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  • अक्षय तृतीया पर बन रहा दुर्लभ योग सोना खरीदने का सबसे शुभ समय और पूजा तरीका

    अक्षय तृतीया पर बन रहा दुर्लभ योग सोना खरीदने का सबसे शुभ समय और पूजा तरीका


    नई दिल्ली । अक्षय तृतीया का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन को “अबूझ मुहूर्त” भी कहा जाता है, यानी किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और पूजा का फल अक्षय होता है, यानी उसका कभी क्षय नहीं होता। इस वर्ष अक्षय तृतीया 2026 का पर्व विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार अक्षय तृतीया पर रवि योग, त्रिपुष्कर योग, सौभाग्य योग और आयुष्मान योग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इसके साथ ही शुक्र ग्रह के अपनी स्वराशि में होने से मालव्य महापुरुष राजयोग और गजकेसरी योग का निर्माण भी हो रहा है, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है।

    पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:48 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे समाप्त होगी। इस अवधि को अत्यंत शुभ माना गया है और इस दौरान किए गए कार्यों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है।

    इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और इसका संबंध सतयुग एवं त्रेतायुग की शुरुआत से भी जोड़ा जाता है। महाभारत काल में श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों को दिया गया अक्षय पात्र भी इसी दिन की महिमा से जुड़ा माना जाता है।

    पूजा विधि के अनुसार घर में चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। सबसे पहले कलश स्थापना कर उनका आह्वान करें। गंगाजल से स्नान कराकर चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें। पीले वस्त्र, फल, मिठाई और विशेष रूप से खीर या सत्तू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके बाद मंत्र जप और आरती करें।

    सोना खरीदने के लिए इस दिन कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। 19 अप्रैल को सुबह 10:49 से 20 अप्रैल की सुबह 05:51 तक सोना खरीदना शुभ माना गया है। इसके अलावा 20 अप्रैल को दोपहर 02:26 से 03:52 तक अमृत मुहूर्त और 02:30 से 03:22 तक विजय मुहूर्त भी बेहद शुभ माना गया है। इस समय किया गया निवेश और खरीदारी विशेष फलदायी मानी जाती है।

  • बुध आज मीन राशि में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों के लिए शुभ संकेत, अप्रैल अंत तक रहेगा असर

    बुध आज मीन राशि में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों के लिए शुभ संकेत, अप्रैल अंत तक रहेगा असर


    नई दिल्ली। आज बुध ग्रह ने अपनी चाल बदलते हुए मीन राशि में प्रवेश कर लिया है। इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। बुध लगभग 23 से 25 दिनों तक मीन राशि में रहेंगे और इसके बाद अगली राशि में प्रवेश करेंगे। इसका असर अप्रैल के अंत तक बना रहेगा। इस दौरान लोगों की सोच, बातचीत करने का तरीका, निर्णय लेने की क्षमता और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से कम्युनिकेशन, बिजनेस और रिश्तों से जुड़े मामलों पर इसका प्रभाव अधिक रहेगा।

    मीन राशि में बुध का मिश्रित प्रभाव
    मीन राशि को भावनात्मक और कल्पनाशील राशि माना जाता है। जब बुध इस राशि में आते हैं तो व्यक्ति अधिक संवेदनशील और रचनात्मक हो सकता है, लेकिन यह स्थिति बुध के लिए कमजोर मानी जाती है। ऐसे में कई लोगों को निर्णय लेने में भ्रम या असमंजस की स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है।

    इन राशियों के लिए खुलेंगे भाग्य के द्वार
    -इस गोचर का सबसे अधिक सकारात्मक असर वृषभ, मिथुन, कन्या और मीन राशि पर देखने को मिल सकता है।
    वृषभ राशि: आय के नए स्रोत बन सकते हैं और रुका हुआ पैसा मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
    मिथुन राशि: करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। काम की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
    कन्या राशि: रिश्तों में सुधार और पार्टनरशिप में मजबूती आने की संभावना है। सहयोग बढ़ेगा।
    मीन राशि: आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और नए विचारों के साथ काम में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

    इन राशियों को रहना होगा सावधान
    मेष राशि के जातकों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं कर्क राशि के लोगों को मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए किसी भी निर्णय में सावधानी जरूरी है।

