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  • लाल परेड ग्राउंड पर आज सजेगा मध्यप्रदेश का गौरव, मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति से लेकर देशज व्यंजन मेले तक होंगे खास आयोजन

    लाल परेड ग्राउंड पर आज सजेगा मध्यप्रदेश का गौरव, मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति से लेकर देशज व्यंजन मेले तक होंगे खास आयोजन


    भोपाल । मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस का मुख्य समारोह राजधानी भोपाल में रविवार को धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाले राज्यस्तरीय आयोजन का सबसे बड़ा कार्यक्रम शाम 6 बजकर 30 मिनट पर लाल परेड ग्राउंड में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समारोह का शुभारंभ करेंगे। इस बार स्थापना दिवस की थीम विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश रखी गई है। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान जनजातीय परंपराओं कृषि नवाचारों महिला उद्यमिता और विकास कार्यों की झलक दिखाई जाएगी। समारोह में आम नागरिक बिना किसी प्रवेश पत्र या पास के शामिल हो सकेंगे। वहीं स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए विशेष स्टूडेंट ब्लॉक बनाया गया है। विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए अपने संस्थान का पहचान पत्र दिखाना होगा।

    स्थापना दिवस के अवसर पर सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री लाल परेड ग्राउंड में आधुनिक कृषि प्रदर्शनी विकास दीर्घा महिला उद्यमिता मंडप और देशज व्यंजन मेले का उद्घाटन करेंगे। इन आयोजनों में प्रदेश की उपलब्धियों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा। आधुनिक कृषि प्रदर्शनी में उन्नत बीज जैविक इनपुट्स स्मार्ट सिंचाई और एग्री स्टार्टअप्स से जुड़े नए प्रयोग देखने को मिलेंगे। महिला उद्यमिता मंडप और किसान बाजार में स्व-सहायता समूहों के उत्पाद हस्तशिल्प और स्थानीय वस्तुओं की प्रदर्शनी तथा बिक्री होगी।

    शाम के मुख्य समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता गायिका मोनाली ठाकुर की संगीत प्रस्तुति होगी। मुंबई से आए कलाकारों के साथ वे सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगी। मोनाली ठाकुर बॉलीवुड के कई लोकप्रिय गीतों के लिए जानी जाती हैं। फिल्म लुटेरा का सवार लूं और दम लगा के हईशा का मोह मोह के धागे उनके चर्चित गीतों में शामिल हैं। उनकी आवाज से स्थापना दिवस की शाम संगीतमय होगी। कार्यक्रम में 71 बच्चे सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन करेंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस बैंड राष्ट्रगान की प्रस्तुति देगा। समारोह का समापन आतिशबाजी के साथ होगा।

    इस अवसर पर शिक्षा और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रदेश के 102 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपए की छात्रवृत्ति और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। जिलों से चयनित विद्यार्थियों में खंडवा के छह विद्यार्थी शामिल हैं। वहीं अशोकनगर बड़वानी नर्मदापुरम सिवनी सिंगरौली और उमरिया से चार-चार विद्यार्थियों का चयन किया गया है।

    किसानों के लिए भी इस बार स्थापना दिवस पर खास सौगात रखी गई है। किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे। इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में प्रदेश के करीब 40 हजार किसानों ने भाग लिया था। चयनित किसानों को 55 ट्रैक्टर 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर दिए जाएंगे। प्रत्येक जिले से तीन विजेताओं का चयन किया गया है। भोपाल के विजेताओं को मुख्यमंत्री स्वयं पुरस्कार देंगे जबकि अन्य जिलों में प्रभारी मंत्री सम्मानित करेंगे।

    सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं। लाल परेड ग्राउंड में राजा भोज के भोपाल विषय पर 160 वॉटर कलर चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की ओर से तैयार यह प्रदर्शनी शहर के ऐतिहासिक गौरव को सामने लाएगी। वहीं देशज व्यंजन मेले में मालवा निमाड़ बुंदेलखंड बघेलखंड और महाकौशल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। यह मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा।

    मुख्य समारोह से पहले स्थापना दिवस के पूर्वरंग कार्यक्रमों के तहत भोपाल में सांस्कृतिक गौरव यात्राएं भी निकाली गईं। इनमें 400 से अधिक लोक और जनजातीय कलाकारों ने हिस्सा लिया। गोंड बैगा भील कोरकू सहरिया और भारिया जनजातियों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। करमा सैला भगोरिया मटकी घूमर भांगड़ा पंथी और लेझिम जैसे लोकनृत्यों ने शहर की सड़कों को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। इस तरह मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस संस्कृति विकास किसान कल्याण और प्रतिभाओं के सम्मान का बड़ा उत्सव बनने जा रहा है।

