Tag: Arrest

  • विवादों और सदमे के बीच थमीं रॉब डीपरिंक की सांसें: यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद फीफा कप से बाहर हुए रेफरी की मौत से खेल जगत स्तब्ध

    विवादों और सदमे के बीच थमीं रॉब डीपरिंक की सांसें: यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद फीफा कप से बाहर हुए रेफरी की मौत से खेल जगत स्तब्ध

    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत अभी दक्षिण अफ्रीका के युवा मिडफील्डर जेडन एडम्स के आकस्मिक निधन के गहरे सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि फीफा विश्व कप 2026 के बीच एक और दुखद खबर ने खेल प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। विश्व कप के लिए वीडियो असिस्टेंट रेफरी की सूची से बाहर किए गए नीदरलैंड के विख्यात फुटबॉल रेफरी रॉब डीपरिंक का 38 वर्ष की आयु में असामयिक निधन हो गया है। डच रेफरी के इस तरह अचानक दुनिया से चले जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है, हालांकि उनकी मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है।

    दिवंगत रेफरी रॉब डीपरिंक का करियर शानदार रहा था और वह वर्ष 2017 से नीदरलैंड की शीर्ष घरेलू फुटबॉल लीग ‘एरेडिविजी’ में रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में संपन्न हुए यूरो कप 2024 में भी उन्होंने वीएआर अधिकारी के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी प्रतिभा को देखते हुए ही फीफा ने उन्हें 2026 के महाकुंभ के लिए वीएआर अधिकारियों की मुख्य सूची में शामिल किया था। लेकिन टूर्नामेंट के आगाज से करीब एक महीने पहले लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस द्वारा एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के संगीन मामले में की गई उनकी गिरफ्तारी के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

    इस गंभीर आपराधिक मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फीफा और डच फुटबॉल एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया और डीपरिंक को विश्व कप की रेफरी टीम से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, बाद में स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले, जिसके चलते इस कानूनी मामले को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया था। मामले के बंद होने के बाद डीपरिंक ने अपनी बेगुनाही साबित होने पर राहत की सांस ली थी, लेकिन विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित मंच से बाहर किए जाने के फैसले से वह मानसिक रूप से काफी निराश और तनाव में चल रहे थे।

    नीदरलैंड फुटबॉल संघ ने इस दुखद घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए एक आधिकारिक शोक संदेश जारी किया है। संघ ने अपने बयान में कहा कि रॉब डीपरिंक के असामयिक निधन की खबर से पूरा खेल जगत स्तब्ध है और देश ने न केवल एक अत्यंत सम्मानित खेल अधिकारी खोया है, बल्कि एक बेहद सहृदय और समर्पित साथी को भी गंवा दिया है। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च शासी निकाय फीफा ने भी डच फुटबॉल संघ और दिवंगत रेफरी के पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। खेल इतिहास में इस विश्व कप को खिलाड़ियों और अधिकारियों की अप्रत्याशित क्षति के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।

  • सात साल के रिश्ते का दावा बना विवाद की वजह, युवती की शादी रोकने के लिए पोस्टर अभियान चलाने वाला युवक दोस्तों समेत गिरफ्तार

    सात साल के रिश्ते का दावा बना विवाद की वजह, युवती की शादी रोकने के लिए पोस्टर अभियान चलाने वाला युवक दोस्तों समेत गिरफ्तार

    नई दिल्ली । तेलंगाना के राजन्ना सिरसिल्ला जिले में एक प्रेम प्रसंग उस समय बड़ा विवाद बन गया, जब एक युवक ने कथित तौर पर युवती की शादी रुकवाने के उद्देश्य से पूरे गांव में पोस्टर चिपका दिए। पोस्टरों में उसने युवती के साथ अपने संबंध का दावा किया और विवाह रुकवाने की अपील जैसी बातें सार्वजनिक कर दीं। इस घटना के सामने आने के बाद गांव में हलचल मच गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया।

    बताया गया कि युवक का दावा है कि उसका युवती के साथ पिछले करीब सात वर्षों से प्रेम संबंध था। इस बीच युवती के परिवार ने उसका विवाह दूसरे युवक से तय कर दिया। युवक का आरोप है कि दोनों परिवार उनके रिश्ते के बारे में जानते थे, लेकिन इसके बावजूद शादी का फैसला लिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि युवती की इच्छा के विपरीत विवाह कराया जा रहा था।

