Tag: Bihar Politics

  • नीतीश कुमार का दिल्ली रवाना होना और राज्यसभा सदस्य के रूप में नई पारी

    नीतीश कुमार का दिल्ली रवाना होना और राज्यसभा सदस्य के रूप में नई पारी


    नई दिल्ली:पटना /बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहे नीतीश कुमार अब राज्य की बागडोर छोड़ दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। सुशासन और विकास के लिए पहचाने जाने वाले नीतीश कुमार अब केंद्र में नई भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उनका यह कदम न केवल बिहार बल्कि देश की राजनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

    नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई पारी शुरू करेंगे। वह दिल्ली पहुंच चुके हैं और 10 अप्रैल को उच्च सदन में शपथ लेंगे। इसके बाद 11 अप्रैल को पटना लौटने की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन और शपथ ग्रहण होने की संभावना प्रबल है।

    राज्य में सत्ता समीकरण अब पूरी तरह बदलने वाला है। जेडीयू ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि बिहार में अब नेतृत्व की भूमिका भारतीय जनता पार्टी के हाथ में होगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने स्वीकार किया है कि राज्य की सत्ता अब भाजपा के प्रभुत्व में होगी। नीतीश कुमार के इस निर्णय के बाद राज्य में दो दशक तक उनके इर्द-गिर्द घूमने वाला सत्ता केंद्र बदलने वाला है।

    बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए कई नाम चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार वर्तमान उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी इस रेस में सबसे आगे हैं। उनके नाम के पीछे जातीय समीकरण और राज्य के बड़े वोट बैंक को साधने की रणनीति काम कर रही है। अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम निर्णय 10 अप्रैल को दिल्ली में प्रस्तावित केंद्रीय बैठक में तय हो सकता है।

    दिल्ली में प्रस्तावित बैठक में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी संभव है। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर के साथ ही नई सरकार के मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज होगी और नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 14 या 15 अप्रैल को आयोजित होने की संभावना है।

    भव्य शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र और राज्य के कई दिग्गज नेताओं की उपस्थिति की संभावना है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री खुद भी इस ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनने पटना आ सकते हैं। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने और राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया ने बिहार की राजनीति को एक नए अध्याय की ओर धकेल दिया है।

  • नीतीश कुमार 12 अप्रैल को मुख्‍यमंत्री पद से दे सकते हैं इस्तीफा, 14 को नई सरकार बनने की संभावना

    नीतीश कुमार 12 अप्रैल को मुख्‍यमंत्री पद से दे सकते हैं इस्तीफा, 14 को नई सरकार बनने की संभावना


    नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में MLC पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री की खोज शुरू हो गई है। बीजेपी की ओर से नए सीएम के लिए सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, नित्यानंद राय और दिलीप जायसवाल के नाम चर्चा में हैं। जेडीयू से निशांत कुमार और विजय चौधरी के नाम सामने आ रहे हैं।

    मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार 12 अप्रैल को CM पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 14 अप्रैल तक नए मुख्यमंत्री की शपथ समारोह होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    राजनीतिक गतिविधियां और दिल्ली यात्रा

    सियासी हलचल के बीच बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार अगले सप्ताह 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे और राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके बाद वे पटना लौटकर राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

    सुरक्षा और आवास में बदलाव

    मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा जारी रहेगी। गृह विभाग की विशेष शाखा ने आदेश में कहा है कि उन्हें बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा प्रदान की जाएगी। सीएम पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार को वर्तमान में 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास छोड़कर 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में रहने के लिए जाना होगा।

  • बिहार की सियासत गरम अगले सीएम पर बीजेपी का बड़ा बयान और भविष्य की रणनीति

    बिहार की सियासत गरम अगले सीएम पर बीजेपी का बड़ा बयान और भविष्य की रणनीति


    नई दिल्ली : बिहार की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है क्योंकि राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि उनके बाद राज्य की कमान कौन संभालेगा इसी बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं जिससे सियासी माहौल और गर्म हो गया है

    इसी क्रम में बिहार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है उन्होंने साफ किया कि वर्तमान में नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री हैं और आने वाले समय में उनके राज्यसभा जाने की बात सामने आ रही है इसके बाद आगे की राजनीतिक प्रक्रिया एनडीए और भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तय की जाएगी उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस निर्णय में मुख्यमंत्री की भूमिका भी अहम रहेगी

