख रुपये के गहनों की चोरी का मामला अब एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सभी गहने बरामद कर लिए हैं, लेकिन थाने में हुई एक बातचीत ने सभी को चौंका दिया।

    गिरफ्तारी और बरामदगी

    पुलिस के मुताबिक, बजरडीहा इलाके के रहने वाले मो. शारिक जमाल अंसारी और रेयाज अंसारी को सीर गोवर्धन क्षेत्र से गहनों से भरे बैग के साथ पकड़ा गया। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने दी।

    फेरी लगाकर करते थे रेकी

    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे साड़ी बेचने के बहाने कॉलोनियों में फेरी लगाते थे और इसी दौरान घरों की रेकी भी करते थे।
    गायत्री नगर कॉलोनी में उन्हें एक मकान कई दिनों से बंद मिला, जिसके गेट पर सिर्फ एक छोटा ताला लगा था। इससे उन्हें शक हुआ कि घर खाली है और उन्होंने चोरी की योजना बना ली।

    मंकी कैप पहनकर दिया वारदात को अंजाम

    आरोपियों ने मंकी कैप पहनकर घर में घुसकर सात कमरों से कीमती गहने चुरा लिए। चोरी के बाद उन्हें अंदाजा हुआ कि माल की कीमत बहुत ज्यादा है, जिससे वे घबरा गए।

    गहने बेचने में फंसे चोर

    चोरी के बाद दोनों आरोपी गहने बेचने के लिए भटकते रहे। वे अलग-अलग जिलों में रिश्तेदारों और परिचितों के यहां छिपते रहे, लेकिन गहनों की बिक्री नहीं कर पाए। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

    थाने में चोरों का ‘शिकायती सवाल’

    मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू तब सामने आया जब थाने में चोरों का सामना मकान मालिक से हुआ।
    आरोपियों ने उल्टा मालिक से ही सवाल कर दिया—“इतने बड़े घर के गेट पर छोटा ताला क्यों लगाया था? सात कमरों में सिर्फ कुंडी बंद थी, ताले क्यों नहीं लगाए?”

    पुलिस की अपील

    पुलिस का कहना है कि यह मामला लोगों के लिए सबक भी है कि घर खाली छोड़ते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूर करें।

    कुल मिलाकर, यह घटना न सिर्फ पुलिस की सफलता की कहानी है, बल्कि लापरवाही और अपराधियों की चालाकी का अनोखा उदाहरण भी बन गई है।

  • किचन की इन चीजों से बनाएं टैन हटाने वाला जादुई पेस्ट

    किचन की इन चीजों से बनाएं टैन हटाने वाला जादुई पेस्ट


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही कई प्रकार की समस्या का सामना सभी को करना पड़ता है। जब भी हम बाहर जाते हैं तो पसीना धूल मिट्टी हमारे स्किन को खराब कर देती है। टैनिंग की सबसे बड़ी समस्या रहती है। अगर आप भी गर्मी में होने वाली टैनिंग से परेशान है और इससे छुटकारा हर कोई पाना चाहता है। टैनिंग को करने के लिए लोग कई तरह के महंगे प्रोडक्ट्स उसे करते हैं लेकिन आप घर पर ही कुछ खास पेस्ट बनाकर इसे आसानी से दूर कर सकते हैं तो चलिए उनके बारे में जानते हैं।

    इस प्रकार दूर करें टैनिंग
    अब आप अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए और टैनिंग को कम करने के लिए घर पर ही पैरो-हाथों से टैनिग को रिमूव कर सकती है। आइए आपको इस पेस्ट को बनाने के लिए कुछ जरुरी सामग्री बताते हैं।

    पेस्ट बनाने के लिए सामग्री


    चंदन पाउडर

    टमाटर का पल्प

    नींबू का रस

    बनाने की विधि
    इस पेस्ट को बनाने के लिए सबसे पहले आप एक कटोरी में चंदन पाउडर निकाल लेना है। अब इसमें थोड़ा टमाटर का पल्प को मिला लें। इसके बाद इन दोनों को अच्छे से मिक्स कर लें और अब इसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिला लें। इन सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स कर लें और बहुत ही काम समय में यह आपका पेस्ट तैयार है।