  • हरदीप पुरी ने भरा राज्यसभा का पर्चा, नामांकन से पहले कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने से गरमाई सियासत

    हरदीप पुरी ने भरा राज्यसभा का पर्चा, नामांकन से पहले कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने से गरमाई सियासत


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार को राज्यसभा उपचुनाव को लेकर हलचल तेज रही। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भोपाल में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। वह सुबह करीब 11:30 बजे विधानसभा भवन पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन से पहले हरदीप सिंह पुरी ने गुरुद्वारे में मत्था टेका और करुणा धाम आश्रम पहुंचकर संत सुदेश शांडिल्य महाराज से आशीर्वाद लिया। वहीं दूसरी ओर नामांकन के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने युवा कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।

    भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किया था। यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। उन्होंने 13 अक्टूबर को अपना इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। अब इस रिक्त सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। भाजपा ने इस चुनाव के लिए पुरी को अपना प्रत्याशी बनाया और उन्होंने शनिवार को औपचारिक रूप से नामांकन दाखिल कर दिया।

    नामांकन की तैयारियां पहले से शुरू हो गई थीं। शुक्रवार को ही मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री कृष्णा गौर ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के लिए प्रस्तावक बनने पर सहमति दी थी। उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यालय में इससे संबंधित सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद शनिवार को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुरी ने विधानसभा भवन पहुंचकर अपना नामांकन जमा किया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा तथा राजेंद्र शुक्ल मौजूद रहे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय प्रहलाद पटेल और नरेंद्र शिवाजी पटेल सहित कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विधायक सुरेंद्र पटवा समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में नामांकन की प्रक्रिया पूरी हुई।

    नामांकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय चुनाव समिति के फैसले के बाद हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने इसे मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि दिवाली से पहले प्रदेश को पुरी के रूप में एक सांसद का उपहार मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पुरी के संसदीय अनुभव और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनके योगदान का भी उल्लेख किया।

    सीएम ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश को बीना रिफाइनरी नागरिक उड्डयन स्मार्ट सिटी मेट्रो रेल मेट्रोपॉलिटन सिटी और स्वच्छता अभियान जैसे क्षेत्रों में कई सौगातें दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी पुरी प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    दूसरी ओर नामांकन के दौरान राजनीतिक विरोध की आशंका भी बनी रही। पुलिस ने युवा कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया। हालांकि उपलब्ध जानकारी में हिरासत में लिए गए नेताओं की संख्या और कार्रवाई के विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं। इस घटनाक्रम ने नामांकन के राजनीतिक माहौल को और चर्चा में ला दिया।

    खास बात यह रही कि नामांकन दाखिल करने से पहले और बाद में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया से बातचीत नहीं की। मीडिया के सामने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी का पक्ष रखा। अब राज्यसभा उपचुनाव की आगे की प्रक्रिया और चुनावी नतीजे पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

  • भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त

    भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त


    भोपाल । भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान मदर इंडिया कॉलोनी में एक महिला के घर से अवैध देशी शराब बरामद की गई। आरोप है कि महिला घर में शराब जमा करके उसकी बिक्री कर रही थी। इसके अलावा गांधीनगर और बैरागढ़ क्षेत्र के होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में भी जांच की गई। आबकारी विभाग की अलग-अलग टीमों ने रातभर कार्रवाई करते हुए कुल 10 प्रकरण दर्ज किए। इस अभियान में अवैध शराब के भंडारण और बिक्री के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले लहान पर भी कार्रवाई की गई।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक मदर इंडिया कॉलोनी में रहने वाली एक महिला के घर पर जांच के दौरान अवैध देशी शराब मिली। विभाग के अनुसार महिला पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रही है और घर में शराब का अवैध भंडारण कर उसे बेच रही थी। टीम ने मौके से शराब जब्त करने के बाद महिला के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 45 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग अब इस बात की भी जानकारी जुटा रहा है कि महिला तक शराब कहां से पहुंच रही थी और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

