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  • दुर्गेश यादव की मौत के बाद परिजनों ने हाईवे पर लगाया जाम, पुलिस ने दो दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा

    दुर्गेश यादव की मौत के बाद परिजनों ने हाईवे पर लगाया जाम, पुलिस ने दो दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा


    शिवपुरी जिले:
    के बदरवास में सड़क हादसे में 23 वर्षीय युवक दुर्गेश यादव की मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए परिजनों ने सिल्वर पार्क के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी कि हादसे में शामिल वाहन और उसके चालक की पहचान की जाए तथा चालक का नाम एफआईआर में शामिल किया जाए। जाम के कारण हाईवे पर करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।

    जानकारी के अनुसार, घुरवार निवासी दुर्गेश यादव गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बाइक से मंडी जा रहा था। वह अपने पिता को खाना देने के लिए घर से निकला था। घुरवार और बदरवास के बीच चंपालाल कुशवाह के घर के पास एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दुर्गेश गंभीर रूप से घायल हो गया।

    हादसे की जानकारी मिलने पर दुर्गेश का छोटा भाई विकेश मौके पर पहुंचा। वह घायल दुर्गेश को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से परिवार में शोक छा गया। हादसे में शामिल वाहन और चालक की पहचान नहीं होने के कारण परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

    शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन दुर्गेश का शव लेकर हाईवे पर पहुंचे। उन्होंने सिल्वर पार्क के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि सड़क हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन और उसके चालक की पहचान की जानी चाहिए। साथ ही, चालक का नाम एफआईआर में दर्ज किया जाए, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई हो सके।

    हाईवे पर चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और उन्हें मामले की जांच का आश्वासन दिया। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि दो दिन के भीतर जांच पूरी कर हादसे में शामिल वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चालक की पहचान होने पर उसका नाम एफआईआर में जोड़ा जाएगा।

    पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन जाम खोलने के लिए राजी हो गए। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका। करीब आधे घंटे तक चले इस चक्काजाम के दौरान परिजन वाहन चालक की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

    फिलहाल मामले में अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करना पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती है। परिजनों को दो दिन के भीतर जांच पूरी करने का आश्वासन दिया गया है। अब पुलिस की जांच के आधार पर हादसे में शामिल वाहन और चालक के संबंध में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • शिवपुरी में बालाजी बस ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर, युवक घायल, गुस्साए लोगों ने फोड़ा शीशा

    शिवपुरी में बालाजी बस ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर, युवक घायल, गुस्साए लोगों ने फोड़ा शीशा

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में बुधवार रात सड़क हादसे में बाइक सवार 28 वर्षीय युवक घायल हो गया। पोहरी थाना क्षेत्र में शिवपुरी की ओर से आ रही बालाजी बस ने उसकी पल्सर बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि युवक उछलकर सड़क पर दूर जा गिरा, जबकि उसकी बाइक बस के नीचे फंस गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान गुस्साए लोगों ने बस का शीशा फोड़ दिया।

    घायल युवक की पहचान परिच्छा निवासी शिवराज जाटव के रूप में हुई है। वह सरवन जाटव का पुत्र है। जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात करीब 8:45 बजे शिवराज अपनी पल्सर बाइक से परिच्छा बस स्टैंड से सब्जी लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही बालाजी बस ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के समय बस शिवपुरी की ओर से आ रही थी।

    दुर्घटना में शिवराज बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरा। उसकी बाइक बस के नीचे फंस गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति देखी और बस के आसपास भीड़ एकत्रित हो गई। हादसे से नाराज कुछ लोगों ने बस का शीशा तोड़ दिया। इस घटना के कारण मौके पर कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

    परिजनों के अनुसार, बस चालक वाहन तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। उनका आरोप है कि इसी वजह से बाइक को पीछे से टक्कर लगी। हालांकि, दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद चालक बस को मौके पर छोड़कर भाग गया।

    टक्कर में शिवराज को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। उसके सिर और चेहरे के अलावा दोनों हाथों, बाएं पैर के टखने और कमर में भी चोट लगी है। हादसे के बाद उसके शरीर से खून निकल रहा था। घायल की हालत देखकर परिजनों ने उसे जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

