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  • ग्रहों के सेनापति और राजा बदलेंगे अपनी चाल, जगन्नाथ रथयात्रा और गुरु पूर्णिमा सहित जुलाई में सजेंगे महापर्व

    ग्रहों के सेनापति और राजा बदलेंगे अपनी चाल, जगन्नाथ रथयात्रा और गुरु पूर्णिमा सहित जुलाई में सजेंगे महापर्व

    नई दिल्ली । अंग्रेजी कैलेंडर के सातवें महीने जुलाई की शुरुआत के साथ ही भारतीय जनमानस में आध्यात्मिक और धार्मिक उत्सवों का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है। इस वर्ष एक विशेष ज्योतिषीय और खगोलीय संयोग बन रहा है, जिसके तहत हिंदू पंचांग का पवित्र आषाढ़ मास लगभग पूरे जुलाई महीने में व्याप्त रहेगा। आषाढ़ महीने का प्रारंभ 30 जून से हो चुका है, जो आगामी 29 जुलाई तक अनवरत चलेगा। सनातन धर्म में आषाढ़ मास को विशेष तप, साधना और आत्मशुद्धि का समय माना गया है। यही कारण है कि इस पूरे महीने में देश भर में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार पूरी श्रद्धा के साथ मनाए जाएंगे, जिससे चारों ओर एक उत्सवमयी और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश । धार्मिक दृष्टि से इस महीने की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण घटना ‘चातुर्मास’ का प्रारंभ होना है। आगामी 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे, जिसके साथ ही चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन चार महीनों की अवधि में विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश जैसे सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग जाती है और लोग अपना ध्यान केवल ईश्वर भक्ति और सात्विक जीवन पर केंद्रित करते हैं। इसके अलावा, महीने के पूर्वार्ध में 3 जुलाई को कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी, 10 जुलाई को योगिनी एकादशी और 12 जुलाई को मासिक शिवरात्रि का व्रत श्रद्धापूर्वक रखा जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।

    इस पवित्र महीने में तीर्थ स्थलों और प्रमुख मंदिरों में भारी भीड़ जुटने की संभावना है, क्योंकि 15 जुलाई से जहां आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, वहीं ठीक अगले दिन यानी 16 जुलाई को ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस रथयात्रा को देखने और भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। महीने के अंतिम चरण में 28 जुलाई को कोकिला व्रत रखा जाएगा और अगले दिन 29 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूर्णिमा का महापर्व मनाया जाएगा। इस दिन सनातन परंपरा के अनुसार शिष्य अपने गुरुओं का पूजन कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं, जिससे इस महीने का धार्मिक समापन बेहद गरिमापूर्ण ढंग से होगा।

    धार्मिक व्रतों के साथ-साथ ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर भी जुलाई का यह महीना देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बदलावों वाला साबित होने जा रहा है। इस दौरान सौरमंडल के कई बड़े और प्रभावशाली ग्रह अपनी चाल, राशि और नक्षत्रों में परिवर्तन करेंगे। सबसे पहले 4 जुलाई को सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से मौजूद केतु के साथ उनकी युति बनेगी। इसके तुरंत बाद 7 जुलाई को बुद्धि और वाणी के देवता बुध ग्रह अपनी वक्री अवस्था में ही मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे, जो व्यापार और संचार व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

    ग्रहों के इस बड़े फेरबदल में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना 14 जुलाई को होगी, जब ज्ञान और सुख-सौभाग्य के प्रदाता गुरु ग्रह (बृहस्पति) अस्त हो जाएंगे और अगस्त के मध्य तक इसी स्थिति में रहेंगे। गुरु के अस्त होने से धार्मिक अनुष्ठानों की पद्धतियों में कुछ समय के लिए बदलाव आता है। इसके पश्चात 16 जुलाई को ग्रहों के राजा सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे ‘कर्क संक्रांति’ के नाम से जाना जाता है। महीने के अंत में एक और बड़ा ज्योतिषीय बदलाव 27 जुलाई को देखने को मिलेगा, जब न्याय के देवता शनि देव कुंभ राशि में वक्री यानी उल्टी चाल चलना शुरू कर देंगे। शनि की यह वक्री चाल साल के अंत तक जारी रहेगी, जिसका गहरा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।

  • आज का मूलांक राशिफल: किस मूलांक को मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें 30 जून 2026 का अंकफल