    संजय सरावगी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि फिलहाल बीजेपी ने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई अंतिम नाम तय नहीं किया है बल्कि यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएगा एनडीए के घटक दल और पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व मिलकर यह तय करेगा कि राज्य की कमान किसे सौंपी जाए यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक और सहमति आधारित होगी जिससे गठबंधन की एकजुटता बनी रहे

    वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की ओर से भी बयानबाजी जारी है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की प्रक्रिया किसी दबाव के तहत हो रही है हालांकि एनडीए की ओर से इस दावे को लगातार खारिज किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि सभी निर्णय राजनीतिक सहमति और आपसी समझ के आधार पर लिए जाएंगे

    संजय सरावगी ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश और राजनीति में गंभीरता की आवश्यकता होती है उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं तब नेताओं को जिम्मेदारी के साथ बयान देने चाहिए उनका यह भी कहना था कि राजनीतिक बयानबाजी देशहित में नहीं होती

    इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि संविधान में अनुसूचित जाति के लिए कई प्रकार की सुविधाएं और आरक्षण की व्यवस्था की गई है उन्होंने यह भी कहा कि धर्मांतरण के बाद इन सुविधाओं के संदर्भ में स्थिति बदल सकती है और सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस संदर्भ में उचित है

    बिहार की राजनीति में यह स्पष्ट है कि अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और सभी की निगाहें एनडीए के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं आने वाले समय में इस पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है लेकिन फिलहाल सस्पेंस बरकरार है और राजनीतिक चर्चाएं लगातार जारी हैं

  • गिरधारी यादव मामले में नया मोड़ जेडीयू के कदम पर आरजेडी ने दिया बया

    गिरधारी यादव मामले में नया मोड़ जेडीयू के कदम पर आरजेडी ने दिया बया


    नई दिल्ली:जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर उठाए गए कदम के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। जेडीयू की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है। पार्टी का आरोप है कि गिरधारी यादव के बेटे ने 2025 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और इस दौरान खुद गिरधारी यादव ने भी प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसी आधार पर जेडीयू ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का रुख अपनाया है।

    इस पूरे मामले पर आरजेडी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आरजेडी सांसद मीसा भारती ने जेडीयू के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी का बेटा चुनाव लड़ता है तो वह एक वयस्क व्यक्ति है और उसे अपने फैसले लेने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हर नागरिक को चुनाव लड़ने और अपनी राजनीतिक राह चुनने की आजादी है। मीसा भारती ने यह भी कहा कि किसी परिवार के भीतर अलग अलग लोग अलग दलों से जुड़ सकते हैं और यह पूरी तरह से व्यक्तिगत अधिकार का मामला है।

    उन्होंने आगे कहा कि चुनाव लड़ना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसे किसी भी प्रकार से गलत नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को वोट डालने और अपनी राजनीतिक पसंद रखने की स्वतंत्रता है। ऐसे में यदि किसी के परिवार का सदस्य किसी अन्य पार्टी से चुनाव लड़ता है तो इसे आधार बनाकर कार्रवाई करना उचित नहीं है।

    मीसा भारती ने यह भी कहा कि कई अन्य नेता भी आरजेडी के लिए चुनाव प्रचार में शामिल रहे हैं और यदि आवश्यकता पड़ी तो पार्टी इसकी सूची भी सार्वजनिक कर सकती है। उनके इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि आरजेडी इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से देख रही है और इसे पूरी तरह खारिज नहीं कर रही है।

    उधर जेडीयू की ओर से यह मामला लोकसभा अध्यक्ष के पास भेजा गया है और अब इस पर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। पार्टी का कहना है कि एक सांसद के तौर पर गिरधारी यादव का कर्तव्य है कि वे पार्टी के सिद्धांतों और अनुशासन का पालन करें। यदि उन पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

    वहीं गिरधारी यादव ने भी इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वे अपना पक्ष रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि वे इस आरोप का जवाब विधिवत तरीके से देंगे।

    इस तरह गिरधारी यादव के खिलाफ जेडीयू के कदम और आरजेडी की प्रतिक्रिया के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। आने वाले दिनों में लोकसभा अध्यक्ष का फैसला और दोनों दलों की अगली रणनीति इस मामले को और अधिक महत्वपूर्ण बना सकती है।
  • JDU में शामिल हुए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, कहा पापा ने जो 20 साल में किया उसे