    घटना की जानकारी मिलने पर शिवराज के पिता सरवन जाटव और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल युवक को निजी वाहन से जिला अस्पताल शिवपुरी पहुंचाया। वहां उसे भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। परिजन घटना के बाद से घायल के इलाज पर ध्यान दे रहे हैं।

    मामले में शिवराज के पिता सरवन जाटव ने पोहरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट के आधार पर बालाजी बस के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में हादसे की परिस्थितियों और चालक की भूमिका से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।

    हादसे के बाद बस का शीशा तोड़े जाने की घटना भी सामने आई है। पुलिस की जांच में दुर्घटना से जुड़े घटनाक्रम और उसके बाद हुई गतिविधियों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल घायल शिवराज का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • शिवपुरी की अमोला घाटी में गहरी खाई में गिरा ट्रॉला, ड्राइवर की मौत और हेल्पर गंभीर घायल..

    शिवपुरी की अमोला घाटी में गहरी खाई में गिरा ट्रॉला, ड्राइवर की मौत और हेल्पर गंभीर घायल..

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में अमोला घाटी के पास गुरुवार देर रात एक सड़क हादसे में ट्रॉला चालक की मौत हो गई, जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सुरवाया थाना क्षेत्र में वन देवी मैया मंदिर के नजदीक हुआ। ट्रॉला अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित गहरी खाई में जा गिरा। वाहन कानपुर से गुजरात के सूरत शहर की ओर जा रहा था। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद घायल को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार रात करीब 2:30 बजे हुआ। ट्रॉला अमोला घाटी में वन देवी मैया मंदिर के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि ट्रॉला चला रहे राम अनुज चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ वाहन में मौजूद हेल्पर उमेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। राहत सहायता के बाद घायल हेल्पर को मेडिकल कॉलेज शिवपुरी ले जाया गया। वहां उन्हें भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। हादसे में चालक की मौत और हेल्पर के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।

    मृतक चालक की पहचान राम अनुज चौधरी के रूप में हुई है। उनके पिता का नाम केशव चौधरी बताया गया है। वह उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के ग्राम कैथवालिया, पोस्ट कैथवालिया, छपिया वसई के निवासी थे। दुर्घटना के बाद उनके शव का गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस नियमानुसार आगे की प्रक्रिया में जुटी है।

    वहीं, हादसे में घायल हेल्पर उमेश कुमार उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के निवासी हैं। उनके पिता का नाम राम असीह है। उनका पता इटौरा (मुझैली), अरदौना बताया गया है। दुर्घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

    ट्रॉला कानपुर से सूरत जा रहा था। इस दौरान शिवपुरी जिले की अमोला घाटी में हुए हादसे ने वाहन चालक की जान ले ली। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय ट्रॉला का संतुलन बिगड़ने के बाद वह खाई में गिरा था। वाहन अनियंत्रित होने की वजह और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस की आगे की कार्रवाई से सामने आ सकती है।

    अमोला घाटी का यह हादसा रात के समय हुआ, जब ट्रॉला वन देवी मैया मंदिर के पास से गुजर रहा था। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि हुई है। घायल हेल्पर का इलाज मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में किया जा रहा है, जबकि मृतक चालक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। पुलिस मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।

  • शिवपुरी में नो एंट्री के बावजूद घुसा ईंटों से भरा ट्रक, रामकिशन के दोनों पैर कुचले, व्यवस्था पर उठे सवाल

    शिवपुरी में नो एंट्री के बावजूद घुसा ईंटों से भरा ट्रक, रामकिशन के दोनों पैर कुचले, व्यवस्था पर उठे सवाल

    मध्य प्रदेश। शिवपुरी शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक और यातायात व्यवस्था के पालन को लेकर एक हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं। शहर के फतेहपुर क्षेत्र में पुलिस सहायता केंद्र के सामने ईंटों से भरे एक ट्रक की चपेट में आने से रामकिशन आदिवासी के दोनों पैर कुचल गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाने के बाद उनकी हालत को देखते हुए शासकीय मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार, शिवपुरी निवासी 35 वर्षीय रामकिशन आदिवासी रविवार सुबह करीब 10:30 बजे फतेहपुर में पुलिस सहायता केंद्र के सामने स्थित तिराहे पर खड़े थे। इसी दौरान बड़ौदी की ओर से ईंटों से भरा एक ट्रक वहां पहुंचा। ट्रक का पंजीकरण नंबर यूपी 78 डीएन 1927 बताया गया है। तिराहे पर मुड़ते समय रामकिशन ट्रक के पहियों की चपेट में आ गए।