    कार्रवाई का दायरा केवल मदर इंडिया कॉलोनी तक सीमित नहीं रहा। आबकारी विभाग की टीम ने बैरागढ़ इलाके में जैन मंदिर के पास स्थित एक घर पर भी दबिश दी। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान घर से अवैध शराब जब्त की गई। वहीं उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने करोंद क्षेत्र में जांच और कार्रवाई की। इन स्थानों पर मिली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

    गांधीनगर की नई बस्ती में भी आबकारी विभाग को बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल मिला। यहां टीम ने करीब 500 लीटर लहान बरामद किया। लहान का इस्तेमाल कच्ची शराब तैयार करने में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में लहान मिलने के बाद विभाग ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। देर रात तक गांधीनगर में कार्रवाई जारी रही। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े ठिकानों की पहचान करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

    इस अभियान के दौरान आबकारी विभाग ने दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की सप्लाई करने वाले युवकों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मुताबिक भोपाल में कुछ युवक मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहनों से शराब की आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। विभाग के अनुसार बीते दिनों तीन युवकों को पकड़ा गया था। अब उनसे पूछताछ कर उनके संपर्कों और संभावित गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल बिक्री के ठिकानों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है बल्कि इसकी आपूर्ति करने वाले लोगों और नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। मदर इंडिया कॉलोनी से लेकर बैरागढ़ और गांधीनगर तक हुई कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण और परिवहन पर निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में भी ऐसे ठिकानों की पहचान कर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

  • लाड़ली बहना की फरियाद पर मंत्री का जवाब, रिश्वत पर इंजीनियर का बेबाक कबूलनामा, बाइक पर लिफ्ट लेते गिरते-गिरते बचे भाजपा नेता

    लाड़ली बहना की फरियाद पर मंत्री का जवाब, रिश्वत पर इंजीनियर का बेबाक कबूलनामा, बाइक पर लिफ्ट लेते गिरते-गिरते बचे भाजपा नेता


    सीहोर । मध्य प्रदेश में इन दिनों नेताओं और अधिकारियों के बयान तथा उनके काम करने के तरीके चर्चा का विषय बने हुए हैं। कहीं रिश्वत लेने के मामले में एक अधिकारी का बेबाक बयान सामने आया है तो कहीं अपनी घरेलू परेशानी लेकर मंत्री के पास पहुंची लाड़ली बहना को ऐसा जवाब मिला जिसने नई बहस छेड़ दी। दूसरी ओर इंदौर में एक कार्यक्रम में समय पर पहुंचने की जल्दबाजी में भाजपा के शहर अध्यक्ष बाइक से लिफ्ट लेते समय संतुलन खोते नजर आए। इन घटनाओं के अलावा भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक नारों की जंग भी दिलचस्प मोड़ लेती दिखाई दे रही है।

    सबसे पहले बात पन्ना की जहां जल संसाधन विभाग के एक कार्यपालन यंत्री का रिश्वत को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। दरअसल विभाग के दो कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए थे। इसी मामले को लेकर जब मीडियाकर्मियों ने कार्यपालन यंत्री से सवाल किया और पूछा कि क्या उनका भी कोई प्रतिशत तय है तो उन्होंने ऐसा जवाब दिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। अधिकारी ने कहा कि उनका कोई प्रतिशत तय नहीं है लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपनी खुशी से पैसा दे जाता है तो वे उसे रख लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नौकरी में आने के बाद से उनका यही तरीका रहा है। अधिकारी ने एक तरफ पैसे लेना गलत बताया लेकिन दूसरी तरफ खुशी से मिलने वाले पैसे स्वीकार करने की बात भी कबूल कर ली। उनका यह बयान सामने आने के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया।

    दूसरी घटना सीहोर की है जहां एक लाड़ली बहना अपनी घरेलू परेशानी लेकर मंत्री करण सिंह वर्मा के पास पहुंची थी। महिला ने शिकायत की कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है। उसने इलाके में शराब का ठेका बंद कराने की मांग की ताकि उसके परिवार में होने वाली परेशानी कम हो सके। हालांकि मंत्री ने शराब का ठेका बंद कराने के बजाय महिला को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी से कहा कि महिला के पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। शराब की बिक्री को लेकर मंत्री ने कहा कि लोग तो शराब पीते ही हैं। इस जवाब के बाद महिला की मांग और प्रशासनिक समाधान को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

    इंदौर में भाजपा के शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी एक अलग वजह से सुर्खियों में आ गए। उन्हें लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचना था लेकिन देरी होने के कारण उन्होंने रास्ते में एक बाइक सवार से लिफ्ट ले ली। जल्दबाजी में बाइक पर बैठते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिरते-गिरते बच गए। हालांकि उन्होंने खुद को संभाल लिया और कार्यक्रम में पहुंच गए। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हल्की-फुल्की चर्चा को जन्म दे दिया।

    इसी कार्यक्रम के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक नारों की जंग भी देखने को मिली। कांग्रेस के वोट चोर गद्दी छोड़ और मोदी तो जाएगा जैसे नारों के जवाब में भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान शुरू किया है। शाजापुर जिले के कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में कविता के जरिए विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने अपने वीडियो में कहा कि विरोधियों के विरोध के बावजूद मोदी कहीं नहीं जाएंगे। वहीं इंदौर में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी कार्यक्रम के दौरान मोदी के समर्थन में नारा लगवाने की कोशिश की। उन्होंने मोदी तो कहकर जनता से नारा पूरा करने की अपेक्षा की लेकिन जब कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने खुद ही मोदी तो नहीं हटेगा कहकर बात पूरी कर दी।

    राजनीतिक घटनाक्रम के बीच प्राधिकरण के एक बड़े नेता और उनके मातहत नेता के बीच चल रही खींचतान भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण में एक नेता के करीबी बाबू को महत्वपूर्ण पद पर बैठाया गया था और दोनों मिलकर फैसले ले रहे थे। इससे नाराज दूसरे नेता ने शिकायत की और मामला सरकार तक पहुंच गया। इसके बाद संबंधित बाबू को पद से हटा दिया गया लेकिन उनकी जगह नियुक्त अधिकारी भी उसी नेता का करीबी बताया जा रहा है। अब शिकायत करने वाले नेता दोबारा राजधानी के चक्कर लगा रहे हैं। इन घटनाओं ने प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

  • भोपाल में बाघों के भ्रमण क्षेत्र पर संकट, कलियासोत डैम किनारे 24 पेड़ काटने की अनुमति पर बवाल, पर्यावरणविदों ने उठाए गंभीर

    भोपाल में बाघों के भ्रमण क्षेत्र पर संकट, कलियासोत डैम किनारे 24 पेड़ काटने की अनुमति पर बवाल, पर्यावरणविदों ने उठाए गंभीर


    भोपाल । भोपाल में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कलियासोत डैम के किनारे बिजली के टावर लगाने के लिए 24 पेड़ों को काटने की अनुमति दिए जाने पर पर्यावरणविदों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जिस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है वह बाघों के भ्रमण और विचरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और निर्माण कार्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। पर्यावरणविदों ने नगर निगम प्रशासन से इस मामले की जांच कराने और अनुमति को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

    पर्यावरणविद् राशिद नूर के मुताबिक नगर निगम की उद्यान शाखा ने मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को बिजली के टावर लगाने के लिए 24 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है। उनका आरोप है कि अनुमति पत्र में कार्यस्थल का सही विवरण दर्ज नहीं किया गया। जिस स्थान पर टावर लगाने का काम चल रहा है वह चंदनपुरा बाघ भ्रमण क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद अनुमति पत्र में स्थान का उल्लेख खुशीलाल अस्पताल के पीछे और कलियासोत बांध के डूब क्षेत्र के रूप में किया गया है। पर्यावरणविदों का कहना है कि स्थान की वास्तविक स्थिति और अनुमति पत्र में दर्ज विवरण के बीच अंतर की जांच जरूरी है।

    राशिद नूर ने बताया कि चंदनपुरा बाघ भ्रमण क्षेत्र में 13 शटर के पास टावर निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियर से पेड़ों की कटाई से संबंधित अनुमति पत्र मांगा। उनके अनुसार अनुमति पत्र में उस स्थान का उल्लेख नहीं था जहां वास्तव में निर्माण कार्य चल रहा है। इसी आधार पर उन्होंने अनुमति जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि यह क्षेत्र वास्तव में बाघों के आवागमन और सघन वन क्षेत्र का हिस्सा है तो यहां किसी भी प्रकार की गतिविधि से पहले पर्यावरणीय और वन्यजीव संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    पर्यावरणविदों की चिंता केवल पेड़ों की कटाई तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि वन क्षेत्र में पेड़ वन्यजीवों को आश्रय देने के साथ उनके प्राकृतिक आवागमन और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बिजली के टावर लगाने के लिए पेड़ों को हटाने से आसपास के प्राकृतिक वातावरण पर असर पड़ सकता है। कलियासोत डैम के आसपास का इलाका पर्यावरण और वन्यजीवों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए यहां होने वाले निर्माण कार्यों की अनुमति और उनकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण आवश्यक है।

