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  • सीजेपी समर्थकों ने संगठन में लोकतंत्र की मांग उठाई, कोर टीम से नहीं मिलने पर अभिजीत दीपके पर लगाए आरोप

    सीजेपी समर्थकों ने संगठन में लोकतंत्र की मांग उठाई, कोर टीम से नहीं मिलने पर अभिजीत दीपके पर लगाए आरोप

    नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी में संगठनात्मक स्तर पर असंतोष के स्वर सामने आए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए छात्र आंदोलन में शामिल होने का दावा करने वाले दो युवकों ने शुक्रवार को सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने संगठन के कामकाज और आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

    अहमदाबाद से आए मनीष ब्रह्मभट्ट और राहुल पांड्या ने दीपके के आवास के बाहर पहुंचकर सड़क पर बैठकर विरोध जताया। दोनों युवकों ने दावा किया कि उन्होंने सीजेपी से जुड़े आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था, लेकिन इसके बाद उन्हें संगठन की कोर टीम से मिलने का अवसर नहीं दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आंदोलन किसी एक व्यक्ति या सीमित समूह तक केंद्रित नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, यह आंदोलन देशभर के युवाओं से जुड़ा हुआ है और इसकी आगे की रणनीति तय करने में आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।

    मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू होने के समय इसका कोई स्पष्ट चेहरा नहीं था और उन्होंने तथा कई अन्य स्वयंसेवकों ने जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में योगदान दिया था। उनका कहना था कि इसके बाद उन्होंने सीजेपी की टीम से संपर्क कर बैठक में शामिल होने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संगठन की बैठक में बुलाया नहीं गया।

    ब्रह्मभट्ट ने संगठन के निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन की आगे की रणनीति केवल कुछ रिश्तेदारों और मित्रों के बीच बैठकर तय नहीं की जानी चाहिए। उनके अनुसार, आंदोलन से जुड़े लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना और उनके सुझाव सुनना जरूरी है।

    प्रदर्शनकारियों ने सीजेपी में लोकतांत्रिक तरीके से कामकाज की मांग रखी। उनका कहना था कि यदि संगठन युवाओं के नेतृत्व और भागीदारी की बात करता है तो आंदोलन से जुड़े युवाओं को भी अपनी राय रखने और संगठन की दिशा तय करने में योगदान देने का अवसर मिलना चाहिए।

    प्रदर्शन के दौरान युवकों ने अभिजीत दीपके के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि वे संगठन में ऐसी व्यवस्था नहीं चाहते, जिसमें निर्णय सीमित लोगों के स्तर पर लिए जाएं। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध को आगे भी जारी रखने की बात कही और आवास के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया।

    मनीष ब्रह्मभट्ट ने यह भी कहा कि युवाओं के नेतृत्व में चलने वाले किसी भी संगठन के लिए पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों को भी सुझाव देने और रणनीति पर चर्चा के लिए आमंत्रित किए जाने की मांग की।

    सीजेपी समर्थकों के इस विरोध से संगठन के भीतर नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर बहस शुरू होने के संकेत मिले हैं। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग यही है कि आंदोलन से जुड़े लोगों को संगठन की बैठकों और रणनीतिक फैसलों में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए। अभिजीत दीपके की ओर से लगाए गए आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह घटनाक्रम का अगला महत्वपूर्ण पहलू होगा।

  • अदाणी एंटरप्राइजेज ने पहली तिमाही में बनाया नया रिकॉर्ड, एबिटडा 49 प्रतिशत बढ़कर 5,642 करोड़ रुपये पहुंचा

    अदाणी एंटरप्राइजेज ने पहली तिमाही में बनाया नया रिकॉर्ड, एबिटडा 49 प्रतिशत बढ़कर 5,642 करोड़ रुपये पहुंचा

    नई दिल्ली ।अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज करते हुए अब तक का सबसे अधिक तिमाही एबिटडा हासिल किया है। कंपनी के अनुसार, जून तिमाही में एबिटडा 5,642 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक है। मजबूत परिचालन प्रदर्शन और विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में बढ़ती गतिविधियों ने कंपनी के परिणामों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कंपनी की कुल आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पहली तिमाही के दौरान कुल आय सालाना आधार पर 50 प्रतिशत बढ़कर 33,546 करोड़ रुपये हो गई। यह वृद्धि कंपनी के विविध कारोबारी पोर्टफोलियो और अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार विस्तार का संकेत मानी जा रही है। कंपनी का कहना है कि स्थापित व्यवसायों के साथ उभरते क्षेत्रों में निवेश का लाभ अब वित्तीय परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

