Tag: Bengal

  • बंगाल के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ पर चिराग पासवान ने जताया दुख, राहुल गांधी और बिहार के मुद्दों पर भी दिया बयान

    बंगाल के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ पर चिराग पासवान ने जताया दुख, राहुल गांधी और बिहार के मुद्दों पर भी दिया बयान


    नई दिल्ली ।
    पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है। कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस घटना में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    चिराग पासवान ने कहा कि पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करना और इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ा रहना जरूरी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम रद्द करने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कदम सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उनके मुताबिक, ऐसी दुखद घटना के समय प्रभावित लोगों के साथ खड़े होने और उनकी पीड़ा को समझने की जरूरत है।

    इस दौरान चिराग पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद राहुल गांधी की गोवा में बड़ी रैली प्रस्तावित है। चिराग ने इस स्थिति का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें भी इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। यह टिप्पणी उन्होंने बंगाल हादसे के संदर्भ में की।

    चिराग पासवान ने अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने से जुड़े सवाल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी विदेशी व्यक्ति का भारत आकर विरोध प्रदर्शन करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, सरकार ने इस मामले में उचित कदम उठाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं और ऐसी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

    बिहार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के उस बयान पर भी चिराग पासवान ने आपत्ति जताई, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि हत्याएं होती रहती हैं। चिराग ने कहा कि किसी भी घटना का होना शर्म की बात है और ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि वे ऐसी घटनाओं को सामान्य बताने वाले दृष्टिकोण से सहमत नहीं हैं।

    बिहार की राजनीति से जुड़े सवालों पर भी चिराग पासवान ने अपनी बात रखी। राघोपुर में हुए नाव हादसे को लेकर तेजस्वी यादव की ओर से सरकार पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में चिराग ने कहा कि वह जिम्मेदारी लेते हैं, क्योंकि वे उस क्षेत्र के सांसद हैं। इस बयान के जरिए उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े मामले पर जवाबदेही की बात कही।

    विधान परिषद चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के विधायक अनंत सिंह द्वारा अपनी ही पार्टी की उम्मीदवार का विरोध किए जाने के सवाल पर चिराग ने कहा कि वह किसी दूसरी पार्टी के आंतरिक मामले पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि, उन्होंने चुनाव परिणाम को लेकर विश्वास जताया। उनका कहना था कि जिस तरह विधानसभा चुनाव में परिणाम सामने आए थे, उसी तर्ज पर विधान परिषद चुनाव में भी नतीजे आएंगे और उनका गठबंधन सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगा।

    पश्चिम बंगाल की भगदड़ से लेकर बिहार के हादसों और राजनीतिक घटनाक्रम तक, चिराग पासवान ने अलग-अलग मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उनके बयानों में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना, सार्वजनिक घटनाओं पर जवाबदेही और राजनीतिक विरोधियों की टिप्पणियों पर सवाल प्रमुख रहे।

  • छिंदवाड़ा में बंगाली समाज की अनोखी दुर्गा पूजा, पांच दिन होती है आराधना; चार महीने पहले पहुंचते हैं मूर्तिकार

    छिंदवाड़ा में बंगाली समाज की अनोखी दुर्गा पूजा, पांच दिन होती है आराधना; चार महीने पहले पहुंचते हैं मूर्तिकार

    नई दिल्ली ।शारदीय नवरात्रि के दौरान आम तौर पर मां दुर्गा की आराधना नौ दिनों तक की जाती है, लेकिन छिंदवाड़ा के मोहन नगर में बंगाली समाज की पूजा परंपरा इससे अलग है। यहां बंगाली पंचांग के अनुसार मां दुर्गा की स्थापना पंचमी के दिन की जाती है और पांच दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है, जबकि बंगाली समाज 16 अक्टूबर को मां दुर्गा की स्थापना करेगा और 21 अक्टूबर को विसर्जन किया जाएगा।

