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  • सोमवार को बाजार का मूड कैसा रहेगा? उतार-चढ़ाव के बीच ट्रेडिंग पर नजर

    सोमवार को बाजार का मूड कैसा रहेगा? उतार-चढ़ाव के बीच ट्रेडिंग पर नजर


    नई दिल्ली । सोमवार 25 मई को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर पूरे दिन वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर टिकी रहेगी। शुरुआती रुझानों के अनुसार बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिल सकती है, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में हलचल बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका के डाउ जोन्स, नैस्डैक और एशियाई बाजारों जैसे जापान और सिंगापुर के संकेतों पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो भारतीय बाजार में हल्की तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि कमजोर संकेतों की स्थिति में दबाव भी बन सकता है।

    इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो इसका असर भारतीय कंपनियों के खर्च और निवेश पर पड़ सकता है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

    डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख भी बाजार के लिए बेहद अहम रहेगा। अगर FIIs लगातार खरीदारी करते हैं तो बाजार को मजबूती मिलेगी, वहीं बिकवाली की स्थिति में गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।

    घरेलू स्तर पर भी निवेशकों की नजर बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन, सेक्टर आधारित रुझानों और आर्थिक नीतियों पर बनी रहेगी। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में खास हलचल देखने को मिल सकती है।

    विश्लेषकों का मानना है कि इस दिन बाजार में एकतरफा तेजी या गिरावट की बजाय उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

    कुल मिलाकर 25 मई का दिन शेयर बाजार के लिए “वोलैटाइल सेशन” साबित हो सकता है, जहां छोटे-छोटे ग्लोबल ट्रिगर्स भी बड़ी चाल तय कर सकते हैं।

  • किस राशि को सताती है सबसे ज्यादा गर्मी? जानिए अपना तत्व, शरीर पर असर और राहत के ज्योतिषीय उपाय

    किस राशि को सताती है सबसे ज्यादा गर्मी? जानिए अपना तत्व, शरीर पर असर और राहत के ज्योतिषीय उपाय



    नई दिल्ली। भीषण गर्मी और तेज धूप का असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग तरीके से पड़ता है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका संबंध केवल मौसम से नहीं बल्कि व्यक्ति की राशि और उसके तत्व से भी माना जाता है। मेडिकल ज्योतिष में राशियों के तत्व और प्रकृति के आधार पर शरीर की संवेदनशीलता, रोगों की प्रवृत्ति और मौसम का प्रभाव समझा जाता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक मेष, सिंह और धनु अग्नि तत्व की राशियां हैं, जिनकी प्रकृति पित्त प्रधान मानी जाती है। यही कारण है कि इन राशियों के लोगों को गर्मी, लू, शरीर में जलन और त्वचा संबंधी परेशानियां ज्यादा प्रभावित करती हैं। वहीं वृष, कन्या और मकर पृथ्वी तत्व की राशियां हैं,
    जिनकी प्रकृति वायु प्रधान मानी जाती है। मिथुन, तुला और कुम्भ वायु तत्व से जुड़ी मिश्रित प्रकृति की राशियां हैं, जबकि कर्क, वृश्चिक और मीन जल तत्व की राशियां हैं, जिनमें कफ प्रकृति अधिक होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है तो गर्मी का असर बढ़ना शुरू हो जाता है और वृष राशि में पहुंचते-पहुंचते तापमान चरम पर पहुंच जाता है। इस दौरान शरीर के जलीय तत्व तेजी से कम होने लगते हैं और पंचतत्वों से बने शरीर पर गर्मी का प्रभाव बढ़ जाता है।
    विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्रमा जल तत्व और बुध त्वचा व हरियाली का कारक माना जाता है, इसलिए गर्मी से बचाव के लिए इन दोनों ग्रहों को मजबूत करना जरूरी माना गया है। कहा जाता है कि बुध को मजबूत करने के लिए खीरा, तरबूज, खरबूजा और अन्य जलयुक्त फलों का सेवन लाभकारी होता है, जबकि चंद्रमा को बलवान बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी और शीतल पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ज्योतिषीय मान्यता है कि यदि चंद्रमा और बुध मजबूत रहें तो व्यक्ति सूर्य की तेज तपिश को बेहतर तरीके से सहन कर सकता है।
    गर्मी और लू से बचने के लिए राशि के अनुसार पेय पदार्थों का सेवन, मंगल से जुड़ी वस्तुओं का दान, लाल रंग के कपड़ों से परहेज और सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है। धर्मशास्त्रों में सूर्योदय से पहले स्नान को स्वास्थ्यवर्धक बताया गया है, क्योंकि इस समय जल में सकारात्मक और ऊर्जावान तत्व अधिक सक्रिय माने जाते हैं, जो शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  • काबा की सुरक्षा के लिए सऊदी हाई अलर्ट पर, मक्का-मदीना में तैनात हुआ एयर डिफेंस सिस्टम

