Tag: Abhishek Banerjee

  • बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निज सहायक की हत्या…. भड़की BJP, अभिषेक बनर्जी पर लगाया आरोप

    बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निज सहायक की हत्या…. भड़की BJP, अभिषेक बनर्जी पर लगाया आरोप


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधायक शुभेंदु अधिकारी (MLA Shubhendu Adhikari.) के निजी सहायक की हत्या का आरोप भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party leaders) नेताओं ने अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पर लगाया है। अभिषेक, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के भतीजे हैं। भाजपा ने कहा है कि इस घटना का जवाब दिया जाएगा। साथ ही पुलिस से कहा है कि हत्या के जिम्मेदारों को कहीं से भी खोज कर लाया जाए।

    भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद बनर्जी ने कहा, ‘हम लोग ये गुंडागर्दी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। 2021 के चुनाव के बाद हमारे 300 कार्यकर्ताओं को टीएमसी के इन गुंडों ने कत्ल कर दिया, लेकिन हम राष्ट्रीय पार्टी हैं और हमारा अनुशासन है। ये सब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमने हमने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि टीएमसी वाला जो भड़का रहा है, उसमें मत जाइए। लेकिन आप उन्हें कब तक रोक कर रख सकते हैं? मैं कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दे रहा हूं।’

    उन्होंने कहा, ‘यह एक नियोजित हत्या थी। हमने पुलिस और प्रशासन को कहा है कि अगर पाताल में भी घुसा है, तो भी निकालिए। पश्चिम बंगाल में ये गुंडागर्दी नहीं चलने वाला है।’


    अभिषेक बनर्जी पर लगाए आरोप

    भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने कहा, ‘अभिषेक बनर्जी ने यह हत्या कराई है। वह एक मैसेज देना चाहते हैं कि हम सरकार में भले न हों, लेकिन तुम्हारे ऊपर भारी हैं। लेकिन वह मूर्ख है और हम लोगों के ऊपर भारी नहीं है। इसका जवाब मिलेगा।’

    एक स्थानीय समाचार चैनल से बातचीत में, भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक कौस्तव बागची ने कहा, ‘यह एक सुनियोजित हमला था। हमलावरों ने रथ की कार का काफी देर तक पीछा किया और फिर उन पर गोलियों की बौछार कर दी। यह ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की साजिश है। जब तक अपराधियों की पहचान नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे। तब तक हम शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।’

    भाजपा के नव निर्वाचित विधायक तरुणज्योति तिवारी ने कहा, ‘हम शांति का संदेश देते रहे हैं लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने बहुत बड़ी गलती की है।’


    ममता बनर्जी की हार का नतीजा

    भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘यह शायद भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का नतीजा है… CCTV फुटेज की अभी जांच की जा रही है… चंद्र एक भरोसेमंद इंसान थे, वे नेता प्रतिपक्ष के दफ़्तर के सारे कामकाज देखते थे, हमारे विधायकों के लिए भाई जैसे थे, और कई तरह के दूसरे काम भी संभालते थे… जिस इंसान का BJP से कोई लेना-देना ही नहीं था, उसकी हत्या क्यों की गई? जनता में भारी गुस्सा है… हमने तो शांति चाही थी, लेकिन अब परिवार ज़रूर जवाब मांगेगा… अभी कुछ देर पहले ही, हमारे एक बूथ कार्यकर्ता पर चाकू से हमला किया गया और वह अभी अस्पताल में भर्ती है…।’


    एक्शन में पुलिस

    पश्चिम बंगाल के DGP सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा, ‘हमने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हमने अपराध में इस्तेमाल हुई 4 पहिया गाड़ी को जब्त कर लिया है, लेकिन ऐसी खबरें आ रही हैं कि गाड़ी की नंबर प्लेट नकली है और उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। हमें घटनास्थल से जिंदा कारतूस और चले हुए कारतूस मिले हैं। चश्मदीदों और सबूतों की जांच की जा रही है और आगे की जांच जारी है।’

    यह घटना उत्तरी 24 परगना जिले में मध्यमग्राम क्षेत्र के दोहरिया में हुई, जहां शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ पर हमला किया गया। बाइक पर सवार लोगों ने उन्हें करीब से गोली मार दी। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

  • बंगाल में सत्ता बदली तो मचा बवाल! ममता-अभिषेक के घरों से हटी सुरक्षा, TMC ऑफिस पर बुलडोजर, देशभर में सियासी हलचल तेज

    बंगाल में सत्ता बदली तो मचा बवाल! ममता-अभिषेक के घरों से हटी सुरक्षा, TMC ऑफिस पर बुलडोजर, देशभर में सियासी हलचल तेज



    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में उबाल साफ नजर आ रहा है। रिजल्ट के महज दो दिन बाद ही हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के घरों से अतिरिक्त सुरक्षा हटा ली गई। कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट स्थित पार्टी मुख्यालय से भी पुलिस बल कम कर दिया गया, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, अभिषेक बनर्जी को पहले की तरह Z कैटेगरी सुरक्षा मिलती रहेगी, लेकिन अचानक सुरक्षा में कटौती ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

