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  • IND vs NZ: टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल अहमदाबाद में, धोनी पहुंचे स्टेडियम

    IND vs NZ: टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल अहमदाबाद में, धोनी पहुंचे स्टेडियम


    नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल डिफेंडिंग चैंपियन भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज शाम 7 बजे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। टॉस शाम 6:30 बजे होगा। स्टेडियम के बाहर फैंस का उत्साह देखने लायक है। यहां तक कि भारत को सपोर्ट करने जर्मनी से एक फैन भी आया है।

    पूर्व कप्तान एमएस धोनी, भारतीय कोच गौतम गंभीर की पत्नी नताशा और उनकी बेटियां भी फाइनल देखने के लिए अहमदाबाद पहुंच चुकी हैं। वहीं, उज्जैन के महाकाल मंदिर में भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना की गई।

    भारत और न्यूजीलैंड पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में आमने-सामने हैं। भारत 2 बार की चैंपियन है और चौथी बार फाइनल में है, जबकि न्यूजीलैंड दूसरी बार फाइनल खेल रही है और पहली ट्रॉफी की तलाश में है। 2021 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी मुकाबला हार का सामना करना पड़ा था।

    टी-20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड में भारत का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों ने अब तक 30 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं, जिनमें भारत ने 18 और न्यूजीलैंड ने 11 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा। सुपर ओवर में भारत ने 2 मैच अपने नाम किए। घरेलू मैदान पर भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 में से 11 मुकाबले जीते हैं।

    जनवरी में न्यूजीलैंड की टीम भारत दौरे पर आई थी, जहां 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेली गई। भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। इस सीरीज में कुल 6 बार 200+ का स्कोर बना और अंतिम मैच में भारत ने 271 रन बनाए थे।

    भारत के पास फाइनल में तीन बड़े रिकॉर्ड बनाने का मौका है – तीसरा खिताब जीतने वाला पहला देश बनने का, लगातार दूसरी ट्रॉफी जीतने वाला पहला देश बनने का, और होमग्राउंड पर टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनने का।

    वर्तमान वर्ल्ड कप में भारत के लिए ईशान किशन सबसे बड़े रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 8 मैचों में 263 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं। उनके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं, जिन्होंने 242 रन बनाए। गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती 8 मैचों में 13 विकेट लेकर टीम के टॉप प्रदर्शनकारियों में हैं।

    न्यूजीलैंड के लिए फिन एलन 8 मैचों में 289 रन के साथ टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 100 रन का शतक बनाया। वहीं, रचिन रवींद्र ने 8 मैचों में 11 विकेट लिए हैं।

    फाइनल मैच बैटिंग फ्रेंडली पिच पर खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फ्रेश पिच का उपयोग होगा। काली और लाल मिट्टी को मिलाकर बनाई गई इस पिच में कम स्पिन लेकिन ज्यादा बाउंस और पेस देखने को मिलेगा। इस मैदान पर पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने 14 टी-20 मैचों में 8 बार जीत दर्ज की है, जबकि चेज करने वाली टीमों ने 5 बार जीत हासिल की है। सबसे बड़ा स्कोर 234 रन है, जो भारत ने 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था।

    इस वर्ल्ड कप में अहमदाबाद में अब तक 6 मैच खेले गए। भारत ने 2 मैच खेले हैं – ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड पर जीत और सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से हार। न्यूजीलैंड ने यहां दो मैच खेले हैं और दोनों हारे हैं। 2023 में यहां भारत और न्यूजीलैंड का एक मैच हुआ था, जिसमें भारत ने 168 रन से जीत हासिल की थी।

    फाइनल देखने के लिए पूर्व कप्तान एमएस धोनी, रोहित शर्मा और कई क्रिकेट दिग्गज स्टेडियम में मौजूद रहेंगे। ICC चेयरमैन जय शाह भी मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद रहेंगे।