    आरोप है कि युवक ने अपनी बात सार्वजनिक करने के लिए पोस्टर तैयार करवाए। इन पोस्टरों में उसने अपनी और युवती की तस्वीरों के साथ दूल्हे की तस्वीर भी प्रकाशित कर दी। इतना ही नहीं, पोस्टरों में दूल्हे और उसके परिवार से जुड़ी निजी जानकारी भी शामिल कर दी गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया। इसके बाद देर रात गांव के प्रमुख चौराहों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर ये पोस्टर लगा दिए गए।

    अगली सुबह जब ग्रामीणों की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी तो पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा शुरू हो गई। पोस्टरों में प्रकाशित निजी जानकारी और लगाए गए आरोपों को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इस घटना से विवाह समारोह से जुड़े परिवारों में भी चिंता का माहौल बन गया।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी युवक को हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही इस पूरी घटना में सहयोग करने के आरोप में उसके पांच साथियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पोस्टर कहां तैयार किए गए, उन्हें किसने छापा और पूरी योजना में किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा पोस्टरों में निजी जानकारी सार्वजनिक किए जाने के पहलू की भी अलग से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्तिगत विवाद या संबंध को सार्वजनिक करते हुए किसी व्यक्ति की निजी जानकारी बिना अनुमति के साझा करना गंभीर कानूनी मामला बन सकता है। ऐसे मामलों में निजता के अधिकार, मानहानि और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधान भी लागू हो सकते हैं। इसलिए किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि व्यक्तिगत विवादों का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से करें तथा किसी भी परिस्थिति में ऐसा कदम न उठाएं जिससे किसी अन्य व्यक्ति की निजता, प्रतिष्ठा या सुरक्षा प्रभावित हो।

  • तेलंगाना में पत्नी और प्रेमी पर पति की हत्या का आरोप, छत से धक्का देने के बाद जिंदा बचने पर कथित तौर पर जहरीला क्लीनर इंजेक्ट करने का मामला उजागर

    तेलंगाना में पत्नी और प्रेमी पर पति की हत्या का आरोप, छत से धक्का देने के बाद जिंदा बचने पर कथित तौर पर जहरीला क्लीनर इंजेक्ट करने का मामला उजागर

    नई दिल्ली । तेलंगाना के निजामाबाद जिले में एक व्यक्ति की मौत का मामला पुलिस जांच के बाद कथित हत्या की साजिश में बदल गया है। प्रारंभिक तौर पर इसे नशे की हालत में इमारत से गिरने की घटना बताया गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने ऐसे तथ्य आए जिनके आधार पर मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया गया। मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान प्रशांत के रूप में हुई है, जिसकी शादी कई वर्ष पहले संध्या से हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि महिला के किसी अन्य व्यक्ति के साथ कथित संबंधों को लेकर परिवार में तनाव बना हुआ था। इसी विवाद के कारण दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी, जिससे पारिवारिक संबंध लगातार बिगड़ते गए।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर यह आशंका बनी कि पति की हत्या की योजना पहले से तैयार की गई थी। आरोप है कि घटना वाले दिन प्रशांत को पहले शराब पिलाई गई और बाद में उसे एक इमारत की छत पर ले जाया गया। पुलिस के अनुसार वहां से उसे नीचे धक्का दिया गया। हालांकि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उसकी तत्काल मौत नहीं हुई।

    पुलिस का दावा है कि इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से एक और खतरनाक कदम उठाया। जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार घायल अवस्था में पड़े प्रशांत को एक घरेलू सफाई उत्पाद सिरिंज के माध्यम से शरीर में इंजेक्ट किया गया। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच के दौरान मिले निष्कर्षों के आधार पर पुलिस ने इस पहलू को भी अपनी जांच में शामिल किया। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों ने मामले की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    घटना के बाद आरोपियों ने इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। परिवार और आसपास के लोगों को बताया गया कि प्रशांत नशे की हालत में छत से गिर गया था। हालांकि मृतक के परिजनों को घटना की परिस्थितियों पर संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, संबंधित लोगों से पूछताछ की और फोरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया।

    जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के बाद दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट प्रस्तुत की जा सके।

    यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई किसी भी मौत की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कितनी महत्वपूर्ण होती है। शुरुआती तौर पर दुर्घटना जैसा दिखाई देने वाला मामला विस्तृत जांच के बाद कथित हत्या की साजिश में बदल गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उन्हें भी कानूनी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। दोष तय करना अंततः अदालत का अधिकार है और सभी आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए बिछाता था जाल, महिलाओं का भरोसा जीतकर करोड़ों ऐंठने वाला आरोपी नोएडा से गिरफ्तार

    वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए बिछाता था जाल, महिलाओं का भरोसा जीतकर करोड़ों ऐंठने वाला आरोपी नोएडा से गिरफ्तार

    नई दिल्ली । वैवाहिक वेबसाइटों और अखबारों में प्रकाशित विवाह संबंधी विज्ञापनों का दुरुपयोग कर महिलाओं को ठगी का शिकार बनाने वाले एक कथित महाठग को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने वर्षों तक अलग-अलग फर्जी पहचान अपनाकर 25 से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार आरोपी विशेष रूप से ऐसी महिलाओं को निशाना बनाता था जो भावनात्मक, सामाजिक या पारिवारिक रूप से संवेदनशील परिस्थितियों में थीं।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। महाराष्ट्र की अपराध शाखा ने लंबे समय तक तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच करने के बाद उसे गिरफ्तार किया। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से अपनी पहचान छिपाकर कई राज्यों में महिलाओं से संपर्क स्थापित किया और विवाह का भरोसा देकर आर्थिक लाभ उठाया।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न नामों और पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता था। वह खुद को कभी व्यवसायी, कभी सरकारी कर्मचारी तो कभी संपन्न परिवार का सदस्य बताकर महिलाओं और उनके परिजनों का विश्वास जीतता था। इसके बाद विवाह या विवाह की तैयारी के नाम पर बड़ी रकम, आभूषण और अन्य कीमती सामान हासिल कर लेता था।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की कार्यप्रणाली बेहद योजनाबद्ध थी। वह पहले वैवाहिक विज्ञापनों और अन्य माध्यमों से महिलाओं से संपर्क करता, फिर विश्वास का रिश्ता बनाता और कुछ मामलों में विवाह तक कर लेता था। इसके बाद वह संपत्ति, नकदी या निवेश के नाम पर धन प्राप्त करता और अवसर मिलते ही फरार हो जाता था।

    मामले की जांच के दौरान एक महिला परिवार की शिकायत विशेष रूप से सामने आई, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी ने विवाह के बाद परिवार को संपत्ति बेचने के लिए प्रेरित किया और नया घर बनवाने का आश्वासन देकर बड़ी धनराशि हासिल कर ली। इसके अलावा कीमती सोने के आभूषण लेकर भी वह गायब हो गया। इस घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और विस्तृत जांच शुरू हुई।

    अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने जिन महिलाओं को निशाना बनाया उनमें तलाकशुदा, दिव्यांग, अकेली रहने वाली और अन्य सामाजिक रूप से कमजोर परिस्थितियों का सामना कर रही महिलाएं भी शामिल थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी ऐसे लोगों को चुनता था जिनके साथ भावनात्मक विश्वास बनाना अपेक्षाकृत आसान हो।

    पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी से प्राप्त धनराशि का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे या आरोपी अकेले ही इस गतिविधि को संचालित कर रहा था।

    जांच एजेंसियों को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। इसलिए उन महिलाओं से भी संपर्क करने की कोशिश की जा रही है जो आरोपी के संपर्क में रही हों लेकिन अब तक सामने नहीं आई हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विवाह संबंधी प्रस्तावों को स्वीकार करने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान, पारिवारिक पृष्ठभूमि और आर्थिक जानकारी का सावधानीपूर्वक सत्यापन अवश्य करें।

    यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल और पारंपरिक वैवाहिक माध्यमों का दुरुपयोग कर अपराधी किस तरह लोगों की भावनाओं और विश्वास का फायदा उठा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना है।

  • नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां सोहागपुर में स्थित शराब दुकान में चोरों ने टीन उखाड़कर अंदर घुसकर नकदी और शराब पर हाथ साफ किया, वहीं दूसरी ओर माखननगर क्षेत्र में निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी के मामले में पुलिस ने एक पूर्व कर्मचारी और कबाड़ी को गिरफ्तार किया है।

