Tag: Assault

  • हैदराबाद में शर्मनाक वारदात: चाय के बहाने कार में घुमाया, फिर क्लासमेट को जबरन शराब पिलाकर बीटेक छात्र ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

    हैदराबाद में शर्मनाक वारदात: चाय के बहाने कार में घुमाया, फिर क्लासमेट को जबरन शराब पिलाकर बीटेक छात्र ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

    नई दिल्ली /हैदराबाद: महानगर के शैक्षणिक हलकों को झकझोर देने वाली एक बेहद संवेदनशील और गंभीर घटना में पुलिस ने एक तकनीकी संस्थान के छात्र को अपनी ही सहपाठी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीड़ित युवती और आरोपी दोनों ही क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं और एक ही कक्षा में होने के कारण दोनों के बीच सामान्य जान-पहचान थी। इसी परिचय का फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है।

    घटनाक्रम के अनुसार, यह पूरी वारदात बीते सप्ताह की रात को घटित हुई थी। आरोपी छात्र पीड़िता को उसके घर के पास से महज चाय पीने और साथ घूमने के बहाने अपनी कार में बिठाकर ले गया था। वह काफी देर तक युवती को कार में इधर-उधर घुमाता रहा, जिससे पीड़िता को उसकी वास्तविक और दुर्भावनापूर्ण मंशा का जरा भी अंदाजा नहीं हुआ। वापसी के दौरान आरोपी ने बीच रास्ते में गाड़ी रोककर शराब खरीदी। इसके बाद उसने कार के भीतर ही खुद भी शराब का सेवन किया और युवती को भी जबरन अत्यधिक मात्रा में शराब पीने पर मजबूर कर दिया। युवती के विरोध को दरकिनार करते हुए उसे पूरी तरह नशे की हालत में ला दिया गया।

    जब पीड़िता अत्यधिक नशे के कारण खुद को संभालने की स्थिति में नहीं रही, तब आरोपी उसे इब्राहिमपटनम इलाके में स्थित एक सुनसान कमरे पर लेकर गया। वहां उसने युवती की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। होश में आने और घटना की भयावहता को समझने के बाद, बीस वर्षीय पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और सीधे स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर अपने साथ हुई इस बर्बरता की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की मानसिक और शारीरिक स्थिति को समझते हुए तुरंत उसकी शिकायत के आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया।

    मामला दर्ज होते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी छात्र को चौबीस घंटे के भीतर धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ और प्राथमिक जांच के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और मामले से जुड़े तमाम वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।

  • भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज

    भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के देहात थाना क्षेत्र के टीकरी गांव में मजदूरी का बकाया पैसा लेने गए एक मजदूर से दबंगों द्वारा मारपीट और पिस्तौल के साथ दहशत फैलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार मजदूर अनूप रैयपुरिया और उनके छोटे भाई बॉबी ने लगभग एक माह पहले विकास चौरसिया के यहाँ कलर-पुट्टी का काम किया था जिसकी मजदूरी 5 400 रुपये तय थी लेकिन वह मजदूरी नहीं दी गई। पैसे की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया जिसके बाद मामला हाथापाई और कट्टे की फायरिंग तक पहुँच गया।

    घटना के मुताबिक विकास चौरसिया अपने साथी बेतू जाटव सहित दो अन्य लोगों के साथ अनूप के घर पहुँचे और बॉबी से विवाद करने लगे। घर के बाहर बैठे बॉबी से पहले मारपीट शुरू हुई और जब अनूप ने बचाव के लिए बीच में आकर रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस दौरान मारपीट से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और आसपास का माहौल tense हो गया।

    घायल युवक के बचाव के लिए गांव के अन्य लोग मौके पर इकट्ठा हुए इसी बीच बेतू जाटव ने अपनी जेब से कट्टा निकालकर लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने पहले कारतूस जारी करने का प्रयास किया लेकिन गोली मिस हो गई। भय फैलाने के लिए उसने दो बार फायर करने की कोशिश की लेकिन दोनों बार कारतूस चूक गया जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और आरोपी भी मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।

    पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित अनूप रैयपुरिया की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामला मारपीट और कट्टा लहराकर दहशत फैलाने का है तथा प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है और आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि टीकरी गांव में इस तरह का हिंसा-उत्पीड़क व्यवहार कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती है तथा ऐसे मामलों से ग्रामीणों में भय की स्थिति बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरी के लिये जबरदस्ती पैसा मांगने पर इस तरह की हिंसा निंदनीय है और ऐसी घटनाएँ सामाजिक व्यवहार और ग्रामीण सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय हैं।

    घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है तथा जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है।

    इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा और दबंगई रोकने में मदद मिले।

    कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मजदूरी विवाद जैसे मामूली मामलों में हिंसा की उग्र स्थिति कैसे उत्पन्न हो जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सद्भावना को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन विवाद हाई कोर्ट तक पहुँचा, अधिकारियों के निलंबन और CBI जांच की मांग

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन विवाद हाई कोर्ट तक पहुँचा, अधिकारियों के निलंबन और CBI जांच की मांग

    नई दिल्ली। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और माघ मेला प्रशासन के बीच उत्पन्न विवाद अब इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। याचिका में 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के दिन घटित घटना की CBI जांच कराने की मांग की गई है। यह मामला धार्मिक भावनाओं, प्रशासनिक हस्तक्षेप और नाबालिगों के अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है।

    अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष लेटर पिटीशन दाखिल की है। याचिकाकर्ता का दावा है कि माघ मेला सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र उत्सव है, जिसमें मौनी अमावस्या का संगम स्नान सर्वोच्च धार्मिक महत्व रखता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जब अपने शिष्यों के साथ पालकी में सवार होकर संगम स्नान के लिए जा रहे थे, तब मेला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें जबरन पालकी से उतार दिया और पैदल स्नान करने का निर्देश दिया।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि स्वामीजी के साथ चल रहे 11 से 14 वर्ष आयु के नाबालिग बटुकों को हिरासत में लिया गया, उनके साथ कथित मारपीट की गई और उनकी शिखा (चोटी) पकड़कर घसीटा गया। याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन) एक्ट का उल्लंघन करता है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

    याचिका में यह भी उल्लेख है कि बटुकों की शिखा खींचना सनातन धर्म की धार्मिक भावनाओं का अपमान है। मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पद और शंकराचार्य नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए थे, जबकि याचिकाकर्ता का कहना है कि शंकराचार्य की नियुक्ति की मान्य धार्मिक प्रक्रिया अखाड़ों और काशी विद्वत परिषद के माध्यम से होती है। प्रशासन को इस प्रक्रिया या पद की वैधता पर प्रश्न उठाने का अधिकार नहीं है।

    अधिवक्ता ने कोर्ट से मांग की है कि मामले की तुरंत CBI जांच करवाई जाए, मेला और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन किया जाए, और नाबालिग बटुकों के साथ मारपीट करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।

    धार्मिक अधिकारों और नाबालिग सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह याचिका हाई कोर्ट में विचाराधीन है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि प्रशासनिक हस्तक्षेप ने न केवल धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई, बल्कि छोटे बच्चों के अधिकारों का भी उल्लंघन किया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता, प्रशासनिक दखल और बाल सुरक्षा का संगम है और इसका निर्णय पूरे धार्मिक और प्रशासनिक तंत्र के लिए एक मिसाल साबित हो सकता है। कोर्ट से उम्मीद जताई जा रही है कि CBI जांच और अधिकारियों के निलंबन के निर्देश जल्द जारी होंगे।

  • एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य

    एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य


    हरदा । मध्य प्रदेश के हरदा जिले से सामाजिक सौहार्द और मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रहटगाँव थाना क्षेत्र के ग्राम कपासी में दबंगों ने एक आदिवासी किसान और उसके साथियों के साथ न केवल बर्बरतापूर्वक मारपीट की, बल्कि उन्हें थूककर अपमानित भी किया। हमलावरों ने खुद को करणी सेना का सदस्य बताते हुए इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से स्थानीय आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    विवाद की जड़ और हमला घटना 18 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। पीड़ित किसान अपने खेत पर सिंचाई कार्य की देखरेख कर रहा था। इसी दौरान टेमागांव–कपासी मार्ग पर एक स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक बार-बार चक्कर लगा रहे थे। जब किसान ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए वहां रुकने का कारण पूछा, तो युवकों ने शालीनता दिखाने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने खेत की बाड़ से लकड़ी उखाड़कर किसान पर हमला कर दिया, जिससे उसके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई।