    राशिद नूर ने नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई की अनुमति को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए और यह जांच की जानी चाहिए कि संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए किस आधार पर अनुमति जारी की गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कार्यस्थल बाघ भ्रमण क्षेत्र में आता है तो अनुमति पत्र में दूसरे स्थान का उल्लेख क्यों किया गया।

    बताया गया है कि इस क्षेत्र में पहले भी निर्माण गतिविधियों और पेड़ों की कटाई को लेकर आपत्तियां सामने आ चुकी हैं। पर्यावरणविद् के अनुसार वन विभाग ने पूर्व में यहां चल रहे कार्यों और कटाई पर रोक लगाई थी। हालांकि मौजूदा मामले में अनुमति जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित विभागों की भूमिका को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम और संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करते हैं। फिलहाल कलियासोत डैम के पास 24 पेड़ों की कटाई का मामला पर्यावरण संरक्षण और बाघों के सुरक्षित आवागमन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

  • पत्नी की मौत के बाद घर से निकला पति, सुबह पेड़ पर मिला शव, प्रेम विवाह करने वाले दंपती की मौत की जांच

    पत्नी की मौत के बाद घर से निकला पति, सुबह पेड़ पर मिला शव, प्रेम विवाह करने वाले दंपती की मौत की जांच


    भोपाल । भोपाल के बरखेड़ा बोंदर इलाके में करवा चौथ के बाद पति पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। 22 वर्षीय शिवानी और उसके 26 वर्षीय पति सूरज अहिरवार की मौत से परिवार में मातम छा गया। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात पहले शिवानी का शव घर के बेडरूम में फंदे से लटका मिला। इसके कुछ घंटे बाद सूरज का शव घर से करीब 100 मीटर दूर एक पेड़ पर लटका हुआ मिला। दोनों ने वर्ष 2021 में प्रेम विवाह किया था। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक शिवानी ने करवा चौथ पर अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था। रात में दोनों ने साथ बैठकर व्रत खोला और भोजन किया। इसके बाद सूरज रात करीब 11:30 बजे पत्नी को बिना बताए घर से बाहर चला गया। बताया जा रहा है कि शिवानी चाहती थी कि करवा चौथ के दिन उसका पति उसके साथ समय बिताए। सूरज के अचानक घर से चले जाने के कारण वह नाराज थी। हालांकि इस घटनाक्रम और दोनों की मौत के बीच संबंध को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार रात करीब 2:30 बजे सूरज घर लौटा तो बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उसने एक छेद से कमरे के अंदर झांककर देखा। वहां शिवानी का शव फंदे से लटका हुआ था। पत्नी को इस हालत में देखकर सूरज ने घर में मौजूद अपनी दादी को जानकारी दी। इसके बाद परिजनों की मदद से कमरे का दरवाजा खोला गया और शिवानी को नीचे उतारा गया। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

    शिवानी की मौत के बाद सूरज भी किसी को कुछ बताए बिना घर से निकल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे घर से लगभग 100 मीटर दूर एक पेड़ पर सूरज का शव फंदे से लटका मिला। एक ही रात में पति और पत्नी की मौत की खबर से परिवार के लोग सदमे में आ गए। पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद दोनों घटनाओं की जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि शिवानी की मौत के बाद सूरज बेहद दुखी था। यह भी बताया गया कि घर से निकलते समय उसने कथित तौर पर शिवानी नहीं तो मैं भी नहीं जैसी बात कही थी। हालांकि पुलिस को दोनों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसलिए मौत के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    जानकारी के मुताबिक सूरज गांव में खेती किसानी के साथ मजदूरी भी करता था। शिवानी और सूरज की शादी को करीब पांच साल हो चुके थे और उनकी कोई संतान नहीं थी। खबरों में यह भी बताया गया है कि संतान नहीं होने को लेकर शिवानी परेशान रहती थी। पुलिस इस पहलू समेत पारिवारिक परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    खजूरी थाना पुलिस ने दोनों मौतों के मामलों में मर्ग कायम किया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। घटनास्थल की परिस्थितियों और सामने आए बयानों के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल दोनों की मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है और किसी एक वजह को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं माना गया है।