    इसे आप एक हफ्ते में 2 बार जरुर इस्तेमाल करें।इससे हाथों की टैनिंग कम होगी और आपके हाथ भी खूबसूरत बने रहेंगे। इस पेस्ट को आप हाथों के अलावा पैर, गर्दन और घुटनों पर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आपको काफी फायदा होगा धीरे-धीरे टाइमिंग दूर होने लगेगी इसके साथ ही आपकी स्किन में एक अलग सा निखार आएगा यह पेज गर्मी के लिए काफी कारगर है इसलिए आपको इसका जरूर उपयोग करते रहना चाहिए।

  • देश में बिगड़ी LPG की सप्लाई हुई नार्मल….वापस लौटे पुराने दिन, बुकिंग में गिरावट.

    देश में बिगड़ी LPG की सप्लाई हुई नार्मल….वापस लौटे पुराने दिन, बुकिंग में गिरावट.


    नई दिल्ली।
    एलपीजी बुकिंग (LPG Booking) को लेकर अबतक की सबसे अच्छी खबर आई है। जब से युद्ध शुरू हुआ है उसके बाद से ही एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। लेकिन सरकार के नए आकंड़े राहत दे रहे हैं। सरकार की तरफ से दी जानकारी में बताया गया है कि एलपीजी की बुकिंग में गिरावट आई है। वहीं, सप्लाई नॉर्मल हो गई है। इसके अलावा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स की तरफ से एक बार फिर से गावों में होम डिलीवरी शुरू कर दी गई है। जोकि ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है।

    सरकार ने एलपीजी बुकिंग पर क्या कुछ बताया? (LPG booking Status)
    शुक्रवार को मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस की ज्वाइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एंड ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में गिरावट देखने को मिली है। उन्होंने बताया है कि एलपीजी बुकिंग गिरकर 46 लाख से 50 लाख के बीच आ गया है। इसके पहले 50 लाख से अधिक एलपीजी बुकिंग हो रही थी। सुजाता शर्मा का कहना है कि इस गर्मियों के सीजन में डिमांड मध्यम स्तर पर रह सकता है।


    पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर

    सुजाता शर्मा ने दी जानकारी में कहा है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की कमी कोई खबर नहीं आई है। डिलीवरी पूरी तरह से सामान्य है। उन्होंने कहा, “हमारा एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की तरफ से सामान्य है। कहीं से भी कमी की कोई खबर नहीं आई है।”


    किन राज्यों में एलपीजी की बिक्री में हुआ इजाफा (LPG demand in States)

    सुजाता शर्मा ने कहा कि फरवरी के महीने में प्रतिदिन कंपनियां 177 टन एलपीजी बेचती थी। जोकि अप्रैल के महीने में 296 टन प्रति दिन पहुंच गया है। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में एलपीजी की बिक्री बढ़ी है।

    एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम क्या हैं? (LPG Cylinder booking new rule)
    सरकार ने एलपीजी बुकिंग के लिए नियम लगा दिए हैं। शहरों में एलपीजी बुकिंग 25 दिन में ही की जा सकती है। वहीं, गावों में एलपीजी की बुकिंग कम से कम 45 दिन में ही की जा सकती है।

    ओटीपी के जरिए ही होगी एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग (LPG cylinder Booking OTP Rule)
    सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित नियम लगाया है। ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए गैस सिलेंडर की बुकिंग कर पाएंगे। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। उसी आधार पर उन्हें गैस सिलेंडर मिलेगा। सरकार इस महीने अबतक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया है।

  • पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत

    पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत


    नई दिल्ली।
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने शनिवार को पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष को अस्थिर बताते हुए कहा कि इससे हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। राजनाथ सिंह ने यह टिप्पणी पश्चिम एशिया की स्थिति की निगरानी के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (आईजीओएम) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल शामिल हुए।


    राजनाथ सिंह ने मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल की तारीफ की

    रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘जमीनी स्थिति अनिश्चित और अस्थिर है और भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।’ सोशल मीडिया पोस्ट में सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जोखिमों को कम करने के लिए तेजी और प्रभावी ढंग से कदम उठा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल’ के गठन को मंजूरी दिए जाने का भी उल्लेख किया, जिसे 12,980 करोड़ रुपये की गारंटी के साथ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्थिर समुद्री मार्गों के बीच भी भारतीय व्यापार के लिए निरंतर और सस्ती बीमा सुविधा सुनिश्चित करना है।