    इस हादसे में उनके दोनों पैर ट्रक के पहियों के नीचे आ गए, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। एक पैर में गंभीर चोट आने की जानकारी भी सामने आई है। घटनास्थल से उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए बाद में उन्हें शासकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और नो एंट्री के नियमों के पालन को लेकर चिंता जताई जा रही है।

    हादसे की जगह को लेकर भी यातायात प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दुर्घटना फतेहपुर पुलिस सहायता केंद्र के सामने हुई, जबकि थीम रोड पर बड़ौदी स्थित चिंकारा प्लांटेशन के पास वन नाका मौजूद है। इसी स्थान के सामने से फतेहपुर की ओर जाने वाली पक्की सड़क जुड़ती है। इस मार्ग से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए करीब तीन साल पहले नगर पालिका ने हाइट लिमिट पोल लगाया था।

    हालांकि, कुछ समय बाद किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से यह पोल टूट गया। इसके बाद इसे दोबारा लगाने की दिशा में कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में भारी वाहनों को निर्धारित सीमा के भीतर रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लंबे समय से प्रभावी नहीं है। स्थानीय यातायात व्यवस्था में इस कमी को हादसे के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    यातायात पुलिस के अनुसार, नो एंट्री के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई जारी है। यातायात थाना शिवपुरी के प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि जनवरी से अब तक 78 वाहनों के चालान काटे गए हैं और उनसे 3.90 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूला गया है। उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका हाइट लिमिट पोल दोबारा लगा देती है, तो भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने में मदद मिलेगी।

    वहीं, संबंधित व्यवस्था को लेकर दिन के समय नो एंट्री में ट्रक और डंपरों का प्रवेश रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही गई है। बड़ौदी वन नाके पर पहले लगे हाइट लिमिट पोल के बारे में जानकारी जुटाने और निर्धारित स्थान पर इसे फिर से लगवाने की बात भी कही गई है।

    रामकिशन के साथ हुए हादसे ने शहर में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और नो एंट्री के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। अब इस मामले में हाइट लिमिट पोल दोबारा लगाने और प्रतिबंधित समय में भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे।

  • ग्वालियर हादसे में भाई को बचाने 8 किलोमीटर दौड़ा सौरभ, हाइड्रा लेकर लौटा, लेकिन नहीं बचा सका गौरव की जान

    ग्वालियर हादसे में भाई को बचाने 8 किलोमीटर दौड़ा सौरभ, हाइड्रा लेकर लौटा, लेकिन नहीं बचा सका गौरव की जान

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास मेले के दौरान हुए सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। इस दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। हादसे के दौरान अपने भाई गौरव परिहार को बचाने के लिए सौरभ परिहार ने हर संभव कोशिश की। वह मदद जुटाने के लिए करीब आठ किलोमीटर तक दौड़ा और आखिरकार हाइड्रा मशीन लेकर घटनास्थल पर पहुंचा, लेकिन तब तक गौरव की मौत हो चुकी थी।

    यह हादसा उस समय हुआ, जब श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक भीड़ के बीच घुस गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग ट्रक की चपेट में आ गए, जबकि कुछ घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

    सौरभ परिहार के मुताबिक, वह अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान दुर्घटना हुई। उसने देखा कि उसकी बहन का पैर ट्रक के टायर के नीचे दबा हुआ था। वह बहन की स्थिति देख रहा था, लेकिन उसे अपना भाई गौरव दिखाई नहीं दिया। इसके बाद उसे आशंका हुई कि गौरव ट्रक के नीचे फंसा हो सकता है।

