Tag: Assault

  • शिवपुरी के बदरवास में 9 रुपये के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गुमटी संचालक के सिर पर डंडे से हमला

    शिवपुरी के बदरवास में 9 रुपये के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गुमटी संचालक के सिर पर डंडे से हमला

    मध्य प्रदेश। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के बदरवास थाना क्षेत्र में महज 9 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि बकाया रकम मांगने पर एक युवक ने गुमटी संचालक के सिर और दाहिने कंधे पर डंडे से हमला कर दिया। घटना में दुकानदार घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घटना 25 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। बदरवास में थाने के पीछे रहने वाले राजेश रजक के अनुसार, वह रात में कलारी के पास स्थित अपनी गुटखा दुकान पर बैठा था। इसी दौरान बदरवास का रहने वाला आनंद यादव उसकी दुकान पर पहुंचा और चार सिगरेट मांगीं।

    राजेश के मुताबिक, चार सिगरेट की कुल कीमत 24 रुपये थी। आनंद यादव ने भुगतान के लिए फोनपे का इस्तेमाल किया, लेकिन उसके खाते से दुकानदार को केवल 15 रुपये ही मिले। राजेश ने जब शेष 9 रुपये मांगे, तो आरोपी ने बाकी रकम देने से इनकार कर दिया। इसी भुगतान को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

    शिकायत के अनुसार, बकाया राशि मांगने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आनंद यादव ने राजेश रजक के साथ गाली-गलौज की। जब राजेश ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने डंडे से उस पर हमला कर दिया। हमले में राजेश के सिर और दाहिने कंधे पर चोटें आईं।

    घटना के बाद घायल दुकानदार को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसके सिर और कंधे पर डंडे से वार किया गया था। हालांकि, घायल की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और चोटों की गंभीरता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान विवाद की परिस्थितियों, भुगतान को लेकर हुए घटनाक्रम और हमले के आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

    बदरवास क्षेत्र में सामने आया यह मामला एक छोटी रकम के लेनदेन से शुरू हुए विवाद के हिंसक रूप लेने से जुड़ा है। दुकानदार के बयान के अनुसार, विवाद की शुरुआत चार सिगरेट के 24 रुपये के भुगतान से हुई थी। इसमें से 15 रुपये मिलने के बाद जब उसने बाकी 9 रुपये मांगे, तो मामला बढ़ गया।

    फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है। घटना में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी। आरोपी के पक्ष और मामले में आगे की कार्रवाई से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • दिल्ली में असम की महिला वकील से कथित मारपीट, संपत्ति विवाद में ‘बाहरी’ बताकर निशाना बनाने का आरोप

    दिल्ली में असम की महिला वकील से कथित मारपीट, संपत्ति विवाद में ‘बाहरी’ बताकर निशाना बनाने का आरोप

    नई दिल्ली । दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके में संपत्ति विवाद के दौरान असम की एक महिला वकील के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। महिला वकील ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उन्हें दिल्ली में ‘बाहरी’ होने के कारण निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां की गईं और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उनके साथ कथित तौर पर मारपीट हुई।

    घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला वकील रोती और परेशान दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह फोन पर किसी व्यक्ति से घटना के बारे में बात करती नजर आती हैं। महिला के मुताबिक, वह संपत्ति विवाद से जुड़े एक पक्ष की ओर से वकील के तौर पर वहां मौजूद थीं।

    महिला वकील ने आरोप लगाया कि उनके क्लाइंट के विरोधी पक्ष ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह दिल्ली की स्थानीय निवासी नहीं हैं। उनका दावा है कि विवाद के दौरान दूसरे पक्ष की ओर से उन्हें ‘बाहरी’ कहकर निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने उनके साथ मारपीट हुई, लेकिन हमलावरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।

    महिला के अनुसार, उनके क्लाइंट का अगले दिन एक कार्यक्रम होना था। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष उस कार्यक्रम को खराब करना चाहता था और इसी वजह से विवाद बढ़ा। महिला ने दावा किया कि दूसरे पक्ष के लोग स्थानीय प्रभाव रखने वाले व्यक्तियों के साथ थे और इसी कारण स्थिति उनके खिलाफ हो गई।

