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  • हैदराबाद विजयवाड़ा हाईवे पर भीषण बस हादसा, कंटेनर की लोहे की छड़ों ने मचाई तबाही, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

    हैदराबाद विजयवाड़ा हाईवे पर भीषण बस हादसा, कंटेनर की लोहे की छड़ों ने मचाई तबाही, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

    नई दिल्ली ।तेलंगाना के सूर्यपेट जिले में बुधवार को हैदराबाद विजयवाड़ा नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। यात्रियों से भरी बस की कंटेनर ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ट्रक में लदी लोहे की लंबी छड़ें बस के अगले हिस्से को चीरती हुई अंदर तक घुस गईं। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हुए हैं।

    बताया गया कि बस में कुल 42 यात्री सवार थे। हादसा इतना गंभीर था कि बस के आगे के हिस्से में बैठे यात्रियों को संभलने या बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। लोहे की छड़ें सीधे बस के अगले हिस्से में घुसने के कारण वहां बैठे यात्रियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा।

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। पुलिस के साथ स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। घायल यात्रियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    पुलिस ने हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं 20 अन्य यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए यात्रियों की विस्तृत पहचान तथा अन्य संबंधित जानकारी अधिकारियों की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    घटना की जानकारी सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

    पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू करते हुए दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में बस की तेज रफ्तार और चालक को स्टीयरिंग पर झपकी आने की संभावना की चर्चा है। हालांकि पुलिस की जांच पूरी होने से पहले हादसे की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

    दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। बस और कंटेनर की स्थिति, सड़क पर वाहनों की गति तथा हादसे से पहले दोनों वाहनों की गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। इसके अलावा चालक की स्थिति और अन्य परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

    हैदराबाद विजयवाड़ा नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे मार्गों पर भारी वाहनों और यात्री वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी तथा सावधानी बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस हादसे में कंटेनर में लदी लोहे की छड़ों के बस में घुसने से दुर्घटना की गंभीरता और बढ़ गई।

    फिलहाल पुलिस हादसे की सटीक वजह पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार, चालक की थकान और भारी वाहनों में लदे सामान की सुरक्षित व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है।

  • झांसी सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान अहमद की आज अंतिम विदाई, प्रयागराज में पिता अतीक की कब्र के पास होंगे दफन

    झांसी सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान अहमद की आज अंतिम विदाई, प्रयागराज में पिता अतीक की कब्र के पास होंगे दफन


    नई दिल्ली ।
    झांसी में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान अहमद की शुक्रवार को अंतिम विदाई होगी। परिवार की ओर से दफन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अबान अहमद को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

    अबान को उसी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, जहां उनके पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ और बड़े भाई असद की कब्रें मौजूद हैं। परिवार ने उनकी कब्र के लिए स्थान पहले से तैयार करा लिया है। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और करीबी लोग मौजूद रहेंगे।

    जानकारी के मुताबिक, जुमे की नमाज के बाद अबान के जनाजे को कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शव को सीधे एंबुलेंस के जरिए कब्रिस्तान पहुंचाने की तैयारी है। वहां धार्मिक रस्में पूरी करने के बाद उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों की कब्रों के पास दफन किया जाएगा।

    अबान की अंतिम विदाई में उनके दोनों बड़े भाई शामिल नहीं हो पाएंगे। उमर और अली फिलहाल अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं। जेल में होने के कारण उनके जनाजे में पहुंचने की संभावना नहीं है। ऐसे में परिवार के अन्य सदस्य और करीबी लोग ही अंतिम रस्मों में मौजूद रहेंगे।

    अबान अहमद की मौत गुरुवार को झांसी में हुए सड़क हादसे में हुई थी। बताया गया कि जिस कार में वह सवार थे, वह अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि अबान की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे की खबर सामने आने के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    अबान की मौत के बाद परिवार के सामने अब उनकी अंतिम विदाई की जिम्मेदारी है। प्रयागराज में होने वाले दफन के लिए कब्रिस्तान में जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। परिवार की योजना के अनुसार, जुमे की नमाज के बाद जनाजा निकाला जाएगा और इसके बाद कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उन्हें दफन किया जाएगा।

