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  • बिहार के बक्सर में PM मोदी पर हमले की साजिश….1 गिरफ्तार, दुश्मन देशों के संपर्क में था आरोपी

    बिहार के बक्सर में PM मोदी पर हमले की साजिश….1 गिरफ्तार, दुश्मन देशों के संपर्क में था आरोपी


    पटना।
    बिहार (Bihar) के बक्सर (Buxar) से पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सुरक्षा में सेंध पहुंचाने और हमले की साजिश में शामिल युवक अमन तिवारी (Aman Tiwari) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके लैपटॉप से विदेशी(दुश्मन देशों की) एजेंसियों को मैसेज भेजने का सबूत मिले हैं। उसकी गिरफ्तारी सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पड़री गांव से हुई है। इस मामले में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जिसमें सिमरी के युवक के लैपटॉप से मैसेज मिला।

    पुलिस के अनुसार रुपये की चाहत में सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पड़री गांव निवासी अमन तिवारी ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को मैसेज भेजा था। गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई। पुलिस के अनुसार बुधवार की दोपहर अमन किसी के घर पूजा कराने के लिए अपने पिता को छोड़ घर लौटा था। जिस वक्त वह घर में खाना खा रहा था‌ ठीक उसी वक्त पुलिस पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि अमन के साथ तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद दो को छोड़ दिया गया जबकि सबूत मिलने के बाद अमन को गिरफ्तार कर लिया गया।

    एसपी ने कहा कि पीएम से संबंधित कोई मैसेज हैक नहीं हुआ है। अमन काफी समय से विदेशी एजेंसियों के संपर्क में था। रुपये के डिमांड के साथ अंतराष्ट्रीय एजेंसी को मैसेज भेजा था कि वह पीएम की सुरक्षा को हानि पहुंचा सकता है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से संपर्क कर गोपनीय जानकारी के बदले रुपये की मांग कर रहा था। उसके मोबाइल और लैपटॉप को पुलिस ने जब्त कर खंगाला, तो रुपये के डिमांड से संबंधित मैसेज मिला।

    एसपी ने बताया कि अमन तिवारी ने वर्ष 2021 में कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी दी थी। इस मामले में कोलकाता और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद गुरुवार को पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस के अनुसार आरोपित के घर से लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।

    अमन की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव में गुरुवार को सन्नाटा पसरा रहा। युवक की करतूत से सभी ग्रामीण हैरान नजर आ रहे हैं। एसपी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अमन के संपर्क में और कौन कौन लोग हैं और उसका संपर्क किन एजेंसियों से हैं। अमन का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। उसकी नजह में और कौन-कौन वीआईपी हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

  • इस्राइल के हमले से खोंडाब हेवी वाटर प्लांट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त, ईरान को भारी नुकसान

    इस्राइल के हमले से खोंडाब हेवी वाटर प्लांट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त, ईरान को भारी नुकसान


    विएना।
    पश्चिम एशिया (West Asia War) में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल (Israel) ने ईरान (Iran) के खोंडाब (अराक) हेवी वाटर प्लांट पर हवाई हमला किया। अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (आईएईए) (International Atomic Energy Agency – IAEA) ने पुष्टि की है कि यह प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब काम नहीं कर रहा है। आईएईए के अनुसार, यह जानकारी सैटेलाइट तस्वीरों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दी गई है।


    खोंडाब प्लांट क्यों है इतना अहम?

    यह प्लांट ईरान के अराक शहर के पास स्थित है और इसे अराक न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स भी कहा जाता है। यहां ‘हेवी वाटर’ बनाया जाता है, जो खास तरह के परमाणु रिएक्टर में इस्तेमाल होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे रिएक्टर से प्लूटोनियम भी बनाया जा सकता है, जिसका उपयोग परमाणु हथियारों में किया जा सकता है। यही वजह है कि यह प्लांट लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय रहा है।