    मोहन नगर में बंगाली समाज की ओर से दुर्गा पूजा का आयोजन पिछले करीब 40 वर्षों से किया जा रहा है। इस दौरान विशेष रूप से तैयार किए गए दुर्गा पंडाल में एक साथ मां दुर्गा के साथ लक्ष्मी, सरस्वती, कार्तिक और गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इसके अलावा महिषासुर की मूर्ति भी स्थापित की जाती है। बंगाली समाज में दुर्गा पूजा के लिए अलग विधि-विधान का पालन किया जाता है और इसी परंपरा के अनुसार पांच दिनों तक मां की आराधना की जाती है।

    इस बार बंगाली पंचांग के अनुसार 16 अक्टूबर को मां दुर्गा की स्थापना होगी। पूजा का समापन 21 अक्टूबर को प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ होगा। इस तरह यहां नवरात्रि के पूरे नौ दिनों के बजाय पंचमी से शुरू होकर पांच दिनों तक दुर्गा पूजा की विशेष परंपरा निभाई जाएगी। पूजा के दौरान अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं और कई कार्यक्रम सुबह के समय आयोजित किए जाएंगे।

    बंगाली समाज की पूजा में अष्टमी और नवमी का भी विशेष महत्व है। दोनों तिथियों को मिलाकर एक विशेष पूजा की जाती है, जिसे संधी पूजा कहा जाता है। बंगाली दुर्गा पूजा की परंपरा में इसका खास महत्व माना जाता है। पांच दिनों की इस पूजा व्यवस्था में धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन बंगाली पंचांग और परंपरागत विधि-विधान के अनुसार किया जाता है।

    दुर्गा पूजा के लिए मूर्तियां तैयार करने का काम भी कई महीने पहले शुरू हो जाता है। पश्चिम बंगाल से आने वाले मूर्तिकार छिंदवाड़ा में करीब चार महीने पहले पहुंचते हैं। यहां वे बंगाली समाज की ओर से दिए गए ऑर्डर के अनुसार दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं तैयार करते हैं। मूर्तियों को पूजा के लिए निर्धारित समय तक पूरी तरह तैयार करने के लिए यह प्रक्रिया कई महीनों तक चलती है।

    मूर्तिकार अपने साथ पश्चिम बंगाल से मूर्ति बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली विशेष मिट्टी भी लेकर आते हैं। इसके अलावा मां दुर्गा की प्रतिमा के कपड़े और सजावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बंगाल से ही लाई जाती है। छिंदवाड़ा पहुंचने के बाद मूर्तिकार इन सामग्रियों के साथ चार महीने तक प्रतिमाओं को तैयार करने और उन्हें सजाने का काम करते हैं। पूजा के लिए प्रतिमाओं की तैयारी और सजावट की यह प्रक्रिया पिछले करीब 40 वर्षों से इसी तरह चल रही है।

    छिंदवाड़ा के मोहन नगर में बंगाली समाज की यह दुर्गा पूजा स्थानीय स्तर पर अपनी अलग धार्मिक परंपरा के लिए जानी जाती है। यहां स्थापना का समय, पूजा की अवधि, प्रतिमाओं की संख्या और संधी पूजा जैसी परंपराएं बंगाली पंचांग के अनुसार तय होती हैं। इस वर्ष भी समाज इसी परंपरा के अनुसार 16 अक्टूबर को मां दुर्गा की स्थापना कर पांच दिनों तक पूजा-अर्चना करेगा और 21 अक्टूबर को प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।

  • बंगाल: CM शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति द्वारा एंटी-गुंडा बिल लौटाने की खबरों का किया खंडन…?

    बंगाल: CM शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति द्वारा एंटी-गुंडा बिल लौटाने की खबरों का किया खंडन…?


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने शुक्रवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने ‘गुंडा रोधी विधेयक’ को पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार को वापस भेज दिया है। शुभेंदु ने कहा कि प्रस्तावित कानून फिलहाल गृह मंत्रालय के विचाराधीन है। मीडिया के एक वर्ग में खबर आई थी कि राष्ट्रपति ने विधेयक के एक प्रावधान पर आपत्ति जताते हुए इसे लौटा दिया है, जो केंद्र के एक मादक पदार्थ रोधी कानून के साथ ओवरलैप कर सकता है।

    शुभेंदु ने देर शाम राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह फर्जी खबर है। इसका कोई आधार नहीं है। यह विधेयक अभी राष्ट्रपति तक नहीं पहुंचा है और विचार-विमर्श के लिए गृह मंत्रालय के पास ही है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूद मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक पूर्ण रूप से स्पष्ट है और उन्होंने इसके राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई।

    जून में पारित हुए इस विधेयक का उद्देश्य संगठित अपराध, बार-बार अपराध करने वालों और सार्वजनिक अव्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार को व्यापक अधिकार प्रदान करना है। इस कानून के माध्यम से निवारक हिरासत और संपत्ति जब्ती जैसे उपायों के जरिए सिंडिकेट, जबरन वसूली रैकेट, भूमि कब्जा, अवैध खनन और राजनीतिक हिंसा पर लगाम लगाने का प्रयास किया गया है।

    इससे पहले खबरें आई थीं कि राष्ट्रपति ने एंटी-गुंडा विधेयक राष्ट्रपति द्वारा बिना मंजूरी के वापस लौटा दिया है। ऐसी भी खबरें आई थीं कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बयान दिया है कि अब इसके कानूनी प्रावधानों की जांच करेगी और नए मसौदे पर काम करेगी। इसमें कहा गया था कि एंटी-गुंडा कानून चार अन्य राज्यों में अस्तित्व में है। हम कानूनी तरीकों से काम करेंगे। कोई कठिनाई नहीं होगी।

  • BJP ने 5 राज्यों के चुनाव में खर्च किए 529.38 करोड़ रुपये, सबसे ज्यादा बंगाल में 287 करोड़

    BJP ने 5 राज्यों के चुनाव में खर्च किए 529.38 करोड़ रुपये, सबसे ज्यादा बंगाल में 287 करोड़


    नई दिल्ली
    । भाजपा (BJP) ने पांच राज्यों- असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों (Assembly elections) में कुल 529.38 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें सबसे ज्यादा 286.99 करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल (West Bengal) में खर्च हुए। बंगाल में पार्टी ने चुनाव प्रचार पर 217.16 करोड़ रुपए और उम्मीदवारों पर 69.83 करोड़ रुपए खर्च किए। बाकी 4 राज्यों में पार्टी ने 242 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं, कांग्रेस (Congress) ने कुल मिले चुनावी फंड 207.17 करोड़ रुपये में से सबसे ज्यादा केरल चुनाव में 105.34 करोड़ रुपए खर्च किए। भाजपा का बंगाल में खर्च कांग्रेस के पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में किए गए कुल 248.55 करोड़ रुपए के खर्च से ज्यादा रहा। सीपीआई(एम) का कुल खर्च 39.04 करोड़ रुपए रहा। इसका खुलासा चुनाव आयोग को सौंपी गई खर्च रिपोर्ट से हुआ है। कांग्रेस ने बंगाल चुनाव में 42.08 करोड़ रुपए खर्च किए।


    बंगाल में भाजपा ने 207 सीटों पर जमाया कब्जा

    बंगाल में भाजपा ने 293 सीटों में से 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल को 80 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने राज्य में 293 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा और 2 सीटें जीतीं।


    कांग्रेस ने 42 करोड़ खर्चे

    कांग्रेस ने बंगाल में कुल 42.08 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें 12.96 करोड़ रुपए प्रचार और 29.12 करोड़ रुपए उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर लगाए गए। सीपीआई (एम) ने बंगाल में 197 सीटों पर चुनाव लड़ा और एक सीट जीती। पार्टी ने चुनाव में 8.23 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं, तृणमूल की चुनावी खर्च रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।


    केरल में कांग्रेस खर्च में आगे

    केरल में कांग्रेस ने चुनाव में 105.34 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें प्रचार पर 71.30 करोड़ और उम्मीदवारों पर 34.05 करोड़ रुपए खर्च करना शामिल है। बीजेपी ने केरल में प्रचार पर 54.93 करोड़ और उम्मीदवारों पर 27.74 करोड़ रुपए खर्च किए। सीपीआई (एम) ने 26.30 करोड़ प्रचार और 2.31 करोड़ रुपए उम्मीदवारों पर लगाए।


    भाजपा को चुनाव के दौरान 1,472.8 करोड़ फंड मिला

    बीजेपी ने असम में 96.27 करोड़ रुपए, तमिलनाडु में 51.56 करोड़ रुपए, पुडुचेरी में 11.90 करोड़ रुपए खर्च किए। 5 राज्यों में चुनाव के दौरान भाजपा को 1,472.8 करोड़ रुपए मिले। वहीं, कांग्रेस को 207.17 करोड़ रुपए मिले।

  • कोलकाता में 2,000 बेड वाले गैर-लाभकारी अस्पताल का शिलान्यास, गौतम अदाणी बोले- बंगाल का चिकित्सा भविष्य होगा बेहतर

    कोलकाता में 2,000 बेड वाले गैर-लाभकारी अस्पताल का शिलान्यास, गौतम अदाणी बोले- बंगाल का चिकित्सा भविष्य होगा बेहतर

    नई दिल्ली ।अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार को कोलकाता में 2,000 बेड वाले गैर-लाभकारी अस्पताल अदाणी आरोग्य मंदिर के शिलान्यास के मौके पर इसे पश्चिम बंगाल के चिकित्सा क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ टेक्नोलॉजी और डिजिटल हेल्थ के इस्तेमाल पर भी केंद्रित होगा।

    गौतम अदाणी ने अस्पताल की शुरुआत के अवसर को विशेष दिन बताते हुए कहा कि 2,000 बेड वाला यह गैर-लाभकारी संस्थान आधुनिक मेडिकल कॉलेज, उन्नत शोध और स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधाओं से जुड़ा होगा। उनका कहना है कि टेक्नोलॉजी और डिजिटल हेल्थ को इसमें महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा, जिससे बंगाल में चिकित्सा व्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि अदाणी आरोग्य मंदिर बंगाल के प्रति समूह की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इसके तहत विश्वस्तरीय भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में योगदान देने की बात कही गई है।

    शिलान्यास कार्यक्रम में गौतम अदाणी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनका आभार भी जताया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की प्रस्तावित सुविधाओं और इसके सामाजिक उद्देश्य को लेकर जानकारी साझा की।

    अदाणी के अनुसार अदाणी आरोग्य मंदिर एक विश्वस्तरीय और गैर-लाभकारी चिकित्सा संस्थान होगा। इसमें कुल 2,000 बेड होंगे। इनमें से 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए निर्धारित किए जाएंगे। ऐसे लोग जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं, उनके लिए इन बेड की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बताई गई है।

    अस्पताल के केंद्र में एक मेडिकल कॉलेज भी होगा। इसके साथ उन्नत शोध और चिकित्सा देखभाल से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। गौतम अदाणी ने कहा कि इस व्यवस्था से बंगाल में कुशल स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करने की नींव रखी जाएगी।

    उन्होंने बताया कि अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सुविधाओं के निर्माण में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। उनके अनुसार इस संस्थान से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

    गौतम अदाणी ने कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल में समूह के व्यापक निवेश की योजना भी साझा की। उन्होंने कहा कि 2035 तक बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।

    प्रस्तावित निवेश में कई अलग-अलग क्षेत्र शामिल होंगे। इनमें बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, बिजली उत्पादन, बिजली ट्रांसमिशन और वितरण, सड़कें, पुल और रोपवे के साथ ग्रीन सीमेंट तथा हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

    अदाणी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की इस परियोजना के साथ राज्य में बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की योजना आगे बढ़ाई जाएगी। 2,000 बेड वाला अदाणी आरोग्य मंदिर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा।

    परियोजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए प्रस्तावित 1,000 बेड की व्यवस्था को भी प्रमुख हिस्सा बताया गया है। इसके अलावा मेडिकल शिक्षा और उन्नत शोध के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर जोर दिया गया है।

    इस तरह शिलान्यास कार्यक्रम में अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा, शोध, डिजिटल तकनीक और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सामने रखी गई। साथ ही पश्चिम बंगाल में 2035 तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना भी बताई गई।

  • चुनाव आयोग विवाद पर भाजपा का पलटवार, संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों पर उठाए सवाल

    चुनाव आयोग विवाद पर भाजपा का पलटवार, संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली । चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने आयोग का बचाव किया है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के भीतर अलग-अलग विषयों पर होने वाली चर्चा और असहमति लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

    विवाद की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों के बीच पिछले करीब 10 महीनों में 14 मौकों पर आधिकारिक आपत्तियों और पत्राचार की बात सामने आई है। इन मामलों में SIR, नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6, मतदाता सूची से जुड़े तकनीकी प्रबंधन और पश्चिम बंगाल में नाम हटाने से संबंधित विषय शामिल बताए गए हैं। आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उसके फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए थे।

    संबित पात्रा ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच संवाद और अलग-अलग विचार सामने आना अपने आप में किसी संस्थागत संकट का प्रमाण नहीं है। उनके मुताबिक, किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले चर्चा, विचार-विमर्श और असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वाभाविक प्रक्रिया है। भाजपा ने विपक्ष के उस तर्क को भी खारिज किया जिसमें आयोग के भीतर मतभेदों को उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल के तौर पर पेश किया जा रहा है।

    भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी राजनीति में अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने के बाद विपक्षी दल लगातार संवैधानिक संस्थाओं को विवाद में खींच रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक शैली रही है। भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोप मतदाताओं के जनादेश पर भी सवाल खड़ा करते हैं।

    विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों के आंकड़ों का भी भाजपा ने उल्लेख किया। संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष भाजपा पर मतदाता सूची में नाम हटाकर चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाता है, लेकिन जिन 20 विधानसभा सीटों पर सबसे अधिक मतदाता नाम हटाए जाने की बात सामने आई, उनमें 13 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा छह सीटों पर विजयी रही। इन 20 सीटों में एक सीट कांग्रेस के खाते में भी गई।

    भाजपा ने इन आंकड़ों के जरिए विपक्ष के उन आरोपों पर सवाल उठाया जिनमें मतदाता सूची में बदलाव को सीधे भाजपा के चुनावी लाभ से जोड़ने की बात कही जा रही है। पार्टी का तर्क है कि यदि मतदाता नाम हटाए जाने की प्रक्रिया से भाजपा को सीधा लाभ हुआ होता, तो सबसे अधिक नाम हटने वाली सभी सीटों पर चुनावी परिणाम एक ही दिशा में नहीं होते।

    दूसरी ओर, विपक्षी दल चुनाव आयोग की पारदर्शिता, मतदाता सूची में बदलाव और निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आयोग के भीतर आयुक्तों के बीच हुई आपत्तियों और संवाद को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज है। आयोग की ओर से अपने फैसलों को सामूहिक मंजूरी से लिया गया बताया गया है।

    फिलहाल SIR, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग के भीतर हुई चर्चाओं को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है। भाजपा इन घटनाओं को संस्थागत संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, जबकि विपक्ष इन्हीं घटनाक्रमों के आधार पर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

  • SIR: बंगाल में 37 लाख अपील, 5 माह में निपटी मात्र 1.26 लाख, इस स्पीड से सभी के निपटारे में लगेंगे 12 साल

    SIR: बंगाल में 37 लाख अपील, 5 माह में निपटी मात्र 1.26 लाख, इस स्पीड से सभी के निपटारे में लगेंगे 12 साल


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में गहन पुनरीक्षण अभियान (Intensive Review Campaign- SIR) में नाम कटने के बाद वोटर लिस्ट में दोबारा नाम शामिल करने वाली इतनी अपील आ गई हैं कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा बनाया गया ट्राइबन्यूनल (Tribunal) अगले 12 साल में भी इनका निपटारा नहीं कर पाएगा। चुनाव आयोग ने ही सुप्रीम कोर्ट में जवाब देते हुए बताया है कि पिछले पांच महीने में 1 लाख 26 हजार मामलों का निपटारा हो पाया है। वहीं 37 लाख से ज्यादा अपील ट्राइबन्यूल में आई हैं। ऐसे में अगर यही स्पीड रही तो सारी अपील निपटाने में 12 साल का समय लग जाएगा।


    एक महीने में कितने केस सुलझाए जा रहे

    अगर आंकड़ों पर और ट्राइब्यूनल के काम करने की स्पीड पर कौर करें तो एक महीने में लगभग 25 हजार 238 मामलों का निपटारा हो रहा है। इसमें शनिवार और रविवार को छुट्टी के तौर पर नहीं गिना गया है। वहीं 16 सितंबर तक कुल 37,05,235 केस पेंडिंग हैं। ऐसे में अगर ट्राइबन्यूल सातों दिन लगातार काम करता है और कोई छुट्टी नहीं करता है तो कम से कम 146 महीने लग जाएंगे।

    ऐसे में चुनवा आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारियों की संख्या इतने सारे केस निपटाने के लिए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में ट्राइबन्यूनल की संख्या बढ़ाकर 24 से 42 की जा सकीत है। इसके अलावा न्यायिक अधिकारियों को अगर घर से काम करने की भी सुविधा दी जाए तो काम में तेजी आएगी।

    टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने अपील निपटाने को लेकर एक याचिका फाइल की थी। इसपर जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने बताया कि अगर न्यायिक अधिकारियों को घर से भी काम करने की छूट मिलती है तो केस निपटाने में आसानी होगी।


    कांग्रेस का चुनाव आयोग पर निशाना

    कांग्रेस ने रविवार को निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि एसआईआर वास्तव में मतदाताओं के नाम हटाने की एक बड़े पैमाने की ”शाह इंस्टीगेटेड रिमूवल” (शाह के इशारे पर मतदाताओं के नाम हटाने की) प्रक्रिया तथा ”संविधान पर हमला” है। कांग्रेस ने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर हटाए गए नामों में सबसे अधिक संख्या समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से सबसे कमजोर तथा वंचित वर्गों से आने वाले मतदाताओं की है।

  • बंगाल: CID का दावा- जमीन घोटाले के 7 करोड़ TMC के खाते में आए…. अभिषेक बनर्जी के PA ने उगले राज

    बंगाल: CID का दावा- जमीन घोटाले के 7 करोड़ TMC के खाते में आए…. अभिषेक बनर्जी के PA ने उगले राज


    कोलकाता।
    ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के कार्यकाल के दौरान पश्चिम बंगाल (West Bengal) में हुए साल्बोनी जमीन घोटाले (Salboni land scam) में अब अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) और तृणमूल यूथ कांग्रेस का नाम भी शामिल हो गया है। इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही सीआईडी ने कोर्ट को बताया था कि जमीन घोटाले से मिली रकम तृणमूल के खातों में जमा की गई थी। एजेंसी का दावा है कि डायमंड हार्बर से सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कहने पर ही ये पैसे टीएमसी के खाते में डाले गए। सीआईडी का दावा है कि अभिषेक के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय ने पूछताछ के दौरान यह जानकारी दी है।

    आपको बता दें कि इस मामले में सुमित को तृणमूल के पूर्व MLA सुजय हाजरा और कई अन्य लोगों के साथ पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सुमित को शनिवार को मिदनापुर कोर्ट में पेश किया गया।


    बेच दी गई सरकारी जमीन

    सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी की ओर से कोर्ट में जमा किए गए दस्तावेजों से पता चला कि पूछताछ के दौरान सुमित ने बताया कि अभिषेक के कहने पर सांसद के ट्रेजरर टी. घोष नाम के एक व्यक्ति ने उसे तृणमूल कांग्रेस पार्टी फंड में जमा करने के लिए पैसे दिए थे। सुमित ने दावा किया कि उसने वह पैसा बैंक में जमा कर दिया था। उसने कहा कि उसे जमीन घोटाले से कोई पैसा नहीं मिला। आपको बता दें कि इस मामले में फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके सरकारी जमीन बेची गई थी।

    इस महीने की शुरुआत में, तृणमूल के पूर्व MLA सुजय हाजरा के खिलाफ दायर चार्जशीट में CID ने एक पब्लिक सेक्टर बैंक अकाउंट नंबर का जिक्र किया और कोर्ट को बताया कि सुमित ने 2018 और 2021 के बीच उस खाते में किश्तों में लगभग 7 करोड़ जमा किए थे। CID ने चार्जशीट के साथ इससे जुड़े जरूरी दस्तावेज भी कोर्ट में जमा किए। जांच में पता चला कि कोलकाता की हरीश मुखर्जी रोड ब्रांच में मौजूद वह खाता पश्चिम बंगाल तृणमूल यूथ कांग्रेस के नाम पर रजिस्टर्ड था। सुमित ने उस खाते में इतनी बड़ी रकम क्यों जमा की? शनिवार को कोर्ट में इस बारे में पूछे जाने पर सुमित ने दावा किया कि उसने सांसद अभिषेक बनर्जी के कहने पर पार्टी फंड में पैसे जमा किए थे।


    अभिषेक बनर्जी से भी हो सकती है पूछताछ

    CID अधिकारियों का दावा है कि साल्बोनी में जमीन का फ्रॉड 2018 और 2021 के बीच हुआ था। चार्जशीट में CID ने अभिषेक के बॉडीगार्ड और सुजय के ड्राइवर के बयानों के आधार पर कहा है कि इन गवाहों ने सुजय और सुमित के बीच पैसों के लेन-देन को देखा था। CID का कहना है कि सुमित का अपना कोई ऑफिस नहीं है। वह अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में ही रहता था। सुमित ने अपने बयान में सात करोड़ रुपये के लेन-देन के लिए अभिषेक बनर्जी को ही जिम्मेदार ठहराया है। CID अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर उसका बयान सही साबित होता है तो पैसे के स्रोत का पता लगाने के लिए अभिषेक बनर्जी से भी इस मामले में पूछताछ की जा सकती है।

  • पीएम मोदी के जन्मदिन पर अन्नपूर्णा दिवस, बंगाल में महिलाओं के खातों में पहुंच रही 3000 रुपये की वित्तीय सहायता

    पीएम मोदी के जन्मदिन पर अन्नपूर्णा दिवस, बंगाल में महिलाओं के खातों में पहुंच रही 3000 रुपये की वित्तीय सहायता

    नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर अन्नपूर्णा दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर अन्नपूर्णा योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 3000 रुपये की वित्तीय सहायता भेजी जा रही है। इस महीने करीब 1.58 करोड़ महिलाओं को योजना का लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर पश्चिम बंगाल में इस दिन को अन्नपूर्णा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में राशि भेजी जा रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की माताओं और बहनों के प्रति अपने लगाव का भी उल्लेख किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें हमेशा पश्चिम बंगाल की माताओं और बहनों से बहुत प्यार मिला है। उन्होंने विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए अन्नपूर्णा योजना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इस योजना के जरिए बंगाल की महिलाओं को नई ताकत मिली है। उन्होंने योजना का लाभ उठाने वाली प्रत्येक महिला को बधाई भी दी।

    प्रधानमंत्री ने बंगाल में हुए राजनीतिक बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस साल 4 मई को बंगाल ने बदलाव का एक नया रास्ता चुना और उन्हें पता है कि इस बदलाव में बंगाल की माताओं और बहनों ने सबसे अहम भूमिका निभाई।

    अन्नपूर्णा योजना के तहत सितंबर महीने में करीब 1.58 करोड़ महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में 3000 रुपये की राशि मिलने की जानकारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से दी गई है। इस योजना के लाभार्थियों की संख्या पिछले कुछ महीनों के दौरान बढ़ी है।

    जानकारी के अनुसार जून महीने में अन्नपूर्णा योजना के तहत 28 लाख महिलाओं को राशि मिली थी। इसके बाद जुलाई में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 1.19 करोड़ हो गई। सितंबर महीने में करीब 1.58 करोड़ महिलाओं को सहायता पहुंचाने की बात कही गई है।

    इस भुगतान की खास बात यह बताई गई है कि राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा रही है। इसके साथ ही किसी तरह के बिचौलिये या कट-मनी की व्यवस्था नहीं होने की बात भी कही गई है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं तक वित्तीय सहायता सीधे पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर राज्य में अन्नपूर्णा दिवस मनाए जाने के साथ महिलाओं के खातों में सहायता राशि भेजी जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को देशभर से जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी जा रही हैं।

    अन्नपूर्णा योजना से जुड़ी इस पहल के तहत सितंबर महीने की राशि बड़ी संख्या में महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है। 1.58 करोड़ लाभार्थियों का आंकड़ा जून और जुलाई की तुलना में अधिक है। इस तरह 17 सितंबर का दिन योजना के लाभार्थियों के लिए वित्तीय सहायता मिलने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

    पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा दिवस के रूप में मनाए जा रहे इस दिन के दौरान योजना के लाभार्थियों को 3000 रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया जारी है। योजना के तहत लाभ पाने वाली महिलाओं को इस वित्तीय सहायता का लाभ मिल रहा है।

  • UPSC अनुभव साझा करने वाले वीडियो पर आपत्ति के बाद IPS बुशरा बानो को SAP चौथी बटालियन में मिली नई जिम्मेदारी

    UPSC अनुभव साझा करने वाले वीडियो पर आपत्ति के बाद IPS बुशरा बानो को SAP चौथी बटालियन में मिली नई जिम्मेदारी

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में एक मुस्लिम IPS अधिकारी द्वारा अपने यूट्यूब वीडियो में ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाल्लाह’ जैसे शब्दों का प्रयोग करने के बाद उनके खिलाफ एक्शन हो गया है। खबर है कि राज्य की भाजपा की सरकार ने IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वीडियो पर कुछ दक्षिणपंथी समूहों की आपत्ति जताई थी और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने पब्लिक ऑर्डर का हवाला देते हुए अधिकारी का तबादला कर दिया।

    मामला सामने आने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

    किस वीडियो पर हुआ एक्शन?

    रिपोर्ट के मुताबिक खड़गपुर की एडिशनल एसपी के पद पर तैनात डॉ बुशरा बानो ने यूट्यूब पर एक वीडियो डालकर अभ्यर्थियों के साथ यूपीएससी की तैयारी का अनुभव शेयर किया था। उन्होंने वीडियो में बताया कि सऊदी अरब से लौटने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ‘रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी’ और वहां की लाइब्रेरी से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली। वो दूसरे अभ्यर्थियों को मोटिवेट भी करती नजर आ रही हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

    क्या हुई आपत्ति?

    इस वीडियो पर ‘हिंदू लीगल फंड’ नामक संगठन ने आपत्ति जताते हुए राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष को शिकायत भेजी। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अधिकारी ने वीडियो की शुरुआत ‘अस्सलामु अलैकुम’ से की और ‘इंशाल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ जैसे शब्द भी कहे। शिकायत की गई कि अधिकारी ने एक बार भी ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम’ नहीं बोला। संगठन ने लिखा कि एक ऑन-ड्यूटी अधिकारी को सार्वजनिक तौर पर शब्दों का इस्तेमाल करते समय निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए।

    शिकायत के बाद अब बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर की एडिशनल एसपी पद से हटाकर उन्हें अब स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन में ‘डिप्टी कमांडेंट’ बनाया गया है। वहीं चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल डीसी पार्थ घोष को खड़गपुर में बुशरा बानो की जगह नया एडिशनल एसपी तैनात किया गया है।

    भड़क गईं महुआ मोइत्रा

    IPS अधिकारी के ट्रांसफर की खबर आते ही टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा कि देश नफरत और कट्टरता से भरता जा रहा है। महुआ मोइत्रा ने लिखा, “जिस देश के प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन का उद्घाटन सेंगोल और साधुओं के साथ किया था, उस देश में एक मुस्लिम आईपीएस अधिकारी का सिर्फ ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाअल्लाह’ कहने पर तबादला कर देना हास्यास्पद है।” उन्होंने आगे कहा, “हम एक ऐसे देश में बदलते जा रहे हैं, जो नफरत और कट्टरता से भरा हुआ है। भगवान ही भारत को बचाए।”