    JDU में शामिल हुए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, कहा पापा ने जो 20 साल में किया उसे


    नई दिल्‍ली । बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब दिल्ली की ओर चल पड़े हैं तो वहीं उनके बेटे निशांत कुमार आखिरकार सक्रिय राजनीति का हिस्सा हो गए हैं। परिवारवाद से दूर रहने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने रविवार को जनता दल यूनाइटेड जॉइन कर ली है। पार्टी में आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद निशांत कुमार पिता नीतीश से मिलने पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया।

    इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, संजय झा, बिजेंद्र यादव, विजय चौधरी जैसे बड़े नेता उपस्थित रहे। सदस्यता ग्रहण के दौरान निशांत कुमार ने सबका आभार व्यक्त किया।

    निशांत कुमार ने कहा, यहां पर मौजूद आप सभी लोगों का अभिनंदन करता हूं। आभार व्यक्त करता हूं। मैं जेडीयू कार्यालय आया हूं। यहां जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करने आया हूं। मैं एक सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी का ख्याल रखने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है, ये उनका निजी फैसला है। मैं इसको स्वीकार करता हूं। आदर करता हूं।

    पापा ने जो 20 साल में किया उसे

    निशांत ने कहा पार्टी ने और जनता ने जो विश्वास मुझ पर किया है मैं उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। पार्टी कार्यकर्ता के हिसाब से मैं पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश करूंगा। पापा ने जो 20 साल में किया उसे जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता जी ने जो 20 साल में किया वो सबको याद रहेगा। पिता ने जो 20 साल में किया है उससे पूरे देशवासियों को गर्व है।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे। नीतीश कुमार के कभी करीबी रहे आरसीपी सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है, प्रिय निशांत आपको सक्रिय राजनीति में आने के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद।

    इस सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को लेकर काफी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यकर्ता निशांत कुमार जिंदाबाद का नारा लगाते नजर आए। बता दें कि इससे पहले निशांत कुमार ने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष के घर पर बीते शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के साथ बैठक की थी। बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और पार्टी को कैसे अच्छे से आगे बढ़ाया जाए, इस पर चर्चा हुई थी।

  • नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री: पटना में JDU जॉइन, कार्यकर्ताओं ने लगाए भविष्य के CM के नारे

    नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री: पटना में JDU जॉइन, कार्यकर्ताओं ने लगाए भविष्य के CM के नारे


    पटना। बिहार की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में Janata Dal (United) (जेडीयू) की सदस्यता ग्रहण कर ली। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Kumar Jha ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई, जबकि वरिष्ठ नेता Rajiv Ranjan Singh ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाकर स्वागत किया। हालांकि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Nitish Kumar मौजूद नहीं रहे।

    पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने कहा कि वे पार्टी के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे और उनके पिता ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो काम किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बिहार और देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग उनके पिता पर विश्वास बनाए रखें। सदस्यता लेने के बाद निशांत ने मंच पर मौजूद नेताओं के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया।

    जेडीयू कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ समर्थकों ने फूलों की वर्षा की और “नीतीश कुमार जिंदाबाद” तथा “बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो” जैसे नारे लगाए। कई समर्थक हाथी, घोड़ा और ऊंट लेकर स्वागत करने पहुंचे थे। मोकामा से बाहुबली नेता Anant Kumar Singh के समर्थक भी बड़ी संख्या में पटना पहुंचे।

    इस मौके पर जेडीयू विधायक Nachiketa Mandal ने कहा कि निशांत कुमार पार्टी के लिए बेहतर काम करेंगे और Nitish Kumar के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें मंत्री Vijay Kumar Chaudhary, Shravan Kumar और Ramnath Thakur शामिल थे।

    निशांत कुमार की जेडीयू में एंट्री को बिहार की राजनीति में एक अहम कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे आने वाले समय में राज्य की सियासत और पार्टी की रणनीति पर असर पड़ सकता है।

  • बिहार की राजनीति में नया मोड़ नीतीश कुमार सहित एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने भरा राज्यसभा नामांकन