    IAEA की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

    आईएईए ने साफ कहा है कि प्लांट को गंभीर नुकसान हुआ है, यह अब ऑपरेशनल नहीं है और यहां कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी। इसका मतलब है कि रेडिएशन या तत्काल परमाणु खतरे की संभावना नहीं बताई गई है।

    इस्राइल ने क्यों किया हमला?
    इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने दावा किया कि यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया। उनका कहना है कि यह प्लांट ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा था। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बावजूद इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया और यहां से भविष्य में हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम बनने का खतरा था। इस्राइल सेना ने इस ऑपरेशन को ‘राइजिंग लॉयन’ नाम दिया है।

    बढ़ता तनाव और आगे का खतरा
    इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान और इस्राइल के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है, और अब इस तरह की कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक हलचल तेज हो सकती है।

  • ईरान की मार से बैकफुट पर आया इजरायल, शिया मुल्क के लोगों से लगाने लगा गुहार

    ईरान की मार से बैकफुट पर आया इजरायल, शिया मुल्क के लोगों से लगाने लगा गुहार

    वाशिंगटन। अमेरिका और इजरायल ने एकजुट होकर ईरान पर अटैक कर दिया. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला अली खामेनेई मारे जा चुके हैं. सेना के कई ठिकाने तबाह हो चुके हैं, लेकिन तेहरान के पास मिसाइल्‍स और ड्रोन का भंडार अभी भी बाकी है.
    यही वजह है कि ईरान की तरफ से इजरायल और अरब देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किया जा रहा है. ईरान के साथ ही इजरायल पर भी युद्ध का काफी असर पड़ा है. व्‍यापक पैमाने पर तबाही मची है. अमेरिका और इजरायल का अनुमान था कि खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान आसानी से सरेंडर कर देगा, पर इसके आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं. दूसरी तरफ, दुनिया भर में एनर्जी संकट जैसी स्थिति पैदा हो गई है. ऐसे में इजरायल के रुख में नरमी दिखने लगी है.
    बेंजामिन नेतन्‍याहू बैकफुट पर दिख रहे हैं. शायद यही वजह है कि इजरायल पीएम ने ईरान की जनता से खास गुहार लगाई है. उन्‍होंने ईरानी जनता के लिए भावुक संदेश जारी किया है.

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की जनता को संबोधित करते हुए एक कड़ा और भावनात्मक संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ईरान के लोगों के लिए जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर है, जिसके जरिए वे अयातुल्ला खामेनेई के शासन को हटाकर अपनी स्वतंत्रता हासिल कर सकते हैं. नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव और संघर्ष लगातार बढ़ रहा है.

    नेतन्याहू ने अपने संदेश में कहा कि इजरायल और अमेरिका मिलकर तेहरान के तानाशाहों के खिलाफ ऐतिहासिक लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों की कार्रवाई से ईरान की सत्ता से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है और इस अभियान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े हजारों लड़ाके तथा कई मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए गए हैं.
    हमारा टार्गेट ईरानी शासन के ठिकाने – नेतन्‍याहू
    इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य केवल ईरानी शासन के ठिकाने हैं, न कि आम नागरिक. उन्होंने कहा कि इजरायल पूरी कोशिश कर रहा है कि ईरान की जनता को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे.
    उनके मुताबिक, इजरायल खुद को ईरान के लोगों का सहयोगी मानता है और उनकी संस्कृति, संप्रभुता तथा विरासत का सम्मान करता है. नेतन्याहू ने अपने संबोधन में दावा किया कि अयातुल्ला और उनके सहयोगी अब भाग रहे हैं और उनके पास छिपने की कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसी परिस्थितियां बनाई जाएंगी, जिससे ईरान की जनता अपने भविष्य का फैसला खुद कर सके.
  • ईरान के तेल भंडार पर इज़राइल का बड़ा हमला, ट्रम्प बोले- “ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा”

    ईरान के तेल भंडार पर इज़राइल का बड़ा हमला, ट्रम्प बोले- “ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा”



    नई दिल्ली। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी जंग का नौवां दिन बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इज़राइल ने ईरान में तेल भंडार से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इज़राइली मीडिया के अनुसार, ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है।

