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  • अमेरिकी नाकाबंदी के बीच होर्मुज से गुजरा माल्टा का ध्वज लगा जहाज…

    अमेरिकी नाकाबंदी के बीच होर्मुज से गुजरा माल्टा का ध्वज लगा जहाज…


    दुबई।
    माल्टा (Malta.) का ध्वज लगे एक जहाज (Ship) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz.) से पश्चिम की ओर यात्रा शुरू की। यह पहला कच्चा तेल (Crude oil.) ले जाने वाला टैंकर बताया जा रहा है, जब से अमेरिका (America.) ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाई है। यह जानकारी दुनिया भर में जहाजों की निगरानी करने वाले शिपिंग ट्रैकिंग मॉनिटर के हवाले से दी गई है।

    माल्टा का ध्वज लगा तेल टैंकर अगियोस फैनोरियोस-I के गुरुवार को इराक के बसरा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है, जहां अमेरिका की नाकेबंदी लागू नहीं है। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी में लगभग दो दिन तक रुका रहा और फिर उसने दोबारा मार्ग तय किया।

    इस बीच, अमेरिका की नौसेना ने कहा कि वह ईरान के आसपास व्यापारिक जहाजों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों ने क्षेत्र में मौजूद व्यापारिक जहाजों को चेतावनी दी है कि वे जहाजों को रोक सकते हैं और नाकेबंदी लागू करने के लिए बल प्रयोग कर सकते हैं।

    नौसेना के रेडियो संदेश में कहा, ईरानी बंदरगाहों की ओर या वहां से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जा सकता है और जब्त किया जा सकता है। यह संदेश अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) की ओर से सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया है। एक सैन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर पुष्टि की कि यह संदेश इस समय क्षेत्र के सभी जहाजों को प्रसारित किया जा रहा है। रेडियो संदेश में आगे कहा गया, अगर आप नाकेबंदी का पालन नहीं करेंगे, तो बल प्रयोग किया जाएगा।

  • MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम

    MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav ) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) को देश की शताब्दी की सबसे बड़ी घटना बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब देश की बहनों को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में यह बड़ा निर्णय लिया गया है और सरकार इसका स्वागत करती है।

    विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और अब जब सरकार इसे आगे बढ़ा रही है तो सभी को इसका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है, इसलिए विपक्ष को राजनीतिक विरोध छोड़कर इसे लागू कराने में सहयोग करना चाहिए।

    राहुल गांधी के इस आरोप पर कि ओबीसी, दलित और आदिवासी महिलाओं का हिस्सा छीना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है और सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा का पूरा अवसर है और विपक्ष को अपनी बात वहीं रखनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर रही है।

    दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक भय और भ्रम है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संसद के फ्लोर पर चर्चा से ही होगा और सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को पास कराना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है, जैसे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य योजनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया है, चाहे वह स्टार्टअप हो या सशस्त्र बल. मोहन यादव ने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च पद पर पहुंचना भी इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में शताब्दी की सबसे बड़ी घटना है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा. मध्य प्रदेश की तैयारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है।

  • महिलाओं को 33% आरक्षण… आज संसद में पेश होंगे 3 बिल… सत्तापक्ष के पास LS में 67 और RS में 21 सीट कम

    महिलाओं को 33% आरक्षण… आज संसद में पेश होंगे 3 बिल… सत्तापक्ष के पास LS में 67 और RS में 21 सीट कम


    नई दिल्ली।
    संसद (Parliament) में आज एकसाथ तीन-तीन विधेयक पेश किए जाने वाले हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 के लोकसभा चुनावों (Lok Sabha elections) से पहले महिलाओं के लिए 33% आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया को अमली जामा पहना दिया जाए। लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए आज से संसद का विशेष सत्र रखा गया है। इसमें लोकसभा में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए बिल लाया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इन्हीं से संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।

    ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (‘Women’s Empowerment Act’) के तहत महिलाओं को मिलने वाला कोटा परिसीमन और जनगणना से जुड़ा है। केंद्र सरकार 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करने और महिला आरक्षण लागू करने की योजना बना रही है।