    तिमाही के दौरान कर से पहले मुनाफा 1,295 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस आंकड़े में एक विशेष सेटलमेंट से जुड़े प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है। इस अवधि में अदाणी एयरपोर्ट्स का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जहां एबिटडा 49 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 1,633 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विमानन क्षेत्र में बढ़ती परिचालन क्षमता और यात्री गतिविधियों ने इस वृद्धि को समर्थन दिया।

    कंपनी का कहना है कि उसके इंफ्रास्ट्रक्चर और इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसी कारण कारोबार का विस्तार केवल राजस्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिचालन दक्षता और लाभप्रदता में भी लगातार सुधार देखने को मिला है। विविध क्षेत्रों में मौजूदगी के कारण कंपनी को स्थिर विकास का आधार भी मिला है।

    पहली तिमाही के दौरान कई प्रमुख परियोजनाओं में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय परिचालन की शुरुआत कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर रही। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर टोल संग्रह शुरू होने से भी परिचालन गतिविधियों में नई गति आई। ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी ने सोलर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता का विस्तार किया, जबकि डेटा सेंटर कारोबार में बड़े हाइपरस्केल ऑर्डर मिलने से भविष्य की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

    कॉपर कारोबार ने भी तिमाही के प्रदर्शन में अहम योगदान दिया। क्षमता विस्तार के बाद इस कारोबार से 749 करोड़ रुपये का एबिटडा प्राप्त हुआ। वहीं अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज ने 1.7 गीगावॉट क्षमता वाली नई मॉड्यूल उत्पादन लाइन शुरू की, जिससे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है।

    कंपनी ने हाल ही में 15,000 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रबंधन का मानना है कि इससे संस्थागत निवेशकों का कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और विकास योजनाओं पर भरोसा मजबूत हुआ है। कंपनी का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ती बुनियादी ढांचा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वह वैश्विक स्तर के प्रतिस्पर्धी कारोबार विकसित करने और दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    कंपनी का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में किए गए अनुशासित निवेश अब बेहतर परिचालन क्षमता और वित्तीय प्रदर्शन में बदलने लगे हैं। आने वाले समय में परिसंपत्तियों का अधिक प्रभावी उपयोग, नई परियोजनाओं का विस्तार और परिचालन दक्षता कंपनी की विकास यात्रा को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • गुजरातः नाले में गिरी कार, अहमदाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 को बचाया गया

    गुजरातः नाले में गिरी कार, अहमदाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 को बचाया गया


    खेड़ा।
    गुजरात के खेड़ा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मातर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। खेड़ा–मातर हाईवे पर मोतीपुरा गांव के निकट अहमदाबाद के एक ही परिवार की कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे नाले (गरनाला) में जा गिरी। कार में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से चार की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार मोतीपुरा गांव के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान भारी बारिश के कारण पानी से भरे नाले में कार अनियंत्रित होकर गिर गई। तेज बहाव के कारण कार पलट गई और पानी में बहने लगी, जिससे उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। खेड़ा के नायब कलेक्टर सूरज बारोट, मातर मामलतदार और खेड़ा फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने कार से दो लोगों को जीवित बाहर निकाला। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से खेड़ा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    रेस्क्यू अभियान के दौरान कार में फंसे अन्य लोगों की तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद चार शव बरामद किए गए। इस हादसे में अहमदाबाद के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    प्रारंभिक जांच में भारी बारिश, सड़क पर जलभराव और कम दृश्यता को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस ने बताया की उनके द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन मृतकों के परिजनों को सूचना देने के साथ दुर्घटना के सटीक कारणों की भी जांच कर रहा है।

  • बिजली कारोबार में अदाणी पावर की शानदार छलांग, पहली तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ी बिक्री और विस्तार योजनाओं से भविष्य को मिली नई रफ्तार

    बिजली कारोबार में अदाणी पावर की शानदार छलांग, पहली तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ी बिक्री और विस्तार योजनाओं से भविष्य को मिली नई रफ्तार