    अमेरिकी रुख:
    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। उनका कहना है कि या तो ईरान खुद आत्मसमर्पण करे या उसकी सैन्य ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह लड़ने लायक ही न बचे। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं, बल्कि ‘लूजर’ बन गया है।

    ईरान की चेतावनी:
    ईरानी सेना ने भी धमकी दी है कि अगर अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में आए, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने खाड़ी में ऑयल टैंकर भेजने की बात कही थी, जो आमतौर पर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हैं।

    जंग के आँकड़े:

    सिविल इलाकों पर हमला: 6,668

    घर और दुकानें नष्ट: 5,535 घर और 1,041 दुकानें

    मेडिकल सेंटर और स्कूल: 14 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूल

    मृत्यु: 1,483

    इज़राइल में घायल: 1,765 लोग

    रेड क्रिसेंट सेंटर: 13 हमले का शिकार

    अंतरराष्ट्रीय दबाव और ईरान की प्रतिक्रिया:
    ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और कहा कि अब सिर्फ तब हमला होगा जब उन देशों की जमीन से ईरान पर हमला किया जाए। ट्रम्प ने इसे अमेरिका और इज़राइल के लगातार हमलों का नतीजा बताया।

    संक्षेप में:
    इज़राइल के हमलों ने ईरान के तेल भंडारों को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया है। अमेरिका की धमकियों और ट्रम्प के बयान ने ईरान की स्थिति को कमजोर कर दिया है। अब युद्ध का रुख सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेल और ऊर्जा ढांचे पर भी असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल की आशंका बढ़ गई है।

  • स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज,बचाव फॉर्मूला से बनाएं समय पर पहचान

    स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज,बचाव फॉर्मूला से बनाएं समय पर पहचान


    नई दिल्ली। स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है। यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। स्ट्रोक के मामले में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी पहचान और इलाज होता है, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना बनती है।

    नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है। समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है। NHM ने स्ट्रोक की पहचान और बचाव के लिए आसान और कारगर फॉर्मूला पेश किया है जिसेबचाव कहा जाता है।

    स्ट्रोक में देरी का मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है। समय पर अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं और अन्य इलाज उपलब्ध हो सकते हैं जो रिकवरी में मदद करते हैं। स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान और शराब से बचें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार अपनाएं।

    ‘बचाव’ फॉर्मूला स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का आसान तरीका है। इसमें शामिल हैं:

    ब – बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें। यदि एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।

    च – चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने के लिए कहें। चेहरे का एक हिस्सा लटकना या असमान दिखना स्ट्रोक की संभावना दर्शाता है।

    आ – आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने को कहें। आवाज अस्पष्ट, तुतलाती या बोलने में कठिनाई होना गंभीर संकेत है।

    व – वक्त (समय): यदि ऊपर के कोई भी लक्षण दिखाई दें, तुरंत समय बर्बाद न करें। 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल पहुंचें, जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो।

    हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, स्ट्रोक के ये लक्षण अचानक प्रकट होते हैं और अक्सर शरीर के एक तरफ प्रभाव डालते हैं। अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकते हैं।

    स्ट्रोक कोसाइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि यह कभी-कभी बिना चेतावनी के आता है। लेकिनबचाव फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में जल्दी पहचान संभव है। समय पर कार्रवाई से गंभीर जटिलताओं और स्थायी नुकसान से बचा जा सकता है।

    इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को हल्के में न लें। शरीर की भाषा समझें,बचाव फॉर्मूला याद रखें और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। हर मिनट मायने रखता है और जीवन बच सकता है।

