Tag: Bhopal crime

  • भोपाल के होटल में पुलिसकर्मी बनकर घुसे चार लोग, युवक-युवती को केस में फंसाने की धमकी देकर ऐंठे 70 हजार

    भोपाल के होटल में पुलिसकर्मी बनकर घुसे चार लोग, युवक-युवती को केस में फंसाने की धमकी देकर ऐंठे 70 हजार


    नई दिल्ली। भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक होटल के कमरे में युवक और युवती से कथित तौर पर पुलिसकर्मी बनकर पैसे वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि चार लोग सामान्य कपड़ों में होटल के कमरे में पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर युवक-युवती से पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद दोनों को केस में फंसाने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया गया। इसी दबाव के बीच आरोपियों ने युवक से करीब 60 से 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। घटना की शिकायत मिलने के बाद पिपलानी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस के मुताबिक घटना 3 अगस्त की शाम करीब 6 बजे की है। बरखेड़ी खुर्द निवासी युवक पिपलानी इलाके के एक होटल में युवती के साथ कमरे में मौजूद था। इसी दौरान चार लोग कमरे में पहुंचे। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और युवक-युवती से पूछताछ करने लगे। अचानक कमरे में इस तरह पहुंचने और खुद को पुलिसकर्मी बताने के कारण दोनों घबरा गए। आरोपियों ने उन्हें कथित तौर पर कार्रवाई और केस में फंसाने की धमकी दी।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने युवक पर दबाव बनाया। इसी दौरान उनमें से एक व्यक्ति ने खुद को मदद करने वाला बताते हुए मामले को खत्म कराने और युवक-युवती को कार्रवाई से बचाने की बात कही। आरोप है कि इसी बहाने युवक से करीब 60 से 70 हजार रुपये वसूल लिए गए। घटना के बाद युवक ने पिपलानी थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। हालांकि शिकायत घटना के करीब चार से पांच दिन बाद दर्ज कराई गई।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अबूजर, रघुवीर और करुणा शाही के रूप में हुई है। वहीं चौथा आरोपी यावर अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया था और मंगलवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाना है।

    इस मामले में पुलिस को केवल फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वसूली किए जाने का शक ही नहीं है बल्कि पूरे घटनाक्रम के पीछे पहले से बनाई गई किसी साजिश की आशंका भी जांच के दायरे में है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हनीट्रैप जैसी साजिश के एंगल से भी मामले को देख रही है। हालांकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि युवक को होटल तक बुलाने या फिर आरोपियों के कमरे में पहुंचने के पीछे कोई सुनियोजित योजना थी।

    पुलिस उस युवती की भूमिका की भी जांच कर रही है जिसके साथ युवक होटल के कमरे में था। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि युवती की आरोपियों से पहले से कोई पहचान या संपर्क था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या युवती को पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी या वह भी इस कथित साजिश का हिस्सा थी। फिलहाल उसकी भूमिका को लेकर पुलिस ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।

    जांच के दौरान पुलिस होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन और उनके आपसी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अचानक होटल पहुंचे थे या पहले से युवक-युवती पर नजर रखी जा रही थी। आरोपियों ने सामान्य कपड़े पहन रखे थे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर कार्रवाई का भय पैदा किया था।

    फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। साथ ही युवती की भूमिका और कथित हनीट्रैप एंगल की भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

  • भोपाल में पुलिस आरक्षक को बनाया बंधक! रातभर कार में घुमाया और जंगल में फेंकने की दी धमकी

    भोपाल में पुलिस आरक्षक को बनाया बंधक! रातभर कार में घुमाया और जंगल में फेंकने की दी धमकी


    भोपाल । भोपाल में नाइट गश्त के दौरान खुले में शराब पी रहे दो युवकों को रोकना एक पुलिस आरक्षक के लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ। शाहपुरा थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने जब कार में शराब पी रहे युवकों को थाने चलने के लिए कहा तो आरोपियों ने आरक्षक को ही अपनी कार में बैठा लिया और थाने ले जाने के बजाय उसे रातभर शहर में घुमाते रहे। इस दौरान आरक्षक के साथ मारपीट की गई और उसे जंगल में ले जाकर फेंकने की धमकी भी दी गई। हालांकि आरक्षक ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए अपने साथी को मोबाइल से लाइव लोकेशन भेज दी जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    घटना 8 और 9 अगस्त की दरमियानी रात की बताई जा रही है। शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदर पटेल और आरक्षक मयंक ठाकुर नाइट रूटीन ड्यूटी पर थे। गश्त के दौरान दोनों पुलिसकर्मी दाना पानी रेस्टोरेंट के सामने पहुंचे। यहां उन्हें एक कार में दो युवक शराब पीते हुए दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों से पूछताछ की और उन्हें थाने चलने के लिए कहा।

    इसके बाद आरक्षक मयंक ठाकुर बाइक से थाने की ओर निकल गए जबकि आरक्षक सुंदर पटेल दोनों युवकों की कार में बैठ गए। पुलिस के मुताबिक कार में सवार भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव ने आरक्षक को शाहपुरा थाने ले जाने के बजाय कार को दूसरी दिशा में दौड़ा दिया। आरक्षक को कुछ समझ आता उससे पहले ही दोनों आरोपी उसे लेकर एमपी नगर की तरफ निकल गए।

    कार के भीतर आरक्षक के साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उसे जंगल में ले जाकर फेंकने की धमकी भी दी। खतरे को भांपते हुए सुंदर पटेल ने किसी तरह अपने साथी आरक्षक को मोबाइल से अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर दी। जब आरोपियों को इसका पता चला तो उन्होंने आरक्षक के साथ दोबारा मारपीट शुरू कर दी। इसके बावजूद आरक्षक ने हिम्मत नहीं छोड़ी।

    आरक्षक मयंक ठाकुर को मिली लोकेशन के आधार पर उन्होंने बाइक से कार का पीछा शुरू कर दिया। आरोपी गणेश मंदिर होते हुए डीबी मॉल की तरफ पहुंचे। जीजी फ्लाईओवर के पास ट्रैफिक और पुलिस की घेराबंदी के कारण कार की रफ्तार धीमी हुई। इसी मौके का फायदा उठाकर सुंदर पटेल ने कार का दरवाजा खोला और बाहर कूद गए। आरोपियों ने कार रोकी और उन्हें फ्लाईओवर के पास उतारकर वहां से फरार हो गए।

    घटना के बाद पुलिस ने कार के नंबर और आसपास लगे CCTV कैमरों की मदद से दोनों आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ अपहरण शासकीय कार्य में बाधा डालने मारपीट और धमकी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार भूपेंद्र शर्मा मूल रूप से गंजबासौदा का रहने वाला है और उसके खिलाफ विदिशा में हत्या के प्रयास का मामला पहले से दर्ज है। वह हाल ही में कोलार इलाके में रहने आया था। दूसरा आरोपी ऋषि नामदेव बावड़िया कला क्षेत्र का निवासी बताया गया है। दोनों आरोपी ड्राइवरी का काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक घटना में इस्तेमाल कार एक ट्रैवल्स कंपनी से अटैच है।

    शाहपुरा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में अपहरण शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोप सिद्ध होने पर संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों को कई वर्षों तक की सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

  • BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस

    BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।

  • BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस

    BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।

  • नकली पिस्टल के दम पर राहगीरों से वसूली, भोपाल में LLB छात्र सहित दो फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार

    नकली पिस्टल के दम पर राहगीरों से वसूली, भोपाल में LLB छात्र सहित दो फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार


    भोपाल । भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर राहगीरों से वसूली करने वाले दो युवकों का भंडाफोड़ हो गया। राजधानी के शाहपुरा थाना क्षेत्र में दोनों आरोपी सिविल ड्रेस पहनकर चौराहे पर वाहन चालकों को रोकते थे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर हेलमेट व अन्य यातायात नियमों के नाम पर लोगों से पैसे वसूलने की कोशिश करते थे। गुरुवार रात लोगों की सतर्कता और सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई है जिसके बाद उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे शाहपुरा चौराहे से सूचना मिली कि दो युवक खुद को पुलिसकर्मी बताकर वाहन चालकों की जांच कर रहे हैं और उनसे रुपए मांग रहे हैं। सूचना मिलते ही शाहपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने पहले खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया लेकिन जब उनसे पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए और सख्ती से पूछताछ की गई तो उनका झूठ सामने आ गया।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में अमान खान ने बताया कि वह एमपी नगर स्थित एक निजी आईटी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है जबकि कार्तिक मिश्रा एलएलबी का छात्र है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

    घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों को दोनों युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। लोगों ने उनसे पूछा कि वे किस थाने से हैं और अपना पहचान पत्र दिखाएं। जब दोनों कोई वैध पहचान नहीं दिखा सके तो लोगों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में लोग यह भी सवाल करते दिखाई दे रहे हैं कि जब वे खुद बिना हेलमेट वाहन चला रहे हैं तो दूसरों को किस अधिकार से रोक रहे हैं। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद दोनों की पोल खुल गई।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हेलमेट नहीं पहनने या अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर लोगों से मौके पर ही पैसे मांगते थे। हालांकि वे किसी भी वाहन चालक का वैधानिक चालान नहीं काटते थे। पुलिस का मानना है कि दोनों लोगों को पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर अवैध वसूली कर रहे थे।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने सफाई देते हुए कहा कि वे लोगों के साथ केवल प्रैंक कर रहे थे लेकिन पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया। थाना प्रभारी के मुताबिक मौके पर कोई वीडियो शूट नहीं हो रही थी और ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि दोनों केवल मजाक कर रहे थे। पुलिस इसे सुनियोजित तरीके से लोगों को धोखा देकर पैसे ऐंठने का मामला मान रही है।

    फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। अमान खान के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है जबकि कार्तिक मिश्रा के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों अब तक कितने लोगों से फर्जी पुलिस बनकर वसूली कर चुके हैं और इस पूरे नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी

    भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी


    भोपाल । भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज कार लूट के चर्चित मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर लूट की वारदात के रूप में दर्ज इस मामले में पुलिस जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं जिन्होंने पूरे घटनाक्रम पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच पैसों के लेनदेन से जुड़ी चैट मिली है। इसके साथ ही एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें एफआईआर में दर्ज लूट के समय से करीब दो घंटे बाद आरोपी और फरियादी एक ही ढाबे पर साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित आदित्य शर्मा उर्फ छोटू ने उसे परवलिया स्थित एक ढाबे पर बुलाया था। वहां आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मुईन और बुशरान भी मौजूद थे। खाना खाने के बाद सभी लोग सौरव की टाटा टियागो कार से भोपाल लौट रहे थे। आरोप है कि मनुआभान टेकरी के पास आदित्य ने दोस्त से मिलने का बहाना बनाकर कार रुकवाई और इसके बाद चारों ने मारपीट कर कार लूट ली।

    हालांकि जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज के अनुसार लूट की कथित वारदात के लगभग दो घंटे बाद सभी लोग परवलिया रोड स्थित उसी ढाबे पर एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सीसीटीवी में दर्ज समय सही है या किसी तकनीकी कारण से उसमें गड़बड़ी है। इसके लिए ढाबा संचालक से भी पूछताछ की जाएगी।

    जांच में फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच हुई चैट भी पुलिस के हाथ लगी है जिसमें पैसों के लेनदेन का जिक्र है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि मामला केवल कार लूट का नहीं बल्कि आर्थिक विवाद से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।

    जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार फरियादी पहले एक मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़ा रहा है और इस मामले में उसे राजस्थान पुलिस पहले गिरफ्तार भी कर चुकी है। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी भी उसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से अब पूरे मामले में सट्टा कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों बुशरान और मुईन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि मुख्य आरोपी आदित्य समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। लूटी गई टाटा टियागो कार भी अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों मोबाइल चैट सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

    कोहेफिजा थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि फरियादी का पुराना रिकॉर्ड सामने आया है लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उसके साथ मारपीट हुई और कार भी छीनी गई। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में होटल बना रणक्षेत्र: हथियारबंद बदमाशों ने मचाया आतंक, होटल कर्मचारियों को भी बेरहमी से पीटा

    भोपाल में होटल बना रणक्षेत्र: हथियारबंद बदमाशों ने मचाया आतंक, होटल कर्मचारियों को भी बेरहमी से पीटा


    भोपाल । भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय दहशत फैल गई जब बंगरसिया भोजपुर रोड स्थित एक होटल में 10 से 15 हथियारबंद बदमाश अचानक घुस आए। तलवार चाकू हॉकी और बेसबॉल बैट से लैस हमलावरों ने होटल के भीतर जमकर उत्पात मचाया और चार युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच बचाव करने पहुंचे होटल के शेफ और अन्य कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा गया। पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई जिससे अब पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी है।

    हमले में 24 वर्षीय लीलाधर कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी मेडिकल लीगल केस रिपोर्ट तैयार की गई जिसमें 10 से 12 लोगों के समूह द्वारा धारदार हथियारों से हमला किए जाने का उल्लेख किया गया है। एक अन्य घायल युवक का भी उपचार कराया गया है।

    घायल लीलाधर के अनुसार वह अपने तीन साथियों के साथ मंडीदीप स्थित फैक्ट्री में ड्यूटी पूरी करने के बाद रात में खाना खाने होटल जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से बाइक चला रहे कुछ युवकों ने उन्हें टक्कर मार दी। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। जान बचाने के लिए चारों युवक होटल के भीतर चले गए लेकिन कुछ ही मिनटों बाद बड़ी संख्या में बदमाश हथियार लेकर वहां पहुंच गए।

    आरोप है कि हमलावरों ने होटल में घुसते ही युवकों पर हमला शुरू कर दिया। इसके बाद लीलाधर को घसीटकर बाहर ले जाया गया और उनकी गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियारों से वार किए गए। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। पीड़ित का कहना है कि यदि उसने किसी तरह बचाव नहीं किया होता तो उसकी जान भी जा सकती थी।

    घटना के दौरान होटल में मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों में अफरा तफरी मच गई। हमलावरों ने होटल के अंदर तोड़फोड़ भी की और बीच बचाव करने पहुंचे कर्मचारियों के साथ मारपीट की। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में साफ दिखाई दे रही है जिसमें हथियार लेकर होटल में घुसते और हमला करते बदमाश नजर आ रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने यह फुटेज पुलिस को सौंप दी है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद मिसरोद थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की वजह और शामिल सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

  • दोस्ती के नाम पर बुलाया, फिर बीच रास्ते लूट ली कार, भोपाल में युवक के साथ वारदात से सनसनी

    दोस्ती के नाम पर बुलाया, फिर बीच रास्ते लूट ली कार, भोपाल में युवक के साथ वारदात से सनसनी


    भोपाल । राजधानी भोपाल में दोस्ती के भरोसे बुलाए गए एक युवक के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। कोहेफिजा थाना क्षेत्र में परिचित युवकों ने पहले युवक को देर रात ढाबे पर बुलाया और फिर लौटते समय सुनसान इलाके में उसके साथ मारपीट कर कार लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और दो संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी को उसके परिचित आदित्य ने गुरुवार देर रात परवलिया स्थित एक ढाबे पर भोजन करने के लिए बुलाया था। वहां पहले से आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मोइन और बुशरा मौजूद थे। सभी ने साथ बैठकर खाना खाया और इसके बाद तड़के करीब तीन बजे सौरव अपनी टाटा टियागो कार से सभी को लेकर भोपाल की ओर रवाना हुआ।

    जब कार मनुआभान टेकरी के पास पहुंची तो आदित्य ने अपने एक दोस्त से मिलने की बात कहकर वाहन रुकवाया। जैसे ही कार रुकी माहौल अचानक बदल गया। आरोप है कि चारों युवकों ने सौरव के साथ गाली गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इसी दौरान बाबर उर्फ मंडी ने सौरव को थप्पड़ मारकर कार की चाबी छीन ली और उसे धक्का देकर वाहन से नीचे उतार दिया। इसके बाद सभी आरोपी कार लेकर मौके से फरार हो गए और पीड़ित सड़क पर ही छूट गया।

    घटना के बाद सौरव ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर कोहेफिजा थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ लूट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी बाबर उर्फ मंडी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

    पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। शुरुआती जांच में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई कार बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि वारदात के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।

  • ट्विशा केस में नया मोड़ आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की कोशिश अहम दस्तावेजों पर भी थी नजर

    ट्विशा केस में नया मोड़ आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की कोशिश अहम दस्तावेजों पर भी थी नजर


    भोपाल । भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर शनिवार देर रात चोरी का प्रयास किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार बदमाश घर से सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़ी एक फाइल लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस की समय पर हुई कार्रवाई के कारण वे अपना इरादा पूरा नहीं कर सके और सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए।

    पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब गिरिबाला के भाई घर के भीतर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि देर रात बदमाश घर के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए। जिस रास्ते से वे घर में पहुंचे वहां से किसी को उनकी मौजूदगी का आभास नहीं हुआ। इसी दौरान इलाके में नियमित गश्त कर रही चार्ली पुलिस की टीम घर के पास पहुंची और सायरन बजाया। सायरन की आवाज सुनते ही घर के भीतर मौजूद बदमाश घबरा गए और जल्दबाजी में चोरी किया गया सामान वहीं छोड़कर भाग निकले।

    गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों को भागते हुए देखा और उनका पीछा भी किया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वे वहां से निकलने में सफल रहे। घटना के बाद पुलिस ने मौके की तलाशी ली जहां से सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल बरामद कर ली गई। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी गई।

    जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियां भी दिखाई दी हैं जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रविवार को पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि चोरी का मकसद केवल कीमती सामान हासिल करना था या फिर ट्विशा शर्मा मामले से जुड़े दस्तावेजों तक पहुंचना भी योजना का हिस्सा था।

    यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि गिरिबाला पहले से ही ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल को निशाना बनाए जाने की आशंका ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज फोरेंसिक साक्ष्यों और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यदि जांच में यह सामने आता है कि चोरी का उद्देश्य किसी विशेष दस्तावेज को हासिल करना था तो मामले की दिशा बदल सकती है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित एंगल पर काम कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • भांजे पर दुष्कर्म का आरोप: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या की कोशिश, मामला दर्ज

    भांजे पर दुष्कर्म का आरोप: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या की कोशिश, मामला दर्ज


    मध्‍य प्रदेश । भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 33 वर्षीय महिला ने अपने रिश्तेदार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार महिला द्वारा अस्पताल में उपचार के दौरान दिए गए बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता ग्रामीण क्षेत्र में अपने पति के साथ रहती है। उसका पति सब्जी व्यवसाय से जुड़ा है और रोजाना कारोबार के सिलसिले में मंडी जाता है। शिकायत के अनुसार इसी दौरान आरोपी, जो परिवार का परिचित और रिश्तेदार बताया जा रहा है, कथित रूप से घर पहुंचता था। महिला ने आरोप लगाया है कि 5 जून को पति की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद भी कथित रूप से आरोपी द्वारा उसे परेशान किया जाता रहा।

    पीड़िता ने अपने बयान में दावा किया है कि उसने घटना की जानकारी अपने पति और अन्य परिजनों को दी थी। हालांकि, उसके अनुसार मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। महिला का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और कथित उत्पीड़न के कारण वह बेहद परेशान हो गई थी।

    पुलिस के अनुसार 9 जून को महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उसने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। उपचार के दौरान महिला ने पुलिस और चिकित्सकीय अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए महिला के बयान दर्ज किए।

    अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, महिला का उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।