    गौरव को बाहर निकालने के लिए भारी वाहन को उठाने वाली मशीन की जरूरत थी। सौरभ ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से क्रेन या हाइड्रा मशीन मंगवाने का अनुरोध किया। उसे बताया गया कि कुछ ही मिनटों में मदद पहुंच सकती है। हालांकि, भाई की हालत को लेकर चिंतित सौरभ ने इंतजार करने के बजाय खुद मशीन की तलाश में निकलने का फैसला किया।

    मदद जुटाने के लिए सौरभ ने रास्ते में कई वाहनों को रोकने की कोशिश की। शुरुआत में कई वाहन चालकों ने गाड़ी नहीं रोकी। बाद में कुछ लोगों ने उसे लिफ्ट दी, जिससे वह विक्ट्री फैक्टरी तक पहुंच सका। वहां उसने हाइड्रा मशीन की व्यवस्था की और इसके लिए ऑनलाइन 800 रुपये का भुगतान किया। इसके बाद वह मशीन लेकर दुर्घटनास्थल पर वापस लौटा।

    घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हाइड्रा की मदद से ट्रक को उठाया गया, ताकि उसके नीचे फंसे गौरव को बाहर निकाला जा सके। लेकिन सौरभ की तमाम कोशिशों के बावजूद उसके भाई की जान नहीं बच सकी। जिस उम्मीद के साथ वह मशीन लेकर लौटा था, वह पूरी नहीं हो पाई। हादसे के बाद सौरभ के संघर्ष का वीडियो भी सामने आया, जिसमें भाई को बचाने के लिए की गई उसकी कोशिशों का घटनाक्रम दिखाई देता है।

    इस दुर्घटना में अन्य परिवारों को भी गंभीर नुकसान हुआ है। मृतकों में एक किशोर और उसके ताऊ भी शामिल बताए गए हैं। दोनों परिवार के साथ मंदिर में दर्शन करने आए थे। हादसे में किशोर के माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है।

    हादसे में शिवपुरी जिले की 20 वर्षीय जाह्नवी भी घायल हुई। वह अपनी बहन और सहेली के साथ मंदिर आई थी। दुर्घटना में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। जाह्नवी ने बताया कि ट्रक अचानक लोगों के बीच आ गया। स्थिति इतनी तेजी से बदली कि श्रद्धालुओं को संभलने का मौका नहीं मिला। उसे ऐसा लगा, जैसे अचानक कोई बड़ा तूफान आ गया हो। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग बचने के लिए भागने लगे। इसी दौरान वह भी गिर गई। उसने बताया कि मृतकों में उसके गांव के दो लोग भी शामिल हैं।

    हादसे में कुल 41 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 15 की मौत हुई और 26 घायल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक रास्ता तलाशने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहा था। मामले में पुलिस ने चालक और ट्रक मालिक को गिरफ्तार किया है। दुर्घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

  • नर्मदापुरम में गड्ढे से बिगड़ा तेज रफ्तार कार का संतुलन, सड़क से उतरकर पेड़ पर चढ़ी गाड़ी

    नर्मदापुरम में गड्ढे से बिगड़ा तेज रफ्तार कार का संतुलन, सड़क से उतरकर पेड़ पर चढ़ी गाड़ी

    मध्य प्रदेश: के नर्मदापुरम जिले में माखननगर क्षेत्र के आरी-सांगाखेड़ा मार्ग पर रविवार शाम एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ पर चढ़ गई। हादसा शाम करीब 7 बजे हुआ। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई और कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सड़क पर मौजूद गड्ढे की वजह से कार का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    घटना के दौरान कार सड़क से नीचे उतर गई और सीधे पेड़ पर जा चढ़ी। हादसे के बाद आसपास के लोगों का ध्यान मौके पर पहुंची गाड़ी की ओर गया। दुर्घटना में किसी के घायल नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने क्षेत्र की सड़क की स्थिति और वहां से गुजरने वाले वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    स्थानीय किसान एवं ग्रामीण केशव साहू के मुताबिक, दुर्घटना रविवार शाम करीब 7 बजे हुई। उस समय एक कार सड़क से उतरकर पेड़ पर चढ़ गई। उन्होंने बताया कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई और सभी लोग सुरक्षित हैं। दुर्घटना की वजह तेज रफ्तार के दौरान सड़क के गड्ढे में कार का संतुलन बिगड़ना मानी जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हादसे के कारण की आधिकारिक पुष्टि का उल्लेख नहीं है।

