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  • अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट पर बनेगा नया हॉस्टल, पीड़ित परिवारों ने सरकार से की स्मारक बनाने की मांग

    अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट पर बनेगा नया हॉस्टल, पीड़ित परिवारों ने सरकार से की स्मारक बनाने की मांग

    अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे को एक वर्ष पूरा होने वाला है। इसी बीच राज्य सरकार ने उस स्थान पर नया मेडिकल हॉस्टल बनाने की मंजूरी दी है, जहां विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। सरकार के इस फैसले का पीड़ित परिवारों ने विरोध करते हुए उस जगह को स्मारक स्थल के रूप में संरक्षित करने की मांग उठाई है।

    मेघानीनगर इलाके में स्थित ‘अतुल्यम हॉस्टल’ भवन में विमान गिरने के बाद वहां भारी नुकसान हुआ था। इसी स्थान पर अब डॉक्टरों और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस 8+8 मंजिला नया छात्रावास बनाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के लिए टाटा एयरलाइंस की ओर से 53 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।

    राज्य सरकार ने बताया कि असारवा स्थित सिविल अस्पताल के नए मेडिकल कैंपस में करीब 105 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशलिटी हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक का निर्माण कराया जाएगा। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के अनुसार विमान हादसे में क्षतिग्रस्त ‘अतुल्यम 1 से 4’ ब्लॉक, कैंटीन और सब-स्टेशन भवन के नुकसान की भरपाई के तौर पर स्वास्थ्य विभाग को 53.12 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी।

    दुर्घटना के समय हॉस्टल में 92 छात्र मौजूद थे। हादसे के बाद कराए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में भवन को असुरक्षित पाया गया, जिसके बाद उसे गिराने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने छात्रों की आवासीय सुविधाओं को प्रभावित न होने देने के उद्देश्य से नए हॉस्टल निर्माण का निर्णय लिया है।

    नया हॉस्टल मेघानीनगर स्थित आईजीपी परिसर में बनाया जाएगा। आने वाले तीन वर्षों में 48 अतिरिक्त सुपर स्पेशलिटी सीटों को ध्यान में रखते हुए कुल 236 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। परियोजना के लिए सरकार ने पर्याप्त भूमि भी आवंटित कर दी है।

    वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस परियोजना के लिए 34.65 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वीकृत किया गया है। प्रस्तावित ‘अतुल्यम 1 से 7’ पीजी हॉस्टल आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगा। प्रत्येक यूनिट को स्टूडियो अपार्टमेंट शैली में विकसित किया जाएगा, जिसमें सिटिंग एरिया, अटैच किचन, बेडरूम और शौचालय की व्यवस्था होगी। इसके अलावा भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम, आरओ प्लांट, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, बेसमेंट पार्किंग, आधुनिक मेस, जिम और मनोरंजन कक्ष जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

    हालांकि इस योजना के सामने आने के बाद हादसे में प्रभावित परिवारों ने सरकार को ईमेल भेजकर निर्माण कार्य रोकने की अपील की है। परिवारों का कहना है कि यह सिर्फ एक इमारत या जमीन नहीं, बल्कि उन लोगों की यादों और अपूरणीय क्षति से जुड़ा स्थान है जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया।

    पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि इस जगह को स्मारक स्थल के रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि यह हादसे में जान गंवाने वालों की स्थायी स्मृति बना रहे। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों को जल्द मिटा देना मानवीय संवेदनाओं और जवाबदेही दोनों को कमजोर करता है। परिवारों ने सरकार से आग्रह किया है कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले प्रभावित लोगों से चर्चा की जाए।

  • Air India को घाटे से उबारने की कवायद….. एयरलाइंस पार्टनर से मिले टाटा के चेयरमैन चंद्रशेखरन

    Air India को घाटे से उबारने की कवायद….. एयरलाइंस पार्टनर से मिले टाटा के चेयरमैन चंद्रशेखरन


    नई दिल्ली।
    घाटे में चल रही एयर इंडिया (Air India) को लेकर टाटा समूह (Tata Group) एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines.) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गोह चून फोंग और टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के बीच मुलाकात भी हुई है। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों ने घाटे में चल रही एयर इंडिया के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। फोंग सुबह टाटा समूह के मुख्यालय बॉम्बे हाउस पहुंचे और शाम को रवाना हो गए।

    एक सूत्र ने बताया कि उन्होंने एयर इंडिया के चेयरमैन चंद्रशेखरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। टाटा समूह के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों के बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है। बता दें कि टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में भारत सरकार से एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था और बाद में सिंगापुर एयरलाइंस ने विमानन कंपनी में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी।


