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  • सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार

    सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश: के सतना में शादी करने से इनकार करने पर एक युवक ने 32 वर्षीय महिला पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घटना गुरुवार को धवारी तिराहे के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक हुई। महिला घर से पैदल अपनी ड्यूटी पर जा रही थी, तभी स्कूटी से पहुंचे आरोपी ने पीछे से उस पर चाकू से वार कर दिया। हमले में महिला के पेट और कमर के बीच के हिस्से के अलावा गले में भी गंभीर चोटें आईं। घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने घटना के बाद फरार हो रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला सतना के बजरहा टोला की रहने वाली है और शहर के एक होटल में नौकरी करती है। गुरुवार को वह रोजाना की तरह घर से पैदल होटल में ड्यूटी करने जा रही थी। इसी दौरान धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक स्कूटी से पहुंचे सूरज जाटव ने उस पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया।

    महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की।

    पीड़िता की पारिवारिक स्थिति के अनुसार, वह शादी के बाद अपने पति के साथ दिल्ली में रहती थी। वर्ष 2020 में पति की मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ सतना में मायके आकर रहने लगी। बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए उसने शहर के एक होटल में नौकरी शुरू की।

    महिला ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2024 में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए वह सागर गई थी। वहां उसकी मुलाकात सूरज जाटव से हुई। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत शुरू हुई। महिला का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सूरज उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। उसके इनकार करने पर आरोपी उसे बार-बार धमकियां देता था।

    महिला के मुताबिक, शादी के लिए सहमति नहीं मिलने पर आरोपी सागर से स्कूटी लेकर सतना पहुंचा। उसने लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय की और महिला के घर से निकलते ही उसका पीछा करना शुरू कर दिया। धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक पहुंचने पर उसने चलती स्कूटी से महिला पर चाकू से हमला कर दिया।

    दिनदहाड़े हुई वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। नगर पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा की अगुवाई में टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान सूरज जाटव के रूप में हुई। वह सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर, गुलाब गली, वार्ड नंबर तीन का निवासी है। उसके पिता का नाम इमरत लाल जाटव बताया गया है।

    पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को स्कूटी सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई में उप निरीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक राहुल सिंह, चीतेन्द्र पांडेय और आरक्षक अजीत सिंह शामिल रहे।

  • सैफ अली खान पर हमले का असर आज भी कायम, चाकू देखते ही बदल जाता है रिएक्शन; बोले- किस्मत बहुत अच्छी थी

    सैफ अली खान पर हमले का असर आज भी कायम, चाकू देखते ही बदल जाता है रिएक्शन; बोले- किस्मत बहुत अच्छी थी

    नई दिल्ली । बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर उनके घर के भीतर जनवरी 2025 में जो हमला हुआ था, उससे वह अभी तक नहीं उबर पाए हैं। सैफ अली खान ने एक हालिया इंटरव्यू में बताया कि उन पर हुए अटैक की वजह से वह लगभग पैरालाइज्ड हो गए थे। सैफ अली खान ने बताया कि जिस वक्त वह खून से लथपथ थे, वह यही सोच रहे थे कि वह एक योद्धा की तरह मरना चाहते हैं। सैफ अली खान ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने इस घटना के बाद खुद को संभाला और आज तक चाकू को देखकर उनका रिएक्शन बदल जाता है।

    करीना को उबरने में थोड़ा वक्त लगा

    सैफ अली खान ने बातचीत में कहा, “हमने बहुत अच्छी तरह इस सबका सामना किया है। मुझे लगता है कि जो इंसान इस सबसे बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ, वह मेरी पत्नी (करीना कपूर खान) हैं। वह आमतौर पर बहुत संवेदनशील इंसान हैं। हम सब तो बहुत जल्दी इससे उबर गए। हालांकि यह बहुत बड़ी घटना थी। मैं भी अभी 100% इससे नहीं उबर पाया हूं, क्योंकि अगर आज भी मैं अपने सामने चाकू देख लेता हूं, तो इसकी वजह से मैं अचानक रिएक्ट कर जाता हूं।” सैफ ने यह भी बताया कि कैसे वह बहुत गंभीर नुकसान होने से बाल-बाल बचे हैं।