    अबान को परिवार के अन्य सदस्यों के पास दफन किए जाने के कारण उनकी अंतिम विदाई को लेकर परिजनों और करीबी लोगों की मौजूदगी महत्वपूर्ण रहेगी। हादसे में अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। शुक्रवार को धार्मिक रस्मों के साथ अबान अहमद को अंतिम विदाई दी जाएगी।

  • झांसी सड़क हादसे में अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की मौत, डिवाइडर से टकराई कार, तीन लोगों की गई जान

    झांसी सड़क हादसे में अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद की मौत, डिवाइडर से टकराई कार, तीन लोगों की गई जान

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में गुरुवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा पूंछ थाना क्षेत्र के हाईवे पर उस समय हुआ, जब प्रयागराज से झांसी जा रही एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में कुल छह लोग सवार थे। सभी लोग झांसी जिला कारागार में बंद अली अहमद से मिलने के लिए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि सफर के दौरान हाईवे पर अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया, जिसके बाद कार तेज गति से डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद अबान अहमद समेत तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक झांसी जेल में बंद अली अहमद से मिलने के लिए परिवार और परिचित नियमित रूप से आते-जाते रहे हैं। अली अहमद को पिछले वर्ष प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से स्थानांतरित कर झांसी जिला कारागार भेजा गया था। इसी सिलसिले में परिवार के सदस्य झांसी की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया।

    पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में दुर्घटना के कई संभावित कारणों पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, चालक को झपकी आने, वाहन के तकनीकी खराब होने या टायर फटने जैसी किसी वजह से हुआ। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दुर्घटना के बाद मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस घटना के बाद अतीक अहमद के परिवार में एक बार फिर शोक का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना गंभीर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनता है। ऐसे मामलों में वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक की सतर्कता और यातायात नियमों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।

  • डिवाइडर से टकराई बाइक, स्ट्रीट लाइट बंद होने से दर्दनाक हादसा, रतलाम में दो दोस्तों की मौके पर मौत

    डिवाइडर से टकराई बाइक, स्ट्रीट लाइट बंद होने से दर्दनाक हादसा, रतलाम में दो दोस्तों की मौके पर मौत

     मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो दोस्तों की जान चली गई। हादसा करमदी रोड फोरलेन पर स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास हुआ, जहां अंधेरा होने के कारण उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार लक्ष्मीनगर निवासी 20 वर्षीय केशव परिहार अपने दोस्त 25 वर्षीय शोएब उर्फ शाहिद के साथ करमदी गांव से बाइक पर सवार होकर रतलाम लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे जब वे करमदी फोरलेन पर एचपी पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तब वहां स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद सड़क पर काफी खून फैल गया।

    घटना की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। सोमवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    मृतक केशव परिहार डेकोरेशन का काम करता था। उसके पिता फूलमंडी क्षेत्र में चाय की दुकान संचालित करते हैं। वहीं शोएब उर्फ शाहिद एक आइसक्रीम पार्लर पर कार्यरत था और उसके पिता शहर में फल का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। दोनों युवकों की असमय मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मोहल्ले में मातम का माहौल है।

    जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि दोनों दोस्तों के साथ उनका एक अन्य साथी धर्मेंद्र राठौर भी करमदी से निकला था। रास्ते में वह पेट्रोल पंप पर काम करने वाले अपने एक परिचित से मिलने के लिए रुक गया, जबकि केशव और शोएब आगे निकल गए। कुछ ही देर बाद सड़क हादसे की सूचना मिलने पर उसे घटना का पता चला। यदि वह भी उनके साथ आगे बढ़ा होता तो हादसे का शिकार हो सकता था।

    माणकचौक थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे की मुख्य वजह केवल अंधेरा था या फिर तेज रफ्तार अथवा अन्य कोई कारण भी इसमें शामिल था। साथ ही घटनास्थल पर स्ट्रीट लाइट बंद रहने के कारणों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • J&K: गांदरबल जिले में हादसा….अमरनाथ यात्रियों से भरी बस खाई में पलटी, 10 से अधिक घायल