    काबा की सुरक्षा के लिए सऊदी हाई अलर्ट पर, मक्का-मदीना में तैनात हुआ एयर डिफेंस सिस्टम



    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच सऊदी अरब ने हज 2026 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दी है। मक्का, मदीना और आसपास के पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम, स्पेशल सैन्य यूनिट्स और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैनात कर दी गई हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि हज के दौरान किसी भी मिसाइल, ड्रोन या हवाई खतरे को तुरंत मार गिराया जाएगा।

    सऊदी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी वीडियो में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और काउंटर ड्रोन सिस्टम ‘स्काईगार्ड’ की तैनाती दिखाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक एयर डिफेंस फोर्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है और मक्का-मदीना के एयरस्पेस पर 24 घंटे कड़ी निगरानी की जा रही है। सऊदी सरकार नहीं चाहती कि क्षेत्रीय तनाव का असर हज यात्रियों की सुरक्षा पर पड़े।

    दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर की दिशा में ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। हालांकि अब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की चर्चा चल रही है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं माना जा रहा।

    तनावपूर्ण माहौल के बावजूद इस बार हज यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सऊदी हज पासपोर्ट फोर्स के कमांडर सालेह अल-मुरब्बा के अनुसार अब तक 15 लाख 18 हजार से ज्यादा विदेशी जायरीन सऊदी पहुंच चुके हैं, जो पिछले साल के मुकाबले अधिक हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। हज की मुख्य रस्में 25 मई से 29 मई के बीच पूरी होंगी।

    सुरक्षा के साथ-साथ भीषण गर्मी भी इस बार बड़ी चुनौती बनी हुई है। मक्का और आसपास के इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने जायरीनों को छाता इस्तेमाल करने, ज्यादा पानी पीने और तेज धूप से बचने की सलाह दी है। मेडिकल टीमों, एंबुलेंस और अस्थायी क्लीनिकों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

  • सोमवार वास्तु उपाय: शिव कृपा और घर में सकारात्मक ऊर्जा पाने के आसान टिप्स

    सोमवार वास्तु उपाय: शिव कृपा और घर में सकारात्मक ऊर्जा पाने के आसान टिप्स


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति के लिए भी विशेष महत्व रखता है। माना जाता है कि यदि इस दिन कुछ सरल वास्तु उपाय अपनाए जाएं, तो घर में सुख-समृद्धि, शांति और सौभाग्य का वास होता है।

    सोमवार के दिन घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य द्वार को साफ करें और वहां गंगाजल का छिड़काव करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। मुख्य दरवाजे पर स्वस्तिक या ॐ का चिन्ह बनाना भी शुभ माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को सबसे पवित्र स्थान माना गया है। सोमवार के दिन इस दिशा को विशेष रूप से स्वच्छ रखें और वहां भगवान शिव या शिवलिंग की तस्वीर स्थापित करें। इससे घर में मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है।

    सोमवार को घर में सफेद रंग का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन सफेद फूल, सफेद कपड़े या सफेद मिठाई का प्रयोग करना शुभ माना जाता है। साथ ही घर में दूध से बनी चीजों का दान या भगवान शिव को अर्पण करना भी अत्यंत लाभकारी होता है।

    इसके अलावा, घर में जल से भरा हुआ बर्तन या गंगाजल का कलश रखना भी सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। वास्तु के अनुसार जल तत्व का संतुलन जीवन में स्थिरता और समृद्धि लाता है।

