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  • कन्नड़ राज्योत्सव पर बेंगलुरु-मुंबई को मिली नई सौगात, अश्विनी वैष्णव ने शुरू की वंदे भारत स्लीपर सेवा

    कन्नड़ राज्योत्सव पर बेंगलुरु-मुंबई को मिली नई सौगात, अश्विनी वैष्णव ने शुरू की वंदे भारत स्लीपर सेवा

    नई दिल्ली । कर्नाटक के स्थापना दिवस यानी कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई सुविधा मिली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को बेंगलुरु के एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (एसएमवीटी) से वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई ट्रेन सेवा का उद्देश्य देश के दो प्रमुख शहरों के बीच रात के समय यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है। इससे तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बेंगलुरु का संपर्क देश की वित्तीय राजधानी मुंबई से बेहतर होगा।

    उद्घाटन समारोह में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी मौजूद रहे। इनके अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, पी.सी. मोहन और सी.एन. मंजूनाथ तथा राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया और जगेश ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

    इस अवसर पर अश्विनी वैष्णव ने कर्नाटक और बेंगलुरु के लोगों को कन्नड़ राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस विशेष अवसर पर बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत की जा रही है। उनके अनुसार, यह देश की तीसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा होगी। उन्होंने इस रेल सेवा को तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बेंगलुरु और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र मुंबई को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सुविधा बताया।

    रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेन के निर्माण और डिजाइन में यात्रियों की सुविधा तथा सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसमें यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई नए फीचर शामिल किए गए हैं। लोकोमोटिव पायलटों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा बर्थ पर आसानी से चढ़ने और उतरने के लिए भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी ट्रेन में विशेष प्रावधान किए गए हैं।

    वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में कुल 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। ट्रेन में 11 एसी थ्री-टियर कोच होंगे, जिनमें 611 यात्रियों के लिए जगह उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा चार एसी टू-टियर कोच में 188 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन में एक फर्स्ट एसी कोच भी होगा, जिसकी क्षमता 24 यात्रियों की होगी। इस तरह अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों को एक ही ट्रेन में यात्रा का विकल्प मिलेगा।

    रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना ने इस मौके पर केंद्र सरकार की रेलवे विकास योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कर्नाटक में रेलवे के विकास पर 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। उनके मुताबिक, देशभर में 14 हजार रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं, जिनमें 900 से अधिक ओवरब्रिज कर्नाटक में हैं। उन्होंने उत्तरी, मध्य और दक्षिणी कर्नाटक में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

    दक्षिण पश्चिम रेलवे इस नई सेवा का संचालन और रखरखाव करेगा। इसके लिए ट्रेन को दो नंबर दिए गए हैं। ट्रेन संख्या 27652 बेंगलुरु के एसएमवीटी से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के बीच चलेगी, जबकि 27651 मुंबई से बेंगलुरु के लिए निर्धारित की गई है।

    बेंगलुरु से मुंबई जाने वाली ट्रेन शाम 7 बजकर 45 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर सीएसएमटी पहुंचेगी। इस यात्रा में करीब 16 घंटे लगेंगे। वापसी में ट्रेन मुंबई से रात 8 बजकर 10 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन दोपहर बेंगलुरु पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। बेंगलुरु से मुंबई की यात्रा सोमवार को और मुंबई से बेंगलुरु की वापसी मंगलवार को ट्रेन नहीं चलेगी। रातभर की इस रेल सेवा से दोनों शहरों के बीच यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी का विकल्प मिलेगा।

  • बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से टकराया पक्षी, सभी 148 यात्री सुरक्षित उतरे

    बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से टकराया पक्षी, सभी 148 यात्री सुरक्षित उतरे


    नई दिल्ली । विशाखापत्तनम से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX2065 पक्षी से टकरा गई। घटना के बावजूद विमान ने अपनी यात्रा पूरी की और बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान में सवार सभी 148 यात्री सुरक्षित हैं। अधिकारियों के अनुसार, घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

    विमान के हवाई अड्डे पर उतरने के बाद उसे पार्किंग स्टैंड पर ले जाया गया। निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत ग्राउंड इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने विमान की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस जांच का उद्देश्य पक्षी से टकराने के कारण विमान के बाहरी ढांचे, इंजन या अन्य तकनीकी हिस्सों को संभावित नुकसान का पता लगाना है। जांच पूरी होने के बाद ही विमान की स्थिति के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

