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  • बेजान त्वचा और पिंपल्स से हैं परेशान, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और रखें चेहरे की प्राकृतिक चमक बरकरार

    बेजान त्वचा और पिंपल्स से हैं परेशान, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और रखें चेहरे की प्राकृतिक चमक बरकरार


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन धूल प्रदूषण धूप तनाव खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या का असर चेहरे पर साफ दिखाई देने लगता है। कई बार त्वचा बेजान नजर आने लगती है और पिंपल्स रूखापन ऑयली स्किन या टैनिंग जैसी समस्याएं भी परेशान करने लगती हैं। ऐसे में जरूरी नहीं कि हर बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लिया जाए। रोज की कुछ आसान आदतों और घर में मौजूद सामान्य चीजों की मदद से त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।

    रूखी त्वचा के लिए एलोवेरा जेल एक आसान विकल्प हो सकता है। एलोवेरा त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसे साफ चेहरे पर थोड़ी मात्रा में लगाया जा सकता है। अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है तो नियमित मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल भी जरूरी है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले त्वचा को मॉइश्चराइज करने की आदत त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकती है। घरेलू मॉइश्चराइजर के तौर पर एलोवेरा जेल और नारियल तेल जैसे मिश्रण भी इस्तेमाल किए जाते हैं लेकिन संवेदनशील या मुंहासे वाली त्वचा पर तेल लगाने से पहले सावधानी जरूरी है।

    चेहरे की प्राकृतिक चमक बनाए रखने के लिए खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने के साथ फल सब्जियां दालें नट्स और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। विटामिन ए विटामिन ई ओमेगा 3 फैटी एसिड और जिंक जैसे पोषक तत्व त्वचा की सामान्य सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्याप्त नींद और तनाव कम रखना भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है।

    अगर त्वचा पर पिंपल्स हैं तो बार बार चेहरा छूने या दाने दबाने से बचना चाहिए। चेहरे को जरूरत से ज्यादा धोना भी त्वचा की प्राकृतिक नमी को नुकसान पहुंचा सकता है। बहुत गर्म पानी और हार्श स्क्रब के इस्तेमाल से भी बचना बेहतर है। इसी तरह नींबू जैसे अम्लीय पदार्थों को सीधे चेहरे पर लगाने से जलन हो सकती है इसलिए ऐसे नुस्खों से सावधानी रखना जरूरी है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि स्किन केयर को किसी एक घरेलू नुस्खे तक सीमित नहीं रखना चाहिए। चेहरे की नियमित सफाई मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल धूप से बचाव संतुलित खानपान पर्याप्त नींद और पानी पीने की अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं। अगर पिंपल्स दाग खुजली लालिमा या किसी अन्य त्वचा संबंधी समस्या लगातार बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

  • रूखी और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो आजमाएं एलोवेरा, चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां जानिए

    रूखी और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो आजमाएं एलोवेरा, चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां जानिए


    नई दिल्ली। एलोवेरा को लंबे समय से त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसकी पत्तियों के अंदर मौजूद जेल त्वचा को ठंडक देने और नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है। बदलते मौसम धूप और प्रदूषण की वजह से अक्सर चेहरा रूखा और बेजान नजर आने लगता है। ऐसे में एलोवेरा को अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल करना एक आसान घरेलू विकल्प हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपनी स्किन टाइप को समझना जरूरी है।

    एलोवेरा जेल का सबसे सामान्य इस्तेमाल चेहरे पर मॉइस्चराइजिंग के लिए किया जाता है। साफ चेहरे पर थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जेल लगाकर हल्के हाथों से मसाज की जा सकती है। कुछ समय बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। अगर त्वचा को एलोवेरा सूट करता है तो नियमित स्किन केयर रूटीन में इसे शामिल किया जा सकता है। एलोवेरा त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है जिससे चेहरा मुलायम महसूस हो सकता है।

    धूप के संपर्क में आने के बाद त्वचा पर गर्माहट या हल्की जलन महसूस हो तो एलोवेरा जेल ठंडक देने में मदद कर सकता है। इसे त्वचा पर रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से लगाया जाना चाहिए। बहुत ज्यादा धूप से हुई जलन या त्वचा पर गंभीर परेशानी होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    अगर आपकी त्वचा बहुत रूखी है तो एलोवेरा जेल के साथ उपयुक्त मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग हल्की मात्रा में जेल का प्रयोग कर सकते हैं। एलोवेरा को चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। गंदगी और पसीने के ऊपर जेल लगाने से स्किन केयर का फायदा कम हो सकता है।