    सोमवार के दिन घर में झगड़ा या नकारात्मक बातचीत से बचना चाहिए, क्योंकि इस दिन वातावरण बहुत संवेदनशील माना जाता है। शांत मन से पूजा-पाठ करने और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से घर का माहौल सकारात्मक बनता है।

    वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोमवार को नियमित रूप से दीपक जलाकर घर के मंदिर में शिवजी की आराधना की जाए, तो घर में दरिद्रता दूर होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

    कुल मिलाकर, सोमवार का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि वास्तु शास्त्र की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही दिशा, सही ऊर्जा और सकारात्मक विचारों के साथ किया गया छोटा सा प्रयास भी जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है।

  • आला हजरत दरगाह की ईद-उल-अजहा पर अपील: प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचें, कानून और स्वच्छता का पालन करें

    आला हजरत दरगाह की ईद-उल-अजहा पर अपील: प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचें, कानून और स्वच्छता का पालन करें



    बरेली । बरेली की प्रसिद्ध आला हजरत दरगाह ने ईद-उल-अजहा के मौके पर मुस्लिम समुदाय से महत्वपूर्ण अपील की है। दरगाह से जुड़े संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा ने कहा है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह के प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न दी जाए और सभी लोग कानून का पालन करते हुए ही धार्मिक परंपराओं को निभाएं। साथ ही खुले स्थानों पर कुर्बानी न करने और स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की गई है।

    धार्मिक और सामाजिक संतुलन पर जोर
    दरगाह की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि ईद-उल-अजहा एक पवित्र त्योहार है, जिसे शांतिपूर्ण और नियमों के अनुसार मनाना सभी की जिम्मेदारी है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे जानवरों की कुर्बानी न करें, जो कानूनन प्रतिबंधित हैं, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या विवाद की स्थिति न बने।

    इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि त्योहार के दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

    इमामों से संपर्क कर दिया गया संदेश
    जमात रजा-ए-मुस्तफा ने एक विशेष जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत संगठन के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार की नमाज के दौरान विभिन्न जिलों की मस्जिदों के इमामों से संपर्क किया और उनसे अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें।

    इमामों से कहा गया है कि वे नमाज के दौरान और धार्मिक प्रवचनों में लोगों को यह संदेश दें कि कुर्बानी केवल निर्धारित नियमों और स्थानों पर ही की जाए। साथ ही किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और दरगाह प्रबंधन को सूचना दी जाए।

    मोहल्लों में निगरानी टीम तैनात
    संगठन के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने बताया कि इस बार नियमों के पालन पर विशेष नजर रखने के लिए मोहल्लों में निगरानी टीमों की तैनाती की गई है। ये टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि कहीं भी सार्वजनिक स्थानों, सड़कों या खुले इलाकों में कुर्बानी न की जाए।

    उन्होंने कहा कि स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और पशुओं के अवशेषों का सही तरीके से निपटान किया जाए, ताकि पर्यावरण और समाज दोनों पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

    गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
    इस मौके पर जमात रजा-ए-मुस्तफा की ओर से एक और महत्वपूर्ण मांग भी सामने आई है। महासचिव फरमान हसन खान ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।उनका कहना है कि ऐसा करने से अवैध वध पर रोक लगेगी और इससे जुड़े अपराधों में कमी आएगी। साथ ही यह कदम सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगा।

    आला हजरत दरगाह की यह अपील न केवल धार्मिक भावना से जुड़ी है, बल्कि इसमें कानून, स्वच्छता और सामाजिक एकता का संदेश भी शामिल है। ईद-उल-अजहा जैसे पवित्र पर्व को शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ मनाने पर जोर देकर संगठन ने समाज में सद्भाव और अनुशासन बनाए रखने की कोशिश की है।

  • शिव भक्ति का विशेष दिन, जानें सोमवार व्रत की पूजा विधि और महत्व

    शिव भक्ति का विशेष दिन, जानें सोमवार व्रत की पूजा विधि और महत्व


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन किए जाने वाले व्रत और पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। विशेष रूप से अविवाहित कन्याएं अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए और गृहस्थ लोग सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना से सोमवार का व्रत रखते हैं।

