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  • अगस्त में शुक्र का कन्या राशि में होने जा रहा बड़ा गोचर, ग्रहों के इस महा-परिवर्तन से 7 भाग्यशाली राशियों की आर्थिक स्थिति और बैंक बैलेंस में आएगा भारी उछाल

    अगस्त में शुक्र का कन्या राशि में होने जा रहा बड़ा गोचर, ग्रहों के इस महा-परिवर्तन से 7 भाग्यशाली राशियों की आर्थिक स्थिति और बैंक बैलेंस में आएगा भारी उछाल

    नई दिल्ली । भारतीय ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन को मानव जीवन और देश-दुनिया पर व्यापक प्रभाव डालने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना माना गया है। इसी सिलसिले में आगामी 1 अगस्त 2026 को सुख, समृद्धि, वैभव और ऐश्वर्य के कारक माने जाने वाले शुक्र देव अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। शुक्र देव का प्रवेश कन्या राशि में होने जा रहा है, जहां वे आगामी 8 जून तक विराजमान रहेंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शुक्र का यह गोचर मुख्य रूप से 7 राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, करियर में उन्नति और वित्तीय स्थिति में भारी सुधार लेकर आने वाला है।

    ग्रहों के इस बड़े फेरबदल से सबसे अधिक लाभान्वित होने वाली राशियों में मेष राशि के जातक शामिल हैं। शुक्र के प्रभाव से इस राशि के लोगों के लिए आर्थिक उन्नति के नए मार्ग प्रशस्त होंगे और लंबे समय से अटके हुए प्रशासनिक या व्यावसायिक कार्य गति पकड़ेंगे। इसके साथ ही कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और पद प्रतिष्ठा मिलने के भी प्रबल योग बन रहे हैं। वहीं, वृषभ राशि के जातकों के लिए, जिनके स्वयं के राशि स्वामी शुक्र हैं, यह गोचर आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि करने वाला साबित होगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति का माहौल रहेगा और पूर्व में किए गए निवेशों से इस दौरान बड़ा वित्तीय लाभ मिलने की संभावना है।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए भी आगामी समय पूरी तरह से अनुकूल दिखाई दे रहा है। समाज और कार्यस्थल पर उनके मान-सम्मान में वृद्धि होगी और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनके काम की सराहना की जाएगी। धन संचय के मामले में कर्क राशि के लोगों के लिए यह गोचर भाग्यशाली सिद्ध हो सकता है। उनके लिए धन प्राप्ति के नए और स्थायी योग बन रहे हैं, जिससे व्यापारिक दृष्टिकोण से जुड़े जातकों को अपने कारोबार का विस्तार करने में बड़ी मदद मिलेगी।

    सिंह राशि के जातकों के जीवन में यह ग्रह परिवर्तन भौतिक सुख-सुविधाओं और विलासिता की वस्तुओं में बढ़ोतरी लेकर आएगा। पुराने समय से चले आ रहे विवादों और मानसिक तनावों से मुक्ति मिलने के कारण इस राशि के लोगों का मन प्रसन्न रहेगा। इसके अतिरिक्त, वृश्चिक राशि के लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा में इजाफा होगा। इस अवधि में उन्हें अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिसकी मदद से वे अपने बिगड़े हुए कार्यों को दोबारा पटरी पर लाने में सफल रहेंगे।

    धनु राशि के नौकरीपेशा और करियर निर्माण में लगे युवाओं के लिए यह गोचर बड़ी सफलता की सौगात लेकर आ रहा है। इस राशि के जातकों को अपनी नौकरी में पदोन्नति यानी प्रमोशन और वेतन वृद्धि के बेहतरीन अवसर प्राप्त हो सकते हैं। ज्योतिषविदों का कहना है कि यद्यपि यह गोचर इन सभी 7 राशियों के लिए वित्तीय और व्यावसायिक मोर्चे पर बेहद शुभ फल लेकर आ रहा है, लेकिन इस सकारात्मक ऊर्जा को और अधिक मजबूत करने के लिए जातकों को शुक्रवार के दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी की आराधना करनी चाहिए। इसके साथ ही अपने दैनिक कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता और धैर्य बनाए रखना ही अंतिम सफलता का मुख्य आधार बनेगा।

  • घर की सुख-समृद्धि और धन लाभ से जुड़ा है झाड़ू का नियम, शनिवार और अमावस्या के खास मुहूर्त पर पुरानी वस्तु बदलने से दूर हो सकता है बड़ा वास्तु दोष