    विमानन क्षेत्र में पक्षियों से टकराने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में विमान के इंजन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए सुरक्षित लैंडिंग के बाद भी तकनीकी निरीक्षण आवश्यक होता है। इस मामले में विमान ने बिना किसी अप्रिय घटना के बेंगलुरु में उतरकर अपनी यात्रा पूरी की। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित रही।

    यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़ी अन्य घटनाओं और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी नजर रखी जा रही है। इसी महीने फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान को सुरक्षा संबंधी अलर्ट के बाद जयपुर में उतारा गया था। उस विमान से कथित तौर पर ‘स्क्वॉक 7500’ संकेत प्रसारित हुआ था। विमानन क्षेत्र में यह कोड विमान अपहरण जैसी गंभीर सुरक्षा स्थिति का संकेत देता है।

    यह अलर्ट अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मिला था। इसके बाद विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा गया। हालांकि, उस समय संकेत जारी होने के वास्तविक कारणों के बारे में तत्काल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई थी। दोनों घटनाएं अलग-अलग परिस्थितियों से संबंधित हैं, लेकिन इनके बीच विमान संचालन और सुरक्षा प्रक्रियाओं का महत्व प्रमुख रूप से सामने आता है।

    इस बीच, पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा हालात का असर भारतीय विमानन कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ रहा है। कई एयरलाइंस ने सऊदी अरब के प्रमुख शहरों के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की हैं। इनमें रियाद, जेद्दा और दम्माम के साथ कुछ कंपनियों की मदीना जाने वाली उड़ानें भी शामिल हैं।

    एयर इंडिया ने रियाद, दम्माम और जेद्दा से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द रखने की घोषणा की है। प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जा रहा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी दम्माम, जेद्दा और रियाद की उड़ानों का निलंबन इसी तारीख तक बढ़ाया है। वहीं, इंडिगो ने इन तीन शहरों के अलावा मदीना की उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द की हैं। अकासा एयर ने रियाद के लिए निलंबन 24 अक्टूबर और जेद्दा के लिए 21 अक्टूबर तक बढ़ाया है।

    एयरलाइंस ने कहा है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और वे क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर रख रही हैं। बेंगलुरु में पक्षी से टकराने की घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच जारी है, जबकि सभी 148 यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई है।

  • Ind vs WI: पांचवां T20 मैच आज बेंगलुरु में… भारत हारा तो 24 साल बाद वेस्टइंडीज टीम रचेगी इतिहास

    Ind vs WI: पांचवां T20 मैच आज बेंगलुरु में… भारत हारा तो 24 साल बाद वेस्टइंडीज टीम रचेगी इतिहास


    बेंगलुरु।
    भारत और वेस्टइंडीज (India vs West Indies) के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज (Five-match T20 series) का निर्णायक मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम (M. Chinnaswamy Stadium, Bengaluru) में खेला जाएगा. सीरीज फिलहाल 2-2 से बराबर है, लेकिन इस मुकाबले से पहले मौसम ने टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा दी है। बारिश (Rain) के कारण मैच में रुकावट आने की आशंका है. अगर भारत (India) यह मुकाबला हार जाता है, तो वेस्टइंडीज (West Indies) के पास 24 साल बाद भारतीय जमीन पर किसी भी फॉर्मेट की सीरीज जीतने का मौका होगा।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, शनिवार को बेंगलुरु में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे. बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं। विभाग ने आकाशीय बिजली के साथ तूफान की चेतावनी भी दी है. मौसम विभाग के अनुसार, शहर में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

    वहीं, BBC की मौसम र‍िपोर्ट के मुताब‍िक- उपलब्ध प्रति घंटा पूर्वानुमान में भी बारिश की आशंका काफी ज्यादा दिखाई गई है. शाम 5 बजे बारिश की संभावना 66 फीसदी है. शाम 6 बजे यह 68 फीसदी, 7 बजे 69 फीसदी और रात 8 बजे 70 फीसदी तक पहुंच जाती है. रात 9 बजे भी बारिश की संभावना 70 फीसदी और 10 बजे 69 फीसदी दिखाई गई है. ऐसे में मैच शुरू होने के समय और उसके बाद भी बारिश खलल डाल सकती है।


    क्या बारिश धुलवा देगी पूरा मैच?