    सोमवार व्रत की शुरुआत प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने से होती है। इसके बाद घर के मंदिर या शिवालय में भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक किया जाता है। दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत बनाकर भगवान शिव का पूजन किया जाता है। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भस्म और सफेद पुष्प अर्पित किए जाते हैं।

    पूजन के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और फलाहार या केवल एक समय सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। शाम के समय पुनः शिवलिंग का पूजन कर आरती की जाती है और भगवान से अपने कष्टों के निवारण और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की जाती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से सभी बाधाएं दूर करते हैं। यह व्रत मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और आर्थिक समृद्धि प्रदान करने वाला माना गया है। कहा जाता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियम से सोमवार का व्रत करता है, उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    सोमवार व्रत का विशेष महत्व श्रावण मास में और भी अधिक बढ़ जाता है, लेकिन इसे वर्षभर किया जा सकता है। कई लोग 16 सोमवार व्रत का संकल्प लेते हैं, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।

    इस प्रकार सोमवार का व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि आत्मिक शांति और जीवन में संतुलन स्थापित करने का माध्यम भी है। शिव भक्ति से जुड़ा यह दिन भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करता है।

  • आज का राशिफल 25 मई : कुछ राशियों के लिए खुशखबरी, कुछ को रहना होगा सतर्क

    आज का राशिफल 25 मई : कुछ राशियों के लिए खुशखबरी, कुछ को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली । 25 मई 2026, सोमवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आने वाला है। ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण कुछ राशियों के जीवन में तरक्की और खुशहाली के योग बन रहे हैं, जबकि कुछ को सतर्क रहकर दिन बिताने की सलाह दी जा रही है।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन चुनौतियों पर विजय और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। वृषभ राशि के लोगों के लिए रचनात्मकता और स्थिरता का समय है, जहां निवेश और योजनाएं लाभ दे सकती हैं।

    मिथुन राशि वालों के लिए यह दिन सुख-सुविधाओं और तरक्की का संकेत दे रहा है, वहीं कर्क राशि के जातकों के लिए पराक्रम और नई जिम्मेदारियों का समय रहेगा। सिंह राशि के लोगों के लिए आर्थिक लाभ और पारिवारिक सुख के योग बन रहे हैं।

    कन्या राशि के जातकों के लिए यह दिन नई ऊर्जा और सफलता लेकर आएगा, जबकि तुला राशि वालों को खर्च और मानसिक तनाव पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। वृश्चिक राशि के लिए यह दिन लाभ और पदोन्नति के अवसर ला सकता है।

    धनु राशि के जातकों को करियर में सफलता और सामाजिक प्रतिष्ठा मिलेगी, वहीं मकर राशि वालों के लिए भाग्य का पूरा साथ रहेगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कुंभ राशि के लिए दिन कुछ चुनौतियों भरा हो सकता है, इसलिए सावधानी और संयम जरूरी रहेगा।

    मीन राशि के जातकों के लिए साझेदारी और प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे।

    कुल मिलाकर यह दिन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ साबित होगा, जबकि कुछ को धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की जरूरत होगी।

  • होर्मुज स्ट्रेट खुलने के संकेत, अमेरिका-ईरान समझौते की बढ़ी उम्मीद; दुनिया को मिल सकती है राहत

    होर्मुज स्ट्रेट खुलने के संकेत, अमेरिका-ईरान समझौते की बढ़ी उम्मीद; दुनिया को मिल सकती है राहत



    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में महीनों से जारी तनाव अब कम होता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और व्यापक समझौते को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश एक संभावित डील के काफी करीब पहुंच चुके हैं। इसी बीच ईरान ने बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि अगर समझौता अंतिम रूप लेता है तो रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट में अगले 30 दिनों के भीतर जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो सकती है।

    दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया था। इसके बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर निगरानी और नियंत्रण सख्त कर दिया था, जिससे इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आ गई। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है, इसलिए इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी उथल-पुथल मच गई थी।

    ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संभावित समझौते में युद्ध को खत्म करने, क्षेत्र में तनाव कम करने और समुद्री यातायात बहाल करने जैसे मुद्दों पर सहमति बनने की कोशिश हो रही है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि यदि सभी पक्ष सहमत होते हैं तो एक महीने के भीतर जहाजों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्थिति में लौट सकती है।

    उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हाल के दिनों में दावा कर चुके हैं कि ईरान के साथ समझौते को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई है। हालांकि परमाणु कार्यक्रम और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम जैसे मुद्दों पर अभी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य होता है तो इसका सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ेगा। इससे कच्चे तेल की कीमतों में राहत मिल सकती है और भारत समेत कई देशों को ऊर्जा संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

  • बलूचिस्तान में फिर दहला पाकिस्तान, फौजियों से भरी ट्रेन पर आत्मघाती हमला; BLA ने ली जिम्मेदारी

    बलूचिस्तान में फिर दहला पाकिस्तान, फौजियों से भरी ट्रेन पर आत्मघाती हमला; BLA ने ली जिम्मेदारी



    नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर बड़ा आतंकी हमला हुआ है। क्वेटा के चमन फाटक इलाके के पास सैन्य कर्मियों को लेकर जा रही ट्रेन को आत्मघाती हमलावर ने निशाना बनाया। धमाका इतना भीषण था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और मौके पर आग लग गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में 23 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है, जबकि करीब 47 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि हमला उस समय हुआ जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ईरान दौरे से लौटे थे। इसी वजह से इस घटना को पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रेन क्वेटा कैंट की ओर जा रही थी और उसमें पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के जवान सवार थे।

    धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक विस्फोट के तुरंत बाद फायरिंग की आवाजें भी सुनाई दीं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और जांच एजेंसियां हमले की पड़ताल में जुट गई हैं।

    इस हमले की जिम्मेदारी बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। संगठन के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने बयान जारी कर कहा कि BLA की फिदायीन यूनिट ‘मजीद ब्रिगेड’ ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। संगठन का दावा है कि ट्रेन में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा एजेंसियों के जवान सफर कर रहे थे, जिन्हें निशाना बनाया गया।

    विशेषज्ञ इस हमले को ‘जाफर एक्सप्रेस 2.0’ बता रहे हैं। दरअसल मार्च 2025 में भी बलोचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस को IED ब्लास्ट कर हाईजैक किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिक फंसे थे। उस घटना ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी।

    हाल के दिनों में पाकिस्तानी सेना बलोचिस्तान में BLA के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रही थी। माना जा रहा है कि यह हमला उसी कार्रवाई का बदला हो सकता है। घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और रेलवे रूट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

  • ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान से डील लगभग तय, खुल सकता है होर्मुज़ स्ट्रेट; मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद बढ़ी

    ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान से डील लगभग तय, खुल सकता है होर्मुज़ स्ट्रेट; मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद बढ़ी

    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच डील “काफी हद तक तय” हो चुकी है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका, ईरान और मध्य-पूर्व के कई सहयोगी देशों के बीच शांति को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित समझौते में होर्मुज़ स्ट्रेट को दोबारा पूरी तरह खोलने का मुद्दा भी शामिल है, जिससे वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर पड़ा दबाव कम हो सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू  से फोन पर सकारात्मक बातचीत हुई है।
    हालांकि ट्रंप ने समझौते की पूरी डिटेल साझा नहीं की, लेकिन साफ कहा कि किसी भी डील के तहत ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से पूरी तरह रोका जाएगा। दूसरी ओर ईरान ने संकेत दिए हैं कि बातचीत में कुछ नरमी जरूर आई है, लेकिन अभी मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच 14 बिंदुओं वाले एक ढांचे पर चर्चा चल रही है, जिसे अगले 30 से 60 दिनों में अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अमेरिका पर विरोधाभासी बयान देने का आरोप भी लगाया।
    गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर बड़े हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया था, जिसके जवाब में ईरान ने इजराइल और अमेरिकी सहयोगी देशों को निशाना बनाया था। अप्रैल की शुरुआत में युद्धविराम के बाद से दोनों देशों के बीच बैकडोर बातचीत जारी है और अब ट्रंप के ताजा बयान ने संभावित डील और होर्मुज़ स्ट्रेट खुलने की अटकलों को और तेज कर दिया है।