    प्रतिबंधों से पड़ा असर

    यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब एयर इंडिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है जिनमें पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से बढ़ती परिचालन लागत और करीब एक वर्ष से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद रहने का प्रभाव शामिल है। इन प्रतिबंधों के कारण महत्वाकांक्षी बदलाव योजना के तहत काम कर रही विमानन कंपनी को लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है जिससे ईंधन खपत एवं खर्च बढ़ गया है।


    सीईओ का इस्तीफा

    इस महीने की शुरुआत में एयर इंडिया ने घोषणा की थी कि उसके सीईओ एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन पद छोड़ेंगे। एयरलाइन ने उनके उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक समिति का गठन किया है। न्यूजीलैंड मूल के विल्सन पिछले चार वर्ष से टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं। बता दें कि एयरलाइन की लंदन जाने वाली उड़ान के पिछले साल अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विल्सन की आलोचना भी हुई थी। इस हादसे में 250 से अधिक लोगों की जान गई थी। इसके अलावा कई मौकों पर सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन को लेकर भी उन पर सवाल उठे थे।

    31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में एयर इंडिया को 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। एयर इंडिया का प्रदर्शन सिंगापुर एयरलाइंस के लिए भी वित्तीय दबाव का कारण बन रहा है। ऐसे में यह मुलाकात काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में एयर इंडिय को घाटे से उबारने के मुद्दे पर जोर दिया गया है।

  • एयर इंडिया की बड़ी भूल… आठ घंटे हवा में उड़ा विमान…. U-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा दिल्ली

    एयर इंडिया की बड़ी भूल… आठ घंटे हवा में उड़ा विमान…. U-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा दिल्ली


    नई दिल्ली।
    एयर इंडिया (Air India) की वैंकूवर (Vancouver) जाने वाली फ्लाइट AI185 से एक बड़ी गलती हो गई। इसने उड़ान के लगभग चार घंटे बाद यू-टर्न (U-turn after Four Hours) लिया और दिल्ली वापस लौट आई। यह घटना तब हुई जब विमान को गलती से बोइंग 777-200LR मॉडल का इस्तेमाल किया गया, जबकि एयर इंडिया को कनाडाई हवाई क्षेत्र में केवल बोइंग 777-300ER फ्लीट को ही ऑपरेट करने की मंजूरी है। दिल्ली से दोपहर 11:34 बजे उड़ान भरने के बाद प्लेन पूर्व दिशा में आगे बढ़ा, लेकिन चीनी हवाई क्षेत्र में कुन्मिंग के पास पहुंचने पर एयरलाइन को यह गलती का एहसास हुआ। इस कारण विमान को वापस बुला लिया गया और कुल 7 घंटे 54 मिनट की उड़ान के बाद यह सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतर गया।

    यह ऑपरेशनल चूक काफी महंगी साबित हुई क्योंकि बोइंग 777 जैसे बड़े विमान प्रति घंटे 8-9 टन ईंधन जलाते हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। एविएशन नियमों में विभिन्न एयरलाइंस के लिए अलग-अलग एयरक्राफ्ट टाइप की मंजूरी होती है और यहां यह नियमित चेक न होने से समस्या पैदा हुई। गनीमत रही कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स को कोई चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित उतरे। एयर इंडिया ने इसे ऑपरेशनल इश्यू बताते हुए स्टैंडर्ड प्रोसीजर के अनुसार फैसला लिया।


    यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद

    एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है। इसकी ओर से कहा गया, ‘विमान सुरक्षित उतर आया। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स उतर गए। हम अपने मेहमानों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त करते हैं।’ दिल्ली में ग्राउंड टीम ने तुरंत सहायता मुहैया कराई, जिसमें होटल में ठहरने की व्यवस्था शामिल थी। प्रभावित यात्रियों को अगले दिन सुबह एक रिप्लेसमेंट फ्लाइट से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, जिसमें सभी पैसेंजर शामिल थे।

    यह घटना एयर इंडिया की ऑपरेशनल प्लानिंग और एयरक्राफ्ट असाइनमेंट में सख्ती की जरूरत को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ऐसे छोटे-छोटे नियमों की अनदेखी से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों का समय और विश्वास भी प्रभावित होता है। एयरलाइन को भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए बेहतर सिस्टम और चेकलिस्ट लागू करने की सलाह दी गई है।

