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  • MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार

    MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इंटरस्टेट ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क (Interstate Drug Smuggling Network) का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि भोपाल (Bhopal) के एक स्कूल का प्रिंसिपल इस नेटवर्क का सरगना निकला। लग्जरी लाइफ का शौकीन यह प्रिंसिपल थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। उसे दो लड़कियों के साथ इंदौर में गिरफ्तार किया गया है।

    इंदौर में शिक्षा की गरिमा को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब भोपाल के एक स्कूल के प्रिंसिपल अबान शकील को कनाड़िया पुलिस ने एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। लग्जरी लाइफ स्टाइल का शौकीन अबान शकील दरअसल नशे के इंटरस्टेट नेटवर्क का अहम किरदार निकला, जो थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। पुलिस ने उसकी कार जब्त कर ली है और पूछताछ में कई अन्य तस्करों के नाम सामने आए हैं। इससे पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।


    इवेंट कंपनी की आड़ में पार्टियों का आयोजन

    कनाड़िया पुलिस ने नेटवर्क के सरगना वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा को दो युवतियों के साथ धर दबोचा। डीपीएस स्कूल बायपास के पास संदिग्ध इको स्पोर्ट कार से पकड़े गए इस गिरोह के पास से एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह इवेंट कंपनी की आड़ में हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन कर, वहीं से युवाओं को महंगे दामों में एमडी ड्रग्स सप्लाई करता था। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे किया जाता था, ताकि शक की सुई उन पर न जाए।


    पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे। गिरफ्तार युवतियों ने कबूल किया कि वे बड़े क्लबों और पार्टियों में जाकर युवाओं को एमडी ड्रग्स की पुड़िया महंगी कीमत पर बेचती थीं। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार इंदौर के कई क्लबों और ठिकानों से जुड़े पाए गए हैं, जिससे शहर के नाइट लाइफ नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


    32 लाख रुपए की सामग्री जब्त

    पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, दो लग्जरी वाहन, थार और इको स्पोर्ट सहित करीब 32 लाख रुपए की सामग्री जब्त की है। पुलिस रिमांड में आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थी और किन-किन बार व क्लब संचालकों की इसमें भूमिका है।


    थार गाड़ी से तस्करी करता था प्रिंसिपल

    पुलिस ने सबसे पहले भोपाल निवासी अबान शकील को गिरफ्तार किया। आरोपी एक स्कूल का प्रिंसिपल है और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौकीन बताया गया है। जांच में सामने आया कि वह थार गाड़ी से एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था। आरोपी के पास से 5.15 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की गई।अबान शकील से पूछताछ के दौरान पुलिस को वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा नामक तस्कर के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद थाना कनाड़िया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वैभव शर्मा को दो लड़कियों के साथ एमडी ड्रग्स सहित गिरफ्तार किया।


    बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार से हो रही थी सप्लाई

    पुलिस को डीपीएस स्कूल बायपास के पास बिना नंबर की फोर्ड इको स्पोर्ट्स कार संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। कार की जांच करने पर चालक भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से एमडी ड्रग्स मिली। पुलिस जांच में कार में बैठी दो लड़कियों नेहा उर्फ रिशु झा (मुंबई निवासी) और अलीशा मसीह उर्फ जैनी (रतलाम निवासी) के पास से भी एमडी ड्रग्स बरामद की गई। दोनों ने कबूल किया कि वे क्लब और बार पार्टियों में महंगे दामों पर ड्रग्स सप्लाई करती थीं।

    गोवा और अन्य राज्यों तक फैला नेटवर्क
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इवेंट कंपनी के नाम पर बड़ी पार्टियों का आयोजन करते थे और इन्हीं पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे रखा जाता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार गोवा सहित कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। आरोपी वहां के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई करते थे। इंदौर के कई क्लब संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


