Tag: Beauty Tips

  • चेहरे की थकान और रूखेपन का आसान इलाज है खीरा, ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे बनाएं घरेलू नुस्खा

    चेहरे की थकान और रूखेपन का आसान इलाज है खीरा, ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे बनाएं घरेलू नुस्खा


    नई दिल्ली । खीरा गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली सब्जियों में गिना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल केवल खाने तक सीमित नहीं है। त्वचा की देखभाल के लिए भी खीरे का इस्तेमाल लंबे समय से घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता रहा है। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा को तरोताजा रखने वाली प्राकृतिक चीजों में शामिल किया जाता है। खासतौर पर धूप और गर्मी के कारण चेहरा थका हुआ और बेजान नजर आने लगे तो खीरे का इस्तेमाल त्वचा को ठंडक देने में मदद कर सकता है।

    खीरे का सबसे आसान इस्तेमाल इसका रस चेहरे पर लगाना है। इसके लिए खीरे को अच्छी तरह धोकर उसका रस निकाला जा सकता है। कॉटन की मदद से इसे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा को ताजगी महसूस हो सकती है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी घरेलू चीज को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए।

    खीरे के टुकड़ों को सीधे चेहरे पर लगाने का तरीका भी काफी आसान है। ठंडे खीरे के पतले टुकड़े आंखों के आसपास कुछ देर रखने से थकी हुई आंखों और आसपास की त्वचा को ठंडक मिल सकती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने या पर्याप्त आराम न मिलने के कारण आंखों के आसपास थकान दिखाई दे तो यह तरीका कुछ लोगों को आरामदायक लग सकता है। हालांकि आंखों में खीरे का रस जाने से बचना चाहिए।

    खीरे का फेस पैक भी घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। खीरे को पीसकर उसमें एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। यह मिश्रण त्वचा को ठंडक और नमी देने में मदद कर सकता है। अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है तो नींबू या दूसरे तेज पदार्थ मिलाने से बचना बेहतर है क्योंकि इससे जलन या संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

    रूखी त्वचा वाले लोग खीरे के साथ ऐसा प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग मिश्रण इस्तेमाल कर सकते हैं जो त्वचा को अतिरिक्त नमी देने में मदद करे। वहीं तैलीय त्वचा में भी खीरे का इस्तेमाल चेहरे को ताजा महसूस कराने के लिए किया जा सकता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि खीरा किसी गंभीर त्वचा समस्या जैसे मुहांसे संक्रमण या एलर्जी का इलाज नहीं है।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल बाहरी उपायों पर निर्भर रहना भी सही नहीं है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। चेहरे को साफ रखना और बार बार हाथ लगाने से बचना भी त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा है।

    अगर खीरा लगाने के बाद चेहरे पर लालिमा जलन खुजली या सूजन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। लगातार बनी रहने वाली त्वचा संबंधी समस्या में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। कुल मिलाकर खीरा त्वचा की नियमित देखभाल में एक आसान और कम खर्च वाला घरेलू विकल्प हो सकता है जो त्वचा को ताजगी और ठंडक का एहसास देने में मदद कर सकता है।

  • चेहरे की चमक से लेकर रूखी त्वचा तक, गुलाब के ये आसान उपाय बना सकते हैं स्किन केयर रूटीन को खास

    चेहरे की चमक से लेकर रूखी त्वचा तक, गुलाब के ये आसान उपाय बना सकते हैं स्किन केयर रूटीन को खास


    नई दिल्ली । गुलाब का नाम आते ही सबसे पहले उसकी खूबसूरती और मनमोहक खुशबू का ख्याल आता है लेकिन यह खूबसूरत फूल त्वचा की देखभाल में भी काफी उपयोगी माना जाता है। सदियों से गुलाब की पंखुड़ियों और गुलाब जल का इस्तेमाल सौंदर्य को निखारने के लिए किया जाता रहा है। आज भी प्राकृतिक स्किन केयर रूटीन में गुलाब को खास जगह दी जाती है। बाजार में मिलने वाले कई तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी गुलाब के अर्क और गुलाब जल का उपयोग किया जाता है। अगर त्वचा को ताजगी और प्राकृतिक चमक देना चाहते हैं तो गुलाब को अपने ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    गुलाब जल त्वचा को ताजगी देने के लिए सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक उपायों में से एक है। चेहरे को साफ करने के बाद कॉटन की मदद से हल्के हाथों से गुलाब जल लगाया जा सकता है। इससे चेहरा फ्रेश महसूस होता है और त्वचा को ठंडक भी मिलती है। खासतौर पर धूल मिट्टी और तेज धूप के संपर्क में आने के बाद गुलाब जल का इस्तेमाल चेहरे को आराम देने में मदद कर सकता है। कई लोग इसे अपने स्किन केयर रूटीन में टोनर की तरह भी शामिल करते हैं।

