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  • शरद पूर्णिमा पर गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से की मुलाकात, शिक्षा की ताकत पर दिया संदेश

    शरद पूर्णिमा पर गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से की मुलाकात, शिक्षा की ताकत पर दिया संदेश

    नई दिल्ली । शरद पूर्णिमा के अवसर पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से मुलाकात की। इन पूर्व छात्रों ने शिक्षा के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। इनमें डॉक्टर, वकील, आईआईटी इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वैज्ञानिक, पुलिसकर्मी और मर्चेंट नेवी अधिकारी शामिल हैं। इस मुलाकात के दौरान अदाणी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर युवा अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ सकते हैं।

    गौतम अदाणी ने इस मुलाकात को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इन युवाओं की उपलब्धियां दिखाती हैं कि शिक्षा किस तरह जीवन में बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि जब प्रतिभाशाली बच्चों को अवसर मिलता है और शिक्षक उनके सपनों पर भरोसा करते हैं, तो वे अपने लिए नए रास्ते बना सकते हैं। उनके मुताबिक, इन पूर्व छात्रों की जीवन यात्राएं शिक्षा की ताकत और सही मार्गदर्शन के महत्व को सामने लाती हैं।

    अदाणी ने अपने संदेश में 14 युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कहानियों की शुरुआत अदाणी विद्या मंदिर से हुई थी। अलग-अलग पेशों में काम कर रहे ये युवा इस बात का उदाहरण हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर मिलने पर विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों पर गर्व जताया और उन्हें इसी तरह आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

    अदाणी विद्या मंदिर की स्थापना आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। संस्थान का लक्ष्य बच्चों को सीखने, अपने सपने पूरे करने और अपनी क्षमताओं का विकास करने का अवसर देना है। यहां ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाती है, जिनके परिवारों में कई बच्चे पहली बार स्कूल तक पहुंचते हैं।

    यह सह-शिक्षा संस्थान वंचित वर्गों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक जागरूकता और भारतीय मूल्यों के प्रति समझ भी विकसित करना है। संस्थान बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देता है।

    गौतम अदाणी की पूर्व छात्रों से हुई मुलाकात ने शिक्षा के जरिए हासिल की गई उपलब्धियों को सामने रखा। डॉक्टरों, इंजीनियरों, वकीलों, वैज्ञानिकों और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में पहुंचे इन युवाओं की यात्रा इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोल सकती है। साथ ही, शिक्षकों का विश्वास और उचित मार्गदर्शन बच्चों को अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    अदाणी विद्या मंदिर का उद्देश्य वंचित बच्चों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों से आगे बढ़ने का अवसर देना है। संस्थान की पृष्ठभूमि और पूर्व छात्रों की उपलब्धियां इसी लक्ष्य से जुड़ी हैं। शरद पूर्णिमा पर आयोजित यह मुलाकात इन युवाओं की सफलता और शिक्षा के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करने का अवसर बनी।

  • भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को गति देने के लिए कुशल इंजीनियरों और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर डॉ. प्रीति अदाणी ने दिया जोर

    भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को गति देने के लिए कुशल इंजीनियरों और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर डॉ. प्रीति अदाणी ने दिया जोर

    नई दिल्ली । भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और विनिर्माण संयंत्रों के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। अदाणी विश्वविद्यालय की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि देश के सेमीकंडक्टर मिशन की सफलता के लिए ऐसी प्रतिभाओं की आवश्यकता है, जो जटिल तकनीकों को डिजाइन करने, विकसित करने और उनमें सुधार करने की क्षमता रखती हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रगति का वास्तविक महत्व केवल मशीनों की बढ़ती क्षमता में नहीं, बल्कि मानव बुद्धिमत्ता का विवेकपूर्ण उपयोग करके बेहतर भविष्य तैयार करने में है।

    अहमदाबाद में आयोजित कॉन्क्लेव ऑन हार्डवेयर, इनोवेशन, प्रोसेसिंग एंड सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज (चिप्स) 2026 को संबोधित करते हुए डॉ. अदाणी ने भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं के लिए शिक्षा, शोध और उद्योग के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन का उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उभरते अवसरों, तकनीकी चुनौतियों और आवश्यक कौशल पर चर्चा करना था। इसमें विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लेकर इस क्षेत्र के भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए।

    सम्मेलन में क्वालकॉम, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, सिनोप्सिस और इनफिनियन टेक्नोलॉजीज सहित कई कंपनियों के विशेषज्ञ शामिल हुए। कानूनी क्षेत्र से भी विशेषज्ञों ने चर्चा में भाग लिया। विचार-विमर्श के दौरान वायरलेस तकनीक, सेमीकंडक्टर डिजाइन, मेमोरी एवं स्टोरेज, पावर सिस्टम और कानूनी ढांचे से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इन क्षेत्रों को सेमीकंडक्टर की पूरी मूल्य शृंखला के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    कार्यक्रम में तीन प्रमुख परिचर्चाएं आयोजित की गईं। पहली चर्चा भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन की संभावनाओं और देश की डिजाइन क्षमताओं को मजबूत करने के उपायों पर केंद्रित रही। दूसरी परिचर्चा में सेमीकंडक्टर विनिर्माण की भूमिका और भारत के तकनीकी भविष्य पर उसके संभावित प्रभावों पर विचार किया गया। तीसरे सत्र में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रोजगार के अवसरों, जरूरी कौशल और भविष्य में करियर बनाने के रास्तों पर चर्चा हुई। इन सत्रों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा और उद्योग की वास्तविक जरूरतों के बीच अंतर को कम करने पर जोर दिया गया।

    इस सम्मेलन का आयोजन आईआईटी मंडी, वीएलएसआई सोसाइटी ऑफ इंडिया और सिरिल अमरचंद मंगलदास के सहयोग से किया गया। इसमें गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन, सेमीकंडक्टर कंपनियों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। चर्चाओं में शोध को प्रोत्साहित करने, तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता सामने आई।

    भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र केवल चिप बनाने वाले संयंत्रों तक सीमित नहीं है। चिप डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग में विशेषज्ञता विकसित करना भी देश की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने इस दिशा में प्रयासों को गति दी है। गुजरात के धोलेरा और साणंद में चल रही परियोजनाएं भी राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास से जुड़ी हैं।

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के तेजी से विस्तार ने उन्नत चिप्स, डेटा सेंटर और भरोसेमंद ऊर्जा अवसंरचना की मांग बढ़ा दी है। ऐसे में सेमीकंडक्टर तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में विकास के लिए तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और प्रशिक्षित इंजीनियरों की जरूरत भी बढ़ सकती है।

    अदाणी विश्वविद्यालय ने अहमदाबाद में प्रस्तावित अपने बहुविषयक वैश्विक परिसर में सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग के क्षेत्र में विशेष विशेषज्ञता विकसित करने की योजना घोषित की है। इसके तहत युवा इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, उद्योग में कार्यरत पेशेवरों के लिए कार्यकारी शिक्षा और शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने से जुड़े कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य शिक्षा और शोध को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ना तथा भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए भविष्य की कुशल प्रतिभाएं तैयार करना है।

  • इंदौर एयरपोर्ट से 25 अक्टूबर को बदलेगा फ्लाइट शेड्यूल, मुंबई और अहमदाबाद के यात्रियों को मिलेंगे नए विकल्प

    इंदौर एयरपोर्ट से 25 अक्टूबर को बदलेगा फ्लाइट शेड्यूल, मुंबई और अहमदाबाद के यात्रियों को मिलेंगे नए विकल्प

    मध्य प्रदेश: के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर 25 अक्टूबर 2026 से उड़ानों का नया विंटर शेड्यूल लागू होने जा रहा है। इसके तहत मुंबई और अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त उड़ानों के विकल्प मिलेंगे। अहमदाबाद के लिए तीसरी सीधी फ्लाइट शुरू करने की तैयारी है, जबकि मुंबई के लिए सुबह की नई उड़ान उपलब्ध होगी। इसके अलावा गोवा और पुणे के रास्ते कोच्चि जाने वाले यात्रियों के लिए भी कनेक्टिंग फ्लाइट के विकल्प रहेंगे।

    नए शेड्यूल में अहमदाबाद और मुंबई के रूट पर विशेष बदलाव किए गए हैं। इन दोनों शहरों के बीच इंदौर से बड़ी संख्या में लोग कारोबार, नौकरी, पढ़ाई और अन्य निजी कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। उड़ानों के समय में बदलाव और नए विकल्प मिलने से यात्रियों को अपनी जरूरत के अनुसार यात्रा की योजना बनाने में सुविधा होगी।

    अहमदाबाद के लिए तीसरी सीधी उड़ान

    इंदौर से अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को नए विंटर शेड्यूल में तीसरी सीधी उड़ान का विकल्प मिलेगा। इस रूट पर पहले से संचालित दोनों उड़ानों के समय में भी बदलाव किया जाएगा। दोनों मौजूदा फ्लाइट अब अपने वर्तमान प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले रवाना होंगी। इससे यात्रियों को उपलब्ध उड़ानों के समय के अनुसार अपना कार्यक्रम तय करना होगा।

    नई उड़ान दोपहर 12:05 बजे अहमदाबाद से इंदौर पहुंचेगी। इसके बाद विमान शाम 5 बजे इंदौर से अहमदाबाद के लिए रवाना होगा। वापसी के क्रम में अहमदाबाद से शाम 7:25 बजे उड़ान भरने के बाद विमान रात 8:35 बजे इंदौर पहुंचेगा। इस तरह अहमदाबाद रूट पर उड़ानों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को यात्रा के समय के अधिक विकल्प मिल सकेंगे।

    अहमदाबाद व्यापार और कारोबार के लिहाज से इंदौर के लिए महत्वपूर्ण शहर है। दोनों शहरों के बीच व्यावसायिक गतिविधियों के साथ निजी कामों के लिए भी यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में तीसरी सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को पहले से उपलब्ध सेवाओं के अलावा एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

    मुंबई के लिए सुबह 8 बजे उड़ान

    मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए भी 25 अक्टूबर से नया विकल्प उपलब्ध होगा। एयर इंडिया इस रूट पर तीसरी इंदौर-मुंबई उड़ान शुरू करेगी। यह फ्लाइट सुबह 8 बजे इंदौर से रवाना होगी। इससे मुंबई जाने वाले यात्रियों को सुबह के समय हवाई यात्रा करने का एक और विकल्प मिलेगा।

    इंदौर और मुंबई के बीच कारोबारी बैठकों, नौकरी, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए लगातार यात्रा होती है। कई यात्रियों को सुबह मुंबई पहुंचने की आवश्यकता होती है। नई उड़ान से वे अपनी जरूरत और निर्धारित समय के अनुसार यात्रा की योजना बना सकेंगे।

    गोवा और पुणे के रास्ते कोच्चि की कनेक्टिंग फ्लाइट

    इंदौर से कोच्चि जाने वाले यात्रियों के लिए गोवा और पुणे के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। गोवा के रास्ते जाने वाले यात्रियों की उड़ान शाम 5:25 बजे इंदौर से रवाना होकर शाम 7 बजे गोवा पहुंचेगी। इसके बाद रात 8 बजे गोवा से कोच्चि के लिए विमान रवाना होगा और रात 9:20 बजे कोच्चि पहुंचेगा।

    वापसी में कोच्चि से दोपहर 1:20 बजे उड़ान भरने वाला विमान दोपहर 3:10 बजे गोवा पहुंचेगा। वहां से शाम 4:50 बजे इंदौर पहुंचने का निर्धारित समय है।

    पुणे के रास्ते कोच्चि जाने के लिए इंदौर से रात 10:25 बजे उड़ान मिलेगी। यह विमान रात 11:40 बजे पुणे पहुंचेगा। इसके बाद रात 12:40 बजे पुणे से कोच्चि के लिए रवाना होगा और अगले दिन तड़के 2:25 बजे कोच्चि पहुंचेगा।

    टिकट बुक करने से पहले जांचें समय

    25 अक्टूबर या उसके बाद यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले नई उड़ानों का समय जांच लेना चाहिए। जिन यात्रियों ने पहले ही टिकट बुक कर लिया है, उन्हें भी अपनी फ्लाइट का प्रस्थान समय दोबारा देखना चाहिए। विंटर शेड्यूल लागू होने के साथ उड़ानों के समय और संचालन में बदलाव हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।

  • अहमदाबाद में नवरात्रि की आठवीं रात पुरुष साड़ी पहनकर करते हैं गरबा, 200 साल पुरानी परंपरा के पीछे है साडू माता के बलिदान की कहानी

    अहमदाबाद में नवरात्रि की आठवीं रात पुरुष साड़ी पहनकर करते हैं गरबा, 200 साल पुरानी परंपरा के पीछे है साडू माता के बलिदान की कहानी

    नई दिल्ली । गुजरात में नवरात्रि के दौरान गरबा और देवी की आराधना का विशेष महत्व है। इस उत्सव के बीच अहमदाबाद के शाहपुर इलाके में एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जो अपनी अनूठी पहचान के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। यहां नवरात्रि की आठवीं रात बारोट समुदाय के पुरुष साड़ी पहनकर गरबा करते हैं। माथे पर सिंदूर की बिंदी लगाकर होने वाला यह आयोजन करीब 200 साल पुरानी परंपरा का हिस्सा है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस रस्म का संबंध साडू माता के बलिदान और उनकी रक्षा नहीं कर पाने के बाद समुदाय द्वारा किए गए प्रायश्चित से है।

    शाहपुर की साडू माता नी पोल में हर साल नवरात्रि की आठवीं रात पुरुष एकत्र होते हैं और पारंपरिक तरीके से गरबा करते हैं। इस आयोजन में बारोट समुदाय के लोगों के साथ दूसरे समुदायों के लोग भी भाग लेते हैं। इस वर्ष भी कम से कम 40 पुरुष इस परंपरा में शामिल हुए। इनमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौजूद थे। यह आयोजन अलग-अलग समुदायों की भागीदारी के साथ परंपरा के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाता है।

    60 वर्षीय सतीश बारोट ने बताया कि वह 40 साल से अधिक समय से इस रस्म का हिस्सा बनते आ रहे हैं। वहीं, सुरेंद्रनगर से पिंटू बारोट अपने परिवार के साथ इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे। उनके 10 वर्षीय बेटे, भाई और भतीजे ने पहली बार इस परंपरा में भाग लिया। इस तरह परिवार की नई पीढ़ी भी इस पुरानी रस्म से जुड़ रही है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस परंपरा की शुरुआत लगभग 200 साल पहले हुई एक घटना से जुड़ी है। मान्यता है कि बारोट समुदाय की साडू माता अपनी असाधारण सुंदरता के लिए जानी जाती थीं। उस समय के शासक ने उन्हें दरबार में पेश करने का आदेश दिया था। इस आदेश को पूरा कराने के लिए सैनिकों की एक टुकड़ी भेजी गई थी।

    स्थानीय मान्यता के अनुसार, समुदाय के लोगों ने साडू माता को उनकी इच्छा के विरुद्ध दरबार ले जाने का विरोध किया। इस दौरान सैनिकों और समुदाय के लोगों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। बताया जाता है कि खतरा बढ़ने पर साडू माता ने पहले अपनी बेटी अजूबा की जान ले ली। इसके बाद उन्होंने अपने पति हाथीसिंह बारोट से कहा कि उन्हें शाही दरबार में ले जाने देने के बजाय तलवार के एक वार से उनकी जान ले लें। मान्यता के अनुसार, इसके बाद साडू माता की मृत्यु हो गई।

    इस घटना के बाद समुदाय के लोगों को गहरा पछतावा हुआ कि वे साडू माता की रक्षा नहीं कर सके। स्थानीय विश्वास के मुताबिक, उनकी मृत्यु के बाद समुदाय के परिवारों पर श्राप लगने की आशंका जताई जाने लगी। लोगों का दावा था कि परिवारों में पुरुषों की मौतें होने लगीं और वंश को आगे बढ़ाने में कठिनाइयां आने लगीं।

    इसके बाद समुदाय के लोग साडू माता के स्मारक पर एकत्र हुए। उन्होंने अपनी गलती के लिए प्रायश्चित किया और परिवारों की खुशहाली तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रार्थना की। इसी दौरान पुरुषों ने साडू माता से जुड़े वस्त्र पहनने का संकल्प लिया। समुदाय का विश्वास है कि प्रार्थनाओं के बाद परिवारों की वंश-परंपरा फिर आगे बढ़ने लगी। समय के साथ साड़ी पहनकर गरबा करने की यह रस्म नवरात्रि की आठवीं रात की स्थायी परंपरा बन गई।

    आज इस आयोजन में शामिल होने वाले पुरुष इसे केवल नृत्य या धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति, कृतज्ञता और सामूहिक प्रायश्चित के प्रतीक के रूप में देखते हैं। अहमदाबाद के शाहपुर में निभाई जाने वाली यह परंपरा गुजरात के नवरात्रि उत्सव की विविधता और स्थानीय लोकविश्वासों से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को सामने लाती है।

  • सोमनाथ मंदिर और भाजपा कार्यालयों को बम धमकी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का भी ईमेल में जिक्र, गुजरात में सुरक्षा बढ़ी

    सोमनाथ मंदिर और भाजपा कार्यालयों को बम धमकी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का भी ईमेल में जिक्र, गुजरात में सुरक्षा बढ़ी

    नई दिल्ली ।गुजरात में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर, अहमदाबाद के खानपुर स्थित भाजपा कार्यालय, गांधीनगर के कोबा स्थित भाजपा मुख्यालय और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। धमकी एक ईमेल के जरिए दी गई, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण जगहों पर बम लगाए जाने का दावा किया गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और बम निरोधक दस्ते ने तत्काल सुरक्षा जांच शुरू की।

    धमकी की जानकारी मिलते ही अहमदाबाद के खानपुर स्थित भाजपा के पुराने कार्यालय में सुरक्षा टीमों ने पहुंचकर पूरे परिसर की तलाशी ली। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर तैनात की गईं। जांच के दौरान स्थानीय भाजपा नेता और अन्य संबंधित अधिकारी भी वहां मौजूद रहे।

    गांधीनगर के कोबा स्थित भाजपा मुख्यालय श्री कमलम की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर परिसर में भी विशेष सतर्कता बरतते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।

    शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमकी वाले ईमेल में धार्मिक स्थलों और राजनीतिक नेताओं के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के पुलिसकर्मियों और देश की खुफिया एजेंसी रॉ का भी उल्लेख किया गया है। ईमेल में आपत्तिजनक और देश विरोधी नारे लिखे होने की बात भी सामने आई है।

    अहमदाबाद के खानपुर स्थित भाजपा कार्यालय को मिली धमकी की सूचना सुबह करीब 9 बजे सामने आई। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की बारीकी से जांच की। तलाशी के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य है।

    धमकी भरे ईमेल को लेकर साइबर क्राइम टीम भी सक्रिय हो गई है। जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास में जुटी हैं। इसके लिए ईमेल से जुड़े तकनीकी विवरण और आईपी एड्रेस की जांच की जा रही है, ताकि संदेश के स्रोत का पता लगाया जा सके।

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि धमकी के पीछे वास्तविक सुरक्षा खतरा था या किसी ने दहशत पैदा करने के उद्देश्य से ईमेल भेजा। इसके साथ ही ईमेल में जिन स्थानों और व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है, उनकी सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।

    फिलहाल सोमनाथ मंदिर, अहमदाबाद और गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालयों सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। बम निरोधक दस्ते और पुलिस की तलाशी में अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। मामले की जांच जारी है और ईमेल भेजने वाले की पहचान सामने आने के बाद धमकी के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल मई-जून 2027 में शुरू होने की उम्मीद, दो से चार महीने बाद यात्रियों के लिए सेवा शुरू

    भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल मई-जून 2027 में शुरू होने की उम्मीद, दो से चार महीने बाद यात्रियों के लिए सेवा शुरू


    नई दिल्ली ।
    भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल अगले साल मई और जून के बीच शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परीक्षण शुरू होने के बाद करीब दो से चार महीने तक ट्रेन की टेस्टिंग की जाएगी और इसके बाद इसे आम यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी होगी।

    वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि हाई स्पीड ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम हाल ही में तैयार हुआ है। इसे आगे की परीक्षण प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल मई या जून तक भारत की अपनी बुलेट ट्रेन परीक्षण के लिए पटरियों पर उतर जाएगी।

    रेल मंत्री के अनुसार, करीब दो से चार महीने की टेस्टिंग के बाद बुलेट ट्रेन के उद्घाटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत तैयार की जा रही है। इसके शुरू होने से मुंबई और वडोदरा के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

    वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन से वडोदरा से मुंबई का सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण कार्य की प्रगति का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इस कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और सूरत-वापी सेक्शन के इसी साल दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

    रेल मंत्री ने रेलवे क्षेत्र में किए जा रहे व्यापक सुधारों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे के ऑपरेटिंग सिस्टम, रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म और निर्माण से जुड़े पुराने नियमों को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य रेलवे की कार्यप्रणाली और सेवाओं को समय के साथ बेहतर बनाना है।

    उन्होंने कहा कि ऑपरेटिंग सिस्टम और रिजर्वेशन सिस्टम से लेकर पुराने कंस्ट्रक्शन प्रोटोकॉल तक विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वैष्णव ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में रेलवे के कई लंबे समय से अटके हुए प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं।

    रेल मंत्री ने चेनाब ब्रिज और मिजोरम को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाले रेल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश में 280 रेलवे स्टेशनों को फिर से विकसित किया गया है और 36,000 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं।

    वैष्णव के अनुसार, रेलवे में वंदे भारत तकनीक वाली कार्गो ट्रेनें भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान आई चुनौतियों के बावजूद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की रफ्तार तेज रही है।

    उन्होंने बताया कि 2020 में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला सेक्शन पूरा होने के बाद अगले सेक्शन के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। सरकार की ओर से रेलवे के आधुनिकीकरण और नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे का आधुनिक स्वरूप तैयार होने से आने वाली कई पीढ़ियों को इसका लाभ मिलेगा। बुलेट ट्रेन परियोजना के परीक्षण और आगे यात्रियों के लिए सेवा शुरू होने से भारत के हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ने की उम्मीद है।

  • इंडियाज गॉट लैटेंट 2 में अहमदाबाद विमान हादसे पर मजाक को समय रैना ने रोका, कंटेस्टेंट को दिया दूसरा जवाब

    इंडियाज गॉट लैटेंट 2 में अहमदाबाद विमान हादसे पर मजाक को समय रैना ने रोका, कंटेस्टेंट को दिया दूसरा जवाब


    नई दिल्ली । 
    कॉमेडियन समय रैना का चर्चित शो इंडियाज गॉट लैटेंट 2 इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा में है। शो के नए एपिसोड में वरुण धवन, मेधा शंकर, निशांत तंवर और शेरोन वर्मा पैनल में नजर आए। इस दौरान अहमदाबाद से आए कंटेस्टेंट विजय पोरिया ने फ्लाइट को लेकर एक मजाक शुरू किया, लेकिन उनकी बात जैसे ही पिछले साल हुए अहमदाबाद विमान हादसे की तरफ बढ़ती दिखाई दी, समय रैना ने उन्हें बीच में ही रोक दिया।

    एपिसोड में समय रैना ने विजय से सवाल किया कि उन्हें फ्लाइट से इतना डर क्यों लगता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि क्या फ्लाइट बहुत महंगी होती हैं। इसके जवाब में विजय ने बताया कि वह अहमदाबाद से हैं। इसके बाद उन्होंने करीब एक साल पहले हुई घटना का जिक्र करते हुए अपनी बात आगे बढ़ाने की कोशिश की।

    विजय ने बताया कि वह छत पर बैठे थे, तभी उनके दोस्त का फोन आया और उसने उनसे अपने बाएं तरफ देखने को कहा। कंटेस्टेंट की बात आगे बढ़ती, उससे पहले ही समय रैना ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसा जवाब दिया जाए जिसे कार्यक्रम में आगे रखा जा सके। इसके बाद उन्होंने सवाल दोबारा पूछा।

    इस बार विजय ने अपना जवाब बदलते हुए कहा कि फ्लाइट काफी महंगी होती है। उनका यह जवाब सुनकर समय रैना, वरुण धवन और पैनल में मौजूद अन्य लोग हंस पड़े। इस तरह बातचीत को संवेदनशील घटना की दिशा में जाने से रोक दिया गया और मजाक को दूसरे अंदाज में आगे बढ़ाया गया।

    विजय की शुरुआती बात का संकेत 12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद विमान हादसे की ओर माना गया। इस दुर्घटना में एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। हादसे के कारण यह घटना देश में लंबे समय तक चर्चा में रही। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान समय रैना का उस संदर्भ को आगे नहीं बढ़ने देना खास तौर पर ध्यान खींच रहा है।

    इसी एपिसोड में समय रैना ने अहमदाबाद में अपने लाइव शो को लेकर भी बात की। विजय ने दर्शकों से अहमदाबाद में होने वाले लाइव कॉमेडी कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की और समय रैना से शो के लिए शाउटआउट देने को कहा। इस पर समय ने बताया कि फिलहाल उनका अपना शो अहमदाबाद में नहीं हो पा रहा है।

    समय रैना ने गुजरात में कार्यक्रम करने की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने बताया कि पिछले करीब एक साल से उन्हें अहमदाबाद में शो करने की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से कार्यक्रम की अनुमति देने की अपील भी की। इस बातचीत के दौरान उनके बयान ने शो से जुड़े पुराने विवादों की याद भी ताजा कर दी।

    इंडियाज गॉट लैटेंट इससे पहले भी गंभीर विवाद का हिस्सा रह चुका है। वर्ष 2025 में रणवीर इलाहाबादिया की एक आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शो से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत और प्राथमिकी का मामला सामने आया था। विवाद बढ़ने के बाद कार्यक्रम के वीडियो और शो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था। उस घटनाक्रम के बाद नए सीजन में समय रैना का संवेदनशील विषय पर मजाक को रोकना दर्शकों के बीच चर्चा का कारण बन गया है।

    नए एपिसोड की यह घटना यह भी दिखाती है कि कॉमेडी कार्यक्रमों में संवेदनशील घटनाओं और त्रासदियों से जुड़े विषयों को लेकर सावधानी कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। समय रैना द्वारा कंटेस्टेंट को रोकने का फैसला इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि शो का मूल अंदाज हास्य और व्यंग्य पर आधारित है, लेकिन किसी बड़े हादसे से जुड़े संदर्भ पर दर्शकों की भावनाओं का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी माना जाता है।

  • सीजेपी समर्थकों ने संगठन में लोकतंत्र की मांग उठाई, कोर टीम से नहीं मिलने पर अभिजीत दीपके पर लगाए आरोप

    सीजेपी समर्थकों ने संगठन में लोकतंत्र की मांग उठाई, कोर टीम से नहीं मिलने पर अभिजीत दीपके पर लगाए आरोप

    नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी में संगठनात्मक स्तर पर असंतोष के स्वर सामने आए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए छात्र आंदोलन में शामिल होने का दावा करने वाले दो युवकों ने शुक्रवार को सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने संगठन के कामकाज और आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

    अहमदाबाद से आए मनीष ब्रह्मभट्ट और राहुल पांड्या ने दीपके के आवास के बाहर पहुंचकर सड़क पर बैठकर विरोध जताया। दोनों युवकों ने दावा किया कि उन्होंने सीजेपी से जुड़े आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था, लेकिन इसके बाद उन्हें संगठन की कोर टीम से मिलने का अवसर नहीं दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आंदोलन किसी एक व्यक्ति या सीमित समूह तक केंद्रित नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, यह आंदोलन देशभर के युवाओं से जुड़ा हुआ है और इसकी आगे की रणनीति तय करने में आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।

    मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू होने के समय इसका कोई स्पष्ट चेहरा नहीं था और उन्होंने तथा कई अन्य स्वयंसेवकों ने जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में योगदान दिया था। उनका कहना था कि इसके बाद उन्होंने सीजेपी की टीम से संपर्क कर बैठक में शामिल होने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संगठन की बैठक में बुलाया नहीं गया।

    ब्रह्मभट्ट ने संगठन के निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन की आगे की रणनीति केवल कुछ रिश्तेदारों और मित्रों के बीच बैठकर तय नहीं की जानी चाहिए। उनके अनुसार, आंदोलन से जुड़े लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना और उनके सुझाव सुनना जरूरी है।

    प्रदर्शनकारियों ने सीजेपी में लोकतांत्रिक तरीके से कामकाज की मांग रखी। उनका कहना था कि यदि संगठन युवाओं के नेतृत्व और भागीदारी की बात करता है तो आंदोलन से जुड़े युवाओं को भी अपनी राय रखने और संगठन की दिशा तय करने में योगदान देने का अवसर मिलना चाहिए।

    प्रदर्शन के दौरान युवकों ने अभिजीत दीपके के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि वे संगठन में ऐसी व्यवस्था नहीं चाहते, जिसमें निर्णय सीमित लोगों के स्तर पर लिए जाएं। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध को आगे भी जारी रखने की बात कही और आवास के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया।

    मनीष ब्रह्मभट्ट ने यह भी कहा कि युवाओं के नेतृत्व में चलने वाले किसी भी संगठन के लिए पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों को भी सुझाव देने और रणनीति पर चर्चा के लिए आमंत्रित किए जाने की मांग की।

    सीजेपी समर्थकों के इस विरोध से संगठन के भीतर नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर बहस शुरू होने के संकेत मिले हैं। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग यही है कि आंदोलन से जुड़े लोगों को संगठन की बैठकों और रणनीतिक फैसलों में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए। अभिजीत दीपके की ओर से लगाए गए आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह घटनाक्रम का अगला महत्वपूर्ण पहलू होगा।

  • अदाणी एंटरप्राइजेज ने पहली तिमाही में बनाया नया रिकॉर्ड, एबिटडा 49 प्रतिशत बढ़कर 5,642 करोड़ रुपये पहुंचा

    अदाणी एंटरप्राइजेज ने पहली तिमाही में बनाया नया रिकॉर्ड, एबिटडा 49 प्रतिशत बढ़कर 5,642 करोड़ रुपये पहुंचा

