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  • रात 3 बजे भोपाल में दहशत! दो बदमाशों ने खुलेआम चलाई गोलियां, CCTV में कैद हुई वारदात; FIR में देरी का आरोप

    रात 3 बजे भोपाल में दहशत! दो बदमाशों ने खुलेआम चलाई गोलियां, CCTV में कैद हुई वारदात; FIR में देरी का आरोप


    भोपाल भोपाल में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में रात करीब 3 बजे दो बदमाशों ने कथित तौर पर फायरिंग की। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें दोनों आरोपी फायरिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। देर रात हुई इस वारदात के बाद आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया। पुलिस अब वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी है।

    बताया जा रहा है कि फायरिंग की यह घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी हुई है। घटना के बाद फरियादी अजय बैरागी शिकायत दर्ज कराने कजलीखेड़ा थाने पहुंचा। फरियादी ने आरोप लगाया कि उसने पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की लेकिन तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई और उसे थाने से वापस भेज दिया गया। इस आरोप के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं।

    हालांकि कजलीखेड़ा थाना प्रभारी पल्लवी पांडे ने पुलिस पर लगे आरोपों को खारिज किया है। थाना प्रभारी के मुताबिक मामले में FIR दर्ज करने में पुलिस की ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। उन्होंने बताया कि फरियादी पक्ष थाने में मौजूद है और मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

    पुलिस के मुताबिक फायरिंग का आरोप बैरागढ़ चीचली निवासी जीतू यादव पर लगाया गया है। दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद और पुरानी रंजिश होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुरानी रंजिश की वजह क्या थी और इसी विवाद के चलते फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी था।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिला है। वीडियो में दो लोग फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें नजर आ रहे लोगों की पहचान की जांच कर रही है। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है ताकि वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग के समय घटनास्थल पर कितने लोग मौजूद थे और आरोपियों के पास हथियार कहां से आया। घटना के बाद आरोपी मौके से किस दिशा में भागे और उन्हें किसी अन्य व्यक्ति ने मदद पहुंचाई या नहीं इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

    आधी रात करीब 3 बजे हुई इस फायरिंग ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के लिए देर रात खुलेआम गोली चलने की घटना डर का कारण बनी हुई है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करना और फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाना है। फिलहाल पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

  • 17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच

    17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच


    भोपाल । भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हत्या के बाद किशोर के शरीर के एक हिस्से को काटकर छोटे तालाब में फेंके जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन बार तालाब में सर्चिंग की लेकिन अब तक उस अंग की बरामदगी नहीं हो सकी है। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पॉलीथिन जरूर मिली लेकिन उसमें वह अंग नहीं था जिसकी तलाश की जा रही थी। अब पुलिस आरोपियों के बयानों के साथ उनके बैंक खातों मोबाइल फोन कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क और कथित आर्थिक लालच की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात की साजिश 5 अगस्त को रची थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त की रात किशोर को 100 रुपए देने का लालच देकर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद किलोल पार्क के आसपास उसकी हत्या कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि शरीर के हिस्से को काटने के लिए नया शेविंग ब्लेड खरीदा गया था जबकि हत्या में इस्तेमाल छुरी एक विधि विवादित बालक अपने साथ लेकर आया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जोहेब खान के साथ आमिर और तीन विधि विवादित बालकों को पकड़ा है।

    हत्या के बाद किशोर के शरीर के काटे गए अंग को छोटे तालाब में फेंकने की बात आरोपियों ने पुलिस को बताई थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने तालाब में तीन अलग अलग बार सर्चिंग की। हर बार उस इलाके के आसपास तलाश की गई जहां आरोपियों ने अंग फेंकने की बात कही थी। तलाशी के दौरान एक पॉलीथिन मिली और आरोपियों ने दावा किया कि इसी पॉलीथिन में अंग को बांधकर तालाब में फेंका गया था। हालांकि जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पॉलीथिन के अंदर वह अंग मौजूद नहीं था।

