Tag: Assault

  • रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बुजुर्ग महिला को घसीटा; लाठी-डंडों से हुई मारपीट का वीडियो वायरल

    रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बुजुर्ग महिला को घसीटा; लाठी-डंडों से हुई मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर में गणेश मंदिर के पास रास्ते और जमीन के अधिकार को लेकर हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें लाठी-डंडे, लात-घूंसे और धक्का-मुक्की का दौर चला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है।

    जानकारी के अनुसार, विवाद एक छोटे से जमीन के टुकड़े और उससे जुड़े रास्ते के उपयोग को लेकर शुरू हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि लोग एक-दूसरे पर हमला करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि विवाद के दौरान किसी ने भी संयम नहीं बरता और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।

    वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर रहे हैं। मारपीट के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया। वीडियो में एक बुजुर्ग महिला को घसीटते हुए देखा जा सकता है, जबकि कुछ लोग उन्हें बचाने का प्रयास करते नजर आते हैं। इस दौरान महिलाओं की चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल साफ दिखाई देता है।

    घटना के दौरान कई लोगों को चोटें आई हैं। वीडियो में एक युवक जमीन पर बेसुध अवस्था में पड़ा दिखाई देता है, जबकि आसपास मौजूद लोग हंगामे को देखते रहते हैं। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि विवाद को तुरंत शांत नहीं कराया जा सका।

    सबसे चिंताजनक बात यह रही कि बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर मौजूद होने के बावजूद झगड़ा रोकने के बजाय अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। इससे मारपीट का सिलसिला और लंबा चलता रहा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद काफी समय से चल रहा था और दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनातनी की स्थिति बन चुकी थी। हालांकि इस बार मामला पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को जानकारी दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

    पुलिस अब वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे विवादों को समय रहते सुलझाने की आवश्यकता है, ताकि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की नौबत न आए।

    फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

  • ट्रैक्टर चलाने के विवाद में युवक पर हमला: लाठी-डंडों से पीटकर किया घायल, पैर में फ्रैक्चर

    ट्रैक्टर चलाने के विवाद में युवक पर हमला: लाठी-डंडों से पीटकर किया घायल, पैर में फ्रैक्चर


    मध्य प्रदेश । सीहोर जिले में ट्रैक्टर चलाने को लेकर हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस विवाद में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है। घटना के बाद घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत ट्रैक्टर चलाने की बात को लेकर हुई। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। पीड़ित युवक का आरोप है कि विजय सिंह और उसके परिवार के कुछ सदस्यों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले उसके साथ हाथापाई की और फिर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोपियों ने युवक को घेर लिया और उसके साथ जमकर मारपीट की। हमले में युवक को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं, जबकि उसके पैर में गंभीर चोट लगने से फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

    स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसके पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की। गंभीर चोटों को देखते हुए उसका इलाज शुरू किया गया और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई गई। अस्पताल में युवक के पैर पर प्लास्टर और पट्टियां बांधी गई हैं।

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घायल युवक के बयान दर्ज किए, जिसमें उसने विजय सिंह और उसके बेटों पर हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि ट्रैक्टर चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने जानबूझकर उस पर हमला किया और गंभीर चोटें पहुंचाईं।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि विवाद की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सके।

    ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर छोटे-छोटे विवाद आपसी तनाव के कारण बड़े संघर्ष का रूप ले लेते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मामूली मतभेदों को हिंसा में बदलने से रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर संवाद और समझदारी की कितनी आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और मामले में वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

    उधर, घायल युवक के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • सीहोर बस स्टैंड पर युवक पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती

    सीहोर बस स्टैंड पर युवक पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर के प्रमुख और व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में बीती रात एक युवक पर हुए कथित हमले ने लोगों को झकझोर दिया। पुलिस के अनुसार, बस स्टैंड के पास कुछ लोगों द्वारा युवक के साथ मारपीट किए जाने की सूचना मिली थी। इस दौरान युवक पर लाठी-डंडों से हमला किए जाने का आरोप है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार युवक के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    पुलिस के मुताबिक घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। घायल युवक और उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है ताकि विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमला किसी विवाद के चलते हुआ हो सकता है, लेकिन पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।

    बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय नागरिकों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय आसपास काफी लोग मौजूद थे, लेकिन हमलावरों के आक्रामक रवैये के कारण किसी ने बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटाई। मारपीट के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी उठने लगी है। नागरिकों का मानना है कि प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल युवक और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शिकायत और जांच के आधार पर प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही आरोपियों की पहचान के लिए बस स्टैंड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच टीम संभावित संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से संबंधित कोई जानकारी हो तो वह पुलिस को उपलब्ध कराए, जिससे जांच में मदद मिल सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने

    बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी शहर की मदकपुरा कॉलोनी में शनिवार दोपहर पड़ोसियों के बीच चल रहा विवाद उस समय हिंसक रूप ले बैठा, जब बिजली के तार हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। घटना में एक महिला के घायल होने की जानकारी सामने आई है। महिला ने पड़ोसी परिवार पर बाल पकड़कर घसीटने और सड़क पर गिराकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं, घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, मदकपुरा कॉलोनी निवासी शिवानी कुशवाह और उनके पड़ोसी मिथलेश लोधी के परिवार के बीच पहले से कुछ विवाद चल रहा था। शनिवार को बिजली के तार हटाने के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआती बहस देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई और फिर दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई।

    शिवानी कुशवाह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान मिथलेश लोधी, उनके पति अमर लोधी और बेटे हजरत लोधी ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, उन्हें बाल पकड़कर सड़क पर गिराया गया और घसीटते हुए पीटा गया। इस घटना में घायल होने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के समय आसपास के लोग भी मौजूद थे, लेकिन विवाद बढ़ने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    देहात थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिवानी कुशवाह की रिपोर्ट पर मिथलेश लोधी, अमर लोधी और हजरत लोधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, मिथलेश लोधी की शिकायत के आधार पर शिवानी कुशवाह और उनके पति के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। इस ताजा घटना के बाद कॉलोनी में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने की हिदायत दी है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।

  • उज्जैन में ‘पति-पत्नी और वो’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: रेस्टोरेंट में महिला मित्र के साथ दिखते ही जमकर मारपीट, वीडियो वायरल

    उज्जैन में ‘पति-पत्नी और वो’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: रेस्टोरेंट में महिला मित्र के साथ दिखते ही जमकर मारपीट, वीडियो वायरल


    मध्‍य प्रदेश । उज्जैन शहर में बुधवार शाम एक पारिवारिक विवाद ने अचानक सड़क पर बवाल का रूप ले लिया, जब पति, पत्नी और ‘वो’ के बीच हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा लोगों की भीड़ के सामने हिंसक झड़प में बदल गया। घटना कोयला फाटक क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मधुर तिवारी अपनी महिला सहकर्मी के साथ एक रेस्टोरेंट में पहुंचे थे।

    जानकारी के अनुसार, इसी दौरान उनकी पत्नी वंदना, साली अतिप्रिया, ससुर और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि महिला मित्र के साथ पति को देखकर परिवार भड़क गया और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इस दौरान सड़क पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और कई लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पत्नी, साली और अन्य परिजन पति मधुर तिवारी और उनकी महिला सहकर्मी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। दोनों खुद को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन भीड़ के बीच मामला और बढ़ जाता है।

    पत्नी पक्ष का आरोप है कि पति का उनकी महिला सहकर्मी के साथ अवैध संबंध है और दोनों लंबे समय से संपर्क में थे। साली अतिप्रिया ने दावा किया कि दोनों को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद यह विवाद हुआ। वहीं पत्नी वंदना ने आरोप लगाया कि पति और महिला सहकर्मी लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं।

    दूसरी ओर, पति मधुर तिवारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका परिवार पहले से ही विवादों में है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी, साली और ससुर के हस्तक्षेप के कारण उनका वैवाहिक जीवन टूट चुका है। मधुर ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान उनकी महिला सहकर्मी के साथ मारपीट की गई और उनका पीछा किया गया।

    मधुर ने आगे आरोप लगाया कि उनके घर से सोना गायब है, जिसमें ससुर का हाथ होने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मारपीट के दौरान उनकी महिला सहकर्मी की गाड़ी की चाबी भी निकाल ली गई और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया।

    फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस के सामने भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। घटना से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

  • खाकी का खौफ खत्म! मुरैना में चेकिंग टीम पर हमला कर ट्रैक्टर सहित फरार हुए आरोपी, पुलिस ने शुरू की नाकाबंदी