    बारिश का खतरा जरूर है, लेकिन अभी पूरे मैच के धुलने की पुष्टि नहीं की जा सकती. अगर बारिश थोड़ी देर के लिए होती है, तो मैदान खेलने लायक होने पर मुकाबला देरी से शुरू हो सकता है. हालांकि, लगातार बारिश या गरज-चमक के कारण ओवर कम करने की नौबत भी आ सकती है।

    एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की ड्रेनेज व्यवस्था पानी निकालने में मदद करती है. इसके बावजूद लगातार बारिश होने पर मैच समय पर शुरू कराना चुनौती बन सकता है. सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण दोनों टीमें हर हाल में निर्णायक मुकाबला पूरा करना चाहेंगी।

    बल्लेबाजों के लिए अच्छी पिच, ओस भी डाल सकती है असर
    बेंगलुरु की पिच को आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार माना जाता है. IPL में भी यहां बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं, बशर्ते पिच की तैयारी में कोई समस्या न हो. लेकिन इस बार खिलाड़ियों की रणनीति पर पिच से ज्यादा मौसम का असर पड़ सकता है।

    अगर मैच शुरू होकर देर शाम तक चलता है, तो ओस भी भूमिका निभा सकती है. गीली गेंद के कारण गेंदबाजों को ग्रिप बनाने और गेंद पर नियंत्रण रखने में परेशानी हो सकती है. ऐसी स्थिति में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को फायदा मिलने की संभावना रहेगी. टॉस के समय परिस्थितियों का आकलन करना दोनों टीमों के लिए अहम होगा।


    24 साल बाद इतिहास रचने का मौका

    वेस्टइंडीज ने 2002 के बाद से भारत में किसी भी फॉर्मेट की सीरीज नहीं जीती है. ऐसे में शनिवार का मुकाबला उसके लिए इस लंबे इंतजार को खत्म करने का मौका है. पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण दोनों टीमों के सामने जीत की चुनौती है।

    हालांकि, बारिश के कारण मुकाबला प्रभावित होता है, तो सीरीज का फैसला भी मौसम और मैच के नियमों पर निर्भर करेगा. फिलहाल भारत और वेस्टइंडीज दोनों की नजरें बेंगलुरु के आसमान पर रहेंगी. निर्णायक मुकाबले में बारिश सबसे बड़ा विलेन बन सकती है।

    कैसा है भारत का बेंगलुरु में टी20 र‍िकॉर्ड
    भारतीय टीम आख‍िरी बार जब बेंगलुरु में कोई टी20 इंटरनेशनल मैच खेली थी तो वो अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ ‘डबल सुपर ओवर’ वाला मैच था. तब हमारी टीम ने जीत दर्ज की थी. उस मैच के करीब 2 साल बाद बेंगलुरु के एम च‍िन्नास्वामी स्टेड‍ियम में टीम इंड‍िया के सामने वेस्ट इंडीज की टीम है, अभी सीरीज 2-2 से बराबरी पर है. अब शन‍िवार (17 अक्टूबर) को होने वाले मैच से यह तय होगा कि सीरीज कौन जीतेगा।

    भारतीय टीम यहां कुल म‍िलाकर 8 मैच खेली है, जिसमें उसने 4 मैच जीते (डबल सुपर वाला मैच भी शाम‍िल) हैं, 3 मैच में हार म‍िली है और एक मैच बेनतीजा रहा है।

  • सोनू निगम के बंगलूरू कॉन्सर्ट पर विवाद गहराया, कर्नाटक रक्षणा वेदिके ने पुलिस से अनुमति रोकने की मांग की, राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    सोनू निगम के बंगलूरू कॉन्सर्ट पर विवाद गहराया, कर्नाटक रक्षणा वेदिके ने पुलिस से अनुमति रोकने की मांग की, राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    नई दिल्ली । गायक सोनू निगम के बंगलूरू में होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक रक्षणा वेदिके ने पुलिस से 24 अक्तूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति नहीं देने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि अप्रैल 2025 में एक कॉलेज में आयोजित संगीत कार्यक्रम के दौरान सोनू निगम की टिप्पणी से कन्नड़ भाषियों की भावनाएं आहत हुई थीं। संगठन ने इस मुद्दे को उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कॉन्सर्ट को अनुमति दी गई, तो राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है।

    कर्नाटक रक्षणा वेदिके के संयोजक टीए नारायण गौड़ा ने 14 अक्तूबर को बंगलूरू के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर कार्यक्रम पर आपत्ति जताई। पत्र में उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि सोनू निगम के प्रस्तावित कॉन्सर्ट को आयोजित करने की अनुमति न दी जाए। संगठन ने आशंका जताई कि कार्यक्रम को मंजूरी मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की स्थिति पैदा हो सकती है।