    सैफ ने कहा- बहुत अच्छी रही किस्मत

    सैफ अली खान ने बताया, “मैंने इसके बारे में सोचना शुरू किया। मेरी किस्मत बहुत अच्छी थी कि चाकू टूट गया। यह शायद चाकू से किए गए हमलों के इतिहास का सबसे खराब चाकू रहा होगा। अगर उसके पास कोई प्रॉपर रैम्बो नाइफ होता, तो मैं बच नहीं पाता। आप घुसेड़ दीजिए और यह कहीं भी आर-पार हो जाएगा। मुझे हर जगह कट लगे हुए थे, लेकिन मैं मरा नहीं। मैं बता नहीं सकता कि मैं कितना किस्मतवाला रहा हूं। लेकिन इसकी एक दूसरी साइड भी है, मेरा एक हिस्सा जानता है कि क्या हुआ था। मैं इस इंसान को भी खुशी खुशी माफ कर देता।”

    सैफ ने जताईं हमलावर के प्रति संवेदना

    सैफ अली खान ने अपने बाल-बाल बचने और अपनी सेहत की बात करते हुए ही, उन पर हमला करने वाले के प्रति भी संवेदना जाहिर की। एक्टर ने कहा- ये सब चीजें असमानता के चलते होती हैं। क्योंकि किसी को पैसों की बहुत सख्त जरूरत है। मुझे नहीं लगता कि उसे पता था कि वह कहां पर है और क्या कर रहा है। अगर उसे पता होता, तो यह होता ही नहीं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना रही है। उसकी किस्मत बहुत खराब थी, क्योंकि मुझे लगता है कि वह काफी वक्त तक बहुत ज्यादा दिक्कत में रहा। मैं लगभग पैरालाइज हो गया था।

    बदला है जिंदगी को लेकर नजरिया

    सैफ ने बताया कि वह कुछ वक्त तक अपने पैरों को महसूस नहीं कर पा रहे थे। उनकी स्पाइनल कॉर्ड बाल-बाल बची थी, लेकिन कटी नहीं थी। यकीन नहीं होता। जब सैफ अली खान से पूछा गया कि क्या इस हमले ने उनका जिंदगी को लेकर नजरिया बदला है? तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- शायद, क्योंकि कुछ तो है जो मेरे जेहन में रह गया, कि मुझे अपने परिवार और दोस्तों के लिए थोड़ा और अवेलिबल रहना चाहिए। मुझे याद है कि मैं हॉस्पिटल के बेड पर लेटा सोच रहा था कि मैं अपने दोस्तों के साथ बैठकर अच्छी वाइन पीना चाहता हूं।

    ‘एक योद्धा की मौत अच्छी होती है’

    सैफ अली खान बताया कि वह सोचा करते थे कि वह अपनी जिंदगी को एन्जॉय करना चाहते हैं। अच्छा होता कि मेरी जिंदगी खत्म हो गई होती, क्योंकि योद्धा की मौत अच्छी होती हैं। सैफ ने कहा कि वह लकवाग्रस्त होकर पड़े रहने से मर जाना पसंद करेंगे।

  • सऊदी अरब में हूतियों का बड़ा हमला: शरूराह के सैन्य ठिकाने पर बरसाए मिसाइल-ड्रोन

    सऊदी अरब में हूतियों का बड़ा हमला: शरूराह के सैन्य ठिकाने पर बरसाए मिसाइल-ड्रोन


    नई दिल्ली। मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के शरूराह में एक सैन्य ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला करने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर कहा कि हमले में सैन्य अड्डे के हथियार डिपो और कमांड-एंड-कंट्रोल रूम को निशाना बनाया गया।

    याहिया सारी के मुताबिक, हमले में बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल किए गए और सभी निर्धारित लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। उन्होंने इसे यमन के खिलाफ सऊदी अरब की कथित लगातार आक्रामक कार्रवाई का जवाब बताया। हूती प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि सऊदी हमले जारी रहते हैं तो आने वाले दिनों में सऊदी अरब के अंदरूनी इलाकों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