  • शवयात्रा में मचा हड़कंप: मधुमक्खियों के हमले से भागे ग्रामीण, कई लोग घायल

    शवयात्रा में मचा हड़कंप: मधुमक्खियों के हमले से भागे ग्रामीण, कई लोग घायल


    उन्नाव। उत्‍तरप्रदेश के उन्‍नाव (Unnao) जिले में अंतिम संस्कार के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने शवयात्रा में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के डंक से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे और कुछ समय के लिए शव को वहीं छोड़ना पड़ा। इस घटना में करीब दो दर्जन ग्रामीण घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    घटना Ahimakheda village की है, जो Ajgain police station area के अंतर्गत आता है। यहां रहने वाले 65 वर्षीय सुंदर लाल का गुरुवार सुबह निधन हो गया था। परिजन और गांव के लोग उनका अंतिम संस्कार करने के लिए शव को गांव के बाहर स्थित खेत में ले गए थे।

    बताया गया कि खेत के पास एक बाग में पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता था। जैसे ही शवयात्रा वहां पहुंची, मधुमक्खियां अचानक भड़क गईं और लोगों पर हमला कर दिया। देखते ही देखते वहां भगदड़ मच गई। करीब 50-60 लोग शवयात्रा में शामिल थे, जो अपनी जान बचाने के लिए आसपास के सरसों और गेहूं के खेतों तथा झाड़ियों में छिप गए।

    मधुमक्खियों के हमले में लगभग दो दर्जन लोगों को डंक लग गए। सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए Nawabganj Community Health Center ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें इंजेक्शन और दवाइयां देकर उपचार किया।

    घटना में घायल ग्रामीणों ने बताया कि खेत के पास खिन्नी का एक पेड़ है, जिस पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था। जैसे ही लोग शव लेकर वहां पहुंचे, मधुमक्खियां अचानक झुंड बनाकर हमला करने लगीं।

    ग्रामीणों के अनुसार, सुंदर लाल करीब 15-20 दिन पहले रिश्तेदारी में गए थे, जहां गिरने से उनका पैर टूट गया था। इसके बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई।

    मधुमक्खियों के शांत होने के बाद ग्रामीण दोबारा मौके पर पहुंचे और फिर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

  • ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने

    ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने

    वाशिंगटन। स्पेन द्वारा ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल से इनकार करने पर डोनाल्ड ट्रम्प भड़क गए हैं। ट्रम्प ने स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है और अपने 15 लड़ाकू विमान वापस बुला लिए हैं।

    अमेरिका और स्पेन के बीच तनाव अचानक गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) और यूरोपीय सहयोगी स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। यह विवाद स्पेन द्वारा अमेरिका को ईरान पर हमले से जुड़े मिशनों के लिए अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने से रोकने के बाद उत्पन्न हुआ है।
    विवाद का मुख्य कारण
    सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर रोक: स्पेन के समाजवादी नेतृत्व ने अमेरिकी सेना को ईरान पर संभावित हमले के लिए स्पेन स्थित ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

    विमानों की वापसी: इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने दक्षिणी स्पेन में स्थित रोटा और मोरन सैन्य ठिकानों से अपने 15 विमानों (जिनमें ईंधन भरने वाले टैंकर भी शामिल हैं) को हटा लिया है।
    डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

    व्यापार खत्म करने की चेतावनी: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक बैठक के दौरान ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा- स्पेन का रवैया बहुत खराब रहा है। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट को स्पेन के साथ सभी लेन-देन और व्यापार बंद करने का निर्देश दिया है।

    रक्षा बजट पर निशाना: ट्रंप ने स्पेन द्वारा नाटो देशों के लिए तय की गई ‘जीडीपी के 5% रक्षा खर्च’ की मांग को अनसुना करने पर भी नाराजगी जताई।

    विशेषाधिकार का दावा: पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने से निराश ट्रंप ने जोर देते हुए कहा- स्पेन के साथ होने वाले सभी व्यापार को रोकने का मुझे अधिकार है… और हम स्पेन के साथ ऐसा कर सकते हैं।
    जर्मनी का स्पष्ट रुख: कोई अलग व्यवहार नहीं
    जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रंप के साथ बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अमेरिका यूरोपीय संघ (EU) के एक सदस्य को अलग-थलग नहीं कर सकता। उन्होंने ट्रंप को निजी तौर पर बताया कि ब्रुसेल्स और वाशिंगटन के बीच हुए व्यापार समझौते से स्पेन को बाहर नहीं किया जा सकता।

