Tag: Akshaya Tritiya

  • अक्षय तृतीया पर चमके-सोना चांदी….., जानिए पिछले 10 सालों में कितनी बढ़ी कीमतें ?

    अक्षय तृतीया पर चमके-सोना चांदी….., जानिए पिछले 10 सालों में कितनी बढ़ी कीमतें ?


    नई दिल्ली।
    अक्षय तृतीया 2026 (Akshaya Tritiya 2026) का त्योहार कल यानी 19 अप्रैल को है। 10 साल पहले यानी 2016 में अक्षय तृतीया के समय पर 10 ग्राम गोल्ड की कीमत (Gold Price) 30,100 रुपये थी। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार कल यानी शुक्रवार को 24 कैरेट गोल्ड का रेट 151358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। यानी अगर किसी निवेशक ने 2026 में अक्षय तृतीया के समय पर 10,000 रुपये का निवेश किया होगा उसका इनवेस्टमेंट बढ़कर 45000 रुपये हो गया होगा। निवेशकों का तगड़ा फायदा हुआ है। बता दें, 10 साल में सोने का रेट 400 प्रतिशत बढ़ा है।


    चांदी के रेट में पिछले 10 साल में तेज इजाफा (Silver price histroy)

    2016 में अक्षय तृतीया के त्योहार के समय पर 1 किलोग्राम चांदी का रेट 41200 रुपये था। जोकि शुक्रवार यानी 17 अप्रैल की शाम को 247930 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यानी 10 साल में चांदी की कीमतों में 2,06,730 रुपये बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    पिछले एक साल में 50% बढ़ा सोने का रेट (Gold price surged 50 percent in one year)
    2025 में अक्षय तृतीया के समय पर गोल्ड का रेट 95500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। जोकि अब 151000 रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। यानी बीते साल अक्षय तृतीया की तुलना में इस बार सोने का रेट 50% से अधिक बढ़ चुका है।


    आज क्या है 24 से 14 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Price Today)

    इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार 24 कैरेट गोल्ड का रेट शुक्रवार यानी 17 अप्रैल की शाम को 151358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, 23 कैरेट गोल्ड का रेट 150752 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट गोल्ड का रेट 138644 रुपये, 18 कैरेट गोल्ड का रेट 113519 रुपये और 14 कैरेट गोल्ड का रेट 88544 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।

    इससे पहले 16 अप्रैल को गोल्ड का रेट 153305 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी महज दो दिन में गोल्ड की कीमतों में करीब 2000 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, अप्रैल के महीने में गोल्ड का रेट लगभग स्थिर ही बना हुआ है।


    रिकॉर्ड हाई से क्यों गिरा गोल्ड का रेट? (Why Gold get cheaper)

    इसी साल एक समय पर गोल्ड का रेट 175000 रुपये को पार कर गया था। लेकिन वहां से गोल्ड की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसके पीछे की वजह डॉलर का मजबूत होना माना जा रहा है। वहीं, निवेशकों की तरफ से मुनाफावसूली भी जमकर देखने को मिली है।

  • चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    देहरादून। चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहले

    Chardham 

    दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन पूरे विधि विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलेंगे। चार धाम यात्रा में इस बार कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यात्रा को सुगम और सरल बनाने को भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है। कैमरों की मदद से हेड काउंट होंगे। दर्शन में भीड़भाड़ से बचने को टोकन सिस्टम लागू होगा। तय एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसमें गैर सनातनियों के धामों में प्रवेश पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी को नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाई जा सके।


    बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे

    आज गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 मिनट पर खुल रहे हैं। इसके कुछ देर बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12.35 पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। वहीं, 23 अप्रैल को 6.15 सुबह बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। आगामी दो दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। जहां सड़क मार्ग को बेहतर किया जा रहा है वहीं पैदल मार्ग पर भी पूरी तरह आवाजाही के लिए तैयारियां कर दी गई है। गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है। केदारनाथ में भी तैयारियां चल रही हैं।


    केदारनाथ में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया

    केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 24 घंटे निगरानी को एक उच्च तकनीक वाला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। इस मार्ग पर 360-डिग्री कैमरे और 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के रूप में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।


    70 मीटर के दायरे में रील बनाने पर रोक

    धामों में रील बना कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मोबाइल, कैमरे रखने को लॉकर मिलेंगे।

    धामों में दर्शन की अधिकतम सीमा समाप्त
    इस बार प्रतिदिन धामों में दर्शन करने की अधिकतम सीमा भी समाप्त कर दी गई है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है।