    जीजान में प्रोजेक्टाइल गिरने से दो घायल

    हूती हमले से नुकसान की पुष्टि सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा ने भी की है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, यमन की ओर से दागा गया एक प्रोजेक्टाइल जीजान में गिरा, जिससे दो लोग घायल हुए हैं।

    प्रोजेक्टाइल गिरने से एक स्थानीय मस्जिद, कई रिहायशी इमारतों और कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, शरूराह के सैन्य ठिकाने पर हुए कथित हमले में कितना नुकसान हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

    मयून द्वीप पर कब्जे का भी दावा

    इससे पहले हूतियों ने लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में स्थित मयून द्वीप (पेरिम) पर कब्जा करने का दावा किया था। इसके बाद मोखा बंदरगाह शहर से जुड़े घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। हूतियों के मुताबिक, सऊदी अरब ने इसके जवाब में मोखा एयरपोर्ट पर कई हमले किए।

    हूतियों ने दावा किया था कि लाल सागर में तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही के लिहाज से अहम इस क्षेत्र पर नियंत्रण के जरिए वे और ईरान अमेरिका पर वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ाने का दबाव बनाना चाहते हैं।

    हालांकि, इन दावों और सैन्य ठिकाने को हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच हूतियों और सऊदी अरब, दोनों पक्षों के बयानों को अलग-अलग स्रोतों से सत्यापित किया जाना बाकी है।

  • जयशंकर की जेलेंस्की से मुलाकात के बीच कीव पर रूसी ड्रोन हमला

    जयशंकर की जेलेंस्की से मुलाकात के बीच कीव पर रूसी ड्रोन हमला

    कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर जब कीव में उनसे मुलाकात कर रहे थे, उसी दौरान रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन हमला किया। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस की ओर से जेट इंजन वाले ‘शाहेद’ ड्रोन लॉन्च किए गए थे। यूक्रेन पहले भी इन ड्रोन के विकास में ईरान की मदद का आरोप लगाता रहा है।

    जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने ज्यादातर ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जिसके चलते जयशंकर के नेतृत्व वाला भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा।

    युद्ध खत्म करने के रास्तों पर हुई चर्चा

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की। बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के संभावित रास्तों के साथ-साथ भारत और यूक्रेन के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

    जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने जेलेंस्की को यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी। दोनों पक्षों के बीच चर्चा का प्रमुख मुद्दा युद्ध का समाधान तलाशना रहा।

    इसी मुलाकात के दौरान कीव में रूसी ड्रोन हमले की खबर सामने आई।

    जेलेंस्की ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का किया जिक्र

    जेलेंस्की ने अपने बयान में खास तौर पर जयशंकर के प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने ज्यादातर ड्रोन को नष्ट कर दिया और इसी कारण भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा।

    यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक, जिस समय जयशंकर उनके साथ कीव में मौजूद थे, उसी वक्त रूस ने एक बार फिर जेट इंजन वाले शाहेद ड्रोन लॉन्च किए। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जयशंकर ऐसे समय यूक्रेन पहुंचे थे जब राजधानी में रूसी हवाई हमलों का खतरा बना हुआ था।

    जेलेंस्की ने दुनिया से मांगा स्पष्ट रुख

    जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और दुनिया की प्रमुख शक्तियों से रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युद्ध को समाप्त करने की जरूरत है और शांति ऐसी होनी चाहिए जो भरोसेमंद और लंबे समय तक टिकाऊ रहे।

    उन्होंने भारत के रुख का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता की सराहना करता है।

    बंदरगाहों और खाद्य आपूर्ति को लेकर रूस पर आरोप

    यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस पर यूक्रेन के बंदरगाहों, खाद्य गलियारे और आपूर्ति व्यवस्था को बाधित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने खास तौर पर ब्लैक सी में नागरिक जहाजों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया।

    जेलेंस्की का तर्क है कि समुद्री मार्गों में किसी भी तरह की रुकावट का असर केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा। इससे उन क्षेत्रों में भी खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जो इन समुद्री रास्तों पर निर्भर हैं।