    J&K: गांदरबल जिले में हादसा….अमरनाथ यात्रियों से भरी बस खाई में पलटी, 10 से अधिक घायल


    गांदरबल।
    अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के श्रद्धालुओं को ले जा रही एक बस गांदरबल जिले (Ganderbal district) के गुंड के हरिगनीवान (Hariganiwan) इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस ‘एस-मोड़’ नामक तीखे मोड़ के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में दर्जनों यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। थाना प्रभारी रईस अहमद ने तुरंत बचाव दल को घटनास्थल पर रवाना किया। गुंड पुलिस ने बिना किसी देरी के बचाव अभियान शुरू कर दिया। घायल यात्रियों को बस से बाहर निकालने का काम चुनौतीपूर्ण था।

    पुलिस कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त बल भी मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। उन्हें आगे के इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है। कई यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


    बचाव अभियान में विभिन्न बलों का सहयोग

    इस बचाव अभियान में कई सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर काम किया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 118 बटालियन ने भी महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। 2 असम राइफल्स और 21 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) के कर्मी भी मौके पर मौजूद थे। यात्रा पुलिस ने भी यात्रियों की पहचान और सहायता में सहयोग किया।

    दुर्घटनास्थल से निकाले गए सभी घायल यात्रियों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया। चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि अन्य को गंभीर चोटें लगी हैं। प्रशासन ने घायलों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार किया जा रहा है।

  • फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी' के प्रमोशनल इवेंट में हादसे की खबर से चिंता: बिस्तर से उठने में असमर्थ पीयूष मिश्रा के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

    फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी' के प्रमोशनल इवेंट में हादसे की खबर से चिंता: बिस्तर से उठने में असमर्थ पीयूष मिश्रा के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा एवं रंगमंच के दिग्गज अभिनेता, गीतकार और लेखक पीयूष मिश्रा के प्रशंसकों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। अभिनेता अपने घर के बाथरूम में अचानक फिसलकर गिर पड़े, जिससे वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं। इस अचानक हुए हादसे में उनके एक हाथ में गंभीर फ्रैक्चर आ गया है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें पूर्ण रूप से बेड रेस्ट की सलाह दी है। हादसे के कारण वे अपनी आगामी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के प्रचार अभियानों और साक्षात्कारों का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं। इस दुखद घटना की जानकारी फिल्म के निर्देशक द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दी गई, जिसके बाद से ही मनोरंजन जगत और प्रशंसकों के बीच उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

    मुंबई में आयोजित फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के एक विशेष प्रमोशनल कार्यक्रम के दौरान जब मुख्य भूमिका निभा रहे पीयूष मिश्रा अनुपस्थित रहे, तो मीडिया द्वारा उनकी स्थिति पर सवाल पूछा गया। इस पर फिल्म के निर्देशक आकाशादित्य लामा ने घटना का विवरण साझा करते हुए बताया कि अभिनेता के मैनेजर ने उन्हें हादसे की सूचना दी। निर्देशक के अनुसार, पीयूष मिश्रा पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं से भी जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद वे अपने पेशेवर प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रयासरत थे। हालांकि, इस दुर्घटना के बाद उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे फिलहाल बिस्तर से उठ सकें, जिसके कारण वे आगामी सभी कार्यक्रमों से दूर रहेंगे।

    आकाशादित्य लामा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ आगामी 24 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फिल्म कॉमेडी, पारिवारिक रिश्तों, रोमांस और सामाजिक ताने-बाने से भरपूर एक मनोरंजक सिनेमा प्रस्तुत करने का दावा करती है। हाल ही में जारी हुए इसके ट्रेलर को दर्शकों द्वारा काफी सराहा गया है। फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट में पीयूष मिश्रा के साथ-साथ अभिनेत्री खुशाली कुमार, वरिष्ठ अभिनेता महेश मांजरेकर, ओंकार कपूर, लैरिसा बोनेसी और स्नेहिल दीक्षित मेहरा जैसे कई नामचीन कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।

    फिल्म की रिलीज से ठीक पहले मुख्य कलाकार के इस तरह चोटिल हो जाने से फिल्म की पूरी टीम चिंतित है। हालांकि, निर्माताओं और सह-कलाकारों ने पीयूष मिश्रा के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि इस समय उनका स्वास्थ्य और पूर्ण इलाज सबसे पहली प्राथमिकता है। सिनेमा जगत के तमाम हस्तियों और उनके प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अभिनेता के जल्द से जल्द स्वस्थ होकर काम पर लौटने की कामना की है। 24 जुलाई को रिलीज हो रही इस फिल्म से पूरी टीम को काफी उम्मीदें हैं, और दर्शक भी पर्दे पर पीयूष मिश्रा के अभिनय को देखने का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।

  • मैरीलैंड के बेलकैंप में उपकरण चालू होने से फैला धुआं, पड़ोसियों ने दो बेजुबानों को सुरक्षित निकाला बाहर

    मैरीलैंड के बेलकैंप में उपकरण चालू होने से फैला धुआं, पड़ोसियों ने दो बेजुबानों को सुरक्षित निकाला बाहर

    नई दिल्ली । पालतू पशुओं की अनजानी और मासूम हरकतें कभी-कभी कितने बड़े और विनाशकारी हादसों का रूप ले सकती हैं, इसका एक अत्यंत हृदयविदारक उदाहरण अमेरिका से सामने आया है। मैरीलैंड राज्य के बेलकैंप इलाके में एक घर के भीतर उस समय भारी तबाही मच गई, जब परिवार की अनुपस्थिति में एक पालतू कुत्ते ने गलती से किचन में रखा टोस्टर ऑन कर दिया। देखते ही देखते इस छोटे से उपकरण से निकली चिंगारी ने विकराल आग का रूप ले लिया और पूरा मकान धुएं के गुबार से घिर गया। इस दर्दनाक हादसे में परिवार के तीन बेहद प्रिय पालतू जानवरों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि पड़ोसियों की तत्परता और अदम्य साहस के कारण दो अन्य कुत्तों को सुरक्षित बचा लिया गया। यह पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घर के भीतर स्थापित सुरक्षा कैमरे में कैद हो गई है।

    स्थानीय जांच और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह भीषण हादसा उस समय घटित हुआ जब मकान के मालिक किसी घरेलू कार्य से बाहर गए हुए थे और घर में केवल उनके पालतू पशु ही मौजूद थे। सुरक्षा कैमरों की फुटेज का विश्लेषण करने पर अधिकारियों ने पाया कि आग लगने का कारण कोई तकनीकी शॉर्ट-सर्किट नहीं था। वीडियो साक्ष्यों में साफ दिखाई दे रहा है कि परिवार का एक पालतू कुत्ता खेलते-खेलते अचानक रसोईघर के काउंटर पर चढ़ जाता है। इसी दौरान उसका पैर या शरीर का कोई हिस्सा वहां रखे इलेक्ट्रॉनिक टोस्टर से छू जाता है, जिससे वह उपकरण चालू हो जाता है। टोस्टर के अत्यधिक गर्म होने के कारण उसके अत्यंत निकट रखा अन्य घरेलू सामान सुलगने लगा और कुछ ही मिनटों में लपटें पूरी रसोई को अपनी चपेट में लेते हुए घर के अन्य हिस्सों में फैल गईं।

    आग की विभीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास रहने वाले नागरिकों ने जब बंद मकान की खिड़कियों और छतों से काला धुआं निकलते देखा, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। पड़ोसियों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों के बीच घर का दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया और दो कुत्तों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। हालांकि, अत्यधिक धुआं भर जाने के कारण एक अन्य कुत्ता और परिवार की दो बिल्लियां घर के भीतर ही फंसे रह गए, जिन्हें बचाया नहीं जा सका।

    घटना की आपातकालीन सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और लगभग तीस दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने करीब बीस मिनट की कड़ी मशक्कत और भारी जद्दोजहद के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। प्रशासनिक अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस अग्निकांड में मकान के ढांचे और भीतर रखी मूल्यवान संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसका कुल मूल्य लगभग दो लाख डॉलर आंका गया है।

