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  • आमिर खान ने शादी की खबर पर लगाई मुहर 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग लेंगे सात फेरे बेटे जुनैद का रिएक्शन बना चर्चा का विषय

    आमिर खान ने शादी की खबर पर लगाई मुहर 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग लेंगे सात फेरे बेटे जुनैद का रिएक्शन बना चर्चा का विषय


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने अपनी तीसरी शादी को लेकर चल रही सभी अटकलों पर आखिरकार विराम लगा दिया है। अभिनेता ने खुद पुष्टि की है कि वह 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। 61 वर्ष की उम्र में आमिर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रहे हैं और इस खास मौके को उन्होंने पूरी तरह निजी रखने का फैसला किया है। शादी में केवल परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। अभिनेता ने इस मौके पर अपने प्रशंसकों से भी प्यार और आशीर्वाद की अपील की है ताकि उनके जीवन का नया सफर खुशियों से भरा रहे।

    आमिर खान हाल ही में अपने बेटे जुनैद खान के साथ एक कार्यक्रम में पहुंचे थे जहां उन्होंने मीडिया से खुलकर अपनी शादी को लेकर बातचीत की। सबसे दिलचस्प पल तब देखने को मिला जब आमिर अपनी शादी की जानकारी साझा कर रहे थे और उनके बगल में बैठे जुनैद खान मुस्कुराते हुए नजर आए। पिता की बात सुनकर उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। इस दौरान आमिर ने बताया कि शादी किसी आलीशान होटल या बड़े वेडिंग वेन्यू पर नहीं बल्कि उनके घर पर ही होगी। उन्होंने कहा कि यह एक छोटा और पारिवारिक समारोह होगा जिसमें केवल अपने लोग शामिल होंगे।

    अभिनेता ने स्पष्ट किया कि वह किसी भव्य रिसेप्शन या करोड़ों रुपये के आयोजन के पक्ष में नहीं हैं। उनकी प्राथमिकता सादगी और पारिवारिक माहौल है। आमिर का कहना है कि जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर को वह शोर शराबे के बजाय अपनों के साथ शांत और यादगार तरीके से मनाना चाहते हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सभी से दुआएं मांगते हुए कहा कि उनकी और गौरी की नई जिंदगी खुशियों और विश्वास से भरी रहे।

    आमिर खान की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रही है। उनकी पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी जिनसे उन्हें दो बच्चे जुनैद खान और आयरा खान हैं। कई वर्षों तक साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। इसके बाद आमिर ने फिल्म निर्माता किरण राव से दूसरी शादी की। इस रिश्ते से उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म हुआ। हालांकि वर्ष 2021 में आमिर और किरण ने भी अलग होने का फैसला किया लेकिन दोनों आज भी अच्छे दोस्त हैं और बेटे की परवरिश मिलकर कर रहे हैं।

    अब आमिर खान गौरी स्प्रैट के साथ अपने जीवन की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते की चर्चा लगातार हो रही थी लेकिन अभिनेता ने हमेशा इस रिश्ते को निजी रखा। अब शादी की आधिकारिक पुष्टि के बाद उनके प्रशंसकों में उत्साह बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर भी फैंस उन्हें लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं और नई जिंदगी के लिए ढेर सारी बधाइयां भेज रहे हैं।

    आमिर खान का यह फैसला इस बात का भी संदेश देता है कि जीवन में नई शुरुआत के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती। अपने परिवार के समर्थन और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में वह 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट का हाथ थामकर एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे। अब सभी की नजरें इस निजी लेकिन बेहद चर्चित शादी पर टिकी हुई हैं।

  • ‘लगान’ ने मुझे बर्बाद कर दिया…’, आमिर खान की फिल्म के अभिनेता अमीन हाजी का चौंकाने वाला खुलासा

    ‘लगान’ ने मुझे बर्बाद कर दिया…’, आमिर खान की फिल्म के अभिनेता अमीन हाजी का चौंकाने वाला खुलासा