    जयशंकर की कीव यात्रा के दौरान हुई यह मुलाकात और उसी समय सामने आया ड्रोन हमला रूस-यूक्रेन युद्ध की मौजूदा स्थिति की गंभीरता को भी रेखांकित करता है।

  • लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, जॉर्डन में US सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी

    लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, जॉर्डन में US सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी


    नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर दो सैन्य लॉन्चरों को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमले में कई ईरानी सैन्यकर्मी और नागरिक मारे गए तथा घायल हुए हैं।

    अमेरिका ने लारक द्वीप पर दो लॉन्चरों को बनाया निशाना

    अमेरिकी सेना ने रविवार को लारक द्वीप पर दो ईरानी लॉन्चरों पर हमला किया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, IRGC के जवान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री खदानें बिछाने के लिए रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे।

    यह जुलाई के अंत के बाद ईरान के भीतर अमेरिका का पहला ज्ञात हमला बताया जा रहा है। उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े दो सप्ताह के अमेरिकी सैन्य अभियान को रोक दिया था।

    एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस और बाद में रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सेना ने दो ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाया। अधिकारी के मुताबिक, अमेरिकी सेना इलाके पर करीबी नजर रख रही है और जलडमरूमध्य से होकर व्यापार के मुक्त प्रवाह की सुरक्षा के लिए तैयार है।

    समुद्री खदानों को लेकर अमेरिका की जीरो टॉलरेंस नीति

    अमेरिकी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी सेना ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य के मुख्य शिपिंग रूट से समुद्री खदानें हटाने का अभियान पूरा किया था।

    इसके बाद ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि समुद्री खदानें बिछाने में शामिल किसी भी जहाज या नाव को तुरंत और व्यवस्थित तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा था कि समुद्री खदानें बिछाने को लेकर अमेरिका की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है।

    ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया

    लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में IRGC ने सोमवार को दावा किया कि उसने जॉर्डन में किंग हुसैन और अल-अज्रक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। ईरानी मीडिया ने इसकी जानकारी दी।

    इससे पहले IRGC ने कहा था कि अमेरिकी हमले का जवाब ईरान के लोग देंगे और हमलावर को इसकी कीमत चुकानी होगी। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमले में कई ईरानी सैन्यकर्मी और नागरिक मारे गए तथा घायल हुए हैं।

    IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि लारक द्वीप पर हमले की कीमत अमेरिका को आर्थिक और सैन्य, दोनों मोर्चों पर चुकानी होगी।

    ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत का भी दावा

    IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अलग से दावा किया कि हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी के मुताबिक, इसमें दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए हैं।

    ईरान की ताजा जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका है। अमेरिका अब सीधे बमबारी अभियान के साथ-साथ ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। यह संघर्ष अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है।

  • CJI सूर्यकांत ने NALSAR छात्रों के विवाद में BCI को फटकारा, कहा विरोध के कारण छात्रों का करियर प्रभावित नहीं होना चाहिए

    CJI सूर्यकांत ने NALSAR छात्रों के विवाद में BCI को फटकारा, कहा विरोध के कारण छात्रों का करियर प्रभावित नहीं होना चाहिए


    नई दिल्ली ।महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले के एक दिन बाद शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने पंजाब की शांति, धार्मिक सद्भाव और देश के विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    सुखबीर बादल ने कहा कि कुछ ताकतें पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल और सांप्रदायिक भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोशिशों से वह पीछे नहीं हटेंगे और राज्य में शांति तथा सभी समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे।

    उन्होंने कहा कि उनके लिए पंजाब और देश का विकास सबसे महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही धार्मिक और सांप्रदायिक सद्भाव को भी उन्होंने उतना ही अहम बताया। उनके मुताबिक, पंजाब की सामाजिक संरचना और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए।

    सुखबीर बादल ने अपने पिता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल ने हमेशा सभी समुदायों और क्षेत्रों को साथ लेकर चलने की कोशिश की। उनके अनुसार, उनके पिता की राजनीति में सांप्रदायिक सौहार्द और पंजाब की शांति को विशेष महत्व दिया जाता था।