    झड़प के दौरान महिला ने नस्लीय टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप लगाया। उनके मुताबिक, उनसे और पूर्वोत्तर भारत से जुड़े लोगों को लेकर आपत्तिजनक सवाल किए गए। आरोप है कि दूसरे पक्ष की ओर से यह सवाल भी किया गया कि पूर्वोत्तर के लोग काम करने के लिए दिल्ली क्यों आते हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।

    वीडियो में महिला वकील दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी मदद की अपील करती नजर आती हैं। उन्होंने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और कहा कि यदि एक महिला वकील के साथ इस तरह की घटना हो सकती है तो सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का जिक्र करते हुए भी अपनी बात रखी।

    पुलिस के अनुसार, महिला वकील जिस संपत्ति विवाद में शामिल थीं, उसमें वह ‘डॉलर बाबा’ नाम के व्यक्ति का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। प्रसाद नगर इलाके की एक संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान घटना सामने आई।

    महिला वकील ने अपनी शिकायत में मारपीट के साथ छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। मामले की जांच के दौरान घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

    इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस में शिकायत दी गई है। इसमें मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दूसरी शिकायत के आधार पर भी क्रॉस-एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    फिलहाल महिला वकील की ओर से लगाए गए मारपीट, छेड़छाड़ और नस्लीय टिप्पणी के आरोप जांच का विषय हैं। घटना से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस मामले के तथ्यों की जांच कर रही है।

  • विवाद के बाद अधिवक्ता से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस ने दो नामजद समेत सात अज्ञात पर केस दर्ज किया

    विवाद के बाद अधिवक्ता से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस ने दो नामजद समेत सात अज्ञात पर केस दर्ज किया

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के महोबा में एक अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करीब दो मिनट से अधिक समय के इस वीडियो में कुछ युवतियां और महिलाएं एक अधिवक्ता को घेरती और पकड़ती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में उनके साथ जूते-चप्पलों से मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    मामले में अधिवक्ता की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर दो नामजद युवतियों और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपितों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह मामला किसी पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।

    कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर कुल नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें दो लोगों को नामजद किया गया है, जबकि सात अन्य की पहचान अभी की जानी है। पुलिस मामले की जांच के साथ आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास कर रही है।

    पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हुआ था। उस समय दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था और मामला शांत हो गया था। आरोप है कि बाद में उसी पुराने विवाद को लेकर दोबारा कहासुनी हुई। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और अधिवक्ता के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना हुई।

    घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में कई महिलाएं और युवतियां अधिवक्ता के आसपास दिखाई देती हैं। कुछ लोग उन्हें पकड़ते हुए नजर आते हैं और उनके साथ जूते-चप्पलों से मारपीट किए जाने का दृश्य भी दिखाई देता है। वीडियो की अवधि करीब दो मिनट 12 सेकेंड बताई गई है। पुलिस अब वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच कर रही है।

    सोशल मीडिया पर किसी घटना का वीडियो तेजी से प्रसारित होने के बाद पुलिस के सामने उसकी सत्यता और घटनाक्रम की पुष्टि करना महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी वजह से पुलिस वायरल वीडियो के साथ शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मामले में पुलिस ने अभी घटना के पीछे के पूरे विवाद और मारपीट की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर पुराने विवाद के बाद दोबारा कहासुनी होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस दोनों पक्षों से संबंधित तथ्यों को जांच में शामिल कर रही है।

    वहीं, महोबा के अलावा जालौन में भी दो परिवारों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। कोतवाली जालौन क्षेत्र के मोहल्ला पहलवान बड़ा में दो परिवारों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर कथित तौर पर लाठी-डंडों और रॉड से मारपीट हुई। पीड़ित सुलखान यादव ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसके साथ और बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भतीजे के साथ भी मारपीट की गई।

    शिकायत के अनुसार घटना रात करीब 10 बजे हुई। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद विवाद बढ़ा और दोनों पर हमला किया गया। पीड़ित ने गंभीर चोट लगने और जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

  • जंतर-मंतर प्रदर्शन में संजय कुमार से मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, एससी-एसटी और पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई

    जंतर-मंतर प्रदर्शन में संजय कुमार से मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, एससी-एसटी और पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई

    नई दिल्ली । जंतर-मंतर पर 23 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी। इस घटना के बाद से ही स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी।

    बताया गया है कि झड़प के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के हाथ में पहने कड़े से संजय कुमार के सिर पर चोट लगी। चोट लगने के बाद उन्हें उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। घटना को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था और इसके बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही थी।

    मामले में उस समय नया मोड़ आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में वह जंतर-मंतर पर हुई घटना और संजय कुमार को लगी चोट का जिक्र करता नजर आया। वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग फिर तेज हो गई।

    शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की और मामले में देरी पर सवाल उठाए।

    पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को कार्रवाई के लिए 72 घंटे का भरोसा दिया गया था। हालांकि इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद है और पुलिस अब घटना से जुड़े तथ्यों तथा उपलब्ध साक्ष्यों को खंगालेगी।

    स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में कई कानूनी प्रावधान शामिल किए गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता के तहत पीछा करने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।

    आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं के आधार पर पुलिस मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने भी आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों और गिरफ्तारी की जानकारी दी है।

    हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस पहले मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है। 3 सितंबर को पुलिस ने बताया था कि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति की मेडिकल रिपोर्ट में सिर की हड्डी में फ्रैक्चर या किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई में देरी के पीछे किसी राजनीतिक दबाव से भी इनकार किया था।

    अब गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण शुरू होगा। पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों के बयान, उपलब्ध वीडियो और चिकित्सकीय दस्तावेजों समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। इसके आधार पर आरोपों की स्थिति और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।

    घटना के बाद से प्रदर्शन से जुड़े पक्ष स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। गिरफ्तारी के साथ अब यह मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है।

  • वर्चस्व की रंजिश में 50 वर्षीय व्यक्ति पर लाठी बरसाईं,  रहम की गुहार के बावजूद नहीं रुके हमलावर

    वर्चस्व की रंजिश में 50 वर्षीय व्यक्ति पर लाठी बरसाईं, रहम की गुहार के बावजूद नहीं रुके हमलावर


    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर थाना क्षेत्र में एक 50 वर्षीय व्यक्ति पर कथित तौर पर बेरहमी से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर लाठियों से लगातार पीटते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित रहम की गुहार लगाता नजर आता है, लेकिन हमलावर उस पर हमला जारी रखते हैं।

    पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार की है और घिरोंगी गांव में हुई। घायल की पहचान 50 वर्षीय करतार सिंह बघेल के रूप में हुई है। बताया गया कि करतार सिंह अपने एक साथी के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के ही जयसिंह गुर्जर और उसके साथियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर सामने आया है कि करतार सिंह बाइक से पूरी तरह उतर भी नहीं पाए थे कि आरोपियों ने उन पर लाठियों से हमला शुरू कर दिया। वीडियो में एक व्यक्ति पीड़ित का पैर पकड़े दिखाई देता है, जबकि अन्य लोग लगातार लाठियों से वार करते हैं। हमले के दौरान एक आरोपी यह कहते हुए भी सुनाई देता है कि सिर पर नहीं, पीठ पर मारो।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हमले के पीछे गांव में वर्चस्व और पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है। आरोप है कि हमलावर गांव में अपना दबदबा बनाए रखना चाहते थे और इसी विवाद के चलते उन्होंने करतार सिंह को निशाना बनाया।

    घटना के बाद किसी स्थानीय व्यक्ति ने हमले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।

    मालनपुर थाना पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस की टीमें वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • PM आवास की कुटीर का सरिया तोड़ने से रोका तो दंपति पर हमला, पति का सिर फोड़ा

    PM आवास की कुटीर का सरिया तोड़ने से रोका तो दंपति पर हमला, पति का सिर फोड़ा


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के कनाखेड़ी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी कुटीर को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कुटीर की छत से सरिया तोड़ने का विरोध करना एक दंपति को भारी पड़ गया। आरोप है कि गांव के दो भाइयों ने मिलकर पति-पत्नी पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमले में पति के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी को भी बेरहमी से पीटा गया। दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कनाखेड़ी गांव निवासी 34 वर्षीय इंदर सिंह चिडार शनिवार शाम करीब सात बजे अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान गांव का गोलू चिडार वहां पहुंचा। इंदर सिंह ने उससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी अपनी कुटीर की छत से सरिया तोड़ने को लेकर सवाल किया। आरोप है कि यह बात सुनते ही गोलू चिडार गुस्से में आ गया और गाली-गलौज करने लगा।

    पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने आरोपी को गालियां देने से रोका तो उसने पास में पड़ा डंडा उठाकर सीधे उनके सिर पर हमला कर दिया। डंडे का वार इतना तेज था कि इंदर सिंह के सिर से खून बहने लगा। इसके बाद आरोपी ने लाठियों से भी उनकी पिटाई की, जिससे उनके हाथ-पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।

    मारपीट की आवाज सुनकर इंदर सिंह की पत्नी अमृता चिडार अपने पति को बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि तभी गोलू चिडार के भाई आशु ने भी हमला कर दिया। उसने अमृता के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इस दौरान महिला को भी हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले।

    घायल दंपति को परिजन तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दोनों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार इंदर सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    घटना की सूचना मिलने पर पोहरी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी गोलू चिडार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजना के तहत बने मकान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद हिंसा में बदलने से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

  • रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बुजुर्ग महिला को घसीटा; लाठी-डंडों से हुई मारपीट का वीडियो वायरल

    रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बुजुर्ग महिला को घसीटा; लाठी-डंडों से हुई मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर में गणेश मंदिर के पास रास्ते और जमीन के अधिकार को लेकर हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें लाठी-डंडे, लात-घूंसे और धक्का-मुक्की का दौर चला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है।

    जानकारी के अनुसार, विवाद एक छोटे से जमीन के टुकड़े और उससे जुड़े रास्ते के उपयोग को लेकर शुरू हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि लोग एक-दूसरे पर हमला करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि विवाद के दौरान किसी ने भी संयम नहीं बरता और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।

    वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर रहे हैं। मारपीट के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया। वीडियो में एक बुजुर्ग महिला को घसीटते हुए देखा जा सकता है, जबकि कुछ लोग उन्हें बचाने का प्रयास करते नजर आते हैं। इस दौरान महिलाओं की चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल साफ दिखाई देता है।

    घटना के दौरान कई लोगों को चोटें आई हैं। वीडियो में एक युवक जमीन पर बेसुध अवस्था में पड़ा दिखाई देता है, जबकि आसपास मौजूद लोग हंगामे को देखते रहते हैं। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि विवाद को तुरंत शांत नहीं कराया जा सका।

    सबसे चिंताजनक बात यह रही कि बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर मौजूद होने के बावजूद झगड़ा रोकने के बजाय अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। इससे मारपीट का सिलसिला और लंबा चलता रहा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद काफी समय से चल रहा था और दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनातनी की स्थिति बन चुकी थी। हालांकि इस बार मामला पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को जानकारी दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

    पुलिस अब वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे विवादों को समय रहते सुलझाने की आवश्यकता है, ताकि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की नौबत न आए।

    फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

  • ट्रैक्टर चलाने के विवाद में युवक पर हमला: लाठी-डंडों से पीटकर किया घायल, पैर में फ्रैक्चर

    ट्रैक्टर चलाने के विवाद में युवक पर हमला: लाठी-डंडों से पीटकर किया घायल, पैर में फ्रैक्चर