  • भोपाल में प्रशासनिक फेरबदल, पीसी पांडे कलेक्टर कार्यालय में अटैच, दीपक पांडे को कोलार का अतिरिक्त प्रभार

    भोपाल में प्रशासनिक फेरबदल, पीसी पांडे कलेक्टर कार्यालय में अटैच, दीपक पांडे को कोलार का अतिरिक्त प्रभार


    भोपाल। भोपाल में प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। कलेक्टर कार्यालय से 27 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार कोलार के अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी पीसी पांडे को कलेक्टर कार्यालय भोपाल में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। वहीं टीटी नगर के अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी दीपक पांडे को उनके वर्तमान कार्य के साथ कोलार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

    कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी आदेश में प्रशासनिक कार्यों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। आदेश पर जिला कलेक्टर के हस्ताक्षर हैं और इसमें दोनों अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसके तहत पीसी पांडे को कोलार में एसडीएम एवं दंडाधिकारी के दायित्व से हटाकर कलेक्टर कार्यालय में कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है। दूसरी ओर दीपक पांडे टीटी नगर में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे और इसके साथ ही कोलार क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

    प्रशासनिक व्यवस्था में इस बदलाव के बाद कोलार क्षेत्र में राजस्व संबंधी कामकाज की जिम्मेदारी दीपक पांडे के पास आ जाएगी। उन्हें अपने वर्तमान कार्यों के साथ अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। ऐसे में क्षेत्र में राजस्व मामलों के निपटारे और प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन को लेकर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि आदेश में इस बदलाव के पीछे किसी विशेष प्रकरण या शिकायत का उल्लेख नहीं किया गया है। आदेश में प्रशासनिक कार्य सुविधा को ही बदलाव का आधार बताया गया है।

    पीसी पांडे को कलेक्टर कार्यालय में कार्य करने के लिए निर्देशित किए जाने के बाद उनकी नई जिम्मेदारियों को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य विभिन्न विभागीय कार्यों के समन्वय और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार जिम्मेदारियों का निर्धारण करना होता है। इस आदेश के जरिए जिला प्रशासन ने अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था लागू की है।

    आदेश की प्रतिलिपि मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव सहित भोपाल संभाग के आयुक्त और संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक सूचना और कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इसके अलावा जिला कोषालय अधिकारी को वेतन संबंधी प्रक्रिया के लिए जानकारी दी गई है। संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    भोपाल जिला प्रशासन में समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों के मुताबिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जाता है। इस बार किए गए फेरबदल में कोलार और टीटी नगर से जुड़े राजस्व प्रशासन की जिम्मेदारियां प्रभावित हुई हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होने के कारण नई व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्व संभालने होंगे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अतिरिक्त प्रभार के साथ कोलार क्षेत्र में राजस्व संबंधी कार्यों का संचालन किस तरह आगे बढ़ता है।

  • भोपाल में शाही इमाम का बड़ा बयान, बोले- सियासत से दूरी छोड़ें मुस्लिम, कानून बनाने वाली संस्थाओं में बढ़ाएं भागीदारी

    भोपाल में शाही इमाम का बड़ा बयान, बोले- सियासत से दूरी छोड़ें मुस्लिम, कानून बनाने वाली संस्थाओं में बढ़ाएं भागीदारी


    भोपाल। पंजाब के शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी ने मुस्लिम समाज से राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का स्थायी समाधान चाहते हैं तो समाज के लोगों को विधानसभा और संसद तक पहुंचना होगा। कानून बनाने वाली संस्थाओं में अपनी मौजूदगी मजबूत किए बिना संबंधित मुद्दों पर प्रभावी ढंग से बात रखना मुश्किल हो सकता है। उनके मुताबिक सड़क पर प्रदर्शन करने से विरोध तो दर्ज हो सकता है लेकिन कई बार इसका परिणाम एफआईआर तक सीमित रह जाता है। इसलिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी और संवाद के जरिए समस्याओं का हल तलाशना जरूरी है।

    मौलाना बुधवार को भोपाल में कस्तूरबा शिक्षा समिति के एएम हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी वक्फ बोर्ड की नई व्यवस्था यूनिफॉर्म सिविल कोड और सामाजिक एकता जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि समाज को केवल शिकायत करने या दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