    सुखबीर बादल ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल ने कभी उन ताकतों के सामने समझौता नहीं किया, जो पंजाब के शांतिपूर्ण वातावरण को प्रभावित करना चाहती थीं। उन्होंने इसी सोच को आगे बढ़ाने की बात कही और कहा कि राज्य में भाईचारा बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

    नांदेड़ की घटना का जिक्र करते हुए सुखबीर बादल ने अपने ऊपर हुए पिछले हमले की भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं का संबंध बेहद पवित्र धार्मिक स्थलों से है। उन्होंने पहले अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और अब नांदेड़ स्थित तख्त हजूर साहिब में हुई घटनाओं का उल्लेख किया।

    उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी कोशिशें क्यों न की जाएं, अंतिम निर्णय ईश्वर के हाथ में है। सुखबीर बादल ने विश्वास जताया कि गुरु साहिब का आशीर्वाद उनके साथ है और पंजाब की शांति को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतें अपने उद्देश्य में सफल नहीं होंगी।

    अकाली दल प्रमुख ने कहा कि पंजाब ने लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों का सामना किया है और राज्य की जनता शांति तथा भाईचारे को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना का असर पंजाब के सामाजिक माहौल पर नहीं पड़ना चाहिए और सभी समुदायों को संयम बनाए रखना जरूरी है।

    सुखबीर बादल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ऐसी घटनाओं से भयभीत होकर अपनी राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने पंजाब की एकता, धार्मिक सद्भाव और विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

    नांदेड़ की घटना के बाद उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और पंजाब के सामाजिक माहौल को लेकर चर्चा तेज है। बादल ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी ऐसी कोशिश को सफल नहीं होने देने की अपील की, जिससे समुदायों के बीच तनाव पैदा हो सकता है।

  • नांदेड़ हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कहा, डरने वाला नहीं, पंजाब की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव सर्वोच्च प्राथमिकता

    नांदेड़ हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कहा, डरने वाला नहीं, पंजाब की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव सर्वोच्च प्राथमिकता

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले के एक दिन बाद शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने पंजाब की शांति, धार्मिक सद्भाव और देश के विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    सुखबीर बादल ने कहा कि कुछ ताकतें पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल और सांप्रदायिक भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोशिशों से वह पीछे नहीं हटेंगे और राज्य में शांति तथा सभी समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे।

    उन्होंने कहा कि उनके लिए पंजाब और देश का विकास सबसे महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही धार्मिक और सांप्रदायिक सद्भाव को भी उन्होंने उतना ही अहम बताया। उनके मुताबिक, पंजाब की सामाजिक संरचना और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए।

    सुखबीर बादल ने अपने पिता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल ने हमेशा सभी समुदायों और क्षेत्रों को साथ लेकर चलने की कोशिश की। उनके अनुसार, उनके पिता की राजनीति में सांप्रदायिक सौहार्द और पंजाब की शांति को विशेष महत्व दिया जाता था।

    सुखबीर बादल ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल ने कभी उन ताकतों के सामने समझौता नहीं किया, जो पंजाब के शांतिपूर्ण वातावरण को प्रभावित करना चाहती थीं। उन्होंने इसी सोच को आगे बढ़ाने की बात कही और कहा कि राज्य में भाईचारा बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

    नांदेड़ की घटना का जिक्र करते हुए सुखबीर बादल ने अपने ऊपर हुए पिछले हमले की भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं का संबंध बेहद पवित्र धार्मिक स्थलों से है। उन्होंने पहले अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और अब नांदेड़ स्थित तख्त हजूर साहिब में हुई घटनाओं का उल्लेख किया।

    उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी कोशिशें क्यों न की जाएं, अंतिम निर्णय ईश्वर के हाथ में है। सुखबीर बादल ने विश्वास जताया कि गुरु साहिब का आशीर्वाद उनके साथ है और पंजाब की शांति को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतें अपने उद्देश्य में सफल नहीं होंगी।