    अब पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि पानी के बहाव के कारण वह दूसरी जगह पहुंच गया हो या कई दिनों तक पानी में रहने के कारण जैविक अपघटन हो गया हो। पानी में मौजूद जीव जंतुओं और अन्य प्राकृतिक कारणों से भी उसके नष्ट होने की संभावना पर जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी संभावना को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। तालाब की गहराई पानी के बहाव और आसपास की भौगोलिक स्थिति को समझकर आगे की सर्चिंग की रणनीति तैयार की जा रही है।

    मामले की जांच में आर्थिक लेन देन भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बन गया है। मुख्य आरोपी जोहेब के बैंक खाते में 12 लाख रुपए आने की सूचना सामने आई थी लेकिन पुलिस की तस्दीक में खाते में इतनी रकम जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों की लेन देन हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या वारदात से पहले या बाद में किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से आरोपियों को कोई रकम मिली थी।

    पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के संपर्क में कौन लोग थे और वारदात से पहले तथा बाद में उनकी किस किस व्यक्ति से बातचीत हुई। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कथित आर्थिक लालच की जानकारी आरोपियों को कहां से मिली और क्या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका थी।

    पूछताछ में आरोपियों के व्यवहार को लेकर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों में घटना को लेकर पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे और वे कथित तौर पर घटना के बारे में सामान्य तरीके से बात कर रहे थे। अब जांच एजेंसियां उनके आपसी संपर्क और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों को जोड़कर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी हैं।

    फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोर के शरीर के लापता हिस्से की बरामदगी और हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद की पूरी पुष्टि करना है। तीन बार तालाब में तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है। इस मामले में आने वाले दिनों में बैंक लेन देन और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े नए सुराग सामने आने की उम्मीद है।

  • भोपाल में 17 साल के किशोर की हत्या से सनसनी: दो करोड़ के लालच में वारदात का आरोप, शरीर का हिस्सा गायब

    भोपाल में 17 साल के किशोर की हत्या से सनसनी: दो करोड़ के लालच में वारदात का आरोप, शरीर का हिस्सा गायब


    भोपाल  भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक किशोर को कथित तौर पर दो करोड़ रुपए कमाने के लालच में निशाना बनाया गया। पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद उसके शरीर के एक हिस्से को अलग कर कहीं भेजने की योजना बनाई गई थी। हालांकि इन आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच और पुष्टि अभी जारी है।

    शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र का रहने वाला किशोर अपने परिवार का इकलौता बेटा था और मोती मस्जिद इकबाल मैदान समेत आसपास के इलाकों में फेरी लगाकर पेन और कॉपी बेचता था। उसकी कमाई से ही परिवार का गुजारा चलता था। छह अगस्त को वह इकबाल मैदान क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।

    करीब पांच दिन बाद 11 अगस्त को किशोर का शव छोटे तालाब से बरामद हुआ। शव की स्थिति खराब होने के कारण तत्काल पहचान नहीं हो सकी। बाद में कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया।

    जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर एक नाबालिग संदेही को हिरासत में लिया। पूछताछ में कथित तौर पर किशोर की हत्या और उसके शरीर के एक हिस्से को अलग किए जाने से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जोहेब नेहा समेत कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। करीब 13 लोगों से पूछताछ की जा रही है जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ लोगों ने नाबालिगों को कथित तौर पर यह लालच दिया था कि शरीर के एक विशेष अंग को विदेश भेजकर करोड़ों रुपए कमाए जा सकते हैं। इसी लालच में किशोर को मदद करने का भरोसा देकर सुनसान स्थान पर ले जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि हत्या के बाद शरीर के एक हिस्से को अलग किया गया और उसे दिल्ली के रास्ते विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी। इस कथित सौदे में शामिल लोगों और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है।

    आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रविवार रात कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। छोटे तालाब और आसपास के इलाकों में भी तलाश अभियान चलाया गया लेकिन शव का लापता हिस्सा अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साजिश के पीछे कौन लोग हैं और क्या वास्तव में किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से इसका संबंध है।

    मामले में उस समय एक नया मोड़ आया जब एक अन्य 17 वर्षीय किशोर अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचा। उसने आरोप लगाया कि संदिग्धों ने उसे भी निशाना बनाने की कोशिश की थी। किशोर के मुताबिक आरोपियों ने उसे पकड़कर गला दबाने की कोशिश की और हथियार दिखाए। वह किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर भाग गया। उसने यह भी दावा किया कि आरोपी आपस में हत्या के बाद शरीर से संबंधित हिस्सा निकालने की बात कर रहे थे।

    फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य फोकस आरोपों की पुष्टि करने के साथ शव के लापता हिस्से की बरामदगी और पूरी साजिश में शामिल लोगों की पहचान पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।

  • भोपाल के होटल में पुलिसकर्मी बनकर घुसे चार लोग, युवक-युवती को केस में फंसाने की धमकी देकर ऐंठे 70 हजार

    भोपाल के होटल में पुलिसकर्मी बनकर घुसे चार लोग, युवक-युवती को केस में फंसाने की धमकी देकर ऐंठे 70 हजार


    नई दिल्ली। भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक होटल के कमरे में युवक और युवती से कथित तौर पर पुलिसकर्मी बनकर पैसे वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि चार लोग सामान्य कपड़ों में होटल के कमरे में पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर युवक-युवती से पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद दोनों को केस में फंसाने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया गया। इसी दबाव के बीच आरोपियों ने युवक से करीब 60 से 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। घटना की शिकायत मिलने के बाद पिपलानी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस के मुताबिक घटना 3 अगस्त की शाम करीब 6 बजे की है। बरखेड़ी खुर्द निवासी युवक पिपलानी इलाके के एक होटल में युवती के साथ कमरे में मौजूद था। इसी दौरान चार लोग कमरे में पहुंचे। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और युवक-युवती से पूछताछ करने लगे। अचानक कमरे में इस तरह पहुंचने और खुद को पुलिसकर्मी बताने के कारण दोनों घबरा गए। आरोपियों ने उन्हें कथित तौर पर कार्रवाई और केस में फंसाने की धमकी दी।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने युवक पर दबाव बनाया। इसी दौरान उनमें से एक व्यक्ति ने खुद को मदद करने वाला बताते हुए मामले को खत्म कराने और युवक-युवती को कार्रवाई से बचाने की बात कही। आरोप है कि इसी बहाने युवक से करीब 60 से 70 हजार रुपये वसूल लिए गए। घटना के बाद युवक ने पिपलानी थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। हालांकि शिकायत घटना के करीब चार से पांच दिन बाद दर्ज कराई गई।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अबूजर, रघुवीर और करुणा शाही के रूप में हुई है। वहीं चौथा आरोपी यावर अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया था और मंगलवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाना है।

    इस मामले में पुलिस को केवल फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वसूली किए जाने का शक ही नहीं है बल्कि पूरे घटनाक्रम के पीछे पहले से बनाई गई किसी साजिश की आशंका भी जांच के दायरे में है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हनीट्रैप जैसी साजिश के एंगल से भी मामले को देख रही है। हालांकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि युवक को होटल तक बुलाने या फिर आरोपियों के कमरे में पहुंचने के पीछे कोई सुनियोजित योजना थी।

    पुलिस उस युवती की भूमिका की भी जांच कर रही है जिसके साथ युवक होटल के कमरे में था। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि युवती की आरोपियों से पहले से कोई पहचान या संपर्क था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या युवती को पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी या वह भी इस कथित साजिश का हिस्सा थी। फिलहाल उसकी भूमिका को लेकर पुलिस ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।