    कानून बनाने वाली संस्थाओं में पहुंचना जरूरी

    भोपाल में वक्फ बोर्ड की नई बॉडी में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के सवाल पर मौलाना ने राजनीतिक भागीदारी की कमी को महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जब समाज के प्रतिनिधि विधानसभा और संसद में मौजूद होंगे तो वे कानूनों और व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख सकेंगे। मस्जिदों में अजान से जुड़े नियमों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में केवल स्थानीय प्रबंधन की भूमिका नहीं होती बल्कि प्रशासनिक संस्थाओं और कानूनों से जुड़े निर्णय भी असर डालते हैं।

    उनके अनुसार समाज को केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित रहने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं में अपनी आवाज मजबूत करनी चाहिए। राजनीतिक भागीदारी के जरिए मुद्दों को संबंधित मंचों पर उठाने और समाधान की दिशा में काम करने के अवसर मिल सकते हैं।

    पैगंबर साहब के जीवन से संवाद की सीख

    मौलाना ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के मक्का से मदीना हिजरत करने के बाद के प्रसंग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमन और सुरक्षा के लिए दूसरे समुदायों के साथ संवाद और समझौते किए गए थे। उनके मुताबिक यह उदाहरण बताता है कि समाज के हितों की रक्षा के लिए राजनीतिक समझदारी और सहयोग महत्वपूर्ण हैं।

    उन्होंने कहा कि जिस देश में हम रहते हैं वहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी के जरिए अपने अधिकारों और हितों को सामने रखना चाहिए। समाज को राजनीति से दूरी बनाने के बजाय संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

    जाति बिरादरी और अहंकार से कमजोर होती एकता

    मौलाना ने मुस्लिम समाज के भीतर आपसी मतभेदों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जाति बिरादरी और अहंकार जैसी प्रवृत्तियां सामूहिक एकता को कमजोर करती हैं। जब लोग छोटे समूहों में बंट जाते हैं और एक दूसरे की कमियां निकालने में लगे रहते हैं तो सामाजिक ताकत प्रभावित होती है। उन्होंने कुरान की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए आपसी फूट से बचने और एकजुट रहने पर जोर दिया।

    उनका कहना था कि समाज को दूसरों की गलतियां गिनाने के साथ अपनी कमजोरियों पर भी विचार करना चाहिए। आपसी मतभेद दूर किए बिना बड़े सामाजिक उद्देश्यों को हासिल करना कठिन हो सकता है।

    शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर

    मौलाना ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा आर्थिक मजबूती और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने नमाज के साथ जकात की अहमियत का उल्लेख करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करने पर जोर दिया।

    उनके मुताबिक राजनीतिक भागीदारी के साथ शिक्षा सामाजिक एकता और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना भी जरूरी है। समाज के लोगों को इन क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहिए ताकि वे अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकें और सामाजिक विकास में योगदान दे सकें।

  • मोहन भागवत का भोपाल दौरा, जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर रवाना होंगे संघ प्रमुख, शताब्दी वर्ष का होगा समापन

    मोहन भागवत का भोपाल दौरा, जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर रवाना होंगे संघ प्रमुख, शताब्दी वर्ष का होगा समापन


    भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत बुधवार सुबह अचानक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे। उनके इस दौरे को लेकर संघ के कार्यक्रमों में हलचल बढ़ गई है। भोपाल प्रवास के दौरान वे एमपी नगर के पास चातुर्मास कर रहे जैन मुनि समय सागर से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा संघ के प्रमुख कार्यालय समिधा में पदाधिकारियों के साथ बैठक का कार्यक्रम भी निर्धारित है। भोपाल में अपनी निर्धारित गतिविधियां पूरी करने के बाद भागवत इंदौर के लिए रवाना होंगे। वहां संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर आयोजित चरैवेति एकत्रीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    भोपाल पहुंचने पर संघ प्रमुख का स्वागत स्वप्निल कुलकर्णी सहित संघ के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता और कैलाश लोवंशी ने किया। उनके अचानक राजधानी पहुंचने के बाद उनके कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके दौरे में संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक और जैन मुनि से मुलाकात प्रमुख रूप से शामिल है। इसके बाद वे इंदौर में आयोजित बड़े कार्यक्रम में भाग लेंगे।

