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  • इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    नई दिल्ली ।लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई321 में बम की धमकी मिलने से बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। विमान के बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इस धमकी की जानकारी सामने आई। इसके बाद तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान की व्यापक जांच की गई।

    फ्लाइट के बेंगलुरु पहुंचने के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से उतारा गया और ग्राउंड स्टाफ की सहायता से सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विमान की गहन तलाशी शुरू की।

    जांच प्रक्रिया में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और संबंधित सुरक्षा अधिकारियों ने विमान के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की। सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु अथवा विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बाद बम की धमकी को फर्जी पाया गया।

    जांच पूरी होने के बाद विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई। इस घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की। किसी भी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए विमान और उससे जुड़े सामान की जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

    महत्वपूर्ण बात यह रही कि धमकी का मामला लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान के रवाना होने के समय सामने नहीं आया था। यह जानकारी बेंगलुरु एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने के बाद मिली। इसलिए इस घटना का लखनऊ एयरपोर्ट के संचालन अथवा वहां की सुरक्षा व्यवस्था से सीधा संबंध नहीं बताया गया है।

    विमान में बम की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही। जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के नहीं मिलने के बाद स्थिति सामान्य हुई और विमान को आगे की प्रक्रिया के लिए मंजूरी प्रदान की गई।

    विमानन क्षेत्र में बम की झूठी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती हैं। ऐसी सूचना मिलने पर वास्तविक खतरे की पुष्टि होने तक सुरक्षा एजेंसियों को निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। इसके कारण यात्रियों और विमान संचालन पर अस्थायी असर पड़ सकता है।

    इससे पहले 18 अगस्त को भी इंडिगो की हैदराबाद से विशाखापत्तनम जाने वाली उड़ान 208 को बम की धमकी मिली थी। ईमेल के जरिए मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुई थीं और विमान की व्यापक तलाशी ली गई थी। उस जांच में भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी।

    मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर भी बम संबंधी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। एक यात्री द्वारा अपने बैग में बम होने की बात कहे जाने के बाद दिल्ली जाने वाली इंडिगो उड़ान को उड़ान भरने से पहले रोक दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्री को विमान से उतारकर हिरासत में लिया था।

    लखनऊ-बेंगलुरु उड़ान की ताजा घटना में जांच के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिलने से यात्रियों और विमान की सुरक्षा को लेकर तत्काल खतरा समाप्त हो गया। सुरक्षा एजेंसियां अब धमकी की सूचना के स्रोत और परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।

  • तेज डिलीवरी के पीछे की चुनौतियां उजागर, डार्क स्टोर की स्वच्छता और गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर बढ़ी सरकारी सख्ती

    तेज डिलीवरी के पीछे की चुनौतियां उजागर, डार्क स्टोर की स्वच्छता और गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर बढ़ी सरकारी सख्ती


    नई दिल्ली । शहरी जीवन में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने खरीदारी का तरीका तेजी से बदल दिया है। दूध, सब्जियां, ब्रेड, स्नैक्स और रोजमर्रा की जरूरत का सामान अब कुछ ही मिनटों में घर तक पहुंचने लगा है। Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी सेवाओं ने तेज डिलीवरी को अपनी पहचान बनाया, लेकिन इस मॉडल की चुनौतियां भी अब सामने आ रही हैं।

    सबसे बड़ा सवाल डिलीवरी की रफ्तार को लेकर है। जनवरी 2026 में केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय ने प्रमुख क्विक कॉमर्स कंपनियों के साथ चर्चा कर 10 मिनट की डिलीवरी के प्रचार से पीछे हटने को कहा था। इसके पीछे डिलीवरी पार्टनर्स पर पड़ने वाले समय के दबाव और उनकी सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता प्रमुख थी। इसके बाद कंपनियों ने अपने प्रचार और ब्रांडिंग से 10 मिनट में डिलीवरी के दावे हटाने शुरू किए।