    खाकी का खौफ खत्म! मुरैना में चेकिंग टीम पर हमला कर ट्रैक्टर सहित फरार हुए आरोपी, पुलिस ने शुरू की नाकाबंदी

    मध्य प्रदेश । मुरैना जिले में चंबल की प्रतिबंधित रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन में लिप्त माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें अब कानून और प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-44 पर नहर के समीप अवैध रेत के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने उतरी परिवहन विभाग (RTO) की संयुक्त चेकिंग टीम पर हमला करने और उन्हें वाहन से कुचलने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस जानलेवा हमले के दौरान मौके पर मौजूद परिवहन अधिकारी और सुरक्षाकर्मी बेहद बाल-बाल बचे।

    प्राप्त विवरण के अनुसार, परिवहन विभाग की टीम वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले संदिग्ध और ओवरलोड वाहनों की नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम को अवैध उत्खनन कर लाई जा रही रेत से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली आती हुई दिखाई दी। आरटीओ के कर्मचारियों ने जब नियमानुसार उस वाहन को रुकने का इशारा किया, तो ट्रैक्टर चालक ने वाहन की रफ्तार धीमी करने के बजाय उसे सीधे चेकिंग कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ मोड़ दिया और उन्हें कुचलने का प्रयास किया।

    वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और आरटीओ अमले ने समय रहते मुस्तैदी दिखाई और सड़क किनारे कूदकर अपनी जान बचाई। शासकीय टीम को निशाना बनाने के तुरंत बाद आरोपी चालक बेहद लापरवाही और तेज गति से ट्रैक्टर-ट्रॉली को दौड़ाते हुए मौके से फरार हो गया। इस अप्रत्याशित हमले से हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में सघन नाकाबंदी लागू की गई।

    परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा घटना के संबंध में सिविल लाइन थाने में एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और अवैध खनिज परिवहन की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अज्ञात माफियाओं के खिलाफ आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा हाईवे और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावर ट्रैक्टर और उसके चालक की सटीक पहचान की जा सके।

    मुरैना और चंबल संभाग में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और प्रशासनिक टीमों पर खनन माफियाओं द्वारा हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में पुलिस, वन विभाग और राजस्व टीम को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और दावा किया है कि सरकारी अमले पर हमला करने वाले तत्वों को जल्द ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • पाकिस्तान में फ्रांसीसी महिला से दरिंदगी के दोषियों को होगी फांसी: उच्च न्यायालय ने खारिज की अपील, वैश्विक स्तर पर न्यायिक कड़ेपन का समर्थन

    पाकिस्तान में फ्रांसीसी महिला से दरिंदगी के दोषियों को होगी फांसी: उच्च न्यायालय ने खारिज की अपील, वैश्विक स्तर पर न्यायिक कड़ेपन का समर्थन

    नई दिल्ली। पाकिस्तान की न्यायपालिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित और संवेदनशील ‘लाहौर मोटरवे सामूहिक दुष्कर्म मामले’ में एक अत्यंत कड़ा और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। लाहौर उच्च न्यायालय (LHC) ने इस बर्बर कांड के दो मुख्य दोषियों, आबिद अली और शफकत अली की फांसी की सजा को पूरी तरह बरकरार रखा है। दोनों दोषियों ने साल 2021 में आतंकवाद निरोधी अदालत (ATC) द्वारा दी गई मौत की सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने अभियोजन पक्ष के पुख्ता सबूतों के आलोक में सिरे से खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद अब दोनों अपराधियों की मौत की सजा का क्रियान्वयन तय माना जा रहा है, जिसने वैश्विक स्तर पर भी मानवाधिकारों और महिला सुरक्षा से जुड़े संगठनों का ध्यान आकर्षित किया है।

    यह अत्यंत क्रूर और खौफनाक घटना 9 सितंबर 2020 की है, जब पाकिस्तानी मूल की एक फ्रांसीसी महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ सियालकोट-लाहौर मोटरवे पर कार से यात्रा कर रही थी। देर रात अचानक कार का ईंधन समाप्त हो जाने के कारण उनका परिवार सुनसान सड़क के किनारे असहाय स्थिति में फंस गया था। महिला अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार के दरवाजे बंद कर भीतर ही मदद की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी दौरान हथियारों से लैस हमलावरों ने वाहन की खिड़की का शीशा तोड़कर महिला को जबरन बाहर घसीट लिया और उसके ही रोते-बिलखते बच्चों के सामने बंदूक की नोक पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया। अपराधी वहां से भागने से पहले पीड़ित परिवार से नकदी, आभूषण और बैंक कार्ड भी लूट ले गए थे।

    इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद पूरे पाकिस्तान में जनाक्रोश भड़क उठा था और कार्यस्थलों तथा सार्वजनिक मार्गों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनों की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन हुए थे। जनभावनाएं उस समय और अधिक उग्र हो गई थीं, जब तत्कालीन लाहौर पुलिस प्रमुख उमर शेख ने प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए उल्टा पीड़िता के समय और मार्ग चयन पर ही अनुचित सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि, बढ़ते दबाव के बीच पुलिस प्रशासन ने अपराधियों को पकड़ने के लिए एक व्यापक वैज्ञानिक अभियान चलाया। जांचकर्ताओं ने अत्याधुनिक मोबाइल फोन डेटा विश्लेषण और घटनास्थल से एकत्र किए गए डीएनए नमूनों की सहायता से आरोपियों को दबोचा था। बाद में न्यायिक कार्यवाही के दौरान पीड़िता ने भी दोनों की पहचान की थी और एक आरोपी ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।

    उच्च न्यायालय में अपील की सुनवाई के दौरान दोषियों के विधिक सलाहकारों ने दलील दी थी कि जांच एजेंसी की प्रक्रिया में कई तकनीकी कमियां हैं और साक्ष्य पूरी तरह विश्वसनीय नहीं हैं। इसके विपरीत, सरकारी वकीलों ने अदालत के समक्ष अकाट्य वैज्ञानिक (डीएनए) और तकनीकी (सेलुलर लोकेशन) प्रमाण प्रस्तुत किए, जो सीधे तौर पर अपराधियों की अपराध स्थल पर उपस्थिति और संलिप्तता को प्रमाणित करते थे। उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को वैध मानते हुए स्पष्ट किया कि निचली अदालत का फैसला पूर्णतः न्यायसंगत था। इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसिद्ध वैश्विक उद्यमी और टेस्ला प्रमुख एलन मस्क ने भी सोशल मीडिया पर ‘शाबाश पाकिस्तान’ लिखते हुए न्यायिक कड़ेपन की सराहना की और कहा कि पश्चिमी देशों को भी हिंसक अपराधों के खिलाफ ऐसे ही कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।

  • मुजफ्फरनगर में फेरीवालों की पिटाई, भीड़ ने चाचा-भतीजे को पीटा; पुलिस ने बचाई जान

    मुजफ्फरनगर में फेरीवालों की पिटाई, भीड़ ने चाचा-भतीजे को पीटा; पुलिस ने बचाई जान




    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर (नई मंडी कोतवाली क्षेत्र) की वसुंधरा कॉलोनी में रविवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब कपड़े की फेरी लगाने पहुंचे आमिर मलिक और जावेद को स्थानीय लोगों ने संदिग्ध समझकर पीट दिया। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं और फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करते हैं।

    जानकारी के अनुसार, दोनों पहले भी कॉलोनी में सामान बेचने आ चुके थे और कुछ लोगों के बुलाने पर ही दोबारा वहां पहुंचे थे। लेकिन देर शाम और रात होने के कारण कुछ लोगों को उन पर शक हुआ, जिसके बाद भीड़ इकट्ठा हो गई और दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी गई।

    मारपीट में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें घायल अवस्था में दोनों दिखाई दे रहे हैं।सूचना मिलने पर नई मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ से बचाकर अपनी हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पुलिस जांच में क्या आया सामने
    सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के अनुसार, शुरुआती जांच में दोनों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। वे फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करते हैं और पहले भी इलाके में आ चुके हैं। पुलिस अब स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • हैदराबाद में शर्मनाक वारदात: चाय के बहाने कार में घुमाया, फिर क्लासमेट को जबरन शराब पिलाकर बीटेक छात्र ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

    हैदराबाद में शर्मनाक वारदात: चाय के बहाने कार में घुमाया, फिर क्लासमेट को जबरन शराब पिलाकर बीटेक छात्र ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