    सरकार कैसे पास कराएगी विधेयक? जानें नंबर गेम

    परिसीमन विधेयक को छोड़कर, अन्य दो विधेयक संविधान संशोधन विधेयक हैं। इन्हें पारित करने के लिए संसद में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। विपक्ष का वॉकआउट बहुमत के आंकड़े को कम कर सकता है। लोकसभा दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 360 है। सत्ताधारी NDA के पास 293 सदस्य हैं। यानी उसे अभी भी 67 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। राज्यसभा में बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 163 है। NDA की वर्तमान ताकत 142 के आसपास है, जो उसे बहुमत के आंकड़े से 21 सीट दूर रखती है।

    विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के समर्थक हैं, लेकिन सरकार द्वारा इसे परिसीमन और 2029 के चुनावों से जोड़ने के कारण वे इन विधेयकों का विरोध करने को मजबूर हैं।


    क्षेत्रीय संतुलन का डर

    विपक्ष का तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण केवल NDA को लाभ पहुंचाएगा। इसके अलावा, यह दक्षिण भारतीय राज्यों की संसदीय शक्ति को कम कर सकता है और उन्हें हाशिए पर धकेल सकता है।


    राहुल गांधी का आरोप

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर आरोप लगाया कि सरकार की योजना 2029 के लिए सीटों का अपनी सुविधानुसार सीमाओं में बदलाव करने की है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संवैधानिक सुरक्षा उपायों को हटाकर पूरी शक्ति सरकार द्वारा नियुक्त आयोग को देता है।


    लोकसभा की सीटों में भारी वृद्धि

    प्रस्तावित विधेयकों के तहत परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 815 तक हो सकती है। केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए यह संख्या 35 हो सकती है। वर्तमान में राज्यों से 530 और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 सदस्य चुनकर आते हैं।


    क्षेत्रीय दलों का बदलता रुख

    BJD और BRS जैसे दल अक्सर मुद्दों के आधार पर सरकार का समर्थन करते रहे हैं> उन्होंने परिसीमन के मुद्दे पर अपना रुख कड़ा कर लिया है। इससे सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।


    सरकार का भरोसा- सब साथ हैं

    तमाम विरोधों के बावजूद सरकार का दावा है कि उनके पास पर्याप्त आंकड़े हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कोई भी दल सिद्धांत रूप में महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहा है और इस भावना के साथ सभी एक साथ हैं।

  • MP: खजुराहो में लोहे की रॉड से बंदर भगाना पड़ा महंगा… हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से जिंदा जला युवक

    MP: खजुराहो में लोहे की रॉड से बंदर भगाना पड़ा महंगा… हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से जिंदा जला युवक


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खजुराहो (Khajuraho) से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां पर बंदर भगाने की कोशिश कर रहे एक युवक को लोहे की रॉड का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया और इस दौरान वह ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन लाइन (High tension line) की चपेट में आ गया। जिसके चलते उसे इतना जोरदार झटका लगा कि वह जिंदा जल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुई इस दर्दनाक घटना का एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक के साथ हुए इस हादसे को देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना खजुराहो रेलवे स्टेशन के पास स्थित ‘द खजुराहो हेरिटेज रिसॉर्ट’ में हुई। मृतक की पहचान प्रदीप रायकवार उर्फ रिंकू के रूप में हुई है, जो कि उसी रिसॉर्ट में नौकरी करता था। युवक ने केवल पांच दिन पहले ही इस होटल में काम करना शुरू किया था। जिसके बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


    बंदर भगाने के लिए उठा लाया लोहे का पाइप

    इस घटना का जो CCTV फुटेज सामने आया है, उसमें प्रदीप रिसॉर्ट में बने गार्डन में आए बंदर को भगाने के लिए लोहे की एक लंबी छड़ उठाकर ले जाता हुआ दिखाई देता है। इसके बाद वह उसी छड़ की मदद से बंदर को डराते हुए भगाता नजर आ रहा है। इस दौरान वह उस छड़ को बार-बार उठाकर जमीन पर पटकता है, ताकि उससे होने वाली आवाज से बंदर डर जाए।


    धमाके की आवाज के साथ जल गया युवक

    वहीं जब वह बंदर वहां से भाग जाता है, तो वह युवक उस लोहे की रॉड को बिल्कुल सीधा ऊपर की ओर उठाकर वापस आता है, इसी दौरान वह रॉड ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा जाती है और टकराते ही धमाके के साथ प्रदीप के शरीर से आग लग जाती है, जिसके चलते वह वहीं गिर जाता है और झुलसने से उसकी मौत हो जाती है।