    योजनाबद्ध तरीके से बुलाई गई भीड़ पीड़ित के अनुसार, प्राथमिक हमले के बाद मोटरसाइकिल सवार युवक ने फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में एक फोर व्हीलर वाहन से करीब आठ लोग वहां पहुंचे, जिनमें से एक की पहचान टिमरनी निवासी योगेन्द्र सिंह मौर्य के रूप में हुई है। इन सभी लोगों ने निहत्थे किसान को घेर लिया और सामूहिक रूप से मारपीट शुरू कर दी। जब किसान के दोस्त मनोज उइके और सुदामा धुर्वे उसे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी जमकर मारपीट की। अमानवीय कृत्य और धमकी हमलावरों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। खुद को करणी सेना का रसूखदार सदस्य बताते हुए उन्होंने आदिवासी किसान को डराया-धमकाया और जबरन माफी मंगवाई।

    अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब एक आरोपी ने बीच-बचाव करने आए मनोज उइके पर थूककर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़ितों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस हमले में किसान के सीने, पीठ और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं मनोज के कान और पैर में चोट लगी है। पुलिसिया कार्रवाई घटना के बाद घायलों ने साहस दिखाते हुए रहटगाँव थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर योगेन्द्र सिंह मौर्य और अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • उज्जैन के बड़नगर में बिजली विभाग की टीम पर हमला: कनेक्शन काटने पर किसान ने की मारपीट

    उज्जैन के बड़नगर में बिजली विभाग की टीम पर हमला: कनेक्शन काटने पर किसान ने की मारपीट


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र में बिजली विभाग की टीम पर हमला होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना ग्राम पिपलु में हुई, जहां एक किसान ने बिजली बिल का लंबा समय से भुगतान न करने के बाद जब बिजली विभाग की टीम ने उसका कनेक्शन काटा, तो किसान ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

    घटना का विवरण

    बताया जा रहा है कि सुपरवाइजर जनार्दन द्विवेदी अपनी टीम के साथ बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए किसान लोकेंद्र के घर पहुंचे थे। लोकेंद्र पर काफी समय से बिजली का बिल बकाया था, और जब विभागीय टीम ने कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की, तो किसान लोकेंद्र आक्रोशित हो गए। उन्होंने जनार्दन द्विवेदी और उनके साथियों से मारपीट करना शुरू कर दिया।

    मोबाइल में कैद हुई मारपीट की घटना

    किसान द्वारा की गई मारपीट की घटना को किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद इसका वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि किसान ने कनेक्शन काटने के दौरान कर्मचारियों से हाथापाई की। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद घटना ने काफी तूल पकड़ लिया।

    पुलिस में शिकायत और जांच

    मारपीट की इस घटना के बाद सभी कर्मचारी बड़नगर थाने पहुंचे और आरोपी किसान लोकेंद्र के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने की शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी किसान के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    घटना का असर

    इस घटना ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जहां एक ओर बिजली विभाग की टीम कनेक्शन काटने के लिए जाती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की हिंसक घटनाएं विभाग के कार्यों में रुकावट डाल सकती हैं।अब देखना होगा कि पुलिस मामले की जांच के बाद क्या कार्रवाई करती है और क्या किसान लोकेंद्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

  • नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे

    नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे


    सतना । कोलगवां थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक पंद्रह स्थित पानी टंकी क्षेत्र में नशेड़ियों ने पुलिस पर पत्थर से हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिसकर्मी शराब पीकर हंगामा कर रहे युवकों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। करीब एक दर्जन आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।

    सूचना मिलने के बाद दो पुलिसकर्मी बाइक से मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि कुछ युवक शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे और क्षेत्र में अशांति फैला रहे थे। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने नशेड़ियों को समझाने की कोशिश की, उन युवकों ने न केवल पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा।

    इस हमले में पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं घटी। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद नशेड़ियों का एक समूह था जो पहले तो गाली-गलौज कर रहा था और फिर अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हमलावरों का कुछ पता नहीं चल पाया है।पुलिस ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि इलाके में बढ़ते नशे के मामलों पर नियंत्रण रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग

    मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग




    मुरैना।
    वकील मृत्युंजय चौहान के सुसाइड केस में नया मोड़ आया है। बुधवार को मृतक वकील की मां, शिवकुमारी जादौन, मुरैना एसपी समीर सौरभ से मिलने पहुंचीं और भावुक होकर बोलीं कि उनके बेटे के साथ जो अत्याचार हुआ, उसकी न्यायिक कार्रवाई सिर्फ ग्वालियर में नहीं, बल्कि मुरैना में भी हो। उन्होंने कहा, “मुझे भी यहीं मार डालो, मेरा बेटा तो चला ही गया।

    मृत्युंजय की मां ने आरोप लगाया कि मुरैना पुलिस अब तक किसी ठोस कार्रवाई में नहीं जुटी है।

    12 दिसंबर को मुरैना सिविल लाइन की महिला एसआई प्रीति जादौन और कॉन्स्टेबल अराफात खान ने मृत्युंजय के साथ मारपीट की थी। इसी के चलते मृत्युंजय ने 15 दिसंबर को ग्वालियर में अपने किराए के मकान में फांसी लगाई। उन्होंने मांग की कि आरोपी महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी एफआईआर दर्ज की जाए, अवैध पिस्टल जब्त की जाए और दोनों को जिले से बाहर अटैच किया जाए क्योंकि वे परिवार को धमका रहे हैं।

    ग्वालियर पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से पुष्टि हुई कि घटना वाले दिन आरोपी और वकील साथ थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला एसआई ने शादी का दबाव बनाया, पूर्व पत्नी से तलाक, जमीन-जायदाद और जेवरात हड़पने की कोशिश की। इस मामले में ग्वालियर पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एसपी ने कहा कि जांच जारी है और जैसे ही ग्वालियर पुलिस का एफआईआर प्रतिवेदन मिलेगा, दोनों आरोपियों को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया जाएगा। शिवकुमारी जादौन की यह मांग न्यायपालिका और पुलिस पर दबाव डालती है कि किसी भी तरह की अवहेलना या विलंब न्याय में बाधक न बने।

    इस पूरे मामले ने मुरैना और ग्वालियर में पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक वकील के परिवार ने स्पष्ट किया कि केवल ग्वालियर में कार्रवाई से संतोष नहीं होगा, बल्कि मुरैना में भी एफआईआर दर्ज होना जरूरी है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

  • झाबुआ में धर्म परिवर्तन विवाद: ईसाई बने शख्स को ‘जय श्रीराम’ न बोलने पर पीटा, वीडियो वायरल

    झाबुआ में धर्म परिवर्तन विवाद: ईसाई बने शख्स को ‘जय श्रीराम’ न बोलने पर पीटा, वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें झाबुआ जिले के पाटडी गांव का नजारा दिखाई दे रहा है। वीडियो में रावजी डामर नाम का व्यक्ति स्पष्ट रूप से कहता है, मैं अब ईसाई हूं, जय श्री राम नहीं बोलूंगा।” इसके बाद कुछ गांववालों ने उसे रोकने की कोशिश की और उसे मारपीट शुरू कर दी।

    मामला तब और बढ़ गया जब रावजी अपने धर्म के चुनाव पर अडिग रहे। मारपीट के दौरान उन्हें गालियां भी दी गईं। इस घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया और मामले को लेकर दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    थांदला थाना के SDOP नीरज नामदेव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस आरोपियों को जल्द पकड़ने की बात कह रही है।

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी विवाद छिड़ गया। लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं—कुछ रावजी के समर्थन में हैं, तो कुछ पीटने वाले पक्ष की वजहों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने सिर्फ गांव में ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बहस छेड़ दी है कि किसी को अपने धर्म के चुनाव के लिए दबाव देना कितना सही है।

    इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जय श्री राम कहना या न कहना केवल शब्दों का मामला नहीं, बल्कि अधिकार और धर्म के चुनाव से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।