    रक्षा मंत्री ने कहा, यह अहम फैसला भारत के समुद्री व्यापार को सस्ती और निरंतर बीमा कवरेज देगा, जिससे आयात-निर्यात संचालन की सुरक्षा और स्थिरता मजबूत होगी। यह देश के व्यापार तंत्र को और मजबूत, सुरक्षित और लचीला बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।’ बैठक में बताया गया कि वैश्विक आपूर्ति में झटकों के बावजूद भारत ने ईंधन का पर्याप्त भंडार बनाए रखा है और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिशें जारी हैं।


    भारत के पास ईंधन का पर्याप्त स्टॉक

    वर्तमान में भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) का 60 दिनों से अधिक का स्टॉक है। वहीं एलएनजी का करीब 50 दिन और एलपीजी का लगभग 40 दिन का भंडार उपलब्ध है, जिसमें घरेलू उत्पादन का भी योगदान है। सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता हासिल की है और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है। अप्रैल और मई 2026 के लिए आयात की जरूरतें काफी हद तक सुरक्षित कर ली गई हैं, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहेगी।

  • Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना

    Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना


    नई दिल्ली।
    बढ़ती एलपीजी कीमतें (Rising LPG prices) और कई जगहों पर सप्लाई की दिक्कतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हर महीने महंगा होता सिलेंडर (Cylinder Expensive) अब घर के बजट पर भारी पड़ रहा है। ऐसे समय में लोग ऐसे ऑप्शन तलाश रहे हैं जो सस्ते हों, भरोसेमंद हों और लंबे समय तक राहत दे सकें। Indian Oil ने एक ऐसा समाधान पेश किया है जो LPG संकट के बीच बड़ा समाधान बनकर सामने आया है। कंपनी ने ‘Surya Nutan’ नाम का इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम (Solar Cooking System ) लॉन्च किया है, जिस पर बिना LPG, PNG गैस और यहां तक कि बिना बिजली के भी खाना बनाया जा सकता है। यह सिस्टम सूरज की रोशनी से चलता है। खास बात यह है कि एक बार लगाने के बाद यह लंबे समय तक आपका खर्च कम कर सकता है। अगर आप इस कुकिंग सिस्‍टम को बुकिंग कराना चाहते हैं तो यहां हम आपको इसे बुक करने का प्रोसेस कीमत आगे बता रहे हैं।


    ‘Surya Nutan’ सोलर कुकिंग सिस्टम क्या है?

    ‘Surya Nutan’ एक इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम है जिसे घर के अंदर इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें आपको चूल्हा बाहर धूप में रखने की जरूरत नहीं होती। यह सिस्टम पूरी तरह से किचन से जुड़ा रहता है और सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके खाना बनाता है। इसे Indian Oil Corporation के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर ने तैयार किया है, जिससे साफ है कि यह एक मेड-इन-इंडिया टेक्नोलॉजी है।


    ऐसे काम करता है यह सोलर चूल्हा

    इस सिस्टम में घर की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जो सूरज की रोशनी को एनर्जी में बदलते हैं। यह एनर्जी एक केबल के जरिए सीधे किचन में लगे कुकटॉप तक पहुंचती है। खास बात यह है कि इसमें “हाइब्रिड सिस्टम” दिया गया है, यानी यह सोलर के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दूसरी एनर्जी से भी चल सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर धूप नहीं है या बारिश हो रही है, तब भी आप बिना परेशानी खाना बना सकते हैं।


    Surya Nutan की कीमत

    इस सोलर कुकिंग सिस्टम को तीन अलग-अलग मॉडल्स में पेश किया है, ताकि लोग अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से चुन सकें। इसकी शुरुआती कीमत करीब 12,000 रुपये रखी गई है, जबकि इसका टॉप या प्रीमियम मॉडल लगभग 23,000 रुपये तक जाता है। खास बात यह है कि प्रीमियम वेरिएंट इतना पावरफुल है कि यह एक आम 4 लोगों के परिवार के पूरे दिन का खाना आराम से बना सकता है।