    बिहार की राजनीति में नया मोड़ नीतीश कुमार सहित एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने भरा राज्यसभा नामांकन


    नई दिल्ली :बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। खास बात यह रही कि नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah भी मौजूद रहे। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे संभावित राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
    नामांकन प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के पांचों दलों ने एक साथ अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया। इनमें नीतीश कुमार के अलावा नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार राम और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। सभी उम्मीदवार बिहार विधान सभा परिसर पहुंचे और राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

    नामांकन के दौरान अमित शाह की मौजूदगी ने इस प्रक्रिया को और भी राजनीतिक रूप से अहम बना दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बिहार की आगामी राजनीतिक रणनीति से भी जुड़ा हो सकता है।

    इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पटना में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने अपने संदेश में जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा बनाए रखा है और उसी विश्वास के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ की है।

    अपने पोस्ट में नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि उनके संसदीय जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी भावना के तहत उन्होंने इस बार राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा जताई है और चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया है।

    गौरतलब है कि Election Commission of India ने 18 फरवरी को देश के 10 राज्यों में खाली हो रही 37 सीटों के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इन सीटों पर चुनाव इसलिए कराए जा रहे हैं क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने वाला है।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। इसके बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

    नामांकन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे जहां उन्होंने नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस दौरान राज्यसभा चुनाव के साथ साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई।

  • बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार और भाई वीरेंद्र के बीच तीखी नोकझोंक, चौकीदारों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर हंगामा

    बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार और भाई वीरेंद्र के बीच तीखी नोकझोंक, चौकीदारों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर हंगामा


    नई दिल्ली । पटना बिहार विधानसभा में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र आमने सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने कल चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी की। आरजेडी विधायकों ने लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी का नारा लगाया। आरजेडी विधायकों को जवाब देने के लिए मंत्री विजय चौधरी उठे। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की सुनेगा कौन।

    नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए विपक्षी विधायक

    इतने में सीएम नीतीश भी खड़े हो गए। उन्होंने भाई वीरेन्द्र को कहा कि आप बैठिए। आपकी संख्या कितनी कम है। आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया है। नीतीश जब बोल रहे थे तो आरजेडी विधायक सर्वजीत भी खड़े हो गए। फिर राजद विधायक वेल की तरफ आ गए और नारे लगाने लगे। मार्शल ने विधायकों के हाथ से तख्तियां ले ली।

    सरकार ने दिया विपक्ष के आरोपों का जवाब

    आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों पर लाठीचार्ज को क्रूर बताया। आरजेडी विधायकों ने सदन में हंगामा किया। संसदीय मामलों के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन चौकीदारों और दफादारों की चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने कहा कि उसने चौकीदार के विरोध को दबाने की कोशिश नहीं की है और उनकी मांगों की जांच करेगी।

    मांगों को लेकर किया था प्रदर्शन

    बता दें कि बिहार पुलिस के चौकीदारों ने सोमवार को अपने मानदेय में बढ़ोतरी और सर्विस में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और बैरिकेड तोड़ दिए जिसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। पुलिस की कार्रवाई में कई चौकीदार घायल हो गए। बिहार पुलिस के चौकीदारों ने पटना के बीच में जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और डाक बंगला क्रॉसिंग की ओर बढ़ने की कोशिश की।

  • प्रशांत किशोर का VIDEO वायरल, 'जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट भी नहीं मिला'

    प्रशांत किशोर का VIDEO वायरल, 'जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट भी नहीं मिला'


    नई दिल्ली । जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कई बड़े-बड़े दावे किए थे. पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने तक की बात कही थी लेकिन रिजल्ट के बाद पार्टी जीरो पर आउट हो गई. अब प्रशांत किशोर हार का मंथन कर रहे हैं. अलग-अलग जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं. इस बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वे ये कह रहे हैं कि जितने लोगों ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाई उतना भी वोट नहीं मिला.

    वायरल वीडियो कहां का है ये साफ नहीं हो सका है. वीडियो में प्रशांत किशोर कार्यकर्ताओं से बातचत करते नजर आ रहे हैं. वे कहते हैं, “किसके पास प्रमाण है कि कौन ईमानदारी से काम कर रहा है? जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट हमको नहीं मिला और सब आदमी यही कह रहा है कि भैया हम ही किए हैं दूसरा नहीं किया. उन बातों का कोई मतलब नहीं है.”

