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  • पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर

    पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर


    नई दिल्ली। यूएई में इजराइल-ईरान युद्ध के बीच फंसे इंदौर के पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत कई भारतीय यात्री अब सुरक्षित भारत लौट आए हैं। दुबई और शारजाह में जारी तनाव के कारण सैकड़ों यात्रियों की वापसी रुक गई थी और वे कई दिन होटल में मजबूरी में ठहरे रहे। इस सूची में पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, उद्योगपति मनीष शाहरा, मनीष अग्रवाल, पिंटू छाबड़ा, गोलू पाटनी, उत्पल गोयल, आदित्य शर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी यात्री अब सुरक्षित अपने घर पहुंचे हैं, जिससे उनके परिवारों में राहत की लहर दौड़ गई।

    यूएई में हालात बिगड़ने के कारण एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट IX-256 28 फरवरी से लगातार कैंसिल हो रही थी। 3 मार्च को भी यह उड़ान नहीं हुई थी, जिससे इंदौर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से आए सैकड़ों यात्री वहां फंसे रहे। मिसाइल अलर्ट और युद्ध के खतरे ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया। कई यात्रियों ने बताया कि धमाकों और सुरक्षा अलर्ट के दौरान वे काफी डर गए थे।

    2 मार्च की शाम से दुबई एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानें फिर से शुरू हुईं। फंसे हुए यात्री पहले मुंबई पहुंचे और वहां से दूसरी फ्लाइट लेकर इंदौर आए। हालांकि शारजाह-इंदौर की सीधी उड़ान अभी भी शुरू नहीं हुई है। सरकार और एयरलाइन कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। इस बीच, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से बातचीत कर फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी की पहल की। वहीं, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी।

    पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्रियों की वापसी से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंसे भारतीयों ने भी बताया कि उनके होटल के पास धमाके हुए और तनावपूर्ण माहौल रहा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने सभी राज्यों में भड़काऊ भाषणों और अशांति के मामलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    इसी बीच, इंडिगो एयरलाइन ने सऊदी अरब के जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स संचालित करने का निर्णय लिया है ताकि वहां फंसे भारतीय यात्री जल्द से जल्द स्वदेश लौट सकें। इस दौरान यूएई में फंसे लोगों की मदद के लिए भारत सरकार ने विशेष टीम और काउंसलर सहायता भी उपलब्ध कराई।

    इजराइल-ईरान युद्ध के चलते यह संकट चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव ने पूरे क्षेत्र की हवाई यात्रा को प्रभावित किया। दुबई, शारजाह और अबू धाबी एयरपोर्ट पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं, जिससे विदेशी और भारतीय यात्री दोनों ही फंसे। अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और भारत लौटे सभी यात्री सुरक्षित हैं।

    इस बीच, मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए यह राहत की खबर है कि पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्री सुरक्षित लौट आए हैं। उनकी वापसी ने उन परिवारों के दिलों को शांति दी है, जो दिनों से उनके लिए चिंतित थे।

  • एयर इंडिया की एयरबस ने बिना अनुमति भरी उड़ान, DGCA ने ठोका एक करोड़ का जुर्माना

    एयर इंडिया की एयरबस ने बिना अनुमति भरी उड़ान, DGCA ने ठोका एक करोड़ का जुर्माना


    नई दिल्ली।
    एयर इंडिया (Air India) पर डीजीसीए (DGCA) ने एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया (Air India) की एयरबस (Airbus) ने बिना जरूरी परमिशन के उड़ान भरी। ऐसा एक या दो नहीं, बल्कि आठ बार हुआ। डीजीसीए ने इसको बहुत गंभीर किस्म का उल्लंघन माना है। साथ ही लापरवाही के लिए टॉप लेवल मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है। डीजीसीए ने जुर्माना लगाते हुए अपने आदेश में लिखा है कि एयरबस ए320 विमान ने कई सेक्टर्स में उड़ान भरी। इसमें नई दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी शामिल हैं।

    ऐसा पिछले साल 24 से 25 नवंबर के बीच हुआ। इन उड़ानों के लिए एयर इंडिया ने अनिवार्य एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) नहीं लिया था। एआरसी एक बेहद अहम सर्टिफिकेट है जो सालाना तौर पर डीजीसीए द्वारा जारी किया जाता है। इसके लिए विमान को सभी जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करना होता है। बिना एआरसी के उड़ान भरना उड़ान के सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।