    ऐसे करें सोलर चूल्हे के लिए अप्लाई

    अगर आप इस सोलर कुकिंग सिस्टम को खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसकी प्री-बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है। इसके लिए आपको Indian Oil Corporation की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, ईमेल और परिवार में कितने लोग हैं जैसी जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसके अलावा, आपको अपनी जरूरत के हिसाब से सिंगल या डबल बर्नर का ऑप्शन भी चुनना होगा। सारी डिटेल भरने के बाद फॉर्म सबमिट करना होता है, जिसके जरिए आपकी प्री-बुकिंग दर्ज हो जाती है।


    हर मौसम में करेगा काम

    लोगों को अक्सर लगता है कि सोलर कुकिंग सिर्फ धूप में ही काम करती है, लेकिन ‘Surya Nutan’ के साथ ऐसा नहीं है। यह सिस्टम ऐसी टेक्नोलॉजी के साथ आता है जो कम धूप या बारिश के समय भी काम कर सकता है। यानी आपको मौसम की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

  • अक्षय तृतीया पर चमके-सोना चांदी….., जानिए पिछले 10 सालों में कितनी बढ़ी कीमतें ?

    अक्षय तृतीया पर चमके-सोना चांदी….., जानिए पिछले 10 सालों में कितनी बढ़ी कीमतें ?


    नई दिल्ली।
    अक्षय तृतीया 2026 (Akshaya Tritiya 2026) का त्योहार कल यानी 19 अप्रैल को है। 10 साल पहले यानी 2016 में अक्षय तृतीया के समय पर 10 ग्राम गोल्ड की कीमत (Gold Price) 30,100 रुपये थी। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार कल यानी शुक्रवार को 24 कैरेट गोल्ड का रेट 151358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। यानी अगर किसी निवेशक ने 2026 में अक्षय तृतीया के समय पर 10,000 रुपये का निवेश किया होगा उसका इनवेस्टमेंट बढ़कर 45000 रुपये हो गया होगा। निवेशकों का तगड़ा फायदा हुआ है। बता दें, 10 साल में सोने का रेट 400 प्रतिशत बढ़ा है।


    चांदी के रेट में पिछले 10 साल में तेज इजाफा (Silver price histroy)

    2016 में अक्षय तृतीया के त्योहार के समय पर 1 किलोग्राम चांदी का रेट 41200 रुपये था। जोकि शुक्रवार यानी 17 अप्रैल की शाम को 247930 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यानी 10 साल में चांदी की कीमतों में 2,06,730 रुपये बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    पिछले एक साल में 50% बढ़ा सोने का रेट (Gold price surged 50 percent in one year)
    2025 में अक्षय तृतीया के समय पर गोल्ड का रेट 95500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। जोकि अब 151000 रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। यानी बीते साल अक्षय तृतीया की तुलना में इस बार सोने का रेट 50% से अधिक बढ़ चुका है।


    आज क्या है 24 से 14 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Price Today)

    इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार 24 कैरेट गोल्ड का रेट शुक्रवार यानी 17 अप्रैल की शाम को 151358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, 23 कैरेट गोल्ड का रेट 150752 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट गोल्ड का रेट 138644 रुपये, 18 कैरेट गोल्ड का रेट 113519 रुपये और 14 कैरेट गोल्ड का रेट 88544 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।

    इससे पहले 16 अप्रैल को गोल्ड का रेट 153305 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी महज दो दिन में गोल्ड की कीमतों में करीब 2000 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, अप्रैल के महीने में गोल्ड का रेट लगभग स्थिर ही बना हुआ है।


    रिकॉर्ड हाई से क्यों गिरा गोल्ड का रेट? (Why Gold get cheaper)

    इसी साल एक समय पर गोल्ड का रेट 175000 रुपये को पार कर गया था। लेकिन वहां से गोल्ड की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसके पीछे की वजह डॉलर का मजबूत होना माना जा रहा है। वहीं, निवेशकों की तरफ से मुनाफावसूली भी जमकर देखने को मिली है।

  • 19 अप्रैल से शुरू होगी Chardham Yatra 2026, जानें कब खुलेंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट

    19 अप्रैल से शुरू होगी Chardham Yatra 2026, जानें कब खुलेंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट


    नई दिल्ली। Chardham Yatra 2026 का इंतजार अब खत्म हो गया है। उत्तराखंड की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा इस साल 19 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