    अकाली दल प्रमुख ने कहा कि पंजाब ने लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों का सामना किया है और राज्य की जनता शांति तथा भाईचारे को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना का असर पंजाब के सामाजिक माहौल पर नहीं पड़ना चाहिए और सभी समुदायों को संयम बनाए रखना जरूरी है।

    सुखबीर बादल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ऐसी घटनाओं से भयभीत होकर अपनी राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने पंजाब की एकता, धार्मिक सद्भाव और विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

    नांदेड़ की घटना के बाद उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और पंजाब के सामाजिक माहौल को लेकर चर्चा तेज है। बादल ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी ऐसी कोशिश को सफल नहीं होने देने की अपील की, जिससे समुदायों के बीच तनाव पैदा हो सकता है।

  • जंगल से ‘गुलेल’ की तरह मिसाइल-ड्रोन लॉन्च कर रहे हूती, सऊदी की तेल फैसिलिटी पर हमला

    जंगल से ‘गुलेल’ की तरह मिसाइल-ड्रोन लॉन्च कर रहे हूती, सऊदी की तेल फैसिलिटी पर हमला


    नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और यमन के रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का वीडियो जारी किया है। फुटेज में हूती लड़ाके खुले मैदानों और जंगल जैसे इलाकों से एक के बाद एक मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करते दिखाई दे रहे हैं। लॉन्चिंग का तरीका ऐसा नजर आता है, मानो किसी गुलेल से निशाना साधकर प्रोजेक्टाइल छोड़ा जा रहा हो। हूतियों की ओर से यह वीडियो ऐसे समय जारी किया गया है, जब संगठन ने सऊदी अरब की एक अहम तेल सुविधा और यमन के मोखा बंदरगाह को निशाना बनाने का दावा किया है।

    जिजान में अरामको रिफाइनरी से जुड़ी सुविधा पर ड्रोन हमला
    हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि हमलों में सऊदी सैनिकों की मौजूदगी वाले इलाकों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। इसी दौरान सऊदी अरब के जिजान में स्थित अरामको रिफाइनरी से जुड़ी एक सुविधा पर ड्रोन हमला किए जाने का भी दावा किया गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने एक सुविधा में आग लगने की पुष्टि की। हालांकि, आग पर बाद में काबू पा लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

    मोखा बंदरगाह पर हमले में 7 लोगों की मौत
    हूतियों के हमले का दूसरा बड़ा निशाना यमन का मोखा बंदरगाह बना। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के नियंत्रण में है और लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के करीब स्थित है। यमनी सरकार से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई। मृतकों में चार सैनिक और तीन नागरिक शामिल हैं। वहीं, 30 नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हमले में बंदरगाह की इमारतों, पियर्स और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचा।

    मिसाइल और ड्रोन के साथ मानवरहित नाव का भी दावा
    हूतियों ने इन हमलों को सऊदी ड्रोन के यमन के हज्जाह और सादा प्रांतों में घुसने की कार्रवाई का जवाब बताया है। यमनी सेना के मुताबिक, हमले में मिसाइल और ड्रोन के अलावा विस्फोटकों से लदी एक मानवरहित नाव के इस्तेमाल की कोशिश भी की गई। जारी वीडियो में हूती लड़ाकों को अलग-अलग स्थानों से मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करते हुए दिखाया गया है। इससे संगठन की हमले करने की रणनीति और इस्तेमाल किए जा रहे हथियारों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

    2022 के बाद फिर बढ़ सकती है क्षेत्रीय अशांति
    इन घटनाओं ने यमन में 2022 के बाद से बनी अपेक्षाकृत शांत स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोखा बंदरगाह बाब-अल-मंदेब के नजदीक है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। ऐसे में यदि इलाके में हूती हमले और जवाबी सैन्य कार्रवाई बढ़ती है, तो इसका असर केवल यमन और सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहेगा। लाल सागर के समुद्री व्यापार मार्गों के साथ-साथ क्षेत्र की शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ सकता है।

  • बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के आवास पर पथराव और आगजनी की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

    बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के आवास पर पथराव और आगजनी की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । बांग्लादेश में गहराते राजनीतिक संकट के बीच पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट कप्तान शाकिब अल हसन के मगुरा स्थित पैतृक आवास पर अज्ञात उपद्रवियों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके मकान पर जमकर पथराव किया, जिससे खिड़कियों के कांच टूट गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और पूरे इलाके में सुरक्षा के सख्त इंतजाम कर दिए गए हैं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय घर के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।

    प्राथमिक जांच के अनुसार, हमलावरों ने मकान के मुख्य प्रवेश द्वार को भी निशाना बनाया और वहां आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, हालांकि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

    शाकिब अल हसन बांग्लादेश के एक प्रमुख खिलाड़ी होने के साथ-साथ हालिया वर्षों में सक्रिय राजनीति का हिस्सा भी रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल में आम चुनाव लड़ा था और संसद सदस्य चुने गए थे। खेल के साथ-साथ राजनीति में उनकी भागीदारी के कारण वे अक्सर विभिन्न सार्वजनिक चर्चाओं और विवादों के केंद्र में रहे हैं। देश में हुए बड़े तख्तापलट के बाद से ही उनका राजनीतिक करियर और व्यक्तिगत जीवन काफी संवेदनशील स्थिति में बना हुआ है।

    यह हमला उस वक्त हुआ जब शाकिब ने घटना से कुछ ही समय पहले एक वर्चुअल सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जहां देश के मौजूदा हालात पर विचार-विमर्श किया जा रहा था। इस कार्यक्रम के तुरंत बाद उनके आवास पर हुए हमले को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे बिना जांच पूरी हुए किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रहे हैं और सभी संभावित कोणों से मामले की पड़ताल की जा रही है।

    देश में सत्ता परिवर्तन के बाद से शाकिब अल हसन बांग्लादेश से बाहर ही रह रहे हैं। उनके खिलाफ कई नए आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिस पर उन्होंने पहले बयान दिया था कि पर्याप्त सुरक्षा मिलने की स्थिति में ही वे स्वदेश लौटने पर विचार करेंगे। फिलहाल वे विदेशों में आयोजित विभिन्न टी20 क्रिकेट लीगों में खेल रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और खिलाड़ी की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

    इस घटना के बाद बांग्लादेशी खेल जगत और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है ताकि किसी भी अन्य अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। अब हर किसी की निगाहें पुलिस जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस हमले के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों और उनकी मंशा का खुलासा हो सकेगा।

  • रिमोट के बटन को लेकर शुरू हुई मामूली तकरार ने लिया खूनी रूप, भोपाल में सिर पर वार लगने से पति अस्पताल में भर्ती

    रिमोट के बटन को लेकर शुरू हुई मामूली तकरार ने लिया खूनी रूप, भोपाल में सिर पर वार लगने से पति अस्पताल में भर्ती

     मध्य प्रदेश। की राजधानी भोपाल में घरेलू विवाद का एक अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। टेलीविजन पर मनपसंद चैनल देखने और रिमोट कंट्रोल को लेकर पति-पत्नी के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। तैश में आई पत्नी ने घर में रखे धारदार हंसिए से पति पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    मिली जानकारी के अनुसार यह घटना भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित व्यक्ति पेशे से मजदूर है और अपने परिवार के साथ रहता है। घटना वाले दिन वह काम निपटाकर घर पर टीवी देख रहा था। इसी दौरान उसने रिमोट लेकर अपनी पसंद का चैनल लगा दिया। इस बात पर पत्नी की उससे कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच तकरार इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर महिला ने पास रखा हंसिया उठाकर पति के सिर और चेहरे पर वार कर दिया।

    अचानक हुए हमले में पति लहूलुहान होकर गिर पड़ा। चीख-पुकार और शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव किया। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल पति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल भी तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

    छोला मंदिर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल पति के बयान दर्ज किए और आरोपी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में टीवी का चैनल बदलने को लेकर हुआ विवाद ही हमले की मुख्य वजह सामने आया है। दंपती के दो बच्चे हैं और पड़ोसियों के अनुसार उनके बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर आपस में कहासुनी होती रहती थी।

    इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।