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  • कोयंबतूर से भोपाल बाइक पर जा रहे 29 वर्षीय युवक की बैतूल में मौत, नेशनल हाईवे-47 पर अज्ञात भारी वाहन ने मारी टक्कर

    कोयंबतूर से भोपाल बाइक पर जा रहे 29 वर्षीय युवक की बैतूल में मौत, नेशनल हाईवे-47 पर अज्ञात भारी वाहन ने मारी टक्कर

    मध्य प्रदेश। के बैतूल जिले में नेशनल हाईवे-47 पर हुए सड़क हादसे में 29 वर्षीय एस. गौतम की मौत हो गई। वह तमिलनाडु के कोयंबतूर के रहने वाले थे और दुबई में नौकरी करते थे। गौतम बाइक से कोयंबतूर से भोपाल जा रहे थे। मंगलवार देर रात रास्ते में एक अज्ञात भारी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

    यह दुर्घटना बैतूल बाजार थाना क्षेत्र में झिटापटी यात्री प्रतीक्षालय के पास हुई। हादसे का समय रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच बताया गया है। टक्कर मारने वाले भारी वाहन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस वाहन और उसके चालक का पता लगाने में जुटी है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गौतम भोपाल में अपने किसी पारिवारिक मित्र से मिलने के लिए निकले थे। वह कोयंबतूर से भोपाल तक लगभग 1,800 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए बाइक से यात्रा कर रहे थे। बताया गया है कि फ्लाइट उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने सड़क मार्ग से जाने का फैसला किया था। हालांकि, दुर्घटना के समय तक वह कितनी देर से लगातार बाइक चला रहे थे, इस संबंध में जानकारी सामने नहीं आई है।

    हादसे की सूचना मिलने के बाद शव को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एंबुलेंस से बैतूल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया गया। फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया परिवार के सदस्यों के आने के बाद पूरी की जाएगी।

    घटना के बाद भोपाल से गौतम के कुछ परिचित बैतूल पहुंचे। उनके परिवार के सदस्यों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों के आने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    गौतम के पारिवारिक जीवन को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनके पिता का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उनकी मां, भाई और भाभी हैं। उनका पालन-पोषण पारिवारिक संघर्षों और कई परेशानियों के बीच हुआ था। वह दुबई में नौकरी करते थे और भोपाल में एक पारिवारिक मित्र से मिलने जा रहे थे।

    बैतूल बाजार थाने के बीट प्रभारी रमन धुर्वे के मुताबिक, दुर्घटना के बाद शव को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। फिलहाल पुलिस अज्ञात भारी वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। हादसे के कारणों और टक्कर मारने वाले वाहन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

  • भोपाल में बिजली के पोल से करंट लगने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत, महिला भी झुलसी

    भोपाल में बिजली के पोल से करंट लगने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत, महिला भी झुलसी

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात बिजली के पोल में करंट उतरने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। दिव्यऋषि इलाके में शॉपिंग करने पहुंचे थे। सड़क पार करने के दौरान यह दुर्घटना हुई, जिसमें एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई।

    प्रत्यक्षदर्शी हेड कॉन्स्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, दिव्यऋषि सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए डिवाइडर पर चढ़े थे। सड़क पार करते समय उन्होंने सहारा लेने के लिए किनारे लगे बिजली के पोल को एक हाथ से पकड़ लिया। इसी दौरान पोल में करंट होने के कारण उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा।

    बताया गया कि दिव्यऋषि दूसरे हाथ से दीवार पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। बिजली का झटका लगते ही वह मौके पर गिर पड़े। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने दोनों को संभालने और मदद पहुंचाने की कोशिश की।

    हादसे के समय मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए। उन्हें सीपीआर दिया गया, ताकि उनकी जान बचाई जा सके। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद एमपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दिव्यऋषि की मौत के संबंध में मर्ग कायम किया है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बिजली के पोल, उससे जुड़े बिजली कनेक्शन और आसपास चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति की जांच की जा रही है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित पोल मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के दौरान लगाया गया था। पोल के पास बिजली का तार खुला होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पोल में करंट किस वजह से पहुंचा और वहां बिजली के तार खुले होने की स्थिति क्यों बनी हुई थी।

    जांच में यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान लगाए गए पोल और उससे जुड़े बिजली के कनेक्शन की स्थिति क्या थी। फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। दुर्घटना में घायल महिला की स्थिति के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

    इस घटना में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की जान चली गई। सड़क पार करने के लिए पोल का सहारा लेने के दौरान हुए इस हादसे ने बिजली के पोल में करंट आने और खुले तारों से जुड़े सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के लिए किन परिस्थितियों की भूमिका रही।