    इधर, चुनाव नतीजों के बाद शुरू हुई हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में मंगलवार रात हालात उस वक्त बिगड़ गए जब उग्र भीड़ ने टीएमसी के पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर चला दिया। इस दौरान आसपास की दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। टीएमसी ने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा और इसे ‘परिवर्तन की असल तस्वीर’ बताया। वहीं विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नॉर्थ 24 परगना के संदेशखाली में हुई घटना से भी लगाया जा सकता है, जहां गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों पर हमला कर दिया गया। उपद्रवियों की फायरिंग में पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल है। मौके से बम से भरा बैग मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    इस बीच, बंगाल की सियासत के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी बड़ा राजनीतिक मोड़ देखने को मिला है। तमिलनाडु में कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलते हुए TVK प्रमुख विजय को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने खुद उनके मुख्यालय पहुंचकर समर्थन पत्र सौंपा, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में नई राजनीतिक धुरी बनने की कोशिश हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस ने इसके साथ ही DMK से अपना पुराना गठबंधन भी तोड़ दिया है।

    हालांकि, तमिलनाडु में अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। TVK और AIADMK के बीच संभावित गठबंधन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। पार्टी नेताओं की मुलाकातों ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह तय होगा कि विजय किसके साथ मिलकर सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

    कुल मिलाकर, एक तरफ बंगाल हिंसा और राजनीतिक टकराव की आग में झुलस रहा है, तो दूसरी तरफ तमिलनाडु में सत्ता समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। देश की राजनीति इस वक्त एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां हर दिन नई घटनाएं और नए गठबंधन तस्वीर को और दिलचस्प बना रहे हैं।

  • मुर्शिदाबाद रैली में अभिषेक बनर्जी के बयान से सियासी माहौल हुआ और गर्म

    मुर्शिदाबाद रैली में अभिषेक बनर्जी के बयान से सियासी माहौल हुआ और गर्म


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी माहौल के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है, जहां विभिन्न दलों के नेता एक दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee ने मुर्शिदाबाद में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान विपक्षी दलों और कुछ राजनीतिक चेहरों पर कड़े आरोप लगाए, जिससे राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।

    अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक ताकतें और व्यक्ति मिलकर राज्य में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे जनता को समझने और रोकने की जरूरत है।

    उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि मुर्शिदाबाद हमेशा से सांस्कृतिक विविधता और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक रहा है, लेकिन उनके अनुसार कुछ राजनीतिक गतिविधियां इस परंपरा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ नेता और संगठन राजनीतिक लाभ के लिए भावनात्मक मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे समाज में तनाव बढ़ सकता है।

    इसी दौरान उन्होंने कुछ राजनीतिक व्यक्तियों और संस्थाओं पर भी सवाल उठाए और उन्हें एक विशेष राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि जनता को इस तरह की गतिविधियों से सावधान रहने की आवश्यकता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

    राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी दलों के बीच पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है। ऐसे में इस तरह के बयानों ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील और आक्रामक बना दिया है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे वैसे पश्चिम बंगाल में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा। सभी प्रमुख दल अपने अपने जनाधार को मजबूत करने के लिए लगातार जनसभाएं और रैलियां कर रहे हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक वातावरण और अधिक गर्म होता जा रहा है

  • ‘उंगली नीचे करो’ TMC सांसदों ने चुनाव आयोग से की तीखी बहस SIR और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप

    ‘उंगली नीचे करो’ TMC सांसदों ने चुनाव आयोग से की तीखी बहस SIR और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप




    नई दिल्ली।
    तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से SIR (सर्विलांस इन्टरव्यू रिकॉर्ड) और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर करीब ढाई घंटे तक बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की, जिस पर बनर्जी ने कहा, “उंगली नीचे करके बात करें।
    आप मनोनीत हैं, हम निर्वाचित हैं। हम किसी के दास नहीं हैं।”

    अभिषेक बनर्जी ने कहा कि देश में अब ईवीएम से वोट चोरी नहीं हो रही, बल्कि सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम के जरिए वोटर लिस्ट में हेरफेर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC के 10 सांसदों और पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने आयोग से सवाल किए, लेकिन आयोग ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।

    साथ ही उन्होंने आयोग पर 28 नवंबर को पूछे गए सवालों का जवाब न देने और चयनित मीडिया को जानकारी देने का भी आरोप लगाया।

    TMC नेता ने दावा किया कि SIR के तहत 1.36 करोड़ मामलों में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी बताई जा रही है, लेकिन आयोग ने अभी तक सूची सार्वजनिक नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि ECI ऐप में गड़बड़ी है, दस्तावेज जमा होने के बावजूद नोटिस जारी नहीं हो रहे और नाम सॉफ्टवेयर के जरिए हटाए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांग और गंभीर बीमार लोगों को घंटों वेरिफिकेशन के लिए बैठाना अमानवीय है।

    अभिषेक बनर्जी ने बंगाल को बदनाम करने की कोशिश पर सवाल उठाया और कहा, रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर झूठा प्रचार किया जा रहा है। अगर अवैध प्रवासी हैं तो उन्हें बाहर करने का हम समर्थन करेंगे, लेकिन झूठा प्रचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य 11 राज्यों में SIR चल रहा है, लेकिन बंगाल में सबसे कम डिलीशन होने के बावजूद सबसे ज्यादा सख्ती की जा रही है।

    अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी दलों को चेताया कि वोट चोरी ईवीएम से नहीं, वोटर लिस्ट और सॉफ्टवेयर के जरिए हो रही है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी इसी तरीके से महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में जीत हासिल कर रही है। अंत में उन्होंने कहा, “पहले मतदाता तय करते थे कि सरकार कौन बनाएगा, अब सरकार तय कर रही है कि वोट डालने कौन जाएगा। लेकिन संविधान हमेशा रहेगा और 2026 में बंगाल की जनता फिर बीजेपी को हराएगी।