    इंदौर पुलिस की लोगों से अपील

    चारों आरोपियों के खिलाफ थाना कनाड़िया में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड लेकर यह पता लगाया जाएगा कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थीं और किन-किन क्लबों में सप्लाई होती थी। इंदौर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस को दें। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • कनाडा में एयरपोर्ट से 400 किलो सोना उड़ा ले गए थे चोर, एक गिरफ्तार

    कनाडा में एयरपोर्ट से 400 किलो सोना उड़ा ले गए थे चोर, एक गिरफ्तार

    नई दिल्‍ली। कनाडा में हुए अब तक के सबसे बड़े गोल्ड हाइस्ट मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कनाडा के पील रीजन की पुलिस ने बताया है कि करीब 20 मिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत के सोने की चोरी से जुड़े मामले में 43 साल के अरसलान चौधरी को गिरफ्तार किया लिया गया है। बता दें को यह मामला 2023 के प्रोजेक्ट 24K से जुड़ा है, जब चोरों ने करीब 400 किलो सोना चुराकर पूरी दुनिया में सनसनी मचा दी थी।
    दरअसल 17 अप्रैल 2023 को एक फ्लाइट स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से टोरंटो पहुंची थी। इस फ्लाइट में करीब 400 किलो शुद्ध सोना लाया गया था, जिसकी कीमत 20 मिलियन डॉलर से ज्यादा थी। इसके साथ ही करीब 2.5 मिलियन डॉलर की विदेशी करेंसी भी थी। सोने की यह खेप एयरपोर्ट से उतारकर एक अलग जगह ले जाई गई।
    हालांकि कुछ ही घंटों बाद इसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक इस मामले में 10 लोगों की पहचान कर उन्हें आरोपी बनाया गया है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है। पुलिस ने अरसलान चौधरी पर भी 5,000 डॉलर से ज्यादा की चोरी, अपराध से हासिल संपत्ति रखने और गंभीर अपराध की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं और सोमवार को उसे टोरंटो के पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया।
    एक आरोपी भारत में?

    इन आरोपियों में 33 साल का सिमरन प्रीत पनेसर भी शामिल है, जो ब्रैम्पटन का रहने वाला है और पहले एयर कनाडा में काम करता था। पुलिस का कहना है कि पनेसर ने एयरलाइन सिस्टम में हेरफेर कर सोने की खेप को डायवर्ट करने में मदद की थी।

    पुलिस को शक है कि वह इस समय भारत में है। पिछले साल उसे चंडीगढ़ के बाहरी इलाके में एक किराए के फ्लैट में ट्रेस किया गया था। उसके खिलाफ पूरे कनाडा में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
    अब तक कई गिरफ्तार

    इस मामले में एक अन्य आरोपी आर्चित ग्रोवर को मई 2024 में टोरंटो एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था, जब वह भारत से लौट रहा था। अब तक गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में ओंटारियो के रहने वाले पूर्व एयर कनाडा कर्मचारी परमपाल सिद्धू और अमित जलोटा भी शामिल हैं। इसके अलावा ब्रैम्पटन के प्रसाथ परमलिंगम और टोरंटो के अली रजा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्रैम्पटन के ही अम्मद चौधरी और 27 साल के दौराने किंग मैकलीन को भी हिरासत में लिया गया है। किंग मैकलीन इस समय अमेरिका में हथियारों की तस्करी से जुड़े मामले में जेल में है।

  • दक्षिण अमेरिकी देशों पर कब्जे की तैयारी में ट्रंप? अब क्यूबा को भी मिली धमकी

    दक्षिण अमेरिकी देशों पर कब्जे की तैयारी में ट्रंप? अब क्यूबा को भी मिली धमकी

    वॉशिंगटन। वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद अब अमेरिका की ट्रंप सरकार के हौसलें बुलंद हैं और अब वे दक्षिण अमेरिका के अन्य देशों को भी धमकाने पर उतर आए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा के नेता को चेतावनी देते हुए कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद अगर मैं क्यूबा की सरकार में होता तो यकीनन मुझे चिंता होती।