    अग्निशमन विशेषज्ञों और राष्ट्रीय सुरक्षा संघों का कहना है कि पालतू जानवरों की वजह से घरेलू उपकरणों के चालू होने और आग लगने की घटनाएं दुर्लभ नहीं हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अकेले अमेरिका में ही प्रतिवर्ष लगभग एक हजार घरों में बेजुबान जानवरों की अनजानी हरकतों के कारण आग लगने के मामले दर्ज किए जाते हैं, जिससे लाखों पालतू जीव प्रभावित होते हैं। पूर्व में भी अन्य राज्यों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां स्मार्ट उपकरणों की समय पर चेतावनी न मिलने के कारण परिवारों को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है।

  • उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार; सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 की मौत, युवती की CPR से बची जान

    उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार; सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 की मौत, युवती की CPR से बची जान


    उमरिया मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे-43 पर तेज रफ्तार अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर या इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल एक युवती की अस्पताल में समय रहते सीपीआर देने से सांसें लौट आईं। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया है।

    यह हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के पास भरौला स्थित सिद्ध बाबा क्षेत्र में तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच हुआ। पुलिस के अनुसार कार में सवार सभी लोग अनूपपुर जिले के लीला गांव के निवासी थे और परिवार की युवती खुशबू मार्को को परीक्षा दिलाने के लिए चित्रकूट जा रहे थे।

    हादसे में लीला गांव के सरपंच कुलपत सिंह, उनकी पत्नी और हेड कॉन्स्टेबल सविता सिंह मार्को, तीन वर्षीय पुत्र रुद्र प्रताप तथा कुलपत सिंह के भाई की बेटी प्रियंका सिंह की मौत हो गई। वहीं खुशबू मार्को गंभीर रूप से घायल हो गई। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने तक उसकी सांसें थम चुकी थीं, लेकिन तत्काल सीपीआर देने के बाद उसकी धड़कनें फिर से चलने लगीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया।

    हादसे के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक व्यक्ति कार के अंदर बुरी तरह फंसा हुआ था, जिसे रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में इलाज के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार के कारण चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    कार चालक ददन सिंह से जब पुलिस और मीडिया ने घटना के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसे हादसे की कोई जानकारी याद नहीं है। उसके कपड़ों पर खून के निशान थे और वह बार-बार यही पूछता रहा कि आखिर क्या हुआ और वह अस्पताल कैसे पहुंचा।

    इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में शोक का माहौल है, जबकि घायल युवती के जल्द स्वस्थ होने की सभी कामना कर रहे हैं।

  • परदे पर शराबी का अमर अभिनय करने वाले केष्टो मुखर्जी की अनसुनी दास्तान, मंदिर जाते वक्त सड़क हादसे में थम गई थीं सांसें

    परदे पर शराबी का अमर अभिनय करने वाले केष्टो मुखर्जी की अनसुनी दास्तान, मंदिर जाते वक्त सड़क हादसे में थम गई थीं सांसें

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के सुनहरे इतिहास में कई ऐसे कलाकारों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है, जिनकी रील और रीयल लाइफ में जमीन-आसमान का अंतर था। एक ऐसे ही बेमिसाल अभिनेता थे केष्टो मुखर्जी, जिन्होंने परदे पर हमेशा एक पक्के शराबी का किरदार निभाकर दर्शकों को लोटपोट किया, लेकिन असल जिंदगी में उन्होंने कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया। अपनी खास कॉमिक टाइमिंग, अनूठी शारीरिक भाषा और लड़खड़ाती जुबान से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले केष्टो मुखर्जी ने अपने करियर में ९० से भी अधिक फिल्मों में काम किया, मगर उनका यह मुकाम कड़े संघर्षों और बेहद अजीबो-गरीब दौर से गुजरकर हासिल हुआ था। कोलकाता के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे केष्टो को बचपन से ही अभिनय का गहरा शौक था, जिसके चलते उन्होंने शुरुआती दिनों में नुक्कड़ नाटकों और रंगमंच का रुख किया था।