    आज का मूलांक राशिफल: किस मूलांक को मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें 30 जून 2026 का अंकफल

    नई दिल्ली । 30 जून 2026 मंगलवार का दिन अंकशास्त्र के अनुसार विशेष माना जा रहा है। आज की तारीख 30/06/2026 के अंकों का योग 19 और फिर 1 बनता है। अंक 1 का संबंध सूर्य से माना जाता है, इसलिए आज के दिन आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नई शुरुआत जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं। अंकशास्त्र में मूलांक व्यक्ति की जन्मतिथि के आधार पर निकाला जाता है और उसके अनुसार दिन के संभावित प्रभाव बताए जाते हैं। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए मंगलवार का दिन कैसा रहने की संभावना है।

    मूलांक 1 वालों के लिए आज का दिन नई शुरुआत और रुके हुए कार्यों में प्रगति का संकेत देता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी और विद्यार्थियों को मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।

    मूलांक 2 के जातकों को भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है। किसी पुराने मित्र से बातचीत या मुलाकात खुशी दे सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहने के संकेत हैं।

    मूलांक 3 वालों के लिए नेतृत्व क्षमता और योजनाओं को आगे बढ़ाने का समय माना गया है। व्यवसाय विस्तार से जुड़ी सकारात्मक सूचना मिल सकती है। परिवार के बुजुर्गों की सलाह लाभदायक रहेगी और विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी।

    मूलांक 4 के लिए दिन धैर्य और सावधानी का है। कार्यस्थल पर जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर होगा। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना भी आवश्यक माना गया है।

    मूलांक 5 वालों के लिए संवाद, संपर्क और नए अवसरों का दिन है। व्यापार में बने नए संबंध भविष्य में लाभ दे सकते हैं। नौकरी में प्रशंसा या प्रगति के संकेत हैं और यात्रा का योग भी लाभकारी रह सकता है।

    मूलांक 6 के जातकों के लिए पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मजबूती आएगी। कला, फैशन और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

    मूलांक 7 वालों में आत्मचिंतन और आध्यात्मिक रुचि बढ़ सकती है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में परिणाम धीरे-धीरे मिलेंगे और पर्याप्त आराम करना लाभकारी रहेगा।

    मूलांक 8 के लिए मेहनत का फल मिलने के संकेत हैं। नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में शुभ समाचार से प्रसन्नता बढ़ सकती है।

    मूलांक 9 वालों के लिए आत्मविश्वास और ऊर्जा दोनों उच्च स्तर पर रहेंगे। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। विद्यार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दिन सकारात्मक माना गया है।

    अंकशास्त्र के अनुसार आज का दिन अधिकांश मूलांकों के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने, संतुलित निर्णय लेने और सकारात्मक सोच बनाए रखने पर जोर देता है। हालांकि ये भविष्यवाणियां आस्था और अंकशास्त्रीय मान्यताओं पर आधारित होती हैं तथा इन्हें निश्चित परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

  • जुलाई में बनेगा व्यतिपात योग, इन 5 राशियों को रहना होगा सावधान, बढ़ सकती हैं चुनौतियां

    जुलाई में बनेगा व्यतिपात योग, इन 5 राशियों को रहना होगा सावधान, बढ़ सकती हैं चुनौतियां

    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में व्यतिपात योग को विशेष और प्रभावशाली योगों में गिना जाता है। वर्ष 2026 में 10 जुलाई को यह योग सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से बनने वाला यह योग कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां पैदा कर सकता है। माना जाता है कि इस दौरान निर्णय क्षमता, आर्थिक स्थिति और मानसिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस योग का सबसे अधिक प्रभाव पांच राशियों पर पड़ सकता है, जिन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    वृषभ राशि: आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय वित्तीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अचानक खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। निवेश संबंधी फैसलों को फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल न हो पाने के कारण रिश्तों में खटास आने की संभावना है। साथ ही आंखों से जुड़ी समस्याएं या जलन की शिकायत भी परेशान कर सकती है।

    मिथुन राशि: सोच-समझकर लें फैसले
    मिथुन राशि के लोगों को इस अवधि में जल्दबाजी से बचने की जरूरत होगी। कार्यस्थल पर किसी भी दस्तावेज या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें। व्यापारिक निर्णयों में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा वाणी पर नियंत्रण रखना भी जरूरी होगा, क्योंकि छोटी बात बड़े विवाद का रूप ले सकती है।

