Aditya Dhar ने खोला राज! Ranveer Singh और Akshaye Khanna नहीं, ये शख्स है ‘धुरंधर’ की असली आत्मा

 
नई दिल्ली। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। फिल्म को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और स्टार कास्ट की खूब तारीफ हो रही है। Ranveer Singh, Sanjay Dutt, Rakesh Bedi और Akshaye Khanna जैसे कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से फिल्म में जान डाल दी है। लेकिन अब फिल्म के निर्देशक Aditya Dhar ने उस शख्स का खुलासा किया है, जिसे वे इस फिल्म की असली ‘आत्मा’ मानते हैं।

किसे बताया ‘धुरंधर’ की आत्मा?

आदित्य धर ने अपनी फिल्म के सिनेमैटोग्राफर Vikas Noulakha को ‘धुरंधर’ की आत्मा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर विकास की जमकर तारीफ की और कहा कि फिल्म के पीछे जो नजर, सोच और आत्मा है, वह विकास ही हैं।

शूटिंग से पहले ही जुड़ गए थे विकास

आदित्य धर ने बताया कि विकास नौलखा शूटिंग शुरू होने से कुछ ही दिन पहले इस प्रोजेक्ट से जुड़े थे। लेकिन कम समय में ही उन्होंने फिल्म के हर सीन को इतना प्रभावशाली बना दिया कि वह फिल्म की पहचान बन गए। निर्देशक के मुताबिक, विकास ने सिर्फ कैमरा नहीं संभाला, बल्कि हर फ्रेम में भावनाएं भर दीं।

स्क्रिप्ट पढ़कर दिया था खास बयान

जब विकास ने पहली बार फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्होंने कहा था कि वह पिछले 30 सालों से ऐसी फिल्म का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने वादा किया था कि वह इस प्रोजेक्ट में अपनी पूरी जान लगा देंगे-और उन्होंने ऐसा करके दिखाया भी। आदित्य धर के अनुसार, विकास ने इसे सिर्फ एक काम की तरह नहीं, बल्कि एक “भक्ति” की तरह निभाया।

“फिल्म को जिया है, सिर्फ शूट नहीं किया”

आदित्य धर ने कहा कि बहुत लोग फिल्म को शूट करते हैं, लेकिन विकास नौलखा ने इस फिल्म को जिया है। उनके इनपुट हमेशा शांत लेकिन सटीक होते थे, जो हर सीन को बेहतर बनाते गए। उन्होंने फिल्म को वह चीज दी, जिसे बनाया नहीं जा सकता—और वह है ‘आत्मा’।

बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

धुरंधर 2 ने रिलीज के 18 दिनों के अंदर ही 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म ने कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और लगातार शानदार कमाई कर रही है। इस सफलता के पीछे जहां स्टार कास्ट का योगदान है, वहीं पर्दे के पीछे काम करने वाली टीम खासकर सिनेमैटोग्राफी का भी बड़ा हाथ है।

आदित्य धर का यह बयान साफ करता है कि किसी भी फिल्म की सफलता सिर्फ बड़े सितारों से नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले क्रिएटिव लोगों की मेहनत से भी तय होती है। विकास नौलखा जैसे कलाकार ही फिल्मों को असल मायनों में ‘जीवंत’ बनाते हैं।