    पहली घटना सोहागपुर शहर की है, जहां मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि चोरों ने दुकान की छत का टीन उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखे लगभग 25 हजार रुपए नकद तथा शराब की कई बोतलें चुरा लीं। यह वारदात पूरी तरह से सुनियोजित लग रही है क्योंकि चोरों ने बिना किसी को भनक लगे बड़ी आसानी से घटना को अंजाम दिया। अगली सुबह जब सेल्समैन दुकान खोलने पहुंचे तो उन्हें ताला टूटा हुआ मिला, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेन रोड पर स्थित दुकान में हुई इस तरह की वारदात ने रात्रिकालीन पुलिस गश्त की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरी घटना माखननगर थाना क्षेत्र की है, जहां निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी का मामला सामने आया। इस मामले में निर्माण कंपनी के इंजीनियर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि लगातार सरिए गायब हो रहे हैं। जांच के दौरान शक की सुई एक पूर्व कर्मचारी बैनी प्रसाद उर्फ राजा कहार पर गई, जिसने पहले इसी निर्माण कार्य में मजदूरी की थी और कुछ समय पहले ही नौकरी छोड़ दी थी।

    पुलिस जांच में सामने आया कि बैनी प्रसाद ने अपने परिचित कबाड़ी अंशुल साहू के साथ मिलकर इस चोरी की योजना बनाई थी। जानकारी के अनुसार, 16 मई की रात दोनों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ऑटो की मदद से सरिए लादे और उन्हें कबाड़ी को बेच दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी किए गए सरिए बरामद कर लिए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में जांच जारी है और सोहागपुर की शराब दुकान में हुई चोरी के आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण स्थलों की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके और स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • ट्रैक्टर ठगी का बड़ा खुलासा, किसानों को लालच देकर वाहन हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    ट्रैक्टर ठगी का बड़ा खुलासा, किसानों को लालच देकर वाहन हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मध्य प्रदेश /उज्जैन जिले में किसानों के साथ ट्रैक्टरों की ठगी करने वाले एक शातिर व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला लंबे समय से इलाके में चिंता का विषय बना हुआ था, जहां आरोपी लगातार किसानों को निशाना बनाकर उनके ट्रैक्टर हड़प रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

    आरोपी किसानों को यह विश्वास दिलाता था कि उनके ट्रैक्टर को वह अधिक किराए पर चलवाएगा, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलेगा। इसी लालच में आकर किसान अपने ट्रैक्टर उसे सौंप देते थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगता था, लेकिन बाद में न तो उन्हें तय किया गया किराया मिलता था और न ही उनका वाहन वापस किया जाता था।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी ट्रैक्टरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर या तो बेच देता था या फिर उन्हें गिरवी रखकर पैसे हासिल करता था। इस तरह वह कई किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा चुका था। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था, जिससे उसे पकड़ना बेहद मुश्किल हो गया था।

    पीड़ित किसानों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को पकड़ लिया गया।

    गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस धोखाधड़ी में और कौन लोग शामिल हैं और उसने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है।

    पुलिस को शक है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे कोई संगठित तरीका भी हो सकता है। इसी वजह से पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।

    इस घटना के बाद अधिकारियों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें बताया गया है कि किसी भी प्रकार के अनजान व्यक्ति या आकर्षक ऑफर पर बिना जांच-पड़ताल किए अपने उपकरण या वाहन न सौंपें।

  • US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार

    US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार


    वॉशिंगटन।
    वाशिंगटन हिल्टन होटल में शनिवार की रात 8:45 बजे (अमेरिकी समय के अनुसार) के करीब कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम (Correspondent Dinner Program) के दौरान जोरदार फायरिंग की आवाज सुनाई दी। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) , उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Vice President J.D. Vance) भी शामिल हुए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रपति सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित वहां से बाहर निकाल लिया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

    इस घटना पर राष्ट्रपति ट्रंप की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि एक शूटर को पकड़ लिया गया है। ट्रंप ने आगे कहा, “डीसी में आज की शाम काफी गहमागहमी भरी रही। सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है।”

    रॉयटर्स के लिए काम करने वाले एक फ्रीलांस फोटोग्राफर ने आंखोदेखा हाल बताते हुए कहा कि होटल के भीतर फायरिंग की चार से छह राउंड आवाज सुनाई दी। हालांकि ये आवाजें मुख्य डाइनिंग हॉल के बिल्कुल पास नहीं थीं, लेकिन इनकी तीव्रता ने सभी को चौंका दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि होटल परिसर के भीतर एक सशस्त्र हमलावर देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही आवाजें सुनाई दीं, मेहमानों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। “गेट डाउन, गेट डाउन!” हॉल में मौजूद लगभग 2,600 मेहमान अपनी मेजों के नीचे छिप गए।

    इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की पर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित निकाल लिया गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मंच से हटाए जाने से कुछ ही देर पहले मेलानिया ने भीड़ में किसी बात पर प्रतिक्रिया दी और उनके चेहरे पर चिंता के भाव दिखाई दिए।

    प्रेस पूल ने सीक्रेट सर्विस के हवाले से बताया कि ट्रंप के डिनर के दौरान हुई कथित गोलीबारी के बाद एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। यह सुरक्षा घटना उस कमरे के बाहर हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य अधिकारी डिनर कर रहे थे। सीक्रेट सर्विस और अन्य अधिकारी बैंक्वेट हॉल पहुंचे। सैकड़ों मेहमान मेजों के नीचे छिपकर अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगे।

    क्या होता है कॉरेस्पोंडेंट डिनर?
    वाशिंगटन डीसी में हर साल कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर का आयोजन किया जाता है, जिसकी मेज़बानी वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन करता है। इस समारोह में पत्रकार, राजनेता और हॉलीवुड की मशहूर हस्तियां एक साथ जुटती हैं। यह समारोह प्रेस की आजादी का जश्न मनाता है, पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां जुटाता है और इसमें हल्के-फुल्के अंदाज में राजनेताओं की रोस्टिंग (व्यंग्या) किया जाता है। अक्सर इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति भी शामिल होते हैं।

  • Assam: CM हिमंत बिस्वा सरमा को गोली मारने की धमकी देने वाला गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला?

    Assam: CM हिमंत बिस्वा सरमा को गोली मारने की धमकी देने वाला गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला?


    ईटानगर।
    असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) को गोली मारने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के नाहरलागुन से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान डोलाहफुलबाड़ी गांव निवासी कृष्णा डोर्नाल (29) के रूप में हुई है, जिसे गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।

    ईटानगर राजधानी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक न्येलम नेगा ने बताया कि असम पुलिस ने सूचना दी थी कि आरोपी ने वॉट्सऐप के जरिए मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेजा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पूछताछ के दौरान डोर्नाल ने पुलिस को बताया कि उसने शराब की एक दुकान से पैसे का गबन किया था। जब दुकान मालिक ने उससे हिसाब मांगा, तो उसने असम के मुख्यमंत्री के आधिकारिक ईमेल पर पैसे की मांग करते हुए संदेश भेजा।


    इंटरनेट से हासिल किया नंबर

    पुलिस ने बताया कि जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने इंटरनेट से एक वॉट्सऐप नंबर हासिल कर मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच के लिए आरोपी को असम पुलिस के हवाले कर दिया गया है। एसपी नेगा ने लोगों से संयम बरतने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह का दुरुपयोग या कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    नामांकन भर चुके हैं हिमंता

    गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा चुनाव के लिए जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। सरमा ने नामांकन के दौरान कहा कि जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उसी के सहारे वे आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने नामांकन से पहले खानापारा वेटरनरी मैदान से कामरूप (मेट्रो) के उपायुक्त कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली। इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते में समर्थकों का उत्साह देखने लायक था और जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने लोगों से समर्थन और आशीर्वाद की अपील भी की।

    सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में कहाकि जलुकबाड़ी की जनता उनके परिवार की तरह है और उनके आशीर्वाद से ही वह नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी मां के आशीर्वाद का जिक्र करते हुए कहा कि व्यस्तता के कारण भले ही वे उनके साथ अधिक समय नहीं बिता पाते, लेकिन उनकी मां का आशीर्वाद उन्हें लगातार असम की सेवा के लिए प्रेरित करता है। सरमा ने धार्मिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहाकि मां कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के आशीर्वाद से उन्होंने यह नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने इसे अपने जीवन की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्रा बताते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

  • द्वारका हादसा: साहिल की मां ने आरोपी परिवार की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की, कहा – 'इमोशनल ड्रामा कर रहे हैं, बचने नहीं दूंगी'

    द्वारका हादसा: साहिल की मां ने आरोपी परिवार की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की, कहा – 'इमोशनल ड्रामा कर रहे हैं, बचने नहीं दूंगी'


    नई दिल्ली । दिल्ली के द्वारका में 3 फरवरी को हुए कार हादसे में साहिल धनेशरा की मौत के बाद उनकी मां ने आरोपी और उसके पिता की गिरफ्तारी की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि हादसे के बाद आरोपी परिवार संवेदना दिखाने के नाम पर इमोशनल ड्रामा कर रहा है और जनता को भावुक करके जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है। साहिल की मां ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि अब तक आरोपी बाहर क्यों है और उनके पिता को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

    हादसे में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनका कहना है कि केवल चालक ही नहीं बल्कि उसके पिता को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा परिवार क्रिमिनल है और लोगों को उनके नाटक से भावुक होने की जरूरत नहीं है क्योंकि सच्चाई सबके सामने है। उन्होंने कहा “अब तक आरोपी बाहर क्यों है… क्या उन्हें इंतजाम करना है जुगाड़ करना है?