    अहमदाबाद में आज बारिश की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है और रात में 23 डिग्री के आसपास रहेगा। ICC ने फाइनल के लिए रिजर्व डे भी रखा है। यदि किसी कारण मैच पूरा नहीं हो पाया तो 9 मार्च को रिजर्व डे पर मुकाबला खेला जाएगा। रिजर्व डे पर भी मैच न हो सका तो ट्रॉफी दोनों टीमों में साझा होगी।

    संभावित प्लेइंग-11:

    भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती

    न्यूजीलैंड: फिन एलन, टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चापमन, डेरिल मिचेल, मिचेल सैंटनर (कप्तान), कोल मैकॉन्ची, मैट हेनरी, जिमी नीशम, लॉकी फर्ग्यूसन

    अंपायरिंग टीम: रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ ऑन-फील्ड, अल्लाहुद्दीन पालेकर थर्ड अंपायर, एड्रियन होलस्टोक चौथा अंपायर, एंडी पाइक्रॉफ्ट मैच रेफरी।

    मैच लाइव देखें: स्टार स्पोर्ट्स और जियोहॉटस्टार ऐप पर। दैनिक भास्कर ऐप पर भी लाइव कवरेज उपलब्ध है।

  • T20 World Cup: फाइनल में कल होगी IND-NZ की भिड़ंत, जानें कैसी रहेगी अहमदाबाद की पिच?

    T20 World Cup: फाइनल में कल होगी IND-NZ की भिड़ंत, जानें कैसी रहेगी अहमदाबाद की पिच?


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप 2026 (India vs New Zealand T20 World Cup 2026) का फाइनल रविवार, 8 मार्च को अहमदाबाद (Ahmedabad) के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। भारतीय टीम (Indian team) अपने खिताब का बचाव करने के लिए पूरी तरह तैयार है, हालांकि इस मैदान ने जो दुख दिए हैं उससे फैंस थोड़ा घबराए हुए हैं। 2023 वर्ल्ड कप से भारत आईसीसी इवेंट में कुल दो ही मुकाबले हारे हैं। एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 वर्ल्ड कप का फाइनल और एक 2026 टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 का मैच। दुखद: बात यह है कि यह दोनों ही मैच टीम इंडिया ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ही हारे हैं। ICC इवेंट में यहां की पिच भारतीय खिलाड़ियों को सूट नहीं करती। ऐसे में IND vs NZ फाइनल में कैसी पिच का इस्तेमाल होगा ये देखने वाली बात है। क्या इस बार भी फैंस का दिल टूटेगा?


    IND vs NZ फाइनल में कैसी होगी नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच

    एक रिपोर्ट के अनुसार न्यूजीलैंड के खिलाफ ICC T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच के लिए भारतीय टीम को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिक्स मिट्टी वाली पिच दी जाएगी। हालांकि इसमें काली मिट्टी के मुकाबले लाल मिट्टी ज्यादा है। लाल मिट्टी का ज्यादा प्रतिशत होने से गेंद दोनों इनिंग में बल्ले पर आसानी से आती है और अच्छा बाउंस भी मिलता है। यह वही पिच होगी जिस पर साउथ अफ्रीका ने अपने लीग गेम में कनाडा के खिलाफ खेला था और 5 विकेट पर 213 रन बनाए थे, जबकि कनाडा ने अपनी इनिंग 156/8 पर खत्म की थी।

    इस विकेट को चुनने का कारण, जिसमें काली मिट्टी के मुकाबले लाल मिट्टी ज्यादा है, यह है कि भारत का दो जरूरी मैच हारने का पिछला इतिहास रहा है। भारत 50 ओवर के 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से काली मिट्टी वाली पिच पर हारा था, जिससे ट्रैक धीमा हो जाता है, जैसा कि 19 नवंबर, 2023 को भारतीय बल्लेबाजों को शुरू करने में संघर्ष करते हुए देखा गया था। पूरे देश में अभी भी दुख है।

    सूत्र ने बताया, “इंडियन टीम को फाइनल के लिए नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिक्स-सॉइल पिच ऑफर की जाएगी। यह एक स्पोर्टिंग पिच होगी जहां कोई फालतू फायदा नहीं होगा। इस ट्रैक पर ज्यादा लाल मिट्टी होने का मतलब है कि कुछ बाउंस होगा और बैट्समैन को भी फायदा होगा।”