    सोनू निगम का यह कार्यक्रम 24 अक्तूबर को शाम सात बजे बंगलूरू के थानिसंद्रा मेन रोड स्थित भारतीय मॉल में प्रस्तावित है। यह आयोजन ‘द रिवोल्यूशन इंडिया टूर’ के तहत किया जाना है। संगठन ने पुलिस से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की है।

    विवाद की वजह अप्रैल 2025 में बंगलूरू के एक कॉलेज में आयोजित संगीत कार्यक्रम के दौरान हुई कथित टिप्पणी बताई जा रही है। कर्नाटक रक्षणा वेदिके के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने सोनू निगम से कन्नड़ भाषा में गाना गाने का अनुरोध किया था। संगठन का आरोप है कि इस अनुरोध के दौरान गायक ने ऐसी टिप्पणी की, जिससे कन्नड़ भाषियों की भाषाई अस्मिता और भावनाओं को ठेस पहुंची।

    टीए नारायण गौड़ा ने पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि किसी कलाकार से कन्नड़ भाषा में गाना गाने का अनुरोध करना कोई अपराध नहीं है। संगठन ने इसी आधार पर आगामी कॉन्सर्ट की अनुमति रोकने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में सोनू निगम की ओर से कोई प्रतिक्रिया दिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    इस विवाद को लेकर पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पत्र में उल्लेख किया गया है कि कर्नाटक रक्षणा वेदिके की बंगलूरू शहरी जिला इकाई के अध्यक्ष टीए धर्मराज ने 2 मई 2025 को अवलाहल्ली पुलिस थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में सोनू निगम की कथित टिप्पणी के संबंध में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई थी।

    अब संगठन ने आगामी कॉन्सर्ट को लेकर अपना विरोध दोबारा सामने रखा है। नारायण गौड़ा ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस कार्यक्रम को अनुमति देती है, तो संगठन राज्यभर में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने पत्र में कहा कि कन्नड़ भाषियों के आत्मसम्मान से बढ़कर किसी कलाकार का कार्यक्रम नहीं है।
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    संगठन ने अधिकारियों से अपनी मांग पर जल्द फैसला लेने और इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में देने का भी अनुरोध किया है। फिलहाल, सोनू निगम के 24 अक्तूबर को प्रस्तावित बंगलूरू कॉन्सर्ट को अनुमति देने या रोकने के संबंध में पुलिस के निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

  • बेंगलुरु में SIR पर जनता की अदालत, ध्रुव राठी और प्रकाश राज होंगे शामिल; महिलाओं के समर्थन में चप्पल प्रदर्शन

    बेंगलुरु में SIR पर जनता की अदालत, ध्रुव राठी और प्रकाश राज होंगे शामिल; महिलाओं के समर्थन में चप्पल प्रदर्शन


    नई दिल्ली ।
    कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर पीपुल्स ट्रिब्यूनल आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज तथा यूट्यूबर ध्रुव राठी शामिल हुए। कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों से SIR से प्रभावित होने का दावा करने वाले लोग भी कार्यक्रम में पहुंचे और मतदाता सूची से जुड़े अपने अनुभव सामने रखे।

    पीपुल्स ट्रिब्यूनल के बाद महिलाओं के समर्थन में चप्पल प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम से पहले प्रकाश राज ने लोगों से बड़ी संख्या में फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है और इसमें सभी नागरिकों को साथ आना चाहिए। उन्होंने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु पहुंचकर इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की थी।

    प्रकाश राज ने एक वीडियो के जरिए ध्रुव राठी के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी भी साझा की थी। इसके बाद ध्रुव राठी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो जारी कर कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी की पुष्टि की। उन्होंने भी कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र को बचाने के लिए है। इसके बाद दोनों की मौजूदगी को लेकर कार्यक्रम से पहले ही चर्चा तेज हो गई थी।

    अभिजीत दीपके ने भी कार्यक्रम को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सत्ता भले ही सरकार के पास हो, लेकिन सड़कें जनता की हैं और इन्हीं सड़कों के जरिए भारत के लोग अपना लोकतंत्र वापस हासिल करेंगे। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम को लेकर लोगों के बीच और अधिक चर्चा हुई।

    6 अक्टूबर को कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा था कि पीपुल्स ट्रिब्यूनल में उन कन्नड़ नागरिकों से बातचीत की जाएगी, जिनके बारे में आरोप है कि उन्हें गलत तरीके से मतदाता सूची से हटा दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य SIR से प्रभावित बताए जा रहे लोगों की बात सुनना और उनके अनुभव सामने रखना बताया गया था।

    रांका ने यह भी कहा था कि पीपुल्स ट्रिब्यूनल के बाद महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए चप्पल प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के जरिए महिलाओं के समर्थन में अपनी आवाज उठाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और छात्रों समेत विभिन्न वर्गों के लोगों की मौजूदगी रही और SIR से संबंधित मुद्दों को लेकर नारे तथा पोस्टर भी दिखाई दिए।

    फ्रीडम पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान SIR को लेकर मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से संबंधित शिकायतों को प्रमुखता से उठाया गया। आयोजकों के अनुसार, कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों से ऐसे लोग कार्यक्रम में पहुंचे, जो इस प्रक्रिया से प्रभावित होने का दावा करते हैं। पीपुल्स ट्रिब्यूनल और उसके बाद हुए चप्पल प्रदर्शन के जरिए आयोजकों ने मतदाता सूची तथा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने की कोशिश की।

  • बेंगलुरु में आज CJP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, ध्रुव राठी-प्रकाश राज भी होंगे शामिल

    बेंगलुरु में आज CJP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, ध्रुव राठी-प्रकाश राज भी होंगे शामिल


    बेंगलुरु। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बेंगलुरु में गुरुवार, 8 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन करेगी। फ्रीडम पार्क में होने वाले इस कार्यक्रम में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज के भी शामिल होने की पुष्टि हुई है।

    10:30 बजे शुरू होगा प्रदर्शन

    CJP की ओर से फ्रीडम पार्क में सुबह 10:30 बजे से प्रदर्शन और ‘पीपल्स ट्रिब्यूनल’ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में कर्नाटक के अलग-अलग जिलों से ऐसे लोगों के पहुंचने की बात कही गई है, जिनका दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए हैं। आयोजकों के मुताबिक, इन लोगों की बात सुनी जाएगी और उनकी शिकायतों को सामने रखा जाएगा।

    इसके बाद CJP की ओर से ‘चप्पल प्रदर्शन’ भी किया जाएगा। पार्टी के मुताबिक, यह प्रदर्शन SIR को लेकर उसके विरोध का हिस्सा है।

    ध्रुव राठी ने वीडियो जारी कर की अपील

    ध्रुव राठी के बेंगलुरु पहुंचने की जानकारी CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रकाश राज की ओर से साझा किए गए वीडियो के जरिए सामने आई। राठी ने भी वीडियो संदेश में 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही और लोगों से प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की। उन्होंने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की भी अपील की है।

    प्रकाश राज ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर राठी को बेंगलुरु कार्यक्रम का ‘स्पेशल गेस्ट’ बताया। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की है।

    SIR पर क्या है प्रदर्शनकारियों की आपत्ति?

    CJP और प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों का आरोप है कि SIR के दौरान कई पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसी मुद्दे पर ‘पीपल्स ट्रिब्यूनल’ में कथित तौर पर प्रभावित लोगों की शिकायतें दर्ज की जाएंगी।

    आयोजकों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में नामों को लेकर जवाबदेही की मांग की है। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।

    दिपके करेंगे लोगों से बातचीत

    CJP संस्थापक अभिजीत दिपके बेंगलुरु में उन स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे, जिनका दावा है कि SIR के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इसके बाद फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया जाएगा।

    CJP पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग और SIR को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इससे पहले पार्टी के नेतृत्व में मुंबई समेत अन्य जगहों पर भी प्रदर्शन हो चुके हैं।

    10 अक्टूबर को दिल्ली में भी प्रदर्शन

    बेंगलुरु के बाद CJP की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन की घोषणा की गई है। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी। ध्रुव राठी ने भी अपने वीडियो संदेश में लोगों से 10 अक्टूबर को दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

    इस बीच, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल भी दिल्ली में प्रदर्शन कर चुके हैं। विपक्ष SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग ने प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों पर अपना पक्ष अलग-अलग मौकों पर रखा है।

  • बेंगलुरु में LPG गैस लीक से किराए के मकान में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के 6 लोग झुलसे

    बेंगलुरु में LPG गैस लीक से किराए के मकान में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के 6 लोग झुलसे