    मार्को रुबियो ने क्यूबा को दी चेतावनी
    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘क्यूबा पूरी तरह से तबाह है। इसे पूरी तरह से अयोग्य सरकार और इसे एक वृद्ध व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा है। इसकी कोई अर्थव्यवस्था नहीं बची है। यह पूरी तरह से तबाह देश हैं। मादुरो की सुरक्षा में लगे सभी गार्ड भी क्यूबा के थे। क्यूबा ने कुछ मामलों में वेनेजुएला पर कब्जा किया हुआ है। क्यूबा ने वेनेजुएला को अपनी कालोनी बनाने की कोशिश की। अगर हम सुरक्षा के लिहाज से देखें तो अगर मैं हवाना में रह रहा होता और मैं सरकार में होता तो में घटनाक्रम से थोड़ा चिंतित तो जरूर होता।’

    अमेरिका और क्यूबा के बीच रिश्ते दशकों से तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के संबंधों में तनाव 1960 के दशक से है, जब फिदेल कास्त्रों की सरकार के साथ अमेरिका के संबंध बिगड़े और अमेरिका ने क्यूबा पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। बराक ओबामा के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध सुधारने की कोशिश हुई, लेकिन ट्रंप और बाइडन सरकार में फिर से संबंध तनावपूर्ण हो गए।

    ट्रंप ने भी दिए संकेत
    गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी क्यूबा की आलोचना की और इसे एक असफल राष्ट्र बताया। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा के नागरिकों और क्यूबा छोड़ चुके लोगों की मदद करना अमेरिका का लक्ष्य है। ट्रंप ने कहा, ‘क्यूबा एक रोचक मामला है। क्यूबा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। क्यूबा के लोग वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। मुझे लगता है कि क्यूबा एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर हम आगे चर्चा करेंगे क्योंकि क्यूबा एक असफल राष्ट्र है। हम क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहते हैं।’

    अमेरिका की खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर शनिवार को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया और उन्हें अमेरिका ले जाया गया है। अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बोन्डी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, नशीली दवाओं की तस्करी और नार्को आतंकवाद की साजिश रचने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

  • Bangladesh: दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार

    Bangladesh: दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के मयमनसिंह के भालुका इलाके में ईशनिंदा (Blasphemy) के आरोप में 25 वर्षीय फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास (Factory worker Deepu Chandra Das) की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अधिकारियों ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई हत्या के दो दिन बाद की है। इस घटना में भीड़ ने दीपू की हत्या कर उसके शव को एक मुख्य मार्ग पर पेड़ से लटकाकर आग लगा दी थी और घटना का लाइव प्रसारण भी किया था।

    मयमनसिंह रैपिड एक्शन बटालियन (रैब) के कार्यालय ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में से सात को उसने और तीन अन्य को पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लिमोन सरकार (19), तारेक हुसैन (19), माणिक मियां (20), इरशाद अली (39), निझुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38), मिराज हुसैन (46), अजमल सगीर (26), शाहीन मियां (19) और नजमुल (21) के रूप में हुई है।

    रैब के अपर पुलिस अधीक्षक शम्सुज्जामन ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को सौंप दिया जाएगा। रैब का दावा है कि फैक्ट्री के एक फ्लोर मैनेजर आलमगीर हुसैन ने दीपू चंद्र दास को नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के बाद उसे आक्रोशित भीड़ के हवाले कर दिया था। रैब निदेशक नैमुल हसन ने बताया कि इस मामले में फ्लोर मैनेजर और उसी फैक्ट्री के क्वालिटी मैनेजर मिराज हुसैन आकन को भी गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ता इस बात का जवाब खोजने का प्रयास कर रहे हैं कि पुलिस को बुलाने के बजाय युवक को भीड़ के हवाले क्यों किया गया। उन्होंने संदेह जताया कि इसके पीछे पुरानी रंजिश या भीड़ का दबाव उद्देश्य हो सकता है।

    इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया हुई है। लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक मुस्लिम सहकर्मी ने मामूली बात पर दीपू को सजा देने के लिए उस पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया था। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इसे 21वीं सदी को शर्मसार करने वाली बर्बरता और मानवता की हार बताया। उन्होंने बंगलादेश नेतृत्व से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी घटना पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से बंगलादेशी अधिकारियों के समक्ष अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने का आग्रह किया है।

  • हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी को ठहराया मेसी के कोलकाता इवेंट में भगदड़ के लिए जिम्मेदारकहा गिरफ्तार हो राज्य के मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त

    हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी को ठहराया मेसी के कोलकाता इवेंट में भगदड़ के लिए जिम्मेदारकहा गिरफ्तार हो राज्य के मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त


    नई दिल्ली । लियोनेल मेसी के भारत दौरे के पहले दिन कोलकाता में आयोजित उनके कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वीआईपी कल्चर के चलते इस कार्यक्रम का संचालन सही तरीके से नहीं हो सकाजिससे अफरा-तफरी मच गई। सरमा ने यहां तक कहा कि राज्य के मुख्यमंत्रीगृहमंत्री और पुलिस आयुक्त को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

    सरमा ने आरोप लगाया कि बंगाल में ऐसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन की भारी नाकामी नजर आती है। उन्होंने कहा”दूसरे राज्यों में भीड़ को शांतिपूर्वक संभाला जाता हैलेकिन बंगाल में कुछ भी सुनिश्चित नहीं होता। यहां वीआईपी कल्चर का प्रभाव बहुत ज्यादा हैजो कार्यक्रमों को बर्बाद कर देता है।

    उनके अनुसारगुवाहाटी में गायक जुबिन गर्ग के निधन के बाद तीन दिनों तक 10 लाख लोग सड़कों पर थेलेकिन कोई हादसा नहीं हुआ। वहींमुंबई में विश्व कप फाइनल भी शांति से संपन्न हुआ था। सरमा ने कहा”बंगाल में कोई बड़ी घटना कभी भी घट सकती हैक्योंकि यहां हर चीज पर वीआईपी कल्चर हावी है।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम में हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा फुटबॉल आइकॉन मेसी की एक झलक पाने पहुंचे थे। लेकिन केवल 15 मिनट के कार्यक्रम के बाद मेसी वहां से चले गएजिससे दर्शकों में नाराजगी फैल गई। गुस्साए प्रशंसकों ने आयोजकों पर आरोप लगाते हुए पानी की बोतलें फेंकी। आयोजकों का कहना था कि कार्यक्रम लगभग 45 मिनट तक चलने वाला थालेकिन मेसी केवल 15 मिनट के बाद ही चले गए।

    इसके बाद प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान टीएमसी नेताओं और वीआईपी लोगों के परिवारों ने मेसी को घेरे रखाजिससे आम दर्शकों को किसी भी प्रकार का सामान्य अनुभव नहीं मिला।हिमंत सरमा ने इस घटना की जिम्मेदारी राज्य सरकार की ठहराते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन सही ढंग से किया जाताअगर वहां पर कानून और व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू किया जाता।

  • इस मुस्लिम देश की सुरक्षा एजेंसी ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को किया गिरफ्तार

    इस मुस्लिम देश की सुरक्षा एजेंसी ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को किया गिरफ्तार