    घर की सुख-समृद्धि और धन लाभ से जुड़ा है झाड़ू का नियम, शनिवार और अमावस्या के खास मुहूर्त पर पुरानी वस्तु बदलने से दूर हो सकता है बड़ा वास्तु दोष

    नई दिल्ली । भारतीय सनातन परंपरा और वास्तु शास्त्र के प्राचीन सिद्धांतों में घर की हर छोटी-बड़ी वस्तु का संबंध परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति से जोड़ा गया है। इसी कड़ी में घर की नियमित सफाई के लिए उपयोग होने वाली झाड़ू को केवल एक साधारण वस्तु न मानकर, धन की देवी महालक्ष्मी का प्रतीक और सकारात्मक ऊर्जा का संवाहक माना गया है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, दैनिक जीवन में अनजाने में की जाने वाली कुछ छोटी-सी गलतियां और झाड़ू का गलत दिशा में रखरखाव घर में कंगाली और आर्थिक तंगी का एक बड़ा कारण बन सकता है।

    आधुनिक जीवनशैली में अक्सर लोग घर की सफाई करने के बाद झाड़ू को किसी भी स्थान पर रख देते हैं, अथवा बहुत अधिक घिस जाने और टूटने के बाद भी उसका निरंतर उपयोग करते रहते हैं। वास्तु विज्ञान के मुताबिक, यह आदत घर की सकारात्मकता को नष्ट करती है। जब किसी झाड़ू के बाल झड़ने लगें या उसका हैंडल टूट जाए, तो उसे तुरंत घर से हटा देना चाहिए। टूटी हुई झाड़ू से सफाई करने पर घर के भीतर वित्तीय बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं और संचित धन अनावश्यक कार्यों में खर्च होने लगता है।

    शास्त्रों में पुरानी झाड़ू को घर से बाहर निकालने और नई झाड़ू को घर में प्रवेश कराने के लिए भी विशेष दिन और मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। किसी भी दिन झाड़ू बदलना वर्जित माना गया है। इसके लिए शनिवार का दिन सबसे उत्तम और शुभ फलदायी माना जाता है। शनिवार के दिन नई झाड़ू को उपयोग में लाने से घर की संचित नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता का पूरी तरह से नाश होता है। इसके अलावा, अमावस्या की तिथि, शुक्ल पक्ष की एकादशी या किसी भी शुभ नक्षत्र के दौरान नई झाड़ू खरीदना घर की बरकत को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है।

    इसके साथ ही, झाड़ू को रखने के स्थान और उसकी स्थिति को लेकर भी कड़े नियम बताए गए हैं। झाड़ू को कभी भी घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने या ऐसी जगह पर नहीं रखना चाहिए, जहां बाहर से आने वाले किसी भी अतिथि की नजर उस पर सीधे पड़े। इसे हमेशा घर के किसी छिपे हुए और सुरक्षित स्थान पर ही लिटाकर रखना चाहिए। वास्तु के नियमों के अनुसार, झाड़ू को खड़ा करके रखना एक गंभीर दोष माना जाता है, जो घर के सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेद और तनाव को बढ़ाता है। दिशाओं के संदर्भ में, इसे रखने के लिए हमेशा दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण का ही चुनाव करना सबसे अधिक उपयुक्त माना गया है।

    समय चक्र के अनुसार भी सफाई व्यवस्था के कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं, जिनका उल्लंघन आर्थिक नुकसान का कारण बनता है। भारतीय परिवारों में सूर्यास्त के बाद यानी शाम के समय घर में झाड़ू लगाना पूरी तरह से वर्जित माना गया है। ऐसी मान्यता है कि संध्याकाल के समय सफाई करने से घर में मौजूद लक्ष्मी जी का अनादर होता है और वह घर से बाहर चली जाती हैं, जिससे परिवार को धन की कमी का सामना करना पड़ता है।

    वास्तु सिद्धांतों के अनुसार, पुरानी झाड़ू का विसर्जन करते समय भी बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। जब भी घर में नई झाड़ू लाई जाए, तो पुरानी झाड़ू को केवल शनिवार या अमावस्या के दिन ही घर की सीमा से बाहर करना चाहिए। इसे किसी सुनसान स्थान पर या किसी बड़े पेड़ के नीचे छोड़ देना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनुपयोगी हो चुकी पुरानी झाड़ू को भूलकर भी जलाना नहीं चाहिए, क्योंकि झाड़ू को अग्नि के हवाले करना सीधे तौर पर महालक्ष्मी के अपमान के समान माना जाता है, जिससे घर की बरकत पूरी तरह से समाप्त हो सकती है।