    मर्ज ने कहा- हम अमेरिका के साथ टैरिफ पर एक साथ (यूरोपीय संघ के रूप में) बातचीत करते हैं या बिल्कुल नहीं करते हैं। स्पेन के साथ विशेष रूप से बुरा व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है। हालांकि, मर्ज ने यह भी कहा कि यूरोप भीतर से स्पेन पर रक्षा बजट बढ़ाकर 3% या 3.5% तक करने का दबाव बना रहा है, लेकिन इसका व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है।
    क्या कानूनी तौर पर यह प्रतिबंध संभव है?
    अमेरिकी प्रशासन की तैयारी: ट्रेजरी सचिव बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंध के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और वाणिज्य विभाग इसकी जांच शुरू करेगा।

    कानूनी अड़चनें (हाई बार): जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की व्यापार कानून विशेषज्ञ जेनिफर हिलमैन के अनुसार, ट्रंप को ऐसा करने के लिए स्पेन को अमेरिका के लिए एक असामान्य और असाधारण खतरा घोषित करते हुए ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ लागू करना होगा। एनवाईयू के प्रोफेसर पीटर शेन ने कहा कि ईरान पर बिना उकसावे के हमले के लिए स्पेन द्वारा ठिकाने न देना, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘असाधारण खतरा’ कैसे हो सकता है, यह साबित करना बेहद मुश्किल है।
    स्पेन की प्रतिक्रिया और आर्थिक स्थिति
    स्पेन का जवाब: स्पेन सरकार ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानून, निजी व्यवसायों की स्वायत्तता और अमेरिका-यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का सम्मान करना चाहिए। मैड्रिड ने कहा कि उसके पास संभावित प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।

    पीएम पेड्रो सांचेज़ का रुख: स्पेन के वामपंथी विचारधारा वाले प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ इससे पहले भी ट्रम्प की नाराजगी मोल ले चुके हैं, जब उन्होंने इजरायल को हथियार ले जाने वाले जहाजों को स्पेन में रुकने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

    आर्थिक आंकड़े (2025): स्पेन जैतून के तेल (olive oil) का दुनिया का शीर्ष निर्यातक है और अमेरिका को ऑटो पार्ट्स, स्टील और रसायन निर्यात करता है। 2025 में, अमेरिका और स्पेन के बीच व्यापार में अमेरिका 4.8 बिलियन डॉलर के फायदे में था (अमेरिका ने 26.1 बिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि 21.3 बिलियन डॉलर का आयात किया)। अमेरिका स्पेन को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) बेचता है।

  • गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    नई दिल्ली| गौरव गोगोई का आरोपअसम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके शासन में भ्रष्टाचार और कुशासन की बातें की हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदान अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
    पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोगोई ने कहा कि भाजपा के खिलाफ वोट देने वाले लोगों को दोबारा मतदान करने से रोका जा रहा है, जो उनकी डर का संकेत है।

    जुबीन गर्ग हत्याकांड पर सवाल

    गोगोई ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सरमा जुबीन गर्ग हत्या मामले में न्याय दिलाने में असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा अक्सर झूठे और भ्रामक बयान देते हैं, और उनके शब्दों में कोई विश्वसनीयता नहीं है। गोगोई ने कहा कि जुबीन गर्ग मामले में कमजोर चार्जशीट पेश की गई है, और इसमें शामिल लोगों के नाम इसलिए नहीं हैं क्योंकि वे मुख्यमंत्री के करीबी हैं।

    जाति बचाओ, मति बचाओ अभियान

    गौरव गोगोई ने ‘जाति बचाओ, मति बचाओ’ अभियान के तहत गुवाहाटी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कई सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। शामिल होने वालों में प्रमुख आदिवासी नेता रुकमा कुमार मेडोक और पूर्व अल्पसंख्यक छात्र संघ के अध्यक्ष रेजाउल करीम सरकार शामिल थे।