    कामकाज और कारोबार पर असर
    यह गोचर विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है जो मीडिया, लेखन, संचार और व्यापार से जुड़े हैं। इस दौरान नए आइडिया और बेहतर संवाद के चलते काम में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

    क्या रखें ध्यान
    इस अवधि में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। हर निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी गई है। सही दिशा में किया गया प्रयास इस गोचर को तरक्की और सफलता में बदल सकता है।
     आज बुध ग्रह ने अपनी चाल बदलते हुए मीन राशि में प्रवेश कर लिया है। इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। बुध लगभग 23 से 25 दिनों तक मीन राशि में रहेंगे और इसके बाद अगली राशि में प्रवेश करेंगे। इसका असर अप्रैल के अंत तक बना रहेगा। इस दौरान लोगों की सोच, बातचीत करने का तरीका, निर्णय लेने की क्षमता और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से कम्युनिकेशन, बिजनेस और रिश्तों से जुड़े मामलों पर इसका प्रभाव अधिक रहेगा।

    मीन राशि में बुध का मिश्रित प्रभाव

    मीन राशि को भावनात्मक और कल्पनाशील राशि माना जाता है। जब बुध इस राशि में आते हैं तो व्यक्ति अधिक संवेदनशील और रचनात्मक हो सकता है, लेकिन यह स्थिति बुध के लिए कमजोर मानी जाती है। ऐसे में कई लोगों को निर्णय लेने में भ्रम या असमंजस की स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है।

    इन राशियों के लिए खुलेंगे भाग्य के द्वार

    -इस गोचर का सबसे अधिक सकारात्मक असर वृषभ, मिथुन, कन्या और मीन राशि पर देखने को मिल सकता है।

    वृषभ राशि: आय के नए स्रोत बन सकते हैं और रुका हुआ पैसा मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

    मिथुन राशि: करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। काम की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

    कन्या राशि: रिश्तों में सुधार और पार्टनरशिप में मजबूती आने की संभावना है। सहयोग बढ़ेगा।

    मीन राशि: आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और नए विचारों के साथ काम में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

    इन राशियों को रहना होगा सावधान

    मेष राशि के जातकों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं कर्क राशि के लोगों को मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए किसी भी निर्णय में सावधानी जरूरी है।

    कामकाज और कारोबार पर असर

    यह गोचर विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है जो मीडिया, लेखन, संचार और व्यापार से जुड़े हैं। इस दौरान नए आइडिया और बेहतर संवाद के चलते काम में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

    क्या रखें ध्यान

    इस अवधि में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। हर निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी गई है। सही दिशा में किया गया प्रयास इस गोचर को तरक्की और सफलता में बदल सकता है।

  • 4 अप्रैल 2026 का राशिफल : जानिए किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

    4 अप्रैल 2026 का राशिफल : जानिए किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली । ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर आज 4 अप्रैल 2026 का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है, जबकि कुछ राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार दिन का प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग पड़ेगा। आइए जानते हैं आज किन राशि वालों को लाभ मिलेगा और किनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    मेष राशि: आज काम थोड़ा धीरे चलेगा इसलिए धैर्य बनाए रखें और जल्दबाजी ना करें। कोई बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छे से सोचें, नहीं तो बाद में पछताना पड़ सकता है। परिवार का साथ मिलेगा जिससे मन हल्का महसूस होगा। खानपान का ध्यान रखें और अपने लिए समय निकालें।

    वृषभ राशि: आज आपका आत्मविश्वास ठीक रहेगा और काम में मन लगेगा। ऑफिस या बिजनेस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो भविष्य में लाभदायक रहेगी। पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। लोगों की बातों को दिल पर न लें। प्रैक्टिकल सोच से दिन अच्छा रहेगा।

    मिथुन राशि: आज आपका मूड अच्छा रहेगा और आप सकारात्मक महसूस करेंगे। नौकरी या बिजनेस में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से बात करके मन खुश होगा। खाने में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।

    कर्क राशि: आज पैसों की स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है, जिससे मन खुश रहेगा। घर और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। काम थोड़ा ज्यादा रहेगा लेकिन मेहनत का फल जरूर मिलेगा। सीनियर्स आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं। ओवरथिंकिंग कम करें।

    सिंह राशि: आज कोई बड़ा फैसला जल्दी में न लें और सोच-विचार जरूर करें। मन थोड़ा परेशान हो सकता है, लेकिन समय के साथ स्थिति सुधरेगी। धैर्य रखें और कहीं बाहर जाने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

