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  • शिवपुरी से लापता 17 वर्षीय किशोरी उज्जैन में मिली, अपहरण के आरोपी अनस खान पर दुष्कर्म का मामला दर्ज

    शिवपुरी से लापता 17 वर्षीय किशोरी उज्जैन में मिली, अपहरण के आरोपी अनस खान पर दुष्कर्म का मामला दर्ज

    शिवपुरी जिले: में अपहरण के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी को उज्जैन से सुरक्षित बरामद किया है। इस मामले में फरार चल रहे आरोपी अनस खान को भी गिरफ्तार किया गया है। किशोरी के बयान और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    पुलिस के अनुसार, मामला पुरानी शिवपुरी क्षेत्र का है। यहां राधारमण मंदिर के पास रहने वाली किशोरी के परिजनों ने 24 अक्टूबर को देहात थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 17 वर्षीय किशोरी को अनस खान बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी और आरोपी की तलाश के लिए मोबाइल लोकेशन की मदद ली। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस को दोनों के उज्जैन में होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उज्जैन से किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी अनस खान को गिरफ्तार कर लिया।

    किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। इसके साथ ही परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की आगे जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गईं। इसके बाद मामले की विवेचना आगे बढ़ाई गई है।

    पुलिस ने बरामद किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। वहीं, आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस तरह किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के साथ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।

    यह मामला 24 अक्टूबर को दर्ज हुई अपहरण की शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश की और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उज्जैन तक पहुंची। किशोरी की बरामदगी के बाद उसके बयानों के आधार पर मामले में दुष्कर्म से संबंधित कार्रवाई भी की गई।

    फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दर्ज बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नाबालिग से जुड़े मामले में उसकी पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

  • शिवपुरी में छात्रा से सरेराह अभद्रता और मारपीट, बाल पकड़कर पीटा, विरोध पर बचाने आई युवती से भी बदसलूकी

    शिवपुरी में छात्रा से सरेराह अभद्रता और मारपीट, बाल पकड़कर पीटा, विरोध पर बचाने आई युवती से भी बदसलूकी

    शिवपुरी: में रविवार शाम एक छात्रा के साथ सरेराह अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में विष्णु मंदिर के सामने कार सवार चार युवकों पर 17 वर्षीय छात्रा को परेशान करने, अश्लील टिप्पणियां करने और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करने के आरोप हैं। छात्रा को बचाने के लिए पहुंची एक अन्य युवती के साथ भी आरोपियों ने कथित तौर पर झूमाझटकी की। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया और एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाकी तीन आरोपी मौके से फरार हो गए।

    जानकारी के अनुसार, छात्रा रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अपनी स्कूटी से पुरानी शिवपुरी में एक दोस्त के यहां पढ़ने जा रही थी। इसी दौरान सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड की ओर से एक कार में सवार चार युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने छात्रा की स्कूटी का पीछा किया और लगातार हॉर्न बजाकर उसे परेशान करने लगे। इसके बाद उन्होंने उसकी स्कूटी के सामने वाहन लाकर रास्ता रोकने जैसी हरकत की और अश्लील टिप्पणियां कीं।

    छात्रा ने युवकों की हरकतों का विरोध किया और विष्णु मंदिर के सामने अपनी स्कूटी रोक दी। आरोप है कि इसके बाद कार से उतरे चारों युवकों ने उसके साथ बदसलूकी की और उसकी चोटी पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। व्यस्त सड़क पर हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए। जब एक युवती ने छात्रा को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया, तो आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर उसे भी घसीटा और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।

    घटना देख रहे लोगों ने विरोध करते हुए आरोपियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान एक युवक को पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य युवक कार लेकर वहां से भाग निकले। स्थानीय लोगों ने पकड़े गए युवक को फिजिकल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    पकड़े गए युवक की पहचान पुराना अमोला निवासी बृजेंद्र गुर्जर के रूप में बताई गई है। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपने तीन साथियों के नाम बृजमोहन गुर्जर, मोनू चंदेल और विक्रम बुंदेला बताए। घटना में इस्तेमाल की गई कार विक्रम बुंदेला की बताई जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ वाहन का भी पता लगाने में जुटी है।