    मध्य प्रदेश । सीहोर जिले में ट्रैक्टर चलाने को लेकर हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस विवाद में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है। घटना के बाद घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत ट्रैक्टर चलाने की बात को लेकर हुई। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। पीड़ित युवक का आरोप है कि विजय सिंह और उसके परिवार के कुछ सदस्यों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले उसके साथ हाथापाई की और फिर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोपियों ने युवक को घेर लिया और उसके साथ जमकर मारपीट की। हमले में युवक को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं, जबकि उसके पैर में गंभीर चोट लगने से फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

    स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसके पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की। गंभीर चोटों को देखते हुए उसका इलाज शुरू किया गया और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई गई। अस्पताल में युवक के पैर पर प्लास्टर और पट्टियां बांधी गई हैं।

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घायल युवक के बयान दर्ज किए, जिसमें उसने विजय सिंह और उसके बेटों पर हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि ट्रैक्टर चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने जानबूझकर उस पर हमला किया और गंभीर चोटें पहुंचाईं।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि विवाद की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सके।

    ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर छोटे-छोटे विवाद आपसी तनाव के कारण बड़े संघर्ष का रूप ले लेते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मामूली मतभेदों को हिंसा में बदलने से रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर संवाद और समझदारी की कितनी आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और मामले में वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

    उधर, घायल युवक के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • सीहोर बस स्टैंड पर युवक पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती

    सीहोर बस स्टैंड पर युवक पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर के प्रमुख और व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में बीती रात एक युवक पर हुए कथित हमले ने लोगों को झकझोर दिया। पुलिस के अनुसार, बस स्टैंड के पास कुछ लोगों द्वारा युवक के साथ मारपीट किए जाने की सूचना मिली थी। इस दौरान युवक पर लाठी-डंडों से हमला किए जाने का आरोप है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार युवक के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    पुलिस के मुताबिक घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। घायल युवक और उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है ताकि विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमला किसी विवाद के चलते हुआ हो सकता है, लेकिन पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।

    बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय नागरिकों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय आसपास काफी लोग मौजूद थे, लेकिन हमलावरों के आक्रामक रवैये के कारण किसी ने बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटाई। मारपीट के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी उठने लगी है। नागरिकों का मानना है कि प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल युवक और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शिकायत और जांच के आधार पर प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही आरोपियों की पहचान के लिए बस स्टैंड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच टीम संभावित संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से संबंधित कोई जानकारी हो तो वह पुलिस को उपलब्ध कराए, जिससे जांच में मदद मिल सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने

    बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी शहर की मदकपुरा कॉलोनी में शनिवार दोपहर पड़ोसियों के बीच चल रहा विवाद उस समय हिंसक रूप ले बैठा, जब बिजली के तार हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। घटना में एक महिला के घायल होने की जानकारी सामने आई है। महिला ने पड़ोसी परिवार पर बाल पकड़कर घसीटने और सड़क पर गिराकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं, घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, मदकपुरा कॉलोनी निवासी शिवानी कुशवाह और उनके पड़ोसी मिथलेश लोधी के परिवार के बीच पहले से कुछ विवाद चल रहा था। शनिवार को बिजली के तार हटाने के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआती बहस देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई और फिर दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई।

    शिवानी कुशवाह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान मिथलेश लोधी, उनके पति अमर लोधी और बेटे हजरत लोधी ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, उन्हें बाल पकड़कर सड़क पर गिराया गया और घसीटते हुए पीटा गया। इस घटना में घायल होने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के समय आसपास के लोग भी मौजूद थे, लेकिन विवाद बढ़ने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    देहात थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिवानी कुशवाह की रिपोर्ट पर मिथलेश लोधी, अमर लोधी और हजरत लोधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, मिथलेश लोधी की शिकायत के आधार पर शिवानी कुशवाह और उनके पति के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। इस ताजा घटना के बाद कॉलोनी में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने की हिदायत दी है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।