    कन्या राशि: आज बिजनेस में कुछ नया करने का मौका मिलेगा जिससे कमाई बढ़ सकती है। किसी दोस्त या जानकार की मदद काम आएगी। कोई अच्छी खबर मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। पानी खूब पिएं और खाने में प्रोटीन बढ़ाएं।

    तुला राशि: आज काम ज्यादा रह सकता है, जिससे थोड़ी भागदौड़ होगी। किसी दोस्त या सहकर्मी की मदद से काम आसान होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर आराम भी करें। बीच-बीच में छोटे ब्रेक्स लें, इससे फायदा होगा।

    वृश्चिक राशि: आज गुस्सा करने से बचें और शांत रहकर फैसले लें। पैसों को लेकर सही योजना बनाना जरूरी है। घर में बड़ों की सेहत का ध्यान रखें। अपना ख्याल रखें और तला-भुना खाने से बचें। एक्सरसाइज शुरू कर दें।

    धनु राशि: आज नौकरी में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और सीनियर्स का साथ भी मिलेगा। काम धीरे-धीरे आसान होता दिखेगा। कुछ नया सीखने का मौका भी मिलेगा। ओवरथिंकिंग न करें। अपनी गलतियों को समझें और दूसरों को दोष न दें।

    मकर राशि: आज मन थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन खुद पर भरोसा रखें। ज्यादा नेगेटिव सोचने से बचें और अपने काम पर ध्यान दें। किसी काम से यात्रा भी करनी पड़ सकती है। लोगों की बातों पर ध्यान न दें। अपने साथ समय बिताएं और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दें।

    कुंभ राशि: आज पढ़ाई या करियर से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लव लाइफ में छोटी बातों पर टेंशन न लें और प्यार से बात करें। समय का सही इस्तेमाल करें। घूमने का प्लान न बनाएं। परिवार के साथ समय बिताएं और तनाव होने पर किसी खास दोस्त से बात करें।

    मीन राशि: आज काम में उतार-चढ़ाव रह सकता है लेकिन ज्यादा चिंता न करें। घर में छोटी-मोटी बात पर बहस हो सकती है, इसलिए शांत रहें। अपने लिए समय निकालें और खाने-पीने का ध्यान रखें। ज्यादा न सोचें। स्थिति जल्द ही पहले से बेहतर हो जाएगी।

    डिस्क्लेमर: हम यहां दी गई जानकारी के पूर्णतया सत्य होने का दावा नहीं करते हैं। यह केवल सामान्‍य जानकारी के उद्देश्‍य से दी गई है। विस्तृत जानकारी के लिए ज्‍योतिष विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

  • कुंभ राशि में चंद्र मंगल की युति से बनेगा महालक्ष्मी राजयोग, इन राशियों की चमक सकती है किस्मत

    कुंभ राशि में चंद्र मंगल की युति से बनेगा महालक्ष्मी राजयोग, इन राशियों की चमक सकती है किस्मत


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह समय समय पर अपनी स्थिति और चाल बदलते रहते हैं जिससे कई तरह के शुभ और अशुभ योग बनते हैं। इसी क्रम में कुंभ राशि में चंद्रमा और मंगल की युति बनने जा रही है जिससे महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है जो धन सुख सुविधा तरक्की और नए अवसरों का संकेत देता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जबकि मंगल ऊर्जा साहस और भूमि संपत्ति से जुड़ा ग्रह है। इन दोनों ग्रहों की युति व्यक्ति के जीवन में आर्थिक मजबूती और करियर में प्रगति के संकेत देती है। आइए जानते हैं किन राशियों पर इस राजयोग का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है

    मेष राशि

    मेष राशि के जातकों के लिए यह योग लाभकारी साबित हो सकता है। आय में वृद्धि के संकेत हैं और लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर और व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और किसी बड़े सौदे से लाभ होने की संभावना है।

    कर्क राशि

    कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक मजबूती लाने वाला हो सकता है। नौकरी और व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा और धन लाभ के योग बनेंगे। साथ ही बचत में बढ़ोतरी हो सकती है और परिवार से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपकी पहचान मजबूत होगी और सम्मान में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी मिल रहे हैं।

  • नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार

    नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार


    नासिक
    । महाराष्ट्र के नासिक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आध्यात्मिकता और ज्योतिष के नाम पर महिलाओं के साथ कथित यौन शोषण किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 67 वर्षीय ज्योतिषी अशोक खरात को गिरफ्तार किया है, जिस पर 35 वर्षीय महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप है।

    पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने अनुष्ठान के बहाने उसे अपने पास बुलाया, नशीला पदार्थ पिलाया और सम्मोहित कर उसकी आस्था का फायदा उठाते हुए यौन उत्पीड़न किया। जांच में यह भी सामने आया है कि यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य महिलाओं के साथ भी इसी तरह की वारदातें की गईं।

    एफआईआर के अनुसार, अशोक खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त होने का दावा करता था। वह महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के समाधान का झांसा देकर अपने कार्यालय में बुलाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें नशीला पदार्थ देकर काबू में कर लिया जाता था और फिर डर तथा अंधविश्वास का सहारा लेकर उनका शोषण किया जाता था। आरोपी महिलाओं को उनके पतियों की मौत या तंत्र-मंत्र से जुड़े भय दिखाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था।

    जांच एजेंसियों को आरोपी के ठिकाने से एक पेन ड्राइव बरामद हुई है, जिसमें कथित तौर पर 58 महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो क्लिप मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा अपराध हो सकता है।

    आरोपी नासिक के पॉश कैनेडा कॉर्नर इलाके में ‘ओकस प्रॉपर्टी डीलर्स एंड डेवलपर्स’ के नाम से कार्यालय चलाता था, लेकिन पुलिस के अनुसार वहां असल में आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। उसने समाज में खुद को एक प्रभावशाली ज्योतिषी और ‘दैवीय शक्तियों’ के जानकार के रूप में स्थापित कर रखा था।

    मीरगांव में उसके पास ईशान्येश्वर मंदिर और एक आलीशान विश्राम गृह भी है, जहां कथित तौर पर प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। सिन्नर स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में भी उसकी पहचान थी और कई राजनेताओं, व्यवसायियों तथा अन्य चर्चित लोगों से उसके संबंध होने की चर्चा है।

    गिरफ्तारी का नाटकीय घटनाक्रम
    पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बेहद गोपनीय अभियान चलाया। जानकारी लीक न हो, इसके लिए टीम ने रात के अंधेरे में ‘चोर-चोर’ का शोर मचाकर उसके फार्महाउस के बाहर अफरा-तफरी पैदा की और इसी दौरान घर में घुसकर उसे शयनकक्ष से गिरफ्तार कर लिया।

    छापेमारी के दौरान फार्महाउस से एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कई खाली खोखे बरामद हुए। इसके अलावा मंदिर और आश्रम में भी तलाशी ली गई, जहां से कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब आरोपी की अन्य संपत्तियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

    एसआईटी गठित, जांच जारी
    मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। नासिक क्राइम ब्रांच की टीम बरामद वीडियो और दस्तावेजों की विस्तृत जांच में जुटी है।

    राजनीतिक बयानबाजी तेज
    घटना सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट की नेता सुषमा अंधारे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं तथा कितनी महिलाएं इसका शिकार बनीं।

  • चैत्र नवरात्र: पालकी पर आगमन और हाथी पर प्रस्थान के संकेत..

    चैत्र नवरात्र: पालकी पर आगमन और हाथी पर प्रस्थान के संकेत..

    नई दिल्ली: देशभर में मनाए जाने वाले पावन पर्व चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से माना जाता है। यह पर्व न केवल शक्ति की उपासना का प्रतीक है, बल्कि नए हिंदू वर्ष की शुरुआत और जीवन में आने वाले बदलावों के संकेत भी देता है। इस वर्ष 19 मार्च से नवरात्र की शुरुआत हुई है और श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना में लीन हैं।

    मान्यता है कि नवरात्र में माता दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की सवारी आने वाले समय के संकेत देती है। इस बार मां जगदम्बा का आगमन गुरुवार के दिन पालकी पर हुआ है। शास्त्रों के अनुसार, पालकी पर आगमन को सामान्यतः शुभ संकेत नहीं माना जाता। इसे प्राकृतिक आपदाओं, सामाजिक अस्थिरता या आर्थिक चुनौतियों का संकेत माना जाता है। गुरुवार के दिन आगमन को लेकर यह भी माना जाता है कि यह समय कुछ सावधानियों और सतर्कता की मांग करता है।