    पीड़ित छात्रा की मां ने घटना पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी कोचिंग और पढ़ाई से जुड़े काम के लिए घर से निकली थी, लेकिन रास्ते में उसे इस तरह की घटना का सामना करना पड़ा। उन्होंने चिंता जताई कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर छात्राओं के साथ ऐसी घटनाएं होती रहेंगी, तो उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होगी।

    मामले में पुलिस के अनुसार, छात्रा की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। पुलिस घटना में इस्तेमाल की गई कार को भी तलाश रही है। थाना प्रभारी अविनाश राठौड़ के मुताबिक, फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जाएगी।

  • झांसी में प्रैक्टिकल के अंक बढ़ाने का झांसा देकर छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, स्कूल का लिपिक गिरफ्तार

    झांसी में प्रैक्टिकल के अंक बढ़ाने का झांसा देकर छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, स्कूल का लिपिक गिरफ्तार

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से कथित दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में पुलिस ने स्कूल के लिपिक सुरेंद्र पाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने प्रैक्टिकल परीक्षा में अंक बढ़ाने का लालच देकर छात्रा को अपने पास बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस के अनुसार, जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

    यह मामला झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुरेंद्र पाल पुनावली कला गांव का निवासी है और संबंधित स्कूल में लिपिक के पद पर कार्यरत था। पीड़िता की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पढ़ाई और प्रैक्टिकल के अंकों से जुड़ा लालच देकर उसे बहलाया-फुसलाया और फिर उसके साथ जबरन संबंध बनाए।

    पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोपी पर लगातार संपर्क करने और बार-बार अपने पास आने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा, छात्रा का कहना है कि आरोपी ने उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

    पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और 351(3) के साथ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। धारा 64(1) दुष्कर्म से संबंधित अपराध के लिए लागू होती है, जबकि धारा 351(3) आपराधिक धमकी से जुड़ी है। नाबालिग पीड़िता से संबंधित मामले में पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी को 22 अक्टूबर को सुबह करीब 7:34 बजे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सारमऊ तिराहे से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

    एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक, छात्रा की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपों से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

    आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सूरज सिंह, हेड कांस्टेबल अजमत उल्ला और कांस्टेबल रविकांत शामिल थे। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। नाबालिग की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी को सार्वजनिक करना कानून के तहत प्रतिबंधित हो सकता है, इसलिए पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले विवरण सामने नहीं रखे गए हैं।

    यह मामला शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अंक बढ़ाने के नाम पर कथित रूप से दबाव बनाए जाने के आरोपों से जुड़ा है। पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी के बाद अब आगे की कार्रवाई न्यायालय में होने वाली कार्यवाही और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।

  • शिवपुरी में सरकारी चबूतरे पर बैठने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी में सरकारी चबूतरे पर बैठने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी जिले: में शासकीय चबूतरे पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया। पिछोर अनुविभाग के भौती थाना क्षेत्र के महोबा डामरौन गांव में कथित मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश जाटव की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती कार्रवाई में मारपीट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था, लेकिन सुरेश की मौत के बाद पुलिस ने इसमें हत्या की धारा बढ़ा दी।

    जानकारी के अनुसार, महोबा डामरौन निवासी सुरेश जाटव, पुत्र बाबूलाल जाटव, 20 अक्टूबर की शाम अपने घर के पास स्थित सरकारी चबूतरे पर बैठा था। गांव में पंचायत के इस चबूतरे पर लोग खाली समय में बैठते रहते हैं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रामसेवक जाटव अपने दो बेटों कृष्ण कुमार और रोहित के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि तीनों ने सुरेश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। सुरेश ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और तीनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की।

    घटना के अगले दिन, 21 अक्टूबर को सुरेश शिकायत लेकर भौती थाने पहुंचा। पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। जांच के बाद चिकित्सक ने उसे घर जाने दिया। हालांकि, उसी दिन शाम को सुरेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

    सुरेश की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या की धारा जोड़ दी। अब पुलिस मारपीट की घटना और उसके बाद हुई मौत के बीच परिस्थितियों की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    पुलिस ने कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी घनश्याम भदौरिया के नेतृत्व में टीम गठित की थी। टीम ने तलाश और दबिश के बाद 23 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रामसेवक जाटव, उम्र 50 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय राजाराम जाटव, उसका बेटा कृष्ण कुमार जाटव, उम्र 28 वर्ष, और दूसरा बेटा रोहित जाटव, उम्र 22 वर्ष शामिल हैं। तीनों महोबा डामरौन गांव के निवासी बताए गए हैं।

    मामले की जांच के दौरान सुरेश की दिनचर्या और घटना वाले दिन की परिस्थितियों से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक विवेचना में पता चला कि सुरेश नवरात्र के दौरान उपवास रख रहा था और काफी समय से भूखा था। वह शराब का सेवन भी करता था। जांच में यह जानकारी सामने आई कि उसने मारपीट वाले दिन शराब पी थी। थाने में शिकायत दर्ज कराने और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद घर लौटने पर भी उसने शराब का सेवन किया था।

    इन परिस्थितियों के सामने आने के बाद पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, उपवास और शराब के सेवन की जानकारी अपने आप में मौत का कारण साबित नहीं करती। सुरेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई और मारपीट की घटना की उसमें क्या भूमिका रही, इसका निष्कर्ष जांच के तथ्यों और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

    सुरेश के पारिवारिक हालात भी इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। उसकी पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उसका 20 वर्षीय बेटा उससे अलग खोड़ क्षेत्र में रहता था, जबकि सुरेश गांव में अकेला रहता था। उसके भाई सहित अन्य परिजन आसपास रहते थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

  • इंदौर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

    मध्य प्रदेश: के इंदौर में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयां करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 11 ग्राम एमडी ड्रग्स और 8.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त और उनकी आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

    पहली कार्रवाई इंदौर क्राइम ब्रांच ने की। पुलिस ने एमआर-10 ब्रिज के नीचे मेट्रो के पिलर नंबर 409 के पास से अनस खान को पकड़ा। वह खरगोन जिले का निवासी बताया गया है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 11 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस अब अनस खान से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि वह इसे किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने वाला था या इसके पीछे कोई संगठित आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय है। मामले में नशीले पदार्थों की खरीद और बिक्री से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    दूसरी कार्रवाई राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने की। पुलिस ने पानी की टंकी के पास से 23 वर्षीय आयुष ठाकुर को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 8.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस ने इस मामले में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। दोनों कार्रवाइयां अलग-अलग स्थानों पर की गईं और दोनों आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग प्रकार के नशीले पदार्थ मिलने की जानकारी सामने आई है।

    पुलिस के अनुसार, आयुष ठाकुर के खिलाफ पहले भी जुआ, लूट और मादक पदार्थों से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी है। हालांकि, उसके पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति और उनसे जुड़े विस्तृत तथ्यों की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है। फिलहाल, ताजा मामले में बरामद ब्राउन शुगर के स्रोत और उससे जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

    दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का ध्यान नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचने पर है। जांच के तहत यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों को मादक पदार्थ किसने उपलब्ध कराए और वे किन लोगों के संपर्क में थे। इसके साथ ही शहर में नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त के संभावित तरीकों और आपूर्ति से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

    इंदौर में की गई इन कार्रवाइयों के बाद पुलिस दोनों मामलों में साक्ष्य और अन्य जरूरी जानकारी जुटा रही है। बरामद पदार्थों की मात्रा, आरोपियों के संपर्कों और संभावित आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल आगे की जांच का हिस्सा है। फिलहाल, अनस खान और आयुष ठाकुर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और पुलिस की जांच जारी है।

  • बस्तर में आबकारी विभाग की कार्रवाई, 8.28 लाख रुपये की गोवा शराब और टाटा वाहन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

    बस्तर में आबकारी विभाग की कार्रवाई, 8.28 लाख रुपये की गोवा शराब और टाटा वाहन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

    नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अवैध शराब के परिवहन और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग की टीम ने मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित गोवा ब्रांड की विदेशी शराब की 20 पेटियां जब्त कीं। शराब को दूसरे राज्य से लाकर खपाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान शराब के परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा एक टाटा वाहन भी जब्त किया गया। शराब और वाहन की कुल अनुमानित कीमत 8 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है।

    यह कार्रवाई जगदलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम सोनारपाल के पास जांच के दौरान की गई। आबकारी विभाग के जगदलपुर वृत्त की टीम ने वाहन की जांच की तो उसमें विदेशी शराब मिली। जब्त शराब की मात्रा 180 लीटर बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, शराब मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित थी, लेकिन उसे दूसरे राज्य में ले जाकर खपाने की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई। विभाग ने शराब की खेप और उसके परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है।

    जब्त की गई गोवा ब्रांड की विदेशी शराब की कीमत करीब 1 लाख 28 हजार रुपये आंकी गई है। वहीं, शराब ले जाने के लिए इस्तेमाल किए गए टाटा वाहन का अनुमानित मूल्य करीब 7 लाख रुपये बताया गया है। इस तरह शराब और वाहन दोनों को मिलाकर जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 8 लाख 28 हजार रुपये है। आबकारी विभाग ने अवैध शराब के परिवहन से जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    इस प्रकरण में दुर्ग जिले के सुपेला स्थित शास्त्री नगर निवासी 33 वर्षीय देवेंद्र कुमार जांगड़े को आरोपी बनाया गया है। कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। वहीं, जोगेन्दर कश्यप उर्फ जोगी फरार बताया जा रहा है। विभाग की टीम उसकी तलाश में जुटी है। मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका और शराब के परिवहन से जुड़े तथ्यों को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    आबकारी विभाग ने इस मामले में आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जब्त शराब और वाहन को कार्रवाई का हिस्सा बनाया गया है। विभाग की टीम मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। फरार आरोपी की तलाश के साथ ही अवैध शराब के परिवहन से जुड़े मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    बस्तर जिले में की गई इस कार्रवाई में खास तौर पर उस शराब की खेप को पकड़ा गया, जो मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित थी। जगदलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनारपाल के पास हुई जांच के दौरान 20 पेटियां और 180 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। विभाग ने शराब के साथ वाहन भी जब्त किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि दूसरे आरोपी के फरार होने के कारण उसकी तलाश जारी है।

  • मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज

    मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज


    मध्य प्रदेश:
    के मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधेड़ व्यक्ति ने मंदसौर बस स्टैंड परिसर में गाय के साथ रेप किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और मामला पुलिस तक पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोपी की पहचान मोहम्मद अबरार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि मंदसौर बस स्टैंड परिसर में आरोपी मोहम्मद अबरार द्वारा गाय के साथ कुकृत्य किया गया। घटना की जानकारी लोगों को मिलने के बाद इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपी को हिरासत में लिया। इसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। घटना सार्वजनिक स्थान पर सामने आने के कारण बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों के बीच इसकी चर्चा रही और मामले को लेकर आक्रोश भी दिखाई दिया।

    पुलिस ने आरोपी का जुलूस भी निकाला। आरोपी को पुलिस की निगरानी में ले जाते हुए उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिसकर्मी उसे अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए। आरोपी के जुलूस का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस उसे अपने साथ लेकर जाती हुई नजर आ रही है। घटना के बाद पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई की भी चर्चा हो रही है। आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    आरोपी मोहम्मद अबरार मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी बस स्टैंड परिसर में किस परिस्थिति में पहुंचा और घटना किस तरह हुई। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

    कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद अबरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा रही। पुलिस घटना से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

  • GST कानून में बड़ा बदलाव संभव, टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्ति हटाने पर 7 अक्टूबर को परिषद में चर्चा

    GST कानून में बड़ा बदलाव संभव, टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्ति हटाने पर 7 अक्टूबर को परिषद में चर्चा

    नई दिल्ली : GST कानून लागू होने के करीब नौ साल बाद सरकार टैक्स व्यवस्था में एक बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत GST अधिकारियों को मिली सीधे गिरफ्तारी करने की शक्ति हटाई जा सकती है। इस मुद्दे पर 7 अक्टूबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में चर्चा होने की संभावना है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो GST से जुड़े मामलों में टैक्स अधिकारी मौजूदा व्यवस्था के तहत सीधे गिरफ्तारी नहीं कर सकेंगे। इसके लिए GST कानून में संशोधन करना होगा और सरकार इसे आगामी शीतकालीन सत्र में संसद के सामने ला सकती है।

    GST कानून 2016 में संविधान के 101वें संशोधन के साथ अस्तित्व में आया था और 2017 में इसे लागू किया गया। मौजूदा कानून के तहत गंभीर टैक्स अपराधों में गिरफ्तारी का प्रावधान है। इनमें फर्जी बिल बनाना, गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करना और जानबूझकर टैक्स चोरी जैसे मामले शामिल हैं। CGST Act की धारा 69 के तहत कमिश्नर को गिरफ्तारी की मंजूरी देने का अधिकार है। इसके लिए संबंधित अधिकारी के पास यह मानने का पर्याप्त आधार होना जरूरी है कि व्यक्ति ने गंभीर GST अपराध किया है।

    सरकार ने वर्ष 2022 में गिरफ्तारी और जमानत को लेकर अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए थे। इनमें कहा गया था कि केवल कानून में गिरफ्तारी की अनुमति होने के आधार पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। कार्रवाई से पहले मामले की गंभीरता, संबंधित व्यक्ति की भूमिका और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है। अब प्रस्तावित बदलाव को लेकर चर्चा का एक प्रमुख कारण टैक्स अधिकारियों के अधिकारों के गलत इस्तेमाल से जुड़ी शिकायतें बताई जा रही हैं।

    पिछले करीब आठ से नौ महीनों से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा चलने की बात कही गई है। कारोबारियों और कंपनियों की ओर से GST जांच और गिरफ्तारी को लेकर चिंता जताई जाती रही है। विशेष रूप से कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर उद्योग जगत में सवाल उठते रहे हैं। सरकार ऐसा बदलाव चाहती है जिससे गंभीर धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई जारी रहे, लेकिन कारोबारियों के बीच अनावश्यक डर की स्थिति न बने।

    GST कानून के तहत गिरफ्तारी के इस्तेमाल के आंकड़े भी सामने आए हैं। वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच GST अपराधों के 72,393 मामले दर्ज हुए और केंद्रीय GST अधिकारियों ने 887 लोगों को गिरफ्तार किया। यह आंकड़ा केवल केंद्रीय GST फॉर्मेशन से संबंधित है। इसमें राज्य GST अधिकारियों की ओर से की गई गिरफ्तारियां शामिल नहीं हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में गंभीर धोखाधड़ी और जानबूझकर किए गए अपराधों पर कार्रवाई जारी रखने की बात है, लेकिन GST अधिकारी स्वयं गिरफ्तारी की शक्ति का इस्तेमाल नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई का रास्ता अपनाया जा सकता है। गंभीर और जानबूझकर किए गए फ्रॉड के मामलों में भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

    अब 7 अक्टूबर की GST काउंसिल बैठक पर नजर है। बैठक में गिरफ्तारी की शक्ति हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। यदि प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो GST कानून में संशोधन की आवश्यकता होगी और सरकार इसे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। फिलहाल GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति समाप्त नहीं हुई है। यह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और अंतिम स्थिति GST काउंसिल की चर्चा, सरकार के फैसले तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

  • सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार

    सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश: के सतना में शादी करने से इनकार करने पर एक युवक ने 32 वर्षीय महिला पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घटना गुरुवार को धवारी तिराहे के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक हुई। महिला घर से पैदल अपनी ड्यूटी पर जा रही थी, तभी स्कूटी से पहुंचे आरोपी ने पीछे से उस पर चाकू से वार कर दिया। हमले में महिला के पेट और कमर के बीच के हिस्से के अलावा गले में भी गंभीर चोटें आईं। घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने घटना के बाद फरार हो रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला सतना के बजरहा टोला की रहने वाली है और शहर के एक होटल में नौकरी करती है। गुरुवार को वह रोजाना की तरह घर से पैदल होटल में ड्यूटी करने जा रही थी। इसी दौरान धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक स्कूटी से पहुंचे सूरज जाटव ने उस पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया।

    महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की।

    पीड़िता की पारिवारिक स्थिति के अनुसार, वह शादी के बाद अपने पति के साथ दिल्ली में रहती थी। वर्ष 2020 में पति की मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ सतना में मायके आकर रहने लगी। बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए उसने शहर के एक होटल में नौकरी शुरू की।

    महिला ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2024 में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए वह सागर गई थी। वहां उसकी मुलाकात सूरज जाटव से हुई। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत शुरू हुई। महिला का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सूरज उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। उसके इनकार करने पर आरोपी उसे बार-बार धमकियां देता था।

    महिला के मुताबिक, शादी के लिए सहमति नहीं मिलने पर आरोपी सागर से स्कूटी लेकर सतना पहुंचा। उसने लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय की और महिला के घर से निकलते ही उसका पीछा करना शुरू कर दिया। धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक पहुंचने पर उसने चलती स्कूटी से महिला पर चाकू से हमला कर दिया।

    दिनदहाड़े हुई वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। नगर पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा की अगुवाई में टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान सूरज जाटव के रूप में हुई। वह सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर, गुलाब गली, वार्ड नंबर तीन का निवासी है। उसके पिता का नाम इमरत लाल जाटव बताया गया है।

    पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को स्कूटी सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई में उप निरीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक राहुल सिंह, चीतेन्द्र पांडेय और आरक्षक अजीत सिंह शामिल रहे।

  • MP: सागर जहरीली शराब कांड के एक और आरोपी मनीष लोधी का शार्ट एनकाउंटर, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

    MP: सागर जहरीली शराब कांड के एक और आरोपी मनीष लोधी का शार्ट एनकाउंटर, पुलिस ने किया गिरफ्तार…


    सागर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले (Sagar district) के बंडा में हुए जहरीली शराब कांड (Spurious liquor) में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मनीष लोधी (Manish Lodhi) उर्फ यशवंत ठाकुर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. मनीष लोधी पर 30 हजार रुपये का इनाम रखा गया था. उसके साथ आशीष साहू नाम के एक अन्य आरोपी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है. यह पूरी घटना मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया सेसई रोड घाटी पर हुई, जहां पुलिस और आरोपियों के बीच सीधी मुठभेड़ हुई।

    पुलिस के मुताबिक जब टीम आरोपियों को पकड़ने पहुंची तो दोनों तरफ से गोलीबारी की नौबत आ गई. इस दौरान मनीष लोधी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया. वहीं पुलिस से बचकर भागने की कोशिश में उसका साथी आशीष साहू भी घायल हो गया. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके की तलाशी ली, जिसमें दो देशी कट्टे, पांच खाली राउंड और एक बेसबॉल डंडा बरामद किया गया है. दोनों घायल आरोपियों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बंडा जहरीली शराब मामले में यह पुलिस की तीसरी मुठभेड़ है. इससे पहले भी इस मामले से जुड़े आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस कई बार मुठभेड़ कर चुकी है. मनीष लोधी को इस पूरे कांड का मुख्य किरदार माना जा रहा है, इसी वजह से पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रही थी. अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

    पुलिस अभी भी अवैध शराब के इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और हर आरोपी की क्या भूमिका रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. लोगों में इस मामले को लेकर काफी गुस्सा और चर्चा बनी हुई है, क्योंकि जहरीली शराब से कई लोगों की जान को खतरा हुआ था।