  • सीहोर में जर्जर पुल के पास नाले में पलटा पानी के केन से भरा ऑटो, बाल-बाल बचा चालक, मरम्मत पर उठे सवाल

    सीहोर में जर्जर पुल के पास नाले में पलटा पानी के केन से भरा ऑटो, बाल-बाल बचा चालक, मरम्मत पर उठे सवाल

    मध्य प्रदेश: के सीहोर नगर के जमशेदनगर इलाके में रविवार को छोटे पुल के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पानी के केन और कैंपर से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर नाले के किनारे पलट गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और ऑटो चालक समेत आसपास मौजूद लोग सुरक्षित बच गए। हालांकि, इस घटना ने इलाके में स्थित जर्जर पुल की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

    जानकारी के अनुसार, जमशेदनगर के छोटे पुल के पास से पानी के केन और कैंपर लेकर गुजर रहा ऑटो अचानक अनियंत्रित हो गया। इसके बाद वाहन नाले के किनारे पलट गया। ऑटो में बड़ी संख्या में पानी के पीले केन और कैंपर रखे हुए थे। वाहन के पलटने से ये सभी सामान नाले के आसपास और गंदगी से भरे किनारे पर बिखर गए।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और चालक की मदद करने लगे। ऑटो चालक और आसपास मौजूद लोगों ने नाले के किनारे उतरकर बिखरे हुए पानी के केन और कैंपर को संभाला। पलटे हुए वाहन से सामान निकालने और उसे सुरक्षित जगह पर रखने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    इस हादसे के बाद जमशेदनगर के छोटे पुल की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों की चिंताएं फिर सामने आई हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुल लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। इसकी मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम भी हाल ही में चल रहा था, लेकिन पुल की मौजूदा हालत के कारण यहां से गुजरने वाले लोगों और वाहनों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पुल की मरम्मत के दौरान पहले भी एक गंभीर घटना सामने आ चुकी है। निर्माण कार्य के समय पुल का एक बड़ा कंक्रीट का टुकड़ा नीचे गिर गया था। उस दौरान वहां काम कर रहे मजदूर बाल-बाल बच गए थे। इस घटना के बाद भी पुल की सुरक्षा और मरम्मत कार्य को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है।

    क्षेत्रवासियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुल और संकरे रास्ते के कारण यहां से गुजरना जोखिम भरा बना हुआ है। दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को इस रास्ते से निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की बदहाल स्थिति के चलते कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। रविवार को पानी से भरे ऑटो के पलटने की घटना ने इन आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।

    लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण स्थानीय निवासियों में नाराजगी भी है। लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जल्द कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पुल का निर्माण और मरम्मत कार्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जल्द पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

    फिलहाल इस हादसे में किसी के घायल होने या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जमशेदनगर के छोटे पुल के पास हुई घटना ने जर्जर पुलों की मरम्मत और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत को फिर उजागर किया है।

  • खंडवा में ट्रेन की चपेट में आया युवक, एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार, मजबूरी में बाइक से पहुंचाया अस्पताल

    खंडवा में ट्रेन की चपेट में आया युवक, एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार, मजबूरी में बाइक से पहुंचाया अस्पताल

    मध्य प्रदेश: के खंडवा जिले में रेलवे ट्रैक के पास हुए हादसे के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल उठे हैं। मूंदी थाना क्षेत्र के बीड़ गांव में ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। आखिरकार लोगों को घायल युवक को मोटरसाइकिल से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा।

    घायल युवक की पहचान कुलदीप के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, कुलदीप बीड़ गांव में रेलवे ट्रैक के पास घूम रहा था। इसी दौरान अचानक ट्रेन आ गई और वह उसकी चपेट में आ गया। ट्रेन की टक्कर लगने से युवक घायल हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उसकी मदद की और तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास शुरू किया।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए लोगों ने एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, ताकि घायल को बिना देरी के अस्पताल पहुंचाया जा सके। रेलवे ट्रैक के पास दुर्घटना होने के कारण घायल को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों को उम्मीद थी कि सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस जल्द पहुंच जाएगी और युवक को सुरक्षित तरीके से अस्पताल ले जाया जा सकेगा।

    हालांकि, बताया जा रहा है कि एंबुलेंस पहुंचने में करीब एक घंटे का समय बीत गया। इस दौरान घायल युवक को अस्पताल ले जाने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ा। काफी समय गुजरने के बाद भी जब एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, तो लोगों ने खुद ही घायल को अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया।

    इसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल कुलदीप को मोटरसाइकिल पर बैठाया और खंडवा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। आपात स्थिति में निजी वाहन के रूप में बाइक का सहारा लेकर घायल को अस्पताल पहुंचाने की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सहायता की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में घायल को चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में एंबुलेंस के लिए लंबा इंतजार परेशानी का कारण बना।

    जिला अस्पताल पहुंचने के बाद कुलदीप को उपचार दिया गया। अस्पताल में इलाज मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया है। फिलहाल युवक खतरे से बाहर है और उसकी स्थिति ठीक बताई जा रही है। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हादसे में उसे किस तरह की चोटें आईं और उपचार की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस घटना के बाद खंडवा जिले में एंबुलेंस सेवा और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में दुर्घटना या अन्य गंभीर चिकित्सा स्थिति के दौरान एंबुलेंस की तत्काल उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    बीड़ गांव में हुई इस घटना ने यह सवाल फिर सामने ला दिया है कि दुर्घटना के समय जरूरतमंद मरीजों तक एंबुलेंस कितनी जल्दी पहुंच पा रही है। फिलहाल कुलदीप की हालत खतरे से बाहर बताई गई है, लेकिन एंबुलेंस के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार और फिर बाइक से अस्पताल पहुंचाने की परिस्थितियों ने जिले की आपातकालीन सेवाओं पर चर्चा तेज कर दी है।

  • छतरपुर में अंतिम संस्कार में जा रहे परिवार की बोलेरो ट्रक से टकराई, पांच लोगों की मौत, बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

    छतरपुर में अंतिम संस्कार में जा रहे परिवार की बोलेरो ट्रक से टकराई, पांच लोगों की मौत, बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

    मध्य प्रदेश: के छतरपुर जिले में शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। चौका गांव के पास बोलेरो और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की जान चली गई, जबकि बोलेरो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के पांच सदस्यों की एक साथ मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, बोलेरो में चालक समेत कुल छह लोग सवार थे। सभी लोग एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान चौका गांव के नजदीक बोलेरो की ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के भीतर फंस गए। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का प्रयास शुरू किया।

    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बिजावर निवासी दौलत रैकवार, उनकी पत्नी बीना रैकवार, श्याम बाई रैकवार, संजय रैकवार और कौशल्या रैकवार के रूप में हुई है। दुर्घटना में बोलेरो चालक छोटू रैकवार की जान बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल चालक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे आगे के इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही मातगुवां पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि परिवार के लोग एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। मृतक दौलत रैकवार की बेटी अलका का विवाह पिछले वर्ष छतरपुर जिले के बगौता गांव में हुआ था। हाल ही में अलका के ससुर का निधन हो गया था। इसी वजह से परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में चौका गांव के पास हुए हादसे ने परिवार की खुशियों और उम्मीदों को गहरे दुख में बदल दिया।

    दुर्घटना में जान गंवाने वाले पांचों लोग एक ही परिवार से जुड़े थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के सदस्य राजू रैकवार ने बताया कि दुर्घटना में उनकी मां श्यामबाई, भाई दौलत, भाभी बीना, बहू कौशल्या और भतीजे संजय की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद उनके भाई और भाभी के बच्चे अनाथ हो गए हैं।

    परिवार के पांच सदस्यों को एक साथ खोने का दर्द बयान करते हुए राजू रैकवार फूट-फूटकर रो पड़े। हादसे में बच्चों के माता-पिता और अन्य परिजनों की मौत से परिवार के सामने अब उनके पालन-पोषण और भविष्य की चुनौती भी खड़ी हो गई है।

    छतरपुर में हुई इस दुर्घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे परिजनों को रास्ते में ही अपनी जान गंवानी पड़ी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटे हैं।

  • तेलंगाना में गणेश विसर्जन के दौरान कई हादसे, सब-इंस्पेक्टर समेत 13 लोगों की मौत, 26 घायल

    तेलंगाना में गणेश विसर्जन के दौरान कई हादसे, सब-इंस्पेक्टर समेत 13 लोगों की मौत, 26 घायल

    नई दिल्ली । तेलंगाना में गणेश उत्सव के समापन के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर कई हादसे सामने आए हैं। इन घटनाओं में अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। हादसों की पूरी परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हो सकी हैं और अलग-अलग घटनाओं की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

    राज्य के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने विसर्जन के दौरान हुई इन घटनाओं की जानकारी दी है। उनके मुताबिक, पूरे राज्य में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान अलग-अलग हादसे हुए। इनमें कई लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। संबंधित घटनाओं के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रत्येक हादसा किस वजह से हुआ।