    लीग मैचों के दौरान पिच से खुश नहीं था भारत

    इंडिया का टीम मैनेजमेंट लीग गेम्स के दौरान ऑफर की गई कुछ पिचों से खुश नहीं था। उन्होंने लोकल क्यूरेटर के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। यही एक वजह थी कि इंडियन बोर्ड ने पिच तैयार करने के बारे में लोकल क्यूरेटर से बात करने के लिए अपने स्टाफ को भेजने का फैसला किया था।

  • 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भारत का सपना: अवसर, चुनौतियां और तैयारी की असली परीक्षा

    2036 ओलंपिक की मेजबानी का भारत का सपना: अवसर, चुनौतियां और तैयारी की असली परीक्षा


    नई दिल्ली । भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए औपचारिक रूप से दावेदारी पेश कर दी है। यह कदम देश की खेल महाशक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, लेकिन इसके साथ ही प्रशासनिक कमजोरियां, बुनियादी ढांचे की सीमाएं, पर्यावरणीय चिंताएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन जैसे सवाल भी खड़े हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट जैसे सुधारों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि भारत न सिर्फ 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स बल्कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी गंभीर प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य देश के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के अवसर देना है।

    पिछले वर्ष जुलाई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्विट्जरलैंड के लुजान स्थित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति आईओसी मुख्यालय का दौरा किया और गुजरात के अहमदाबाद को संभावित मेजबान शहर के रूप में प्रस्तुत किया। अहमदाबाद और गांधीनगर को मिलाकर तैयार की गई योजना में करीब 4.1 से 7.5 अरब डॉलर के खर्च का अनुमान है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईओसी ने बातचीत के दौरान तीन प्रमुख चिंताएं जताईं भारतीय ओलंपिक संघ के भीतर प्रशासनिक खामियां, डोपिंग के बढ़ते मामले और ओलंपिक खेलों में भारत का अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन।

    विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। स्पोर्ट्स मेडिसिन और एंटी-डोपिंग विशेषज्ञ पी.एस.एम. चंद्रन का मानना है कि इन चुनौतियों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार डोपिंग के आंकड़े इसलिए अधिक दिखते हैं क्योंकि भारत अन्य देशों की तुलना में ज्यादा परीक्षण करता है। उनका यह भी कहना है कि बोली प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका पैसे और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव की होती है, न कि केवल पदकों की संख्या की।

    दूसरी ओर, खेल प्रशासक शाजी प्रभाकरन का मानना है कि भारत को अब स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी के जरिए अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखना चाहिए। हालांकि, वे यह भी स्वीकार करते हैं कि इंडोनेशिया, तुर्की, चिली, सऊदी अरब और जर्मनी जैसे देशों से मुकाबला कड़ा होगा। उनके अनुसार, यदि भारत 2036 की रेस में सफल नहीं होता, तो 2040 का दशक ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।

    पूर्व ओलंपियन और लॉन्ग जंपर अंजू बॉबी जॉर्ज भारत की दावेदारी की प्रबल समर्थक हैं। उनका कहना है कि ग्रासरूट टैलेंट प्रोग्राम और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल जैसे कदम भारत को ओलंपिक मेजबानी के लिए तैयार कर रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ खेल पत्रकार शारदा उग्रा आगाह करती हैं कि प्रदूषण, शहरी बुनियादी ढांचा और वैश्विक छवि जैसे मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक अहमदाबाद को एक पूर्ण वैश्विक शहर के रूप में खुद को साबित करने के लिए अभी समय चाहिए। कुल मिलाकर, 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत के लिए एक बड़ा अवसर है लेकिन यह तभी संभव होगा जब देश खेल प्रशासन, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर ठोस और विश्वसनीय प्रगति दिखा सके।

  • फरवरी में घूमने की परफेक्ट लिस्ट: न ठंड की मार, न गर्मी की तपिश, ये 6 जगहें बना देंगी ट्रिप यादगार