    प्रशांत किशोर ने किया एनडीए पर हमला

    दूसरी ओर प्रशांत किशोर बीते मंगलवार 17 फरवरी, 2026 को बेगूसराय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बिहार में शराबबंदी और बढ़ रहे अपराध को लेकर एनडीए सरकार पर हमला बोला. एनडीए की सरकार चुनने पर जनता को भी खूब सुनाया. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर शराबबंदी से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है तो इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए.  मीडिया से प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज ने तीन सालों तक रणनीति बनाकर काम किया. जनता ने लगभग 18 लाख वोट देकर सेवा के लिए उनको चुना, बिहार छोड़कर जाने के लिए नहीं. वे जनता के आदेश का पालन कर रहे हैं.

    तो सरकार एनडीए के एजेंडे पर चलेगी

    प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन सालों से जन सुराज की ओर से एक ही बात समझाई जा रही है कि जो बोओगे वही काटोगे. अगर आप एनडीए को चुनेंगे तो सरकार एनडीए के एजेंडे पर ही चलेगी. एनडीए का एजेंडा क्लियर है वो पूरा देश देख रहा है.  नीट छात्रा की मौत पर प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस ने सबसे पहले इसको आत्महत्या करार दे दिया. इसे हत्या मानने से इनकार कर दिया. इस मामले में वो जब पीड़िता के परिजनों से मिले तब जाकर सरकार की नींद खुली. एसआईटी का गठन किया गया. इसके बाद दो पुलिस पदाधिकारी सस्पेंड हुए.

  • बिहार: नीतीश कुमार पर विपक्ष की अभद्र टिप्पणी से भड़के विजय सिन्हा, बोले- लोकतंत्र की गरिमा से खिलवाड़

    बिहार: नीतीश कुमार पर विपक्ष की अभद्र टिप्पणी से भड़के विजय सिन्हा, बोले- लोकतंत्र की गरिमा से खिलवाड़


    नई दिल्ली । बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा गया है. विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर की गई अभद्र टिप्पणी पर राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग न सिर्फ गलत, बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भी है. सदन में जाने से पहले विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राजनीतिक असहमति अपनी जगह है, लेकिन मर्यादा और भाषा की सीमा लांघना लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है. उन्होंने विपक्ष की इस मानसिकता को पूरी तरह अनुचित बताया और संयम व जिम्मेदारी की अपील की.

    पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को लेकर सदन में नीतीश कुमार के बयान पर उन्होंने कहा कि जिस भाव से मुख्यमंत्री ने कहा उन दोनों का देवर-भौजाई का रिश्ता है. उन्होंने कहा कि राजनीति नहीं अपनत्व का प्रकट मुख्यमंत्री ने किया जिसे गलत सेंस में लेना कतई उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा सबको रखने की जिम्मेवारी है और मुख्यमंत्री का वैसा कोई भाव नहीं था.

    विपक्ष को संविधान पर नहीं है विश्वास- विजय कुमार सिन्हा

    वहीं विपक्ष के 119 सांसदों के द्वारा लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विपक्ष को संविधान में विश्वास नहीं है. ये लोग संवैधानिक पद का सम्मान नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि ओम बिरला ने विधायकी कार्य को बेहतर करने एवं सुंदर वातावरण बनाने का काम किया है. विपक्ष की अराजकता को रोकने के लिए जब वो सतर्क और सावधान करते हैं. अविश्वास प्रस्ताव से संवैधानिक संस्था को डिमोरलाईज करने का प्रयास विपक्ष करती है.

    संवैधानिक संस्था का अपमान करना ही है कांग्रेस का चरित्र- सिन्हा

    उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों का चरित्र ही वैसा है. संवैधानिक संस्था का अपमान करना, भय का वातावरण बनाना और वैसे लोग जो बेहतर काम करते हैं उनको डिमोरलाईज करने का काम ये लोग करते हैं.उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्था, सीबीआई, चुनाव आयोग पर ये सवाल उठाते रहे हैं. लेकिन अब ये देश के सबसे बड़े मंदिर के सबसे बड़े पुजारी पर सवाल खड़े कर सदन की गरिमा को गिराने का काम कर रही है.