  • ग्रहों के सेनापति और राजा बदलेंगे अपनी चाल, जगन्नाथ रथयात्रा और गुरु पूर्णिमा सहित जुलाई में सजेंगे महापर्व

    ग्रहों के सेनापति और राजा बदलेंगे अपनी चाल, जगन्नाथ रथयात्रा और गुरु पूर्णिमा सहित जुलाई में सजेंगे महापर्व

    नई दिल्ली । अंग्रेजी कैलेंडर के सातवें महीने जुलाई की शुरुआत के साथ ही भारतीय जनमानस में आध्यात्मिक और धार्मिक उत्सवों का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है। इस वर्ष एक विशेष ज्योतिषीय और खगोलीय संयोग बन रहा है, जिसके तहत हिंदू पंचांग का पवित्र आषाढ़ मास लगभग पूरे जुलाई महीने में व्याप्त रहेगा। आषाढ़ महीने का प्रारंभ 30 जून से हो चुका है, जो आगामी 29 जुलाई तक अनवरत चलेगा। सनातन धर्म में आषाढ़ मास को विशेष तप, साधना और आत्मशुद्धि का समय माना गया है। यही कारण है कि इस पूरे महीने में देश भर में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार पूरी श्रद्धा के साथ मनाए जाएंगे, जिससे चारों ओर एक उत्सवमयी और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश । धार्मिक दृष्टि से इस महीने की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण घटना ‘चातुर्मास’ का प्रारंभ होना है। आगामी 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे, जिसके साथ ही चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन चार महीनों की अवधि में विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश जैसे सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग जाती है और लोग अपना ध्यान केवल ईश्वर भक्ति और सात्विक जीवन पर केंद्रित करते हैं। इसके अलावा, महीने के पूर्वार्ध में 3 जुलाई को कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी, 10 जुलाई को योगिनी एकादशी और 12 जुलाई को मासिक शिवरात्रि का व्रत श्रद्धापूर्वक रखा जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।

    इस पवित्र महीने में तीर्थ स्थलों और प्रमुख मंदिरों में भारी भीड़ जुटने की संभावना है, क्योंकि 15 जुलाई से जहां आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, वहीं ठीक अगले दिन यानी 16 जुलाई को ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस रथयात्रा को देखने और भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। महीने के अंतिम चरण में 28 जुलाई को कोकिला व्रत रखा जाएगा और अगले दिन 29 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूर्णिमा का महापर्व मनाया जाएगा। इस दिन सनातन परंपरा के अनुसार शिष्य अपने गुरुओं का पूजन कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं, जिससे इस महीने का धार्मिक समापन बेहद गरिमापूर्ण ढंग से होगा।

    धार्मिक व्रतों के साथ-साथ ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर भी जुलाई का यह महीना देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बदलावों वाला साबित होने जा रहा है। इस दौरान सौरमंडल के कई बड़े और प्रभावशाली ग्रह अपनी चाल, राशि और नक्षत्रों में परिवर्तन करेंगे। सबसे पहले 4 जुलाई को सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से मौजूद केतु के साथ उनकी युति बनेगी। इसके तुरंत बाद 7 जुलाई को बुद्धि और वाणी के देवता बुध ग्रह अपनी वक्री अवस्था में ही मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे, जो व्यापार और संचार व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

    ग्रहों के इस बड़े फेरबदल में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना 14 जुलाई को होगी, जब ज्ञान और सुख-सौभाग्य के प्रदाता गुरु ग्रह (बृहस्पति) अस्त हो जाएंगे और अगस्त के मध्य तक इसी स्थिति में रहेंगे। गुरु के अस्त होने से धार्मिक अनुष्ठानों की पद्धतियों में कुछ समय के लिए बदलाव आता है। इसके पश्चात 16 जुलाई को ग्रहों के राजा सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे ‘कर्क संक्रांति’ के नाम से जाना जाता है। महीने के अंत में एक और बड़ा ज्योतिषीय बदलाव 27 जुलाई को देखने को मिलेगा, जब न्याय के देवता शनि देव कुंभ राशि में वक्री यानी उल्टी चाल चलना शुरू कर देंगे। शनि की यह वक्री चाल साल के अंत तक जारी रहेगी, जिसका गहरा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।

  • आज का मूलांक राशिफल: किस मूलांक को मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें 30 जून 2026 का अंकफल

    आज का मूलांक राशिफल: किस मूलांक को मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें 30 जून 2026 का अंकफल