  • न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी…

    न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी…


    नई दिल्ली।
    न्यूयॉर्क से दिल्ली (New York to Delhi) की तरफ आ रही एयर इंडिया (Air India flight) की फ्लाइट संख्या ए350 को तकनीकी खराबी (Technical fault) की वजह से आयरलैंड की तरफ मोड़ दिया गया है। यहां शैनन शहर में विमान की इमरजैंसी लैंडिग (Emergency Landing) की जाएगी। तकनीकि जांच के बाद फ्लाइट फिर से उड़ान भर पाने में सक्षम होगी। सूत्रों के अनुसार विमान में करीब 300 लोग सवार हैं। शैनन शहर की ओर मोड़े जाने से पहले यह 6 घंटे की यात्रा पूरी कर चुका था।

    एअरलाइन ने शाम को जारी एक बयान में इस घटना की जानकारी दी। एयरलाइन की तरफ से कहा गया, “15 मार्च को न्यूयॉर्क (जेएफके) से दिल्ली जा रहे विमान एआई102 को तकनीकी खराबी की आशंका के चलते एहतियाती तौर पर आयरलैंड के शैनन की ओर मोड़ दिया गया। एयर इंडिया के उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप विमान का वर्तमान में व्यापक तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसमें अतिरिक्त समय लगेगा।”सूत्रों ने बताया कि विमान में कंपन और शोर उत्पन्न हुआ, जिसके बाद उसे शैनन की ओर मोड़ दिया गया।

    इस विमान को अप्रैल 2024 में एअर इंडिया के बेड़े में शामिल किया गया था। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए एअर इंडिया ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि यात्री जल्द से जल्द अपनी दिल्ली की यात्रा जारी रख सकें। इससे पहले दिन में एअरलाइन ने कहा कि विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे शैनन हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतर गया और सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं। प्रवक्ता ने कहा, “तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार विमान की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।” फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विमान शैनन की ओर मोड़े जाने से पहले लगभग छह घंटे तक हवा में रहा।

  • डीजीसीए ने एयर इंडिया को पश्चिम एशिया संकट के बीच लंबी उड़ानों के लिए दी अस्थायी छूट

    डीजीसीए ने एयर इंडिया को पश्चिम एशिया संकट के बीच लंबी उड़ानों के लिए दी अस्थायी छूट


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच विमानन सुरक्षा निगरानी संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों से एयर इंडिया को लंबी दूरी की उड़ानों के लिए अस्थायी छूट दी है।

    आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को दी जानकारी में बताया कि पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण एयर इंडिया यूरोप और अमेरिका जाने के लिए लंबा मार्ग अपनाकर उड़ानें संचालित कर रही है। विमानन नियामक डीजीसीए ने पायलटों के उड़ान और कार्य समय-सीमा में अस्थायी ढील दी है, जो 30 अप्रैल तक लागू रहेगी।

    डीजीसीए ने इस छूट के तहत लंबी दूरी की उड़ानों में दो पायलटों के लिए उड़ान समय 11 घंटे 30 मिनट और कार्य अवधि 11 घंटे 45 मिनट तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही, पायलटों के समय-सारणी में 30 मिनट की अतिरिक्त सुविधा की जरूरत को भी छूट दी गई है। सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया की जेद्दा उड़ान में कार्य अवधि 11 घंटे 55 मिनट है, जो अनुमत सीमा से 10 मिनट अधिक है।

    डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि उड़ान समय वह अवधि है जब विमान उड़ान भरने के लिए जमीन से उठकर सुरक्षित लैंडिंग तक चलता है। कार्य अवधि तब शुरू होती है जब पायलट अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट करता है और तब खत्म होती है जब वह अंतिम उड़ान के इंजन बंद होने के बाद अपनी ड्यूटी समाप्त करता है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों में कटौती की है। डीजीसीए ने कहा कि यह छूट पायलटों की सुरक्षा और थकान को ध्यान में रखकर दी गई है, ताकि लंबा मार्ग अपनाने के बावजूद उड़ान संचालन सुरक्षित रूप से किया जा सके।

  • एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हवाई टिकट पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, हवाई यात्रा होगी महंगी

    एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हवाई टिकट पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, हवाई यात्रा होगी महंगी


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में तेजी आने पर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस घरेलू उड़ानों के टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार 12 मार्च से लागू करेंगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी ईंधन अधिभार को बढ़ाया जाएगा। इससे हवाई यात्रा महंगी हो जाएगी।

    कंपनी ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। एयरलाइन ने कहा कि 12 मार्च से घरेलू उड़ानों के टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर ईंधन अधिभार बढ़ाया जाएगा।


    जानें कितना लगेगा सरचार्ज

    एयरलाइन की ओर से जारी बयान के अनुसार 12 मार्च से घरेलू उड़ानों के हर टिकट पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। ये शुल्क सार्क देशों की उड़ानों पर भी लागू होगा। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी सरचार्ज बढ़ाया गया है। पश्चिम एशिया के लिए उड़ानों पर 10 डॉलर का फ्यूल सरचार्ज लिया जाएगा। वहीं, अफ्रीका के लिए यह शुल्क 30 डॉलर से बढ़ाकर 90 डॉलर कर दिया गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए यह 20 डॉलर बढ़ाकर 60 डॉलर कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि ये सभी बदलाव 12 मार्च से लागू होंगे। सिंगापुर के लिए उड़ानों पर भी अब फ्यूल सरचार्ज लिया जाएगा, जबकि अभी तक इस रूट पर ऐसा कोई शुल्क नहीं था।

  • एयर इंडिया 10 मार्च से नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी

    एयर इंडिया 10 मार्च से नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट के बीच टाटा की अगुवाई वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया 10 से 18 मार्च तक नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों को संचालित करेगी। एयरलाइन का यह कदम मुश्किल हालात में कनेक्टिविटी बनाए रखने में सहायक होगा।

    एयर इंडिया ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयरलाइन 10 से 18 मार्च के बीच 9 रूट्स पर 78 एक्स्ट्रा फ्लाइट्स चलाएगी।

    कंपनी ने आगे लिखा, हम न्यूयॉर्क के जेएफके, लंदन के हीथ्रो, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, कोलंबो और माले के लिए एक्स्ट्रा कैपेसिटी लगा रहे हैं। एयर इंडिया इन मार्गो को जोड़ने वाले नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों को संचालित करेगी। इससे यूरोप, अमेरिका, मालदीव और श्रीलंका के लिए 17,660 सीटें बढ़ेंगी, यात्रियों को विश्वसनीय विकल्प मिलेंगे।

    एयर इंडिया के मुताबिक पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात में कई रूट्स पर उड़ानों की उपलब्धता कम हो गई है। ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों के जरिए यात्रियों को ज्यादा विकल्प और सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत भरा होगा जो अमेरिका और यूरोप की यात्रा करना चाहते हैं।

  • वियतनाम और जापान के लिए सीधी नई उड़ानें शुरू करेगी एयर इंडिया

    वियतनाम और जापान के लिए सीधी नई उड़ानें शुरू करेगी एयर इंडिया


    नई दिल्ली।
    टाटा समूह की अगुवाई वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया ने वियतनाम और जापान के लिए अपनी नई उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत कंपनी अपने नेटवर्क विस्तार के तहत वियतनाम के हनोई और टोक्यो के हनेडा के लिए नॉन स्टॉप सर्विस को जोड़ेगी।

    कंपनी ने बताया कि एयर इंडिया 01 मई से दिल्ली से वियतनाम के हनोई के लिए और 15 जून से मुंबई से टोक्यो के हानेडा के लिए अपनी सीधी उड़ानें शुरू करने वाली है। एयर इंडिया ने ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, मरीन ड्राइव के सनसेट से लेकर शिबुया की रौनक भरी रातों तक जापान अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है। हम 15 जून से मुंबई और टोक्यो हानेडा के बीच हफ़्ते में 4x नॉन-स्टॉप फ्लाइट की शुरुआत कर रहे हैं, जिससे यात्रियों के लिए जापान के कल्चर, एनर्जी और हमेशा रहने वाले आकर्षण का अनुभव करना आसान हो जाएगा। एयरलाइन ने कहा कि बुकिंग अभी शुरू है।

  • पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर

    पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर


    नई दिल्ली। यूएई में इजराइल-ईरान युद्ध के बीच फंसे इंदौर के पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत कई भारतीय यात्री अब सुरक्षित भारत लौट आए हैं। दुबई और शारजाह में जारी तनाव के कारण सैकड़ों यात्रियों की वापसी रुक गई थी और वे कई दिन होटल में मजबूरी में ठहरे रहे। इस सूची में पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, उद्योगपति मनीष शाहरा, मनीष अग्रवाल, पिंटू छाबड़ा, गोलू पाटनी, उत्पल गोयल, आदित्य शर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी यात्री अब सुरक्षित अपने घर पहुंचे हैं, जिससे उनके परिवारों में राहत की लहर दौड़ गई।

    यूएई में हालात बिगड़ने के कारण एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट IX-256 28 फरवरी से लगातार कैंसिल हो रही थी। 3 मार्च को भी यह उड़ान नहीं हुई थी, जिससे इंदौर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से आए सैकड़ों यात्री वहां फंसे रहे। मिसाइल अलर्ट और युद्ध के खतरे ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया। कई यात्रियों ने बताया कि धमाकों और सुरक्षा अलर्ट के दौरान वे काफी डर गए थे।