    तरुण गोगोई की याद

    गोगोई ने अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार असम के राजनीतिक माहौल को बदल दिया था। उन्होंने कहा कि आज असम के लोग फिर से सत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। गोगोई ने चेतावनी दी कि वर्तमान सरकार ने भय का माहौल बनाया है और इसे समाप्त करना आवश्यक है।

  • रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने वाली टीम पर बढ़ रहे हमलेसुरक्षा की मांग

    रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने वाली टीम पर बढ़ रहे हमलेसुरक्षा की मांग


    रतलाम ।
    रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम पर पशुपालकों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में निगम की टीम के साथ मारपीटधमकियां और जबरन मवेशियों को छुड़ाने की घटनाएं सामने आई हैं। इस बढ़ते खतरे के कारण नगर निगम कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    आवारा मवेशी पकड़ने में बढ़ रही हिंसा

    नगर निगम की टीम हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों से आवारा मवेशी पकड़ने में जुटी हुई थीजब टीम पर हमला होने की घटनाएं सामने आईं। 15 सितंबर को निगम टीम ने अवैध तबेलों के खिलाफ कार्रवाई की थीजिसके बाद बसंत कालोनी निवासी सुरेश राठौड़ और उसके भांजे ध्रुव राठौड़ ने अपनी गाय छुड़वाने के लिए टीम के साथ गाली-गलौच और हाथापाई की। इन दोनों ने वाहन से गायें जबरन उतार दीं और कार्रवाई से मना करने पर धमकी दी। उनका कहना था कि उन्हें निगमपुलिस और प्रशासन का कोई डर नहीं है।

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआजिसमें दोनों आरोपी टीम के साथ विवाद करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस को दिए गए आवेदन में बताया गया कि दोनों आरोपियों ने गायों को छुड़वाने के दौरान न केवल शारीरिक हिंसा कीबल्कि धमकी भी दी कि वे आगे भी ऐसी घटनाओं को अंजाम देंगे।

    कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल

    नगर निगम की टीम द्वारा की जा रही कार्रवाई के बावजूद सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जा रही है। टीम के प्रभारी विराट मेहरा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और घटना की जांच करने का अनुरोध किया। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि टीम को सुरक्षा देने में प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

    स्वास्थ्य प्रभारी राजेंद्र सिंह पंवार ने इस मामले में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। वहींनिगम ने 15 सितंबर को सुरेश राठौड़ के अवैध तबेले पर भी कार्रवाई की थीलेकिन वहां पक्के निर्माण को हटाने में प्रशासन विफल रहा थाजिसके कारण फिर से मवेशी भाग गए।

    पशुपालकों के खिलाफ पहले भी की गई हैं शिकायतें

    सुरेश राठौड़ और ध्रुव राठौड़ के अलावाकई अन्य पशुपालकों के खिलाफ भी निगम टीम पर हमले और मवेशियों को छुड़वाने की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें अर्जुन गुर्जरराहुल गुर्जरसचिन गुर्जरचेतन टांकसुरेश राठौड़ और अन्य के नाम शामिल हैं। इन सभी ने पहले भी निगम कर्मियों के साथ मारपीट और धमकी दी थीजिसके कारण मवेशी पकड़ने वाली टीम पर लगातार हमलों का खतरा बढ़ गया है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा कि यदि निगम द्वारा सुरक्षा की मांग की जाती है तो पुलिस जवान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावापुलिस घटनास्थल पर पहुंचेगी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन भी दिया है।

    भविष्य में समाधान की आवश्यकता

    आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम का काम बेहद महत्वपूर्ण हैलेकिन लगातार हो रहे हमले और धमकियों के कारण उनके कार्य में रुकावट आ रही है। ऐसे मेंप्रशासन और पुलिस को आवश्यक सुरक्षा उपायों की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और टीम अपना कार्य बिना डर के कर सके। इसके अलावापशुपालकों और निगम कर्मियों के बीच बेहतर संवाद और समझ बनाने की आवश्यकता हैताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके।