Tag: Betul News

  • नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव बैतूल को नगर निगम बनाने की तैयारी तेज 26 पंचायतों का सर्वे शुरू

    नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव बैतूल को नगर निगम बनाने की तैयारी तेज 26 पंचायतों का सर्वे शुरू


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव से पहले बैतूल को नगर निगम का दर्जा दिए जाने की तैयारी तेज हो गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्तावित नगर निगम की सीमा तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर को उन ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है जिन्हें नई नगर निगम सीमा में शामिल किया जाना प्रस्तावित है। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी।

    बैतूल को नगर निगम बनाने की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल का विधानसभा क्षेत्र है। प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में गतिविधियां तेज होने के बाद इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं बढ़ गई हैं।

    नगर निगम गठन की प्रक्रिया के तहत जनपद पंचायत बैतूल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कराया है। इसमें पंचायत सचिव रोजगार सहायक और अन्य कर्मचारियों की जानकारी एकत्र की गई है। यह रिपोर्ट संबंधित एसडीएम और राजस्व अधिकारियों के माध्यम से कलेक्टर को भेजी जा चुकी है ताकि प्रशासनिक मूल्यांकन पूरा किया जा सके।

    जानकारी के अनुसार इस विषय पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बैठक भी आयोजित की गई है जिसमें प्रस्तावित क्षेत्रों को नगर निगम सीमा में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके बाद संबंधित गांवों की प्रशासनिक स्थिति आबादी और अन्य आवश्यक मानकों का परीक्षण शुरू किया गया है।

    प्रस्ताव के अनुसार कुल 26 ग्राम पंचायतों को बैतूल नगर निगम की सीमा में शामिल किया जा सकता है। इनमें कढ़ाई दनोरा बड़ोरा आरूल बाजपुर भैंसदेही खेड़ली मरामझिरी टेमनी जामठी खेड़ला डहरगांव खेड़ी सांवलीगढ़ महदगांव भड़ूस कुम्हारटेक भोगीतेड़ा रोढ़ा सूरगांव भरकावाड़ी खंडारा मलकापुर मिलानपुर बयावाड़ी ढोड़वाड़ा और खड़ला शामिल हैं। इन क्षेत्रों के शामिल होने से नगर निगम की आबादी और क्षेत्रफल दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो नगर निगम गठन से पहले कैबिनेट की स्वीकृति आवश्यक होगी। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों को पंचायत क्षेत्र से हटाकर नगर निगम सीमा में शामिल किया जाएगा। साथ ही इन क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम पंचायत मतदाता सूची से हटाकर नगर निगम की मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी करना आवश्यक होगा ताकि अगले नगरीय निकाय चुनाव नई व्यवस्था के तहत कराए जा सकें।

    वर्तमान में मध्य प्रदेश में 16 नगर निगम हैं। इनमें भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर उज्जैन सागर रीवा सतना सिंगरौली छिंदवाड़ा रतलाम मुरैना कटनी देवास खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री पहले ही विदिशा को नगर निगम बनाने की घोषणा कर चुके हैं हालांकि वहां प्रक्रिया अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंची है। अब बैतूल को लेकर भी प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होने से आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।

  • जयपुर में छिपा था कफ सिरप तस्करी का आरोपी, बैतूल पहुंचते ही STF ने दबोचा

    जयपुर में छिपा था कफ सिरप तस्करी का आरोपी, बैतूल पहुंचते ही STF ने दबोचा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में कफ सिरप तस्करी के बड़े नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में राज्य एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता मिली है। भोपाल में 49,920 ऑनरेक्स कफ सिरप की भारी मात्रा में बरामदगी के मामले में फरार चल रहे 30 हजार रुपए के इनामी आरोपी अर्जुन मालवीय उर्फ निखिल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ था।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर एसटीएफ लगातार नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान पता चला कि वह अपने एक परिचित से मिलने के लिए बैतूल आने वाला है। जैसे ही आरोपी बैतूल पहुंचा, एसटीएफ की टीम ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

    एसटीएफ भोपाल के एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार, गांधी नगर इलाके में पकड़ी गई अवैध कफ सिरप फैक्ट्री के खुलासे के बाद अर्जुन मालवीय का नाम जांच में सामने आया था। इसके बाद से ही उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी और उसकी तलाश तेज कर दी गई थी।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बागसेवनिया क्षेत्र के सुरेंद्र पैलेस में ‘अर्जुन ट्रेडर्स’ के नाम से ड्रग लाइसेंस हासिल किया था। इसी लाइसेंस का इस्तेमाल कथित तौर पर कफ सिरप की खरीद-फरोख्त से जुड़े कागजी रिकॉर्ड तैयार करने और अवैध सप्लाई को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