    2 मार्च की शाम से दुबई एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानें फिर से शुरू हुईं। फंसे हुए यात्री पहले मुंबई पहुंचे और वहां से दूसरी फ्लाइट लेकर इंदौर आए। हालांकि शारजाह-इंदौर की सीधी उड़ान अभी भी शुरू नहीं हुई है। सरकार और एयरलाइन कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। इस बीच, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से बातचीत कर फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी की पहल की। वहीं, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी।

    पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्रियों की वापसी से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंसे भारतीयों ने भी बताया कि उनके होटल के पास धमाके हुए और तनावपूर्ण माहौल रहा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने सभी राज्यों में भड़काऊ भाषणों और अशांति के मामलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    इसी बीच, इंडिगो एयरलाइन ने सऊदी अरब के जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स संचालित करने का निर्णय लिया है ताकि वहां फंसे भारतीय यात्री जल्द से जल्द स्वदेश लौट सकें। इस दौरान यूएई में फंसे लोगों की मदद के लिए भारत सरकार ने विशेष टीम और काउंसलर सहायता भी उपलब्ध कराई।

    इजराइल-ईरान युद्ध के चलते यह संकट चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव ने पूरे क्षेत्र की हवाई यात्रा को प्रभावित किया। दुबई, शारजाह और अबू धाबी एयरपोर्ट पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं, जिससे विदेशी और भारतीय यात्री दोनों ही फंसे। अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और भारत लौटे सभी यात्री सुरक्षित हैं।

    इस बीच, मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए यह राहत की खबर है कि पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्री सुरक्षित लौट आए हैं। उनकी वापसी ने उन परिवारों के दिलों को शांति दी है, जो दिनों से उनके लिए चिंतित थे।

  • एयर इंडिया की एयरबस ने बिना अनुमति भरी उड़ान, DGCA ने ठोका एक करोड़ का जुर्माना

    एयर इंडिया की एयरबस ने बिना अनुमति भरी उड़ान, DGCA ने ठोका एक करोड़ का जुर्माना


    नई दिल्ली।
    एयर इंडिया (Air India) पर डीजीसीए (DGCA) ने एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया (Air India) की एयरबस (Airbus) ने बिना जरूरी परमिशन के उड़ान भरी। ऐसा एक या दो नहीं, बल्कि आठ बार हुआ। डीजीसीए ने इसको बहुत गंभीर किस्म का उल्लंघन माना है। साथ ही लापरवाही के लिए टॉप लेवल मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है। डीजीसीए ने जुर्माना लगाते हुए अपने आदेश में लिखा है कि एयरबस ए320 विमान ने कई सेक्टर्स में उड़ान भरी। इसमें नई दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी शामिल हैं।

    ऐसा पिछले साल 24 से 25 नवंबर के बीच हुआ। इन उड़ानों के लिए एयर इंडिया ने अनिवार्य एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) नहीं लिया था। एआरसी एक बेहद अहम सर्टिफिकेट है जो सालाना तौर पर डीजीसीए द्वारा जारी किया जाता है। इसके लिए विमान को सभी जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करना होता है। बिना एआरसी के उड़ान भरना उड़ान के सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।


    डीजीसीए ने माना बेहद गंभीर

    डीजीसीए ने एयर इंडिया के इस उल्लंघन को बेहद गंभीर माना है। एक खबर के मुताबिक इसे एयरलाइन की कैजुअल अप्रोच बताया गया है। जानकारी के मुताबिक डीजीसीए ने कहाकि इस तरह के उल्लंघन को लेकर हम बहुत कड़ी कार्रवाई करते हैं। इसलिए जितनी ज्यादा संभव हो सकती थी, उतनी पेनाल्टी लगाई गई है। जब किसी संस्था पर जुर्माना लगाया जाता है तो जिम्मेदार मैनेजर को नोटिस दी जाती है। डीजीसीए ने शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय की है, और एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन को इस चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया है।


    एयर इंडिया ने क्या कहा

    डीजीसीए के आदेश का जवाब देते हुए, एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहाकि एयर इंडिया ने 2025 में स्वेच्छा से रिपोर्ट किए गए एक घटना से संबंधित डीजीसीए आदेश की प्राप्ति को स्वीकार किया है। सभी पहचाने गए गैप्स को तब से संतोषजनक रूप से संबोधित किया गया है, साथ ही प्राधिकरण के साथ साझा किया गया है। एयर इंडिया अपने संचालन की निष्पक्षता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता में अडिग है।