    इस कदम ने यह सवाल खड़ा किया कि ग्राहक को सामान जल्दी उपलब्ध कराने की होड़ का वास्तविक दबाव किस पर पड़ता है। डिलीवरी पार्टनर को ऑर्डर स्वीकार करने, डार्क स्टोर तक पहुंचने, सामान लेने और ट्रैफिक के बीच ग्राहक तक पहुंचने के लिए सीमित समय में कई काम करने होते हैं। ऐसे माहौल में जल्दबाजी सड़क सुरक्षा के लिए जोखिम बढ़ा सकती है।

    क्विक कॉमर्स की दूसरी बड़ी चुनौती खाद्य सुरक्षा और डार्क स्टोर की स्वच्छता से जुड़ी है। डार्क स्टोर ऐसे केंद्र होते हैं जहां ग्राहकों के लिए सामान रखा, संभाला और पैक किया जाता है। ग्राहक इन जगहों पर सीधे खरीदारी नहीं करते, लेकिन उनके घर पहुंचने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता काफी हद तक इन्हीं केंद्रों की व्यवस्था पर निर्भर करती है।

    हाल में मुंबई के मलाड वेस्ट स्थित Blinkit से जुड़े एक डार्क स्टोर पर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान परिसर में स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां और कॉकरोच की मौजूदगी सामने आने के बाद खाद्य लाइसेंस निलंबित किया गया। यह कार्रवाई इस बात को रेखांकित करती है कि तेज डिलीवरी के साथ भंडारण और साफ सफाई के मानकों का पालन भी जरूरी है।

    इसी तरह बेंगलुरु के होस्कोटे क्षेत्र में Zepto से जुड़े एक वेयरहाउस पर भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कार्रवाई की। निरीक्षण में खाद्य पदार्थों की स्टोरेज और हैंडलिंग, लेबलिंग तथा स्वच्छता से संबंधित कई कमियां पाई गईं। इसके बाद संबंधित वेयरहाउस को सील किया गया। इन घटनाओं ने क्विक कॉमर्स कंपनियों की सप्लाई चेन और डार्क स्टोर संचालन पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत को सामने रखा है।

    क्विक कॉमर्स मॉडल में सुविधा और गति दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन खाद्य पदार्थों के मामले में केवल कम डिलीवरी समय पर्याप्त नहीं है। दूध, फल, सब्जियां, ब्रेड और पैकेज्ड फूड जैसे उत्पादों की सही स्थिति बनाए रखने के लिए उचित तापमान, साफ-सफाई, स्टोरेज और हैंडलिंग जरूरी है। यदि इन मानकों में कमी रहती है तो कुछ मिनट की बचत ग्राहक के लिए वास्तविक लाभ नहीं रह जाती।

    इसके साथ ही गिग वर्कर्स के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा भी चर्चा के केंद्र में हैं। सरकार की ओर से क्विक कॉमर्स और अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग वर्कर्स को ई-श्रम व्यवस्था से जोड़ने तथा सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि इस क्षेत्र का भविष्य केवल तेज डिलीवरी पर नहीं, बल्कि सुरक्षित कामकाज और बेहतर नियमन पर भी निर्भर करेगा।

    क्विक कॉमर्स उद्योग के लिए अब चुनौती यह है कि वह सुविधा और गति के साथ सुरक्षा, स्वच्छता और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाए। ग्राहक के लिए कुछ मिनट कम महत्वपूर्ण हैं, यदि उसके बदले डिलीवरी पार्टनर की सुरक्षा या खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता से समझौता करना पड़े। आने वाले समय में इस क्षेत्र की विश्वसनीयता इसी संतुलन से तय होगी।

  • ट्रेकिंग पर गए इंदौर निवासी अद्वैत की तलाश में जुटी बेंगलुरु पुलिस, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

    ट्रेकिंग पर गए इंदौर निवासी अद्वैत की तलाश में जुटी बेंगलुरु पुलिस, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