    कोलकाता के रंगमंच पर सक्रियता के दौरान मशहूर फिल्मकार ऋत्विक घटक की पारखी नजर उन पर पड़ी। घटक ने केष्टो की असाधारण प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें अपनी बांग्ला फिल्म ‘नागरिक’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका दे दी। किस्मत का खेल देखिए कि यह फिल्म साल १९५२ में बनकर पूरी हो चुकी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे सिनेमाघरों तक पहुंचने में पूरे २५ साल लग गए। जब यह फिल्म १९७७ में रिलीज हुई, तब तक ऋत्विक घटक इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। अपने गुरु और मार्गदर्शक के निधन के गहरे सदमे के कारण केष्टो मुखर्जी ने इस फिल्म को अपने जीवन में कभी नहीं देखा। कोलकाता में कई बंगाली फिल्मों का हिस्सा रहने के बावजूद केष्टो को भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था, जिससे न तो उनके भीतर की अभिनय की भूख मिट रही थी और न ही परिवार का गुजारा हो पा रहा था।

    आर्थिक तंगहाली से जूझते हुए केष्टो मुखर्जी ने एक दिन आंखों में बड़े सपने लिए मायानगरी बॉम्बे का रुख किया। बॉम्बे आकर उन्होंने नए सिरे से काम की तलाश शुरू की और किसी तरह दिग्गज निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी से संपर्क साधे रखा। ऋषिकेश मुखर्जी ने उनकी अभिनय क्षमता का सम्मान करते हुए अपनी फिल्म ‘मुसाफिर’ में उन्हें एक स्ट्रीट डांसर का बेहद छोटा सा रोल दिया। इस छोटे से ब्रेक के बाद भी बॉम्बे जैसे बड़े शहर में खुद को स्थापित करने के लिए उनका संघर्ष थमा नहीं था। इसी जद्दोजहद के बीच एक दिन वह महान फिल्मकार बिमल रॉय से मिलने उनकी फिल्म के सेट पर पहुंच गए। बिमल रॉय उस समय शूटिंग के बेहद व्यस्त शेड्यूल में व्यस्त थे, इसलिए केष्टो वहीं एक कोने में बैठकर घंटों तक उनके फ्री होने का इंतजार करने लगे।

    काफी देर बाद जब बिमल रॉय फुर्सत में आए और केष्टो उनके सामने पहुंचे, तो उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि फिलहाल उनके पास कोई काम नहीं है और वह बाद में आएं। इस साफ इनकार के बाद भी केष्टो वहां से हिले नहीं, जिससे चिढ़कर बिमल रॉय ने उनसे पूछ लिया कि क्या तुम भौंक सकते हो, क्योंकि उन्हें अपनी फिल्म के एक दृश्य के लिए कुत्ते की आवाज की जरूरत थी। आम तौर पर ऐसा तीखा सवाल सुनकर कोई भी स्वाभिमानी कलाकार वहां से चला जाता, लेकिन केष्टो ने धैर्य रखा और तुरंत पूरी शिद्दत के साथ सेट पर ही कुत्ते की आवाज निकालने लगे। उनकी इस अप्रत्याशित हरकत और अभिनय के प्रति गजब का समर्पण देखकर बिमल रॉय पूरी तरह हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत केष्टो को अपनी फिल्म के लिए साइन कर लिया।

    इस ऐतिहासिक घटना के बाद केष्टो मुखर्जी की बॉलीवुड में राह आसान हो गई और उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह हिंदी सिनेमा के सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद हास्य कलाकारों में शुमार हो गए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। महज ५६ वर्ष की उम्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने उनके इस सुनहरे सफर पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया। वह मुंबई के समीप स्थित एक प्रसिद्ध गणपति मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान अगले ही दिन दिल का दौरा पड़ने के कारण इस महान कलाकार का असमय निधन हो गया।

  • 'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' गीत के फिल्मांकन के समय कगार पर थी दो बड़े सितारों की जान, धर्मेंद्र की सूझबूझ से बची अभिनेत्री राखी

    'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' गीत के फिल्मांकन के समय कगार पर थी दो बड़े सितारों की जान, धर्मेंद्र की सूझबूझ से बची अभिनेत्री राखी