    कब खुलेंगे चारों धाम के कपाट
    यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। वहीं, बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। इस तरह कुछ ही दिनों के भीतर चारों धाम के द्वार खुल जाएंगे और पूरी यात्रा शुरू हो जाएगी। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु पहले यमुनोत्री, फिर गंगोत्री, उसके बाद केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ के दर्शन करते हैं।

    क्या है Chardham Yatra का महत्व और तैयारियां
    चार धाम यात्रा का धार्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इस यात्रा को करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार भी सरकार ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

    यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी बेहतर बनाया जा रहा है।

    अगर आप भी इस साल चार धाम यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो समय रहते रजिस्ट्रेशन कराना और यात्रा की पूरी तैयारी करना जरूरी है, क्योंकि सीजन के दौरान भारी भीड़ देखने को मिलती है।

  • भारत-चीन के बीच सुधरते रिश्ते….दोनों देशों के बीच पहली बार हुई SCO द्विपक्षीय वार्ता

    भारत-चीन के बीच सुधरते रिश्ते….दोनों देशों के बीच पहली बार हुई SCO द्विपक्षीय वार्ता


    शांघाई।
    द्विपक्षीय सहयोग (Bilateral Cooperation) को बढ़ावा देने के प्रयासों और हाल ही में दोनों देशों के बीच सुधरे संबंधों के बीच, भारत और चीन (India and China) ने 16-17 अप्रैल को अपनी पहली शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organization- SCO) द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की। साल 2024 में पूर्वी लद्दाख में हुए सैन्य गतिरोध के सुलझने के बाद से यह कदम दोनों देशों के बीच सुधरते कूटनीतिक रिश्तों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।


    बैठक के मुख्य विषय और चर्चा

    विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने SCO नेताओं द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करने और संगठन की भविष्य की रूपरेखा को लेकर अपने-अपने विचार साझा किए। भारत और चीन ने SCO से जुड़े मामलों में आपसी विचार-विमर्श और सहयोग को लगातार जारी रखने और उसे और अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई है।

    दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने संयुक्त रूप से विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की। इस दौरान सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी (संपर्क) और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित SCO ढांचे के भीतर सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई।


    बहुपक्षीय मंचों (BRICS और SCO) पर बढ़ता सहयोग

    साल 2024 में सीमा विवाद सुलझने के बाद से दोनों देश ब्रिक्स (BRICS) और SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन गए थे।


    आगामी उच्च स्तरीय दौरे

    बीजिंग ने भारत की मौजूदा ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए अपना पूर्ण समर्थन जताया है। इसके तहत, चीनी विदेश मंत्री वांग यी 14-15 मई को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत का दौरा कर सकते हैं। इसके अलावा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी सितंबर में होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने की उम्मीद है।


    SCO को लेकर भारत का स्पष्ट रुख

    भारत इस यूरेशियन समूह (SCO) में अपनी सदस्यता को अत्यधिक महत्व देता है और इसके उद्देश्यों को लेकर उसका रुख बिल्कुल स्पष्ट है। भारत का मानना है कि SCO का प्राथमिक और मूल उद्देश्य क्षेत्र में आतंकवाद, कट्टरपंथ और उग्रवाद का डटकर मुकाबला करना है।

    भारत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए SCO को एक महत्वपूर्ण मंच मानता है। लेकिन भारत की स्पष्ट शर्त है कि इस तरह की कोई भी पहल सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का पालन करे, जो कि SCO चार्टर का भी मुख्य हिस्सा है।


    पीएम मोदी का कड़ा संदेश

    भारत के इसी रुख को दोहराते हुए पिछले साल तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि जो कनेक्टिविटी संप्रभुता को दरकिनार करती है, वह अंततः अपना भरोसा और अर्थ दोनों खो देती है।

  • उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे


    कोलंबो।
    कूटनीतिक (Diplomatic) और जन-केंद्रित गतिविधियों के तहत, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (Vice President CP Radhakrishnan) 19 अप्रैल से श्रीलंका के दो दिवसीय दौरे (Sri Lanka two-day Visit) पर रहेंगे। यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति की श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात होगी। साथ ही वे भारतीय मूल के तमिल समुदाय से भी जुड़ेंगे।


    भारतीय मूल के 15 लाख तमिलों को संबोधित करेंगे

    यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। वह श्रीलंका निवासी करीब 15 लाख भारतीय मूल के तमिलों को संबोधित कर उनसे चर्चा भी करेंगे।


    क्या रहेगा उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम?