    गुलाब की ताजी पंखुड़ियों का उपयोग फेस पैक बनाने में भी किया जा सकता है। इसके लिए साफ और ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर उसमें त्वचा के अनुसार अन्य प्राकृतिक सामग्री मिलाई जा सकती है। गुलाब की पंखुड़ियों से बना हल्का फेस पैक त्वचा को ताजगी देने में मदद करता है। चेहरे पर किसी भी घरेलू नुस्खे को लगाने से पहले यह जरूरी है कि त्वचा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाए और जरूरत पड़ने पर पैच टेस्ट किया जाए।

    रूखी और बेजान दिखने वाली त्वचा के लिए भी गुलाब से बने घरेलू उपाय उपयोगी हो सकते हैं। गुलाब की पंखुड़ियों को पानी में भिगोकर तैयार किया गया प्राकृतिक मिश्रण चेहरे को फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकता है। गर्मी के मौसम में गुलाब जल को ठंडी जगह पर रखकर इस्तेमाल करने से चेहरे को अतिरिक्त ताजगी का एहसास हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी चीज के इस्तेमाल का परिणाम भी अलग हो सकता है।

    गुलाब से त्वचा की देखभाल करते समय साफ और अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों का चयन करना जरूरी है। अगर गुलाब जल खरीद रहे हैं तो उसमें अनावश्यक केमिकल और तेज खुशबू वाले तत्वों की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। त्वचा पर किसी नए उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना सुरक्षित तरीका माना जाता है। जिन लोगों को किसी कॉस्मेटिक या प्राकृतिक चीज से एलर्जी की समस्या होती है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    त्वचा की असली खूबसूरती सिर्फ बाहरी उत्पादों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना पूरी नींद करना और धूप से त्वचा को बचाना भी जरूरी है। गुलाब जल और गुलाब की पंखुड़ियों को स्किन केयर रूटीन का एक सरल हिस्सा बनाया जा सकता है लेकिन इन्हें चमत्कारी इलाज नहीं मानना चाहिए।

    अगर त्वचा पर लगातार दाने खुजली लालिमा या किसी तरह की गंभीर समस्या बनी रहती है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। सही देखभाल और नियमित स्किन केयर के साथ गुलाब आपकी दिनचर्या में ताजगी और प्राकृतिक खूबसूरती का एक खास एहसास जोड़ सकता है।

  • चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो आजमाएं पपीता: जानें त्वचा को ग्लो देने का आसान और असरदार तरीका

    चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो आजमाएं पपीता: जानें त्वचा को ग्लो देने का आसान और असरदार तरीका


    नई दिल्ली । चेहरे की खूबसूरती और त्वचा की चमक बनाए रखने के लिए लोग अक्सर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार घर में मौजूद सामान्य चीजें भी त्वचा की देखभाल में मददगार साबित हो सकती हैं। पपीता इन्हीं चीजों में शामिल है। यह स्वादिष्ट फल सेहत के साथ त्वचा के लिए भी उपयोगी माना जाता है। इसमें पपेन नामक एंजाइम और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि पपीते का इस्तेमाल कई घरेलू स्किन केयर रूटीन में किया जाता है।

    अगर त्वचा बेजान नजर आती है या चेहरे पर जमा डेड स्किन के कारण प्राकृतिक चमक कम हो गई है तो पके हुए पपीते का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पपीते को अच्छी तरह मैश करके चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाया जा सकता है। इसे आंखों और होंठों के आसपास लगाने से बचना चाहिए। कुछ मिनट बाद चेहरे को सामान्य पानी से साफ किया जा सकता है। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है। पपीते में मौजूद एंजाइम त्वचा की ऊपरी परत पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकते हैं जिससे चेहरा साफ और मुलायम महसूस हो सकता है।