    नई दिल्ली । कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित शिवगंगे पहाड़ियों से मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी एक युवक के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। लापता युवक की पहचान 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय के रूप में हुई है, जो बेंगलुरु के बेगुर क्षेत्र में रहकर एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने घने पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान प्रारंभ कर दिया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, अद्वैत उपाध्याय ने शुक्रवार को सुबह ट्रेकिंग पर जाने से पूर्व अपनी मंगेतर को अपनी इस यात्रा की जानकारी दी थी। इसके बाद उसने आवागमन के लिए एक दुपहिया वाहन किराए पर लिया और शिवगंगे पहाड़ी की तलहटी में पहुंचा। सुबह लगभग साढ़े छह बजे उसने अपना वाहन पार्क किया और पहाड़ी की ओर चढ़ना शुरू किया। तलहटी के समीप स्थापित सीसीटीवी कैमरों में उसे अकेले पहाड़ी की ओर जाते हुए देखा गया है।

    पहाड़ी पर चढ़ने के कुछ समय बाद से ही अद्वैत का कोई संपर्क नहीं हो सका है और उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा है। लंबे समय तक सुराग न मिलने पर परिजनों ने किसी अनहोनी या राहजनी की आशंका व्यक्त की है। परिजनों को संदेह है कि सुनसान इलाका होने के कारण किसी आपराधिक तत्व ने उसे निशाना बनाया हो सकता है।

    घटना के संबंध में कडुगोडी पुलिस थाने में औपचारिक गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिवगंगे की कठिन और दुर्गम पहाड़ियों में पुलिसकर्मियों की विशेष टीमों के साथ डॉग स्क्वायड को भी तैनात किया गया है। पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दुर्घटना, राहजनी और अपहरण समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहन छानबीन कर रही है।

    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी कर्नाटक पुलिस के संपर्क में हैं। मध्य प्रदेश में अद्वैत के परिवारजन और रिश्तेदार उसकी सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। राज्य के गृह विभाग द्वारा भी इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि तलाशी अभियान में तेजी लाई जा सके।

    बेंगलुरु पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों और पर्यटकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुराग जुटाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। प्रशासन ने जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने और युवक को सुरक्षित ढूंढ निकालने का आश्वासन दिया है।

  • बेंगलुरु के 5-स्टार होटलों में फूड सेफ्टी जांच का बड़ा खुलासा, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड मीट मिलने से हड़कंप

    बेंगलुरु के 5-स्टार होटलों में फूड सेफ्टी जांच का बड़ा खुलासा, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड मीट मिलने से हड़कंप


    नई दिल्ली
    । बेंगलुरु के कई नामी थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों में खाद्य सुरक्षा को लेकर हुई जांच में गंभीर खामियां सामने आई हैं। अधिकारियों की जांच के दौरान कुछ होटलों में फंगस लगी सब्जियां, एक्सपायर्ड दूध और डेयरी उत्पाद, खराब हालत में रखा चिकन, मटन और मछली तथा नियमों के अनुरूप नहीं रखे गए खाद्य पदार्थ मिले। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से 7 अगस्त को चलाए गए इस विशेष निरीक्षण अभियान में शहर के सभी जोन को शामिल किया गया।

    इस अभियान के तहत 30 टीमों ने बेंगलुरु के कुल 26 थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने होटलों की रसोई, खाद्य भंडारण व्यवस्था, लेबलिंग और साफ-सफाई समेत कई मानकों की जांच की। इस दौरान कुछ जगहों पर खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग और लेबलिंग में भी नियमों का पालन नहीं किया गया था। अधिकारियों को कई ऐसे उत्पाद मिले जिनकी निर्धारित उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी। कुछ किचन में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

    जांच के दौरान कुछ होटलों में वेज और नॉन-वेज खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने के नियमों का भी पालन नहीं मिला। अधिकारियों ने बताया कि कुछ जगहों पर खाद्य पदार्थों की सही जानकारी उपलब्ध नहीं थी और जरूरी लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था। इसके अलावा स्टोरेज में एक्सपायर्ड दूध, डेयरी और बेकरी उत्पाद पाए गए। सब्जियों में फफूंदी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण से जुड़ी खामियां भी सामने आईं।

    कार्रवाई के दौरान द ललित अशोक के एनेक्स साउथ परिसर से 76 किलो मीट और 200 किलो सब्जियां जब्त की गईं। इसके अलावा 32 लीटर एक्सपायर्ड दूध भी जब्त कर नष्ट किया गया। शांग्री-ला बेंगलुरु से 15 किलो मीट और फोर सीजन्स होटल बेंगलुरु से 19 किलो मीट जब्त किया गया। विवांता बैंगलोर व्हाइटफील्ड में तीन किलो एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद पाए गए, जबकि ताज यशवंतपुर से 72 किलो मीट और मछली जब्त की गई।