    धामों में आने वालों को ग्रहण करना होगा पंचगव्य

    गंगोत्री यमुनोत्री धाम में पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिला कर तैयार होने वाले पंचगव्य को ग्रहण करना होगा।

  • चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ, अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले, श्रद्धा और सुरक्षा का संगम

    चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ, अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले, श्रद्धा और सुरक्षा का संगम

    नई दिल्ली: उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विधिवत रूप से हो गई है। इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत पूजा अर्चना और धार्मिक विधि विधान के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बन गया और देश भर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन का लाभ लेना शुरू कर दिया।

    गंगोत्री धाम में कपाट खुलने की प्रक्रिया पारंपरिक रीति रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई। मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल से विधिवत पूजा के बाद धाम की ओर रवाना हुई। यात्रा मार्ग में स्थानीय श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ डोली का स्वागत किया और पूरे वातावरण में जयकारों की गूंज सुनाई दी। निर्धारित परंपरा के अनुसार डोली रास्ते में विश्राम के बाद अगले दिन गंगोत्री धाम पहुंचेगी, जहां कपाट खुलने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई।

    यमुनोत्री धाम में भी कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां यमुना के दर्शन के लिए भक्तों ने लंबी कतारों में प्रतीक्षा की और पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था का वातावरण देखने को मिला। कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का औपचारिक आरंभ माना जाता है, जो आने वाले महीनों तक जारी रहती है।

    इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और यातायात नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई स्तरों पर व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

    केदारनाथ यात्रा के लिए इस बार आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। पूरे यात्रा मार्ग पर कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है और नियंत्रण कक्षों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी और यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकेगा।

    यात्रा मार्ग को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि हर क्षेत्र की निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है और जगह जगह चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    प्रशासन ने ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया है। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत दूर करने के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा रियल टाइम सहायता व्यवस्था भी लागू की गई है जिससे यात्रियों को तुरंत मदद उपलब्ध कराई जा सके।

    इस बार चारधाम यात्रा में पारंपरिक धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का भी समावेश देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां सदियों पुरानी धार्मिक परंपराएं पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए गोल्ड निवेश में पारदर्शिता और सुविधा का बढ़ता रुझान..

    डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए गोल्ड निवेश में पारदर्शिता और सुविधा का बढ़ता रुझान..


    नई दिल्ली :
     अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर सोना खरीदने की पारंपरिक परंपरा अब डिजिटल रूप में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसी कड़ी में एक प्रमुख डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म ने अपने यूजर्स को 24 कैरेट डिजिटल गोल्ड खरीदने का आसान और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराया है। यह सुविधा उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो बिना किसी भौतिक झंझट के निवेश करना चाहते हैं और तकनीक के माध्यम से अपनी बचत को बढ़ाना चाहते हैं।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार यूजर्स 99.99 प्रतिशत शुद्धता वाला डिजिटल गोल्ड सीधे ऐप के माध्यम से खरीद सकते हैं। यह गोल्ड विश्वसनीय और प्रमाणित प्लेटफॉर्म्स के जरिए उपलब्ध कराया जाता है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इस व्यवस्था के तहत ग्राहकों को भरोसेमंद निवेश का अनुभव मिलता है और उन्हें गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं रहती।

    डिजिटल गोल्ड खरीदने के लिए कई पेमेंट विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और वॉलेट जैसे माध्यम शामिल हैं। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को उनकी सुविधा के अनुसार भुगतान करने की स्वतंत्रता देती है और पूरी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाती है।

    इस प्लेटफॉर्म की एक खास विशेषता यह है कि ग्राहक बहुत छोटी राशि से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। मात्र 10 रुपये से शुरुआत कर धीरे धीरे निवेश बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा नियमित निवेश के लिए दैनिक या मासिक आधार पर निवेश करने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उपयोगकर्ता समय के साथ अपनी बचत को व्यवस्थित तरीके से बढ़ा सकते हैं।

    डिजिटल गोल्ड की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी लिक्विडिटी है। उपयोगकर्ता जब चाहें अपना गोल्ड बेच सकते हैं और राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकते हैं। इससे यह निवेश पारंपरिक सोने की तुलना में अधिक लचीला और सुविधाजनक बन जाता है।

    देशभर में बड़ी संख्या में लोग इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं, जिससे डिजिटल गोल्ड की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। यह विकल्प विशेष रूप से उन लोगों के बीच तेजी से स्वीकार किया जा रहा है जो डिजिटल माध्यमों के जरिए निवेश करना पसंद करते हैं।

    अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर यह सुविधा पारंपरिक विश्वास और आधुनिक तकनीक का संतुलित मेल प्रस्तुत करती है, जहां लोग आसानी से सुरक्षित निवेश कर सकते हैं और अपनी वित्तीय योजनाओं को मजबूत बना सकते हैं।

  • धार्मिक आस्था का पावन पर्व अक्षय तृतीया पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब और विशेष परंपराएं

    धार्मिक आस्था का पावन पर्व अक्षय तृतीया पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब और विशेष परंपराएं

    नई दिल्ली । सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत पवित्र और शुभ तिथि माना जाता है जिसे अक्षय यानी कभी समाप्त न होने वाले पुण्य का प्रतीक कहा गया है। यह तिथि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है और मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पुण्य और शुभ कार्यों का फल अक्षय रूप से प्राप्त होता है। यही कारण है कि इस दिन पूरे 24 घंटे को शुभ मुहूर्त माना जाता है और किसी विशेष समय की आवश्यकता नहीं पड़ती।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन नए कार्यों की शुरुआत, विवाह, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी दिन से कई महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं और परंपराओं की शुरुआत भी होती है, जिनमें चार धाम यात्रा का शुभारंभ प्रमुख है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट इसी दिन श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं, जबकि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम भी इसी शुभ अवसर पर भक्तों के लिए दर्शन हेतु खुलते हैं।

    पुरी में भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा की तैयारियों की शुरुआत भी अक्षय तृतीया से ही मानी जाती है। इसी दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन विशाल रथों का निर्माण कार्य विधिवत रूप से प्रारंभ होता है। मंदिर के पुजारी भगवान को माला अर्पित कर रथ निर्माण की परंपरा का शुभारंभ करते हैं, जो आगे चलकर विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का स्वरूप लेती है।

    वृंदावन में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व देखने को मिलता है। यहां बांके बिहारी मंदिर में भगवान के चरण कमलों के दर्शन वर्ष में केवल इसी दिन भक्तों को होते हैं। इसके अलावा मंदिरों में फूलों और चंदन से विशेष श्रृंगार किया जाता है, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उल्लास का माहौल बन जाता है।

    दक्षिण भारत में भी इस पर्व की अनूठी परंपराएं देखने को मिलती हैं। आंध्र प्रदेश के सिंहाचलम मंदिर में इस दिन भगवान वराह नरसिंह पर लगी चंदन की परत हटाकर उनके वास्तविक स्वरूप के दर्शन भक्तों को कराए जाते हैं। वहीं तमिलनाडु के कई विष्णु मंदिरों में गरुड़ वाहन पर भव्य शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं। ओडिशा के रेमुना मंदिर में भगवान क्षीरचोरा गोपीनाथ को चंदन का लेप लगाकर गर्मी से राहत देने की परंपरा निभाई जाती है। यह आयोजन भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया का संबंध कई पौराणिक घटनाओं से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि इसी दिन त्रेता युग का आरंभ हुआ था, गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, महाभारत की रचना शुरू हुई थी और भगवान परशुराम का अवतार भी इसी दिन माना जाता है। साथ ही माता अन्नपूर्णा का प्राकट्य और कुबेर को धन के देवता का स्थान भी इसी तिथि से जुड़ा हुआ बताया जाता है।

    इस दिन सोना, हल्दी, पीली सरसों, रूई और कौड़ी जैसी वस्तुओं की खरीद को शुभ माना जाता है। श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा, दान और सत्कर्म कर जीवन में सुख, समृद्धि और अक्षय पुण्य की कामना करते हैं। अक्षय तृतीया केवल एक पर्व नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और शुभता का अद्भुत संगम माना जाता है जो भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।

  • अक्षय तृतीया पर करें ये अचूक उपाय घर में स्थायी लक्ष्मी वास और बढ़ता रहेगा धन

    अक्षय तृतीया पर करें ये अचूक उपाय घर में स्थायी लक्ष्मी वास और बढ़ता रहेगा धन


    नई दिल्ली । अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी क्षय नहीं होता और वह निरंतर बढ़ता रहता है वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया उन्नीस अप्रैल को मनाई जाएगी इस बार का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन कृतिका नक्षत्र और त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस योग में किए गए उपाय कई गुना फल देने वाले होते हैं और धन समृद्धि के नए द्वार खोलते हैं

    धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए यदि कुछ विशेष वस्तुएं तिजोरी या धन स्थान में रखी जाएं तो घर में स्थायी रूप से समृद्धि का वास होता है और आर्थिक समस्याएं धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं इस दिन किया गया छोटा सा उपाय भी जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है

    सबसे पहले पीली कौड़ियों का उपाय अत्यंत प्रभावी माना जाता है पीली कौड़ियां मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय होती हैं पांच पीली कौड़ियों को पीले रेशमी कपड़े में केसर की कुछ पत्तियों और एक चांदी के सिक्के के साथ बांधकर एक छोटी पोटली तैयार करें इस पोटली की पूजा करें और इसे श्रद्धा पूर्वक तिजोरी में रख दें ऐसा करने से धन आकर्षण बढ़ता है और आय के स्रोत मजबूत होते हैं

    दूसरा उपाय दक्षिणावर्ती शंख का है यह शंख समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है इसे गंगाजल और केसर से शुद्ध करके पूजा स्थान या तिजोरी में स्थापित करना चाहिए मान्यता है कि जिस घर में यह शंख स्थापित होता है वहां दरिद्रता का प्रवेश नहीं होता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है

    तीसरा उपाय बहेड़ा वृक्ष की जड़ या पत्तों से जुड़ा है इसे अक्षय तृतीया के दिन घर लाकर गंगाजल से शुद्ध करें धूप दीप दिखाएं और लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या गल्ले में रख दें यह उपाय आर्थिक स्थिरता प्रदान करता है और धन वृद्धि में सहायक माना जाता है

    चौथा उपाय धनदा यंत्र या वृद्धि यंत्र की स्थापना का है इस दिन यंत्र को सामने रखकर श्री सूक्त का पाठ करने के बाद इसे व्यवसाय स्थल या धन रखने के स्थान पर स्थापित करें यह यंत्र सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है और नए आर्थिक अवसर प्रदान करता है

    पांचवां उपाय श्रीफल यानी नारियल से जुड़ा है एक छोटा श्रीफल लेकर उसे लाल कपड़े में लपेटें उस पर सिंदूर कपूर और लौंग अर्पित करें धूप दीप दिखाकर तिजोरी में रख दें यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में मां लक्ष्मी के स्थायी वास का प्रतीक माना जाता है

    अक्षय तृतीया का यह पावन दिन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि यह जीवन में समृद्धि और सकारात्मक बदलाव का अवसर भी प्रदान करता है सही श्रद्धा और विधि से किए गए उपाय जीवन में धन वैभव और शांति लेकर आते हैं

  • अक्षय तृतीया पर बनेगा खास संयोग, ‘अक्षय योग’ से इन राशियों पर होगी धन वर्षा

    अक्षय तृतीया पर बनेगा खास संयोग, ‘अक्षय योग’ से इन राशियों पर होगी धन वर्षा

    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में ‘अक्षय योग’ को बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। ‘अक्षय’ का अर्थ होता है-जो कभी समाप्त न हो, यानी इस योग में किए गए कार्यों का शुभ फल लंबे समय तक मिलता है। यह योग तब बनता है, जब सूर्य और चंद्रमा अपनी-अपनी उच्च राशियों में स्थित होते हैं।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में और चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे, जिससे यह विशेष योग बनेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस संयोग से कई राशियों के जीवन में धन, सफलता और समृद्धि का प्रवेश होगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। आइए जानते हैं किन राशियों को मिलेगा इस शुभ योग का विशेष लाभ।

    मेष राशि (Aries)

    इस राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन के संकेत हैं, जबकि व्यापारियों को नए अवसर मिल सकते हैं। सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी और निवेश में फायदा होने की संभावना है।

    वृषभ राशि (Taurus)
    वृषभ राशि वालों के लिए यह योग सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत दे रहा है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। घर, जमीन या वाहन खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और कार्यों में सफलता के योग बनेंगे।

    सिंह राशि (Leo)
    सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आएगा। लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे। व्यापार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है और कोई बड़ा अवसर हाथ लग सकता है, जो आगे चलकर लगातार फायदा देगा।

    वृश्चिक राशि (Scorpio)
    वृश्चिक राशि वालों के लिए यह अवधि आर्थिक दृष्टि से लाभकारी रहेगी। अचानक धन लाभ के संकेत हैं और पुराने निवेश से भी अच्छा रिटर्न मिल सकता है। विदेश यात्रा की योजना सफल हो सकती है। नौकरी करने वालों को प्रमोशन या नई उपलब्धि मिलने के योग हैं, जिससे करियर में उन्नति होगी।