    ग्रामीणों के अनुसार, आरी और सांगाखेड़ा कला क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सड़क पर इन दिनों भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी हुई है। इसकी एक प्रमुख वजह तवा पुल का क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद रहना बताई गई है। पुल बंद होने से भारी वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला जा रहा है। इस मार्ग पर आरी और सांगाखेड़ा कला होते हुए वाहनों का आवागमन जारी है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार भारी वाहनों के गुजरने से सड़क की हालत खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे छोटे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को भी आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। विशेष रूप से शाम और रात के समय गड्ढों के कारण वाहन चालकों के लिए रास्ते पर संभलकर चलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    ग्रामीणों के मुताबिक, इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होने की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर गड्ढों और भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए उन्होंने मार्ग की मरम्मत कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सड़क की स्थिति में सुधार होने से स्थानीय लोगों और इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों को राहत मिल सकती है।

    ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क का निर्माण या जरूरी मरम्मत कराने की मांग की है। उनका आग्रह है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त किया जाए, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो। रविवार शाम हुई कार दुर्घटना में सभी सवारों का सुरक्षित रहना राहत की बात है, लेकिन सड़क पर बने गड्ढों और बढ़ते यातायात के कारण पैदा हो रही समस्याओं का समाधान स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग बना हुआ है।

  • हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा, स्ट्रक्चर गिरने से छात्रा की मौत, बहन गंभीर रूप से घायल

    हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा, स्ट्रक्चर गिरने से छात्रा की मौत, बहन गंभीर रूप से घायल

    नई दिल्ली । तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नादरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कॉलेज में आयोजित उत्सव के दौरान लाइटिंग या लिफ्टिंग के लिए लगाया गया एक स्ट्रक्चर अचानक गिर गया। इस घटना में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (ईईई) की प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन मीना नारायण दास गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में कई अन्य छात्र भी घायल हुए हैं।

    यह घटना शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को कॉलेज में आयोजित डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुई। उत्सव में छात्र शामिल हुए थे और कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच लाइटिंग या लिफ्टिंग के लिए लगाए गए स्ट्रक्चर के गिरने से वहां मौजूद लोगों में हादसे की स्थिति पैदा हो गई। घटना में कई छात्रों को चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल सोना नारायण दास को बचाने और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    मृत छात्रा की पहचान सोना नारायण दास के रूप में हुई है। वह एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा थी। डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुए इस हादसे ने कॉलेज के उत्सवी माहौल को दुखद घटना में बदल दिया। सोना की बहन मीना नारायण दास भी हादसे की चपेट में आ गई। उसे गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

    घायल मीना नारायण दास को इलाज के लिए नादरगुल के पास स्थित प्रत्युषा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में उसका उपचार जारी है। हादसे में घायल हुए अन्य छात्रों को भी चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद घायलों के इलाज पर ध्यान दिया गया, जबकि मृत छात्रा की पहचान और हादसे से जुड़ी शुरुआती जानकारी सामने आई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह कार्यक्रम के दौरान लगाया गया स्ट्रक्चर गिरना है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्ट्रक्चर किन परिस्थितियों में गिरा। यह भी अभी साफ नहीं है कि उसके गिरने के पीछे तकनीकी खराबी, असंतुलन या कोई अन्य कारण था। घटना के समय कार्यक्रम स्थल पर कितने छात्र मौजूद थे, इसकी भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं। स्ट्रक्चर लगाने की व्यवस्था कैसी थी, उसे किस उद्देश्य से स्थापित किया गया था और कार्यक्रम के दौरान उसकी सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इन बिंदुओं पर अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, स्ट्रक्चर गिरने से कई छात्र घायल हुए और सोना नारायण दास की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    इस घटना में सबसे गंभीर स्थिति सोना की बहन मीना की है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। फिलहाल उसकी सेहत को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान हुई इस दुर्घटना में एक छात्रा की मौत और कई विद्यार्थियों के घायल होने से कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारण और परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए अधिक जानकारी का इंतजार है।

  • छिंदवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, कार की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, तीन बेटियां घायल, एक बच्ची नागपुर रेफर

    छिंदवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, कार की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, तीन बेटियां घायल, एक बच्ची नागपुर रेफर


    मध्य प्रदेश।
    के छिंदवाड़ा क्षेत्र में पांढुर्णा के तिगांव हाईवे पर रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनकी तीन मासूम बेटियां घायल हो गईं। परिवार देवियों के दर्शन करने के बाद बाइक से अपने गांव चाटवा लौट रहा था। इसी दौरान फोरलेन सड़क पार करते समय एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। घायल बच्चियों में से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।

    मृतकों की पहचान चाटवा गांव निवासी वासुदेव उईके, उम्र 40 वर्ष, और उनकी पत्नी सुनीता उईके, उम्र 35 वर्ष, के रूप में हुई है। दोनों अपनी तीन बेटियों के साथ बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। धार्मिक दर्शन के बाद परिवार की यात्रा उस समय हादसे में बदल गई, जब तिगांव हाईवे पर फोरलेन सड़क पार करते हुए उनकी बाइक कार की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि दंपती की जान नहीं बचाई जा सकी। तीनों बच्चियां भी दुर्घटना में घायल हो गईं।

    हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत पड़ी। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घायल बच्चियों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने वासुदेव और सुनीता को मृत घोषित कर दिया। माता-पिता की मौत के बाद तीनों बच्चियों के इलाज की व्यवस्था की गई। परिवार पर एक साथ आई इस विपत्ति से गांव में भी दुख का माहौल है।

    दुर्घटना में घायल तीन वर्षीय वैष्णवी को गंभीर चोट आई है। उसके पैर की हड्डी टूटने की जानकारी सामने आई है। उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए नागपुर रेफर करने का निर्णय लिया। उसे आगे के इलाज के लिए नागपुर भेजा गया है। वहीं, पांच वर्षीय राखी और सात वर्षीय सोनू को पांढुर्णा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों बच्चियों का उपचार जारी है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। परिवार के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता घायल बच्चियों के स्वास्थ्य और इलाज की है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब परिवार बाइक से फोरलेन सड़क पार कर रहा था। सड़क पर कार की टक्कर से बाइक सवार दंपती और उनकी बेटियां गिरकर घायल हो गईं। हालांकि, दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और कार की गति कितनी थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    थाना प्रभारी अमित दानी के अनुसार, दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने संबंधित कार की पहचान कर ली है और फरार चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है। चालक की तलाश और हादसे के कारणों का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा है।

    यह हादसा एक परिवार के लिए बेहद दुखद साबित हुआ है। देवियों के दर्शन कर घर लौट रहे माता-पिता की मौत के बाद उनकी तीनों बेटियां घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचीं। एक बच्ची को गंभीर चोट के कारण नागपुर भेजना पड़ा, जबकि अन्य दो का पांढुर्णा में उपचार जारी है। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में और जानकारी सामने आ सकेगी।

  • कोटा एक्सप्रेसवे हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत, CM मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख देने का ऐलान किया

    कोटा एक्सप्रेसवे हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत, CM मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख देने का ऐलान किया


    नई दिल्ली ।राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भोपाल और बैतूल जिले के निवासी मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने और उन्हें हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने को कहा है।

    यह हादसा 17 अक्टूबर की सुबह कोटा क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुआ। श्रद्धालुओं से भरी एक मिनी बस अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई। इसके बाद बस सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी। दुर्घटना में आठ लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव की कार्रवाई की गई तथा घायलों को उपचार के लिए पहुंचाया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस में सवार लोग मध्य प्रदेश से राजस्थान के खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। बस में भोपाल के 21 लोगों के सवार होने की जानकारी सामने आई थी। इन यात्रियों में बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल बताए गए। दुर्घटना के बाद यात्रियों और उनके परिजनों के बीच चिंता का माहौल बन गया। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान और प्रभावित परिवारों से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो गई।

    कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने हादसे में आठ लोगों की मौत की पुष्टि की थी। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई की। बस के खाई में गिरने के कारण यात्रियों को नुकसान पहुंचा। हादसे के कारणों और परिस्थितियों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने के साथ ही प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में दिवंगत लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को सहायता देने के साथ हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भोपाल और बैतूल जिले के मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना भी की। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की कामना की। इसके साथ ही दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

    इस हादसे ने धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रहे यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त होने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सहायता का उद्देश्य मृतकों के परिजनों को इस कठिन समय में राहत देना है। अधिकारियों को सहायता राशि उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को जरूरी सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा और सड़क हादसों को रोकने के उपायों पर भी ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चालक का बस से नियंत्रण खोना दुर्घटना का तत्काल कारण बताया गया है, लेकिन हादसे से जुड़े अन्य कारणों के बारे में कोई विस्तृत निष्कर्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल, आठ लोगों की मौत के बाद प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

  • राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, भोपाल-बैतूल के 8 यात्रियों की मौत और 17 घायल

    राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, भोपाल-बैतूल के 8 यात्रियों की मौत और 17 घायल

    नई दिल्ली ।राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह हुए सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल के आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 यात्री घायल हो गए। यात्रियों से भरा टैंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फीट नीचे जा गिरा। वाहन में सवार लोग भोपाल से राजस्थान के खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बचाव दल को यात्रियों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    यह दुर्घटना कोटा शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर सिमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल के पास सुबह लगभग छह बजे हुई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। सुबह के समय अंधेरा होने के कारण राहत और बचाव कार्य में कुछ देरी हुई। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में कई यात्री फंस गए थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव दल को काफी प्रयास करना पड़ा।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, टैंपो ट्रैवलर के पुलिया से नीचे गिरने के बाद कई यात्री वाहन के भीतर ही फंस गए थे। कुछ मृतकों के शव सीटों के बीच फंसे हुए थे। उन्हें बाहर निकालने में कठिनाई हुई। वहीं, घायल यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए वाहन की खिड़कियां तोड़नी पड़ीं। हादसे में घायल 17 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना में जान गंवाने वालों में महिलाएं और युवा भी शामिल हैं।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में बैतूल जिले के मुलताई, साईंखेड़ा और पाटन क्षेत्र के निवासी शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल के राजीव नगर और शहर के अन्य हिस्सों के लोगों की भी इस हादसे में मौत हुई है। एक ही यात्रा पर निकले लोगों के साथ हुए हादसे से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    दुर्घटना में जान गंवाने वालों की सूची में 25 वर्षीय वैष्णवी गावंडे, 22 वर्षीय त्रिशा गोडकी और 27 वर्षीय सचिन गिरी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा 55 वर्षीय कृष्णाराव गोडके और 50 वर्षीय अनिता की भी मौत हुई है। मृतकों में अरुणा, 26 वर्षीय ओम सूर्यवंशी और राजुराम उर्फ राजकुमार भी शामिल हैं, जिनकी उम्र करीब 50 वर्ष बताई गई है।

    अरुणा मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र की निवासी थीं। वैष्णवी गावंडे बैतूल जिले के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र के मीरापुर की रहने वाली थीं। त्रिशा गोडकी और कृष्णाराव गोडके का संबंध बैतूल जिले के पाटन क्षेत्र से था। अनिता भोपाल के राजीव नगर स्थित सेक्टर-ए की निवासी थीं, जबकि सचिन गिरी भोपाल के रहने वाले थे। ओम सूर्यवंशी बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र के सरा गांव के निवासी थे। राजुराम उर्फ राजकुमार के पते की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

    हादसे में मृतकों की पहचान और उनके पते से संबंधित जानकारी पुलिस की ओर से साझा की गई है। मृतकों में अलग-अलग उम्र के लोगों के शामिल होने से इस दुर्घटना का असर कई परिवारों पर पड़ा है। भोपाल और बैतूल में रहने वाले परिजनों के लिए यह खबर गहरे दुख का कारण बनी है।

    फिलहाल दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि टैंपो ट्रैवलर किस वजह से अनियंत्रित हुआ और पुलिया से नीचे गिर गया। पुलिस हादसे से संबंधित जानकारी जुटा रही है। दुर्घटना में घायल यात्रियों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने वाहन में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया।