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  • MP राज्यसभा चुनाव: BJP ने तीनों सीटें निर्विरोध जीतीं, निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे गए

    MP राज्यसभा चुनाव: BJP ने तीनों सीटें निर्विरोध जीतीं, निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे गए


    मध्‍य प्रदेश । भोपाल में राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के अंतिम चरण के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश की तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली। नामांकन वापसी की अंतिम समयसीमा दोपहर 3 बजे समाप्त होने के बाद चुनावी मुकाबला औपचारिक रूप से खत्म हो गया और भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

    रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने विधानसभा परिसर में भाजपा उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे। इस दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी औपचारिक कदम पूरे किए गए।

     समय सीमा खत्म होते ही साफ हुआ राजनीतिक गणित
    दोपहर 3 बजे नामांकन वापसी की अंतिम समयसीमा समाप्त होते ही यह स्पष्ट हो गया कि किसी अन्य दल से वैध चुनौती नहीं बची है। इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए तीनों भाजपा उम्मीदवारों को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया। चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में कोई अंतिम निर्णय न आने और नामांकन संबंधी विवाद पर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण राजनीतिक हलचल बनी रही, लेकिन कानूनी और चुनावी प्रक्रिया के अनुसार परिणाम तय हो गया।

     कांग्रेस की याचिका पर फैसला टला, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित
    इस बीच कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन इसे शुक्रवार तक के लिए टाल दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला मनमाना और नियमों के विपरीत है।

    वहीं, चुनाव आयोग की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं आया है, जिससे यह विवाद और गहराता नजर आया। हालांकि, समय सीमा समाप्त होने के बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने से भाजपा के पक्ष में स्थिति निर्णायक हो गई।

    भाजपा को मिली राजनीतिक बढ़त, राज्यसभा में मजबूत स्थिति
    तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत के बाद भाजपा की राज्यसभा में स्थिति और मजबूत हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम राज्य में संगठनात्मक मजबूती और विपक्ष की कमजोर स्थिति को भी दर्शाता है। निर्विरोध निर्वाचन ने यह भी संकेत दिया है कि इस चुनावी प्रक्रिया में मुकाबले की संभावना बेहद सीमित रह गई थी, जिसके चलते भाजपा को सीधा लाभ मिला।

    अन्य राज्यों में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत
    इसी चुनावी चरण में गुजरात में भी राज्यसभा की चारों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। राजस्थान में तीन सीटों में से दो पर भाजपा और एक पर कांग्रेस को जीत मिली है। गुजरात और मध्यप्रदेश में निर्विरोध जीत ने भाजपा के लिए राज्यसभा में संसदीय स्थिति को और मजबूत किया है, जबकि विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।

     राजनीतिक संदेश और आगे की दिशा
    राज्यसभा चुनाव के इस परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि कई राज्यों में भाजपा को राजनीतिक बढ़त मिल रही है। वहीं कांग्रेस के भीतर कानूनी और संगठनात्मक रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में ऐसे निर्विरोध परिणाम राज्यसभा की शक्ति संतुलन को और प्रभावित कर सकते हैं।

  • भांजे पर दुष्कर्म का आरोप: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या की कोशिश, मामला दर्ज

    भांजे पर दुष्कर्म का आरोप: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या की कोशिश, मामला दर्ज


    मध्‍य प्रदेश । भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 33 वर्षीय महिला ने अपने रिश्तेदार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार महिला द्वारा अस्पताल में उपचार के दौरान दिए गए बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता ग्रामीण क्षेत्र में अपने पति के साथ रहती है। उसका पति सब्जी व्यवसाय से जुड़ा है और रोजाना कारोबार के सिलसिले में मंडी जाता है। शिकायत के अनुसार इसी दौरान आरोपी, जो परिवार का परिचित और रिश्तेदार बताया जा रहा है, कथित रूप से घर पहुंचता था। महिला ने आरोप लगाया है कि 5 जून को पति की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद भी कथित रूप से आरोपी द्वारा उसे परेशान किया जाता रहा।

    पीड़िता ने अपने बयान में दावा किया है कि उसने घटना की जानकारी अपने पति और अन्य परिजनों को दी थी। हालांकि, उसके अनुसार मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। महिला का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और कथित उत्पीड़न के कारण वह बेहद परेशान हो गई थी।

    पुलिस के अनुसार 9 जून को महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उसने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। उपचार के दौरान महिला ने पुलिस और चिकित्सकीय अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए महिला के बयान दर्ज किए।

    अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, महिला का उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • भोपाल को ‘सिलेंडर फ्री’ बनाने की तैयारी: 4 बड़ी कॉलोनियों में 100% PNG कनेक्शन पर फोकस, चार इमली भी योजना में शामिल

    भोपाल को ‘सिलेंडर फ्री’ बनाने की तैयारी: 4 बड़ी कॉलोनियों में 100% PNG कनेक्शन पर फोकस, चार इमली भी योजना में शामिल


    मध्‍य प्रदेश । राजधानी भोपाल में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर जारी चुनौतियों के बीच प्रशासन ने शहर को धीरे-धीरे ‘सिलेंडर फ्री’ बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। खाद्य विभाग और गैस वितरण एजेंसियों ने उन क्षेत्रों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन को बढ़ावा देने की योजना बनाई है, जहां गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहले से उपलब्ध है या तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

    खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शहर में थिंक गैस कंपनी द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में भूमिगत गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। होशंगाबाद रोड, बावड़ियाकलां, सलैया, अवधपुरी, अयोध्या बायपास और साकेत नगर जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंच चुके हैं। अब प्रशासन का लक्ष्य इन क्षेत्रों में अधिकतम परिवारों को पाइप्ड गैस नेटवर्क से जोड़ना है।

    योजना के तहत फिलहाल चार प्रमुख आवासीय परियोजनाओं और कॉलोनियों पर विशेष फोकस किया गया है। इनमें केराल केनसिप, सौम्या पार्कलैंड, सागर लेक व्यू होम्स और आकृति ग्रीन शामिल हैं। रणनीति यह है कि इन क्षेत्रों में 100 प्रतिशत कनेक्शन सुनिश्चित करने के बाद अगले चरण में अन्य कॉलोनियों को शामिल किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि चरणबद्ध तरीके से कार्य करने से गैस नेटवर्क का विस्तार अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।

    शहर के सबसे प्रतिष्ठित और वीआईपी इलाकों में शामिल चार इमली और 74 बंगला क्षेत्रों में भी गैस पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत लोगों के सरकारी आवास स्थित हैं। अधिकांश हिस्सों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा होने के बाद यहां भी कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    प्रशासन का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब प्रदेश में पिछले कुछ महीनों से एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर के कारण कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि पीएनजी नेटवर्क के विस्तार से घरेलू गैस की आपूर्ति अधिक स्थिर और सुविधाजनक हो सकेगी।

    खाद्य विभाग के अनुसार, शहर की 172 से अधिक कॉलोनियों के सामने गैस पाइपलाइन नेटवर्क पहुंच चुका है। कई क्षेत्रों से लोग स्वयं भी पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं। भविष्य में पुराने भोपाल और अन्य घनी आबादी वाले इलाकों तक भी इस नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है।

    सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पीएनजी लाइन उपलब्ध होगी, वहां निर्धारित समयसीमा के भीतर कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने भी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को गति देने के लिए कई प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, जिससे पाइपलाइन नेटवर्क तेजी से विकसित किया जा सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पीएनजी व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी और गैस खत्म होने जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। साथ ही यह व्यवस्था दीर्घकालिक रूप से अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित विकल्प के रूप में भी देखी जा रही है। हालांकि इसके साथ उपभोक्ताओं के सामने पारंपरिक एलपीजी और पीएनजी के बीच विकल्प चुनने का सवाल भी महत्वपूर्ण बना रहेगा।

  • भोपाल में 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, कमरे से मिला मोबाइल और गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता

    भोपाल में 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, कमरे से मिला मोबाइल और गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता


    मध्यप्रदेश। राजधानी भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार रात सामने आए इस मामले में पुलिस को घटनास्थल से कुछ ऐसे सामान मिले हैं, जिन्होंने जांच की दिशा को और महत्वपूर्ण बना दिया है। छात्रा के कमरे से एक मोबाइल फोन और गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता बरामद हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

    जानकारी के अनुसार, मृतका ने इसी वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह अपने पिता के साथ रहती थी। उसकी मां वर्ष 2017 से परिवार से अलग रह रही है। परिवार में उससे छोटे एक भाई और एक बहन भी हैं। घटना के समय दोनों छोटे भाई-बहन घर के बाहर खेल रहे थे।

    बताया गया है कि मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे जब दोनों भाई-बहन घर लौटे तो उन्होंने अपनी बहन को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने अपने चाचा को सूचना दी। इसके बाद चाचा ने छात्रा के पिता को बुलाया। जब पिता घर पहुंचे तो दरवाजे में बने छोटे छेद से अंदर झांककर देखा गया। अंदर का दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो छात्रा फंदे से लटकी हुई मिली।

    घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बुधवार को छात्रा का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक मोबाइल फोन और गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता मिला। इन बरामद वस्तुओं ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

    मृतका के पिता ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उन्होंने अपनी बेटी को कभी मोबाइल फोन नहीं दिलाया था। उनके अनुसार घटनास्थल के पास मिला मोबाइल किसका है और उनकी बेटी के पास कैसे पहुंचा, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसी तरह गर्भनिरोधक गोलियों के पत्ते को लेकर भी उन्होंने अनभिज्ञता जताई है। पिता ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए मोबाइल फोन की तकनीकी जांच, कॉल डिटेल्स, डिजिटल गतिविधियों और परिजनों के बयानों का विश्लेषण किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।

    बजरिया थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

    यह घटना एक बार फिर किशोरावस्था में मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों को समझने की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है। फिलहाल पूरा परिवार गहरे सदमे में है और पुलिस सच्चाई तक पहुंचने के लिए सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

  • किसानों के अनाज से सजी पीएम मोदी की भव्य रंगोली, 12 साल के कार्यकाल पर भोपाल में विशेष आयोजन

    किसानों के अनाज से सजी पीएम मोदी की भव्य रंगोली, 12 साल के कार्यकाल पर भोपाल में विशेष आयोजन


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने और देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी भोपाल में भाजपा द्वारा एक विशेष और अनूठा आयोजन किया गया। शहर के नीलबड़ स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों के अनाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल और आकर्षक रंगोली बनाई गई, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    इस आयोजन की पहल भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने की। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं, किसानों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या जुटने लगी थी। धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को याद किया गया।

    कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण किसानों के अनाज से तैयार की गई रंगोली रही। इस रंगोली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। रंगोली के निर्माण में विभिन्न प्रकार के अनाज का उपयोग किया गया, जो देश के अन्नदाताओं के सम्मान और कृषि क्षेत्र के महत्व को भी प्रदर्शित करता है। उपस्थित लोगों ने इस अनूठी कलाकृति की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री और किसानों के बीच मजबूत संबंध का प्रतीक बताया।

    कार्यक्रम के दौरान सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने देश की प्रगति, समृद्धि और विकास के लिए भी प्रार्थना की।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए अनाज से रंगोली बनाकर अन्नदाता वर्ग की भावनाओं को भी सम्मान दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री के कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करना और जनभागीदारी के माध्यम से उनके योगदान को याद करना था।

    उधर, भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, जिला अध्यक्ष रविंद्र यति, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क अभियान भी साबित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

  • राजधानी में विधायक का सरकारी बंगला भी नहीं सुरक्षित, चोरों ने की बड़ी वारदात

    राजधानी में विधायक का सरकारी बंगला भी नहीं सुरक्षित, चोरों ने की बड़ी वारदात


    मध्यप्रदेश । राजधानी भोपाल में विधायकों के सरकारी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी रेस्ट हाउस स्थित कमरे में अज्ञात चोरों ने सेंध लगाकर लैपटॉप, नकदी, एटीएम कार्ड, पेन ड्राइव, घड़ी और विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए। घटना अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में स्थित विधायक रेस्ट हाउस की है, जहां सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिनदहाड़े चोरी होने से हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार विधायक प्रदीप पटेल के निजी सहायक (पीए) डॉ. रामानंद पटेल 7 जून को मऊगंज से भोपाल आए थे। वे विधायक रेस्ट हाउस के खंड-3 स्थित कमरा नंबर-74 में ठहरे हुए थे। डॉ. पटेल ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे वे कमरे को बाहर से बंद कर पानी लेने गए थे। इसके बाद वे अपने एक परिचित के कमरा नंबर-39 में बैठकर बातचीत करने लगे।

    करीब दो घंटे बाद जब वे दोपहर लगभग 12:30 बजे अपने कमरे में लौटे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। कमरे में रखा उनका लैपटॉप गायब था और अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि चोर अलमारी में रखे बैग से कई महत्वपूर्ण सामान भी ले गए हैं।

    चोरी हुए सामान में करीब 25 हजार रुपए कीमत का लैपटॉप, दो एटीएम कार्ड, नकदी, पेन ड्राइव, टाइटन और टाइमेक्स ब्रांड की घड़ियां तथा अन्य निजी दस्तावेज शामिल हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि लैपटॉप और पेन ड्राइव में विधानसभा कार्य से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा और दस्तावेज सुरक्षित थे। ऐसे में यह मामला केवल सामान्य चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संवेदनशील सरकारी जानकारी के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    घटना के बाद विधायक रेस्ट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठने लगे हैं। जिस परिसर में जनप्रतिनिधियों और उनके स्टाफ का आना-जाना रहता है तथा जहां सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत अधिक सख्त मानी जाती है, वहां दिन के समय चोरी की घटना होना प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

    पीड़ित की शिकायत के आधार पर अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब रेस्ट हाउस और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस चोरी हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की बरामदगी के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता को लेकर बहस छेड़ दी है।

  • भोपाल में कचरा फैलाने और जलाने पर लगेगा जुर्माना, नए नियमों पर निगम परिषद में गरमाई बहस

    भोपाल में कचरा फैलाने और जलाने पर लगेगा जुर्माना, नए नियमों पर निगम परिषद में गरमाई बहस


    मध्यप्रदेश । भोपाल में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है। मंगलवार को आईएसबीटी स्थित नगर निगम मुख्यालय में आयोजित विशेष परिषद बैठक में इन नियमों को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में बताया गया कि खुले में कचरा फेंकने, कचरा जलाने और बिना पूर्व सूचना बड़े आयोजनों के संचालन पर सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि इन प्रस्तावित नियमों को लेकर परिषद में लंबी बहस भी देखने को मिली।

    बैठक में विशेषज्ञ अतुल खरे ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के अनुसार यदि कोई व्यक्ति या संस्था खुले में कचरा फेंकती है या उसे जलाती है तो नगर निगम जुर्माना लगाएगा। इसके अलावा 100 या उससे अधिक लोगों के किसी भी सार्वजनिक आयोजन के लिए आयोजकों को कम से कम तीन दिन पहले निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जा सकेगी।

    नए नियमों को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने कई सवाल उठाए। वार्ड-16 के पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि पॉलीथिन पर प्रतिबंध के बावजूद शहर में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मौजूदा नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होगा, तब तक नए नियम भी केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे। उन्होंने सफाई व्यवस्था की खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में नालियों से निकाला गया कचरा दिनों तक सड़क किनारे पड़ा रहता है क्योंकि उसे उठाने की व्यवस्था नहीं होती।

    कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने निगम के संसाधनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए नियम लागू करने से पहले यह देखना होगा कि निगम के पास पर्याप्त बजट, वाहन और कर्मचारी हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि कई वार्डों में कचरा वाहन खराब होने पर कई दिनों तक कचरा नहीं उठ पाता। कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है।

    वहीं भाजपा पार्षदों ने भी सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। भाजपा पार्षद विलास राव घाड़गे ने कहा कि हर वर्ष कर्मचारियों की संख्या कम होती जा रही है जबकि शहर में कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने नए नियमों का समर्थन करते हुए कहा कि इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सख्ती से शुल्क एवं दंड वसूला जाना चाहिए।

    बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने अपने वार्ड में गिरे पेड़ को हटाने में छह दिन लगने का उदाहरण देते हुए निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई और कहा कि उनके क्षेत्रों में ऐसी समस्याएं नहीं हैं। इस मुद्दे पर परिषद में कुछ देर तक तीखी नोकझोंक भी हुई।

    महापौर मालती राय ने चर्चा के दौरान कहा कि सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति वही पार्षद बेहतर जानते हैं जो नियमित रूप से अपने वार्डों का निरीक्षण करते हैं। उन्होंने रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और जमीनी निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    नए नियमों के तहत अब बड़ी इमारतों, स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक परिसरों को अपने स्तर पर गीले कचरे के निपटान की व्यवस्था करनी होगी। बड़े आयोजनों और प्रदर्शनियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन भी अनिवार्य किया जाएगा। नगर निगम 30 जून तक इन नियमों को लागू करने की तैयारी कर रहा है। निगम का दावा है कि नई व्यवस्था से शहर में कचरे के परिवहन में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी आएगी और कचरा प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक एवं जवाबदेह बन सकेगा।

    बैठक के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला। भीषण गर्मी और परिषद हॉल में एयर कंडीशनर बंद होने के कारण कई पार्षद एजेंडे की प्रतियों से खुद को हवा करते नजर आए। यह दृश्य बैठक की चर्चा के साथ-साथ लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना रहा।

  • भोपाल मेट्रो पर बढ़ा खर्च, कैबिनेट ने दी 10,033 करोड़ की संशोधित मंजूरी; मंडी शुल्क में भी बड़ा बदलाव

    भोपाल मेट्रो पर बढ़ा खर्च, कैबिनेट ने दी 10,033 करोड़ की संशोधित मंजूरी; मंडी शुल्क में भी बड़ा बदलाव

    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की महत्वाकांक्षी भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी प्रदान कर दी गई। लागत में करीब 4 हजार करोड़ रुपए की वृद्धि के बाद अब भोपाल मेट्रो परियोजना की कुल लागत 10,033 करोड़ रुपए पहुंच गई है। इसके साथ ही सरकार ने कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए मंडी शुल्क व्यवस्था में भी बदलाव किया है।

    कैबिनेट बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भोपाल मेट्रो परियोजना का प्रारंभिक स्वरूप वर्ष 2016 में तैयार किया गया था। उस समय इसकी अनुमानित लागत लगभग 6,241 करोड़ रुपए आंकी गई थी। हालांकि समय के साथ निर्माण सामग्री की कीमतों, तकनीकी आवश्यकताओं और अन्य कारणों से परियोजना की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब संशोधित लागत 10,033 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

    सरकार का मानना है कि संशोधित बजट से परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और आगामी दो वर्षों में मेट्रो परियोजना का स्वरूप अधिक स्पष्ट रूप से सामने दिखाई देगा। भोपाल मेट्रो को राजधानी के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने वाली प्रमुख परियोजना माना जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

    बैठक में किसानों से जुड़ा एक अहम निर्णय भी लिया गया। सरकार ने कपास उत्पादक किसानों को राहत देते हुए कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को घटाकर 0.50 प्रतिशत कर दिया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि पहले अधिक मंडी शुल्क के कारण किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता था। महाराष्ट्र में भी कपास पर इसी दर से शुल्क लिया जाता है, इसलिए प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    इसके विपरीत सरकार ने अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। कुछ वर्ष पहले इसे डेढ़ प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया था, लेकिन अब फिर से इसे बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का अनुमान है कि इस निर्णय से राज्य को लगभग 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। यह राशि सड़क विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विस्तार और गौ-संवर्धन जैसी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।

    कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी पहल की गई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों और उसके लाभों के बारे में जागरूक किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे कृषि लागत में कमी आएगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे देश के विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में जनकल्याण और विकास कार्यों से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी।

    इसके अलावा राज्य के लगभग एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों को 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने के फैसले का भी स्वागत किया गया। कुल मिलाकर कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि क्षेत्र और कर्मचारी हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • भोपाल में अनोखा विरोध प्रदर्शन, पेट्रोल-सीएनजी महंगाई पर ऑटो यूनियन का हल्ला बोल

    भोपाल में अनोखा विरोध प्रदर्शन, पेट्रोल-सीएनजी महंगाई पर ऑटो यूनियन का हल्ला बोल


    नई दिल्ली। भोपाल में महंगाई और ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर अब सड़क पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार सुबह रायसेन रोड स्थित छावनी पठार क्षेत्र में ऑटो चालकों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखे और प्रतीकात्मक तरीके से प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शन में शामिल ऑटो चालकों ने बढ़ी हुई सीएनजी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में फटे हुए अंडरवियर दिखाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। चालकों का कहना था कि महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है और अब तो दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

    इस प्रदर्शन का आयोजन रायसेन रोड स्थित शनि मंदिर के पास किया गया, जहां ऑटो संगठन के अध्यक्ष संजू अहिरवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में चालक एकत्र हुए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन संदेश बेहद स्पष्ट था “किराया बढ़ाओ, वरना गुजारा मुश्किल है।”

    संजू अहिरवार ने बताया कि मौजूदा समय में एक सीएनजी ऑटो को रोजाना लगभग 500 रुपये की गैस भरवानी पड़ती है, जबकि औसतन 1200 रुपये की कमाई होती है। इसमें से ईंधन, किश्त और रखरखाव का खर्च निकालने के बाद चालकों के पास बहुत कम बचत बचती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ऑटो चलाना घाटे का सौदा बन गया है।

    चालकों का आरोप है कि लंबे समय से ऑटो किराए में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी असंतुलन के कारण हजारों ऑटो चालकों की आय प्रभावित हो रही है।

    प्रदर्शन में मौजूद चालकों पुषेंद्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर मेहनतकश वर्ग पर पड़ रहा है। रोजाना की कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन और खर्चों में चला जाता है, जिससे घर चलाना भी मुश्किल हो गया है।

    इसी दौरान चालकों ने फटे कपड़ों को दिखाकर अपनी आर्थिक स्थिति का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और कहा कि “किश्त भरते-भरते कपड़े तक फट गए हैं।”

    ऑटो संगठन ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऑटो किराए का पुनर्निर्धारण किया जाए, ताकि चालक अपनी किश्त समय पर चुका सकें और परिवार का भरण-पोषण ठीक से कर सकें।

    इस बीच देशभर में ईंधन कीमतों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। हाल ही में क्रिसिल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, जिससे आम जनता और परिवहन व्यवसाय पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। भोपाल में हुआ यह अनोखा प्रदर्शन एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि महंगाई का दबाव अब सीधे सड़क पर काम करने वाले वर्ग तक पहुंच चुका है।

  • भोपाल में विश्व शांति महायज्ञ के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, संभव सागर बोले- संयम ही भारत की असली संपदा

    भोपाल में विश्व शांति महायज्ञ के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, संभव सागर बोले- संयम ही भारत की असली संपदा


    मध्य प्रदेश । भोपाल में धार्मिक आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के आठ दिवसीय आयोजन का भव्य समापन विश्व शांति महायज्ञ और भगवान जिनेंद्र की विशाल शोभायात्रा के साथ किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु तप, संयम और आराधना में लीन रहे, वहीं अंतिम दिन शहर का वातावरण जयकारों, भक्ति गीतों और धार्मिक उत्साह से सराबोर दिखाई दिया।

    समापन अवसर पर निकाली गई भगवान जिनेंद्र की भव्य शोभायात्रा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। रजतमय पालकी में विराजित भगवान जिनेंद्र के दर्शन के लिए मार्गभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। केसरिया ध्वज लहराते श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने रास्ते में श्रीफल अर्पित कर भगवान से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की। पूरे मार्ग पर आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

    समाज प्रवक्ता अंशुल जैन के अनुसार, आठ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में अभिषेक, जाप, पूजन और विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धा और साधना का अनूठा संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंडल की परिक्रमा कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का भी संचार किया।

    पूरे आयोजन के दौरान अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने व्रत और उपवास रखकर तपस्या का मार्ग अपनाया। श्रद्धालुओं ने भौतिक सुख-सुविधाओं से दूरी बनाकर आठ दिनों तक धार्मिक आराधना और आत्मचिंतन में समय बिताया। जैन धर्म की परंपराओं के अनुरूप संयम, त्याग और आत्मशुद्धि के संदेश को जीवन में उतारने का प्रयास किया गया। धार्मिक वातावरण में लोगों ने आत्मिक शांति और आध्यात्मिक संतोष का अनुभव किया।

    आयोजन के दौरान मुनि संभव सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संयम भारत की सबसे बड़ी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदा है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का वास्तविक विकास केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि आत्मसंयम और सदाचार से होता है। उन्होंने समाज से पर्यावरण संरक्षण, जीवदया और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप सभी जीवों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता में निहित है।

    कार्यक्रम का संचालन एवं निर्देशन अविनाश भैया के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पूजन एवं अर्घ्य समर्पण में धर्म इंद्र, प्रियंका, महेंद्र, श्रीपाल, मेना सुंदरी, ऋषभ, मंजू, कुबेर, आशा, विजेंद्र सहित अनेक पात्रों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।

    विश्व शांति महायज्ञ और भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम भर नहीं रहा, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव, संयम और मानवीय मूल्यों के प्रसार का एक प्रेरणादायी संदेश भी बन गया। आयोजन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया।