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  • ग्वालियर: एटीएम में छल, मदद के नाम पर हो रही थी ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

    ग्वालियर: एटीएम में छल, मदद के नाम पर हो रही थी ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

    ग्वालियर के मुरार इलाके में एटीएम के भीतर चल रही एक चालाक ठगी का खुलासा हुआ है। सदर बाजार स्थित एक एटीएम में एक युवक लोगों की मदद करने का बहाना कर उनके कार्ड बदलता था। आज का दिन भी इस कहानी का नया अध्याय बन गया जब युवक को पकड़ लिया गया।

    पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रदीप शिवहरे उर्फ पिंकू, निवासी कोटेश्वर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार यह युवक एटीएम पर आने वाले ग्राहकों को मशीन चलाने में मदद करने का नाटक करता था। इस दौरान वह असली कार्ड की जगह दूसरा कार्ड थमा देता और किसी तरह पिन की जानकारी हासिल करने की कोशिश करता। इसके बाद वह मौके से खिसक जाता।

    हालांकि आज की घटना में पीड़ित ने समय रहते संदेह कर लिया। जैसे ही कार्ड बदलने की कोशिश हुई, पीड़ित ने विरोध किया और शोर मचाया। आसपास मौजूद लोग तुरंत सक्रिय हो गए और आरोपी को दबोच लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हैरान करने वाले खुलासे किए। उसके पास 100 से अधिक एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। ये कार्ड विभिन्न खाताधारकों के थे और सभी जब्त कर लिए गए। पुलिस अब इनके असली मालिकों की पहचान करने में जुटी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं था बल्कि यह एक संगठित ठगी का हिस्सा हो सकता है।

    ASP अनु बेनीवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। गहन पूछताछ के जरिए पुलिस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस दौरान अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।

    स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी चौकन्ने हैं। उनका कहना है कि अब एटीएम पर सहायता लेने से पहले सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। वहीं पुलिस का भी कहना है कि लोगों को हमेशा अपने कार्ड और पिन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से पहले सावधान रहना चाहिए।

    ग्वालियर में यह घटना लोगों के लिए चेतावनी का संदेश बन गई है कि मदद के बहाने ठगी की घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं। यह मामला यह भी साबित करता है कि सतर्कता और सामूहिक चौकसी ही ऐसे अपराधों को रोक सकती है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी संभावित शिकारों और संदिग्धों की पहचान कर रही है।

  • इस देश में खुलेआम किस करने पर दो महिलाएं गिरफ्तार… यहां समलैंगिकता है जघन्य अपराध!

    इस देश में खुलेआम किस करने पर दो महिलाएं गिरफ्तार… यहां समलैंगिकता है जघन्य अपराध!


    कंपाला।
    दुनिया में आज भी कई ऐसे देश हैं, जिनमें समलैंगिकता (Homosexuality) को जघन्य अपराध माना जाता है। अफ्रीकी देश युगांडा (African Country Uganda) भी उन्हीं देशों में से एक है। यहां पर दो युवा महिलाओं (Two Young Women) को खुले आम प्यार का इजहार करना महंगा पड़ गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाओं को किस करते हुए देखा गया, चूंकि यह देश के कानून के खिलाफ है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

    पुलिस के बयान के मुताबिक एक महिला की उम्र करीब 22 साल है, जबकि दूसरी की उम्र करीब 21 साल है। दोनों को देश के अरुआ शहर से गिरफ्तार किया गया है, जहां पर वह खुले आम किस करने और असामान्य कृत्यों में संलिप्त थीं, जिन्हें यौन प्रकृति का माना जाता है।

    आपको बता दें, युगांडा में वर्ष 2023 में एंटी होमोसेक्सुएलिटी एक्ट लागू किया गया है। देश की सरकार द्वारा लागू किए गए इस कानून का पश्चिमी देशों ने भरपूर विरोध किया था लेकिन यहां की सरकार सबसे कठोर एलजीबीटीक्यू विरोधी कानून लागू करने पर लगी हुई है। इस कानून के तहत समलैंगिक संबंध रखने वाले लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है, जबकि गंभीर मामलों में मृत्युदंड का भी प्रावधान है।


    बार-बार पकड़े जाने पर मृत्युदंड का प्रावधान
    समलैंगिक संबंधों को लेकर युगांड़ा का कानून सबसे ज्यादा कठोर है। 2023 में पारित किए गए कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति बार-बार समलैंगिक संबंध बनाते पकड़ा जाता है, या ऐसा समलैंगिक संबंध जिससे लाइलाज बीमारी फैलती हो, नाबालिग, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति के साथ समलैंगिक संबंध बनाने पर व्यक्ति को मृत्युदंड दिया जा सकता है।

    गौरतलब है कि युगांडा पूर्वी अफ्रीका का एक रूढ़िवादी और मुख्यतः ईसाई बहुल देश है। इस कानून के कारण मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में व्यापक आक्रोश फैल गया था और संयुक्त राष्ट्र तथा पश्चिमी देशों ने इसकी निंदा की थी। विश्व बैंक ने देश को दी जाने वाली वित्तीय सहायता निलंबित कर दी थी, हालांकि 2025 के मध्य में इसे फिर से बहाल कर दिया गया। इस महीने की शुरुआत में, एक युगांडा अदालत ने “गंभीर समलैंगिकता” श्रेणी के तहत आरोपित पहले व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि लंबी न्यायिक हिरासत के कारण उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर हो गई थी।

  • US में F-35 का रिटायर्ड पायलट गिरफ्तार, चीनी सैन्य पायलटों को गुप्त प्रशिक्षण देने का आरोप

    US में F-35 का रिटायर्ड पायलट गिरफ्तार, चीनी सैन्य पायलटों को गुप्त प्रशिक्षण देने का आरोप


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पर पूर्व अमेरिकी वायु सेना (American Air Force) के एलीट फाइटर पायलट और एफ-35 प्रशिक्षक (F-35 Trainer) गेराल्ड एडी ब्राउन जूनियर को चीनी सैन्य पायलटों को गुप्त रूप से लड़ाकू प्रशिक्षण देने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि उन्हें शस्त्र निर्यात नियंत्रण अधिनियम (AECA) के उल्लंघन के तहत आरोपित किया गया है। उन्हें 26 फरवरी 2026 को इंडियाना के दक्षिणी जिले में मजिस्ट्रेट जज के समक्ष पेश किया जाना है।

    राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए आइजेनबर्ग ने कहा कि अमेरिकी वायु सेना ने मेजर ब्राउन को एक विशिष्ट लड़ाकू पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया था और राष्ट्र की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब उन पर चीनी सैन्य पायलटों को प्रशिक्षण देने का आरोप है। न्याय विभाग के अनुसार, 24 वर्ष से अधिक समय तक अमेरिकी वायु सेना में सेवा देने वाले पूर्व एफ-35 प्रशिक्षक पायलट ब्राउन ने कथित तौर पर अगस्त 2023 से चीनी सैन्य पायलटों (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स – PLAAF) को लड़ाकू विमान प्रशिक्षण प्रदान करने की साजिश रची। यह प्रशिक्षण अंतर्राष्ट्रीय शस्त्र व्यापार विनियम (ITAR) के तहत रक्षा सेवा माना जाता है, जिसके लिए स्टेट डिपार्टमेंट से लाइसेंस जरूरी था, जो ब्राउन के पास नहीं था।

    ब्राउन के सैन्य करियर में संवेदनशील इकाइयों का नेतृत्व, युद्ध अभियानों का संचालन और एफ-4, एफ-15, एफ-16, ए-10 तथा एफ-35 जैसे विमानों पर लड़ाकू पायलट एवं सिम्युलेटर प्रशिक्षक के रूप में सेवा शामिल थी। 1996 में सक्रिय सेवा छोड़ने के बाद उन्होंने वाणिज्यिक पायलट और अमेरिकी रक्षा ठेकेदारों के लिए अनुबंध सिम्युलेटर प्रशिक्षक के तौर पर काम किया। दिसंबर 2023 में ब्राउन चीन गए, जहां उन्होंने PLAAF पायलटों को प्रशिक्षण देना शुरू किया। शिकायत के मुताबिक, पहले दिन उन्होंने अमेरिकी वायु सेना के बारे में तीन घंटे तक सवालों के जवाब दिए, दूसरे दिन खुद के बारे में प्रस्तुति दी, और फरवरी 2026 की शुरुआत तक अमेरिका लौटने तक सिम्युलेटर एवं उड़ान प्रशिक्षण संचालित किया। उन्होंने अमेरिकी वायु सेना के अभियानों पर विस्तृत जानकारी भी साझा की।

    एफबीआई के काउंटरइंटेलिजेंस और जासूसी प्रभाग के सहायक निदेशक रोमन रोजहाव्स्की ने कहा कि ब्राउन ने कथित तौर पर अपने देश के साथ विश्वासघात किया, क्योंकि उन्होंने चीनी पायलटों को उन लोगों के खिलाफ लड़ने का प्रशिक्षण दिया जिनकी रक्षा करने की उन्होंने शपथ ली थी। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। यह गिरफ्तारी 2017 में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के पूर्व पायलट डैनियल एडमंड डुग्गन के खिलाफ इसी तरह के आरोपों के बाद हुई है। न्याय विभाग ने जोर दिया कि चीन अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नाटो और सहयोगी देशों के वर्तमान एवं पूर्व सैन्य कर्मियों को निशाना बनाना जारी रखे हुए है।

  • MP: खरगोन में शख्स ने 20 साल की उम्र में चुराया था 100 रु का गेहूं, पुलिस ने 45 साल बाद किया गिरफ्तार

    MP: खरगोन में शख्स ने 20 साल की उम्र में चुराया था 100 रु का गेहूं, पुलिस ने 45 साल बाद किया गिरफ्तार


    खरगोन।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone district) से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, क्योंकि यहां पर पुलिस ने एक बार फिर यह साबित करके दिखा दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे (Law Arm too Long) होते हैं और अपराधी चाहकर भी उसके चंगुल से नहीं बच सकता है। दरअसल यहां पर पुलिस 65 वर्षीय एक बुजुर्ग को उस अपराध के मामले में गिरफ्तार किया है, जो उसने 45 साल पहले किया था और जिस समय उसकी उम्र मात्र 20 साल थी। आरोपी की पहचान सलीम के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक सलीम की गिरफ्तारी साल 1980 में दर्ज गेहूं चोरी के एक मामले को लेकर हुई है।


    1980 में चुराया था 100 रुपए का गेहूं

    मंडलेश्वर की अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) श्वेता शुक्ला ने मामले की जानकारी देते हुए रविवार को बताया कि सलीम और उसके छह अन्य साथियों ने साल 1980 में बालसमुंद के काकड़ इलाके में खेतों से गेहूं चुराया था। आरोपियों ने वारदात के वक्त जो गेहूं चोरी किया था, वह करीब एक क्विंटल यानी 100 किलोग्राम था और उस समय उसकी कीमत लगभग 100 रुपए थी। क्योंकि तब अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं की कीमत करीब 1.15 रुपए प्रति किलोग्राम थी।


    किराने की दुकान चला रहा था आरोपी

    SDOP ने आगे बताया कि बलकवाड़ा थाना क्षेत्र के बलखड गांव का रहने वाला सलीम चोरी की उस घटना के बाद भाग गया था और पड़ोसी धार जिले के बाग कस्बे में जाकर अपने बेटे के साथ किराने की दुकान चलाने लगा। उन्होंने कहा कि यह मामला अदालतों में लंबित रहा इस दौरान सलीम के खिलाफ कई बार वारंट भी जारी किया गया था।


    पुलिस को यूं मिला आरोपी का सुराग

    खलटका थाने के प्रभारी मिथुन चौहान ने बताया कि एक अन्य आरोपी को तलाश करने के दौरान पुलिस को पता चला कि सलीम किराने की दुकान के जरिए जीवन यापन चला रहा है। उन्होंने कहा कि पहचान की पुष्टि होने के बाद उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अधिकारी श्वेता शुक्ला ने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका मानना था कि इतने सालों के बाद मामले को भुला दिया गया होगा और वह कानूनी कार्रवाई से बच गया है। हालांकि उसका ये अनुमान पूरी तरह गलत साबित हो गया। चौहान ने बताया कि सलीम को यहां एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

  • साबरकांठा में ‘जहर का कारोबार’: डिटर्जेंट-यूरिया मिलाकर 5 साल से बन रहा था नकली दूध

    साबरकांठा में ‘जहर का कारोबार’: डिटर्जेंट-यूरिया मिलाकर 5 साल से बन रहा था नकली दूध


    नई दिल्ली। गुजरात के साबरकांठा जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां डिटर्जेंट, यूरिया और अन्य खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल कर नकली दूध और छाछ बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है, जो पिछले करीब पांच वर्षों से अवैध रूप से संचालित हो रही थी। इस कार्रवाई में अधिकारियों ने करीब 71 लाख रुपये का सामान जब्त किया है और एक नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    यह छापेमारी श्री सत्य डेयरी प्रोडक्ट्स नाम की यूनिट पर की गई, जहां कथित तौर पर पानी, मिल्क पाउडर, कास्टिक सोडा, रिफाइंड पामोलिन तेल, सोयाबीन तेल, डिटर्जेंट पाउडर और यूरिया खाद मिलाकर बड़े पैमाने पर नकली दूध तैयार किया जा रहा था। यह मिलावटी दूध आसपास के कई गांवों में पाउच में पैक कर सप्लाई किया जाता था, जिससे हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा था।

    300 लीटर असली दूध से बनाते थे 1800 लीटर नकली दूध

    जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद संगठित तरीके से इस धंधे को चला रहे थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपी रोजाना लगभग 300 लीटर असली दूध का इस्तेमाल करते थे। इसमें विभिन्न केमिकल और पाउडर मिलाकर वे 1,700 से 1,800 लीटर तक नकली दूध तैयार कर लेते थे। यानी कम मात्रा में असली दूध को आधार बनाकर उसकी मात्रा छह गुना तक बढ़ा दी जाती थी। इसके बाद इस दूध को पाउच में पैक कर गांव-गांव पहुंचाया जाता था, जहां आम लोग इसे असली समझकर इस्तेमाल करते थे। इसी तरह मिलावटी छाछ भी तैयार की जाती थी, जिससे यह कारोबार और अधिक फैल गया था।

    छापे में मिली खतरनाक सामग्री

    लोकल क्राइम ब्रांच, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी FSL और फूड एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इस फैक्ट्री पर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में खतरनाक केमिकल और मिलावट में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया। जब्त किए गए सामान में 450 किलो व्हे पाउडर, 625 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 300 किलो प्रीमियम SMP पाउडर, यूरिया खाद, कास्टिक सोडा, डिटर्जेंट पाउडर, सोयाबीन तेल और पामोलिन तेल शामिल हैं। इसके अलावा मौके से 1,962 लीटर तैयार मिलावटी दूध और 1,180 लीटर मिलावटी छाछ भी बरामद की गई, जिन्हें बाजार में भेजने की तैयारी थी।  अधिकारियों के अनुसार, इन केमिकल्स का इस्तेमाल दूध की मोटाई, झाग और प्रोटीन की मात्रा को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए किया जाता था, ताकि देखने में यह असली लगे और ग्राहक आसानी से धोखा खा जाएं।

    स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक

    विशेषज्ञों का मानना है कि डिटर्जेंट, यूरिया और कास्टिक सोडा जैसे तत्वों का सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है। लंबे समय तक ऐसे मिलावटी दूध का सेवन करने से पेट, किडनी और लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है।

    पांच साल से चल रहा था गोरखधंधा

    जांच में यह भी सामने आया है कि यह फैक्ट्री करीब पांच वर्षों से लगातार चल रही थी। इतने लंबे समय तक इस यूनिट का संचालन होना इस बात का संकेत है कि यह नेटवर्क काफी संगठित और योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। गांवों में इसकी नियमित सप्लाई के कारण इसका दायरा भी काफी बड़ा हो गया था। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से दूध बनाने और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी बरामद किए गए। अधिकारियों ने मौके पर ही यूनिट को सील कर दिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

    एक नाबालिग समेत पांच गिरफ्तार

    इस मामले में एक नाबालिग सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस धंधे से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और सप्लाई चेन कितनी दूर तक फैली हुई थी। जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही, जिन इलाकों में यह दूध सप्लाई किया गया, वहां लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मिलावट के खिलाफ सख्ती जारी

    फूड एंड ड्रग्स विभाग ने साफ किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि आम लोगों की सेहत से कोई समझौता न हो।

  • बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खेत में अवैध रूप से बिजली का करंट फैलाने से एक ग्रामीण की मौत का मामला सामने आया। पुलिस ने इस हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 4 सितंबर 2025 की है, जब ग्राम झाडेगांव निवासी सदन पन्द्राम जंगल में अपने मवेशी चराने गया था। इसी दौरान पास के खेत में लगे नंगे तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई शिवलाल पन्द्राम की शिकायत पर कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने मृतक के परिवार के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम भोगीतेड़ा निवासी शिवचरण उपासे ने अपने खेत की मेढ़ पर खूंटी गाड़कर नंगे तार में करंट प्रवाहित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, यह तार जानबूझकर लगाया गया था, जिससे हादसा घटित हुआ।

    कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिवचरण उपासे के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/25 के तहत धारा 105 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़कर पूछताछ की जा रही है और इस घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया है। इस हादसे ने इलाके में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में नंगे तार लगाकर करंट फैलाने की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोगों और मवेशियों के जीवन को खतरा रहता है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही और जानलेवा गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा मृतक परिवार को मुआवजा और कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से जांच जारी रहेगी। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बिजली प्रयोग न केवल गैरकानूनी है बल्कि मानव जीवन के लिए भी घातक साबित हो सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, ताकि भविष्य में किसी और अनहोनी की घटना को रोका जा सके।

  • MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार

    MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इंटरस्टेट ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क (Interstate Drug Smuggling Network) का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि भोपाल (Bhopal) के एक स्कूल का प्रिंसिपल इस नेटवर्क का सरगना निकला। लग्जरी लाइफ का शौकीन यह प्रिंसिपल थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। उसे दो लड़कियों के साथ इंदौर में गिरफ्तार किया गया है।

    इंदौर में शिक्षा की गरिमा को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब भोपाल के एक स्कूल के प्रिंसिपल अबान शकील को कनाड़िया पुलिस ने एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। लग्जरी लाइफ स्टाइल का शौकीन अबान शकील दरअसल नशे के इंटरस्टेट नेटवर्क का अहम किरदार निकला, जो थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। पुलिस ने उसकी कार जब्त कर ली है और पूछताछ में कई अन्य तस्करों के नाम सामने आए हैं। इससे पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।


    इवेंट कंपनी की आड़ में पार्टियों का आयोजन

    कनाड़िया पुलिस ने नेटवर्क के सरगना वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा को दो युवतियों के साथ धर दबोचा। डीपीएस स्कूल बायपास के पास संदिग्ध इको स्पोर्ट कार से पकड़े गए इस गिरोह के पास से एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह इवेंट कंपनी की आड़ में हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन कर, वहीं से युवाओं को महंगे दामों में एमडी ड्रग्स सप्लाई करता था। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे किया जाता था, ताकि शक की सुई उन पर न जाए।


    पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे। गिरफ्तार युवतियों ने कबूल किया कि वे बड़े क्लबों और पार्टियों में जाकर युवाओं को एमडी ड्रग्स की पुड़िया महंगी कीमत पर बेचती थीं। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार इंदौर के कई क्लबों और ठिकानों से जुड़े पाए गए हैं, जिससे शहर के नाइट लाइफ नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


    32 लाख रुपए की सामग्री जब्त

    पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, दो लग्जरी वाहन, थार और इको स्पोर्ट सहित करीब 32 लाख रुपए की सामग्री जब्त की है। पुलिस रिमांड में आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थी और किन-किन बार व क्लब संचालकों की इसमें भूमिका है।


    थार गाड़ी से तस्करी करता था प्रिंसिपल

    पुलिस ने सबसे पहले भोपाल निवासी अबान शकील को गिरफ्तार किया। आरोपी एक स्कूल का प्रिंसिपल है और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौकीन बताया गया है। जांच में सामने आया कि वह थार गाड़ी से एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था। आरोपी के पास से 5.15 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की गई।अबान शकील से पूछताछ के दौरान पुलिस को वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा नामक तस्कर के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद थाना कनाड़िया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वैभव शर्मा को दो लड़कियों के साथ एमडी ड्रग्स सहित गिरफ्तार किया।


    बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार से हो रही थी सप्लाई

    पुलिस को डीपीएस स्कूल बायपास के पास बिना नंबर की फोर्ड इको स्पोर्ट्स कार संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। कार की जांच करने पर चालक भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से एमडी ड्रग्स मिली। पुलिस जांच में कार में बैठी दो लड़कियों नेहा उर्फ रिशु झा (मुंबई निवासी) और अलीशा मसीह उर्फ जैनी (रतलाम निवासी) के पास से भी एमडी ड्रग्स बरामद की गई। दोनों ने कबूल किया कि वे क्लब और बार पार्टियों में महंगे दामों पर ड्रग्स सप्लाई करती थीं।

    गोवा और अन्य राज्यों तक फैला नेटवर्क
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इवेंट कंपनी के नाम पर बड़ी पार्टियों का आयोजन करते थे और इन्हीं पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे रखा जाता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार गोवा सहित कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। आरोपी वहां के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई करते थे। इंदौर के कई क्लब संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


    इंदौर पुलिस की लोगों से अपील

    चारों आरोपियों के खिलाफ थाना कनाड़िया में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड लेकर यह पता लगाया जाएगा कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थीं और किन-किन क्लबों में सप्लाई होती थी। इंदौर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस को दें। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • कनाडा में एयरपोर्ट से 400 किलो सोना उड़ा ले गए थे चोर, एक गिरफ्तार

    कनाडा में एयरपोर्ट से 400 किलो सोना उड़ा ले गए थे चोर, एक गिरफ्तार

    नई दिल्‍ली। कनाडा में हुए अब तक के सबसे बड़े गोल्ड हाइस्ट मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कनाडा के पील रीजन की पुलिस ने बताया है कि करीब 20 मिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत के सोने की चोरी से जुड़े मामले में 43 साल के अरसलान चौधरी को गिरफ्तार किया लिया गया है। बता दें को यह मामला 2023 के प्रोजेक्ट 24K से जुड़ा है, जब चोरों ने करीब 400 किलो सोना चुराकर पूरी दुनिया में सनसनी मचा दी थी।
    दरअसल 17 अप्रैल 2023 को एक फ्लाइट स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से टोरंटो पहुंची थी। इस फ्लाइट में करीब 400 किलो शुद्ध सोना लाया गया था, जिसकी कीमत 20 मिलियन डॉलर से ज्यादा थी। इसके साथ ही करीब 2.5 मिलियन डॉलर की विदेशी करेंसी भी थी। सोने की यह खेप एयरपोर्ट से उतारकर एक अलग जगह ले जाई गई।
    हालांकि कुछ ही घंटों बाद इसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक इस मामले में 10 लोगों की पहचान कर उन्हें आरोपी बनाया गया है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है। पुलिस ने अरसलान चौधरी पर भी 5,000 डॉलर से ज्यादा की चोरी, अपराध से हासिल संपत्ति रखने और गंभीर अपराध की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं और सोमवार को उसे टोरंटो के पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया।
    एक आरोपी भारत में?

    इन आरोपियों में 33 साल का सिमरन प्रीत पनेसर भी शामिल है, जो ब्रैम्पटन का रहने वाला है और पहले एयर कनाडा में काम करता था। पुलिस का कहना है कि पनेसर ने एयरलाइन सिस्टम में हेरफेर कर सोने की खेप को डायवर्ट करने में मदद की थी।

    पुलिस को शक है कि वह इस समय भारत में है। पिछले साल उसे चंडीगढ़ के बाहरी इलाके में एक किराए के फ्लैट में ट्रेस किया गया था। उसके खिलाफ पूरे कनाडा में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
    अब तक कई गिरफ्तार

    इस मामले में एक अन्य आरोपी आर्चित ग्रोवर को मई 2024 में टोरंटो एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था, जब वह भारत से लौट रहा था। अब तक गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में ओंटारियो के रहने वाले पूर्व एयर कनाडा कर्मचारी परमपाल सिद्धू और अमित जलोटा भी शामिल हैं। इसके अलावा ब्रैम्पटन के प्रसाथ परमलिंगम और टोरंटो के अली रजा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्रैम्पटन के ही अम्मद चौधरी और 27 साल के दौराने किंग मैकलीन को भी हिरासत में लिया गया है। किंग मैकलीन इस समय अमेरिका में हथियारों की तस्करी से जुड़े मामले में जेल में है।

  • दक्षिण अमेरिकी देशों पर कब्जे की तैयारी में ट्रंप? अब क्यूबा को भी मिली धमकी

    दक्षिण अमेरिकी देशों पर कब्जे की तैयारी में ट्रंप? अब क्यूबा को भी मिली धमकी

    वॉशिंगटन। वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद अब अमेरिका की ट्रंप सरकार के हौसलें बुलंद हैं और अब वे दक्षिण अमेरिका के अन्य देशों को भी धमकाने पर उतर आए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा के नेता को चेतावनी देते हुए कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद अगर मैं क्यूबा की सरकार में होता तो यकीनन मुझे चिंता होती।