    पपीते को शहद या दही जैसी चीजों के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में इस्तेमाल करने का चलन भी है। शहद त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद कर सकता है जबकि दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को एक्सफोलिएट करने में सहायक हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। खासतौर पर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

    पपीते का इस्तेमाल करते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि इसे बहुत ज्यादा देर तक चेहरे पर लगाकर न रखें। बार बार या जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करने से त्वचा में जलन और रूखापन बढ़ सकता है। अगर चेहरे पर पहले से कट लगा हो या त्वचा पर जलन हो रही हो तो ऐसे समय में पपीते का प्रयोग करने से बचना चाहिए। किसी नए स्किन केयर उपाय को अपनाते समय त्वचा की प्रतिक्रिया पर नजर रखना सबसे जरूरी है।

    अगर चेहरे की देखभाल के साथ पपीते को डाइट में भी शामिल किया जाए तो यह संतुलित खानपान का हिस्सा बन सकता है। इसमें विटामिन ए और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि केवल पपीता खाने या चेहरे पर लगाने से त्वचा की सभी समस्याएं खत्म होने की गारंटी नहीं है। लगातार मुंहासे दाग धब्बे खुजली या गंभीर त्वचा समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। सही स्किन केयर रूटीन संतुलित खानपान पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के साथ त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

  • बारिश में बढ़ जाता है स्किन इंफेक्शन का खतरा, नमी और पसीने से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

    बारिश में बढ़ जाता है स्किन इंफेक्शन का खतरा, नमी और पसीने से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय


    नई दिल्ली। बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है लेकिन इस दौरान त्वचा को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत पड़ती है। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण पसीना ज्यादा आता है और त्वचा लंबे समय तक नम बनी रह सकती है। ऐसी स्थिति में बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि मानसून के दौरान कई लोगों को दाद खाज खुजली लाल चकत्ते जलन और त्वचा पर छोटे छोटे दाने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर समय रहते त्वचा की सफाई और देखभाल पर ध्यान दिया जाए तो इन समस्याओं को काफी हद तक दूर रखा जा सकता है।

    मानसून में सबसे जरूरी है कि शरीर को साफ और सूखा रखा जाए। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक रहने से त्वचा पर नमी बनी रहती है और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बारिश में भीगने के बाद जल्द से जल्द कपड़े बदलने चाहिए। खासतौर पर अंडरआर्म्स जांघों के बीच पैर की उंगलियों के बीच और शरीर की उन जगहों को अच्छी तरह सुखाना चाहिए जहां पसीना ज्यादा आता है। गीले मोजे और जूते भी लंबे समय तक पहनने से बचना चाहिए।

    त्वचा की सफाई के लिए बहुत ज्यादा तेज साबुन या ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो त्वचा को अत्यधिक रूखा बना दें। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्के क्लीनजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरा धोने के बाद उसे साफ तौलिए से धीरे से सुखाना जरूरी है। तौलिए को नियमित रूप से धोकर अच्छी तरह सुखाएं और कोशिश करें कि अपना तौलिया किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।

    मानसून में त्वचा को मॉइस्चराइज करना भी जरूरी है। कई लोग सोचते हैं कि नमी वाले मौसम में मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती लेकिन ऐसा नहीं है। त्वचा की जरूरत के अनुसार हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। बाहर निकलते समय मौसम बादलों वाला हो तब भी सनस्क्रीन लगाना उपयोगी रहता है क्योंकि सूर्य की पराबैंगनी किरणों का असर बादलों के बीच से भी हो सकता है।

    अगर त्वचा पर लगातार खुजली होने लगे गोल आकार के लाल चकत्ते दिखाई दें त्वचा पर जलन बढ़ती जाए या समस्या बार बार वापस आए तो इसे सामान्य खुजली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी तेज दवा या स्टेरॉयड वाली क्रीम का इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है। गलत क्रीम से त्वचा की समस्या दबने के बजाय और जटिल हो सकती है।