    सिंह राशि: मानसिक दबाव बढ़ सकता है
    सिंह राशि के जातकों को इस दौरान मानसिक तनाव और कार्यभार का सामना करना पड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और अधिकारियों के साथ तालमेल में कठिनाई आ सकती है। निजी जीवन में भी रिश्तों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी, क्योंकि गलतफहमियां और मतभेद बढ़ने की आशंका है।

    कुंभ राशि: संपत्ति और निवेश से जुड़े फैसले टालें
    कुंभ राशि वालों के लिए यह समय नए प्रोजेक्ट, निवेश या संपत्ति से जुड़े बड़े फैसलों के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा है। किसी नई डील की शुरुआत या वाहन एवं संपत्ति की खरीद-बिक्री फिलहाल टालना बेहतर हो सकता है। व्यापार में आर्थिक नुकसान की आशंका भी जताई गई है। परिवार के भीतर विचारों का टकराव बढ़ सकता है।

    मकर राशि: स्वास्थ्य और धन दोनों पर रखें नजर
    मकर राशि के जातकों को इस अवधि में शारीरिक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। कान से संबंधित परेशानियां भी उभर सकती हैं। आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी को बड़ी राशि उधार देने से बचना चाहिए, क्योंकि धन वापसी में परेशानी आ सकती है।

    व्यतिपात योग में क्या करें और क्या न करें

    क्या न करें:
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और मांगलिक कार्यों जैसे गृह प्रवेश, सगाई, मुंडन संस्कार या नए व्यवसाय की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।

    क्या करें:
    मानसिक शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए इष्ट देव की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करना लाभकारी माना जाता है। इससे मन को स्थिर रखने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सहायता मिल सकती है।

  • बुढ़वा मंगल पर बजरंगबली को बेहद प्रिय हैं ये पांच विशेष चीजें, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से राहत मिलने की है मान्यता

    बुढ़वा मंगल पर बजरंगबली को बेहद प्रिय हैं ये पांच विशेष चीजें, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से राहत मिलने की है मान्यता

    नई दिल्ली । उत्तर भारत की सनातन धार्मिक परंपराओं में ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का एक बेहद विशिष्ट और पावन महत्व माना गया है, जिन्हें आम बोलचाल में बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से पुकारा जाता है। ज्येष्ठ महीना अब अपने समापन की ओर अग्रसर है और आज यानी १६ जून २०२६ को इस पावन महीने का सातवां बड़ा मंगल पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस साल ज्येष्ठ मास के दौरान अधिकमास का विशेष संयोग बनने के कारण कुल आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जिसके चलते आज के सातवें बड़े मंगल का महत्व ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कहीं अधिक बढ़ गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन पर व्रत रखने और पूरी निष्ठा से संकटमोचन की उपासना करने से बजरंगबली अपने भक्तों पर अटूट कृपा बरसाते हैं।

    ज्योतिष शास्त्र के विद्वानों के अनुसार, बड़े मंगल के दिन की गई पूजा न केवल जीवन के संकटों को टालती है, बल्कि इससे कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति भी बेहद मजबूत और शुभ होती है। इसके अतिरिक्त, जो जातक वर्तमान समय में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के बुरे दौर और कष्टों से गुजर रहे हैं, उनके लिए भी आज के दिन हनुमान जी की आराधना करना अचूक और राहत देने वाला माना गया है। इस पावन अवसर पर पूजा और आरती के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष और कल्याणकारी मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं, जिनमें सुबह ०५:४५ बजे से ०७:२५ बजे तक अमृत काल का श्रेष्ठ समय रहा, जबकि दोपहर ११:५० बजे से १२:४५ बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा और शाम को संध्या आरती के लिए ०६:३० बजे से ०७:४५ बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

    उत्तर भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आस-पास के तमाम क्षेत्रों में बड़े मंगल के अवसर पर एक बहुत ही भव्य सांस्कृतिक व धार्मिक नजारा देखने को मिलता है। इस दिन जगह-जगह विशाल भंडारों का आयोजन करने, भीषण गर्मी के इस मौसम में राहगीरों को ठंडा शरबत व पानी पिलाने तथा सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ करने की एक लंबी और गौरवशाली परंपरा रही है। सुबह से ही तमाम प्रमुख हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां विशेष पूजा-अर्चना, भव्य श्रृंगार और कीर्तन के कार्यक्रम अनवरत रूप से चल रहे हैं। धर्म-शास्त्रों के अनुसार, आज के दिन बजरंगबली को उनकी कुछ बेहद प्रिय चीजें अर्पित करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।

    शास्त्रों में वर्णित इन पांच प्रमुख चीजों में सबसे पहला स्थान लाल फूलों का है, जिसके तहत हनुमान जी को गुड़हल या गुलाब के लाल पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। दूसरी प्रमुख सामग्री चोला है, जिसमें चमेली के तेल में केसरिया सिंदूर मिलाकर प्रभु के चरणों से शुरुआत करते हुए चोला चढ़ाया जाता है और अंत में वही सिंदूर माथे पर लगाया जाता है। इसके अलावा, बजरंगबली को बनारसी पान पर कत्था, गुलकंद, सौंफ और इलायची रखकर मीठे पान का बीड़ा अर्पित करने से जीवन की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, ध्यान रहे कि इस पान में चूना या सुपारी बिल्कुल न हो। चौथी और पांचवीं चीज के रूप में हनुमान जी को बूंदी या बेसन के लड्डू तथा आटे, शुद्ध घी और गुड़ से बने पारंपरिक चूरमे या मीठी रोटी का भोग लगाने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

  • 6 जून 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का दिन कैसा रहेगा, जानें पूरी भविष्यवाणी

    6 जून 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का दिन कैसा रहेगा, जानें पूरी भविष्यवाणी


    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर 16 जून 2026 का दैनिक राशिफल तैयार किया गया है। इस दिन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा। मंगलवार का दिन होने के कारण भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व भी बताया गया है, जिससे भय, रोग और कष्टों से राहत मिलने की मान्यता है।

    मेष राशि
    प्रेम जीवन में सकारात्मकता रहेगी और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

    वृषभ राशि
    निवेश के लिए दिन अच्छा है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और लव लाइफ बेहतर रहेगी।

    मिथुन राशि
    रिश्तों में बातचीत से सुधार होगा लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।

    कर्क राशि
    काम में आत्मविश्वास से सफलता मिलेगी और वित्तीय स्थिति ठीक रहेगी।

    सिंह राशि
    प्रेम जीवन और करियर दोनों में सकारात्मकता रहेगी, स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

    कन्या राशि
    रिश्तों और आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है, सोच-समझकर निर्णय लें।

    तुला राशि
    करियर और प्रेम जीवन दोनों में संतुलन बना रहेगा और आर्थिक निर्णय लाभकारी हो सकते हैं।

    वृश्चिक राशि
    प्रेम संबंध मजबूत होंगे, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां संभव हैं।

    धनु राशि
    करियर में सफलता और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

    मकर राशि
    पैसों के मामलों में सतर्कता रखें और कार्यस्थल पर जिम्मेदारी से काम करें।

    कुंभ राशि
    नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

    मीन राशि
    लव लाइफ मजबूत रहेगी और करियर में रचनात्मकता बढ़ेगी, हालांकि स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।

  • निर्जला एकादशी पर शनि और शुक्र रचेंगे दुर्लभ इतिहास: ज्योतिषीय गणना में 120 डिग्री पर नवपंचम राजयोग का महासंयोग

    निर्जला एकादशी पर शनि और शुक्र रचेंगे दुर्लभ इतिहास: ज्योतिषीय गणना में 120 डिग्री पर नवपंचम राजयोग का महासंयोग

    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण मानी जाने वाली निर्जला एकादशी इस बार न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ज्योतिषीय समीकरणों के लिहाज से भी अत्यंत विशेष होने जा रही है। आगामी पच्चीस जून को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर आकाशमंडल में एक बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली नवपंचम राजयोग का निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार यह शुभ संयोग तब बनता है जब दो मित्र ग्रह एक-दूसरे से विशेष त्रिकोणीय दूरी पर स्थापित होते हैं। इस बार न्याय के देवता शनि और सुख-वैभव के प्रदाता शुक्र एक-दूसरे से ठीक एक सौ बीस डिग्री के कोण पर विराजमान होकर इस अद्भुत योग को पूर्ण करेंगे, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव मानव जीवन के आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश। ज्योतिष विज्ञान में शनि और शुक्र को नैसर्गिक रूप से परम मित्र माना गया है, इसलिए इन दोनों के बीच बनने वाला पांचवें और नौवें भाव का यह त्रिकोणीय संबंध बेहद फलदायी माना जाता है। इस बार निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त आराधना के साथ इस राजयोग का मिलना एक महान आध्यात्मिक संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस विशेष दिन पर व्रत रखने, जप करने और जरूरतमंदों को शीतल जल व अन्न का दान करने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव पूरी तरह शांत होते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि इस राजयोग के प्रभाव से देश के आर्थिक परिदृश्य और विशेषकर चार भाग्यशाली राशियों के जीवन में अप्रत्याशित और सकारात्मक बदलाव आने तय हैं।

    इस महासंयोग से मुख्य रूप से लाभान्वित होने वाली राशियों में वृषभ राशि के जातकों का नाम सबसे ऊपर आ रहा है। वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और आजीविका के क्षेत्र में एक बड़ी लंबी छलांग लगाने का साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर लंबे समय से लंबित पड़ी योजनाएं अचानक गति पकड़ेंगी और व्यावसायिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को कोई बहुत बड़ी व्यापारिक डील हासिल हो सकती है। इसके अलावा पैतृक संपत्ति के मामलों में भी इन्हें बड़ी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं, जिससे समाज और कार्यक्षेत्र में इनकी प्रतिष्ठा और प्रशासनिक धाक में भारी वृद्धि दर्ज की जाएगी।

    ग्रहों का यह विशेष परिवर्तन मिथुन राशि के जातकों के लिए भी वरदान से कम नहीं सिद्ध होने वाला है। इस राशि के लोगों के लिए आय के एक से अधिक नए स्रोत विकसित होंगे, जिससे आर्थिक स्थिति को बहुत अधिक मजबूती मिलेगी। व्यापार और आजीविका के सिलसिले में की जाने वाली सुदूर यात्राएं इस अवधि में अत्यधिक आर्थिक लाभ प्रदान करेंगी। पारिवारिक जीवन के दृष्टिकोण से भी यह समय अनुकूल रहेगा, जहां पुराने समय से चले आ रहे आपसी मतभेद और तनाव पूरी तरह समाप्त होंगे और जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।

    इसके साथ ही कन्या राशि के जातकों को इस राजयोग के प्रभाव से आकस्मिक और अप्रत्याशित धन लाभ होने की प्रबल संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। शेयर बाजार, लॉटरी या अतीत में किए गए किसी पुराने निवेश से इस समय भारी मुनाफा हाथ लग सकता है। नौकरीपेशा वर्ग से जुड़े लोगों को उच्च अधिकारियों के पूर्ण सहयोग के साथ बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी या पदोन्नति मिलने के स्पष्ट संकेत हैं। विशेष रूप से जो लोग रचनात्मक कार्यों, लेखन, कला, मीडिया या डिजिटल मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हैं, उनकी कल्पनाशीलता और कार्यक्षमता इस दौरान अपने सर्वोच्च स्तर पर होगी।

    इस राजयोग की चौथी सबसे महत्वपूर्ण लाभार्थी राशि कुंभ है, जिसके स्वयं स्वामी ग्रह शनि देव हैं। शनि की विशेष कृपा के चलते कुंभ राशि के जातकों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यदि इस राशि के जातक लंबे समय से किसी नए व्यापार, स्टार्टअप या स्वतंत्र कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे थे, तो उनके लिए यह समय सबसे अधिक अनुकूल और सफलता की गारंटी देने वाला सिद्ध होगा। इसके प्रभाव से पिछले कई महीनों से चला आ रहा मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी विकार भी पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।

  • 13 जून 2026 का राशिफल: ग्रहों के महासंयोग से कई राशियों की चमकेगी किस्मत, कुछ को रहना होगा सतर्क

    13 जून 2026 का राशिफल: ग्रहों के महासंयोग से कई राशियों की चमकेगी किस्मत, कुछ को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार 13 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि का संयोग बन रहा है, वहीं पूरे दिन कृतिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा सुबह 09:25 तक वृषभ राशि में रहकर बाद में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों की इस स्थिति से वाशि योग, सुनफा योग, शंख योग, सुकर्मा योग और सर्वाअमृत योग जैसे शक्तिशाली संयोग बन रहे हैं, जो कई राशियों के लिए लाभकारी साबित होंगे।

    मेष से कन्या तक का प्रभाव
    मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन नई शुरुआत और आर्थिक लाभ का संकेत दे रहा है। व्यापार में विस्तार और करियर में सहयोग मिलने की संभावना है। वृषभ राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए आय स्रोत बन सकते हैं। मिथुन राशि के लिए दिन कुछ उतार-चढ़ाव भरा रहेगा, खर्च और तनाव बढ़ सकता है। कर्क राशि वालों को कार्यस्थल पर बड़ी जिम्मेदारी और सफलता मिलने के योग हैं। सिंह राशि के लिए नौकरी और व्यापार में बड़ी उपलब्धि के संकेत मिल रहे हैं। कन्या राशि के जातकों को करियर में तरक्की और प्रेम जीवन में सकारात्मकता मिलेगी।

    तुला से वृश्चिक तक का हाल
    तुला राशि के लिए यह दिन चुनौतीपूर्ण रह सकता है, खासकर करियर और खर्च को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय बेहद शुभ है, पार्टनरशिप और बिजनेस में बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

    धनु से मीन तक की स्थिति
    धनु राशि के लिए दिन सामान्य रहेगा लेकिन भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। मकर राशि के जातकों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं लेकिन पारिवारिक तनाव भी संभव है। कुंभ राशि के लिए यह दिन कुछ कठिनाइयों भरा रहेगा, निवेश और विवादों से बचना चाहिए। मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ संकेत दे रहा है, करियर और व्यापार में बड़ी सफलता और लाभ मिलने की संभावना है।

    कुल मिलाकर 13 जून 2026 का दिन ग्रहों के विशेष योगों से प्रभावित रहेगा। जहां कुछ राशियों के लिए यह दिन भाग्यवृद्धि और आर्थिक उन्नति लेकर आएगा, वहीं कुछ राशियों को सावधानी और संयम से काम लेना होगा।

  • आज का राशिफल 12 जून 2026: मिथुन राशि में दिखेगा आर्थिक उछाल, जानें सभी 12 राशियों का हाल

    आज का राशिफल 12 जून 2026: मिथुन राशि में दिखेगा आर्थिक उछाल, जानें सभी 12 राशियों का हाल


    नई दिल्ली । 12 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक प्रगति और पारिवारिक सुख लेकर आ रहा है। मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन विशेष रूप से लाभकारी रहेगा, वहीं कुछ राशियों को सतर्कता और धैर्य की आवश्यकता होगी।

     मेष राशि: नए प्रयोगों से बढ़ेगा लाभ
    मेष राशि के जातक आज अपने कार्यों में अलग सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। करियर में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और पारिवारिक सहयोग बढ़ेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    वृषभ राशि: निवेश में रखें सावधानी
    वृषभ राशि वालों को आज व्यापार में सामान्य स्थिति का सामना करना पड़ेगा। कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें। लुभावने प्रस्तावों से बचें और कानूनी मामलों में सावधानी रखें।

    मिथुन राशि: आर्थिक पक्ष में जबरदस्त उछाल
    मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। कारोबार में तेजी आएगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बड़े लक्ष्य पूरे होंगे और कार्यक्षेत्र में अनुकूलता मिलेगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा और सफलता के नए रास्ते खुलेंगे।

    कर्क राशि: रिश्तों में बढ़ेगा स्नेह
    कर्क राशि के लोग परिवार और मित्रों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं को गति मिलेगी और सम्मान बढ़ेगा।

    सिंह राशि: अवसरों से भरा दिन
    सिंह राशि वालों के लिए करियर में नए अवसर मिलेंगे। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आय में वृद्धि के योग हैं।

    कन्या राशि: सावधानी से करें कार्य
    कन्या राशि वालों को स्वास्थ्य और कार्य दोनों में सतर्क रहना होगा। छोटी गलती नुकसान का कारण बन सकती है।

    तुला राशि: दांपत्य जीवन में मधुरता
    तुला राशि के जातकों के लिए पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। व्यापार विस्तार के योग बनेंगे और रिश्तों में मजबूती आएगी।

    वृश्चिक राशि: खर्चों पर रखें नियंत्रण
    वृश्चिक राशि वालों को बजट और खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है। भावनाओं में बहने से बचें।

    धनु राशि: संवाद से मिलेगा लाभ
    धनु राशि के जातकों के लिए मित्रों और परिवार के साथ समय अच्छा रहेगा। प्रतिभा प्रदर्शन में सफलता मिलेगी।

    मकर राशि: निजी मामलों पर फोकस बढ़ेगा
    मकर राशि वालों का ध्यान निजी जीवन और कार्यक्षेत्र दोनों पर रहेगा। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।

    कुंभ राशि: आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
    कुंभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। भाई-बंधुओं का सहयोग मिलेगा और कार्यों में तेजी आएगी।

    मीन राशि: आर्थिक मजबूती का समय
    मीन राशि वालों के लिए घर-परिवार में सुख और समृद्धि बढ़ेगी। आर्थिक योजनाएं सफल होंगी और धन लाभ के योग बनेंगे।

    12 जून 2026 का दिन कुल मिलाकर कई राशियों के लिए प्रगति और अवसरों से भरा रहेगा। विशेष रूप से मिथुन राशि वालों के लिए यह दिन आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से बेहद शुभ साबित होगा।

  • अंतरिक्ष में ग्रहों का बड़ा फेरबदल: 28 जून से मंगल-गुरु की युति बदलेगी कई राशियों की तकदीर, धन और उन्नति के प्रबल योग

    अंतरिक्ष में ग्रहों का बड़ा फेरबदल: 28 जून से मंगल-गुरु की युति बदलेगी कई राशियों की तकदीर, धन और उन्नति के प्रबल योग

    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का गोचर और उनकी युति मानव जीवन के साथ-साथ संपूर्ण चराचर जगत को गहराई से प्रभावित करती है। इसी कड़ी में आगामी 28 जून को अंतरिक्ष में एक बेहद महत्वपूर्ण और दुर्लभ ज्योतिषीय घटना घटने जा रही है। ग्रहों के सेनापति और ऊर्जा के कारक मंगल देव तथा देवताओं के गुरु और ज्ञान के प्रदाता बृहस्पति की स्थिति में होने वाला बदलाव एक महासंयोग को जन्म दे रहा है। इन दोनों बड़े ग्रहों के आपसी संबंध और दृष्टि से ब्रह्मांड में ‘लाभ दृष्टि राजयोग’ का निर्माण होने जा रहा है जिसे ज्योतिषीय गणनाओं में अत्यंत परोपकारी और भाग्य को बदलने वाला माना गया है।

    इस विशिष्ट राजयोग के सक्रिय होते ही कई राशियों के जीवन में सकारात्मकता का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। ज्योतिषविदों का मानना है कि मंगल की शक्ति और गुरु की कृपा का यह अनूठा मिलन आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलताएं लेकर आता है। इस अवधि के दौरान रुकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी और व्यापारिक क्षेत्र में निवेश करने वाले लोगों को अप्रत्याशित लाभ मिलने के संकेत हैं। खासकर नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय पदोन्नति और कार्यस्थल पर मान-सम्मान में वृद्धि का कारण बन सकता है, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही आर्थिक तंगी दूर होने की संभावना प्रबल हो जाती है।

    ग्रहों के इस महापरिवर्तन का असर विभिन्न प्रदेशों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस राजयोग के प्रभाव से कृषि और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। शासन और प्रशासन के स्तर पर लिए गए नीतिगत निर्णय जनता के लिए हितकारी साबित हो सकते हैं। चूंकि बृहस्पति को ज्ञान और न्याय का कारक माना जाता है और मंगल को पराक्रम का, इसलिए इस अवधि में लिए गए साहसिक और सूझबूझ से भरे फैसले समाज में स्थिरता और समृद्धि लाने का काम करेंगे। जमीन-जायदाद और रियल एस्टेट से जुड़े मामलों में भी इस दौरान बड़ा उछाल देखा जा सकता है।

    पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन के दृष्टिकोण से भी यह लाभ दृष्टि राजयोग कई मायनों में महत्वपूर्ण रहने वाला है। जिन जातकों की कुंडली में इन दोनों ग्रहों की स्थिति अनुकूल है, उन्हें पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए भी यह समय उच्च शिक्षा के नए अवसर प्रदान करने वाला साबित होगा। बौद्धिक क्षमताओं में विकास होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी सफलता हाथ लग सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इस दौरान राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि मंगल शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाता है।

    धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह कालखंड बेहद पवित्र माना जा रहा है। गुरु और मंगल का यह शुभ संयोग समाज में परोपकार, दान-पुण्य और मांगलिक कार्यों की रूपरेखा तैयार करेगा। विभिन्न क्षेत्रों में इस योग के कारण मांगलिक आयोजन संपन्न होंगे जिससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर, 28 जून से शुरू होने वाला यह ज्योतिषीय घटनाक्रम न केवल व्यक्तिगत स्तर पर लोगों की तकदीर बदलने की क्षमता रखता है, बल्कि व्यापक आर्थिक और सामाजिक सुधारों की दृष्टि से भी इसे एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

  • सोमवती अमावस्या पर भूलकर भी न करें इन 5 विशेष वस्तुओं का दान: पुण्य की जगह लग सकता है दोष, घर में आ सकती है दरिद्रता

    सोमवती अमावस्या पर भूलकर भी न करें इन 5 विशेष वस्तुओं का दान: पुण्य की जगह लग सकता है दोष, घर में आ सकती है दरिद्रता

    नई दिल्ली । सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों के तर्पण, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के लिए बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है। इस वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या सोमवार के दिन पड़ने के कारण यह सोमवती अमावस्या का विशेष योग बना रही है। इस बार की सोमवती अमावस्या ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन कई बड़े और दुर्लभ ग्रहों के संयोग बन रहे हैं। जहां एक ओर सूर्य देव वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं जिससे वृषभ संक्रांति का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर ज्येष्ठ अधिक मास का समापन भी इसी दिन हो रहा है।

    धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस सोमवती अमावस्या पर वृद्धि योग, सर्वार्थसिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का एक साथ त्रिवेणी संगम हो रहा है। इस दौरान सूर्य देव की कृपा से युक्त वृद्धि योग और शाम तक रहने वाले सर्वार्थसिद्धि व अमृत सिद्धि योग में किए गए कार्यों को अक्षय फल देने वाला माना गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस शुभ बेला में किए गए दान से कुंडली के विभिन्न ग्रहों की पीड़ा शांत होती है और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। हालांकि, ज्योतिषियों का कहना है कि अमावस्या के दिन दान करते समय कुछ विशेष सावधानियां बरतना अनिवार्य है, क्योंकि गलत चीजों का दान पुण्य की जगह दोष का भागी बना सकता है।

    शास्त्रों के अनुसार, सोमवती अमावस्या पर वस्त्र दान महादान की श्रेणी में आता है, लेकिन इस दिन किसी को भी फटे, मैले या अत्यंत पुराने वस्त्र देने से बचना चाहिए। ऐसी अनुपयोगी वस्तुओं का दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती और मानसिक तनाव बढ़ता है। इसी प्रकार, पितरों की तृप्ति के लिए अन्न दान का विशेष महत्व है, परंतु दान में दिया जाने वाला अनाज पूरी तरह साफ, शुद्ध और खाने योग्य होना चाहिए। कीड़े लगे या पूरी तरह बेकार हो चुके अनाज का दान करने से पूर्वज रुष्ट हो जाते हैं, जिससे परिवार को पितृदोष का सामना करना पड़ सकता है।

    इस पावन तिथि पर नमक के दान को भी पूरी तरह वर्जित माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या के दिन किसी अन्य व्यक्ति को नमक का दान करने से घर की संचित लक्ष्मी चली जाती है और परिवार में दरिद्रता का वास होने लगता है। इसके साथ ही, इस दिन शनि देव से जुड़ी धातु यानी लोहे का दान भी सामान्य लोगों को नहीं करना चाहिए। लोहे के साथ-साथ इस दिन सरसों के तेल का दान करने से भी बचने की सलाह दी जाती है, हालांकि सरसों के तेल का उपयोग पूजा-पाठ और दीप प्रज्वलन के लिए किया जा सकता है।

    अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने घरों में पड़े फटे-पुराने या टूटे हुए जूते-चप्पल अमावस्या के दिन किसी जरूरतमंद को दे देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवती अमावस्या जैसी पवित्र तिथि पर फटे या अनुपयोगी जूते-चप्पल दान करने से कुंडली में शनि देव का अशुभ प्रभाव तेजी से बढ़ता है, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को कार्यक्षेत्र में बड़ी बाधाओं और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, इस महासंयोग पर केवल साफ, उपयोगी और सात्विक वस्तुओं का ही दान करना श्रेयस्कर रहता है।