    मार्को रुबियो ने क्यूबा को दी चेतावनी
    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘क्यूबा पूरी तरह से तबाह है। इसे पूरी तरह से अयोग्य सरकार और इसे एक वृद्ध व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा है। इसकी कोई अर्थव्यवस्था नहीं बची है। यह पूरी तरह से तबाह देश हैं। मादुरो की सुरक्षा में लगे सभी गार्ड भी क्यूबा के थे। क्यूबा ने कुछ मामलों में वेनेजुएला पर कब्जा किया हुआ है। क्यूबा ने वेनेजुएला को अपनी कालोनी बनाने की कोशिश की। अगर हम सुरक्षा के लिहाज से देखें तो अगर मैं हवाना में रह रहा होता और मैं सरकार में होता तो में घटनाक्रम से थोड़ा चिंतित तो जरूर होता।’

    अमेरिका और क्यूबा के बीच रिश्ते दशकों से तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के संबंधों में तनाव 1960 के दशक से है, जब फिदेल कास्त्रों की सरकार के साथ अमेरिका के संबंध बिगड़े और अमेरिका ने क्यूबा पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। बराक ओबामा के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध सुधारने की कोशिश हुई, लेकिन ट्रंप और बाइडन सरकार में फिर से संबंध तनावपूर्ण हो गए।

    ट्रंप ने भी दिए संकेत
    गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी क्यूबा की आलोचना की और इसे एक असफल राष्ट्र बताया। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा के नागरिकों और क्यूबा छोड़ चुके लोगों की मदद करना अमेरिका का लक्ष्य है। ट्रंप ने कहा, ‘क्यूबा एक रोचक मामला है। क्यूबा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। क्यूबा के लोग वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। मुझे लगता है कि क्यूबा एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर हम आगे चर्चा करेंगे क्योंकि क्यूबा एक असफल राष्ट्र है। हम क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहते हैं।’

    अमेरिका की खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर शनिवार को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया और उन्हें अमेरिका ले जाया गया है। अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बोन्डी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, नशीली दवाओं की तस्करी और नार्को आतंकवाद की साजिश रचने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

  • Bangladesh: दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार

    Bangladesh: दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के मयमनसिंह के भालुका इलाके में ईशनिंदा (Blasphemy) के आरोप में 25 वर्षीय फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास (Factory worker Deepu Chandra Das) की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अधिकारियों ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई हत्या के दो दिन बाद की है। इस घटना में भीड़ ने दीपू की हत्या कर उसके शव को एक मुख्य मार्ग पर पेड़ से लटकाकर आग लगा दी थी और घटना का लाइव प्रसारण भी किया था।

    मयमनसिंह रैपिड एक्शन बटालियन (रैब) के कार्यालय ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में से सात को उसने और तीन अन्य को पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लिमोन सरकार (19), तारेक हुसैन (19), माणिक मियां (20), इरशाद अली (39), निझुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38), मिराज हुसैन (46), अजमल सगीर (26), शाहीन मियां (19) और नजमुल (21) के रूप में हुई है।

    रैब के अपर पुलिस अधीक्षक शम्सुज्जामन ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को सौंप दिया जाएगा। रैब का दावा है कि फैक्ट्री के एक फ्लोर मैनेजर आलमगीर हुसैन ने दीपू चंद्र दास को नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के बाद उसे आक्रोशित भीड़ के हवाले कर दिया था। रैब निदेशक नैमुल हसन ने बताया कि इस मामले में फ्लोर मैनेजर और उसी फैक्ट्री के क्वालिटी मैनेजर मिराज हुसैन आकन को भी गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ता इस बात का जवाब खोजने का प्रयास कर रहे हैं कि पुलिस को बुलाने के बजाय युवक को भीड़ के हवाले क्यों किया गया। उन्होंने संदेह जताया कि इसके पीछे पुरानी रंजिश या भीड़ का दबाव उद्देश्य हो सकता है।

    इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया हुई है। लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक मुस्लिम सहकर्मी ने मामूली बात पर दीपू को सजा देने के लिए उस पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया था। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इसे 21वीं सदी को शर्मसार करने वाली बर्बरता और मानवता की हार बताया। उन्होंने बंगलादेश नेतृत्व से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी घटना पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से बंगलादेशी अधिकारियों के समक्ष अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने का आग्रह किया है।