    श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा के अनुसार, उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या और विपक्ष के नेता से मुलाकात के साथ-साथ श्रीलंकाई तमिल दलों और भारतीय मूल के तमिल राजनीतिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शामिल है। झा ने कहा, उपराष्ट्रपति श्रीलंकाई विपक्ष के नेता से भी मिलेंगे।

  • इस हॉलीवुड फिल्म से लिया गया था ‘बाजीगर’ का वो खौफनाक सीन, देख सिहर उठेंगे आप

    इस हॉलीवुड फिल्म से लिया गया था ‘बाजीगर’ का वो खौफनाक सीन, देख सिहर उठेंगे आप

    नई दिल्ली। रोमांस के किंग कहे जाने वाले Shah Rukh Khan ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं, लेकिन फिल्म Baazigar में उनका निगेटिव रोल आज भी फैंस के रोंगटे खड़े कर देता है। यह फिल्म न सिर्फ सुपरहिट रही, बल्कि इसने शाहरुख की इमेज को भी पूरी तरह बदल दिया।

    छत से धक्का देने वाला सीन था कॉपी?

    फिल्म का सबसे चर्चित और शॉकिंग सीन जब शाहरुख का किरदार Shilpa Shetty के किरदार को छत से नीचे धक्का दे देता है असल में हॉलीवुड फिल्म A Kiss Before Dying से इंस्पायर्ड बताया जाता है। यह हॉलीवुड फिल्म 1991 में रिलीज हुई थी, जबकि बाजीगर 1993 में आई। दोनों फिल्मों के इस सीन में काफी समानता देखी गई है, जिसने इसे और भी चर्चित बना दिया।

    क्या थी ‘बाजीगर’ की कहानी

    बाजीगर की कहानी बदले की आग में जल रहे एक शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है। वह अपनी दुश्मनी निकालने के लिए एक ही परिवार की दो बहनों को अपने प्यार के जाल में फंसाता है। इस दौरान उसकी असली मंशा सामने आती है, जो फिल्म को थ्रिल और सस्पेंस से भर देती है।

    शाहरुख नहीं थे पहली पसंद

    दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के लिए शाहरुख खान पहली पसंद नहीं थे। मेकर्स ने पहले Anil Kapoor को अप्रोच किया था, लेकिन उन्होंने इस रिस्की किरदार को करने से मना कर दिया। इसके बाद Salman Khan से भी बात हुई, लेकिन वह अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थे। अंत में जब शाहरुख को कहानी सुनाई गई, तो उन्होंने तुरंत हां कर दी।

    स्टोरी सुनते ही मान गए थे शाहरुख

    डायरेक्टर के मुताबिक, जब शाहरुख को कहानी सुनाई गई तो वह इतने प्रभावित हुए कि तुरंत उठकर गले लगा लिया और फिल्म करने के लिए हामी भर दी। यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

    आज भी यादगार है ये फिल्म

    बाजीगर आज भी बॉलीवुड की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है। इसके डायलॉग्स, गाने और खासकर शाहरुख का निगेटिव किरदार दर्शकों के दिलों में आज भी जिंदा है।

    वर्क फ्रंट पर शाहरुख खान

    Shah Rukh Khan आखिरी बार Dunki में नजर आए थे। इससे पहले 2023 में उनकी Jawan और Pathaan जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में रिलीज हुई थीं। अब वह जल्द ही फिल्म King में नजर आने वाले हैं, जिसमें उनके साथ Suhana Khan, Deepika Padukone और Abhishek Bachchan अहम भूमिकाओं में होंगे। इस फिल्म को Siddharth Anand डायरेक्ट कर रहे हैं।

    ‘बाजीगर’ का यह सीन भले ही हॉलीवुड से प्रेरित हो, लेकिन शाहरुख खान की दमदार एक्टिंग ने इसे भारतीय सिनेमा में आइकॉनिक बना दिया। यही वजह है कि यह फिल्म आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है।