    गणेश उत्सव के दौरान इस वर्ष तेलंगाना में बड़ी संख्या में प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। शहरों और कस्बों के अलावा घरों, अपार्टमेंट परिसरों और गेटेड सोसाइटी में भी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। उत्सव समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिमाओं को लेकर अलग-अलग विसर्जन स्थलों तक पहुंचे। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।

    पुलिस और प्रशासन की ओर से विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था संभालने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हादसे हुए। इन घटनाओं में पुलिस विभाग से जुड़े एक सब-इंस्पेक्टर की भी मौत हुई है।

    पुलिस महानिदेशक के अनुसार, तेलंगाना में करीब 1.24 लाख गणेश प्रतिमाएं आधिकारिक रूप से स्थापित की गई थीं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में प्रतिमाएं लोगों ने अपने घरों, अपार्टमेंट और गेटेड सोसाइटी में स्थापित की थीं। इन सभी को मिलाकर राज्य में गणेश प्रतिमाओं की कुल संख्या करीब 3.5 लाख से 4 लाख तक होने का अनुमान लगाया गया है।

    इतनी बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोगों की भारी भीड़ जुटी। कई स्थानों पर श्रद्धालु जुलूस के साथ प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेकर पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

    हादसों में घायल हुए 26 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, मृतकों की घटनाओं और हादसों के कारणों को लेकर पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है।

    फिलहाल प्रशासन और पुलिस अलग-अलग घटनाओं से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रहे हैं। विसर्जन कार्यक्रम के दौरान हुई इन घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। राज्य में बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बीच हुए इन हादसों ने 13 लोगों की जान ले ली, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। आने वाले समय में जांच और विस्तृत जानकारी के बाद घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • प्रयागराज से तिरुचानूर के बीच चलेगी नई स्पेशल ट्रेन, जबलपुर समेत कई शहरों को सीधी कनेक्टिविटी

    प्रयागराज से तिरुचानूर के बीच चलेगी नई स्पेशल ट्रेन, जबलपुर समेत कई शहरों को सीधी कनेक्टिविटी

    मध्य प्रदेश : के मंदसौर जिले में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में महिला और छह साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। दुर्घटना दलौदा थाना क्षेत्र के लखमा खेड़ी गांव के पास फोरलेन हाईवे पर हुई, जहां मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। वाहन में सवार मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। ये मजदूर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से जुड़े काम में मजदूरी करने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से उज्जैन लौट रहे थे। इसी दौरान लखमा खेड़ी गांव के पास पीछे से आए ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही दलौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान बसंती बाई के रूप में हुई है, जबकि मृत बच्ची छह वर्षीय प्रियंका थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।

    दुर्घटना में कुल 19 लोग घायल हुए हैं। इनमें छह घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे में घायल लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। एडीएम एकता जायसवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ट्रक की रफ्तार, चालक की लापरवाही और टक्कर के कारणों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

    यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर काम पूरा करने के बाद वापस लौट रहे थे। अचानक पीछे से हुई टक्कर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना देने के साथ राहत कार्य में भी मदद की।

    फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। छह लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उनके इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

  • मंदसौर में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर, महिला और छह साल की बच्ची की मौत

    मंदसौर में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर, महिला और छह साल की बच्ची की मौत

    मध्य प्रदेश : के मंदसौर जिले में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में महिला और छह साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। दुर्घटना दलौदा थाना क्षेत्र के लखमा खेड़ी गांव के पास फोरलेन हाईवे पर हुई, जहां मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। वाहन में सवार मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। ये मजदूर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से जुड़े काम में मजदूरी करने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से उज्जैन लौट रहे थे। इसी दौरान लखमा खेड़ी गांव के पास पीछे से आए ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही दलौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान बसंती बाई के रूप में हुई है, जबकि मृत बच्ची छह वर्षीय प्रियंका थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।

    दुर्घटना में कुल 19 लोग घायल हुए हैं। इनमें छह घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे में घायल लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। एडीएम एकता जायसवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ट्रक की रफ्तार, चालक की लापरवाही और टक्कर के कारणों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

    यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर काम पूरा करने के बाद वापस लौट रहे थे। अचानक पीछे से हुई टक्कर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना देने के साथ राहत कार्य में भी मदद की।

    फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। छह लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उनके इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

  • MP: भोपाल में VIP रोड पर ओवैसी के काफिले का एक्सीडेंट….अचानक ब्रेक लगाने से आपस में टकराए वाहन