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर की यादें जितनी दिलचस्प हैं, उतनी ही रोमांचित करने वाली उनकी शूटिंग से जुड़ी कहानियां भी हैं। सत्तर के दशक में तकनीकों और विशेष प्रभावों की कमी के कारण अक्सर निर्देशकों को वास्तविक लोकेशंस पर जाकर ही जोखिम भरे दृश्य फिल्माने पड़ते थे। ऐसा ही एक अविस्मरणीय और डरा देने वाला वाकया अभिनेता धर्मेंद्र और दिग्गज अभिनेत्री राखी के साथ घटित हुआ था। दोनों कलाकार अपनी एक बेहद मशहूर फिल्म के रोमांटिक गीत की शूटिंग कर रहे थे, जहां अचानक प्रकृति के एक अनपेक्षित खतरे से उनका आमना-सामना हो गया और सेट पर मौजूद सभी लोगों की जान हलक में आ गई थी।

    यह पूरी घटना निर्देशक राजश्री प्रोडक्शंस की साल 1970 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म जीवन मृत्यु के फिल्मांकन के समय की है। इस फिल्म का एक बेहद लोकप्रिय और कालजयी गीत झिलमिल सितारों का आंगन होगा दर्शकों के बीच आज भी उतना ही पसंद किया जाता है। आनंद बक्शी के लिखे और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के मधुर संगीत से सजे इस गीत को महान गायक मोहम्मद रफी और स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। इस बेहद शांत और रोमांटिक मिजाज के गाने को एक खूबसूरत झील के बीच नाव के ऊपर फिल्माया जा रहा था, जहां दोनों मुख्य कलाकार स्क्रिप्ट के अनुसार एक-दूसरे के आकर्षण में पूरी तरह डूबे हुए थे।

    शेड्यूल के मुताबिक जब कैमरे रोल हो रहे थे और धर्मेंद्र व राखी नाव पर सवार होकर रोमांटिक शॉट दे रहे थे, तभी अचानक पानी में कुछ संदिग्ध हलचल शुरू हुई। किनारे पर खड़े क्रू मेंबर्स और कैमरे के पीछे मौजूद टीम ने जब ध्यान से देखा, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि एक विशालकाय मगरमच्छ तैरता हुआ सीधे कलाकारों की छोटी सी नाव की तरफ बढ़ रहा था। जंगली जानवर को इतने करीब देखकर सेट पर हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मचने की स्थिति पैदा हो गई। नाव बीच पानी में होने के कारण दोनों ही स्टार्स बेहद असुरक्षित स्थिति में थे और जरा सी चूक एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

    ऐसी विपरीत और जानलेवा परिस्थिति में अभिनेता धर्मेंद्र ने गजब के साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। मगरमच्छ को नाव के बिल्कुल करीब पाकर उन्होंने घबराने के बजाय सबसे पहले अभिनेत्री राखी को सुरक्षित करने का प्रयास किया। उन्होंने राखी को पकड़कर धीरे से नाव के उस कोने से हटाया जिसके पास मगरमच्छ मंडरा रहा था और उन्हें सुरक्षित छोर पर ले आए। हालांकि इस भयानक घटना से दोनों ही कलाकार अंदर से काफी डर गए थे, लेकिन पेशेवर प्रतिबद्धता दिखाते हुए उन्होंने स्थिति सामान्य होने के बाद अपना काम जारी रखा और उस खूबसूरत गाने की शूटिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया।

    उल्लेखनीय है कि इसी फिल्म जीवन मृत्यु के जरिए अभिनेत्री राखी ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था और धर्मेंद्र के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। बाद में इस जोड़ी ने ब्लैकमेल और क्षत्रिय जैसी कई अन्य यादगार फिल्मों में भी साथ काम किया, जिनके गाने जैसे पल पल दिल के पास आज भी एवरग्रीन माने जाते हैं। धर्मेंद्र ने खुद कई सालों बाद एक टेलीविजन रियलिटी शो के मंच पर इस मगरमच्छ वाली घटना का जिक्र करते हुए पुरानी यादों को ताजा किया था। यह किस्सा साबित करता है कि परदे पर दिखने वाले खूबसूरत नजारों के पीछे कलाकारों को कितनी कठिन और खतरनाक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था।