    नई दिल्ली /हैदराबाद: महानगर के शैक्षणिक हलकों को झकझोर देने वाली एक बेहद संवेदनशील और गंभीर घटना में पुलिस ने एक तकनीकी संस्थान के छात्र को अपनी ही सहपाठी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीड़ित युवती और आरोपी दोनों ही क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं और एक ही कक्षा में होने के कारण दोनों के बीच सामान्य जान-पहचान थी। इसी परिचय का फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है।

    घटनाक्रम के अनुसार, यह पूरी वारदात बीते सप्ताह की रात को घटित हुई थी। आरोपी छात्र पीड़िता को उसके घर के पास से महज चाय पीने और साथ घूमने के बहाने अपनी कार में बिठाकर ले गया था। वह काफी देर तक युवती को कार में इधर-उधर घुमाता रहा, जिससे पीड़िता को उसकी वास्तविक और दुर्भावनापूर्ण मंशा का जरा भी अंदाजा नहीं हुआ। वापसी के दौरान आरोपी ने बीच रास्ते में गाड़ी रोककर शराब खरीदी। इसके बाद उसने कार के भीतर ही खुद भी शराब का सेवन किया और युवती को भी जबरन अत्यधिक मात्रा में शराब पीने पर मजबूर कर दिया। युवती के विरोध को दरकिनार करते हुए उसे पूरी तरह नशे की हालत में ला दिया गया।

    जब पीड़िता अत्यधिक नशे के कारण खुद को संभालने की स्थिति में नहीं रही, तब आरोपी उसे इब्राहिमपटनम इलाके में स्थित एक सुनसान कमरे पर लेकर गया। वहां उसने युवती की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। होश में आने और घटना की भयावहता को समझने के बाद, बीस वर्षीय पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और सीधे स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर अपने साथ हुई इस बर्बरता की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की मानसिक और शारीरिक स्थिति को समझते हुए तुरंत उसकी शिकायत के आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया।

    मामला दर्ज होते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी छात्र को चौबीस घंटे के भीतर धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ और प्राथमिक जांच के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और मामले से जुड़े तमाम वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।

  • भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज

    भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के देहात थाना क्षेत्र के टीकरी गांव में मजदूरी का बकाया पैसा लेने गए एक मजदूर से दबंगों द्वारा मारपीट और पिस्तौल के साथ दहशत फैलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार मजदूर अनूप रैयपुरिया और उनके छोटे भाई बॉबी ने लगभग एक माह पहले विकास चौरसिया के यहाँ कलर-पुट्टी का काम किया था जिसकी मजदूरी 5 400 रुपये तय थी लेकिन वह मजदूरी नहीं दी गई। पैसे की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया जिसके बाद मामला हाथापाई और कट्टे की फायरिंग तक पहुँच गया।

    घटना के मुताबिक विकास चौरसिया अपने साथी बेतू जाटव सहित दो अन्य लोगों के साथ अनूप के घर पहुँचे और बॉबी से विवाद करने लगे। घर के बाहर बैठे बॉबी से पहले मारपीट शुरू हुई और जब अनूप ने बचाव के लिए बीच में आकर रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस दौरान मारपीट से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और आसपास का माहौल tense हो गया।

    घायल युवक के बचाव के लिए गांव के अन्य लोग मौके पर इकट्ठा हुए इसी बीच बेतू जाटव ने अपनी जेब से कट्टा निकालकर लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने पहले कारतूस जारी करने का प्रयास किया लेकिन गोली मिस हो गई। भय फैलाने के लिए उसने दो बार फायर करने की कोशिश की लेकिन दोनों बार कारतूस चूक गया जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और आरोपी भी मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।

    पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित अनूप रैयपुरिया की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामला मारपीट और कट्टा लहराकर दहशत फैलाने का है तथा प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है और आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि टीकरी गांव में इस तरह का हिंसा-उत्पीड़क व्यवहार कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती है तथा ऐसे मामलों से ग्रामीणों में भय की स्थिति बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरी के लिये जबरदस्ती पैसा मांगने पर इस तरह की हिंसा निंदनीय है और ऐसी घटनाएँ सामाजिक व्यवहार और ग्रामीण सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय हैं।

    घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है तथा जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है।

    इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा और दबंगई रोकने में मदद मिले।

    कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मजदूरी विवाद जैसे मामूली मामलों में हिंसा की उग्र स्थिति कैसे उत्पन्न हो जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सद्भावना को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।