    नई दिल्ली । 30 जून 2026 मंगलवार का दिन अंकशास्त्र के अनुसार विशेष माना जा रहा है। आज की तारीख 30/06/2026 के अंकों का योग 19 और फिर 1 बनता है। अंक 1 का संबंध सूर्य से माना जाता है, इसलिए आज के दिन आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नई शुरुआत जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं। अंकशास्त्र में मूलांक व्यक्ति की जन्मतिथि के आधार पर निकाला जाता है और उसके अनुसार दिन के संभावित प्रभाव बताए जाते हैं। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए मंगलवार का दिन कैसा रहने की संभावना है।

    मूलांक 1 वालों के लिए आज का दिन नई शुरुआत और रुके हुए कार्यों में प्रगति का संकेत देता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी और विद्यार्थियों को मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।

    मूलांक 2 के जातकों को भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है। किसी पुराने मित्र से बातचीत या मुलाकात खुशी दे सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहने के संकेत हैं।

    मूलांक 3 वालों के लिए नेतृत्व क्षमता और योजनाओं को आगे बढ़ाने का समय माना गया है। व्यवसाय विस्तार से जुड़ी सकारात्मक सूचना मिल सकती है। परिवार के बुजुर्गों की सलाह लाभदायक रहेगी और विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी।

    मूलांक 4 के लिए दिन धैर्य और सावधानी का है। कार्यस्थल पर जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर होगा। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना भी आवश्यक माना गया है।

    मूलांक 5 वालों के लिए संवाद, संपर्क और नए अवसरों का दिन है। व्यापार में बने नए संबंध भविष्य में लाभ दे सकते हैं। नौकरी में प्रशंसा या प्रगति के संकेत हैं और यात्रा का योग भी लाभकारी रह सकता है।

    मूलांक 6 के जातकों के लिए पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मजबूती आएगी। कला, फैशन और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

    मूलांक 7 वालों में आत्मचिंतन और आध्यात्मिक रुचि बढ़ सकती है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में परिणाम धीरे-धीरे मिलेंगे और पर्याप्त आराम करना लाभकारी रहेगा।

    मूलांक 8 के लिए मेहनत का फल मिलने के संकेत हैं। नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में शुभ समाचार से प्रसन्नता बढ़ सकती है।

    मूलांक 9 वालों के लिए आत्मविश्वास और ऊर्जा दोनों उच्च स्तर पर रहेंगे। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। विद्यार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दिन सकारात्मक माना गया है।

    अंकशास्त्र के अनुसार आज का दिन अधिकांश मूलांकों के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने, संतुलित निर्णय लेने और सकारात्मक सोच बनाए रखने पर जोर देता है। हालांकि ये भविष्यवाणियां आस्था और अंकशास्त्रीय मान्यताओं पर आधारित होती हैं तथा इन्हें निश्चित परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

  • जुलाई में बनेगा व्यतिपात योग, इन 5 राशियों को रहना होगा सावधान, बढ़ सकती हैं चुनौतियां

    जुलाई में बनेगा व्यतिपात योग, इन 5 राशियों को रहना होगा सावधान, बढ़ सकती हैं चुनौतियां

    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में व्यतिपात योग को विशेष और प्रभावशाली योगों में गिना जाता है। वर्ष 2026 में 10 जुलाई को यह योग सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से बनने वाला यह योग कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां पैदा कर सकता है। माना जाता है कि इस दौरान निर्णय क्षमता, आर्थिक स्थिति और मानसिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस योग का सबसे अधिक प्रभाव पांच राशियों पर पड़ सकता है, जिन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    वृषभ राशि: आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय वित्तीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अचानक खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। निवेश संबंधी फैसलों को फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल न हो पाने के कारण रिश्तों में खटास आने की संभावना है। साथ ही आंखों से जुड़ी समस्याएं या जलन की शिकायत भी परेशान कर सकती है।

    मिथुन राशि: सोच-समझकर लें फैसले
    मिथुन राशि के लोगों को इस अवधि में जल्दबाजी से बचने की जरूरत होगी। कार्यस्थल पर किसी भी दस्तावेज या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें। व्यापारिक निर्णयों में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा वाणी पर नियंत्रण रखना भी जरूरी होगा, क्योंकि छोटी बात बड़े विवाद का रूप ले सकती है।

    सिंह राशि: मानसिक दबाव बढ़ सकता है
    सिंह राशि के जातकों को इस दौरान मानसिक तनाव और कार्यभार का सामना करना पड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और अधिकारियों के साथ तालमेल में कठिनाई आ सकती है। निजी जीवन में भी रिश्तों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी, क्योंकि गलतफहमियां और मतभेद बढ़ने की आशंका है।

    कुंभ राशि: संपत्ति और निवेश से जुड़े फैसले टालें
    कुंभ राशि वालों के लिए यह समय नए प्रोजेक्ट, निवेश या संपत्ति से जुड़े बड़े फैसलों के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा है। किसी नई डील की शुरुआत या वाहन एवं संपत्ति की खरीद-बिक्री फिलहाल टालना बेहतर हो सकता है। व्यापार में आर्थिक नुकसान की आशंका भी जताई गई है। परिवार के भीतर विचारों का टकराव बढ़ सकता है।

    मकर राशि: स्वास्थ्य और धन दोनों पर रखें नज
    मकर राशि के जातकों को इस अवधि में शारीरिक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। कान से संबंधित परेशानियां भी उभर सकती हैं। आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी को बड़ी राशि उधार देने से बचना चाहिए, क्योंकि धन वापसी में परेशानी आ सकती है।

    व्यतिपात योग में क्या करें और क्या न करें

    क्या न करें:
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और मांगलिक कार्यों जैसे गृह प्रवेश, सगाई, मुंडन संस्कार या नए व्यवसाय की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।

    क्या करें:
    मानसिक शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए इष्ट देव की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करना लाभकारी माना जाता है। इससे मन को स्थिर रखने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सहायता मिल सकती है।

  • बुढ़वा मंगल पर बजरंगबली को बेहद प्रिय हैं ये पांच विशेष चीजें, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से राहत मिलने की है मान्यता

    बुढ़वा मंगल पर बजरंगबली को बेहद प्रिय हैं ये पांच विशेष चीजें, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से राहत मिलने की है मान्यता

    नई दिल्ली । उत्तर भारत की सनातन धार्मिक परंपराओं में ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का एक बेहद विशिष्ट और पावन महत्व माना गया है, जिन्हें आम बोलचाल में बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से पुकारा जाता है। ज्येष्ठ महीना अब अपने समापन की ओर अग्रसर है और आज यानी १६ जून २०२६ को इस पावन महीने का सातवां बड़ा मंगल पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस साल ज्येष्ठ मास के दौरान अधिकमास का विशेष संयोग बनने के कारण कुल आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जिसके चलते आज के सातवें बड़े मंगल का महत्व ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कहीं अधिक बढ़ गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन पर व्रत रखने और पूरी निष्ठा से संकटमोचन की उपासना करने से बजरंगबली अपने भक्तों पर अटूट कृपा बरसाते हैं।

    ज्योतिष शास्त्र के विद्वानों के अनुसार, बड़े मंगल के दिन की गई पूजा न केवल जीवन के संकटों को टालती है, बल्कि इससे कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति भी बेहद मजबूत और शुभ होती है। इसके अतिरिक्त, जो जातक वर्तमान समय में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के बुरे दौर और कष्टों से गुजर रहे हैं, उनके लिए भी आज के दिन हनुमान जी की आराधना करना अचूक और राहत देने वाला माना गया है। इस पावन अवसर पर पूजा और आरती के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष और कल्याणकारी मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं, जिनमें सुबह ०५:४५ बजे से ०७:२५ बजे तक अमृत काल का श्रेष्ठ समय रहा, जबकि दोपहर ११:५० बजे से १२:४५ बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा और शाम को संध्या आरती के लिए ०६:३० बजे से ०७:४५ बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

    उत्तर भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आस-पास के तमाम क्षेत्रों में बड़े मंगल के अवसर पर एक बहुत ही भव्य सांस्कृतिक व धार्मिक नजारा देखने को मिलता है। इस दिन जगह-जगह विशाल भंडारों का आयोजन करने, भीषण गर्मी के इस मौसम में राहगीरों को ठंडा शरबत व पानी पिलाने तथा सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ करने की एक लंबी और गौरवशाली परंपरा रही है। सुबह से ही तमाम प्रमुख हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां विशेष पूजा-अर्चना, भव्य श्रृंगार और कीर्तन के कार्यक्रम अनवरत रूप से चल रहे हैं। धर्म-शास्त्रों के अनुसार, आज के दिन बजरंगबली को उनकी कुछ बेहद प्रिय चीजें अर्पित करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।

    शास्त्रों में वर्णित इन पांच प्रमुख चीजों में सबसे पहला स्थान लाल फूलों का है, जिसके तहत हनुमान जी को गुड़हल या गुलाब के लाल पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। दूसरी प्रमुख सामग्री चोला है, जिसमें चमेली के तेल में केसरिया सिंदूर मिलाकर प्रभु के चरणों से शुरुआत करते हुए चोला चढ़ाया जाता है और अंत में वही सिंदूर माथे पर लगाया जाता है। इसके अलावा, बजरंगबली को बनारसी पान पर कत्था, गुलकंद, सौंफ और इलायची रखकर मीठे पान का बीड़ा अर्पित करने से जीवन की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, ध्यान रहे कि इस पान में चूना या सुपारी बिल्कुल न हो। चौथी और पांचवीं चीज के रूप में हनुमान जी को बूंदी या बेसन के लड्डू तथा आटे, शुद्ध घी और गुड़ से बने पारंपरिक चूरमे या मीठी रोटी का भोग लगाने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

  • 6 जून 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का दिन कैसा रहेगा, जानें पूरी भविष्यवाणी

    6 जून 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का दिन कैसा रहेगा, जानें पूरी भविष्यवाणी


    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर 16 जून 2026 का दैनिक राशिफल तैयार किया गया है। इस दिन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा। मंगलवार का दिन होने के कारण भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व भी बताया गया है, जिससे भय, रोग और कष्टों से राहत मिलने की मान्यता है।

    मेष राशि
    प्रेम जीवन में सकारात्मकता रहेगी और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

    वृषभ राशि
    निवेश के लिए दिन अच्छा है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और लव लाइफ बेहतर रहेगी।

    मिथुन राशि
    रिश्तों में बातचीत से सुधार होगा लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।

    कर्क राशि
    काम में आत्मविश्वास से सफलता मिलेगी और वित्तीय स्थिति ठीक रहेगी।

    सिंह राशि
    प्रेम जीवन और करियर दोनों में सकारात्मकता रहेगी, स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

    कन्या राशि
    रिश्तों और आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है, सोच-समझकर निर्णय लें।

    तुला राशि
    करियर और प्रेम जीवन दोनों में संतुलन बना रहेगा और आर्थिक निर्णय लाभकारी हो सकते हैं।

    वृश्चिक राशि
    प्रेम संबंध मजबूत होंगे, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां संभव हैं।

    धनु राशि
    करियर में सफलता और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

    मकर राशि
    पैसों के मामलों में सतर्कता रखें और कार्यस्थल पर जिम्मेदारी से काम करें।

    कुंभ राशि
    नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

    मीन राशि
    लव लाइफ मजबूत रहेगी और करियर में रचनात्मकता बढ़ेगी, हालांकि स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।

  • निर्जला एकादशी पर शनि और शुक्र रचेंगे दुर्लभ इतिहास: ज्योतिषीय गणना में 120 डिग्री पर नवपंचम राजयोग का महासंयोग

    निर्जला एकादशी पर शनि और शुक्र रचेंगे दुर्लभ इतिहास: ज्योतिषीय गणना में 120 डिग्री पर नवपंचम राजयोग का महासंयोग

    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण मानी जाने वाली निर्जला एकादशी इस बार न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ज्योतिषीय समीकरणों के लिहाज से भी अत्यंत विशेष होने जा रही है। आगामी पच्चीस जून को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर आकाशमंडल में एक बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली नवपंचम राजयोग का निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार यह शुभ संयोग तब बनता है जब दो मित्र ग्रह एक-दूसरे से विशेष त्रिकोणीय दूरी पर स्थापित होते हैं। इस बार न्याय के देवता शनि और सुख-वैभव के प्रदाता शुक्र एक-दूसरे से ठीक एक सौ बीस डिग्री के कोण पर विराजमान होकर इस अद्भुत योग को पूर्ण करेंगे, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव मानव जीवन के आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश। ज्योतिष विज्ञान में शनि और शुक्र को नैसर्गिक रूप से परम मित्र माना गया है, इसलिए इन दोनों के बीच बनने वाला पांचवें और नौवें भाव का यह त्रिकोणीय संबंध बेहद फलदायी माना जाता है। इस बार निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त आराधना के साथ इस राजयोग का मिलना एक महान आध्यात्मिक संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस विशेष दिन पर व्रत रखने, जप करने और जरूरतमंदों को शीतल जल व अन्न का दान करने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव पूरी तरह शांत होते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि इस राजयोग के प्रभाव से देश के आर्थिक परिदृश्य और विशेषकर चार भाग्यशाली राशियों के जीवन में अप्रत्याशित और सकारात्मक बदलाव आने तय हैं।

    इस महासंयोग से मुख्य रूप से लाभान्वित होने वाली राशियों में वृषभ राशि के जातकों का नाम सबसे ऊपर आ रहा है। वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और आजीविका के क्षेत्र में एक बड़ी लंबी छलांग लगाने का साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर लंबे समय से लंबित पड़ी योजनाएं अचानक गति पकड़ेंगी और व्यावसायिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को कोई बहुत बड़ी व्यापारिक डील हासिल हो सकती है। इसके अलावा पैतृक संपत्ति के मामलों में भी इन्हें बड़ी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं, जिससे समाज और कार्यक्षेत्र में इनकी प्रतिष्ठा और प्रशासनिक धाक में भारी वृद्धि दर्ज की जाएगी।

    ग्रहों का यह विशेष परिवर्तन मिथुन राशि के जातकों के लिए भी वरदान से कम नहीं सिद्ध होने वाला है। इस राशि के लोगों के लिए आय के एक से अधिक नए स्रोत विकसित होंगे, जिससे आर्थिक स्थिति को बहुत अधिक मजबूती मिलेगी। व्यापार और आजीविका के सिलसिले में की जाने वाली सुदूर यात्राएं इस अवधि में अत्यधिक आर्थिक लाभ प्रदान करेंगी। पारिवारिक जीवन के दृष्टिकोण से भी यह समय अनुकूल रहेगा, जहां पुराने समय से चले आ रहे आपसी मतभेद और तनाव पूरी तरह समाप्त होंगे और जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।

    इसके साथ ही कन्या राशि के जातकों को इस राजयोग के प्रभाव से आकस्मिक और अप्रत्याशित धन लाभ होने की प्रबल संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। शेयर बाजार, लॉटरी या अतीत में किए गए किसी पुराने निवेश से इस समय भारी मुनाफा हाथ लग सकता है। नौकरीपेशा वर्ग से जुड़े लोगों को उच्च अधिकारियों के पूर्ण सहयोग के साथ बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी या पदोन्नति मिलने के स्पष्ट संकेत हैं। विशेष रूप से जो लोग रचनात्मक कार्यों, लेखन, कला, मीडिया या डिजिटल मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हैं, उनकी कल्पनाशीलता और कार्यक्षमता इस दौरान अपने सर्वोच्च स्तर पर होगी।

    इस राजयोग की चौथी सबसे महत्वपूर्ण लाभार्थी राशि कुंभ है, जिसके स्वयं स्वामी ग्रह शनि देव हैं। शनि की विशेष कृपा के चलते कुंभ राशि के जातकों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यदि इस राशि के जातक लंबे समय से किसी नए व्यापार, स्टार्टअप या स्वतंत्र कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे थे, तो उनके लिए यह समय सबसे अधिक अनुकूल और सफलता की गारंटी देने वाला सिद्ध होगा। इसके प्रभाव से पिछले कई महीनों से चला आ रहा मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी विकार भी पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।

  • 13 जून 2026 का राशिफल: ग्रहों के महासंयोग से कई राशियों की चमकेगी किस्मत, कुछ को रहना होगा सतर्क

    13 जून 2026 का राशिफल: ग्रहों के महासंयोग से कई राशियों की चमकेगी किस्मत, कुछ को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार 13 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि का संयोग बन रहा है, वहीं पूरे दिन कृतिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा सुबह 09:25 तक वृषभ राशि में रहकर बाद में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों की इस स्थिति से वाशि योग, सुनफा योग, शंख योग, सुकर्मा योग और सर्वाअमृत योग जैसे शक्तिशाली संयोग बन रहे हैं, जो कई राशियों के लिए लाभकारी साबित होंगे।

    मेष से कन्या तक का प्रभाव
    मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन नई शुरुआत और आर्थिक लाभ का संकेत दे रहा है। व्यापार में विस्तार और करियर में सहयोग मिलने की संभावना है। वृषभ राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए आय स्रोत बन सकते हैं। मिथुन राशि के लिए दिन कुछ उतार-चढ़ाव भरा रहेगा, खर्च और तनाव बढ़ सकता है। कर्क राशि वालों को कार्यस्थल पर बड़ी जिम्मेदारी और सफलता मिलने के योग हैं। सिंह राशि के लिए नौकरी और व्यापार में बड़ी उपलब्धि के संकेत मिल रहे हैं। कन्या राशि के जातकों को करियर में तरक्की और प्रेम जीवन में सकारात्मकता मिलेगी।

