इस संबंध में एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए राजस्व विभाग, नगर पालिका, जनपद पंचायत और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया है। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटाने की जिम्मेदारी दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार जिले में बाजारों, बस्तियों और ग्रामीण सड़कों पर तेजी से अतिक्रमण बढ़ा है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। कई जगहों पर स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि एंबुलेंस, पुलिस वाहन और दमकल जैसी आपात सेवाओं को भी पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह और गंभीर रूप ले सकती है। इसी को देखते हुए अब नियमित अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने कहा कि अतिक्रमण केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है बल्कि यह आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रमुख बाजार क्षेत्रों और मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान को विस्तार दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अवैध कब्जे हटाएं और सरकारी जमीन या सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करें।
इस सख्त कार्रवाई से जहां एक ओर आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से अतिक्रमण कर बैठे लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि जिले में व्यवस्था और आवागमन को सुचारु बनाया जा सके।