    सबसे बड़ी कार्रवाई रेडिसन ब्लू के द एट्रिया परिसर में सामने आई, जहां कुल 105 किलो एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इनमें 50 किलो चिकन, 23 किलो मीट, 23 किलो मछली और सात किलो सब्जियां शामिल थीं। अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन वाले होटलों को नोटिस भी जारी किए हैं। अब आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर की जाएगी।

    पूरे अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल भी लिए गए हैं। इनमें चाय पाउडर, चिकन, मटन, मछली, खाद्य तेल, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, टोमैटो सॉस, नींबू का रस, चीज, पापड़, काजू, अदरक, काली मिर्च, मसाले और दूध जैसे उत्पाद शामिल हैं। इन नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल संबंधित होटलों से लिए गए सैंपल की लैब रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की स्थिति और स्पष्ट होगी तथा उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • कैब में छूटा वॉलेट संभालकर रखा, बेंगलुरु के ड्राइवर की ईमानदारी ने सोशल मीडिया पर जीता दिल

    कैब में छूटा वॉलेट संभालकर रखा, बेंगलुरु के ड्राइवर की ईमानदारी ने सोशल मीडिया पर जीता दिल

    नई दिल्ली । तेज रफ्तार जिंदगी में जहां अक्सर खोई हुई चीजों के वापस मिलने की उम्मीद कम ही रहती है, वहीं बेंगलुरु से सामने आई एक घटना ने लोगों का भरोसा ईमानदारी और मानवीय मूल्यों पर फिर मजबूत कर दिया है। एक कैब ड्राइवर ने अपनी गाड़ी में छूटे यात्री के बटुए को चार दिन तक सुरक्षित संभालकर रखा और बाद में उसे सही-सलामत उसके मालिक को लौटा दिया। इस घटना की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से हो रही है और लोग ड्राइवर की जिम्मेदारी तथा ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं।

    पूरा मामला तब सामने आया जब एक यात्री ने सोशल मीडिया मंच पर अपना अनुभव साझा किया। उसने बताया कि कुछ दिन पहले वह कैब से अपने घर पहुंचा था। घर लौटने के बाद वह अपनी सामान्य दिनचर्या में व्यस्त हो गया और उसे यह ध्यान ही नहीं रहा कि उसका बटुआ कैब में ही छूट गया है। करीब चार दिन बाद जब उसे अपने वॉलेट की जरूरत पड़ी, तब उसे एहसास हुआ कि वह उसके पास नहीं है।

    स्थिति का पता चलते ही यात्री ने कैब ड्राइवर से संपर्क किया। ड्राइवर ने बातचीत के दौरान बताया कि वाहन उस समय धुलाई के लिए गया हुआ है, लेकिन वह पूरी कोशिश करेगा कि बटुआ खोजकर यात्री को वापस दिया जा सके। ड्राइवर ने न तो कोई बहाना बनाया और न ही जिम्मेदारी से पीछे हटने की कोशिश की, बल्कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

    कुछ घंटों बाद ड्राइवर ने स्वयं यात्री को फोन कर जानकारी दी कि गाड़ी की जांच के दौरान उसे बटुआ मिल गया है। यह सूचना मिलते ही यात्री ने राहत की सांस ली। बाद में बटुआ उसे सुरक्षित लौटा दिया गया। यात्री ने बताया कि बटुए में रखी जरूरी वस्तुएं और अन्य सामान भी सुरक्षित थे, जिससे उसे बड़ी परेशानी से बचने का अवसर मिला।

    इस अनुभव से प्रभावित होकर यात्री ने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर साझा की। उसने लिखा कि आज के समय में ऐसी ईमानदारी दुर्लभ होती जा रही है और कैब ड्राइवर के इस व्यवहार ने उसका लोगों पर भरोसा बढ़ा दिया। उसने ड्राइवर की जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और पेशेवर व्यवहार की खुलकर प्रशंसा की।

    पोस्ट सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने लिखा कि उनके साथ भी अलग-अलग शहरों में इसी तरह के सकारात्मक अनुभव हुए हैं, जहां टैक्सी या कैब चालकों ने खोई हुई वस्तुएं लौटाकर भरोसे की मिसाल पेश की। कुछ लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे ईमानदार लोग ही इंसानियत की पहचान बनाए रखते हैं और उनके छोटे-छोटे कार्य दूसरों को भी सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में यात्रियों और सेवा प्रदाताओं के बीच विश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है। जब चालक अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हैं, तो इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि मजबूत होती है बल्कि पूरे सेवा क्षेत्र की विश्वसनीयता भी बढ़ती है। बेंगलुरु की यह घटना इसी विश्वास का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने यह संदेश दिया है कि ईमानदारी और जिम्मेदारी आज भी समाज में जीवित हैं और ऐसे कार्य लोगों के दिलों में लंबे समय तक अपनी जगह बना लेते हैं।

  • कर्नाटक में फीफा वर्ल्ड कप फाइनल का उत्साह, CM डी.के. शिवकुमार भी करेंगे लाइव स्क्रीनिंग में शिरकत

    कर्नाटक में फीफा वर्ल्ड कप फाइनल का उत्साह, CM डी.के. शिवकुमार भी करेंगे लाइव स्क्रीनिंग में शिरकत

     
    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर कर्नाटक में फुटबॉल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार ने बेंगलुरु में अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले की सार्वजनिक लाइव स्क्रीनिंग को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी इस आयोजन में शामिल होकर फुटबॉल प्रेमियों के साथ मैच का रोमांच साझा करेंगे।

    कर्नाटक राज्य फुटबॉल संघ ने बताया कि युवा सशक्तिकरण एवं खेल विभाग के सहयोग से कोरमंगला स्थित एनजीवी इनडोर स्टेडियम में सोमवार तड़के 12:30 बजे से लाइव स्क्रीनिंग का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रशंसक, खिलाड़ी, खेल अधिकारी, गणमान्य नागरिक और आम लोग मौजूद रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि युवाओं और फुटबॉल प्रेमियों की लगातार मांग को देखते हुए सरकार ने सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति दी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मैच का आनंद पूरी शालीनता और जिम्मेदारी के साथ लें। किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी। उन्होंने कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, इसलिए किसी भी परिणाम के बाद संयम बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

    सरकार की ओर से बेंगलुरु पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। विश्व कप फाइनल को देखते हुए शहर के कई रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स को देर रात 3:30 बजे तक भोजन सेवा जारी रखने की अनुमति दी गई है, ताकि मैच देखने पहुंचे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    इस बार का विश्व कप फाइनल बेहद रोमांचक माना जा रहा है। गत चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फाइनल खेल रही है और अपने चौथे विश्व कप खिताब की तलाश में है। वहीं 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन 16 साल बाद फाइनल में पहुंची है और दूसरी बार ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की नजर एक बार फिर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और स्पेन की युवा टीम के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी।

    कर्नाटक सरकार की पहल से यह साफ है कि राज्य में फुटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सार्वजनिक स्क्रीनिंग के जरिए हजारों प्रशंसक एक साथ विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबले का रोमांच महसूस कर सकेंगे।

  • बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा

    बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले से पहले कर्नाटक सरकार ने फुटबॉल प्रशंसकों को बड़ी राहत देते हुए सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद बेंगलुरु सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में फुटबॉल प्रेमी बड़े पर्दे पर स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्क्रीनिंग की मंजूरी की घोषणा करते हुए सभी प्रशंसकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

    मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं और खेल प्रेमियों की ओर से उन्हें लगातार संदेश और अनुरोध मिल रहे थे। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने विश्व कप फाइनल की सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग इस ऐतिहासिक मुकाबले का उत्साहपूर्वक आनंद लें लेकिन कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

    डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सभी प्रशंसक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और किसी भी स्थिति में शांति भंग न होने दें। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जीत और हार को खेल भावना के साथ स्वीकार करें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और कर्नाटक अपनी शांतिप्रिय संस्कृति के लिए जाने जाते हैं और फुटबॉल प्रेमियों को भी उसी पहचान को कायम रखना चाहिए। उन्होंने सभी युवाओं खेल प्रेमियों और फुटबॉल प्रशंसकों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ मैच का आनंद लें और खेल को उत्सव की तरह मनाएं।

    विश्व कप फाइनल को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। पुलिस प्रशासन ने शहर के रेस्तरां और फूड आउटलेट्स को रात देर तक भोजन सेवा जारी रखने की अनुमति दी है ताकि मैच देखने पहुंचे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके तहत कई प्रतिष्ठानों को सुबह साढ़े तीन बजे तक फूड सर्विस जारी रखने की अनुमति दी गई है।

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के बीच सोमवार तड़के भारतीय समयानुसार रात 12 बजकर 30 मिनट पर खेला जाएगा। स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है जबकि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। पूरी दुनिया की नजर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और स्पेन की युवा टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई है।

  • बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उड़ान से पहले सुरक्षा अलर्ट, इंडिगो विमान के शौचालय में मिला धमकी भरा नोट; एफआईआर दर्ज कर जांच तेज

    बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उड़ान से पहले सुरक्षा अलर्ट, इंडिगो विमान के शौचालय में मिला धमकी भरा नोट; एफआईआर दर्ज कर जांच तेज

    नई दिल्ली । बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अहमदाबाद के लिए रवाना होने वाली इंडिगो की एक उड़ान में बम की धमकी वाला हस्तलिखित नोट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। उड़ान भरने से कुछ समय पहले विमान के शौचालय में मिले इस नोट ने एयरपोर्ट प्रशासन, एयरलाइन और सुरक्षा अधिकारियों को तुरंत सक्रिय कर दिया। घटना के बाद मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए और विमान को उड़ान भरने से पहले विस्तृत जांच के लिए रोक दिया गया।

    जानकारी के अनुसार यह घटना इंडिगो की फ्लाइट 6ई-6423 में हुई, जो शाम के समय अहमदाबाद के लिए निर्धारित थी। उड़ान से करीब 25 मिनट पहले विमान के आगे वाले शौचालय में एक हस्तलिखित पर्ची मिली, जिस पर बम होने की चेतावनी लिखी गई थी। नोट मिलने की सूचना मिलते ही चालक दल ने तत्काल एयरपोर्ट अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दी, जिसके बाद विमान को अलग स्थान पर ले जाकर सुरक्षा जांच शुरू की गई।

    सुरक्षा एजेंसियों ने विमान के प्रत्येक हिस्से की गहन तलाशी ली। इस दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया। विमान के अंदर मौजूद सामान और अन्य हिस्सों की सावधानीपूर्वक जांच की गई, लेकिन किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बम की धमकी झूठी थी और विमान में कोई सुरक्षा जोखिम मौजूद नहीं था।

    घटना के बाद एयरलाइन ने एयरपोर्ट पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि इस तरह की झूठी धमकी से उड़ान संचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों के साथ-साथ चालक दल की सुरक्षा को लेकर अनावश्यक चिंता उत्पन्न हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान के शौचालय में यह नोट किसने रखा और इसके पीछे उसका उद्देश्य क्या था। अधिकारियों का मानना है कि विमान में मौजूद यात्रियों, चालक दल और एयरपोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जाएगी ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल के महीनों में देश के विभिन्न हवाई अड्डों और उड़ानों में बम की झूठी धमकियों के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। पिछले महीने भी लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान में शौचालय के भीतर टिश्यू पेपर पर बम से संबंधित संदेश लिखा मिला था। उस समय भी सुरक्षा एजेंसियों ने विमान को उड़ान से पहले रोककर पूरी जांच की थी और अंततः कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की झूठी धमकियां केवल सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव ही नहीं डालतीं, बल्कि उड़ानों के संचालन, यात्रियों की यात्रा और एयरपोर्ट की सामान्य गतिविधियों को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए हर सूचना की पूरी जांच की जाती है। फिलहाल बेंगलुरु की इस घटना में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और नोट रखने वाले व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट और एयरलाइन की ओर से सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया गया।