    एसटीएफ की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस स्थान पर लाइसेंस के तहत दुकान संचालित दिखाई गई थी, वह केवल कागजी दिखावे के लिए बनाई गई थी। करीब 10 महीने पहले यह दुकान लाइसेंस लेने के उद्देश्य से खोली गई थी, लेकिन वहां कभी भी ऑनरेक्स कफ सिरप की कोई वास्तविक स्टॉक मौजूद नहीं पाया गया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब एसटीएफ उससे पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और इस अवैध कारोबार में जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कफ सिरप तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है और आने वाले दिनों में कई और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई हैं।

  • काम का बोझ या आपसी झगड़ा? आमला में देर रात घर लौटने को लेकर विवाद के बाद महिला का सुसाइड, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

    काम का बोझ या आपसी झगड़ा? आमला में देर रात घर लौटने को लेकर विवाद के बाद महिला का सुसाइड, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार


    नई दिल्ली । बैतूल जिले के आमला से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गृहक्लेश और तंगहाली ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। वार्ड नंबर-1 में रहने वाली 30 वर्षीय महिला नीलू नागले ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ (सल्फास) खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

    विवाद और तंगहाली: दो मासूमों के सिर से उठा मां का साया
    घटना की जानकारी मिलते ही आमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जहाँ मृतका के सिरहाने से सल्फास की खाली डिब्बी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में इस आत्मघाती कदम के पीछे पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी को मुख्य कारण माना जा रहा है।

    देर रात घर लौटने पर होता था झगड़ा
    थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर के अनुसार, नीलू बर्तन मांजने का काम करती थी। काम की अधिकता के कारण उसे अक्सर घर लौटने में देर हो जाती थी। इसी बात को लेकर पति विजय नागले, जो कि एक होटल में काम करता है, के साथ उसका अक्सर विवाद होता था। अंतिम मुलाकात: शनिवार रात करीब 12:30 बजे नीलू अपने पति के पास से बच्चों को लेने गई थी।

    संदिग्ध स्थिति: उसके कुछ ही समय बाद नीलू की तबीयत बिगड़ी और जहर के असर के कारण उसकी मौत हो गई। आर्थिक दबाव: पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर परिवार चला रहे थे, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते घर में मानसिक तनाव बना रहता था।

    पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है और मामले के हर पहलू की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या की असल वजह स्पष्ट हो सके।

  • बैतूल प्रशासन का बड़ा एक्शन, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हटेगा अवैध अतिक्रमण

    बैतूल प्रशासन का बड़ा एक्शन, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हटेगा अवैध अतिक्रमण

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि गांव-गांव तक अवैध कब्जों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आमजन को हो रही परेशानियों को देखते हुए उठाया गया है।

    इस संबंध में एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए राजस्व विभाग, नगर पालिका, जनपद पंचायत और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया है। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटाने की जिम्मेदारी दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार जिले में बाजारों, बस्तियों और ग्रामीण सड़कों पर तेजी से अतिक्रमण बढ़ा है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। कई जगहों पर स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि एंबुलेंस, पुलिस वाहन और दमकल जैसी आपात सेवाओं को भी पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह और गंभीर रूप ले सकती है। इसी को देखते हुए अब नियमित अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

    एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने कहा कि अतिक्रमण केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है बल्कि यह आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

    इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रमुख बाजार क्षेत्रों और मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान को विस्तार दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अवैध कब्जे हटाएं और सरकारी जमीन या सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करें।

    इस सख्त कार्रवाई से जहां एक ओर आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से अतिक्रमण कर बैठे लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि जिले में व्यवस्था और आवागमन को सुचारु बनाया जा सके।

  • मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला नगर में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार के दौरान चिता से शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार भीमनगर निवासी 62 वर्षीय शकुंतला गुजरे का मंगलवार को निधन हो गया था। परिजनों ने नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार शुरू कर दिया और स्थानीय मोक्षधाम में चिता भी तैयार कर दी गई थी। इसी दौरान अचानक स्थिति बदल गई।

    महाराष्ट्र के सौसर क्षेत्र से पहुंची मृतका की बहन अंजली ने अंतिम दर्शन के दौरान शरीर पर कुछ संदिग्ध चोट के निशान देखे। इन निशानों को देखकर उन्होंने तुरंत हत्या की आशंका जताई और अंतिम संस्कार रोकने की मांग की। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिता से शव को उतरवाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश या हिंसा शामिल है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • बैतूल में बहू की मारपीट से वृद्ध सास की मौत, डेढ़ महीने बाद आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में बहू की मारपीट से वृद्ध सास की मौत, डेढ़ महीने बाद आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर रूप ले लिया, जिसमें एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 19 फरवरी 2026 की है। शिकायतकर्ता शारदा (55), निवासी ग्राम पिपरिया, ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह लगभग 9 बजे आरोपी रश्मि चिकाने उनके घर के सामने आई और बिना किसी कारण लकड़ी से उनके सिर पर हमला कर दिया।

    शिकायत में बताया गया कि रश्मि चिकाने ने इससे पहले अपनी सास, 82 वर्षीय प्रमिला बाई चिकाने, के साथ भी मारपीट की थी। इस हमले में वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के समय बीचबचाव करने पहुंचे दिनेश पाठेकर और कलश पाठेकर को भी चोटें आईं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए मुलताई अस्पताल ले जाया गया।

    पुलिस ने बताया कि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। डेढ़ महीने की जांच और प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी रश्मि चिकाने को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

    स्थानीय लोगों और परिजनों ने इस घटना को घरेलू हिंसा का गंभीर उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वृद्ध और असहाय लोगों के साथ मारपीट और हिंसा अत्यंत दुखद है और समाज में ऐसे मामलों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और आरोपी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू विवाद अक्सर छोटे मुद्दों से शुरू होते हैं, लेकिन यदि समय रहते समाधान नहीं किया जाए तो ये जानलेवा स्थिति में बदल सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में वृद्धों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है।

    मुलताई पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी थी और घटना के डेढ़ महीने बाद आरोपी की गिरफ्तारी ने पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद दी है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    इस घटना ने यह भी दर्शाया कि वृद्ध महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ कड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है। बैतूल पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    घटना के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन मांग कर रहे हैं कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन सतर्क रहें।

  • बैतूल में नाबालिग किशोरी का अपहरण और सौदा, तीन गिरफ्तार, एक फरार

    बैतूल में नाबालिग किशोरी का अपहरण और सौदा, तीन गिरफ्तार, एक फरार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और उसे अवैध रूप से बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित बरामद किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

    जानकारी के अनुसार, मामला थाना मोहदा क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार के पिपरिया निवासी फरियादी ने 6 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री 4 नवंबर की शाम घर से लापता हो गई थी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से तत्काल मदद मांगी। पुलिस ने रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू की और नाबालिग की खोज में जुट गई।

    जांच में सामने आया कि नाबालिग को कुछ आरोपियों ने अपहरण कर उसे डेढ़ लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामला को गंभीरता से लिया और भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस ने स्थानीय और आस-पास के इलाकों में छापेमारी कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। खोजबीन के दौरान नाबालिग किशोरी को सुरक्षित बरामद किया गया और उसे परिवार के पास लौटा दिया गया। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

    थाना मोहदा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के सामने रखी है। पुलिस इस मामले में पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा चुकी है और फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान चला रही है।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और सभी माता-पिता से अपील की गई है कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न होने पर नाबालिगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसलिए परिवार और समाज को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    बैतूल पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों को भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपी कानून के अनुसार सख्त सजा पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    इस सनसनीखेज घटना ने बच्चों की सुरक्षा, अभिभावकों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता के महत्व को फिर से सामने रखा है। पुलिस और प्रशासन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे समाज को सचेत रहने की जरूरत है।

  • इश्क का 'खूनी' स्टेटस: 350 KM स्कूटी चलाकर प्रेमिका के पास पहुँचा युवक, सीने में गोली मार कर दी जान

    इश्क का 'खूनी' स्टेटस: 350 KM स्कूटी चलाकर प्रेमिका के पास पहुँचा युवक, सीने में गोली मार कर दी जान


    उज्जैन।  जो इल्ज़ाम बाकी रह जाए, मेरे कफ़न पर लिख देना और कल खेल खत्म मेरा सोशल मीडिया पर ये आखिरी शब्द लिखकर बैतूल के एक युवक ने मौत का ऐसा खौफनाक रास्ता चुना जिसने सबको सुन्न कर दिया। उज्जैन की बंगाली कॉलोनी में शनिवार शाम 21 साल के निखिल आहके ने अपनी प्रेमिका के जीजा के घर पहुँचकर खुद को गोली मार ली। यह आत्महत्या एकतरफा जुनून और टूटते रिश्तों के बीच छिपे मानसिक अवसाद की गवाही दे रही है।

    बैतूल से उज्जैन: मौत का लंबा सफर
    निखिल मूल रूप से बैतूल जिले के सारणी का रहने वाला था। वह घर का इकलौता बेटा था, जिसके पिता की मौत पहले ही एक हादसे में हो चुकी थी।

    फरवरी से लापता: निखिल फरवरी में काम का बहाना बनाकर घर से निकला था। उसने परिवार के सभी सदस्यों को ब्लॉक कर दिया था ताकि कोई उसकी लोकेशन न जान सके।

    350 KM की यात्रा: अपनी प्रेमिका से मिलने की जिद में वह स्कूटी चलाकर करीब 350 किलोमीटर दूर उज्जैन पहुँचा। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच बातचीत बंद थी, जिससे निखिल गहरे तनाव में था।

    वारदात: पलक झपकते ही खत्म हो गई जिंदगी
    शनिवार शाम जब निखिल अपनी प्रेमिका के रिश्तेदार के घर पहुँचा, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि उसके पास हथियार है। घर के अंदर जाते ही उसने अचानक अपनी छाती पर बंदूक तानी और ट्रिगर दबा दिया। गोली चलने की गूँज सुनते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुँची पुलिस को युवक का शव और उसके आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट मिले, जो उसने सुसाइड से ठीक पहले अपलोड किए थे।

    तबाही के पीछे का सच: इकलौता बेटा और बेबस माँ
    निखिल की मौत ने उसके परिवार को सड़क पर ला खड़ा किया है। घर की आर्थिक स्थिति पहले ही ठीक नहीं थी; दादी की पेंशन और परिजनों की मेहनत से घर चलता था। इकलौते बेटे की इस सनक भरी मौत ने उसकी माँ को पूरी तरह तोड़ दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक के पास अवैध हथियार कहाँ से आया और क्या उसे उकसाने में किसी और की भी भूमिका थी।

    पुलिस की जांच और CCTV
    नीलगंगा थाना पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे CCTV फुटेज कब्जे में लिए हैं, जिसमें निखिल की आखिरी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। पुलिस उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है ताकि इस आत्मघाती कदम के पीछे की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

    यह घटना याद दिलाती है कि रिश्तों का टूटना दुखद हो सकता है, लेकिन अपनी जान लेना समाधान नहीं; निखिल ने 350 KM का सफर अपनी मोहब्बत पाने के लिए तय किया था, पर अंत में उसने अपने परिवार को कभी न खत्म होने वाला दर्द दे दिया।

  • बैतूल छात्रवृत्ति घोटाला: पुलिस के हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी, 'गांव की बेटी योजना' में हुआ था बड़ा गबन

    बैतूल छात्रवृत्ति घोटाला: पुलिस के हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी, 'गांव की बेटी योजना' में हुआ था बड़ा गबन


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाले करीब डेढ़ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ‘गांव की बेटी योजना’ के तहत छात्राओं के हक की राशि डकारने वाले इस जालसाजी मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रकाश बंजारे के रूप में हुई है, जो जिले के प्रतिष्ठित जेएच कॉलेज जयवंती हक्सर कॉलेज में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था।

    यह पूरा मामला सरकारी खजाने में सेंधमारी और उन बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ का है, जिनके लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भेजती है। जांच के दौरान सामने आया कि यह घोटाला करीब 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये का है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर कर ‘गांव की बेटी योजना’ के लिए आवंटित राशि का गबन किया। प्रकाश बंजारे पर आरोप है कि उसने पद का दुरुपयोग करते हुए इस वित्तीय अनियमितता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरकारी धन को अवैध रूप से ठिकाने लगाने में मदद की।

    बैतूल पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। विभाग के भीतर चल रहे इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद से ही पुलिस की टीमें कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थीं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी प्रकाश से पूछताछ में इस घोटाले के कुछ और बड़े नामों और बैंक खातों की जानकारी सामने आ सकती है, जहाँ गबन की गई राशि ट्रांसफर की गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद जेएच कॉलेज और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। छात्राओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में इतने बड़े स्तर पर सेंधमारी ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि क्या इस घोटाले की जड़ें कॉलेज प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक भी फैली हुई हैं। फिलहाल, प्रकाश बंजारे की गिरफ्तारी को इस करोड़ों के घोटाले के खुलासे में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।