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  • अमित शाह का बड़ा ऐलान: सत्ता में आते ही खत्म करेंगे टीएमसी का सिंडिकेट सिस्टम

    अमित शाह का बड़ा ऐलान: सत्ता में आते ही खत्म करेंगे टीएमसी का सिंडिकेट सिस्टम

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली, जब एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मौजूदा सरकार और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि राज्य में जनता अब बदलाव चाहती है और मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनता जा रहा है।

    अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि पहले चरण के मतदान के बाद राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है और विपक्ष को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। उनके अनुसार कई क्षेत्रों में जनता ने मौजूदा सरकार के खिलाफ मतदान किया है, जो आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता अब एक नई दिशा और नई सरकार चाहती है।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विशेष रूप से टीएमसी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में एक प्रकार की सिंडिकेट व्यवस्था सक्रिय है, जो प्रशासन और विकास कार्यों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भाजपा को सत्ता मिलती है, तो इस तरह की व्यवस्थाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और पारदर्शी शासन स्थापित किया जाएगा।

    अमित शाह ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाएगी। उनके अनुसार राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाना प्राथमिकता होगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    अपने भाषण में उन्होंने महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी और युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे राज्य में आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके।

    किसानों की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को लेकर भी गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है और बाजार व्यवस्था में असंतुलन की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई सरकार बनने पर किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनकी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

    इसके अलावा उन्होंने राज्य में अधूरे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि कई परियोजनाएं लंबे समय से पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने वादा किया कि यदि भाजपा को अवसर मिलता है, तो इन लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    पूरे भाषण में अमित शाह ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि राज्य में एक नए प्रशासनिक मॉडल की जरूरत है, जो पारदर्शिता, विकास और सुशासन पर आधारित हो। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है।

  • वीर सावरकर की वीरता और समर्पण: अमित शाह सहित मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का सम्मान

    वीर सावरकर की वीरता और समर्पण: अमित शाह सहित मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का सम्मान


    नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका त्याग और समर्पण हर राष्ट्रप्रेमी के लिए राष्ट्रप्रथम का ज्योति स्तंभ बना रहेगा। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि स्वातंत्र्यवीर सावरकर आजादी के आंदोलन के उन नायकों में थे जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत से स्वतंत्रता व सांस्कृतिक स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया।

    सावरकर ने क्रांतिकारी विचारों से स्वतंत्रता आंदोलन को वैचारिक आधार दिया और देश से लेकर इंग्लैंड तक अपने साहसी अभियानों से युवाओं को प्रेरित किया। उनके त्याग समर्पण और वीरता की गाथाएं अनंत काल तक राष्ट्रप्रेमियों के लिए प्रेरणा स्तंभ बनी रहेंगी।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उन्हें ओजस्वी क्रांतिकारी और तेजस्वी विचारक बताते हुए लिखा कि उनका संघर्ष भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने वीर सावरकर को प्रखर क्रांतिकारी एवं दूरदर्शी चिंतक बताया जिनके त्याग और राष्ट्रनिष्ठ चिंतन देशवासियों के लिए कर्तव्यबोध और आत्मसम्मान की प्रेरणा है।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने उन्हें मां भारती के अमर सपूत और महान विचारक बताते हुए उनके जीवन को साहस और धैर्य का पर्याय बताया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि वीर सावरकर का त्याग और तप हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने लिखा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र के प्रति अनन्य निष्ठा की अमर गाथा है जिसने जनता में स्वाभिमान का भाव जागृत किया। केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chauhan और Manohar Lal ने भी वीर सावरकर के त्याग साहस और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अदम्य योगदान को कोटिशः नमन अर्पित किया।इस प्रकार स्वातंत्र्यवीर वीर सावरकर का बहुआयामी व्यक्तित्व-साहस साहित्य समाज सुधार और राष्ट्रभक्ति-देशभर में आज भी प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा और आदर्श बना हुआ है।

  • प्रधानमंत्री मोदी और बड़े नेताओं ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया, नारी सशक्तिकरण और शिक्षा में योगदान की सराहना

    प्रधानमंत्री मोदी और बड़े नेताओं ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया, नारी सशक्तिकरण और शिक्षा में योगदान की सराहना


    नई दिल्ली । देश की पहली महिला शिक्षिका और नारी सशक्तिकरण की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर हम उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं जिन्होंने सेवा और शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वे समानता न्याय और करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक बदलाव का सबसे शक्तिशाली साधन है।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा के मूल अधिकार से जोड़कर नारी सशक्तिकरण को नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश के पहले बालिका विद्यालय की स्थापना की और समाज सुधार की अलख जगाई। उनका प्रेरणादायी जीवन राष्ट्र निर्माण में सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया नारी शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष करने वाली महान समाज सुधारिका भारत की प्रथम महिला शिक्षिका श्रद्धेय माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। शोषितों-वंचितों और नारी उत्थान के लिए आपने जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं वे सदैव समाज के नवनिर्माण के लिए हम सबको प्रेरित करते रहेंगे।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा ‘क्रांतिज्योति’ सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा समानता व महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। नारी सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्षरत रहीं सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

    सावित्रीबाई फुले का जीवन समाज में शिक्षा के प्रसार और महिलाओं के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को दर्शाता है। उन्होंने न केवल महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोले बल्कि अपने समय में प्रचलित जातिवाद और महिला शोषण के खिलाफ भी आवाज उठाई। उनके योगदान को आज भी समाज सुधारकों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों द्वारा याद किया जाता है।