    फरवरी में घूमने की परफेक्ट लिस्ट: न ठंड की मार, न गर्मी की तपिश, ये 6 जगहें बना देंगी ट्रिप यादगार



    नई दिल्ली। अगर भारत में घूमने का सबसे परफेक्ट महीना कोई है, तो वह फरवरी है। इस दौरान सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने लगती है, गर्मी आने में अभी समय होता है और मौसम एकदम सुहावना रहता है। यही वजह है कि फरवरी में नॉर्थ से साउथ तक भारत की कई जगहें घूमने के लिए बेस्ट बन जाती हैं। साथ ही इस महीने देशभर में कला, साहित्य, संगीत और संस्कृति से जुड़े बड़े आयोजन भी होते हैं, जो यात्रा को और खास बना देते हैं।
    1. जयपुर – इतिहास और रंगों की रॉयल झलक
    फरवरी में जयपुर की सुबहें हल्की ठंडक लिए होती हैं और दिन धूप से भरे रहते हैं। आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर घूमने का यही सबसे अच्छा वक्त है।
    इसी महीने होने वाला जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और जयपुर आर्ट वीक शहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं। हेरिटेज वॉक, लोक संगीत और हस्तशिल्प जयपुर को एक यादगार अनुभव बना देते हैं।

    2. दिल्ली – इतिहास, संस्कृति और आधुनिकता का संगम
    फरवरी की हल्की ठंड दिल्ली को एक्सप्लोर करने के लिए परफेक्ट बना देती है। लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट और लोधी गार्डन इस मौसम में बेहद खूबसूरत लगते हैं।
    इंडिया आर्ट फेयर, म्यूजियम्स और कैफे कल्चर दिल्ली को सांस्कृतिक रूप से जीवंत बना देते हैं। पुरानी दिल्ली की गलियों में घूमना और स्ट्रीट फूड का मजा लेना फरवरी की खास पहचान है।

    3. अहमदाबाद – विरासत और स्वाद का शहर
    गुजरात का अहमदाबाद फरवरी में घूमने के लिए शानदार है। साबरमती रिवरफ्रंट, ऐतिहासिक पोल्स, बावड़ियां और साबरमती आश्रम शहर की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाते हैं।
    उत्तरायण के बाद भी उत्सव का माहौल बना रहता है और उंधियू जैसे पारंपरिक गुजराती व्यंजन स्वाद को यादगार बना देते हैं।

    4. मुंबई – समुद्र, कला और संगीत
    फरवरी में मुंबई की समुद्री हवा मौसम को बेहद खुशनुमा बना देती है। कला घोड़ा आर्ट्स फेस्टिवल और महिंद्रा ब्लूज़ फेस्टिवल शहर को रचनात्मक ऊर्जा से भर देते हैं।
    आर्ट डेको इमारतें, गैलरी, ईरानी कैफे और मरीन ड्राइव की शामें मुंबई को घूमने के लिए खास बनाती हैं।

    5. ओडिशा – संस्कृति और प्रकृति का अनोखा मेल
    फरवरी में ओडिशा का मौसम बेहद सुखद रहता है। कोणार्क डांस एंड म्यूजिक फेस्टिवल सूर्य मंदिर की पृष्ठभूमि में शास्त्रीय नृत्य और संगीत का अद्भुत अनुभव देता है।
    चिलिका झील में हजारों प्रवासी पक्षी दिखाई देते हैं, जो नेचर और फोटोग्राफी लवर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं।

    6. काजीरंगा – वाइल्डलाइफ का रोमांच
    असम का काजीरंगा नेशनल पार्क फरवरी में घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। यहां सफारी के दौरान एक-सींग वाला गैंडा, हाथी, हिरण और कभी-कभी बाघ भी देखने को मिल जाते हैं।ठंड कम होने के कारण जंगल सफारी आरामदायक और रोमांचक दोनों होती है।
    फरवरी यात्रा के लिए ऐसा महीना है, जहां मौसम, संस्कृति और प्रकृति का परफेक्ट बैलेंस मिलता है। अगर आप सुकून, रोमांस या एडवेंचर की तलाश में हैं, तो ये 6 जगहें आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।