    तेहरान।
    ईरान की सुरक्षा एजेंसियों (Iranian Security Agencies) ने शुक्रवार को 2023 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नर्गेस मोहम्मदी (Peace Prize laureate Narges Mohammadi ) को हिरासत में ले लिया है। यह जानकारी शुक्रवार को मोहम्मदी के फाउंडेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है। जानकारी के मुताबिक मोहम्मदी को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गिरफ्तार किया गया है। फाउंडेशन ने बताया कि उन्हें आज सुबह सुरक्षा और पुलिस बलों ने जबरन हिरासत में ले लिया। हालांकि ईरान की तरफ से इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक नर्गेस मोहम्मदी ईरान के वकील खोसरो अलीकोर्दी की याद में आयोजित समारोह में शामिल हुई थीं, जिनकी इस महीने की शुरुआत में मौत हो गई थी। तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बता दें कि 45 वर्षीय अलीकोर्दी उन वकीलों में से एक थे जो संवेदनशील मामलों को संभालते थे, जिनमें 2022 में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार लोगों की पैरवी भी शामिल थी। बीते 5 दिसंबर को उनके दफ्तर से उनका शव बरामद हुआ था। कई मानवाधिकार संगठनों ने उनकी मौत की जांच की मांग की है।

    इससे पहले मोहम्मदी को दिसंबर 2024 में जेल से अस्थायी रिहाई मिली थी। 53 वर्षीय नर्गेस मोहम्मदी को आखिरी बार नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने पिछले एक दशक का अधिकांश समय जेल में बिताया है। 2023 में ओस्लो में आयोजित समारोह में उनके जुड़वां बच्चों ने उनकी ओर से नोबेल पुरस्कार ग्रहण किया था।

  • र।जकोट 6 सल की बच्ची से निर्भय जैसी दरिंदगीरेप में नकम होने पर प्रइवेट पर्ट में रॉड डली 35 वर्षीय आरोपी गिरफ्तर

    र।जकोट 6 सल की बच्ची से निर्भय जैसी दरिंदगीरेप में नकम होने पर प्रइवेट पर्ट में रॉड डली 35 वर्षीय आरोपी गिरफ्तर



    राजकोट । गुजरात के राजकोट जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला राजकोट के अटकोट गाँव का है जहाँ एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ निर्भया कांड जैसी क्रूरता को अंजाम दिया गया। इस अमानवीय कृत्य को सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी है।

    अटकोट गाँव में दरिंदगी की हद

    मिली जानकारी के अनुसार यह वीभत्स घटना अटकोट गाँव में घटी जहाँ एक मजदूर की 6 साल की बेटी अपने घर के पास खेतों में खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी ने मासूमियत का फायदा उठाया और उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान इलाके में ले गया। वहाँ उस दरिंदे ने बच्ची के साथ घिनौना अपराध करने की कोशिश की। जाँच में पता चला है कि आरोपी ने पहले बच्ची का गला घोंटकर उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
    जब बच्ची ने अपनी जान बचाने के लिए चीख-पुकार मचाई तो हैवानियत पर उतारू आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बच्ची के गुप्त अंग प्राइवेट पार्ट में एक रॉड जैसा हथियार डाल दिया। इस जघन्य हमले से मासूम बच्ची बुरी तरह जख्मी हो गई और लहूलुहान होकर अर्द्ध बेहोशी की हालत में वहीं पड़ी रह गई। आरोपी उसे उसी दर्दनाक स्थिति में छोड़कर मौके से फरार हो गया।

    गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज जारी

    जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो उसके परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची को ढूँढ़ते हुए वे उस सुनसान जगह पहुँचे जहाँ उन्होंने अपनी बेटी को खून से लथपथ और गंभीर हालत में पाया। यह भयावह दृश्य देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तत्काल बच्ची को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत राजकोट के सरकारी बच्चों के अस्पताल में रेफर कर दिया। इस समय बच्ची का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है और डॉक्टर्स उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोचा

    मामले की गंभीरता और जघन्यता को देखते हुए राजकोट पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।विशेष टीमों का गठन राजकोट पुलिस ने मामले की गहन जाँच के लिए विशेष टीमों का गठन किया।सघन पूछताछ और स्कैनिंग पुलिस ने घटना के संबंध में लगभग 100 संदिग्धों से पूछताछ की। साथ ही आस-पास के गाँवों के सभी सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया गया
    और मोबाइल डेटा की भी बारीकी से जाँच की गई।पहचान में सफलता विशेषज्ञों की मदद से जख्मी बच्ची से आरोपी की पहचान करने के लिए कहा गया और उसने उस दरिंदे को पहचान लिया।लंबी और व्यापक तलाश के बाद पुलिस ने आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रामसिंह तेरसिंग के रूप में हुई है जो मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है।