    इसके अलावा मानसून में बहुत ज्यादा तंग कपड़े पहनने से भी बचना चाहिए। सूती और आरामदायक कपड़े त्वचा को हवा मिलने में मदद करते हैं। रोजाना पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और शरीर की स्वच्छता बनाए रखना भी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल से बारिश के मौसम में त्वचा को संक्रमण और दूसरी परेशानियों से बचाया जा सकता है।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! हल्दी से ऐसे रखें त्वचा का ख्याल और पाएं नेचुरल ग्लो

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! हल्दी से ऐसे रखें त्वचा का ख्याल और पाएं नेचुरल ग्लो


    नई दिल्ली। त्वचा की देखभाल के लिए लोग तरह तरह के महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन घर में मौजूद कुछ चीजें भी स्किन केयर में उपयोगी हो सकती हैं। हल्दी उन्हीं प्राकृतिक चीजों में शामिल है जिसका इस्तेमाल भारतीय घरों में लंबे समय से किया जाता रहा है। हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है जिसे एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि त्वचा की देखभाल के लिए हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    हल्दी का सबसे सामान्य इस्तेमाल चेहरे पर फेस पैक के रूप में किया जाता है। इसके लिए थोड़ी सी हल्दी में बेसन और दही या एलोवेरा जेल मिलाकर हल्का पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इसे चेहरे पर बहुत मोटी परत लगाने के बजाय पतली परत में लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा को साफ महसूस करने में मदद मिल सकती है और चेहरे पर मौजूद अतिरिक्त तेल भी कम महसूस हो सकता है। हालांकि हल्दी का रंग त्वचा पर कुछ समय के लिए पीला निशान छोड़ सकता है इसलिए इसकी मात्रा बहुत ज्यादा नहीं रखनी चाहिए।

    अगर त्वचा रूखी रहती है तो हल्दी को किसी मॉइस्चराइजिंग सामग्री के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। दही या एलोवेरा जेल के साथ इसका प्रयोग त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग बेसन के साथ हल्दी का हल्का पैक इस्तेमाल कर सकते हैं। यहां यह समझना जरूरी है कि हल्दी किसी त्वचा रोग या गंभीर समस्या का इलाज नहीं है। पिंपल्स दाग धब्बे या त्वचा की दूसरी परेशानियों में इसका असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है।

    हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा पर होने वाली हल्की सूजन और लालिमा को शांत करने में भी सहायक हो सकते हैं। यही कारण है कि हल्दी को कई पारंपरिक ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बनाया जाता है। लेकिन इसे लगाने से तुरंत त्वचा का रंग बदलने या दाग पूरी तरह खत्म होने जैसी उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

    हल्दी का इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात इसकी मात्रा है। बहुत अधिक हल्दी लगाने से त्वचा पर जलन खुजली या लालिमा हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के छोटे हिस्से या त्वचा के किसी सीमित हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर जलन या एलर्जी जैसी समस्या दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    इसके साथ ही चेहरे पर नींबू या दूसरे तेज एसिडिक पदार्थों के साथ हल्दी मिलाकर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कुछ लोगों की त्वचा में जलन और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। रोजाना पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।

    कुल मिलाकर हल्दी को त्वचा की देखभाल के लिए एक सरल घरेलू विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। सही मात्रा और अपनी त्वचा के अनुसार इसका उपयोग करना जरूरी है। अगर त्वचा पर लगातार पिंपल्स सूजन एलर्जी या दाग धब्बों की समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी रहेगा।

  • स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण

    स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण


    नई दिल्ली। ग्लोइंग और हेल्दी स्किन हर किसी की चाहत होती है और इसके लिए लोग तरह तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि त्वचा की देखभाल केवल बाहर से किए जाने वाले स्किन केयर तक सीमित नहीं है। हमारी डाइट का भी त्वचा की सेहत पर असर पड़ता है। रोजाना की डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर फलों को शामिल करके शरीर को जरूरी विटामिन मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट मिल सकते हैं। ये पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। खासतौर पर कुछ फलों में मौजूद विटामिन सी विटामिन ए पानी और एंटीऑक्सीडेंट स्किन के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