    डीजीसीए ने माना बेहद गंभीर

    डीजीसीए ने एयर इंडिया के इस उल्लंघन को बेहद गंभीर माना है। एक खबर के मुताबिक इसे एयरलाइन की कैजुअल अप्रोच बताया गया है। जानकारी के मुताबिक डीजीसीए ने कहाकि इस तरह के उल्लंघन को लेकर हम बहुत कड़ी कार्रवाई करते हैं। इसलिए जितनी ज्यादा संभव हो सकती थी, उतनी पेनाल्टी लगाई गई है। जब किसी संस्था पर जुर्माना लगाया जाता है तो जिम्मेदार मैनेजर को नोटिस दी जाती है। डीजीसीए ने शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय की है, और एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन को इस चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया है।


    एयर इंडिया ने क्या कहा

    डीजीसीए के आदेश का जवाब देते हुए, एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहाकि एयर इंडिया ने 2025 में स्वेच्छा से रिपोर्ट किए गए एक घटना से संबंधित डीजीसीए आदेश की प्राप्ति को स्वीकार किया है। सभी पहचाने गए गैप्स को तब से संतोषजनक रूप से संबोधित किया गया है, साथ ही प्राधिकरण के साथ साझा किया गया है। एयर इंडिया अपने संचालन की निष्पक्षता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता में अडिग है।

  • पायलट ने शराब के नशे में उड़ाया विमान… कनाड़ा ने Air India को 26 जनवरी तक एक्शन लेने को कहा

    पायलट ने शराब के नशे में उड़ाया विमान… कनाड़ा ने Air India को 26 जनवरी तक एक्शन लेने को कहा


    वैंकूवर।
    कनाडा (Canada) ने एयर इंडिया (Air India) को सूचित किया है कि 23 दिसंबर 2025 को उसकी एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान (International flight) के संचालन से ठीक पहले एयरलाइन का एक पायलट शराब के नशे में पाया गया। यह कनाडाई कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। कनाडा के परिवहन नियामक ट्रांसपोर्ट कानाडा ने इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने और 26 जनवरी 2026 तक उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है।

    यह सूचना पायलट के ब्रीथ एनालाइजर (BA) टेस्ट में फेल पाए जाने के एक दिन बाद भेजी गई। ट्रांसपोर्ट कनाडा ने एयर इंडिया से अपने सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) के तहत सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।


    आरसीएमपी की पुष्टि और संभावित कार्रवाई

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट कनाडा द्वारा 24 दिसंबर को एयर इंडिया को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने एयरलाइन को बताया कि संबंधित कप्तान 23 दिसंबर को उड़ान संख्या AI 186 की ड्यूटी के लिए शराब के नशे में पहुंचा था और उड़ान संचालन के लिए अयोग्य पाया गया। वैंकूवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर RCMP द्वारा कराए गए दो ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में इसकी पुष्टि हुई, जिसके बाद पायलट को विमान से उतारकर ड्यूटी से हटा दिया गया।

    पत्र के अनुसार, यह घटना कनाडा के एविएशन रेगुलेशंस के साथ-साथ एयर इंडिया के फॉरेन एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (FAOC 1946) की शर्तों का भी उल्लंघन है। FAOC की एक शर्त है कि विदेशी एयर ऑपरेटर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करेगा। ट्रांसपोर्ट कनाडा ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में RCMP और स्वयं उसका विभाग कानूनी कार्रवाई कर सकता है।


    DGCA को सूचना, विवरण मांगा

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एयर इंडिया ने कनाडाई अधिकारियों से ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट का पूरा विवरण, जिसमें अल्कोहल का स्तर भी शामिल है, मांगा है। साथ ही, एयरलाइन ने भारत के विमानन नियामक DGCA को भी इस घटना की जानकारी दे दी है। ऑपरेशन सिंदूर के चलते पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद एयर इंडिया की उत्तरी अमेरिका से भारत आने वाली अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल उड़ानों को बीच में ईंधन भरने के लिए ठहराव करना पड़ रहा है। AI 186 को वैंकूवर से वियना तक दो सेट पायलटों (प्रत्येक सेट में एक कप्तान और एक सह-पायलट) द्वारा संचालित किया जाना था। वियना से दिल्ली के लिए तीसरा सेट उड़ान संचालित करता।

    संबंधित पायलट का वियना में लेओवर था और वह कथित तौर पर वैंकूवर ड्यूटी-फ्री से शराब खरीद रहा था। चूंकि वह कनाडा से बोर्ड कर ऑस्ट्रिया में उतरने वाला था, इसलिए दोनों विदेशी स्टेशनों पर सामान्यतः ब्रीथ एनालाइजर जांच नहीं होती। हालांकि, ड्यूटी-फ्री स्टाफ को उसकी सांस से शराब की गंध आई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस ने उसे एयर इंडिया की उड़ान तक ट्रेस किया।


    ‘12 घंटे पहले शराब निषिद्ध’

    वरिष्ठ पायलटों का कहना है कि उड़ान से कम से कम 12 घंटे पहले शराब पीना सख्त वर्जित है। यदि कोई पायलट इस नियम का पालन नहीं कर पाता, तो उसे चिकित्सा कारणों से उड़ान संचालन से इनकार कर देना चाहिए। ऐसा करने से उसकी नौकरी, लाइसेंस और करियर सुरक्षित रह सकता है।

    एयर इंडिया ने बुधवार को जारी बयान में कहा- 23 दिसंबर 2025 को वैंकूवर से दिल्ली जाने वाली उड़ान AI 186 में अंतिम क्षणों में देरी हुई, क्योंकि एक कॉकपिट क्रू सदस्य को उड़ान से पहले उतार दिया गया। कनाडाई अधिकारियों ने पायलट की ड्यूटी के लिए फिटनेस पर चिंता जताई, जिसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए ले जाया गया।

  • फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा

    फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा


    नई दिल्ली।देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लिए नवंबर 2025 चुनौतियों से भरा रहा। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के कारण कंपनी का घरेलू मार्केट शेयर घटकर 63.6% पर आ गया जो अक्टूबर में 65.6% था। इस गिरावट के चलते एयरलाइन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है जबकि एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने इस अवसर का लाभ उठाया।

    नागर विमानन महानिदेशालय DGCA द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो की मार्केट हिस्सेदारी में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान टाटा समूह की एअर इंडिया का संयुक्त मार्केट शेयर अक्टूबर के 25.7% से बढ़कर नवंबर में 26.7% पहुंच गया। वहीं, आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रही स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 2.6% से बढ़कर 3.7% हो गई।नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल समस्याओं का सामना करना पड़ा। DGCA द्वारा पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट FDTL नियम लागू किए गए थे। इंडिगो इन नए नियमों के अनुसार समय पर अपने क्रू रोस्टर और संसाधनों का प्रबंधन नहीं कर सकी। इसका नतीजा यह हुआ कि नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसंबर के पहले हफ्ते में लगभग 5,000 उड़ानें या तो रद्द हुईं या तय समय से देरी से संचालित हुईं।

    लगातार उड़ान बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। हालात बिगड़ने के बाद DGCA ने सख्त कदम उठाते हुए इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें एयरलाइन की योजना और प्रबंधन से जुड़ी खामियों का उल्लेख होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के पास मजबूत नेटवर्क और बेड़े की क्षमता है, लेकिन नियामकीय बदलावों के अनुरूप तेजी से ढलना अब उसकी प्राथमिक चुनौती होगी। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से यात्रियों में असंतोष बढ़ा है। नवंबर में घरेलू उड़ानों में 1.53 करोड़ यात्रियों ने सफर किया जो पिछले साल की तुलना में करीब 7% अधिक था। इसी अवधि में कुल 1,196 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें आधे से अधिक उड़ान में देरी और कैंसिलेशन से संबंधित थीं, जबकि बैगेज और रिफंड की शिकायतें भी प्रमुख रही।

    इंडिगो के लिए यह समय रणनीतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ग्राहकों की संतुष्टि बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस के लिए यह अवसर है कि वे अपनी सेवाओं को बेहतर करके मार्केट में स्थायी बढ़त हासिल कर सकें। एअर इंडिया ने पिछले महीनों में अपने बेड़े और मार्ग नेटवर्क का विस्तार किया है, जबकि स्पाइसजेट ने नए रूट और प्रतिस्पर्धी कीमतें पेश कर अपनी स्थिति मजबूत की है विश्लेषकों का कहना है कि इंडिगो को भविष्य में नियामक बदलावों और ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीति अपनानी होगी। यात्रियों का भरोसा और समय पर उड़ान संचालन कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के लिए अहम होंगे। एयरलाइन उद्योग में यह संकेत देता है कि बड़े ऑपरेटरों को भी समय-समय पर अपने प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन में सुधार करना होगा, ताकि मार्केट में उनका प्रभुत्व बरकरार रहे।

  • मोहम्मद सिराज की फ्लाइट देरी पर नाराजगी, एअर इंडिया से की शिकायत

    मोहम्मद सिराज की फ्लाइट देरी पर नाराजगी, एअर इंडिया से की शिकायत

    नई दिल्‍ली । भारत और साउथ अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने 408 रनों से जीत हासिल कर सीरीज 2-0 से अपने नाम की। इस हार के बाद जब टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज हैदराबाद लौटने के लिए एअर इंडिया की फ्लाइट में सवार हो रहे थे तो फ्लाइट में लगातार हो रही देरी ने उन्हें नाराज कर दिया।

    सिराज ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि फ्लाइट की देरी के बारे में उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और बार-बार संपर्क करने पर भी कोई अपडेट नहीं मिला।

    उन्होंने फ्लाइट के संचालन को काफी निराशाजनक करार दिया और कहा कि यात्री जानना चाहते हैं कि इतनी देर क्यों हो रही है लेकिन एयरलाइन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। सिराज ने ट्वीट कर लिखा मैं सच में किसी को भी इस उड़ान से यात्रा करने की सलाह नहीं दूंगा अगर एअर इंडिया कोई ठोस कदम नहीं उठाती

    सिराज की यह प्रतिक्रिया एयर इंडिया की फ्लाइट IX 2884 के मामले में आई जो गुवाहाटी से हैदराबाद के लिए शाम 7:25 बजे उड़ान भरने वाली थी।

    हालांकि उड़ान चार घंटे की देरी से शुरू हुई और इस दौरान यात्रियों को न तो कोई उचित जानकारी दी गई न ही किसी तरह की स्थिति की स्पष्टता दी गई। सिराज ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यात्रियों की परेशानियों को साझा करते हुए यह सवाल उठाया कि इतनी लंबी देरी के बावजूद एयरलाइन क्यों कोई अपडेट नहीं दे रही है।
    एअर इंडिया का आधिकारिक जवाब
    मोहम्मद सिराज के ट्वीट के बाद एअर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया दी और बताया कि फ्लाइट IX 2884 को ऑपरेशनल कारणों की वजह से रद्द कर दिया गया है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मामले पर काम कर रहे हैं और यात्रियों के साथ जल्द ही संपर्क करेंगे। हालांकि यह स्थिति सिराज और अन्य यात्रियों के लिए निराशाजनक रही क्योंकि उन्हें अपनी यात्रा को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली थी।
    सिराज का भावनात्मक प्रतिक्रिया

    सिराज ने न केवल एयरलाइन की देरी और खराब सेवा के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की बल्कि अपनी यात्रा के अनुभव को सार्वजनिक करते हुए अन्य यात्रियों को भी एक चेतावनी दी। उनका यह बयान एक सामान्य यात्री की स्थिति को उजागर करता है जो एयरलाइनों की देरी और खराब संचालन से परेशान हो जाता है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में एअर इंडिया से ठोस कदम उठाने की मांग की।

    आगामी मैचों के लिए सिराज की तैयारी

    मोहम्मद सिराज हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज के बाद अब आगामी वनडे सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की टीम का हिस्सा होंगे। यह सीरीज 30 नवंबर से शुरू होने वाली है और सिराज को इस सीरीज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। हालांकि उनका यह अनुभव एक कड़ा सबक था कि यात्रा की कोई भी असुविधा क्रिकेट की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है खासकर जब खिलाड़ी अपनी टीम के लिए एक मजबूत प्रदर्शन की तैयारी कर रहे होते हैं।
     
    इस घटनाक्रम से यह भी साफ है कि फ्लाइट की देरी या किसी अन्य यात्रा संबंधित समस्या सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है बल्कि आम यात्रियों के लिए भी यह एक आम परेशानी बन चुकी है। फ्लाइट के ऑपरेशनल कारणों से रद्द या देरी होना खासकर जब यात्रियों को कोई जानकारी नहीं दी जाती तो यह उनकी यात्रा को और भी तनावपूर्ण बना देता है।

    सिराज की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को एक बड़ा सार्वजनिक ध्यान दिलाया है, और अब यह देखना होगा कि एअर इंडिया इस मामले को किस तरह से हल करती है ताकि भविष्य में इस प्रकार की असुविधाओं से बचा जा सके।