    समिधा में पदाधिकारियों के साथ बैठक

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मोहन भागवत भोपाल स्थित संघ कार्यालय समिधा में संघ के अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। संघ के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर पौने तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच जैन मुनि समय सागर से मुलाकात का कार्यक्रम है। मुलाकात के बाद भागवत इंदौर के लिए रवाना होंगे।

    भागवत के दौरे को देखते हुए समिधा कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। राजधानी में उनका प्रवास सीमित समय का है और इसके बाद उनका अगला पड़ाव इंदौर रहेगा। वहां संघ के शताब्दी वर्ष के समापन से जुड़ा आयोजन होना है।

    इंदौर में जुटेंगे करीब एक लाख स्वयंसेवक

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर बुधवार को इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में चरैवेति एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम शाम साढ़े चार बजे से शुरू होगा। इसमें करीब एक लाख स्वयंसेवकों के शामिल होने का अनुमान है। इस आयोजन की जिम्मेदारी संघ के मालवा प्रांत के इंदौर विभाग की ओर से संभाली जा रही है।

    कार्यक्रम में संघ के प्रमुख राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ इंदौर महानगर और महू ग्रामीण क्षेत्र के सक्रिय स्वयंसेवक शामिल होंगे। इसके अलावा समाज के प्रबुद्ध वर्ग की मौजूदगी भी रहेगी। आयोजन का उद्देश्य स्वयंसेवकों और समाज के लोगों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संदेश देना है।

    संघ के सौ वर्ष पूरे होने पर सालभर हुए आयोजन

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में वर्षभर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। चरैवेति एकत्रीकरण इसी श्रृंखला का समापन कार्यक्रम है। इसके माध्यम से संगठन अपने शताब्दी वर्ष के दौरान किए गए कार्यक्रमों को समेटते हुए आगे भी सामाजिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहने का संदेश देगा।

    मोहन भागवत का भोपाल से इंदौर तक का यह दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण है। भोपाल में पदाधिकारियों के साथ बैठक और जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर में होने वाले आयोजन पर सबकी नजर रहेगी।

  • भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे

    भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे


    भोपाल। दीपावली से पहले भोपाल में अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को दोपहिया वाहनों से अवैध शराब का परिवहन करते पकड़ा। इसके अलावा होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध रूप से शराब पिलाने और नियमों के उल्लंघन से जुड़े 10 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान अवैध शराब की सप्लाई और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विपरीत शराब सेवन पर रोक लगाना है।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक सहायक जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैन और उनकी टीम ने घोड़ा नक्काश निवासी चंचल साहू को एक्टिवा से अवैध रूप से शराब का परिवहन करते पकड़ा। कार्रवाई के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां से विदेशी शराब की 15 बोतलें भी मिलीं। विभाग ने शराब जब्त कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।

    पीएंडटी चौराहे के पास जूपिटर से शराब ले जाते पकड़ा

    इसी अभियान के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी शरद मिश्रा और उनकी टीम ने पीएंडटी चौराहे के पास एक अन्य व्यक्ति को जूपिटर स्कूटर से अवैध शराब की सप्लाई करते पकड़ा। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग ने शराब के अवैध परिवहन को गंभीरता से लेते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की। अधिकारियों का मानना है कि दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की छोटी खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जा सकती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए रात के समय निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

    होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी जांच

    दोपहिया वाहनों से शराब की सप्लाई के मामलों के अलावा आबकारी विभाग ने शहर के होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र में कार्रवाई की जबकि उप निरीक्षक स्वाति बघेल की टीम ने करोंद क्षेत्र में संचालित प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान शराब के अवैध सेवन और संबंधित नियमों के उल्लंघन को लेकर 10 से अधिक प्रकरण बनाए गए। विभाग की टीमों ने प्रतिष्ठानों में शराब परोसने और उसके सेवन से जुड़े नियमों की जांच की।

    त्योहार से पहले बढ़ाई निगरानी

    सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि विभाग की टीमें रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई कर रही हैं। त्योहारों के दौरान शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए अवैध कारोबार पर निगरानी रखी जा रही है। रात में चलने वाले होटल ढाबों और रेस्टोरेंट पर भी जांच की जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    भोपाल में हुई इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के परिवहन और नियमों के विपरीत शराब पिलाने के मामलों में सख्ती जारी रहेगी। विभाग की जांच में आगे यदि अन्य लोगों या प्रतिष्ठानों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।