    जांच के दौरान पुलिस होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन और उनके आपसी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अचानक होटल पहुंचे थे या पहले से युवक-युवती पर नजर रखी जा रही थी। आरोपियों ने सामान्य कपड़े पहन रखे थे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर कार्रवाई का भय पैदा किया था।

    फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। साथ ही युवती की भूमिका और कथित हनीट्रैप एंगल की भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

  • भोपाल में पुलिस आरक्षक को बनाया बंधक! रातभर कार में घुमाया और जंगल में फेंकने की दी धमकी

    भोपाल में पुलिस आरक्षक को बनाया बंधक! रातभर कार में घुमाया और जंगल में फेंकने की दी धमकी


    भोपाल । भोपाल में नाइट गश्त के दौरान खुले में शराब पी रहे दो युवकों को रोकना एक पुलिस आरक्षक के लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ। शाहपुरा थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने जब कार में शराब पी रहे युवकों को थाने चलने के लिए कहा तो आरोपियों ने आरक्षक को ही अपनी कार में बैठा लिया और थाने ले जाने के बजाय उसे रातभर शहर में घुमाते रहे। इस दौरान आरक्षक के साथ मारपीट की गई और उसे जंगल में ले जाकर फेंकने की धमकी भी दी गई। हालांकि आरक्षक ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए अपने साथी को मोबाइल से लाइव लोकेशन भेज दी जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    घटना 8 और 9 अगस्त की दरमियानी रात की बताई जा रही है। शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदर पटेल और आरक्षक मयंक ठाकुर नाइट रूटीन ड्यूटी पर थे। गश्त के दौरान दोनों पुलिसकर्मी दाना पानी रेस्टोरेंट के सामने पहुंचे। यहां उन्हें एक कार में दो युवक शराब पीते हुए दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों से पूछताछ की और उन्हें थाने चलने के लिए कहा।

    इसके बाद आरक्षक मयंक ठाकुर बाइक से थाने की ओर निकल गए जबकि आरक्षक सुंदर पटेल दोनों युवकों की कार में बैठ गए। पुलिस के मुताबिक कार में सवार भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव ने आरक्षक को शाहपुरा थाने ले जाने के बजाय कार को दूसरी दिशा में दौड़ा दिया। आरक्षक को कुछ समझ आता उससे पहले ही दोनों आरोपी उसे लेकर एमपी नगर की तरफ निकल गए।

    कार के भीतर आरक्षक के साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उसे जंगल में ले जाकर फेंकने की धमकी भी दी। खतरे को भांपते हुए सुंदर पटेल ने किसी तरह अपने साथी आरक्षक को मोबाइल से अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर दी। जब आरोपियों को इसका पता चला तो उन्होंने आरक्षक के साथ दोबारा मारपीट शुरू कर दी। इसके बावजूद आरक्षक ने हिम्मत नहीं छोड़ी।

    आरक्षक मयंक ठाकुर को मिली लोकेशन के आधार पर उन्होंने बाइक से कार का पीछा शुरू कर दिया। आरोपी गणेश मंदिर होते हुए डीबी मॉल की तरफ पहुंचे। जीजी फ्लाईओवर के पास ट्रैफिक और पुलिस की घेराबंदी के कारण कार की रफ्तार धीमी हुई। इसी मौके का फायदा उठाकर सुंदर पटेल ने कार का दरवाजा खोला और बाहर कूद गए। आरोपियों ने कार रोकी और उन्हें फ्लाईओवर के पास उतारकर वहां से फरार हो गए।

    घटना के बाद पुलिस ने कार के नंबर और आसपास लगे CCTV कैमरों की मदद से दोनों आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ अपहरण शासकीय कार्य में बाधा डालने मारपीट और धमकी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार भूपेंद्र शर्मा मूल रूप से गंजबासौदा का रहने वाला है और उसके खिलाफ विदिशा में हत्या के प्रयास का मामला पहले से दर्ज है। वह हाल ही में कोलार इलाके में रहने आया था। दूसरा आरोपी ऋषि नामदेव बावड़िया कला क्षेत्र का निवासी बताया गया है। दोनों आरोपी ड्राइवरी का काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक घटना में इस्तेमाल कार एक ट्रैवल्स कंपनी से अटैच है।