    एलोवेरा को नींबू या बेकिंग सोडा जैसी चीजों के साथ मिलाकर लगाने से बचना चाहिए। ऐसी चीजें कुछ लोगों की त्वचा में जलन या संवेदनशीलता बढ़ा सकती हैं। इसी तरह बाजार से खरीदे गए एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करते समय उसके ingredients को देखना उपयोगी रहता है। खुशबू या अन्य मिलाए गए पदार्थों से संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि एलोवेरा हर तरह की त्वचा की समस्या का इलाज नहीं है। पिंपल्स दाग धब्बे या किसी अन्य समस्या में इसका असर व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग हो सकता है। किसी नए प्रोडक्ट या जेल को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ या त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। अगर लालिमा खुजली या जलन महसूस हो तो इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    स्किन केयर में एलोवेरा के साथ पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना नींद पूरी करना और रोजाना सनस्क्रीन का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण है। केवल किसी एक घरेलू नुस्खे से त्वचा में स्थायी बदलाव की उम्मीद करने के बजाय नियमित और संतुलित स्किन केयर रूटीन अपनाना ज्यादा उपयोगी हो सकता है। सही तरीके और सावधानी के साथ एलोवेरा त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है।

  • चेहरे की देखभाल में नींबू कितना फायदेमंद, जलन और रूखेपन से बचने के लिए जानें सही तरीका और जरूरी स्किन केयर टिप्स

    चेहरे की देखभाल में नींबू कितना फायदेमंद, जलन और रूखेपन से बचने के लिए जानें सही तरीका और जरूरी स्किन केयर टिप्स


    नई दिल्ली। चेहरे की चमक और त्वचा की देखभाल के लिए लोग अक्सर घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। नींबू भी ऐसा ही एक घरेलू विकल्प है जिसमें विटामिन सी और साइट्रिक एसिड पाया जाता है। इसी वजह से इसे त्वचा की सफाई और ऑयली स्किन की देखभाल से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि नींबू को सीधे चेहरे पर लगाना हर किसी की त्वचा के लिए सही नहीं होता। इसमें मौजूद अम्लीय तत्व संवेदनशील त्वचा पर जलन लालिमा और रूखापन पैदा कर सकते हैं। इसलिए नींबू का इस्तेमाल करते समय सावधानी रखना जरूरी है।

    अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील नहीं है तो नींबू का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। इसके लिए तैयार मिश्रण की थोड़ी मात्रा हाथ या बांह के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। अगर जलन खुजली या लालिमा दिखाई दे तो चेहरे पर इसका इस्तेमाल न करें। चेहरे पर नींबू का रस सीधे लगाने से विशेष रूप से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है।

    नींबू को त्वचा की देखभाल में इस्तेमाल करने का एक तरीका इसे किसी मॉइस्चराइजिंग सामग्री के साथ मिलाना है। उदाहरण के लिए दही या एलोवेरा जेल के साथ बहुत थोड़ी मात्रा में नींबू का इस्तेमाल करने की घरेलू परंपरा है। लेकिन संवेदनशील या पहले से irritated त्वचा पर ऐसे प्रयोग भी परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसलिए त्वचा के प्रकार को समझना सबसे जरूरी है। किसी भी घरेलू नुस्खे को रोजाना लगाने के बजाय सीमित मात्रा में और सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए।

    नींबू के इस्तेमाल के बाद धूप से बचाव भी बेहद जरूरी है। नींबू या दूसरे citrus पदार्थ त्वचा को सूर्य की रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं। इसलिए चेहरे पर नींबू आधारित मिश्रण लगाने के बाद धूप में निकलने से बचना चाहिए। दिन के समय बाहर जाते हुए पर्याप्त SPF वाला sunscreen इस्तेमाल करना त्वचा की सुरक्षा के लिए ज्यादा भरोसेमंद उपाय है। नींबू को धूप से झुलसी त्वचा पर लगाने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।

    अगर चेहरे पर मुंहासे दाग धब्बे या pigmentation की समस्या है तो केवल नींबू पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। लगातार बनी रहने वाली त्वचा संबंधी समस्या के लिए त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। घरेलू नुस्खों से हर व्यक्ति को एक जैसा परिणाम मिले यह जरूरी नहीं है। खासकर जिन लोगों की त्वचा पहले से संवेदनशील है उन्हें बिना सलाह के acidic ingredients चेहरे पर लगाने से बचना चाहिए।

    स्किन केयर के लिए नींबू से ज्यादा जरूरी नियमित और सरल routine है। चेहरे को हल्के cleanser से साफ करना पर्याप्त मात्रा में moisturizer लगाना और दिन में sunscreen का इस्तेमाल करना त्वचा की देखभाल का बेहतर आधार बन सकता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और नींद पूरी करना भी त्वचा की सामान्य सेहत के लिए उपयोगी है। नींबू का सेवन भोजन और पेय के रूप में विटामिन सी का स्रोत हो सकता है लेकिन इसे त्वचा पर लगाने को लेकर सावधानी जरूरी है।

    इसलिए अगर आप नींबू से स्किन केयर करना चाहते हैं तो सीधे नींबू का रस चेहरे पर लगाने के बजाय पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता समझें। पैच टेस्ट करें और जलन होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें। सुंदर और स्वस्थ त्वचा के लिए किसी भी घरेलू उपाय से ज्यादा जरूरी सुरक्षित और नियमित स्किन केयर routine है।

  • स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ

    स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन इसके लिए केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। त्वचा की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ज्यादा जरूरी है। धूल मिट्टी प्रदूषण धूप तनाव नींद की कमी और खानपान का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में अगर स्किन केयर रूटीन को सही तरीके से अपनाया जाए तो त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से करनी चाहिए। दिनभर बाहर रहने के दौरान त्वचा पर धूल पसीना और गंदगी जमा हो जाती है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है इसलिए जरूरत से ज्यादा सफाई करने से बचना चाहिए। चेहरे को साफ करने के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना भी जरूरी है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा ज्यादा हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलते समय ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए और जरूरत के अनुसार इसे दोबारा लगाया जा सकता है। इसके साथ छाता टोपी और धूप से बचाने वाले कपड़ों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से की जाने वाली देखभाल पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। भोजन में फल सब्जियां दालें साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। बहुत ज्यादा तला भुना और अत्यधिक मीठा भोजन नियमित रूप से लेने की आदत को कम करना बेहतर हो सकता है।

    इसके अलावा चेहरे को बार बार छूने और बिना जरूरत पिंपल दबाने से बचना चाहिए। मेकअप इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई भी स्वच्छता बनाए रखने में मदद करती है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली लालिमा जलन दाग या किसी तरह का असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही स्किन केयर का मतलब बहुत सारे प्रोडक्ट इस्तेमाल करना नहीं बल्कि अपनी त्वचा की जरूरत समझकर नियमित और संतुलित देखभाल करना है। छोटी छोटी अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।

  • Skin Care Routine: महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं ये छोटी आदतें भी बनाती हैं त्वचा को खूबसूरत जानिए सही तरीका

    Skin Care Routine: महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं ये छोटी आदतें भी बनाती हैं त्वचा को खूबसूरत जानिए सही तरीका


    नई दिल्ली।
     आजकल हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है। इसके लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स से लेकर घरेलू नुस्खों तक कई तरीके अपनाते हैं। लेकिन त्वचा की अच्छी देखभाल केवल किसी एक क्रीम या फेस पैक पर निर्भर नहीं करती। नियमित स्किन केयर रूटीन और रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अपनी त्वचा के प्रकार को समझकर सही उत्पादों का चुनाव करना भी उतना ही जरूरी है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से की जा सकती है। दिनभर चेहरे पर धूल मिट्टी पसीना और अतिरिक्त तेल जमा हो सकता है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना जरूरी है। बहुत ज्यादा तेज या कठोर क्लींजर का इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी और संवेदनशील हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसे उत्पाद चुनने चाहिए जो उनकी त्वचा को परेशान न करें।

    चेहरा साफ करने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना भी जरूरी है। बहुत से लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती लेकिन त्वचा को नमी की आवश्यकता होती है। ऑयली त्वचा के लिए हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुना जा सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करता है।

    स्किन केयर रूटीन में सनस्क्रीन को विशेष महत्व दिया जाता है। धूप में मौजूद UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और लंबे समय में समय से पहले त्वचा पर उम्र के निशान दिखाई देने का एक कारण बन सकती हैं। इसलिए दिन के समय बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना उपयोगी माना जाता है। लंबे समय तक धूप में रहने पर इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

    स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही पर्याप्त नहीं है। खानपान और जीवनशैली का भी ध्यान रखना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी जरूरी है। फल सब्जियां प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित भोजन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। तनाव को कम रखने और नियमित शारीरिक गतिविधि करने से भी समग्र स्वास्थ्य को फायदा मिलता है।

    चेहरे पर बार बार हाथ लगाने या पिंपल्स को दबाने की आदत से बचना चाहिए। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है और दाग पड़ने का खतरा हो सकता है। मेकअप करने वाले लोगों को सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह हटाना चाहिए। साथ ही तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए।

    हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति पर काम करने वाला प्रोडक्ट जरूरी नहीं कि आपकी त्वचा के लिए भी सही हो। नया स्किन केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना उपयोगी हो सकता है। अगर त्वचा पर लगातार खुजली लालिमा मुंहासे सूजन या अन्य परेशानी बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। नियमितता और सही देखभाल के साथ त्वचा को स्वस्थ और बेहतर बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

  • अलसी सिर्फ सेहत के लिए नहीं त्वचा के लिए भी है खास जानिए ग्लोइंग स्किन के लिए कैसे करें इस्तेमाल

    अलसी सिर्फ सेहत के लिए नहीं त्वचा के लिए भी है खास जानिए ग्लोइंग स्किन के लिए कैसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली।अलसी को आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है। अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को मॉइस्चराइज रखने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि आजकल होम स्किन केयर में अलसी से बने जेल और फेस पैक का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय हो रहा है। अगर आप भी अपनी त्वचा को नेचुरल तरीके से निखारने और मुलायम बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं तो अलसी को अपनी स्किन केयर रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

    अलसी से जेल तैयार करना इसका सबसे आसान तरीका माना जाता है। इसके लिए एक से दो चम्मच अलसी को पानी में डालकर धीमी आंच पर कुछ देर उबालें। जब पानी थोड़ा गाढ़ा होने लगे तो गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। इसके बाद साफ कपड़े या छन्नी की मदद से जेल को अलग कर लें। तैयार जेल को साफ डिब्बे में रखकर थोड़ी मात्रा में चेहरे पर लगाया जा सकता है। इसे कुछ देर त्वचा पर रखने के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें।

    अलसी का जेल त्वचा को नमी देने वाली घरेलू देखभाल का हिस्सा बन सकता है। खासकर रूखी त्वचा वाले लोगों को इससे त्वचा में मुलायमपन महसूस हो सकता है। इसमें मौजूद फैटी एसिड त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    अलसी से फेस पैक भी बनाया जा सकता है। इसके लिए अलसी के जेल में थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जेल मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट बाद धो लें। अगर त्वचा पर जलन खुजली या लालिमा महसूस हो तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    कुछ लोग अलसी के पाउडर को दही या अन्य घरेलू सामग्री के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन किसी भी मिश्रण को चेहरे पर लगाने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसमें शामिल सभी सामग्री आपकी त्वचा के अनुकूल हैं या नहीं। नींबू जैसी तेज अम्लीय सामग्री को सीधे चेहरे पर लगाने से बचना बेहतर है क्योंकि इससे कुछ लोगों की त्वचा में जलन या संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

    स्किन केयर में अलसी का इस्तेमाल करते समय स्वच्छता का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। घर पर तैयार किया गया अलसी का जेल लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहता इसलिए इसे कम मात्रा में बनाना बेहतर है। इसे साफ और बंद डिब्बे में रखें तथा खराब गंध या रंग में बदलाव दिखाई देने पर इस्तेमाल न करें। आंखों के आसपास या किसी कटे हुए हिस्से पर इसे लगाने से बचें।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल किसी एक घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप से त्वचा की सुरक्षा करना भी जरूरी है। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली दाने या जलन जैसी समस्या रहती है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। अलसी को स्किन केयर में शामिल करने का उद्देश्य त्वचा को अतिरिक्त घरेलू देखभाल देना है न कि किसी त्वचा संबंधी समस्या का इलाज करना।

  • ऑरेंज से चेहरे की देखभाल का आसान तरीका: विटामिन C से त्वचा को मिल सकता है नेचुरल निखार

    ऑरेंज से चेहरे की देखभाल का आसान तरीका: विटामिन C से त्वचा को मिल सकता है नेचुरल निखार


    नई दिल्ली। संतरा केवल स्वाद और सेहत के लिए ही फायदेमंद फल नहीं माना जाता बल्कि इसमें मौजूद विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की देखभाल में भी उपयोगी हो सकते हैं। संतरे को डाइट में शामिल करने के साथ इसके गूदे और छिलके का इस्तेमाल कुछ घरेलू स्किन केयर तरीकों में किया जाता है। नियमित और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर त्वचा अधिक फ्रेश और स्वस्थ नजर आ सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    संतरे में विटामिन C अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है। संतरे का सेवन शरीर को विटामिन C उपलब्ध कराता है और यह सामान्य कोलेजन निर्माण के लिए भी जरूरी पोषक तत्व है। कोलेजन त्वचा की संरचना को बनाए रखने में मदद करता है। इसी वजह से संतरे जैसे विटामिन C युक्त फलों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाना स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    अगर आप संतरे को त्वचा पर इस्तेमाल करना चाहते हैं तो सबसे आसान तरीका संतरे के गूदे को हल्के हाथों से चेहरे पर लगाना हो सकता है। संतरे के गूदे को मैश करके चेहरे पर पतली परत लगाएं और कुछ मिनट बाद सामान्य पानी से धो लें। इसके बाद हल्का मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। चेहरे पर किसी भी तरह की जलन या खुजली महसूस हो तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें।

    संतरे के छिलके का पाउडर भी घरेलू फेस पैक में इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए सूखे संतरे के छिलके का बारीक पाउडर लेकर उसमें दही या एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ें और फिर पानी से साफ कर लें। यह तरीका त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि खट्टे फलों से कुछ लोगों की त्वचा में जलन या लालिमा हो सकती है।

    संतरे के रस को सीधे चेहरे पर लगाना हर किसी के लिए सही नहीं माना जा सकता। खट्टे फलों में मौजूद एसिड कुछ लोगों की त्वचा में जलन पैदा कर सकता है और धूप के संपर्क में आने पर संवेदनशीलता बढ़ सकती है। इसलिए संतरे के रस को बिना सोचे समझे चेहरे पर लगाने के बजाय सुरक्षित और सौम्य स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। यदि आप घरेलू नुस्खा आजमाना चाहते हैं तो पहले हाथ या कान के पीछे छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।

    ऑरेंज स्किन केयर का फायदा केवल बाहर से लगाने तक सीमित नहीं है। संतरे को खाने से शरीर को विटामिन C और पानी के साथ कई अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। संतुलित आहार में संतरा शामिल करने के साथ पर्याप्त पानी पीना नींद पूरी करना और त्वचा को धूप से बचाना भी जरूरी है। दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना स्किन केयर रूटीन का अहम हिस्सा है।

    अगर त्वचा पर लगातार दाने लालिमा खुजली या जलन की समस्या रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। संतरा स्किन केयर का एक सहायक हिस्सा हो सकता है लेकिन इसे किसी बीमारी या त्वचा की गंभीर समस्या का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। सही खानपान नियमित देखभाल और त्वचा के प्रकार के अनुसार उत्पादों का चुनाव ही स्वस्थ त्वचा के लिए अधिक महत्वपूर्ण है।

  • त्वचा की छोटी छोटी गलतियां पड़ सकती हैं भारी इन आसान उपायों से रखें स्किन का खास ख्याल

    त्वचा की छोटी छोटी गलतियां पड़ सकती हैं भारी इन आसान उपायों से रखें स्किन का खास ख्याल


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन बदलता मौसम धूल मिट्टी प्रदूषण तनाव और गलत खानपान का असर त्वचा पर आसानी से दिखाई देने लगता है। कई बार लोग चेहरे पर निखार लाने के लिए महंगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं लेकिन रोजमर्रा की कुछ सामान्य आदतों में सुधार करके भी त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उसकी सफाई नमी और सुरक्षा का नियमित रूप से ध्यान रखा जाए।

    दिनभर बाहर रहने के दौरान धूल मिट्टी और प्रदूषण त्वचा पर जमा हो सकते हैं। इसलिए चेहरे को अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से साफ करना जरूरी माना जाता है। बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने या तेज साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। ऐसे में त्वचा को साफ रखने के साथ उसकी नमी बनाए रखना भी जरूरी है।

    मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा माना जाता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक मॉइस्चराइजिंग विकल्प उपयोगी हो सकता है। त्वचा को नियमित रूप से मॉइस्चराइज करने से रूखापन और खिंचाव कम महसूस हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा करना भी बेहद जरूरी है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना अच्छी आदत मानी जाती है। धूप में ज्यादा समय बिताना हो तो टोपी या छाते जैसी चीजों से भी त्वचा को बचाया जा सकता है।

    त्वचा की सेहत का संबंध खानपान और जीवनशैली से भी माना जाता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और फल तथा सब्जियों को आहार में शामिल करना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। बहुत ज्यादा तला भुना भोजन और अनियमित दिनचर्या से बचना बेहतर माना जाता है। पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है क्योंकि लगातार नींद की कमी से चेहरा थका हुआ दिखाई दे सकता है।

    चेहरे को बार बार हाथ लगाने और बिना साफ किए मेकअप के साथ सोने से भी बचना चाहिए। मेकअप करने के बाद रात में त्वचा को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। इसके अलावा तकिए के कवर और चेहरे के संपर्क में आने वाली चीजों की सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए।

    घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी जरूरी है। हर प्राकृतिक चीज हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित हो यह जरूरी नहीं है। किसी नए प्रोडक्ट या घरेलू सामग्री को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। यदि त्वचा पर लगातार खुजली जलन लालिमा मुंहासे या कोई अन्य समस्या बनी रहती है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

    कुल मिलाकर त्वचा की देखभाल के लिए महंगे प्रोडक्ट से ज्यादा जरूरी नियमितता है। साफ सफाई मॉइस्चराइजिंग धूप से सुरक्षा संतुलित खानपान पर्याप्त नींद और सही दिनचर्या को अपनी आदत में शामिल करके त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

  • नीम से निखरेगी त्वचा और ऑयलीनेस पर भी लगेगी लगाम? चेहरे पर लगाने से पहले जान लें सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    नीम से निखरेगी त्वचा और ऑयलीनेस पर भी लगेगी लगाम? चेहरे पर लगाने से पहले जान लें सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । आज के समय में धूल मिट्टी प्रदूषण तेज धूप और लगातार बदलती लाइफस्टाइल का असर सबसे पहले त्वचा पर दिखाई देता
    है। चेहरे पर ऑयलीनेस पिंपल छोटे दाने और त्वचा की थकान जैसी परेशानियां आम हो गई हैं। ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स के साथ घरेलू नुस्खों की ओर भी रुख करते हैं। नीम इन्हीं पारंपरिक घरेलू उपायों में शामिल है। नीम की पत्तियों का इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की साफ सफाई के लिए किया जाता रहा है। हालांकि इसे किसी त्वचा रोग का पक्का इलाज मानने के बजाय एक घरेलू स्किन केयर विकल्प के तौर पर ही इस्तेमाल करना बेहतर है।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली है तो नीम की साफ और ताजी पत्तियों को अच्छी तरह धोकर हल्का पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर पतला पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर बहुत मोटी परत में लगाने के बजाय हल्की परत लगाएं और थोड़ी देर बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद त्वचा को रगड़ने के बजाय मुलायम तौलिए से हल्के हाथों से सुखाएं। त्वचा में रूखापन महसूस हो तो हल्का नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। त्वचा को जरूरत से ज्यादा सुखाना भी ठीक नहीं है क्योंकि अत्यधिक ड्राई और इरिटेटेड त्वचा परेशानी बढ़ा सकती है।

    नीम का इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। किसी को घरेलू नुस्खा आराम दे सकता है तो किसी की त्वचा पर जलन लालिमा खुजली या सूखापन हो सकता है। इसलिए पूरे चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर है। अगर जलन या खुजली महसूस हो तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। नीम में नींबू बेकिंग सोडा टूथपेस्ट या किसी तेज रसायन को मिलाकर लगाने से बचना चाहिए। त्वचा को ज्यादा रगड़ना या बार बार नए नुस्खे आजमाना भी नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञ भी मुंहासों वाली त्वचा पर स्क्रबिंग और ऐसी चीजों से बचने की सलाह देते हैं जो त्वचा को इरिटेट कर सकती हैं।

    अगर चेहरे पर कभी कभार छोटे पिंपल निकलते हैं तो नीम आधारित हल्की देखभाल के साथ चेहरे को दिन में जरूरत के अनुसार सौम्य क्लींजर से साफ रखना ज्यादा जरूरी है। मेकअप और स्किन केयर प्रोडक्ट चुनते समय ऑयल फ्री और नॉन कॉमेडोजेनिक विकल्पों को प्राथमिकता दी जा सकती है। दिन में सनस्क्रीन लगाना भी स्किन केयर रूटीन का अहम हिस्सा है। खासकर अगर मुंहासों के बाद चेहरे पर काले दाग रह जाते हैं तो धूप से बचाव जरूरी हो जाता है।

    हालांकि अगर पिंपल लगातार निकल रहे हैं चेहरे पर दर्दनाक गांठें बन रही हैं या मुंहासों के बाद दाग और निशान बढ़ते जा रहे हैं तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसे मामलों में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार मुंहासों के इलाज में कई प्रमाणित टॉपिकल उपचार उपलब्ध हैं और सही उपचार का चुनाव त्वचा की स्थिति और मुंहासों की गंभीरता के आधार पर किया जाता है।

    इसलिए नीम को स्किन केयर रूटीन में शामिल करना हो तो इसे सरल और सीमित तरीके से इस्तेमाल करें। चेहरे पर कुछ भी लगाने से पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता को समझना जरूरी है। खूबसूरत त्वचा के लिए किसी एक घरेलू नुस्खे से ज्यादा जरूरी है नियमित सफाई पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग धूप से सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह। नीम आपकी घरेलू देखभाल का हिस्सा हो सकता है लेकिन स्वस्थ त्वचा के लिए पूरी स्किन केयर रूटीन का विकल्प नहीं है।

  • बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके

    बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। मौसम में बदलाव तनाव नींद की कमी खानपान में पोषक तत्वों की कमी और बालों की गलत तरीके से देखभाल करने जैसी कई वजहों से बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। कुछ मात्रा में बालों का रोज झड़ना सामान्य हो सकता है लेकिन अगर लगातार बाल पहले से ज्यादा गिर रहे हों सिर की त्वचा दिखाई देने लगी हो या बालों की मोटाई तेजी से कम हो रही हो तो इसके कारण पर ध्यान देना जरूरी है। केवल महंगे हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय बालों की देखभाल के साथ खानपान और रोजमर्रा की आदतों में सुधार करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

    बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे पहले संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलना बालों के सामान्य विकास के लिए महत्वपूर्ण है। भोजन में दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल मेवे और बीज जैसे पौष्टिक विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति के भोजन में पोषक तत्वों की कमी है तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। हालांकि बिना जांच के आयरन या किसी अन्य सप्लीमेंट का सेवन शुरू करना उचित नहीं है।

    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।

    हेयर स्टाइलिंग की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लगातार बहुत टाइट पोनीटेल जूड़ा या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ता है बालों को कमजोर कर सकती है। बार बार हेयर स्ट्रेटनिंग कर्लिंग और अत्यधिक गर्म उपकरणों का इस्तेमाल भी बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हीट स्टाइलिंग कम करना और जरूरत पड़ने पर हीट प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। बालों को बार बार केमिकल ट्रीटमेंट देने से भी बचना चाहिए।

    तनाव और नींद की कमी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक तनाव शरीर पर कई तरह से असर डाल सकता है और कुछ लोगों में इसके बाद बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए नियमित नींद हल्की शारीरिक गतिविधि योग या ध्यान जैसी स्वस्थ आदतों को दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना भी शरीर और त्वचा की सामान्य सेहत के लिए जरूरी है।

    अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें या लंबे समय तक समस्या बनी रहे तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। थायरॉयड संबंधी समस्या आयरन की कमी हार्मोनल बदलाव कुछ दवाएं आनुवंशिक कारण या स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी बाल झड़ने की वजह हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना बेहतर रहता है। कारण पता चलने के बाद ही सही उपचार तय किया जा सकता है।

    कुल मिलाकर बालों को झड़ने से रोकने के लिए किसी एक घरेलू उपाय या तेल को चमत्कारी समाधान मानना सही नहीं है। पौष्टिक भोजन नियमित नींद तनाव को नियंत्रित रखना स्कैल्प की उचित सफाई और बालों के साथ कम से कम खिंचाव वाला व्यवहार लंबे समय में बेहतर हेयर केयर रूटीन बनाने में मदद कर सकता है। अगर बालों के झड़ने की समस्या लगातार बढ़ रही है तो समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।