    नई दिल्ली । अदाणी समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए कारोबार के कई प्रमुख मानकों पर नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,305 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार परिचालन क्षमता में सुधार, वित्तीय लागत पर प्रभावी नियंत्रण और लगातार जारी पूंजीगत निवेश के कारण यह उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी।

    पहली तिमाही के दौरान कंपनी के कुल समेकित राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का राजस्व 26.6 प्रतिशत बढ़कर 17,936 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 14,167 करोड़ रुपये था। प्रबंधन का कहना है कि बिजली की बिक्री में बढ़ोतरी और बेहतर औसत टैरिफ के कारण आय में यह मजबूत वृद्धि देखने को मिली। देश में बिजली की लगातार बढ़ती मांग ने भी कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती प्रदान की।

    अदाणी पावर ने परिचालन लाभ के मोर्चे पर भी नया इतिहास रचा है। कंपनी का समेकित निरंतर ईबीआईटीडीए 21.6 प्रतिशत बढ़कर 6,983 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही ईबीआईटीडीए है। ईंधन लागत में वृद्धि के बावजूद प्रभावी लागत प्रबंधन, उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग और परिचालन दक्षता के कारण कंपनी यह उपलब्धि हासिल करने में सफल रही।

    बिजली उत्पादन और बिक्री के क्षेत्र में भी कंपनी ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। पहली तिमाही में बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट हो गई, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 24.6 बिलियन यूनिट थी। कंपनी का कहना है कि उत्पादन क्षमता में विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों से लगातार बढ़ती मांग ने बिक्री को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत बिजली की बिक्री में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। इस श्रेणी में बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई। वहीं प्रति यूनिट औसत टैरिफ 8.5 प्रतिशत बढ़कर 5.95 रुपये हो गया। मर्चेंट और शॉर्ट-टर्म बाजार में भी कंपनी को बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ, जहां औसत प्राप्ति 13.1 प्रतिशत बढ़कर 7.04 रुपये प्रति यूनिट रही। मजबूत बाजार मांग और अनुकूल व्यावसायिक परिस्थितियों का लाभ कंपनी को मिला।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि अदाणी पावर ने एक बार फिर अपनी लागत-कुशल उत्पादन क्षमता और परिचालन उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी 45 गीगावाट उत्पादन क्षमता के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और विभिन्न नई परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के भीतर काम जारी है। उनका कहना है कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता का लगातार विस्तार कर रही है।

    कारोबार विस्तार की रणनीति के तहत कंपनी ने कई महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों का अधिग्रहण भी किया है। कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के अंतर्गत स्वीकृत योजना के अनुसार कंपनी ने 180 मेगावाट क्षमता वाले चुर्क थर्मल पावर प्लांट के साथ जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड और प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड में हिस्सेदारी हासिल की है। इसके अलावा कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जलविद्युत परियोजनाओं में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है तथा भविष्य में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संभावित अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है। कंपनी का मानना है कि इन विस्तार योजनाओं से आने वाले वर्षों में उसकी उत्पादन क्षमता और बाजार में प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत होगी।

  • अहमदाबाद में फीबा बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 क्वालिफायर की मेजबानी, भारत की नजर दमदार प्रदर्शन पर

    अहमदाबाद में फीबा बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 क्वालिफायर की मेजबानी, भारत की नजर दमदार प्रदर्शन पर


    नई दिल्ली। अहमदाबाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। शहर के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नारनपुरा में फीबा बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 एशियन क्वालिफायर विंडो-3 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 2 जुलाई से 5 जुलाई 2026 तक चलेगी, जिसमें भारतीय पुरुष बास्केटबॉल टीम घरेलू दर्शकों के सामने दो मजबूत एशियाई टीमों कतर और लेबनान के खिलाफ चुनौती पेश कर रही है।

    भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत 2 जुलाई को कतर के खिलाफ मुकाबले से की, जबकि 5 जुलाई को उसका सामना एशिया की मजबूत टीम लेबनान से होगा। यह दोनों मुकाबले भारत के लिए विश्व कप क्वालिफिकेशन अभियान में बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

    गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि अहमदाबाद लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि महज एक सप्ताह पहले इसी परिसर में एवीसी पुरुष वॉलीबॉल कप का सफल आयोजन हुआ था और अब फीबा बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 एशियन क्वालिफायर की मेजबानी शहर की खेल क्षमता और आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रमाण है।

    उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगितियों को आकर्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे न केवल खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे बल्कि राज्य को वैश्विक खेल मानचित्र पर भी नई पहचान मिलेगी।

    भारतीय टीम इस समय हेड कोच स्कॉट फ्लेमिंग के मार्गदर्शन में नए सिरे से टीम निर्माण की प्रक्रिया में है। टीम का फोकस युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिलाने और भविष्य के लिए मजबूत संयोजन तैयार करने पर है। हालिया फीबा रैंकिंग में भारत दुनिया में 76वें और एशिया में 14वें स्थान पर है। शुरुआती मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद टीम घरेलू मैदान पर वापसी की उम्मीद के साथ उतर रही है।

    भारतीय टीम में कंवर संधू, प्रणव प्रिंस, प्रिंसपाल सिंह और हर्ष डागर जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने हाल के टूर्नामेंटों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। घरेलू दर्शकों का समर्थन टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    अहमदाबाद में लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगितियों का आयोजन यह संकेत देता है कि शहर भविष्य में भी बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से तैयार हो रहा है। वहीं भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट न केवल विश्व कप क्वालिफिकेशन की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि एशियाई स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता साबित करने का भी सुनहरा अवसर है।

  • गौतम अदाणी की ‘वंदे भारतम्’ पहल लॉन्च, देश के हर कोने से उभरते इनोवेटर्स और उद्यमियों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

    गौतम अदाणी की ‘वंदे भारतम्’ पहल लॉन्च, देश के हर कोने से उभरते इनोवेटर्स और उद्यमियों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

    नई दिल्ली । देश के स्टार्टअप और नवाचार परिदृश्य को व्यापक आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उद्योगपति गौतम अदाणी ने ‘वंदे भारतम्’ नामक नई पहल की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के उन प्रतिभाशाली लोगों तक अवसर पहुंचाना है, जो बड़े शहरों से दूर रहते हैं लेकिन अपने विचारों, नवाचारों और उद्यमशीलता की क्षमता के बल पर समाज और अर्थव्यवस्था में बदलाव लाने का सामर्थ्य रखते हैं।

    अपने 64वें जन्मदिन के अवसर पर शुरू की गई इस पहल को देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा। यह कार्यक्रम 800 से अधिक जिलों तक पहुंचेगा और विभिन्न भारतीय भाषाओं में संचालित होगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इस पहल का उद्देश्य केवल स्थापित स्टार्टअप्स तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों को भी अवसर देना है जिनके पास कोई नया विचार, समाधान या व्यवसाय शुरू करने की इच्छा है।

    गौतम अदाणी ने कहा कि उनका अपना सफर भी सीमित संसाधनों से शुरू हुआ था और जो कुछ उन्होंने हासिल किया है, उसमें भारत की मिट्टी और अवसरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अवसरों का समान वितरण अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में ‘वंदे भारतम्’ का लक्ष्य उन लोगों तक पहुंचना है, जिन्हें अब तक उचित पहचान और सहयोग नहीं मिल पाया है।

    इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए किसी विशेष आयु, शैक्षणिक योग्यता, पेशे या व्यवसायिक अनुभव की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। प्रतिभागी अपने विचार, प्रोटोटाइप, शुरुआती चरण के स्टार्टअप या पहले से संचालित व्यवसाय के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसी कंपनी का औपचारिक रूप से पंजीकृत होना भी आवश्यक नहीं होगा। इससे बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को अवसर मिलेगा जो पारंपरिक ढांचे से बाहर रहकर भी नवाचार पर काम कर रहे हैं।

    पहल के तहत तकनीक, विनिर्माण, कृषि, पर्यावरणीय स्थिरता, पारंपरिक शिल्प, स्थानीय उद्योगों और सामुदायिक समाधान जैसे विविध क्षेत्रों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। विशेष रूप से महिलाओं, आदिवासी समुदायों, ग्रामीण क्षेत्रों के नवाचारकर्ताओं, दिव्यांग उद्यमियों और स्थानीय समस्याओं के समाधान विकसित करने वाले लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।

    आवेदनों के मूल्यांकन के दौरान नवाचार की गुणवत्ता, उद्यमशीलता की क्षमता, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव तथा विस्तार की संभावनाओं को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। चयन प्रक्रिया विभिन्न चरणों में पूरी होगी, जिसमें राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर मूल्यांकन शामिल रहेगा। इसके बाद चुने गए 75 फाइनलिस्ट को अहमदाबाद में आयोजित विशेष कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा।

    इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अनुभवी मेंटर्स, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों और व्यवसायिक नेताओं से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें इनक्यूबेशन सपोर्ट, रणनीतिक साझेदारी और संभावित निवेश तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनके विचारों को व्यवहारिक और टिकाऊ व्यवसाय में बदला जा सके।

    कार्यक्रम का ग्रैंड फिनाले स्वतंत्रता दिवस के आसपास आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से एक ऐसा राष्ट्रीय नेटवर्क विकसित करने की योजना है, जो नवाचारकर्ताओं, निवेशकों और उद्योग जगत के प्रमुख लोगों को एक साझा मंच पर जोड़ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में उद्यमशीलता और नवाचार की व्यापक भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ऐसे में ‘वंदे भारतम्’ जैसी पहलें देश के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं।

  • अदाणी ग्रुप का बड़ा दांव: वित्त वर्ष 26 में 1.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश, निजी क्षेत्र के नए निवेश में 30% से ज्यादा हिस्सेदारी

    अदाणी ग्रुप का बड़ा दांव: वित्त वर्ष 26 में 1.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश, निजी क्षेत्र के नए निवेश में 30% से ज्यादा हिस्सेदारी

    नई दिल्ली । भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निजी निवेश को नई गति देते हुए अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है। समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने वार्षिक आम बैठक में यह जानकारी देते हुए कहा कि यह केवल वित्तीय उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के भविष्य और राष्ट्र निर्माण के प्रति समूह की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह राशि वित्त वर्ष 26 में निजी क्षेत्र द्वारा किए गए कुल नए निवेश का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा दर्शाती है।

    वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि किसी भी कॉर्पोरेट समूह के इतिहास में कुछ वर्ष ऐसे होते हैं जो केवल उपलब्धियों के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि संगठन की क्षमता, दृष्टि और चुनौतियों से मुकाबला करने के संकल्प को परिभाषित करते हैं। उनके अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 अदाणी ग्रुप के लिए ऐसा ही एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ है।

    उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यह समय कई तरह की अनिश्चितताओं और चुनौतियों से भरा रहा। ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे दुनिया भर में राष्ट्रीय रणनीतियों के केंद्र में लौटे, जबकि तकनीक और नवाचार किसी भी देश की आर्थिक और रणनीतिक ताकत के महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरे। ऐसे माहौल में भी समूह ने भारत की विकास यात्रा में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का निर्णय लिया।

    गौतम अदाणी ने कहा कि समूह का मानना है कि भारत की विकास आवश्यकताओं को टालकर नहीं देखा जा सकता। इसी सोच के तहत ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह, हवाई अड्डे और अन्य रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश जारी रखा गया। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत आधार देने के लिए आधुनिक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह प्रगति आसान परिस्थितियों में हासिल नहीं हुई। समूह को विभिन्न स्तरों पर लगातार जांच-पड़ताल और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद निवेश और विस्तार की योजनाओं को रोका नहीं गया। उनके अनुसार किसी भी संगठन की पहचान बाहरी शोर या आलोचनाओं से नहीं, बल्कि चुनौतियों के प्रति उसकी प्रतिक्रिया और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तय होती है।

    बैठक के दौरान गौतम अदाणी ने इस वर्ष की शुरुआत में सफलतापूर्वक संपन्न हुए 25,000 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे केवल पूंजी जुटाने का माध्यम नहीं, बल्कि निवेशकों और शेयरधारकों के विश्वास की परीक्षा बताया। उनके अनुसार यह भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक था और इसमें निवेशकों की सक्रिय भागीदारी ने समूह की विश्वसनीयता को और मजबूत किया।

    उन्होंने कहा कि कुछ वर्गों द्वारा संदेह और सवाल उठाए जाने के बावजूद शेयरधारकों ने समूह पर भरोसा जताया और विकास परियोजनाओं में निरंतर निवेश के लिए समर्थन दिया। यह समर्थन न केवल व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत के दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में निजी क्षेत्र की भूमिका को भी मजबूत करता है।

    अदाणी ग्रुप का मानना है कि आने वाले वर्षों में देश में ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक बुनियादी ढांचे की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में बड़े निवेशों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को गति देने, रोजगार के अवसर सृजित करने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत बनाने की दिशा में समूह अपनी भूमिका को और विस्तार देगा। वित्त वर्ष 26 में किया गया यह निवेश इसी दीर्घकालिक रणनीति और विकास दृष्टि का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

  • अहमदाबाद से रवाना होगा शव, फ्लाइट का इंतजार करते समय हुआ था हमला

    अहमदाबाद से रवाना होगा शव, फ्लाइट का इंतजार करते समय हुआ था हमला


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Ujjain से जुड़े एक दर्दनाक अंतरराष्ट्रीय हादसे में ईरान में हुए हमले के दौरान मारे गए भारतीय नागरिक मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर शुक्रवार को भारत पहुंच गया। शव पहले अहमदाबाद एयरपोर्ट लाया गया, जहां से अब उसे सड़क मार्ग से उज्जैन लाया जा रहा है। दोपहर तक शव के उज्जैन पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह घटना उस समय हुई जब मंजूर अहमद कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान ड्रोन और मिसाइल हमले में उनकी मौत हो गई।

    एयरपोर्ट पर अचानक हुआ हमला
    जानकारी के अनुसार यह हमला कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर हुआ, जहां भारी धमाकों और मिसाइल हमले के चलते अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कई यात्री घायल भी हुए। मंजूर अहमद उसी समय फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे और हमले की चपेट में आ गए। उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।

    शादी में आने वाले थे भारत
    मृतक के परिजनों के अनुसार मंजूर अहमद 8 जून को रतलाम में होने वाली अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे थे। वे लंबे समय से विदेश में काम कर रहे थे और परिवार से मिलने का इंतजार कर रहे थे। उनके बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि पिता की आखिरी बातचीत मंगलवार शाम हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे कुवैत से मुंबई पहुंचेंगे और वहां से ट्रेन के जरिए मध्य प्रदेश आएंगे।

    30 साल से विदेश में कर रहे थे काम
    मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से विदेश में रहकर टेलरिंग का काम कर रहे थे। वे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर थी। वे समय-समय पर घर आते रहते थे, लेकिन अधिकतर समय विदेश में ही काम करते थे।

    अहमदाबाद से उज्जैन लाया जा रहा शव
    मृतक का पार्थिव शरीर शुक्रवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से औपचारिकताओं के बाद उसे सड़क मार्ग से उज्जैन भेजा गया। स्थानीय प्रशासन और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए हैं। परिवार और रिश्तेदारों के घर पर शोक का माहौल है। जैसे ही मौत की खबर आई, आसपास के लोग और परिचित बड़ी संख्या में घर पहुंचने लगे।

    भारत ने हमले की निंदा की
    इस घटना पर भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच आम नागरिकों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

    पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा
    इस हमले को लेकर ईरान और अन्य देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इसे अपनी सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

  • राष्ट्रीय सुरक्षा पर अहमदाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त सर्च ऑपरेशन में 131 अवैध बांग्लादेशी गिरफ्तार

    राष्ट्रीय सुरक्षा पर अहमदाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त सर्च ऑपरेशन में 131 अवैध बांग्लादेशी गिरफ्तार

    नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया है। अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में देर रात छापेमारी कर बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच के बाद 131 लोगों की पहचान अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है। इसके अलावा करीब 160 अन्य संदिग्धों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच जारी है। इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में शहर में चलाए गए सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह विशेष अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया गया। इसके लिए अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमों को एक साथ विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया था। ऑपरेशन के दौरान शहर के संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से कुछ क्षेत्रों में अवैध रूप से विदेशी नागरिकों के रहने की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

    क्राइम ब्रांच के अनुसार चंडोला, गुलाबनगर और खोडियारनगर समेत कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के पहचान दस्तावेजों की जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान 131 लोगों के पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक सत्यापन में इन लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई है। हालांकि सभी मामलों में विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।

    अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए अन्य 160 लोगों के दस्तावेजों और नागरिकता संबंधी विवरणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस विभिन्न सरकारी अभिलेखों और पहचान दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उनके संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जा रही है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करने का अवसर दिया जा रहा है।