    नई दिल्ली:
    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विनायक लेआउट इलाके में शनिवार सुबह LPG गैस लीक होने के बाद किराए के मकान में आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार के छह लोग झुलस गए, जिनमें चार छोटे बच्चे शामिल हैं। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में खाना बना रहे थे। आग अचानक भड़कने के बाद परिवार के सभी छह सदस्य इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ परिवार मूल रूप से रायचूर का रहने वाला है और बेंगलुरु के विनायक लेआउट इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह परिवार खाना बना रहा था। इसी दौरान LPG सिलिंडर से गैस लीक होने की आशंका है। गैस के लीक होने के बाद अचानक आग भड़क गई और देखते ही देखते घर में मौजूद परिवार के छह सदस्य झुलस गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    हादसे में 40 वर्षीय करिलिंगप्पा, उनकी 42 वर्षीय पत्नी लक्ष्मम्मा और उनके चार बच्चे झुलस गए। घायलों में 11 वर्षीय चैत्र, 9 वर्षीय बसवा और तीन वर्षीय जुड़वां बच्चे गीता और गिरिजा शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद चंद्र लेआउट पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तत्काल सभी छह घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

    डॉक्टरों ने सभी छह घायलों की स्थिति को फिलहाल खतरे से बाहर बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में LPG गैस लीक होने की आशंका सामने आई है, लेकिन हादसे की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल परिवार के सभी घायल सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।

  • मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत का बेंगलुरु तक विस्तार, हासन, उडुपी और कारवार होते हुए चलेगी नई सेवा

    मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत का बेंगलुरु तक विस्तार, हासन, उडुपी और कारवार होते हुए चलेगी नई सेवा


    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार बेंगलुरु तक कर दिया है। अब यह ट्रेन हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु और मडगांव के बीच चलेगी। बदली हुई व्यवस्था के तहत ट्रेन नई समय-सारणी के साथ ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में संचालित होगी। इस विस्तार की जानकारी केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की ओर से दी गई। नई व्यवस्था से इस रेल मार्ग पर यात्रियों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ेंगे और बेंगलुरु, तटीय कर्नाटक तथा गोवा के बीच रेल संपर्क को विस्तार मिलेगा।

    कर्नाटक से आने वाले केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बताया कि मौजूदा मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को अब बेंगलुरु तक बढ़ाया गया है। ट्रेन हासन, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी। कुमारस्वामी कर्नाटक की मांड्या लोकसभा सीट से सांसद हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग और इस्पात मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते यात्री यातायात के साथ पर्यटन, धार्मिक यात्रा, शिक्षा और व्यापार के लिए इस मार्ग के महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु तथा मडगांव को जोड़ने वाली वंदे भारत सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था।

    कुमारस्वामी ने अपने बयान में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुरोध पर रेल मंत्री की ओर से तुरंत और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई। इसके बाद मौजूदा मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार बेंगलुरु तक किया गया है। अब यह ट्रेन बदली हुई समय-सारणी के साथ ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। नई व्यवस्था में हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार के रास्ते बेंगलुरु और मडगांव को जोड़ा गया है।

    कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधुनिक रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और बेंगलुरु, तटीय कर्नाटक तथा गोवा को एक-दूसरे के करीब लाने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन, क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों और राज्यों के बीच आपसी संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के बेंगलुरु तक विस्तार के साथ इस रेल मार्ग से जुड़े यात्रियों को अब नई सेवा के जरिए यात्रा का विकल्प मिलेगा।

    रेल सेवा के इस विस्तार में बेंगलुरु से मडगांव के बीच हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार को जोड़ा गया है। मौजूदा ट्रेन सेवा को विस्तार देने के साथ इसका नाम और ट्रेन नंबर भी बदला गया है। नई व्यवस्था में ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के तौर पर सेवा संचालित होगी। इसके लिए बेहतर समय-सारणी तय की गई है। इस विस्तार को यात्रियों की बढ़ती जरूरतों, पर्यटन, धार्मिक यात्रा, शिक्षा और व्यापार के लिए इस मार्ग के महत्व से जोड़कर देखा गया है। बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए यात्रियों की सुविधा के साथ क्षेत्रीय गतिविधियों और राज्यों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

  • कर्नाटक में एक सप्ताह में तीन करोड़ रुपये के खाद्य उत्पाद और दवाइयां जब्त, स्वास्थ्य मंत्री ने सतर्क रहने को कहा

    कर्नाटक में एक सप्ताह में तीन करोड़ रुपये के खाद्य उत्पाद और दवाइयां जब्त, स्वास्थ्य मंत्री ने सतर्क रहने को कहा


    नई दिल्ली ।कर्नाटक के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के एक डार्क स्टोर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एक्सपायर हो चुके खाने-पीने के सामान और दवाओं के भंडारण तथा बिक्री के खिलाफ राज्य में तेज किए गए अभियान का हिस्सा थी। बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग तथा औषधि सुरक्षा विभाग की ओर से यह अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, डार्क स्टोर पर हुई कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

    इस कार्रवाई के बीच कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने लोगों से सामान खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजें और दवाइयां खरीदने से पहले उनकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचनी चाहिए। ग्राहकों को किसी उत्पाद में संदिग्ध स्थिति नजर आने पर उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की भी अपील की गई है।

    बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में पूरे कर्नाटक में करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य के खाद्य उत्पाद और दवाइयां जब्त की गई हैं। जब्त किए गए सामान में एक्सपायर हो चुके प्रोडक्ट और दवाइयां भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ ऐसे उत्पाद कथित तौर पर बिक्री के लिए स्टोर किए गए थे, जिन पर नए लेबल लगाए गए थे।

    खादर ने ग्राहकों से खाना, दवाइयां और अन्य उत्पाद खरीदते समय उनकी जानकारी अच्छी तरह जांचने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट देखना जरूरी है। साथ ही, यदि किसी व्यक्ति को किसी उत्पाद में कोई छोटा सुराग या संदिग्ध बात दिखाई देती है तो उसकी रिपोर्ट करने की अपील की गई है।

    मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ग्राहकों को उत्पादों की जांच करने में सहायता देने के लिए क्यूआर कोड और बारकोड की व्यवस्था शुरू की है। उन्होंने सोशल एक्टिविस्ट से भी अपील की कि सार्वजनिक स्थानों पर इस व्यवस्था की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि ग्राहक इसका इस्तेमाल कर सकें और उत्पादों के संबंध में अधिक जागरूक हो सकें।

    खादर के मुताबिक, ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों के जरिए ग्राहकों तक एक्सपायर हो चुके तथा गलत लेबल वाले खाद्य उत्पाद और दवाइयां पहुंचने से रोकने के लिए लगातार निगरानी जरूरी है। उन्होंने इस प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्पादों की जांच के साथ संदिग्ध सामान की पहचान और उसे जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने होसकोटे में हुई जांच का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को वहां डार्क स्टोर्स पर करीब 45 लाख रुपये मूल्य की दवाइयां मिलीं। उनके अनुसार, कुछ उत्पादों के लेबल बदले गए थे। इन उत्पादों को अधिकारियों ने अपनी कस्टडी में ले लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।

    राज्य में चल रही कार्रवाई के बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्राहकों को भी सतर्क रहने का संदेश दिया गया है। अधिकारियों की जांच में सामने आए एक्सपायर और गलत लेबल वाले उत्पादों को लेकर लोगों से खरीदारी के समय जानकारी जांचने और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना देने की अपील की गई है। कर्नाटक सरकार की ओर से क्यूआर कोड और बारकोड के जरिए उत्पादों की जांच को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

  • ‘स्वच्छ वायु’ में दिल्ली ने मारी बड़ी छलांग, श्रीनगर-बेंगलुरु समेत कई बड़े शहर पीछे, इंदौर दूसरे स्‍थान पर

    ‘स्वच्छ वायु’ में दिल्ली ने मारी बड़ी छलांग, श्रीनगर-बेंगलुरु समेत कई बड़े शहर पीछे, इंदौर दूसरे स्‍थान पर


    नई दिल्ली।
    सर्दियों में जहरीली हवा और 400 के पार पहुंचने वाले AQI के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाली दिल्ली ने ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026’ में चौंकाने वाला प्रदर्शन किया है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राजधानी ने 172 अंक के साथ 21वां स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि इस रैंकिंग में दिल्ली ने श्रीनगर, बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे कई बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया।

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी सर्वेक्षण में दिल्ली और विशाखापत्तनम को संयुक्त रूप से 21वां स्थान मिला। श्रीनगर 162.6 अंक के साथ 26वें, जबकि बेंगलुरु 152.6 अंक के साथ 32वें स्थान पर रहा। मुंबई को 160.8 अंक मिले और वह 28वें स्थान पर रही। चेन्नई 35वें और कोलकाता 38वें स्थान पर रहा।

    हालांकि, दिल्ली की बेहतर रैंकिंग का मतलब यह नहीं है कि राजधानी की हवा इन शहरों से ज्यादा साफ हो गई है। दरअसल, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में केवल वास्तविक वायु गुणवत्ता को नहीं देखा जाता, बल्कि प्रदूषण कम करने के लिए शहरों की ओर से किए जा रहे प्रयासों और उनके अमल का भी मूल्यांकन किया जाता है।

    प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों पर मिलते हैं अंक

    सर्वेक्षण में सड़क की धूल पर नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उपाय, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबे के प्रबंधन और जन-जागरूकता जैसे कई मानकों को शामिल किया जाता है।

    यही कारण है कि किसी शहर की हवा खराब होने के बावजूद यदि वह प्रदूषण नियंत्रण के लिए बेहतर योजनाएं लागू करता है तो उसे रैंकिंग में फायदा मिल सकता है। इसलिए दिल्ली की 21वीं रैंक को उसकी वायु गुणवत्ता का सीधा प्रमाण मानना सही नहीं होगा।

    लखनऊ नंबर-1, इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे नंबर पर

    10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की सूची में लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। मध्य प्रदेश का इंदौर 197 अंक लेकर दूसरे और जबलपुर 195 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

    भोपाल और आगरा दोनों को 192-192 अंक मिले और वे संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे। यहां यह समझना जरूरी है कि स्वच्छता सर्वेक्षण और स्वच्छ वायु सर्वेक्षण अलग-अलग मानकों पर आधारित होते हैं। इसलिए किसी शहर की दोनों रैंकिंग की सीधे तुलना नहीं की जा सकती।

    इन शहरों से आगे निकली दिल्ली

    दिल्ली की 21वीं रैंकिंग कई प्रमुख शहरों से बेहतर रही। पटना 178 अंकों के साथ 16वें और हैदराबाद 19वें स्थान पर रहा। विशाखापत्तनम दिल्ली के साथ संयुक्त रूप से 21वें स्थान पर रहा।

    इसके बाद मुंबई 28वें, बेंगलुरु 32वें, चेन्नई 35वें और कोलकाता 38वें स्थान पर रहा। यानी राजधानी ने मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता को पीछे छोड़ दिया, हालांकि पटना और हैदराबाद उससे आगे रहे।

    एक साल में 11 पायदान ऊपर पहुंची राजधानी

    दिल्ली के प्रदर्शन में पिछले साल के मुकाबले भी सुधार दर्ज हुआ है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में दिल्ली 32वें स्थान पर थी और उसका स्कोर 157.3 था। इस बार राजधानी का स्कोर बढ़कर 172 हो गया और रैंकिंग 21वें स्थान तक पहुंच गई।

    इस तरह दिल्ली ने एक साल में 11 पायदान की छलांग लगाई है। यह प्रदूषण नियंत्रण के उपायों में सुधार का संकेत जरूर है, लेकिन राजधानी की वास्तविक वायु गुणवत्ता अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    PM2.5 और PM10 की स्थिति अब भी चिंताजनक

    केंद्र सरकार ने 2025 को दिल्ली के लिए 2018 के बाद का सबसे बेहतर साल बताया था, हालांकि कोविड-19 से प्रभावित 2020 को इसमें अलग रखा गया था। इसके बावजूद राजधानी में वार्षिक औसत PM10 का स्तर 198 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM2.5 का स्तर 97 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

    इसके मुकाबले राष्ट्रीय वार्षिक मानक PM10 के लिए 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM2.5 के लिए 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। यानी रैंकिंग में सुधार के बावजूद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर निर्धारित मानकों से काफी ऊपर बना हुआ है।

    सर्दियों में फिर लागू करना पड़ा था GRAP-IV

    दिल्ली की प्रदूषण समस्या की गंभीरता 2025-26 की सर्दियों में भी देखने को मिली। जनवरी 2026 में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने के बाद राजधानी में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-IV लागू करना पड़ा था।

    राजधानी में वायु प्रदूषण के पीछे कई कारण एक साथ काम करते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियां, सड़क की धूल, मौसम की स्थिति और पराली का धुआं मिलकर सर्दियों में स्थिति को और गंभीर बना देते हैं।

    रैंकिंग बढ़ी, लेकिन साफ हवा की चुनौती कायम

    स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में दिल्ली की 21वीं रैंक निश्चित रूप से यह बताती है कि प्रदूषण से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों और उनके क्रियान्वयन में सुधार हुआ है। लेकिन इसे राजधानी की हवा साफ होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    असल कामयाबी तब होगी, जब दिल्ली का PM2.5 और PM10 स्तर लगातार राष्ट्रीय मानकों के करीब पहुंचे और सर्दियों में AQI 400 के पार जाने वाली स्थिति पर प्रभावी तरीके से रोक लगे। फिलहाल दिल्ली ने रैंकिंग में जरूर छलांग लगाई है, लेकिन राजधानी के सामने स्वच्छ हवा की असली परीक्षा अभी बाकी है।