    नई दिल्ली । आमिर खान की सुपरहिट फिल्म ‘लगान’ को रिलीज हुए 25 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक फिल्म ने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी और इसके कलाकारों को भी रातोंरात लोकप्रियता मिली। लेकिन फिल्म में ‘बागा’ का यादगार किरदार निभाने वाले अभिनेता अमीन हाजी के लिए यह सफलता एक अलग ही अनुभव लेकर आई। अमीन हाजी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि ‘लगान’ ने उन्हें “बर्बाद” कर दिया था। उनका यह बयान सुनकर फिल्म प्रेमी हैरान रह गए।

    अमीन हाजी ने बताया कि ‘लगान’ उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन यही उपलब्धि उनके लिए आगे बढ़ने में बाधा भी बन गई। उन्होंने कहा कि फिल्म के बाद उन्हें कई ऑफर मिले, लेकिन कोई भी किरदार या कहानी ‘लगान’ के स्तर की नहीं लगी। ऐसे में उन्होंने अभिनय जारी रखने के बजाय खुद को पीछे खींच लिया। अमीन के मुताबिक, वह अपनी मेहनत से कमाई गई प्रतिष्ठा को खोना नहीं चाहते थे और उन्हें लगता था कि अगर कमजोर भूमिकाएं स्वीकार करेंगे तो उनकी पहचान प्रभावित हो सकती है।

    उन्होंने अपनी स्थिति को मशहूर शायरी की पंक्तियों से बयां करते हुए कहा, “हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर कम निकले।” अमीन ने माना कि ‘लगान’ जैसी फिल्म जीवन में बार-बार नहीं मिलती और उस अनुभव ने उनके लिए अभिनय की कसौटी बहुत ऊंची कर दी थी।

    अमीन हाजी ने यह भी बताया कि एक समय ऐसा आया जब निर्देशक आशुतोष गोवारिकर और उनकी पत्नी ने उनसे पूछा कि आखिर वह आगे क्या करना चाहते हैं। तब उन्होंने साफ कहा कि वह केवल अभिनय के लिए अभिनय नहीं करना चाहते। इसके बाद आशुतोष गोवारिकर ने उन्हें अपनी अगली फिल्म ‘स्वदेश’ के लेखन से जुड़ने का प्रस्ताव दिया। उस समय फिल्म का नाम ‘देश’ था। अमीन ने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए उन्हें क्यों चुना जा रहा है, तो आशुतोष ने उनकी ईमानदारी और रचनात्मक सोच की तारीफ करते हुए उन्हें टीम में शामिल कर लिया।

    यहीं से अमीन हाजी के जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ। अभिनय से दूरी बनाने वाले अमीन ने लेखन की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे एक सफल लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने ‘हॉन्टेड 3डी’ और ‘डेंजरस इश्क’ जैसी फिल्मों में सह-लेखक के रूप में काम किया। बाद में उन्होंने अपनी फिल्म ‘कोई जाने ना’ का निर्देशन भी किया।

    अमीन हाजी ने कहा कि ‘लगान’ उनके लिए किसी विश्वविद्यालय से कम नहीं रही। इस फिल्म ने उन्हें केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि सिनेमा की बारीकियां भी सिखाईं। उन्होंने आमिर खान, आशुतोष गोवारिकर और पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि अगर ‘लगान’ नहीं होती तो शायद उनका फिल्मी सफर इस तरह आकार नहीं ले पाता।

    भले ही अमीन हाजी ने मजाकिया अंदाज में कहा हो कि ‘लगान’ ने उन्हें बर्बाद कर दिया, लेकिन उनके पूरे बयान से साफ है कि यह फिल्म उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीख और सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई। यही वजह है कि 25 साल बाद भी ‘लगान’ उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसी पाठशाला है जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी।

  • आमिर खान का बड़ा बयान: गोविंदा-डेविड धवन की ब्लॉकबस्टर फिल्म को बताया था ‘वल्गर’, 25 करोड़ के कलेक्शन से बनी थी सुपरहिट

    आमिर खान का बड़ा बयान: गोविंदा-डेविड धवन की ब्लॉकबस्टर फिल्म को बताया था ‘वल्गर’, 25 करोड़ के कलेक्शन से बनी थी सुपरहिट


    नई दिल्ली । बॉलीवुड में कई बार ऐसी फिल्में सामने आई हैं जिन्हें दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया, लेकिन आलोचकों और कलाकारों की राय उनसे बिल्कुल अलग रही। ऐसी ही एक चर्चा में आई थी 1993 में रिलीज हुई गोविंदा और चंकी पांडे स्टारर सुपरहिट फिल्म ‘आंखें’, जिसे लेकर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने एक बार बेहद स्पष्ट और सख्त राय दी थी।

    आमिर खान ने एक पुराने इंटरव्यू में इस फिल्म पर बात करते हुए कहा था कि उन्हें यह फिल्म व्यक्तिगत रूप से पसंद नहीं आई। उन्होंने फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर टिप्पणी करते हुए इसे “वल्गर” और “अश्लीलता के करीब” बताया था। आमिर का कहना था कि फिल्म के कुछ कॉमेडी सीन उनकी समझ और पसंद से मेल नहीं खाते थे, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दर्शकों की पसंद अलग हो सकती है और किसी फिल्म की सफलता का पैमाना केवल व्यक्तिगत राय नहीं होता।

    ‘आंखें’ एक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म थी, जिसका निर्देशन डेविड धवन ने किया था और कहानी अनीस बज्मी ने लिखी थी। गोविंदा इस फिल्म में डबल रोल में नजर आए थे, जिसने दर्शकों को खूब हंसाया और मनोरंजन का नया अंदाज दिया। फिल्म में चंकी पांडे, राज बब्बर, कादर खान और शक्ति कपूर जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। अपनी रिलीज के साथ ही यह फिल्म उस समय की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई थी।

    कम बजट में बनी इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी कॉमिक टाइमिंग और मनोरंजन से भरपूर कहानी थी। लगभग ढाई करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 25 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया था, जो उस दौर में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस सफलता ने गोविंदा को कॉमेडी फिल्मों के सुपरस्टार के रूप में और मजबूत पहचान दिलाई।

    आमिर खान के बयान ने फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा जरूर पैदा की, क्योंकि जहां एक तरफ यह फिल्म जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रही, वहीं दूसरी तरफ एक स्थापित अभिनेता द्वारा इसे लेकर इतनी सख्त राय सामने आई। हालांकि आमिर ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य किसी फिल्म को छोटा दिखाना नहीं था, बल्कि वह सिर्फ अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया साझा कर रहे थे।

    बाद के वर्षों में भी ‘आंखें’ को हिंदी सिनेमा की उन फिल्मों में गिना जाता है, जिन्होंने कम लागत में बड़ी कमाई कर इंडस्ट्री को चौंका दिया। इस फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बाद में अन्य भाषाओं में भी रीमेक किया गया।

    आज भी जब 90 के दशक की कॉमेडी फिल्मों की चर्चा होती है, तो ‘आंखें’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आमिर खान की टिप्पणी और फिल्म की ऐतिहासिक सफलता मिलकर इसे बॉलीवुड इतिहास की उन फिल्मों में शामिल कर देती है, जो अपनी लोकप्रियता और विवाद दोनों के कारण याद की जाती हैं।

  • बॉक्स ऑफिस पर लुढ़की जुनैद-सई पल्लवी की केमिस्ट्री, आमिर खान बोले- फिल्म की हार को पर्सनली ले लेता हूँ

    बॉक्स ऑफिस पर लुढ़की जुनैद-सई पल्लवी की केमिस्ट्री, आमिर खान बोले- फिल्म की हार को पर्सनली ले लेता हूँ


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहे जाने वाले आमिर खान के बेटे जुनैद खान ने फिल्म ‘एक दिन’ के जरिए बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत तो की, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। सई पल्लवी जैसे बड़े नाम के साथ आई यह फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही और अब बुरी तरह फ्लॉप होने की कगार पर है। एक मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन महज 1.15 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जिसके बाद इसकी रफ़्तार लगातार गिरती चली गई। फिल्म की इस करारी हार पर जुनैद खान ने पहली बार खुलकर बात की है और अपनी भावनाओं के साथ-साथ अपने पिता आमिर खान की मानसिक स्थिति का भी जिक्र किया है।

    जुनैद खान ने एक हालिया साक्षात्कार में बेहद परिपक्वता के साथ फिल्म की असफलता को स्वीकार किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि फिल्म उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई और लोगों को यह कहानी पसंद नहीं आई। जुनैद का मानना है कि कभी-कभी कड़ी मेहनत के बावजूद परिणाम आपके पक्ष में नहीं होते। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भले ही उन्हें इस प्रोजेक्ट पर काम करने में मजा आया और उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन अंततः दर्शकों का फैसला ही सर्वोपरि होता है। जुनैद ने अपनी बातचीत में यह भी संकेत दिया कि फिल्म की असफलता का उन्हें दुख तो है, लेकिन वह इसे अपने करियर के एक हिस्से के रूप में देख रहे हैं।

    हालांकि, जुनैद से कहीं ज्यादा उनके पिता आमिर खान इस विफलता से प्रभावित नजर आ रहे हैं। जुनैद ने बताया कि आमिर खान इतने दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहने और अनगिनत उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद, आज भी किसी फिल्म के फ्लॉप होने पर बहुत ज्यादा परेशान हो जाते हैं। जुनैद के अनुसार, आमिर खान किसी भी फिल्म की असफलता को बहुत गहराई से और व्यक्तिगत रूप से लेते हैं, खासकर तब जब उन्हें वह फिल्म खुद पसंद हो। आमिर अभी भी इस नतीजे से उदास हैं और खुद को व्यस्त रखकर इस गम से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प है कि एक मंझा हुआ कलाकार और निर्माता होने के बाद भी आमिर का सिनेमा के प्रति जुनून उन्हें आज भी विचलित कर देता है।

    फिल्म ‘एक दिन’ के बजट और कमाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक दिखाई देती है। लगभग 18 से 25 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट में बनी यह फिल्म दुनियाभर में अब तक केवल 5.44 करोड़ रुपये ही कमा सकी है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म से काफी उम्मीदें जुड़ी थीं, लेकिन यह लागत निकालने में भी पूरी तरह विफल रही। फिल्म की कहानी दिनेश (जुनैद) और मीरा (सई पल्लवी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें जापान की यात्रा और एक दुर्लभ बीमारी के साथ भावनाओं का ताना-बाना बुना गया था। लेकिन कमजोर पटकथा या दर्शकों से जुड़ाव की कमी के चलते यह प्रेम कहानी बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बनाने में नाकाम रही। सई पल्लवी के बयान कि उन्हें इस किरदार के लिए गलत कास्ट किया गया, ने भी फिल्म की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • आमिर खान के करियर की वे दो फ़िल्में जो मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने बिना स्क्रिप्ट पढ़े ही कर ली थीं साइन

    आमिर खान के करियर की वे दो फ़िल्में जो मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने बिना स्क्रिप्ट पढ़े ही कर ली थीं साइन

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में अपनी बेहतरीन अदाकारी और पटकथा की गहरी समझ के लिए मशहूर अभिनेता आमिर खान का फिल्मी सफर हमेशा से केवल नपे-तुले फैसलों पर आधारित नहीं रहा है। अक्सर रणनीतिक सोच के साथ काम करने वाले इस कलाकार ने स्वीकार किया है कि उनके जीवन में ऐसे भी पल आए जब उन्होंने तर्क के बजाय केवल भावनाओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि उनके शुरुआती करियर की दो फिल्में ऐसी थीं, जिनकी स्क्रिप्ट के बारे में उन्हें रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था, लेकिन पिता के प्रति सम्मान और उनके व्यक्तित्व के प्रभाव के कारण उन्होंने उन फिल्मों को अपनी सहमति देने में एक पल की भी देरी नहीं की।

    इस दिलचस्प कहानी की शुरुआत तब हुई जब दिग्गज अभिनेता देव आनंद ने आमिर खान को अपनी एक फिल्म के लिए याद किया। आमिर के पिता ने अपने बेटे से मशविरा किए बिना ही देव आनंद को जुबान दे दी थी कि आमिर इस परियोजना का हिस्सा बनेंगे। जब आमिर खान को इस बारे में पता चला, तो एक पेशेवर अभिनेता के तौर पर उन्होंने पहले फिल्म की कहानी और अपनी भूमिका को समझने की इच्छा जताई। हालांकि, उनके पिता ताहिर हुसैन का रुख बेहद सख्त था। उन्होंने साफ लफ्जों में आमिर को हिदायत दी कि उन्हें स्क्रिप्ट पूछने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सीधे जाकर फिल्म के लिए अपनी सहमति देनी होगी। पिता के अनुशासित स्वभाव और उनके प्रति मन में बसे डर के कारण आमिर खान चाहकर भी विरोध नहीं कर पाए और बिना कुछ जाने उस फिल्म का हिस्सा बन गए।

    एक अन्य घटना भी ठीक वैसी ही थी, जब उनके पिता स्वयं एक फिल्म का निर्माण कर रहे थे। आमिर ने जब स्वाभाविक रूप से अपने पिता से उस फिल्म की पटकथा के बारे में सवाल किया, तो उन्हें पिता के कड़े रुख का सामना करना पड़ा। उनके पिता का मानना था कि दशकों से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय रहने के बाद उन्हें अपने ही बेटे को कहानी सुनाने की औपचारिकता निभाने की आवश्यकता नहीं है। इस मुद्दे पर आमिर को पिता के लंबे उपदेश का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने हार मान ली और बिना किसी सवाल के फिल्म में काम करने का निर्णय लिया।

    आमिर खान ने मजाकिया लहजे में यह स्पष्ट किया कि उनके करियर में जिन फिल्मों के चुनाव पर सवाल उठते हैं, उनमें से इन दो फिल्मों के लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं क्योंकि इनका फैसला केवल उनके पिता का था। यह किस्सा यह भी उजागर करता है कि किस तरह उस दौर के कलाकारों के लिए व्यावसायिक अनुबंधों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण अपने बड़ों का मान-सम्मान और पारिवारिक गरिमा हुआ करती थी। आमिर खान का यह अनुभव यह भी दिखाता है कि एक मंझा हुआ कलाकार भी कभी-कभी अपनों के प्रति समर्पण के कारण अपने पेशेवर सिद्धांतों से समझौता कर लेता है।

  • जुनैद और साई पल्लवी की ‘एक दिन’ ने दी दस्तक, आमिर खान ने फिल्म के किरदार में देखा अपना अक्स

    जुनैद और साई पल्लवी की ‘एक दिन’ ने दी दस्तक, आमिर खान ने फिल्म के किरदार में देखा अपना अक्स

    नई दिल्ली। रोमांटिक कहानियों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए फिल्म ‘एक दिन’ ने सिनेमाघरों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। यह फिल्म एक सरल लेकिन गहराई से जुड़ी प्रेम कहानी को सामने लाती है, जिसमें भावनाओं की सच्चाई और आत्मविश्वास की कमी जैसे पहलुओं को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में जुनैद खान और साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं और उनकी जोड़ी को लेकर दर्शकों में उत्सुकता पहले से ही बनी हुई थी।

    कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो स्वभाव से काफी संकोची है और अपने भीतर आत्मविश्वास की कमी महसूस करता है। उसे हमेशा यह डर रहता है कि वह अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाएगा और कोई उसे समझ नहीं पाएगा। इसी मानसिक स्थिति के बीच उसकी मुलाकात एक ऐसी लड़की से होती है, जो आत्मविश्वास से भरपूर है और जीवन को खुलकर जीने में विश्वास रखती है। यह मुलाकात धीरे-धीरे उसके जीवन में बदलाव की शुरुआत बनती है।

    फिल्म की खास बात यह है कि इसके मुख्य किरदार की सोच और अनुभव को लेकर आमिर खान ने खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस किया है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वह किशोर अवस्था में थे, तब वह भी काफी झिझक महसूस करते थे और अपने विचारों को खुलकर सामने रखने में हिचकिचाते थे। उनके अनुसार फिल्म का नायक भी उसी दौर से गुजरता है, जहां वह खुद को कम आंकता है और यही संघर्ष कहानी का भावनात्मक केंद्र बनता है।

    ‘एक दिन’ केवल एक पारंपरिक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह आत्म-खोज और आत्मविश्वास की यात्रा को भी दर्शाती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे एक व्यक्ति अपने डर और असमंजस को पार कर जीवन में आगे बढ़ता है। फिल्म का माहौल हल्का-फुल्का होने के बावजूद उसमें भावनात्मक गहराई मौजूद है, जो दर्शकों को अपने अनुभवों से जोड़ने की क्षमता रखती है।

