चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

देहरादून। चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहले

Chardham 

दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन पूरे विधि विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलेंगे। चार धाम यात्रा में इस बार कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यात्रा को सुगम और सरल बनाने को भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है। कैमरों की मदद से हेड काउंट होंगे। दर्शन में भीड़भाड़ से बचने को टोकन सिस्टम लागू होगा। तय एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसमें गैर सनातनियों के धामों में प्रवेश पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी को नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाई जा सके।


बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे

आज गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 मिनट पर खुल रहे हैं। इसके कुछ देर बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12.35 पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। वहीं, 23 अप्रैल को 6.15 सुबह बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। आगामी दो दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। जहां सड़क मार्ग को बेहतर किया जा रहा है वहीं पैदल मार्ग पर भी पूरी तरह आवाजाही के लिए तैयारियां कर दी गई है। गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है। केदारनाथ में भी तैयारियां चल रही हैं।


केदारनाथ में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया

केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 24 घंटे निगरानी को एक उच्च तकनीक वाला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। इस मार्ग पर 360-डिग्री कैमरे और 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के रूप में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।


70 मीटर के दायरे में रील बनाने पर रोक

धामों में रील बना कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मोबाइल, कैमरे रखने को लॉकर मिलेंगे।

धामों में दर्शन की अधिकतम सीमा समाप्त
इस बार प्रतिदिन धामों में दर्शन करने की अधिकतम सीमा भी समाप्त कर दी गई है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है।


धामों में आने वालों को ग्रहण करना होगा पंचगव्य

गंगोत्री यमुनोत्री धाम में पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिला कर तैयार होने वाले पंचगव्य को ग्रहण करना होगा।