    साहिल की मां ने आरोपी माता-पिता पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे माता-पिता जिनको यह भी नहीं पता कि उनका बच्चा गाड़ी लेकर निकल जाता है वे बच्चों की जिम्मेदारी कैसे उठा सकते हैं। उनके अनुसार हादसे के बाद आरोपी पक्ष की ओर से कोई संवेदना नहीं दिखाई गई जबकि उनका बेटा हमेशा के लिए उनसे छिन गया।

    साहिल की मां ने ओवरटेक और सड़क नियमों को लेकर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि साहिल बस के पीछे चल रहा था और ट्रैफिक रुकने पर नियम के अनुसार दाहिनी ओर से ओवरटेक किया गया था जबकि स्कॉर्पियो चालक ने बाईं ओर से कट मारा जिससे हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि सड़क कर्वेचर वाली थी और स्कॉर्पियो बस के सामने से कट करते हुए सीधे साहिल से टकरा गया।

    भावुक होते हुए साहिल की मां ने कहा “बच्चे की जगह मां की गोद में होती है न कि सड़क पर। मैं अपने बेटे को जिस हालत में देख कर आई हूं उसे कभी नहीं भूल सकती और न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठूंगी।” उन्होंने साफ संदेश दिया कि वे आरोपियों को बचने नहीं देंगी और कानूनी लड़ाई अंत तक लड़ेंगी।

  • बैंगलुरु बैंक मैनेजर ने ग्राहकों का 3 किलो सोना हड़पकर जुए में उड़ाया, पुलिस ने गिरफ्तार किया

    बैंगलुरु बैंक मैनेजर ने ग्राहकों का 3 किलो सोना हड़पकर जुए में उड़ाया, पुलिस ने गिरफ्तार किया


    बैंगलुरु । बैंगलुरु में एक चौकाने वाला बैंक फ्रॉड सामने आया है जिसमें इंडियन बैंक के 34 वर्षीय असिस्टेंट मैनेजर किरन कुमार ने ग्राहकों के करीब 3 किलो सोना हड़प लिया। यह सोना ग्राहकों के लॉकर में सुरक्षित रखा गया था और इसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपी ने इस सोने को बेचकर प्राप्त राशि से ऑनलाइन जुआ खेला।

    पुलिस और बैंक सूत्रों के मुताबिक जब शाखा के ब्रांच मैनेजर अनुपस्थित थे तब किरन कुमार के पास लॉकर का एक्सेस था। उन्होंने लगातार छोटे-छोटे हिस्सों में सोना चुराना शुरू किया और धीरे-धीरे ग्राहकों के करीब 2.70 किलो सोने पर कब्जा कर लिया।

    यह मामला 2 जनवरी को तब उजागर हुआ जब एक ग्राहक अपने गहने निकालने बैंक गया और लॉकर में छेड़छाड़ पाई। जांच में पता चला कि बैंक के 21 लॉकरों से गहने गायब हैं जबकि तीन लॉकर पूरी तरह खाली कर दिए गए थे। इसके बाद बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और बैंगलुरु पुलिस ने किरन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह फ्रॉड पिछले साल तेलंगाना में एसबीआई बैंक के कैशियर द्वारा किए गए बड़े घोटाले की याद दिलाता है। उस मामले में कैशियर ने 10 महीने की योजना के तहत ग्राहकों के 14 करोड़ रुपये और 20 किलो सोना हड़प लिया था।

    अब बैंगलुरु में हुए इस फ्रॉड की जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि ग्राहक अपने लॉकर की सामग्री की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए सावधान रहें। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में आरोपी से पूछताछ के बाद चोरी किए गए सोने की वापसी और अन्य संभावित अपराधियों की पहचान की जाएगी। यह घटना एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा और कर्मचारियों पर भरोसे के बीच खतरनाक अंतर दिखाती है और ग्राहकों के लिए चेतावनी है कि उन्हें अपनी संपत्ति की निगरानी व्यक्तिगत रूप से भी करनी चाहिए।