    तुला से वृश्चिक तक का हाल
    तुला राशि के लिए यह दिन चुनौतीपूर्ण रह सकता है, खासकर करियर और खर्च को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय बेहद शुभ है, पार्टनरशिप और बिजनेस में बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

    धनु से मीन तक की स्थिति
    धनु राशि के लिए दिन सामान्य रहेगा लेकिन भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। मकर राशि के जातकों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं लेकिन पारिवारिक तनाव भी संभव है। कुंभ राशि के लिए यह दिन कुछ कठिनाइयों भरा रहेगा, निवेश और विवादों से बचना चाहिए। मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ संकेत दे रहा है, करियर और व्यापार में बड़ी सफलता और लाभ मिलने की संभावना है।

    कुल मिलाकर 13 जून 2026 का दिन ग्रहों के विशेष योगों से प्रभावित रहेगा। जहां कुछ राशियों के लिए यह दिन भाग्यवृद्धि और आर्थिक उन्नति लेकर आएगा, वहीं कुछ राशियों को सावधानी और संयम से काम लेना होगा।

  • आज का राशिफल 12 जून 2026: मिथुन राशि में दिखेगा आर्थिक उछाल, जानें सभी 12 राशियों का हाल

    आज का राशिफल 12 जून 2026: मिथुन राशि में दिखेगा आर्थिक उछाल, जानें सभी 12 राशियों का हाल


    नई दिल्ली । 12 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक प्रगति और पारिवारिक सुख लेकर आ रहा है। मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन विशेष रूप से लाभकारी रहेगा, वहीं कुछ राशियों को सतर्कता और धैर्य की आवश्यकता होगी।

     मेष राशि: नए प्रयोगों से बढ़ेगा लाभ
    मेष राशि के जातक आज अपने कार्यों में अलग सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। करियर में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और पारिवारिक सहयोग बढ़ेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    वृषभ राशि: निवेश में रखें सावधानी
    वृषभ राशि वालों को आज व्यापार में सामान्य स्थिति का सामना करना पड़ेगा। कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें। लुभावने प्रस्तावों से बचें और कानूनी मामलों में सावधानी रखें।

    मिथुन राशि: आर्थिक पक्ष में जबरदस्त उछाल
    मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। कारोबार में तेजी आएगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बड़े लक्ष्य पूरे होंगे और कार्यक्षेत्र में अनुकूलता मिलेगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा और सफलता के नए रास्ते खुलेंगे।

    कर्क राशि: रिश्तों में बढ़ेगा स्नेह
    कर्क राशि के लोग परिवार और मित्रों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं को गति मिलेगी और सम्मान बढ़ेगा।

    सिंह राशि: अवसरों से भरा दिन
    सिंह राशि वालों के लिए करियर में नए अवसर मिलेंगे। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आय में वृद्धि के योग हैं।

    कन्या राशि: सावधानी से करें कार्य
    कन्या राशि वालों को स्वास्थ्य और कार्य दोनों में सतर्क रहना होगा। छोटी गलती नुकसान का कारण बन सकती है।

    तुला राशि: दांपत्य जीवन में मधुरता
    तुला राशि के जातकों के लिए पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। व्यापार विस्तार के योग बनेंगे और रिश्तों में मजबूती आएगी।

    वृश्चिक राशि: खर्चों पर रखें नियंत्रण
    वृश्चिक राशि वालों को बजट और खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है। भावनाओं में बहने से बचें।

    धनु राशि: संवाद से मिलेगा लाभ
    धनु राशि के जातकों के लिए मित्रों और परिवार के साथ समय अच्छा रहेगा। प्रतिभा प्रदर्शन में सफलता मिलेगी।

    मकर राशि: निजी मामलों पर फोकस बढ़ेगा
    मकर राशि वालों का ध्यान निजी जीवन और कार्यक्षेत्र दोनों पर रहेगा। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।

    कुंभ राशि: आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
    कुंभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। भाई-बंधुओं का सहयोग मिलेगा और कार्यों में तेजी आएगी।

    मीन राशि: आर्थिक मजबूती का समय
    मीन राशि वालों के लिए घर-परिवार में सुख और समृद्धि बढ़ेगी। आर्थिक योजनाएं सफल होंगी और धन लाभ के योग बनेंगे।

    12 जून 2026 का दिन कुल मिलाकर कई राशियों के लिए प्रगति और अवसरों से भरा रहेगा। विशेष रूप से मिथुन राशि वालों के लिए यह दिन आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से बेहद शुभ साबित होगा।