    संतरा और अन्य खट्टे फल त्वचा के लिए अच्छी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें विटामिन सी पाया जाता है जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। संतरे जैसे फलों में पानी की मात्रा भी अच्छी होती है जिससे शरीर को हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नियमित रूप से मौसमी फलों का सेवन करना त्वचा के साथ साथ पूरे शरीर के लिए बेहतर डाइट का हिस्सा बन सकता है।

    पपीता भी उन फलों में शामिल है जिन्हें स्किन फ्रेंडली डाइट में जगह दी जा सकती है। इसमें विटामिन ए विटामिन सी और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। पपीते को नाश्ते या दिन के किसी दूसरे समय आसानी से खाया जा सकता है। इसके सेवन से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और संतुलित डाइट बनाए रखने में मदद मिलती है।

    तरबूज गर्म मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने वाला लोकप्रिय फल है। इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है। शरीर में पर्याप्त पानी होना त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में तरबूज को डाइट में शामिल करना खासतौर पर गर्म दिनों में अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे सीधे काटकर या फ्रूट बाउल के रूप में खाया जा सकता है।

    कीवी भी पोषक तत्वों से भरपूर फलों में गिना जाता है। इसमें विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए संतुलित डाइट में कीवी जैसे फलों को शामिल करना त्वचा के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    स्ट्रॉबेरी और दूसरे बेरीज भी डाइट को पोषक बनाने का अच्छा विकल्प हैं। इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इन्हें दही के साथ या सीधे फल के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को त्वचा की सभी समस्याओं का इलाज नहीं माना जा सकता। हेल्दी स्किन के लिए संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद नियमित शारीरिक गतिविधि और सही स्किन केयर रूटीन पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    इसलिए अगर आप अपनी त्वचा को अंदर से पोषण देना चाहते हैं तो डाइट में अलग अलग रंग और प्रकार के फलों को शामिल करने की कोशिश करें। मौसमी और ताजे फलों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही बहुत ज्यादा मीठे पैकेज्ड जूस की जगह साबुत फल खाना अधिक उपयोगी हो सकता है क्योंकि इससे फल में मौजूद फाइबर भी मिलता है।

  • महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से पहले आजमाएं गुलाब, त्वचा की देखभाल के लिए जानें गुलाब से जुड़े आसान घरेलू नुस्खे

    महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से पहले आजमाएं गुलाब, त्वचा की देखभाल के लिए जानें गुलाब से जुड़े आसान घरेलू नुस्खे


    नई दिल्ली ।
    गुलाब केवल अपनी खुशबू और खूबसूरती के लिए ही पसंद नहीं किया जाता बल्कि त्वचा की देखभाल में भी इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। गुलाब जल और गुलाब की पंखुड़ियों से बने पारंपरिक घरेलू उपायों को त्वचा को ताजगी देने और चेहरे को साफ रखने के लिए उपयोग किया जाता है। गुलाब में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक और इसकी खुशबू स्किन केयर को सुखद अनुभव बना सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।

    गुलाब जल को स्किन केयर में शामिल करने का सबसे आसान तरीका है इसे चेहरे की सफाई के बाद हल्के तरीके से लगाना। साफ चेहरे पर कॉटन की मदद से गुलाब जल लगाया जा सकता है और इसे कुछ देर त्वचा पर रहने दिया जा सकता है। इससे चेहरे को ताजगी महसूस हो सकती है। अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है तो पहले हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है।

    रूखी त्वचा वालों के लिए गुलाब जल के साथ मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरे को साफ करने के बाद गुलाब जल लगाने और उसके बाद त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाने से स्किन केयर रूटीन पूरा किया जा सकता है। ध्यान रखें कि गुलाब जल त्वचा को मॉइस्चराइजर का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। खासकर बहुत शुष्क त्वचा में अच्छे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल जरूरी है।

    गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार किया गया पानी भी पारंपरिक रूप से त्वचा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए साफ गुलाब की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी भी तरह के केमिकल या कीटनाशक से उपचारित फूल को त्वचा पर लगाने से बचना चाहिए। बाजार में मिलने वाले गुलाब जल का इस्तेमाल करते समय उसके लेबल पर मौजूद सामग्री को जरूर पढ़ें और तेज खुशबू या अनावश्यक रसायनों वाले उत्पाद संवेदनशील त्वचा पर लगाने से बचें।

    गुलाब जल को ठंडा करके इस्तेमाल करने की सलाह भी कई लोग देते हैं। ठंडक चेहरे को कुछ समय के लिए फ्रेश महसूस करा सकती है लेकिन यह त्वचा की किसी बीमारी का इलाज नहीं है। आंखों के आसपास गुलाब जल का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और इसे आंखों के अंदर जाने से रोकना चाहिए। अगर जलन खुजली लालिमा या सूजन महसूस हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    स्किन केयर में गुलाब का इस्तेमाल करते समय एक और जरूरी बात यह है कि केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है। चेहरे को साफ रखने के साथ पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना नींद पूरी करना और दिन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा की देखभाल के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। गुलाब जल या गुलाब आधारित उत्पाद आपकी दिनचर्या का हिस्सा हो सकते हैं लेकिन इन्हें चमत्कारी उपचार समझना उचित नहीं है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाने अत्यधिक रूखापन लालिमा या किसी तरह की एलर्जी रहती है तो घरेलू उपाय आजमाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही उत्पाद और अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार बनाया गया स्किन केयर रूटीन ही लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! रोजमेरी से पाएं साफ और निखरी त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! रोजमेरी से पाएं साफ और निखरी त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। रोजमेरी का इस्तेमाल आमतौर पर खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन इसका उपयोग स्किन केयर में भी किया जाता है। रोजमेरी में मौजूद प्राकृतिक पौधों के यौगिकों के कारण इसे त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। आजकल रोजमेरी ऑयल और रोजमेरी आधारित स्किन केयर प्रोडक्ट्स काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि इसे चेहरे पर सीधे लगाने से पहले सही तरीका जानना जरूरी है क्योंकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी भी प्राकृतिक चीज से संवेदनशील त्वचा पर जलन हो सकती है।

    रोजमेरी को स्किन केयर में शामिल करने का एक तरीका रोजमेरी ऑयल का इस्तेमाल है। लेकिन जरूरी बात यह है कि एसेंशियल ऑयल को सीधे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए। इसे किसी उपयुक्त कैरियर ऑयल में मिलाकर बेहद कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। रोजमेरी आधारित तैयार स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना भी सीधे एसेंशियल ऑयल लगाने की तुलना में आसान विकल्प हो सकता है।

    रोजमेरी में एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले पौधों के यौगिक पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा को पर्यावरणीय तनाव से बचाने और स्किन को स्वस्थ रखने वाले रूटीन का हिस्सा माना जाता है। कुछ लोगों को रोजमेरी आधारित उत्पाद इस्तेमाल करने के बाद त्वचा अधिक फ्रेश और साफ महसूस हो सकती है। हालांकि किसी एक घरेलू उपाय से त्वचा की हर समस्या दूर होने का दावा करना सही नहीं है।

    अगर चेहरे पर बहुत ज्यादा ऑयल आता है तो रोजमेरी आधारित हल्के स्किन केयर प्रोडक्ट को रूटीन में शामिल किया जा सकता है। लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि प्रोडक्ट आपकी त्वचा के लिए उपयुक्त है या नहीं। तैलीय त्वचा के लिए भी बहुत ज्यादा तेल आधारित चीजों का इस्तेमाल करने से रोमछिद्र बंद होने या परेशानी बढ़ने का खतरा हो सकता है।

    रोजमेरी का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना सबसे जरूरी सावधानियों में शामिल है। इसके लिए प्रोडक्ट की थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें और तुरंत जलन खुजली लालिमा या असहजता महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। चेहरे पर पहले से किसी तरह की एलर्जी या जलन है तो ऐसे समय में नए स्किन केयर प्रोडक्ट को आजमाने से बचना बेहतर है।

    स्किन केयर में रोजमेरी को शामिल करने के साथ बेसिक रूटीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चेहरे को नियमित रूप से साफ रखना मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना और दिन में सनस्क्रीन लगाना त्वचा की देखभाल के लिए ज्यादा जरूरी कदम हैं। रोजमेरी किसी भी स्थिति में इन बुनियादी चीजों का विकल्प नहीं है।

    यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रोजमेरी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। हर दावा वैज्ञानिक रूप से साबित हो यह जरूरी नहीं है। इसलिए चेहरे पर रोजमेरी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में और सावधानी के साथ करना चाहिए। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाग लालिमा या दूसरी समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा बेहतर होगा।

    कुल मिलाकर रोजमेरी स्किन केयर रूटीन में एक अतिरिक्त विकल्प हो सकती है लेकिन इसे चमत्कारी उपाय समझना सही नहीं है। सही प्रोडक्ट चुनकर पैच टेस्ट करने और अपनी त्वचा की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका इस्तेमाल किया जाए तो इसे सामान्य स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

  • ब्यूटी रूटीन में शामिल करें चावल का आटा, त्वचा की देखभाल में कैसे करें इस्तेमाल और किन गलतियों से बचें

    ब्यूटी रूटीन में शामिल करें चावल का आटा, त्वचा की देखभाल में कैसे करें इस्तेमाल और किन गलतियों से बचें


    नई दिल्ली ।आजकल स्किन केयर के लिए लोग महंगे प्रोडक्ट्स के साथ घरेलू नुस्खों की तरफ भी तेजी से रुख कर रहे हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में चावल का आटा यानी Rice Flour भी काफी लोकप्रिय है। इसे कई लोग चेहरे पर फेस पैक या हल्के क्लेंजर की तरह इस्तेमाल करते हैं। चावल का आटा त्वचा को मुलायम महसूस कराने और चेहरे से अतिरिक्त गंदगी हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि इसे किसी चमत्कारी उपचार की तरह नहीं देखना चाहिए। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी घरेलू फेस मास्क का इस्तेमाल व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। गलत तरीके से या बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने पर जलन और रूखापन भी हो सकता है।

    चावल के आटे से फेस पैक बनाने का तरीका बेहद आसान है। इसके लिए एक से दो चम्मच बारीक चावल का आटा लें और इसमें जरूरत के अनुसार सादा पानी या एलोवेरा जेल मिलाकर हल्का पेस्ट तैयार कर सकते हैं। अगर त्वचा रूखी है तो इसमें एक साधारण मॉइस्चराइजिंग बेस मिलाने का विकल्प रखा जा सकता है। पेस्ट को चेहरे पर बहुत हल्के हाथों से लगाएं और आंखों तथा होंठों के आसपास के हिस्से से बचाएं। इसे कुछ मिनट तक लगा रहने दें और फिर सामान्य पानी से धीरे से धो लें। चेहरे को साफ करने के बाद त्वचा पर उपयुक्त मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है।

    चावल के आटे का इस्तेमाल करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे चेहरे पर जोर से रगड़ना नहीं चाहिए। कई लोग इसे स्क्रब की तरह इस्तेमाल करते हुए त्वचा को तेजी से घिसते हैं लेकिन इससे त्वचा की ऊपरी परत में जलन हो सकती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी चेहरे पर इस्तेमाल होने वाले मास्क और एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट्स को बहुत ज्यादा या बार बार इस्तेमाल करने से सावधान करती है क्योंकि इससे त्वचा में रूखापन और जलन बढ़ सकती है।

    अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या पहले से लालिमा खुजली जलन या किसी तरह की एलर्जी की समस्या रहती है तो घरेलू फेस पैक को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर है। किसी नए स्किन केयर प्रोडक्ट या मास्क को पहले छोटे क्षेत्र पर टेस्ट करने की सलाह त्वचा विशेषज्ञ भी देते हैं। अगर लगाने के बाद खुजली जलन या चुभन महसूस हो तो इसे तुरंत धो देना चाहिए।

    मुंहासे वाली त्वचा पर भी चावल के आटे को इलाज समझकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। फेस मास्क सामान्य स्किन केयर रूटीन का हिस्सा हो सकता है लेकिन यह मुंहासे एक्जिमा या दूसरी त्वचा संबंधी बीमारी का उपचार नहीं है। ऐसी समस्या लगातार बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। सही स्किन केयर में चेहरे की नियमित सफाई मॉइस्चराइजिंग और धूप से बचाव भी महत्वपूर्ण है।

    चावल के आटे से बने फेस पैक का इस्तेमाल करते समय खुशबू वाले या ऐसे अतिरिक्त पदार्थ मिलाने से बचना चाहिए जो आपकी त्वचा को पहले से परेशान करते हों। खासकर संवेदनशील त्वचा में कम सामग्री वाला सरल फेस पैक बेहतर विकल्प हो सकता है। किसी भी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल रोजाना करने की जरूरत नहीं है। त्वचा की प्रतिक्रिया देखकर सीमित इस्तेमाल करना अधिक समझदारी है।

    इस तरह Rice Flour Skin Care को एक आसान घरेलू विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है लेकिन इससे तुरंत गोरी या बेदाग त्वचा मिलने का दावा सही नहीं माना जाना चाहिए। चेहरे की अच्छी सेहत के लिए नियमित देखभाल संतुलित दिनचर्या पर्याप्त नींद पानी और रोजाना सन प्रोटेक्शन ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अगर चावल के आटे का फेस पैक आपकी त्वचा को सूट करता है तो इसे अपनी सामान्य स्किन केयर रूटीन के साथ सीमित रूप में शामिल किया जा सकता है।

  • चेहरे की ड्राईनेस और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो दही आएगा काम स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल

    चेहरे की ड्राईनेस और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो दही आएगा काम स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली । खूबसूरत और निखरी त्वचा के लिए जरूरी नहीं कि हर बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का ही सहारा लिया जाए। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों का सही तरीके से इस्तेमाल भी त्वचा की देखभाल में मदद कर सकता है। इन्हीं चीजों में दही का नाम भी शामिल है। दही में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा दही त्वचा को मुलायम बनाए रखने और रूखेपन को कम करने में भी सहायक हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए चेहरे पर दही लगाने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।

    अगर आपकी त्वचा सामान्य या रूखी है तो सादे और ताजे दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ करें और फिर एक पतली परत में दही चेहरे पर लगाएं। इसे करीब दस से पंद्रह मिनट तक लगा रहने दें और इसके बाद सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। चेहरे को धोने के बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। इस तरह दही को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद मिल सकती है।
    अगर आपकी त्वचा सामान्य या रूखी है तो सादे और ताजे दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ करें और फिर एक पतली परत में दही चेहरे पर लगाएं। इसे करीब दस से पंद्रह मिनट तक लगा रहने दें और इसके बाद सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। चेहरे को धोने के बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। इस तरह दही को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद मिल सकती है।

    दही को कई लोग बेसन के साथ मिलाकर भी चेहरे पर लगाते हैं। इसके लिए एक चम्मच सादा दही और थोड़ी मात्रा में बेसन लेकर पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें और सूखने के बाद बिना ज्यादा रगड़े पानी से धो लें। अगर त्वचा संवेदनशील है तो स्क्रब की तरह जोर से रगड़ने से बचना चाहिए। ज्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन या लालिमा हो सकती है।

    ऑयली स्किन वाले लोगों को दही का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी रखनी चाहिए। चेहरे पर बहुत ज्यादा मात्रा में दही लगाने या लंबे समय तक लगाए रखने से बचें। वहीं मुंहासों वाली त्वचा पर किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर दही लगाने के बाद जलन खुजली लालिमा या सूजन जैसी समस्या दिखाई दे तो तुरंत चेहरा धो लें और इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

    दही को नींबू जैसी चीजों के साथ मिलाकर लगाने से भी बचना चाहिए। नींबू का रस कुछ लोगों की त्वचा में जलन और संवेदनशीलता बढ़ा सकता है। खासकर अगर त्वचा पहले से संवेदनशील है तो ऐसे प्रयोग नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी तरह चेहरे पर कोई भी घरेलू मिश्रण रोजाना लगाने की जरूरत नहीं होती। त्वचा की जरूरत के अनुसार सीमित इस्तेमाल करना बेहतर है।

    स्किन केयर में दही को किसी जादुई उपचार की तरह नहीं देखना चाहिए। संतुलित खानपान पर्याप्त पानी अच्छी नींद चेहरे की नियमित सफाई और धूप से बचाव भी त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाने खुजली अत्यधिक रूखापन या अन्य समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। इस तरह सही सावधानी के साथ दही को अपनी स्किन केयर दिनचर्या का एक आसान हिस्सा बनाया जा सकता है।