युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।
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जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है। -

बिहार में भीषण ट्रेन हादसा मालगाड़ी के पटरी से उतरने से 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित
बिहार । शनिवार रात बिहार के झाझा–जसीडीह रेलखंड पर एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ जिससे रेलवे परिचालन पूरी तरह से बाधित हो गया। टेलवा बाजार हाल्ट के पास पुल संख्या 676 पर एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई जिससे न केवल मालगाड़ियों बल्कि एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के मार्ग पर भी असर पड़ा। इस हादसे ने रेलवे सिस्टम को हिलाकर रख दिया और करीब 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।हादसे का विवरण
रात के वक्त हुआ यह हादसा तब हुआ जब मालगाड़ी पुल से गुजर रही थी और अचानक उसके डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना के बाद रेलवे विभाग ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया लेकिन इस दुर्घटना के कारण ट्रैक पूरी तरह से जाम हो गया और यातायात बाधित हो गया। हादसे के कारण अप लाइन की 22214 पटना–शालीमार दुरंतो एक्सप्रेस को घंटों झाझा स्टेशन पर रोक दिया गया। ट्रेन को लंबी देरी के बाद गया–किऊल रेलखंड के रास्ते वापस भेजा गया। इस घटना के कारण कई एक्सप्रेस ट्रेनें भी विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं जिनमें जमुई और मननपुर स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनें शामिल थीं।रेलवे विभाग ने इन ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने का निर्णय लिया लेकिन यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनें कई घंटों तक खड़ी रही और इस दौरान यात्री अपनी यात्रा में भारी विलंब का सामना करते रहे।कई जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का प्रभावित होना
इस हादसे के कारण लगभग 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा जो इस रूट से गुजरने वाली थीं। इनमें से कई ट्रेनों के मार्ग को बदला गया और यात्रियों को भारी असुविधा हुई। खासकर उन यात्रियों के लिए यह बहुत कठिन था जिनकी ट्रेनें स्थगित या मार्ग बदलने के बाद भी घंटों तक नहीं चल पाईं।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि जैसे ही ट्रैक पर काम पूरा होगा ट्रेनें फिर से सामान्य रूप से चलने लगेंगी। हालांकि घटना के कारण ट्रेन परिचालन में देरी होने से रेलवे विभाग को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है।रेलवे द्वारा राहत कार्य की शुरुआत
हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों ने तत्परता से राहत कार्य शुरू कर दिया। रेलवे कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रभावित ट्रैक को सुधारने के लिए काम शुरू किया। वहीं ट्रेनों के मार्ग को बदलने और यात्रियों की सहायता के लिए रेलवे के कंट्रोल रूम द्वारा त्वरित निर्णय लिए गए।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर राहत कार्य तेज़ी से चल रहा है और जल्द ही ट्रैक को बहाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रीगणों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने के लिए रेलवे द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि लोगों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।यात्री परेशान
इस हादसे ने यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया। कई यात्री ट्रेन के रुकने और मार्ग बदलने के कारण घंटों तक अपनी यात्रा में देरी का सामना कर रहे थे। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने अपनी परेशानियों का उल्लेख किया जिसमें देर से ट्रेन चलने जानकारी के अभाव और अधिक समय तक खड़े रहने का जिक्र किया गया।कई यात्रियों ने रेलवे की सेवाओं में सुधार की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और यात्रियों को सुरक्षित और समय पर अपनी यात्रा पूरी करने का मौका मिले। बिहार के झाझा–जसीडीह रेलखंड पर हुए इस भीषण ट्रेन हादसे ने न केवल ट्रेन यातायात को प्रभावित किया बल्कि यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया लेकिन इस घटना के बाद यह भी स्पष्ट है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए रेलवे को और अधिक सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। -

शहडोल में पार्सल गोदाम में भीषण आग लाखों का सामान जलकर खाक 25 लाख का माल बचाया
शहडोल । संभागीय मुख्यालय शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र में स्थित बाणगंगा मेला मैदान के पास स्थित एस.एस. पार्सल गोदाम में बीती रात एक भीषण आग लग गई। इस घटना में गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया लेकिन दमकल कर्मियों और पुलिस की तत्परता के कारण एक बड़ी आपदा टल गई। आगजनी से लगभग 30 लाख रुपये का सामान जल चुका है जबकि 25 लाख रुपये से अधिक का माल सुरक्षित बचा लिया गया।पुलिस के अनुसार घटना रात लगभग 4 बजे की है। उस समय सोहागपुर पुलिस की चीता स्कॉट और मोबाइल पार्टी गश्त पर थी। बाणगंगा मेला मैदान से गुजरते समय चीता स्कॉट में तैनात आरक्षक शशि यादव की नजर गोदाम के अंदर लगी आग पर पड़ी। उन्होंने तुरंत मोबाइल पार्टी और दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और गोदाम के शटर पर लिखे नंबर के माध्यम से गोदाम मालिक को सूचित किया।
गोदाम मालिक शुभम दुबे ने बताया कि उनके गोदाम में दवाइयां हार्डवेयर सामग्री जूते इलेक्ट्रॉनिक सामान और 100 से अधिक कूलर रखे हुए थे। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम के भीतर खड़ी एक कार और एक लोडर वाहन भी आंशिक रूप से जल गए। हालांकि दमकल कर्मियों और पुलिस की सूझबूझ से दोनों वाहनों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग ने चार बड़ी और एक छोटी फायर ब्रिगेड को लगाया था। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान पुलिस और दमकल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से गोदाम में रखा 25 लाख रुपये से अधिक का माल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि गोदाम में रखा लगभग 30 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।
सोहागपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि पुलिस की सतर्क गश्त और दमकल कर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने यह भी कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल नुकसान का आकलन 30 लाख रुपये के आसपास किया गया है लेकिन पुलिस और दमकल कर्मियों की तत्परता से बड़ी मात्रा में सामान बचाया जा सका। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पुलिस और दमकल विभाग की सतर्कता और समन्वय से बड़े हादसों को टाला जा सकता है। शहडोल के नागरिकों ने इस मानवीय प्रयास की सराहना की और अधिकारियों को बधाई दी।
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सागर जिले में सड़क हादसे में मुरैना के 4 बीडीएस जवानों की मौतएक घायल
सागर । मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदरी मालथौन क्षेत्र में 5 दिसंबर2023 की सुबह करीब 4 बजे एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने चार बीडीएस जवानों की जान ले ली। यह हादसा नेशनल हाईवे 44 पर हुआजब मुरैना जिले के बम एंड डॉग स्क्वॉड BDS के जवान बालाघाट से ड्यूटी करके लौट रहे थे। दुर्घटना में मुरैना बीडीएस के चार जवानों की मौत हो गई और एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।जानकारी के अनुसारयह घटना एक ट्रक और बम एंड डॉग स्क्वॉड वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर से हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे में चार जवानों की मौत हो गईजबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। घायल जवान को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गयाऔर बाद में उनकी स्थिति को देखते हुए दिल्ली के गंगा राम अस्पताल के लिए एयर एंबुलेंस से रेफर किया गया।
हादसे में मारे गए जवानों के नाम
प्रधुमन दीक्षित मुरैना अमन कौरव मुरैना परमलाल तोमर मुरैनाड्राइवर विनोद शर्मा भिंडडॉग मास्टर दुर्घटना के बाद एक और जवान राजीव चौहान मुरैनाघायल हुआजिनका इलाज सागर के बंसल अस्पताल में चल रहा है। राहत की बात यह है कि हादसे में वाहन में सवार डॉग पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई चोट नहीं आई।हादसे की जानकारी
मिली जानकारी के अनुसारये सभी जवान बम एंड डॉग स्क्वॉड BDSके सदस्य थे और बालाघाट में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद मुरैना लौट रहे थे। यह वाहन सड़क पर तेज गति से चल रहा थातभी सामने से आ रहे ट्रक के साथ यह टक्कर हो गई। दुर्घटना के कारण वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार जवानों को गंभीर चोटें आईं। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद सागर पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। साथ हीपुलिस अधिकारियों ने अस्पताल में घायल जवान का इलाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए। सागर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी बंसल अस्पताल में इलाज की निगरानी कर रहे हैंताकि घायल जवान को सर्वोत्तम इलाज मिल सके।
सड़क सुरक्षा की आवश्यकता
यह हादसा इस बात की ओर इशारा करता है कि मध्य प्रदेश के कई प्रमुख राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा की स्थिति अभी भी गंभीर है। यहां नियमित दुर्घटनाएं होती रहती हैंऔर यह घटना उसी का एक और उदाहरण है। प्रशासन और संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता हैताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।समाज और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी क्षति
मुरैना के इन चार जवानों की मौत ने न केवल उनके परिवारों को बल्कि पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। बीडीएस टीम के ये जवान अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहते थेऔर उनकी शहादत इस बात का प्रमाण है कि वे अपने काम के प्रति कितने समर्पित थे। इन जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर सुरक्षा का काम किया थाऔर आज उनके बलिदान को याद किया जाएगा। यह घटना एक दुखद है कि हमें सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क रहने की जरूरत हैऔर साथ ही सुरक्षा बलों की जिंदगियों की अहमियत को समझना चाहिए। -

छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर
छिंदवाड़ा । छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाना क्षेत्र में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक बड़ी सड़क दुर्घटना हुईजिसमें एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह बस टीकमगढ़ से नागपुर जा रही थी और दुर्घटना तेदनी के पास हुई। इस हादसे में कुल छह यात्री घायल हुए हैंजिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। के अनुसारयह हादसा रात के लगभग 3 बजे हुआजब बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गईऔर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नरसिंहपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।बाकी घायल यात्रियों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के स्थानीय अस्पतालों में जारी है। हादसे के बाद पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया। चूंकि यह हादसा रात में हुआ थाइसलिए बचाव कार्य में कुछ दिक्कतें आईं। लेकिनस्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिया गया। समय पर किए गए इस राहत कार्य ने यात्रियों के लिए बड़ी राहत प्रदान की।दुर्घटना के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया हैलेकिन यह माना जा रहा है कि बस का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बादपुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने घायल यात्रियों की मदद के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए हैं और उन्हें हर संभव सहायता देने की कोशिश की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। स्लीपर बसों का संचालन लगातार बढ़ रहा हैलेकिन सुरक्षा उपायों की कमी और ओवरस्पीडिंग जैसी समस्याएं इन हादसों को बढ़ावा दे रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों का पालन और बेहतर निगरानी की जरूरत है। इस हादसे ने यह भी साफ किया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में बचाव कार्य में समय की अहमियत है। पुलिस और अन्य राहत टीमों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने कई यात्रियों की जान बचाई। आने वाले समय में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बस के ड्राइवर की कोई गलती थी या तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैंताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। घायलों की स्थिति के बारे में बताया गया कि गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद नरसिंहपुर भेजा गया हैजहां उनका इलाज किया जाएगा। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है और उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को गंभीर बना दिया है। यात्रियों और ड्राइवरों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित बनाएं। कुल मिलाकरयह एक दर्दनाक हादसा थालेकिन समय पर किए गए राहत कार्य ने कई लोगों की जान बचाई। अब देखना होगा कि प्रशासन इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।