    नई दिल्ली ।अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज करते हुए अब तक का सबसे अधिक तिमाही एबिटडा हासिल किया है। कंपनी के अनुसार, जून तिमाही में एबिटडा 5,642 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक है। मजबूत परिचालन प्रदर्शन और विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में बढ़ती गतिविधियों ने कंपनी के परिणामों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कंपनी की कुल आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पहली तिमाही के दौरान कुल आय सालाना आधार पर 50 प्रतिशत बढ़कर 33,546 करोड़ रुपये हो गई। यह वृद्धि कंपनी के विविध कारोबारी पोर्टफोलियो और अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार विस्तार का संकेत मानी जा रही है। कंपनी का कहना है कि स्थापित व्यवसायों के साथ उभरते क्षेत्रों में निवेश का लाभ अब वित्तीय परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

    तिमाही के दौरान कर से पहले मुनाफा 1,295 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस आंकड़े में एक विशेष सेटलमेंट से जुड़े प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है। इस अवधि में अदाणी एयरपोर्ट्स का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जहां एबिटडा 49 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 1,633 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विमानन क्षेत्र में बढ़ती परिचालन क्षमता और यात्री गतिविधियों ने इस वृद्धि को समर्थन दिया।

    कंपनी का कहना है कि उसके इंफ्रास्ट्रक्चर और इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसी कारण कारोबार का विस्तार केवल राजस्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिचालन दक्षता और लाभप्रदता में भी लगातार सुधार देखने को मिला है। विविध क्षेत्रों में मौजूदगी के कारण कंपनी को स्थिर विकास का आधार भी मिला है।

    पहली तिमाही के दौरान कई प्रमुख परियोजनाओं में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय परिचालन की शुरुआत कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर रही। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर टोल संग्रह शुरू होने से भी परिचालन गतिविधियों में नई गति आई। ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी ने सोलर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता का विस्तार किया, जबकि डेटा सेंटर कारोबार में बड़े हाइपरस्केल ऑर्डर मिलने से भविष्य की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

    कॉपर कारोबार ने भी तिमाही के प्रदर्शन में अहम योगदान दिया। क्षमता विस्तार के बाद इस कारोबार से 749 करोड़ रुपये का एबिटडा प्राप्त हुआ। वहीं अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज ने 1.7 गीगावॉट क्षमता वाली नई मॉड्यूल उत्पादन लाइन शुरू की, जिससे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है।

    कंपनी ने हाल ही में 15,000 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रबंधन का मानना है कि इससे संस्थागत निवेशकों का कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और विकास योजनाओं पर भरोसा मजबूत हुआ है। कंपनी का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ती बुनियादी ढांचा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वह वैश्विक स्तर के प्रतिस्पर्धी कारोबार विकसित करने और दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    कंपनी का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में किए गए अनुशासित निवेश अब बेहतर परिचालन क्षमता और वित्तीय प्रदर्शन में बदलने लगे हैं। आने वाले समय में परिसंपत्तियों का अधिक प्रभावी उपयोग, नई परियोजनाओं का विस्तार और परिचालन दक्षता कंपनी की विकास यात्रा को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • गुजरातः नाले में गिरी कार, अहमदाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 को बचाया गया

    गुजरातः नाले में गिरी कार, अहमदाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 को बचाया गया


    खेड़ा।
    गुजरात के खेड़ा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मातर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। खेड़ा–मातर हाईवे पर मोतीपुरा गांव के निकट अहमदाबाद के एक ही परिवार की कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे नाले (गरनाला) में जा गिरी। कार में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से चार की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार मोतीपुरा गांव के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान भारी बारिश के कारण पानी से भरे नाले में कार अनियंत्रित होकर गिर गई। तेज बहाव के कारण कार पलट गई और पानी में बहने लगी, जिससे उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। खेड़ा के नायब कलेक्टर सूरज बारोट, मातर मामलतदार और खेड़ा फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने कार से दो लोगों को जीवित बाहर निकाला। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से खेड़ा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    रेस्क्यू अभियान के दौरान कार में फंसे अन्य लोगों की तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद चार शव बरामद किए गए। इस हादसे में अहमदाबाद के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    प्रारंभिक जांच में भारी बारिश, सड़क पर जलभराव और कम दृश्यता को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस ने बताया की उनके द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन मृतकों के परिजनों को सूचना देने के साथ दुर्घटना के सटीक कारणों की भी जांच कर रहा है।