  • एलपीजी डिलीवरी में बड़ा बदलाव, अब ऐप से 10 मिनट में मिलेगा गैस सिलेंडर, देश की पहली ऑन-डिमांड सेवा शुरू

    एलपीजी डिलीवरी में बड़ा बदलाव, अब ऐप से 10 मिनट में मिलेगा गैस सिलेंडर, देश की पहली ऑन-डिमांड सेवा शुरू

    नई दिल्ली । देश में रसोई गैस की डिलीवरी व्यवस्था अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। पहली बार क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑन-डिमांड एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी सेवा शुरू की गई है। इस नई सुविधा के तहत ग्राहक मोबाइल ऐप के जरिए गैस सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे और निर्धारित क्षेत्र में कम समय के भीतर उसकी डिलीवरी प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य घरेलू एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को पहले से अधिक तेज, सुविधाजनक और आधुनिक बनाना है। फिलहाल इस सेवा की शुरुआत बेंगलुरु से की गई है और आने वाले समय में इसे देश के अन्य शहरों तक विस्तार देने की योजना बनाई गई है।

    नई सेवा के तहत क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के साथ साझेदारी की है। कंपनी का दावा है कि यह भारत की पहली ऐसी ऑन-डिमांड एलपीजी डिलीवरी सेवा है, जिसमें ग्राहक ऐप के माध्यम से सीधे गैस सिलेंडर मंगा सकते हैं। शुरुआती चरण में ग्राहकों को 10 किलोग्राम का एचपी नव्या कंपोजिट एलपीजी सिलेंडर और 5 किलोग्राम का मेटल सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का कहना है कि भविष्य में सेवा का दायरा बढ़ने के साथ अधिक शहरों और उत्पादों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

    एचपीसीएल का एचपी नव्या कंपोजिट सिलेंडर पारंपरिक गैस सिलेंडरों की तुलना में कई मायनों में अलग है। यह वजन में हल्का होने के साथ जंग-रोधी भी है। इसकी पारदर्शी बाहरी संरचना के कारण उपभोक्ता आसानी से सिलेंडर में बची हुई गैस का स्तर देख सकते हैं। इससे गैस खत्म होने का अनुमान पहले से लगाया जा सकता है और समय पर नया सिलेंडर मंगाने में सुविधा मिलती है। इस सिलेंडर को विशेष रूप से छोटे परिवारों, छात्रों, अकेले रहने वाले लोगों और अपार्टमेंट में रहने वाले उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    इस सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि नया सिलेंडर लेने के लिए पहले से घरेलू एलपीजी कनेक्शन होना अनिवार्य नहीं होगा। पहली बार ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को इसे नए कनेक्शन की तरह उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद जब सिलेंडर खाली हो जाएगा तो उपभोक्ता उसे वापस देकर रिफिल सिलेंडर मंगा सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस सिलेंडर खरीदने और दोबारा भरवाने की पूरी प्रक्रिया को सरल और अधिक सुविधाजनक बनाना है, ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यकता के समय लंबा इंतजार न करना पड़े।

    कंपनी के अनुसार सभी सिलेंडरों की डिलीवरी एचपीसीएल के अधिकृत वितरकों और प्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से की जाएगी। इससे सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा और उपभोक्ताओं को प्रमाणित सेवा मिलेगी। साथ ही डिलीवरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के कारण ऑर्डर ट्रैकिंग और समयबद्ध आपूर्ति जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यह मॉडल पारंपरिक गैस वितरण व्यवस्था के साथ आधुनिक तकनीक का प्रभावी समन्वय प्रस्तुत करता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऑन-डिमांड एलपीजी डिलीवरी की यह पहल शहरी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी सुविधा साबित हो सकती है। तेज डिलीवरी, हल्के कंपोजिट सिलेंडर और डिजिटल ऑर्डरिंग जैसी सुविधाएं गैस वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक और उपभोक्ता केंद्रित बनाएंगी। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो आने वाले समय में देश के अन्य शहरों में भी इसी प्रकार की सेवाओं का विस्तार देखने को मिल सकता है, जिससे घरेलू एलपीजी वितरण व्यवस्था में व्यापक बदलाव आने की संभावना है।