    फिल्म के निर्माण से जुड़े लोगों ने पहले भी कई यादगार प्रोजेक्ट्स पर साथ काम किया है, और इस बार भी उन्होंने एक सादगी भरी लेकिन प्रभावशाली कहानी को प्रस्तुत करने की कोशिश की है। निर्देशन में कहानी को सहज और वास्तविक बनाए रखने पर जोर दिया गया है, ताकि किरदारों की भावनाएं बनावटी न लगें बल्कि दर्शकों को अपने आसपास की सच्चाई का अहसास कराएं।

    जुनैद खान के लिए यह फिल्म उनके करियर का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जहां वह एक संवेदनशील और वास्तविक किरदार निभाते नजर आते हैं। वहीं साई पल्लवी अपने आत्मविश्वास से भरे किरदार के जरिए कहानी में संतुलन और ऊर्जा लाती हैं।

    ‘एक दिन’ एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आई है, जो प्रेम, आत्मविश्वास और जीवन के शुरुआती संघर्षों को सरल भाषा में पेश करती है। यह कहानी दर्शकों को यह एहसास दिलाती है कि हर इंसान के जीवन में एक ऐसा पल जरूर आता है, जब वह अपने डर को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का साहस जुटाता है।

  • फैमिली मोमेंट वायरल: आमिर खान के साथ दिखीं गौरी, आयरा ने बढ़ाया अपनापन

    फैमिली मोमेंट वायरल: आमिर खान के साथ दिखीं गौरी, आयरा ने बढ़ाया अपनापन


    नई दिल्ली | मुंबई में 28 अप्रैल को एक्टर जुनैद खान की अपकमिंग फिल्म ‘एक दिन’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जहां पूरा खान परिवार उन्हें सपोर्ट करने पहुंचा। इस मौके पर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे आमिर खान, जो अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ पहुंचे और दोनों की बॉन्डिंग ने सभी का ध्यान खींच लिया।
    स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान की बेटी आयरा खान और दामाद नुपुर शिखरे भी मौजूद रहे। खास बात यह रही कि आयरा और गौरी स्प्रैट के बीच गर्मजोशी से गले मिलने का पल कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    इवेंट के कई वीडियो और तस्वीरों में पूरा परिवार एक साथ पोज देता नजर आया। आमिर खान, गौरी स्प्रैट का हाथ थामे हुए दिखाई दिए और दोनों स्क्रीनिंग हॉल तक भी साथ-साथ पहुंचे। परिवार के अन्य सदस्य आयरा, नुपुर और जुनैद भी इस दौरान काफी खुश नजर आए।
    एक और वीडियो में सभी ने मिलकर पैपराजी के सामने ग्रुप फोटो खिंचवाई। इस दौरान आयरा और नुपुर ने भी साथ में तस्वीरें क्लिक कराईं, जबकि आमिर और जुनैद मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने पोज देते दिखे।
    फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर आमिर खान ने इवेंट में काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के अभिनय की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें देश की बेहतरीन एक्ट्रेस बताया। वहीं जुनैद के काम पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अच्छा काम किया है, लेकिन वह उनके बेटे हैं इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।
    यह फिल्म One Day का हिंदी रीमेक है और इसका निर्देशन सुनील पांडे ने किया है। इसे आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले मंसूर खान, आमिर खान और अपर्णा पुरोहित ने मिलकर प्रोड्यूस किया है।
    फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स की है जो अपनी ऑफिस कलीग से प्यार करता है लेकिन अपने जज़्बात जाहिर नहीं कर पाता और बस एक दिन उसके साथ बिताने की ख्वाहिश रखता है, जो एक अनोखे मोड़ पर पूरी होती है।
    ‘एक दिन’ 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और इसके लिए एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।
  • SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन

    SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन


    नई दिल्ली हिंदी सिनेमा के इतिहास में अगर तीन सबसे बड़े सुपरस्टार्स का नाम लिया जाए तो Shah Rukh Khan, Salman Khan और Aamir Khan का नाम सबसे ऊपर आता है। पिछले तीन दशकों से ये तीनों खान इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं और हर पीढ़ी के दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं। हालांकि, आज तक इन तीनों को एक साथ किसी फिल्म में नहीं देखा गया, जो फैंस के लिए हमेशा एक अधूरी ख्वाहिश रही है। अब इस अधूरी ख्वाहिश को पूरा करने के संकेत खुद आमिर खान ने दिए हैं, जिससे फैंस के बीच उत्साह और बढ़ गया है।
    शाहरुख की एक्टिंग के कायल हुए आमिर
    हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान Aamir Khan ने Shah Rukh Khan की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शाहरुख एक शानदार अभिनेता हैं, जिनका अपना अलग चार्म है और जो दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ने की क्षमता रखते हैं। आमिर ने यह भी कहा कि शाहरुख सिर्फ एक स्टार नहीं बल्कि बेहतरीन आर्टिस्ट हैं, जो हर किरदार में जान डाल देते हैं। आमिर के इस बयान से दोनों सितारों के बीच आपसी सम्मान और दोस्ती साफ झलकती है।
    अच्छी स्क्रिप्ट बनी सबसे बड़ी शर्त
    इंटरव्यू में आमिर खान ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने और शाहरुख खान ने साथ काम करने को लेकर बातचीत की है। हालांकि, दोनों ही किसी भी प्रोजेक्ट को लेकर बेहद चयनात्मक हैं और एक दमदार स्क्रिप्ट की तलाश में हैं। आमिर ने कहा कि जैसे ही उन्हें एक मजबूत कहानी मिलेगी, वे शाहरुख के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शाहरुख और सलमान पहले साथ काम कर चुके हैं, वहीं आमिर और सलमान भी स्क्रीन शेयर कर चुके हैं, लेकिन आमिर और शाहरुख अब तक किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए।
    क्या सच होगा तीनों खान का सपना?
    सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आमिर खान ने तीनों खान को एक साथ स्क्रीन पर लाने के विचार पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले जब Shah Rukh Khan और Salman Khan उनके साथ बैठे थे, तब तीनों ने इस संभावना पर चर्चा की थी। आमिर का मानना है कि दर्शकों के लिए यह एक बेहद खास और यादगार अनुभव होगा। हालांकि, फिल्म का स्केल कितना बड़ा होगा, यह अलग मुद्दा है, लेकिन तीनों का साथ आना ही अपने आप में एक बड़ी घटना होगी। अगर यह सपना साकार होता है तो यह बॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है।
    वर्क फ्रंट पर आमिर खान
    वर्क फ्रंट की बात करें तो Aamir Khan इन दिनों अपने प्रोडक्शन में बन रही फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनके बेटे जुनैद खान के साथ साउथ की चर्चित अभिनेत्री Sai Pallavi नजर आएंगी। खास बात यह है कि यह साई पल्लवी की पहली हिंदी फिल्म होगी, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। फिल्म 1 मई को रिलीज होने वाली है और इसकी एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।
  • कुणाल कपूर का बड़ा खुलासा: आमिर खान ने व्यक्तिगत रूप से बुलाया ‘एक दिन’ में, बताया दिल छू लेने वाला अनुभव

    कुणाल कपूर का बड़ा खुलासा: आमिर खान ने व्यक्तिगत रूप से बुलाया ‘एक दिन’ में, बताया दिल छू लेने वाला अनुभव


    नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री में कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब पुराने रिश्ते और अनुभव नए प्रोजेक्ट्स को और भी खास बना देते हैं। हाल ही में अभिनेता कुणाल कपूर ने अपनी आगामी फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि इस फिल्म में उनका कैमियो रोल किसी आम चयन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था, बल्कि इसके पीछे आमिर खान की व्यक्तिगत पहल थी।

    कुणाल कपूर के अनुसार, आमिर खान ने खुद उनसे संपर्क किया और उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। यह बातचीत उनके लिए काफी खास रही, क्योंकि यह केवल एक पेशेवर प्रस्ताव नहीं था, बल्कि एक रचनात्मक जुड़ाव का हिस्सा था। कुणाल ने बताया कि आमिर चाहते थे कि वह इस फिल्म में एक विशेष भूमिका निभाएं, जो कहानी के एक अहम मोड़ को मजबूत करती है।

    कुणाल कपूर ने फिल्म को एक भावनात्मक और दिल को छू लेने वाली कहानी बताया है। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव है, जो दर्शकों को कहानी के साथ जोड़ने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म में काम करना उनके लिए बेहद आनंददायक रहा, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें मजबूत लेखन और भावनात्मक गहराई मौजूद है।

    फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में जुनैद खान और साई पल्लवी नजर आएंगे। कुणाल कपूर ने दोनों कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि साई पल्लवी हमेशा अपने किरदारों में शानदार प्रदर्शन करती हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस बेहद प्रभावशाली होती है। वहीं जुनैद खान के बारे में उन्होंने बताया कि वह बेहद फोकस्ड और मेहनती कलाकार हैं, जो न सिर्फ अभिनय पर ध्यान देते हैं बल्कि फिल्म निर्माण की जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से निभा रहे हैं।

    कुणाल ने यह भी साझा किया कि उन्होंने जुनैद खान को बचपन से देखा है और अब उनका एक परिपक्व कलाकार के रूप में सामने आना बेहद प्रेरणादायक है। उनके अनुसार, जुनैद का समर्पण और काम के प्रति गंभीरता उन्हें भविष्य में एक मजबूत पहचान दिला सकती है।

    इस फिल्म का निर्देशन सुनील पांडे कर रहे हैं, जिनके साथ कुणाल कपूर का पुराना जुड़ाव रहा है। दोनों ने पहले भी एक साथ काम किया है, जब वे अपने करियर के शुरुआती दौर में थे। कुणाल ने इस अनुभव को एक “फुल सर्कल मोमेंट” बताया, क्योंकि यह उनके लिए पुरानी यादों और नए अनुभवों का मेल है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी पुराने सहयोगी के साथ दोबारा काम करना हमेशा खास होता है, क्योंकि उसमें एक अलग तरह की समझ और सहजता होती है।

    फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। इसकी कहानी, कलाकारों की टीम और भावनात्मक प्रस्तुति इसे एक अलग पहचान देने की ओर इशारा करती है। कुणाल कपूर की वापसी और आमिर खान की सक्रिय भागीदारी ने इस प्रोजेक्ट को और भी चर्चा में ला दिया है।

    यह फिल्म न केवल कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव है, बल्कि दर्शकों के लिए भी एक भावनात्मक और यादगार कहानी बनने की उम्मीद रखती है।

  • आमिर खान, बोले- बचपन में रोमांटिक फिल्में देखने की नहीं थी अनुमति

    आमिर खान, बोले- बचपन में रोमांटिक फिल्में देखने की नहीं थी अनुमति


    मुंबई। बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ के तौर पर पहचान रखने वाले आमिर खान ने अपने बचपन से जुड़ा दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वह एक रूढ़िवादी परिवार में पले-बढ़े, जहां फिल्मों को लेकर काफी सख्ती थी और उन्हें खासतौर पर रोमांटिक फिल्में देखने की इजाजत नहीं थी।

    Variety India को दिए इंटरव्यू में आमिर ने कहा कि उन्हें बचपन से ही पढ़ने का ज्यादा शौक था और वह बहुत कम फिल्में देखते थे। उन्होंने बताया कि घर में फिल्मों को लेकर सीमित अनुमति थी और ज्यादातर उन्हें ब्लैक एंड व्हाइट या दूरदर्शन पर आने वाली पुरानी फिल्में ही देखने को मिलती थीं। अगर वह मां से फिल्म देखने की अनुमति मांगते थे तो अक्सर जवाब मिलता था कि रोमांटिक फिल्में देखने की इजाजत नहीं है।

    आमिर ने बताया कि वह आमतौर पर शनिवार और रविवार को ही फिल्में देखते थे और ज्यादातर पुराने दौर के कलाकारों की फिल्में पसंद करते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा भी काफी देखा, खासकर उन फिल्मों को जिनमें अशोक कुमार और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज कलाकार नजर आते थे।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज भी वह बहुत कम फिल्में देखते हैं। आमिर के मुताबिक, 18 साल की उम्र में उन्होंने फिल्ममेकिंग की शुरुआत कर दी थी और असिस्टेंट के तौर पर काम करना शुरू किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि कुछ लोग फुटबॉल खेलते हैं और कुछ लोग फुटबॉल देखते हैं—वह फिल्में बनाना पसंद करते हैं, देखने से ज्यादा।

    आमिर ने स्वीकार किया कि वह नई रिलीज फिल्मों से ज्यादा अपडेट नहीं रहते। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी पता नहीं होता कि हॉलीवुड में क्या चल रहा है, क्योंकि वह अपनी ही दुनिया में रहना पसंद करते हैं।