आमिर खान का बड़ा बयान: गोविंदा-डेविड धवन की ब्लॉकबस्टर फिल्म को बताया था ‘वल्गर’, 25 करोड़ के कलेक्शन से बनी थी सुपरहिट


नई दिल्ली । बॉलीवुड में कई बार ऐसी फिल्में सामने आई हैं जिन्हें दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया, लेकिन आलोचकों और कलाकारों की राय उनसे बिल्कुल अलग रही। ऐसी ही एक चर्चा में आई थी 1993 में रिलीज हुई गोविंदा और चंकी पांडे स्टारर सुपरहिट फिल्म ‘आंखें’, जिसे लेकर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने एक बार बेहद स्पष्ट और सख्त राय दी थी।

आमिर खान ने एक पुराने इंटरव्यू में इस फिल्म पर बात करते हुए कहा था कि उन्हें यह फिल्म व्यक्तिगत रूप से पसंद नहीं आई। उन्होंने फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर टिप्पणी करते हुए इसे “वल्गर” और “अश्लीलता के करीब” बताया था। आमिर का कहना था कि फिल्म के कुछ कॉमेडी सीन उनकी समझ और पसंद से मेल नहीं खाते थे, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दर्शकों की पसंद अलग हो सकती है और किसी फिल्म की सफलता का पैमाना केवल व्यक्तिगत राय नहीं होता।

‘आंखें’ एक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म थी, जिसका निर्देशन डेविड धवन ने किया था और कहानी अनीस बज्मी ने लिखी थी। गोविंदा इस फिल्म में डबल रोल में नजर आए थे, जिसने दर्शकों को खूब हंसाया और मनोरंजन का नया अंदाज दिया। फिल्म में चंकी पांडे, राज बब्बर, कादर खान और शक्ति कपूर जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। अपनी रिलीज के साथ ही यह फिल्म उस समय की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई थी।

कम बजट में बनी इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी कॉमिक टाइमिंग और मनोरंजन से भरपूर कहानी थी। लगभग ढाई करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 25 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया था, जो उस दौर में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस सफलता ने गोविंदा को कॉमेडी फिल्मों के सुपरस्टार के रूप में और मजबूत पहचान दिलाई।

आमिर खान के बयान ने फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा जरूर पैदा की, क्योंकि जहां एक तरफ यह फिल्म जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रही, वहीं दूसरी तरफ एक स्थापित अभिनेता द्वारा इसे लेकर इतनी सख्त राय सामने आई। हालांकि आमिर ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य किसी फिल्म को छोटा दिखाना नहीं था, बल्कि वह सिर्फ अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया साझा कर रहे थे।

बाद के वर्षों में भी ‘आंखें’ को हिंदी सिनेमा की उन फिल्मों में गिना जाता है, जिन्होंने कम लागत में बड़ी कमाई कर इंडस्ट्री को चौंका दिया। इस फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बाद में अन्य भाषाओं में भी रीमेक किया गया।

आज भी जब 90 के दशक की कॉमेडी फिल्मों की चर्चा होती है, तो ‘आंखें’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आमिर खान की टिप्पणी और फिल्म की ऐतिहासिक सफलता मिलकर इसे बॉलीवुड इतिहास की उन फिल्मों में शामिल कर देती है, जो अपनी लोकप्रियता और विवाद दोनों के कारण याद की जाती हैं।