    इस अभियान के साथ-साथ प्रशासन ने चंडोला झील क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों ने क्षेत्र में बने कई अवैध ढांचों को हटाने का अभियान चलाया है। अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित जलाशय क्षेत्र के आसपास अनधिकृत निर्माण पर्यावरण और शहरी नियोजन दोनों के लिए चुनौती बने हुए थे। इसलिए दस्तावेजों के सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के बाद अवैध निर्माणों को हटाने का निर्णय लिया गया।

    पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शहर में पहचान और दस्तावेज सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन सभी विदेशी नागरिकों से वैध दस्तावेज रखने और संबंधित नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है। वहीं जिन लोगों के पास आवश्यक कानूनी दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    अधिकारियों के अनुसार अवैध प्रवास और फर्जी दस्तावेजों के मामलों की रोकथाम के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी मजबूत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पात्र मामलों में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अहमदाबाद में चलाया गया यह अभियान सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है।

  • अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट पर बनेगा नया हॉस्टल, पीड़ित परिवारों ने सरकार से की स्मारक बनाने की मांग

    अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट पर बनेगा नया हॉस्टल, पीड़ित परिवारों ने सरकार से की स्मारक बनाने की मांग

    अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे को एक वर्ष पूरा होने वाला है। इसी बीच राज्य सरकार ने उस स्थान पर नया मेडिकल हॉस्टल बनाने की मंजूरी दी है, जहां विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। सरकार के इस फैसले का पीड़ित परिवारों ने विरोध करते हुए उस जगह को स्मारक स्थल के रूप में संरक्षित करने की मांग उठाई है।

    मेघानीनगर इलाके में स्थित ‘अतुल्यम हॉस्टल’ भवन में विमान गिरने के बाद वहां भारी नुकसान हुआ था। इसी स्थान पर अब डॉक्टरों और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस 8+8 मंजिला नया छात्रावास बनाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के लिए टाटा एयरलाइंस की ओर से 53 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।

    राज्य सरकार ने बताया कि असारवा स्थित सिविल अस्पताल के नए मेडिकल कैंपस में करीब 105 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशलिटी हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक का निर्माण कराया जाएगा। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के अनुसार विमान हादसे में क्षतिग्रस्त ‘अतुल्यम 1 से 4’ ब्लॉक, कैंटीन और सब-स्टेशन भवन के नुकसान की भरपाई के तौर पर स्वास्थ्य विभाग को 53.12 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी।

    दुर्घटना के समय हॉस्टल में 92 छात्र मौजूद थे। हादसे के बाद कराए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में भवन को असुरक्षित पाया गया, जिसके बाद उसे गिराने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने छात्रों की आवासीय सुविधाओं को प्रभावित न होने देने के उद्देश्य से नए हॉस्टल निर्माण का निर्णय लिया है।

    नया हॉस्टल मेघानीनगर स्थित आईजीपी परिसर में बनाया जाएगा। आने वाले तीन वर्षों में 48 अतिरिक्त सुपर स्पेशलिटी सीटों को ध्यान में रखते हुए कुल 236 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। परियोजना के लिए सरकार ने पर्याप्त भूमि भी आवंटित कर दी है।

    वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस परियोजना के लिए 34.65 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वीकृत किया गया है। प्रस्तावित ‘अतुल्यम 1 से 7’ पीजी हॉस्टल आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगा। प्रत्येक यूनिट को स्टूडियो अपार्टमेंट शैली में विकसित किया जाएगा, जिसमें सिटिंग एरिया, अटैच किचन, बेडरूम और शौचालय की व्यवस्था होगी। इसके अलावा भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम, आरओ प्लांट, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, बेसमेंट पार्किंग, आधुनिक मेस, जिम और मनोरंजन कक्ष जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

    हालांकि इस योजना के सामने आने के बाद हादसे में प्रभावित परिवारों ने सरकार को ईमेल भेजकर निर्माण कार्य रोकने की अपील की है। परिवारों का कहना है कि यह सिर्फ एक इमारत या जमीन नहीं, बल्कि उन लोगों की यादों और अपूरणीय क्षति से जुड़ा स्थान है जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया।

    पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि इस जगह को स्मारक स्थल के रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि यह हादसे में जान गंवाने वालों की स्थायी स्मृति बना रहे। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों को जल्द मिटा देना मानवीय संवेदनाओं और जवाबदेही दोनों को कमजोर करता है। परिवारों ने सरकार से आग्रह किया है कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले प्रभावित लोगों से चर्चा की जाए।