    शाहपुरा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में अपहरण शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोप सिद्ध होने पर संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों को कई वर्षों तक की सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

  • BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस

    BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।

  • BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस

    BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।

  • नकली पिस्टल के दम पर राहगीरों से वसूली, भोपाल में LLB छात्र सहित दो फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार

    नकली पिस्टल के दम पर राहगीरों से वसूली, भोपाल में LLB छात्र सहित दो फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार


    भोपाल । भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर राहगीरों से वसूली करने वाले दो युवकों का भंडाफोड़ हो गया। राजधानी के शाहपुरा थाना क्षेत्र में दोनों आरोपी सिविल ड्रेस पहनकर चौराहे पर वाहन चालकों को रोकते थे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर हेलमेट व अन्य यातायात नियमों के नाम पर लोगों से पैसे वसूलने की कोशिश करते थे। गुरुवार रात लोगों की सतर्कता और सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई है जिसके बाद उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे शाहपुरा चौराहे से सूचना मिली कि दो युवक खुद को पुलिसकर्मी बताकर वाहन चालकों की जांच कर रहे हैं और उनसे रुपए मांग रहे हैं। सूचना मिलते ही शाहपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने पहले खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया लेकिन जब उनसे पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए और सख्ती से पूछताछ की गई तो उनका झूठ सामने आ गया।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में अमान खान ने बताया कि वह एमपी नगर स्थित एक निजी आईटी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है जबकि कार्तिक मिश्रा एलएलबी का छात्र है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

    घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों को दोनों युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। लोगों ने उनसे पूछा कि वे किस थाने से हैं और अपना पहचान पत्र दिखाएं। जब दोनों कोई वैध पहचान नहीं दिखा सके तो लोगों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में लोग यह भी सवाल करते दिखाई दे रहे हैं कि जब वे खुद बिना हेलमेट वाहन चला रहे हैं तो दूसरों को किस अधिकार से रोक रहे हैं। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद दोनों की पोल खुल गई।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हेलमेट नहीं पहनने या अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर लोगों से मौके पर ही पैसे मांगते थे। हालांकि वे किसी भी वाहन चालक का वैधानिक चालान नहीं काटते थे। पुलिस का मानना है कि दोनों लोगों को पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर अवैध वसूली कर रहे थे।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने सफाई देते हुए कहा कि वे लोगों के साथ केवल प्रैंक कर रहे थे लेकिन पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया। थाना प्रभारी के मुताबिक मौके पर कोई वीडियो शूट नहीं हो रही थी और ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि दोनों केवल मजाक कर रहे थे। पुलिस इसे सुनियोजित तरीके से लोगों को धोखा देकर पैसे ऐंठने का मामला मान रही है।

    फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। अमान खान के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है जबकि कार्तिक मिश्रा के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों अब तक कितने लोगों से फर्जी पुलिस बनकर वसूली कर चुके हैं और इस पूरे नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी

    भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी


    भोपाल । भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज कार लूट के चर्चित मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर लूट की वारदात के रूप में दर्ज इस मामले में पुलिस जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं जिन्होंने पूरे घटनाक्रम पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच पैसों के लेनदेन से जुड़ी चैट मिली है। इसके साथ ही एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें एफआईआर में दर्ज लूट के समय से करीब दो घंटे बाद आरोपी और फरियादी एक ही ढाबे पर साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित आदित्य शर्मा उर्फ छोटू ने उसे परवलिया स्थित एक ढाबे पर बुलाया था। वहां आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मुईन और बुशरान भी मौजूद थे। खाना खाने के बाद सभी लोग सौरव की टाटा टियागो कार से भोपाल लौट रहे थे। आरोप है कि मनुआभान टेकरी के पास आदित्य ने दोस्त से मिलने का बहाना बनाकर कार रुकवाई और इसके बाद चारों ने मारपीट कर कार लूट ली।