  • बायोकॉन में ₹3,481 करोड़ की ब्लॉक डील से शेयरों में जबरदस्त उछाल, 18 महीने की सबसे बड़ी तेजी के बाद निवेशकों की नजर आगे की चाल पर

    बायोकॉन में ₹3,481 करोड़ की ब्लॉक डील से शेयरों में जबरदस्त उछाल, 18 महीने की सबसे बड़ी तेजी के बाद निवेशकों की नजर आगे की चाल पर

    नई दिल्ली । फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बायोकॉन के शेयरों में मंगलवार को बाजार खुलते ही तेज खरीदारी देखने को मिली, जिससे कंपनी का शेयर एक समय सात प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 18 महीनों के सबसे बड़े एकदिवसीय उछाल की ओर बढ़ गया। बाजार में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी में बड़े पैमाने पर हुई ब्लॉक डील और प्रमुख निवेशक मायलन द्वारा अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी रही। इस घटनाक्रम के बाद निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है और बाजार की नजर अब आगे होने वाले बदलावों पर टिक गई है।

    बाजार में आई तेजी के पीछे सबसे अहम कारण मायलन की ओर से बायोकॉन में मौजूद अपनी 5.64 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना मानी जा रही है। इस हिस्सेदारी का अनुमानित मूल्य करीब 3,481 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। जैसे ही इस बड़े सौदे की जानकारी बाजार तक पहुंची, निवेशकों की सक्रियता बढ़ गई और शेयर में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर ने मजबूत बढ़त दर्ज करते हुए कई महीनों का उच्च स्तर छू लिया।

    कारोबारी सत्र की शुरुआत में लगभग नौ करोड़ शेयरों का बड़ा ब्लॉक डील बाजार में दर्ज किया गया। पहले चरण में करीब 4.4 करोड़ और दूसरे चरण में लगभग 4.6 करोड़ शेयरों की खरीद-बिक्री हुई। दोनों सौदों को मिलाकर यह संख्या लगभग उतनी ही रही, जितनी हिस्सेदारी मायलन के पास थी। हालांकि शुरुआती कारोबार के दौरान इन शेयरों के खरीदार और विक्रेता की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई, लेकिन बाजार विशेषज्ञों ने इसे बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी वाला महत्वपूर्ण लेनदेन माना।

    उपलब्ध शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार कंपनी में प्रमोटर किरण मजूमदार-शॉ की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है, जबकि ग्लेंटेक इंटरनेशनल के पास करीब 15 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूद है। इसके अलावा कई घरेलू म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियां भी कंपनी में महत्वपूर्ण निवेश बनाए हुए हैं। बड़ी संख्या में खुदरा निवेशकों की भागीदारी भी कंपनी में बनी हुई है, जिससे यह शेयर लंबे समय से निवेशकों के बीच लोकप्रिय माना जाता है।

    हाल के महीनों में बायोकॉन के शेयर ने लगातार सकारात्मक प्रदर्शन किया है। पिछले एक सप्ताह में इसमें उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई, जबकि एक महीने के दौरान भी शेयर मजबूत स्थिति में बना रहा। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक निवेशकों को दोहरे अंक का रिटर्न मिल चुका है। वहीं लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भी कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में बेहतर लाभ दिया है, जिससे इस शेयर पर भरोसा बना हुआ है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि किसी बड़े निवेशक के बाहर निकलने का अर्थ हमेशा कंपनी के मूलभूत कारोबार में कमजोरी नहीं होता। कई बार वैश्विक कंपनियां अपनी निवेश रणनीति में बदलाव के तहत हिस्सेदारी बेचती हैं। ऐसे में बाजार की वास्तविक प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि इन शेयरों को कौन से नए निवेशक खरीदते हैं और कंपनी की भविष्य की कारोबारी रणनीति कैसी रहती है।

    बायोकॉन से जुड़े इस बड़े घटनाक्रम ने फिलहाल बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आने वाले दिनों में निवेशकों की निगाह कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न, संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों और कारोबारी प्रदर्शन पर बनी रहेगी। यदि कंपनी अपने परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन को मजबूत बनाए रखती है, तो शेयर की आगे की दिशा पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।