    तीन बेटियों का बाप निकला दरिंदा

    गिरफ्तार आरोपी रामसिंह तेरसिंग की उम्र करीब 35 साल बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी रामसिंह खुद तीन बेटियों का पिता है। रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस पूछताछ में रामसिंह ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस ने इस जघन्य कृत्य के लिए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
    पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान क्या है और ऐसी मानसिकता वाले अपराधियों के लिए कानून में कितनी सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए।

  • अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर लाचुंगपा भारत-चीन सीमा सिक्किम से गिरफ्तार

    अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर लाचुंगपा भारत-चीन सीमा सिक्किम से गिरफ्तार


    भोपाल ।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्यजीव के संरक्षण के लिये लगातार समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में कार्यवाही करते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली ने 10 साल से वांछित, अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को2 दिसम्बर 2025 को भारत-चीन की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास लाचंग, मंगन, जिला उत्तर सिक्किम (सिक्किम) में कई महीनों की कड़ी मेहनत के उपरांत सफलतापूर्वक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया है।

    सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम में बाघ एवं पेंगोलिन के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों व पेंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में अवैध तस्करी करने वाले गिरोह के विरुद्ध जुलाई 2015 में प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें यांगचेन लाचुंगपा वांछित थी। प्रकरण की गंभीरता देखते हुए वन मुख्यालय ने इसे मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को विवेचना के लिये सौंपा गया था। एसटीएसएफ ने एक संगठित एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यांगचेन लाचुंगपा अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जिसका नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ है। यांगचेन लाचुंगपा के गिरोह के कई देशों में फैले नेटवर्क को देखते हुए भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल के द्वारा यांगचेन लाचुंगपा विरुद्ध रेड नोटिस भी जारी किया गया है, जिससे उसे किसी भी देश में सबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा सके। यांगचेन लाचुंगपा मूल रूप से चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत की निवासी है एवं भारत में मुख्यतः दिल्ली एवं सिक्किम में रहती थी। यांगचेन को पहली बार सितम्बर 2017 में भी हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड के लिये पेश किया गया था, लेकिन न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद फरार हो गई थी।उसकी अग्रिम जमानत को मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय जबलपुर ने भी वर्ष 2019 में खारिज कर दिया था।

    अपराधी यांगचेन लाचुंगपा गिरफ्तारी से बचने लगातार एजेंसियों को चकमा दे रही थी, अंत में 2 दिसम्बर 2025 को उसे मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं केंद्र सरकार की वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में कम तापमान के क्षेत्र में जाकर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर लाचुंग, मंगन (सिक्किम) से गिरफ्तार कर न्यायलय गंगटोक के समक्ष पेश कर मध्यप्रदेश शासन का ठोस पक्ष रखने के बाद ट्रांजिट वारंट 3 दिसम्बर 2025 को रात्रि में प्राप्त कर उसे मध्यप्रदेश लाया जा रहा है। इस कार्यवाही में सिक्किम पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

    यह देश का पहला मामला है जिसमें शिकारियों, कूरियर बिचौलिये और तस्करों सहित 31 व्यक्तियों के पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया है।पूर्व में गिरफ्तार सभी आरोपियों को सजा भी मिल चुकी है। आरोपी यांगचेन को न्यायालय नर्मदापुरम में पेश कर रिमांड मांगा जायेगा, जिससे इस गंभीर प्रकरण में अग्रिम विवेचना की जा सके। इस सफलतापूर्वक कार्यवाही में शामिल एसटीएसएफ के दल को उत्कृष्ट कार्य के लिये पुरूस्कृत किया जायेगा।