    हालांकि जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज के अनुसार लूट की कथित वारदात के लगभग दो घंटे बाद सभी लोग परवलिया रोड स्थित उसी ढाबे पर एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सीसीटीवी में दर्ज समय सही है या किसी तकनीकी कारण से उसमें गड़बड़ी है। इसके लिए ढाबा संचालक से भी पूछताछ की जाएगी।

    जांच में फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच हुई चैट भी पुलिस के हाथ लगी है जिसमें पैसों के लेनदेन का जिक्र है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि मामला केवल कार लूट का नहीं बल्कि आर्थिक विवाद से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।

    जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार फरियादी पहले एक मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़ा रहा है और इस मामले में उसे राजस्थान पुलिस पहले गिरफ्तार भी कर चुकी है। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी भी उसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से अब पूरे मामले में सट्टा कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों बुशरान और मुईन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि मुख्य आरोपी आदित्य समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। लूटी गई टाटा टियागो कार भी अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों मोबाइल चैट सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

    कोहेफिजा थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि फरियादी का पुराना रिकॉर्ड सामने आया है लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उसके साथ मारपीट हुई और कार भी छीनी गई। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में होटल बना रणक्षेत्र: हथियारबंद बदमाशों ने मचाया आतंक, होटल कर्मचारियों को भी बेरहमी से पीटा

    भोपाल में होटल बना रणक्षेत्र: हथियारबंद बदमाशों ने मचाया आतंक, होटल कर्मचारियों को भी बेरहमी से पीटा


    भोपाल । भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय दहशत फैल गई जब बंगरसिया भोजपुर रोड स्थित एक होटल में 10 से 15 हथियारबंद बदमाश अचानक घुस आए। तलवार चाकू हॉकी और बेसबॉल बैट से लैस हमलावरों ने होटल के भीतर जमकर उत्पात मचाया और चार युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच बचाव करने पहुंचे होटल के शेफ और अन्य कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा गया। पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई जिससे अब पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी है।

    हमले में 24 वर्षीय लीलाधर कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी मेडिकल लीगल केस रिपोर्ट तैयार की गई जिसमें 10 से 12 लोगों के समूह द्वारा धारदार हथियारों से हमला किए जाने का उल्लेख किया गया है। एक अन्य घायल युवक का भी उपचार कराया गया है।

    घायल लीलाधर के अनुसार वह अपने तीन साथियों के साथ मंडीदीप स्थित फैक्ट्री में ड्यूटी पूरी करने के बाद रात में खाना खाने होटल जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से बाइक चला रहे कुछ युवकों ने उन्हें टक्कर मार दी। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। जान बचाने के लिए चारों युवक होटल के भीतर चले गए लेकिन कुछ ही मिनटों बाद बड़ी संख्या में बदमाश हथियार लेकर वहां पहुंच गए।

    आरोप है कि हमलावरों ने होटल में घुसते ही युवकों पर हमला शुरू कर दिया। इसके बाद लीलाधर को घसीटकर बाहर ले जाया गया और उनकी गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियारों से वार किए गए। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। पीड़ित का कहना है कि यदि उसने किसी तरह बचाव नहीं किया होता तो उसकी जान भी जा सकती थी।

    घटना के दौरान होटल में मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों में अफरा तफरी मच गई। हमलावरों ने होटल के अंदर तोड़फोड़ भी की और बीच बचाव करने पहुंचे कर्मचारियों के साथ मारपीट की। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में साफ दिखाई दे रही है जिसमें हथियार लेकर होटल में घुसते और हमला करते बदमाश नजर आ रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने यह फुटेज पुलिस को सौंप दी है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद मिसरोद थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की वजह और शामिल सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।