    धमाके की आवाज सुन बाहर आईं दो कर्मचारी

    बाहर हुए धमाके की आवाज सुनकर रिसॉर्ट की दो महिला कर्मचारी दौड़कर बाहर आती हैं, जिनमें से एक युवक के पास तक जाती है और उसकी हालत देखकर डर के मारे चीख उठती हैं। इसके बाद वह महिला युवक को दो बार भैया-भैया कहते हुए आवाज भी देती है, और फिर बाकी लोगों को बुलाने के लिए चीखते हुए अंदर चली जाती है।

    इस हादसे की जानकारी मिलने पर बमीठा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम होने के बाद युवक के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि रिसॉर्ट की छत के करीब से निकली हाईटेंशन की लाइन नियमों के अनुसार लगाई गई है, या इसमें विभाग या होटल प्रबंधन की लापरवाही है।

  • MP: सीधी में 4 पुलिसकर्मियों की शर्मनाक करतूत… नशे में मरीज के बेड में सोए, डस्टबिन में किया पेशाब

    MP: सीधी में 4 पुलिसकर्मियों की शर्मनाक करतूत… नशे में मरीज के बेड में सोए, डस्टबिन में किया पेशाब


    सीधी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीधी जिले (Sidhi district) से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जिला अस्पताल के अंदर ड्यूटी पर तैनात चार पुलिसकर्मियों (Four Policemen) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वे मरीज के बेड पर सोते और अस्पताल परिसर में अनुशासनहीन हरकत करते नजर आए। वीडियो में एक पुलिसकर्मी को डस्टबिन में पेशाब करते हुए भी देखा गया। घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप है। मामले में चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो 13 अप्रैल को सामने आया। आरोप है कि सभी पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे और पुलिस की गरिमा के खिलाफ व्यवहार कर रहे थे। उनकी वर्दी भी पास में टंगी हुई दिखाई दी।

    कैदी की सुरक्षा में तैनात थे पुलिसकर्मी
    बताया जा रहा है कि ये पुलिसकर्मी 28 मार्च से जिला अस्पताल में भर्ती एक अंडरट्रायल कैदी की सुरक्षा में तैनात थे। इस टीम का नेतृत्व सहायक उप-निरीक्षक नर्मदा प्रसाद प्रजापति कर रहे थे। टीम में कांस्टेबल उदयराज सिंह, जितेंद्र सिंह और मनीष तिवारी शामिल थे।


    नशे में धुत होकर उत्पात मचाया

    मामले की आंतरिक जांच में पुष्टि हुई कि पुलिसकर्मियों ने शराब के नशे में यह अनुशासनहीनता की। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित थाना प्रभारी द्वारा उचित निगरानी नहीं की गई, जिससे यह घटना हुई।

    सीधी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप लगाए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान सभी को सीधी के रिजर्व सेंटर से अटैच कर दिया गया है और उन्हें विभागीय नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई भी जारी है।

  • आज का राशिफल 16 अप्रैल 2026: मिथुन और मीन राशि को मिलेगा आर्थिक लाभ

    आज का राशिफल 16 अप्रैल 2026: मिथुन और मीन राशि को मिलेगा आर्थिक लाभ


    नई दिल्ली। 16 अप्रैल 2026 को ग्रहों की विशेष चाल और चंद्रमा का मेष राशि में गोचर मिलकर कई राशियों के लिए नए अवसर और आर्थिक उतार-चढ़ाव के संकेत दे रहे हैं। इस दिन सूर्य और शुक्र की युति जहां कुछ राशियों के लिए लाभदायक साबित होगी, वहीं कुछ को खर्च और सावधानी की जरूरत भी रहेगी।

     ग्रहों की स्थिति का प्रभाव
    आज चंद्रमा मेष राशि में सूर्य के साथ युति बना रहा है, जिससे आत्मविश्वास और नई शुरुआत के अवसर बढ़ सकते हैं। वहीं एकादश और दशम भाव की सक्रियता आर्थिक लाभ के योग बना रही है। दूसरी ओर, अष्टम और द्वादश भाव के प्रभाव से अनचाहे खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए वित्तीय मामलों में सतर्कता जरूरी है।

    मेष राशि
    आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ने की संभावना है। निवेश से बचें और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें।
    करियर: काम की गति धीमी रह सकती है, कोई बड़ा निर्णय फिलहाल टालना बेहतर रहेगा।

    वृषभ राशि
    आर्थिक स्थिति: आय बढ़ सकती है लेकिन खर्च भी साथ बढ़ेंगे। संतुलन जरूरी है।
    करियर: कार्यस्थल पर दबाव रहेगा, लेकिन नए अवसर भी मिल सकते हैं।

    मिथुन राशि (लाभकारी संकेत)
    आर्थिक स्थिति: आर्थिक लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं। संपर्कों से फायदा मिलेगा।
    करियर: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, मेहनत से पहचान मिलेगी।

    कर्क राशि
    आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकते हैं, सावधानी जरूरी।
    करियर: पद और जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं।

    सिंह राशि
    आर्थिक स्थिति: अनिश्चितता रहेगी, निवेश से बचें।
    करियर: अचानक बदलाव संभव हैं, धैर्य रखें।

     कन्या राशि
    आर्थिक स्थिति: स्थिति स्थिर रहेगी लेकिन अचानक खर्च संभव है।
    करियर: काम में सराहना मिलेगी।

     तुला राशि
     आर्थिक स्थिति: सामान्य स्थिति, खर्च पर नियंत्रण रखें।
     करियर: जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।

    वृश्चिक राशि
    आर्थिक स्थिति: जोखिम से बचें, खर्च बढ़ सकते हैं।
    करियर: काम का दबाव अधिक रहेगा।

    धनु राशि
    आर्थिक स्थिति: घर संबंधी खर्च बढ़ सकते हैं।
    करियर: ध्यान भटक सकता है, सतर्क रहें।

    मकर राशि
    आर्थिक स्थिति: आय-व्यय में उतार-चढ़ाव रहेगा।
    करियर: मेहनत से ही सफलता मिलेगी।

    कुंभ राशि
    आर्थिक स्थिति: खर्च पर नियंत्रण जरूरी है।
    करियर: बातचीत और कम्युनिकेशन से लाभ मिलेगा।

    मीन राशि (सबसे शुभ संकेत)
    आर्थिक स्थिति: आय बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं, आर्थिक उन्नति के योग।
     करियर: थोड़ी उलझन के बावजूद स्थिर प्रगति के संकेत।

  • उपमुख्यमंत्री शुक्ल की बड़ी समीक्षा बैठक रीवा में बुनियादी ढांचे पर जोर

    उपमुख्यमंत्री शुक्ल की बड़ी समीक्षा बैठक रीवा में बुनियादी ढांचे पर जोर


    भोपाल । मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में रीवा जिले के लोक निर्माण विभाग से जुड़े प्रस्तावित सड़क एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

    बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अंतिम रूप देकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और जनता को जल्द सुविधाओं का लाभ मिल सके।

    समीक्षा में सबसे प्रमुख प्रस्ताव रीवा शहर में कमिश्नर बंगला से ढेकहा तिराहे तक बनने वाला 700 करोड़ रुपए की लागत का फ्लाईओवर रहा। यह फ्लाईओवर शहर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे शहर में आवागमन अधिक सुगम और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

    इसके साथ ही लक्ष्मण बाग से कुठुलिया मार्ग में बिछिया नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य पर भी चर्चा की गई। इस परियोजना से लक्ष्मण बाग, कुठुलिया मार्ग और संस्कृत विश्वविद्यालय तक पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने यह भी निर्देश दिए कि इस परियोजना में रिवर फ्रंट के सौंदर्यीकरण को भी शामिल किया जाए, ताकि यह क्षेत्र न केवल आवागमन के लिहाज से बल्कि पर्यटन और शहरी सौंदर्य के दृष्टिकोण से भी विकसित हो सके।

    अधिकारियों ने बैठक में प्रस्तावित कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की। सरकार का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से रीवा में शहरी विकास और यातायात व्यवस्था को एक नई दिशा दी जा सके।

  • एमपी सरकार का बड़ा फैसला चिकित्सा छात्रों को समय पर मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ

    एमपी सरकार का बड़ा फैसला चिकित्सा छात्रों को समय पर मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ


    भोपाल । मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं के लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र छात्रों को उनकी योजनागत राशि समय पर और बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाए।

    बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की देरी या प्रशासनिक अड़चन का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए तथा यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसका तुरंत समाधान किया जाए।

    समीक्षा के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही संबल योजना और मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत दिए जा रहे लाभों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

    बैठक में वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सा शिक्षा के छात्र अपनी पढ़ाई बिना आर्थिक बाधा के जारी रख सकें और उन्हें समय पर सरकारी सहायता मिलती रहे।

  • ईरान अमेरिका तनाव के बाद यूरोप का बड़ा कदम होर्मुज मिशन बिना अमेरिका

    ईरान अमेरिका तनाव के बाद यूरोप का बड़ा कदम होर्मुज मिशन बिना अमेरिका


    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे के बीच यूरोपीय संघ अब एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय देश होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए एक नया मिशन तैयार कर रहे हैं जिसमें अमेरिका की सीधी भागीदारी नहीं होगी। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से अधिक समय तक चला संघर्ष वैश्विक राजनीति और ट्रांस अटलांटिक संबंधों को नया रूप दे चुका है।

    द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार इस प्रस्ताव का नेतृत्व ब्रिटेन और फ्रांस कर रहे हैं। इसका उद्देश्य संघर्ष के बाद समुद्री व्यापार में भरोसा बहाल करना और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट किया है कि यह मिशन पूरी तरह रक्षात्मक होगा और यूरोपीय नौसेना किसी अमेरिकी कमांड के तहत काम नहीं करेगी। इसका मकसद शिपिंग कंपनियों को यह भरोसा दिलाना है कि युद्ध के बाद क्षेत्र में व्यापार करना सुरक्षित रहेगा।

    इस प्रस्ताव में कई अहम कदम शामिल हैं जैसे समुद्र में बिछाई गई माइंस को हटाना नेवल एस्कॉर्ट्स तैनात करना और सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करना। खास बात यह है कि इस गठबंधन में अमेरिका इजरायल और ईरान जैसे सीधे संघर्ष में शामिल देशों को बाहर रखा जाएगा।

    फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरोट के अनुसार यह मिशन तभी शुरू होगा जब क्षेत्र में शांति स्थापित हो जाएगी। साथ ही ओमान और ईरान जैसे तटीय देशों के सहयोग की भी जरूरत होगी। इस मिशन में जर्मनी की भी अहम भूमिका मानी जा रही है जो जहाज और निगरानी संसाधन उपलब्ध करा सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना तीन मुख्य उद्देश्यों पर आधारित है पहला फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना दूसरा समुद्र में बिछाई गई माइंस को हटाना और तीसरा सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करना।

    होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बेहद अहम मार्ग है जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है जिसमें भारत जैसे बड़े आयातक देश भी शामिल हैं।

    यह पहल इस बात का संकेत है कि यूरोपीय संघ अब वैश्विक सुरक्षा में अपनी स्वतंत्र भूमिका बढ़ाना चाहता है। साथ ही यह अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों को भी दर्शाता है जहां यूरोपीय देश अब अपनी रणनीति खुद तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

  • मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार लाखों किसानों को मिल रहा समर्थन मूल्य का लाभ

    मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार लाखों किसानों को मिल रहा समर्थन मूल्य का लाभ


    भोपाल । मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं उपार्जन का कार्य अब पूरी रफ्तार से शुरू हो गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी गई है और किसानों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

    अब तक प्रदेश में 42 हजार 689 किसानों से 18 लाख 97 हजार 480 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसके बदले किसानों को 28 करोड़ 40 लाख रुपए की राशि उनके बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

    मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बड़ी संख्या में किसान गेहूं विक्रय के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक 2 लाख 58 हजार 644 किसानों द्वारा 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार 407 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसान 24 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं।

    प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन केंद्रों पर छायादार बैठने की व्यवस्था, पेयजल, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और सफाई की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    सरकार द्वारा इस वर्ष किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। यह कदम किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भंडारण और परिवहन की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। अब तक 8 लाख 65 हजार 600 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है और सुरक्षित भंडारण के लिए जूट और पीपी बैग का उपयोग किया जा रहा है।

    इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। सरकार ने इस बार 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से अधिक है। कुल मिलाकर प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है और किसानों को समय पर भुगतान व बेहतर सुविधाएं देकर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।