    MP: भोपाल में VIP रोड पर ओवैसी के काफिले का एक्सीडेंट….अचानक ब्रेक लगाने से आपस में टकराए वाहन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के काफिले (Convoy) से जुड़ा सड़क हादसा सामने आया है. शहर के VIP रोड पर ओवैसी के काफिले के दौरान हादसा हुआ, जिसमें करीब 4 से 5 बाइक सवारों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

    बताया जा रहा है कि VIP रोड पर ओवैसी का काफिला गुजर रहा था. इसी दौरान काफिले के वाहनों और बाइक सवारों (Motorcyclists) के बीच टक्कर हो गई. हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सड़क पर मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है. हादसे में घायल बाइक सवारों को किस तरह की चोटें आई हैं।

    इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है. वहीं, VIP रोड पर हादसे के बाद कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित होने की सूचना है. पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभालते हुए यातायात को सामान्य कराया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. हादसा काफिले के किस वाहन से हुआ और दुर्घटना की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    यातायात अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वसंत कॉल ने बताया कि असदुद्दीन ओवैसी के काफिले में चल रही कुछ गाड़ियां एक दूसरे से टकराई हैं. काफिला मोड़ पर रोक गया था उसके बाद ये हादसा हुआ है. पुलिस ने तुरंत ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला. कुछ बाइक सवारों को चोट आई थी. उनको प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचा दिया है।

    VIP रोड पर ओवैसी के काफिले के दौरान हुए इस हादसे ने एक बार फिर वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सिर्फ ₹20 सालाना में ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा, जानिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की पात्रता और जरूरी शर्तें

    सिर्फ ₹20 सालाना में ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा, जानिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की पात्रता और जरूरी शर्तें

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना देश में उपलब्ध कम प्रीमियम वाली सरकारी दुर्घटना बीमा योजनाओं में शामिल है। इस योजना की सबसे खास बात इसका बेहद कम सालाना प्रीमियम है। इसके लिए पात्र व्यक्ति को केवल 20 रुपये प्रति वर्ष का भुगतान करना होता है। अगर इस रकम को रोजाना के खर्च के हिसाब से देखा जाए तो यह करीब 5.5 पैसे प्रतिदिन बैठती है। यानी इसका दैनिक खर्च 50 पैसे से भी काफी कम है।

    प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमित व्यक्ति को दुर्घटना से जुड़े मामलों में आर्थिक सुरक्षा मिलती है। योजना के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध है। यदि बीमित व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या वह पूर्ण रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो 2 लाख रुपये की बीमा राशि का प्रावधान है।

    दुर्घटना के कारण आंशिक रूप से दिव्यांग होने की स्थिति में बीमा कवर की राशि 1 लाख रुपये है। इस तरह योजना दुर्घटना से होने वाली मृत्यु के साथ-साथ पूर्ण और आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में भी आर्थिक सहायता का प्रावधान करती है।

    इस योजना का लाभ लेने के लिए आयु संबंधी पात्रता भी तय है। 18 वर्ष से लेकर 70 वर्ष की उम्र तक के व्यक्ति इसमें शामिल हो सकते हैं। इसके लिए संबंधित व्यक्ति का बैंक या डाकघर में बचत खाता होना जरूरी है। योजना का लाभ लेने वाले व्यक्ति के खाते से निर्धारित प्रीमियम की राशि ऑटो-डेबिट माध्यम से तय समय पर काटी जाती है।

    प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की बीमा अवधि एक जून से अगले वर्ष 31 मई तक रहती है। यह वार्षिक आधार पर नवीनीकृत होने वाली योजना है। यानी योजना के तहत बीमा कवर एक साल की अवधि के लिए रहता है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसे आगे जारी रखा जा सकता है।

    इस बीमा योजना को सरकारी स्तर पर किफायती दुर्घटना बीमा सुविधा के तौर पर उपलब्ध कराया गया है। योजना के तहत बीमा सेवाएं सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध होती हैं। इसका उद्देश्य कम प्रीमियम में दुर्घटना से संबंधित बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

    प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को समझने के लिए इसके प्रीमियम और कवर के बीच का अंतर भी महत्वपूर्ण है। केवल 20 रुपये सालाना प्रीमियम के बदले पात्र व्यक्ति को दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है। वहीं आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये का कवर निर्धारित है।

    इस योजना की पात्रता में उम्र और बचत बैंक खाते की शर्त प्रमुख है। 18 से 70 वर्ष के बचत बैंक खाताधारक इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। योजना की अवधि एक जून से 31 मई तक रहती है और प्रीमियम की राशि बैंक खाते से ऑटो-डेबिट के जरिए काटी जाती है।