    हालांकि, इस वर्ष मां का प्रस्थान शुक्रवार को हाथी पर होगा, जो अत्यंत शुभ माना जाता है। हाथी स्थिरता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, जब मां हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं, तो यह संकेत देता है कि आने वाला समय सुख, शांति और आर्थिक स्थिरता लेकर आएगा। यह स्थिति जीवन में संतुलन और प्रगति का संकेत भी मानी जाती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की सवारी सप्ताह के दिन के अनुसार बदलती रहती है और हर सवारी का अलग महत्व होता है। उदाहरण के लिए, रविवार और सोमवार को प्रस्थान होने पर मां की सवारी भैंसा मानी जाती है, जिसे अशुभ माना जाता है क्योंकि यह रोग और शोक का प्रतीक है। वहीं, मंगलवार और शनिवार को प्रस्थान होने पर सवारी मुर्गा होती है, जो कुछ स्थानों पर महामारी या जनहानि का संकेत माना जाता है।

    इसके विपरीत, बुधवार और शुक्रवार को मां की सवारी हाथी मानी जाती है, जो बेहद शुभ संकेत देता है और जीवन में सुख-समृद्धि, स्थिरता और उन्नति का प्रतीक होता है। गुरुवार को प्रस्थान होने पर मां मनुष्य के कंधे पर सवार होकर जाती हैं, जिसे भक्त और देवी के बीच विशेष आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।

    विगत वर्ष 2025 की शारदीय नवरात्रि में भी मां का आगमन हाथी पर हुआ था, जो शुभ संकेत था, लेकिन प्रस्थान गुरुवार को भक्तों के कंधे पर हुआ था, जो संतुलन और मिश्रित परिणामों का संकेत माना गया।

     नवरात्रि में मां के आगमन और प्रस्थान की सवारी को भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है। इस वर्ष जहां पालकी पर आगमन कुछ सावधानी बरतने का संदेश देता है, वहीं हाथी पर प्रस्थान आने वाले समय में स्थिरता और सकारात्मकता की उम्मीद जगाता है। यह पर्व न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि जीवन में संतुलन और चेतना का संदेश भी देता है।

  • हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक और ज्योतिषीय महत्व

    हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक और ज्योतिषीय महत्व


    नई दिल्ली। भारतीय परंपरा में गुड़ी पड़वा और उगादी के साथ हिंदू नववर्ष की शुरुआत बेहद खास मानी जाती है। इस बार 19 मार्च से नवसंवत्सर की शुरुआत हो रही है। इस दिन सुबह पूजा के बाद नीम की पत्तियां और मिश्री या गुड़ खाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है जिसका गहरा धार्मिक दार्शनिक और वैज्ञानिक महत्व है।

    नीम और मिश्री जीवन का संतुलन

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नववर्ष के पहले दिन नीम और मिश्री का सेवन जीवन के कड़वे और मीठे अनुभवों का प्रतीक है। नीम का कड़वा स्वाद जीवन की चुनौतियों संघर्ष और कठिनाइयों को दर्शाता है वहीं मिश्री की मिठास सुख सफलता और खुशियों का संकेत देती है। यह परंपरा सिखाती है कि जीवन में सुख दुख दोनों का संतुलन जरूरी है और हर परिस्थिति को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

    पौराणिक महत्व

    शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा ने चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को सृष्टि की रचना की थी। इसी कारण इस दिन को नववर्ष और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की जाती है।

    आयुर्वेदिक दृष्टि से भी लाभकारी

    आयुर्वेद के अनुसार मौसम बदलने के समय यानी बसंत से गर्मी में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नीम की पत्तियों में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। वहीं मिश्री शरीर को ऊर्जा देती है और नीम की कड़वाहट को संतुलित करती है।

    कैसे किया जाता है सेवन

    कई जगहों पर नीम की कोमल पत्तियों को मिश्री गुड़ इमली या कच्चे आम के साथ मिलाकर खाया जाता है। इसे नववर्ष की शुभ शुरुआत और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

    इस वर्ष कौन होगा राजा और मंत्री?

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जिस दिन नववर्ष शुरू होता है उसी दिन का ग्रह उस वर्ष का राजा माना जाता है। इस बार नववर्ष गुरुवार को पड़ रहा है इसलिए गुरु ग्रह वर्ष के राजा होंगे जबकि मंगल ग्रह को मंत्री माना गया है।इसके अलावा इस वर्ष चंद्र देव सेनापति मेघाधिपति और फलधिपति रहेंगे। गुरु ग्रह नीरसाधिपति धनाधिपति और सस्याधिपति भी होंगे जबकि बुध धान्याधिपति और शनि रसाधिपति माने गए हैं। कुल मिलाकर हिंदू नववर्ष पर नीम मिश्री खाने की परंपरा केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि जीवन दर्शन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक गहरा संदेश भी देती है।

  • खरमास 2026: आज से शुरू, एक माह तक रहेंगे इन बातों का ध्यान

    खरमास 2026: आज से शुरू, एक माह तक रहेंगे इन बातों का ध्यान


    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव किसी राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे संक्रांति कहा जाता है। विशेष रूप से जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास या मलमास लगता है। हिंदू धर्म में इस समय को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता, लेकिन पूजा पाठ, दान और जप तप के लिए इसे विशेष लाभकारी माना गया है।

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष खरमास 15 मार्च 2026 से शुरू हो चुका है और सूर्य के 13 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करने पर यह समाप्त होगा। इस दिन को मेष संक्रांति कहा जाएगा। इसके बाद फिर से मांगलिक कार्य शुरू किए जा सकते हैं और 20 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे।

    त्रिग्रही योग का प्रभाव
    मीन राशि में पहले से विराजमान शुक्र और शनि के साथ सूर्य के प्रवेश से त्रिग्रही योग बनता है। इसका सकारात्मक प्रभाव मिथुन, तुला, वृषभ, कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों पर आर्थिक लाभ, मान सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के रूप में देखा जा सकता है।

    मांगलिक कार्य वर्जित

    खरमास के दौरान ग्रहों की शुभ दृष्टि का प्रभाव कम होने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन और अन्य मांगलिक कार्य टालने की परंपरा है। साथ ही नए व्यापार की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।

    खरमास में क्या ना करें

    भगवान, गुरु, माता पिता, गाय और स्त्री की निंदा न करें।

    जरूरतमंद को खाली हाथ लौटाना अशुभ माना गया है।

    नए वाहन या घर खरीदने से परहेज करें।

    विवाद और झगड़ों से दूर रहें।

    खरमास में क्या करें

    दान पुण्य, पूजा और धार्मिक कार्य करें। 

    रामायण, गीता और सत्यनारायण कथा का पाठ लाभकारी है।सूर्य देव, भगवान शिव और विष्णु की पूजा से घर परिवार में सुख शांति और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

  • आज का राशिफल 12 मार्च 2026: व्यापार में होगा लाभ, धन की होगी वर्षा; पढ़ें सभी राशियों की स्थिति

    आज का राशिफल 12 मार्च 2026: व्यापार में होगा लाभ, धन की होगी वर्षा; पढ़ें सभी राशियों की स्थिति


    नई दिल्ली । 12 मार्च 2026 का दिन ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ और लाभदायक है। व्यापार करियर और आर्थिक मामलों में कुछ राशियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं जबकि कुछ को स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मेष

    आज का दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा और परिवार में तालमेल बना रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

    वृषभ

    जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। परिवार में मतभेद संभव हैं। कार्यस्थल पर विरोधियों से सावधान रहें। व्यापार सामान्य रहेगा।

    मिथुन

    मन प्रसन्न रहेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। कार्यक्षेत्र में बदलाव लाभदायक साबित होगा। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है।

    कर्क

    जीवनशैली में बदलाव करेंगे। व्यापार में लाभ की संभावना है। नई पार्टनरशिप के योग बन सकते हैं। यात्रा में सावधानी रखें।

    सिंह

    पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं। व्यापार में सफलता मिलेगी। नई शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। वाणी से रुके कार्य पूरे होंगे।

    कन्या

    दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा में सतर्क रहें।

    तुला

    स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। नया कार्य शुरू करने से पहले सोच समझकर निर्णय लें। व्यापार और नौकरी में स्थिति सामान्य रहेगी।

    वृश्चिक

    नई योजनाएं बन सकती हैं और मित्रों का सहयोग मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मतभेद हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    धनु

    नई योजनाओं पर कार्य करेंगे। यात्रा के योग हैं। व्यापार में नए प्रयोग लाभ देंगे और अधिकारियों से सहयोग मिलेगा।

    मकर

    अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में कठिनाई हो सकती है। अनावश्यक धन हानि की संभावना रहेगी। सोच समझकर निर्णय लें।

    कुंभ

    महत्वपूर्ण निर्णय लेने का दिन है। नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा। भूमि संबंधी मामलों में धन खर्च हो सकता है।

    मीन

    अपने विचारों से लोगों को प्रभावित करेंगे। व्यापार में लाभ और नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। किसी की बातों में आकर जल्दबाजी में निर्णय न लें।

    आज का राशिफल यह संकेत देता है कि आर्थिक मामलों और व्यापार में सफलता पाने के लिए समझदारी और धैर्य जरूरी है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने से दिन बेहतर तरीके से बीतेगा।

  • खरमास 2026: 15 मार्च से मांगलिक कार्यों पर विराम, अप्रैल-मई में विवाह के शुभ मुहूर्त

    खरमास 2026: 15 मार्च से मांगलिक कार्यों पर विराम, अप्रैल-मई में विवाह के शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में ग्रहों की चाल और शुभ मुहूर्त का अत्यंत महत्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित गिरिधर गोपाल चौबे के अनुसार जब सूर्य देव बृहस्पति गुरु की राशि मीन में प्रवेश करते हैं तब खरमास का आरंभ होता है। साल 2026 में यह गोचर 14 मार्च की मध्य रात्रि को तड़के 3:07 बजे होगा और 15 मार्च से मीन संक्रांति के साथ ही खरमास शुरू हो जाएगा।

    खरमास की अवधि में विवाह गृह प्रवेश मुंडन और नए व्यापार जैसी मांगलिक गतिविधियों पर रोक रहती है। पंडित चौबे बताते हैं कि इस समय पूजा पाठ दान और तप अत्यंत शुभ और फलदायी माने जाते हैं। सूर्य जब गुरु की राशियों धनु या मीन में होते हैं तो उनका तेज और प्रभाव विवाह जैसे भौतिक सुखों वाले कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।

    विवाह के लिए शुक्र और गुरु ग्रह का उदय और शुभ स्थिति जरूरी है। गुरु को कन्या की कुंडली में पति का कारक और शुक्र को वर की कुंडली में पत्नी और दाम्पत्य सुख का प्रतीक माना जाता है। यदि ये ग्रह अस्त हों तो विवाह संपन्न नहीं किया जाता। इस वर्ष 28 फरवरी को शुक्र के मीन राशि में प्रवेश के बाद स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

    विवाह के लिए शुभ नक्षत्र जैसे रोहिणी मृगशिरा और रेवती शुभ तिथि और अनुकूल लग्न का संयोग होना आवश्यक है। रविवार सोमवार बुधवार गुरुवार और शुक्रवार को विशेष रूप से विवाह के लिए अनुकूल दिन माने जाते हैं।

    खरमास की समाप्ति 14 अप्रैल 2026 को होगी जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश कर मेष संक्रांति मनाएंगे। इसके तुरंत बाद विवाह जैसे मांगलिक कार्य फिर से शुरू किए जा सकते हैं। मिथिला पंचांग के अनुसार अप्रैल में 17 20 26 और 30 तारीखें और बनारसी पंचांग के अनुसार 15 16 20 21 25–30 अप्रैल की तिथियां विवाह के लिए अति शुभ हैं। मई माह में मिथिला पंचांग के अनुसार 1 6 8 10 और 13 मई और बनारसी पंचांग के अनुसार 1–8 12 और 13 मई को विवाह के विशेष योग बन रहे हैं।

    ग्रीष्मकाल में भी शुभ संयोग मिलते हैं। जून में 19 24–26 28 और 29 जून और जुलाई में 1 2 3 6 9 12 मिथिला पंचांग और 1 2 6–8 11 12 बनारसी पंचांग को विवाह के लिए अनुकूल मुहूर्त हैं। इसके बाद देवशयनी एकादशी के आसपास से पुनः मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।

    पंडित चौबे कहते हैं कि जातकों को अपनी कुंडली के अनुसार स्थानीय विद्वान से सलाह लेकर ही लग्न तय करना चाहिए ताकि ग्रहों का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो। इस प्रकार 15 मार्च से 14 अप्रैल 2026 तक खरमास रहेगा और इसके बाद अप्रैल मई के बीच विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए कई श्रेष्ठ मुहूर्त उपलब्ध हैं।